Category: West India

Read the latest news and top headlines from West India, including Maharashtra, Gujarat, Goa and Rajasthan. Stay informed with coverage on politics, crime, business, government schemes, education, culture, weather and major events, only on Indian FastTrack.

  • गोरेगांव में 10 साल की बच्ची ने 18 महीने की मासूम को छठी मंजिल से फेंका, CCTV में कैद

    गोरेगांव में 10 साल की बच्ची ने 18 महीने की मासूम को छठी मंजिल से फेंका, CCTV में कैद

    मुंबई के गोरेगांव पूर्व में 18 महीने की बच्ची की मौत के मामले में CCTV फुटेज, नाबालिग की भूमिका, परिवारों के बीच विवाद और पुलिस जांच की पूरी जानकारी जानें।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व में 18 महीने की बच्ची की मौत के मामले में CCTV फुटेज से एक नाबालिग लड़की की कथित भूमिका सामने आई है। 14 अक्टूबर 2026 की रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई और नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया।

    यह घटना नागरिक निवारा परिसर स्थित शिवशक्ति प्रकल्प नंबर 1 की रिहायशी इमारत में हुई। घटना के बाद परिवार में मातम है और पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    CCTV फुटेज में क्या सामने आया?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची और नाबालिग लड़की एक ही इमारत में आसपास रहते थे। घटना वाले दिन नाबालिग बच्ची के परिवार के घर आई थी। इसी दौरान 18 महीने की बच्ची इमारत की छठी मंजिल के पास से नीचे गिर गई।

    goregaon-toddler-death-cctv

    CCTV फुटेज में नाबालिग लड़की द्वारा बच्ची को उठाकर इमारत के खुले हिस्से से नीचे धकेलने का दृश्य दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के सटीक घटनाक्रम और नीचे गिरने की जगह को लेकर उपलब्ध विवरणों में अंतर है। इसलिए डक्ट, सीढ़ियों और रेलिंग से जुड़े विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

    बच्ची को गंभीर चोटें आईं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इमारत में रहने वाले लोग सदमे में हैं।

    पुलिस की जांच और अब तक की कार्रवाई

    घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

    नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों, CCTV फुटेज और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।

    परिवारों के बीच पहले विवाद की भी चर्चा

    मृत बच्ची के परिवार की ओर से दोनों परिवारों के बीच पहले बिल्ली को लेकर विवाद होने की बात कही गई है। हालांकि, इस कथित विवाद और बच्ची की मौत के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

    CCTV कैमरे बंद किए जाने या फुटेज मिटाए जाने से संबंधित आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की जांच का अंतिम परिणाम स्पष्ट नहीं है।

    नाबालिग की उम्र पर भी है कानूनी दांवपेच

    इस मामले में नाबालिग की उम्र 10 वर्ष बताई गई है, यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में सात वर्ष से अधिक और बारह वर्ष से कम उम्र के बच्चे की आपराधिक जिम्मेदारी तय करते समय भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के तहत उसकी समझ और परिपक्वता पर विचार किया जाता है। केवल आरोप के आधार पर नाबालिग को दोषी घोषित नहीं किया जा सकता।

    रिहायशी इमारतों की सुरक्षा पर भी उठते हैं सवाल

    इस घटना के बाद इमारतों में खुले डक्ट, सीढ़ियों के किनारे, रेलिंग और बच्चों के खेलने वाले कॉमन एरिया की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में इमारत की सुरक्षा व्यवस्था में किसी आधिकारिक लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल पुलिस जांच में CCTV फुटेज, घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों के बयानों की अहम भूमिका है। FIR, पोस्टमॉर्टम और बाल कल्याण समिति की आगे की कार्रवाई के बारे में नई आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • मालाड में 1.30 करोड़ के गहनों की चोरी का खुलासा, दुकान के कर्मचारी समेत 4 गिरफ्तार

    मालाड में 1.30 करोड़ के गहनों की चोरी का खुलासा, दुकान के कर्मचारी समेत 4 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में रक्षा ज्वेलर्स से 1.30 करोड़ के सोने-चांदी के गहनों की चोरी में चार आरोपी गिरफ्तार। जानें CCTV, बदली चाबी और बरामदगी का पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड पश्चिम स्थित रक्षा ज्वेलर्स से करीब 1.30 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने चोरी करने के मामले में मालाड पुलिस ने दुकान के कर्मचारी समेत चार आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जांच में दुकान की मूल चाबी के जैसी दूसरी चाबी बनाकर चोरी की साजिश रचने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, चोरी हुए ज्यादातर गहने बरामद कर लिए गए हैं।

    यह मामला मालाड पश्चिम के नटराज मार्केट स्थित रक्षा ज्वेलर्स का है। दुकान के मालिक विकास जैन की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में खुमानसिंग दासाना, उसका भाई सोहनसिंग तुलसीसिंग दासाना और उनके दो साथी सुमनसिंग दासाना और गणेशसिंग कडेचा शामिल हैं। सभी आरोपियों को राजस्थान से पकड़कर मुंबई लाया गया और अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    चाबी बदलकर चोरी करने का आरोप

    दुकान के मालिक विकास जैन 2 अक्टूबर को परिवार के साथ राजस्थान गए थे। उस दौरान दुकान को खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी कर्मचारी भुरेलाल राठोड को सौंपी गई थी।

    malad-raksha-jewellery-theft-four-arrested

    3 अक्टूबर को भुरेलाल दुकान खोलने पहुंचा, लेकिन उसके पास मौजूद चाबी से ताला नहीं खुला। इसके बाद दुकान के कर्मचारी खुमानसिंग दासाना से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका फोन बंद था। इसकी जानकारी मिलने पर विकास जैन मुंबई लौटे और दुकान की जांच की।

    दुकान का ताला खोलकर अंदर जाने पर सोने-चांदी के गहने गायब मिले। शुरुआती जांच में चाबियों के साथ छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। पुलिस जांच के अनुसार, दुकान की मूल चाबी के जैसी दूसरी चाबी तैयार कर उसे चाबियों के गुच्छे में बदल दिया गया था। इसी तरीके से चोरी की साजिश रचने का आरोप है।

    CCTV से मिला आरोपियों का सुराग

    चोरी का पता चलने के बाद दुकान के मालिक और कर्मचारी ने आसपास के दुकानों के CCTV फुटेज की जांच की। इसमें खुमानसिंग दासाना अपने तीन साथियों के साथ दुकान में प्रवेश करता और बाद में बैग लेकर बाहर निकलता दिखाई दिया।

    malad-jewellery-theft-four-arrested-news

    CCTV में संदिग्धों की गतिविधियों का समय 2 अक्टूबर की रात करीब 10:15 से 10:50 बजे के बीच बताया गया है। CCTV से मिले सुराग और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को आरोपियों के राजस्थान में होने की जानकारी मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से चारों को गिरफ्तार किया गया।

    सोने और चांदी के गहनों की बड़ी मात्रा चोरी

    शिकायत में चोरी हुए गहनों की कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये बताई गई है। चोरी हुए सामान में सोने की मूर्तियों के अलावा चांदी की मूर्तियां, कड़े, चेन और पायल जैसी वस्तुएं शामिल थीं।

    उपलब्ध विवरण के अनुसार, चोरी हुए सामान में लगभग 116.74 किलोग्राम चांदी और 900 ग्राम सोना शामिल था। इन वस्तुओं की एक रिपोर्टेड कीमत क्रमशः करीब 55.98 लाख और 72 लाख रुपये बताई गई है।

    malad-jewellery-theft-arrested

    पुलिस के मुताबिक, चोरी हुए ज्यादातर गहने राजस्थान से बरामद कर लिए गए हैं। लेकिन कितनी मात्रा में सोना-चांदी वापस मिला, कितने रुपये का सामान बरामद हुआ और क्या कोई गहना अब भी गायब है, इसका पूरा विवरण फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

    आरोपी कर्मचारी करीब दो साल से दुकान में काम कर रहा था

    जांच से जुड़े विवरण के अनुसार, आरोपी खुमानसिंग दासाना की उम्र करीब 22 साल बताई गई है और वह लगभग दो साल से दुकान में काम कर रहा था। दुकान की गतिविधियों और चाबी तक उसकी पहुंच इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    हालांकि, चोरी की योजना कब बनाई गई, दूसरे आरोपियों की इसमें क्या भूमिका थी और चोरी के बाद गहनों को कहां-कहां रखा गया, इन सवालों के जवाब जांच के विस्तृत निष्कर्षों से ही स्पष्ट होंगे।

    पुलिस हिरासत में चारों आरोपी

    गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को मुंबई लाकर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया, ताकि चोरी के पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और बरामदगी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा सके।

    फिलहाल मामले में सबसे अहम सवाल चोरी हुए गहनों की पूरी बरामदगी और उनकी सटीक कीमत का है। पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ शेष सामान, कथित साजिश और वारदात में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका से संबंधित अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।

  • डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में श्रद्धांजलि

    डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में श्रद्धांजलि

    मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में 15 अक्टूबर को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। आकाश पुरोहित सहित कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में 15 अक्टूबर 2026 को पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। महापौर कक्ष में उनकी तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस कार्यक्रम में महानगरपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    सी और डी विभाग की समिति के अध्यक्ष आकाश पुरोहित ने डॉ. कलाम की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    कार्यक्रम में महानगरपालिका के अभियांत्रिकी सेवा एवं परियोजना निदेशक श्रीधर चौधरी और महानगरपालिका सचिव मनोज कांबले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम देश के प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक थे। उन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ युवाओं को प्रेरित करने वाले उनके विचारों के कारण उन्हें आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

  • मुंबई में 1,700 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को राहत, महिलाओं को मिलेगी 180 दिन की सवेतन प्रसूति छुट्टी

    मुंबई में 1,700 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को राहत, महिलाओं को मिलेगी 180 दिन की सवेतन प्रसूति छुट्टी

    मुंबई महानगरपालिका ने 1,700 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर कदम उठाए। महिला कर्मचारियों की 180 दिन की प्रसूति छुट्टी मंजूर, वेतन में देरी पर ठेकेदार पर कार्रवाई।

    मुंबई: मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान के तहत काम करने वाले 1,700 से अधिक बाहरी एजेंसी के स्वास्थ्यकर्मियों की मांगों पर महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महिला कर्मचारियों को 180 दिन की सवेतन प्रसूति छुट्टी देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। वहीं, वेतन में देरी के मामले में संबंधित ठेकेदार डी. एस. एंटरप्राइजेज पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण के लिए समिति गठित करने और संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

    मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने अपने निवास पर आंदोलनकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। कर्मचारियों की इन मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आजाद मैदान में आंदोलन जारी है।

    महिला कर्मचारियों को 180 दिन की सवेतन प्रसूति छुट्टी

    बाहरी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त महिला स्वास्थ्यकर्मियों को प्रसूति के दौरान आर्थिक राहत देने के लिए 180 दिन की सवेतन छुट्टी के प्रस्ताव को महानगरपालिका आयुक्त की मंजूरी मिल गई है। इसे लागू करने के लिए संबंधित एजेंसी को आधिकारिक परिपत्र जारी करने की प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है।

    mumbai-bmc-health-workers-maternity-leave-news

    इस फैसले से महिला कर्मचारियों को मातृत्व के दौरान छुट्टी के साथ वेतन मिलने का लाभ मिल सकेगा। हालांकि, इसे लागू करने के लिए परिपत्र जारी होना अभी बाकी है।

    न्यूनतम वेतन पर भी चल रही प्रक्रिया

    स्वास्थ्यकर्मियों की दूसरी प्रमुख मांग संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने की है। इस संबंध में प्रस्ताव प्रमुख श्रम अधिकारी की राय के साथ वित्त विभाग को भेजा जा रहा है। वित्त विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

    फिलहाल संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर इस मांग पर होने वाली अगली कार्रवाई पर रहेगी।

    वेतन में देरी पर डी. एस. एंटरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई

    कर्मचारियों के वेतन में देरी के मामले में संबंधित ठेकेदार संस्था डी. एस. एंटरप्राइजेज के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। महानगरपालिका प्रशासन ने एजेंसी को वेतन भुगतान में अनियमितता नहीं होने देने के लिए कड़े निर्देश भी दिए हैं।

    आगे कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्याओं और अन्य शिकायतों के समाधान के लिए उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसके माध्यम से शिकायतों पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

    5 अक्टूबर को आंदोलन स्थल पर पहुंची थीं महापौर

    स्वास्थ्यकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। महापौर रितू तावड़े ने 5 अक्टूबर 2026 को आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से सीधे बातचीत की थी और उनकी समस्याएं सुनी थीं।

    इसके बाद उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखकर मांगों पर ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबईकरों की स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले इन कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने पर जोर दिया गया। इसके बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने महापौर को विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी। कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में महापौर ने प्रशासन के फैसलों और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी।

    बाकी मांगों पर भी फैसले का इंतजार

    महापौर रितू तावड़े ने कर्मचारियों से बातचीत के दौरान कहा कि कोविड काल में मुंबईकरों के स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले बाहरी एजेंसी के स्वास्थ्यकर्मियों के साथ महानगरपालिका मजबूती से खड़ी है। उन्होंने 180 दिन की सवेतन प्रसूति छुट्टी को महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बताया और कहा कि बाकी मांगों पर भी प्रशासन तथा सरकार सकारात्मक हैं।

    अब कर्मचारियों की नजर प्रसूति छुट्टी का परिपत्र जारी होने, संशोधित न्यूनतम वेतन पर अंतिम निर्णय और शिकायत निवारण समिति के गठन पर रहेगी। इन कदमों के लागू होने से ही कर्मचारियों को मिलने वाली राहत की पूरी तस्वीर साफ होगी।

  • मुंबई के जेवीपीडी फ्लाईओवर से 45 मिनट का सफर 20 मिनट में, दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

    मुंबई के जेवीपीडी फ्लाईओवर से 45 मिनट का सफर 20 मिनट में, दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

    मुंबई में जेवीपीडी फ्लाईओवर 31 दिसंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है। इससे अंधेरी, जुहू और वर्सोवा में ट्रैफिक जाम कम होने और सफर आसान होने की उम्मीद है।

    मुंबई: मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए बन रहे जेवीपीडी फ्लाईओवर को 31 दिसंबर 2027 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से व्यस्त समय में करीब 45 मिनट का सफर घटकर 20 मिनट तक आने की उम्मीद है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

    बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने काम की प्रगति, ट्रैफिक मैनेजमेंट और निर्धारित समयसीमा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना का काम तय समय से पहले पूरा करने के लिए निर्माण के अलग-अलग चरणों पर एक साथ काम किया जाए।

    1.75 किलोमीटर लंबा होगा जेवीपीडी फ्लाईओवर

    जेवीपीडी यानी जुहू-विले पार्ले डेवलपमेंट स्कीम फ्लाईओवर अंधेरी पश्चिम में सी. डी. बर्फीवाला फ्लाईओवर के छोर से जुहू-वर्सोवा जोड़ मार्ग तक बनाया जा रहा है। इसकी कुल लंबाई 1,750 मीटर यानी 1.75 किलोमीटर और चौड़ाई 15.10 मीटर होगी।

    mumbai-jvpd-flyover-news

    परियोजना को पूरा करने की मूल समयसीमा 31 मार्च 2028 है। हालांकि, लोगों को जल्द राहत देने के उद्देश्य से बीएमसी ने 31 दिसंबर 2027 तक इसे यातायात के लिए शुरू करने का लक्ष्य तय किया है।

    पांच प्रमुख जंक्शन से बच सकेंगे वाहन चालक

    फ्लाईओवर का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उपनगरों में सड़क संपर्क बेहतर करना और प्रमुख चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करना है। इसके बनने से वाहन चालकों को रास्ते में पड़ने वाले पांच प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन से बचने में मदद मिलेगी।

    फिलहाल व्यस्त समय में इस मार्ग से गुजरने में करीब 45 मिनट लगते हैं। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह समय लगभग 20 मिनट तक आने की उम्मीद है। इससे जुहू, विले पार्ले पश्चिम, अंधेरी पश्चिम और वर्सोवा के लोगों को आने-जाने में राहत मिल सकती है।

    यह फ्लाईओवर प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा समुद्री पुल और मुंबई कोस्टल रोड के उत्तरी हिस्से की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। इससे पश्चिमी उपनगरों के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है।

    mumbai-jvpd-flyover-completion-2027-news

    जल पाइपलाइन और सीवर लाइन का भी होगा स्थानांतरण

    फ्लाईओवर के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक भूमिगत सुविधाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करना है। इसके तहत 600 और 900 मिलीमीटर व्यास वाली जल पाइपलाइनों को करीब 400 मीटर तक स्थानांतरित किया जाएगा।

    इसके अलावा, 1,200 मिलीमीटर व्यास वाली सीवर लाइन को सूक्ष्म सुरंग तकनीक के जरिए दूसरी जगह ले जाना होगा। 300 मिलीमीटर व्यास वाली सीवर लाइन का भी स्थानांतरण कर नई लाइन बिछाई जाएगी।

    इन कामों के साथ मेट्रो लाइन 2बी के निर्माण का तालमेल बनाए रखना भी जरूरी है। निर्माण के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय नहीं होने पर काम की गति प्रभावित हो सकती है। इसलिए बीएमसी ने सभी कार्यों की बेहतर प्लानिंग और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है।

    90 फुट जंक्शन पर बनेगा 72 मीटर लंबा मेहराबदार पुल

    परियोजना में कई विशेष इंजीनियरिंग कार्य भी शामिल हैं। मेट्रो स्टेशन के नीचे पुल के गर्डर लगाने के लिए उन्हें आड़ी दिशा में खिसकाने की विशेष तकनीक अपनाई जाएगी। वहीं, 90 फुट जंक्शन पर 72 मीटर लंबा मेहराबदार पुल बनाया जाएगा।

    जुहू सर्कल के पास कम से कम खंभों का इस्तेमाल कर लंबे हिस्से का निर्माण करना भी एक अहम चुनौती है। इन तकनीकी कामों को समय पर पूरा करने के लिए अभिजीत बांगर ने पूरी परियोजना को तीन चरणों में बांटने और हर चरण के लिए अलग टीम नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इससे अलग-अलग निर्माण कार्य समानांतर तरीके से पूरे किए जा सकेंगे।

    दिसंबर 2027 तक काम पूरा करने पर जोर

    निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता (पुल) राजेश मुळे सहित संबंधित अभियंता, अधिकारी और सलाहकार मौजूद थे। अब परियोजना के निर्माण कार्य को गति देकर तय लक्ष्य के अनुसार फ्लाईओवर शुरू करना बीएमसी की प्राथमिकता है।

    फ्लाईओवर शुरू होने के बाद पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक का दबाव कम करने और प्रमुख इलाकों के बीच यात्रा का समय घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, 45 मिनट से 20 मिनट तक सफर का समय कम होना परियोजना पूरी होने के बाद यातायात की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करेगा।

  • मुंबई में विले पार्ले स्टेशन के पास चौड़े होंगे फुटपाथ, सांताक्रुझ में हटेंगी दुकानें

    मुंबई में विले पार्ले स्टेशन के पास चौड़े होंगे फुटपाथ, सांताक्रुझ में हटेंगी दुकानें

    मुंबई में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने विले पार्ले में फुटपाथ चौड़े करने, सांताक्रुझ में दुकानों के स्थानांतरण और प्रसूतिगृह की सुविधाएं सुधारने के निर्देश दिए।

    मुंबई: शहर में पैदल चलने वालों के लिए रास्ते आसान बनाने और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिड़े ने 14 अक्टूबर 2026 को शहर और पश्चिमी उपनगरों के कई इलाकों का निरीक्षण कर विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास फुटपाथ चौड़े करने, सांताक्रुझ में दुकानों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने और सार्वजनिक स्थानों की सफाई सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान डॉ. वी. एन. शिरोडकर प्रसूतिगृह में दवाओं और नवजात शिशुओं के इलाज की सुविधाओं का भी जायजा लिया गया।

    ‘पहले पैदल यात्री’ अभियान के तहत किए गए इस दौरे में फुटपाथों की स्थिति, सड़क किनारे कचरा, अतिक्रमण, कचरा उठाने वाले वाहनों की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

    वाकोला जंक्शन से सांताक्रुझ स्टेशन तक सड़क चौड़ी करने की योजना

    पंडित जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर वाकोला जंक्शन से सांताक्रुझ रेलवे स्टेशन तक सड़क को स्वीकृत 120 फुट यानी 36.60 मीटर चौड़ाई के अनुसार विकसित करने की योजना है। इसके लिए आसपास की संपत्तियों से लगी खुली जगह हासिल करने की प्रक्रिया के तहत बीएमसी के एच पूर्व विभाग ने 28 नोटिस जारी किए हैं।

    mumbai-vile-parle-footpath-widening-encroachme
    निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

    रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद 89 लाइसेंसधारक दुकानों को नजदीकी इलाके में स्थानांतरित किया जाना है। इसी विभाग में 21 अवैध दुकानों को पहले ही हटाया जा चुका है। सड़क चौड़ीकरण और फुटपाथों की व्यवस्था सुधारने के लिए दुकानों के स्थानांतरण को अहम माना जा रहा है।

    सांताक्रुझ में दुकानों और सब्जी विक्रेताओं को करना होगा स्थानांतरण

    सांताक्रुझ के तिलक मार्ग और महात्मा गांधी मार्ग पर निरीक्षण के दौरान फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्काईवॉक से नीचे लटक रही केबलों को हटाने और सड़क के डिवाइडर की नियमित सफाई करने को कहा गया।

    आयुक्त अश्विनी भिड़े ने दुकानों और विक्रेताओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए। इसमें कान्हूबाई देसाई मार्ग की 86 अधिकृत दुकानें, महात्मा गांधी मार्ग की 82 दुकानें, 50 सब्जी विक्रेताओं के ठिकाने और लोकमान्य तिलक मार्ग की 14 दुकानें शामिल हैं। इन सभी को जल्द से जल्द दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना है।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसका उद्देश्य फुटपाथों को पैदल चलने वालों के लिए खुला रखना और सड़क पर आवागमन को व्यवस्थित करना है।

    वरली में फुटपाथों की मरम्मत और सफाई के निर्देश

    वरली के आदर्शनगर मार्ग पर फुटपाथों की हालत और मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने और नागरिकों के लिए सुरक्षित पैदल रास्ते उपलब्ध कराने को कहा।

    सड़क किनारे खड़े वाहनों के नीचे जमा होने वाले कचरे की नियमित सफाई करने के निर्देश भी दिए गए। बीएमसी की कचरा संवेदनशील स्थानों को साफ करने की मुहिम के तहत ऐसे इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां बार-बार कचरा जमा होता है।

    कचरा उठाने वाले वाहनों की व्यवस्था की जांच

    सेनापति बापट मार्ग स्थित जी. एल. लोडर चौकी पर आयुक्त ने कचरा संग्रह करने वाले बड़े, मध्यम और छोटे वाहनों का निरीक्षण किया। उन्होंने कचरे को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय वाहनों पर ढकने की व्यवस्था देखी और इसकी जानकारी प्रायोगिक प्रदर्शन के जरिए ली।

    सड़क से धूल साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्रश और अन्य उपकरणों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली गई। कचरा परिवहन के दौरान उसे ढककर ले जाने और सार्वजनिक सड़कों को साफ रखने पर जोर दिया गया।

    शिरोडकर प्रसूतिगृह में दवाओं और नवजात शिशु विभाग की समीक्षा

    निरीक्षण के दौरान डॉ. वी. एन. शिरोडकर प्रसूतिगृह में गर्भवती महिलाओं और प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को उपलब्ध दवाओं तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। आयुक्त ने यहां जल्द शुरू होने वाले नवजात शिशु गहन चिकित्सा विभाग का भी निरीक्षण किया।

    उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से मरीजों के उपचार की जानकारी और दवाओं के भंडार का हिसाब रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही संगणक प्रणाली के कामकाज के बारे में जानकारी ली। इस समीक्षा में अस्पताल की सुविधाओं, दवाओं के प्रबंधन और नवजात शिशुओं के इलाज की तैयारियों पर ध्यान दिया गया।

    निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद

    इस दौरे में आयुक्त कार्यालय के उपायुक्त प्रशांत गायकवाड, परिमंडल-2 के उपायुक्त प्रशांत सपकाळे, घनकचरा प्रबंधन के उपायुक्त किरण दिघावकर और परिमंडल-3 के उपायुक्त विश्वास मोटे मौजूद रहे।

    इसके अलावा जी दक्षिण विभाग की सहायक आयुक्त स्वप्नजा क्षिरसागर, एच पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त दिनेश पल्लेवाड, एच पूर्व विभाग की सहायक आयुक्त मृदुला अंडे और के दक्षिण विभाग की सहायक आयुक्त वनिता कोकाटे भी निरीक्षण में शामिल थीं।

    बीएमसी के इस दौरे में फुटपाथों को बेहतर बनाने, अतिक्रमण हटाने, दुकानों के स्थानांतरण, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा पर जोर दिया गया। अब संबंधित विभागों के सामने इन निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई पूरी करने की जिम्मेदारी है।

  • मुंबई के मुसाफिरखाना और मनीष मार्केट में 92 अवैध स्टॉल हटाए, बीएमसी की बड़ी कार्रवाई

    मुंबई के मुसाफिरखाना और मनीष मार्केट में 92 अवैध स्टॉल हटाए, बीएमसी की बड़ी कार्रवाई

    मुंबई के साबू सिद्दीक मार्ग, मुसाफिरखाना और मनीष मार्केट में बीएमसी ने 92 अवैध स्टॉल हटाए। एक गोदाम पर भी कार्रवाई की गई।

    मुंबई: सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त कराने वाले अभियान के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 14 अक्टूबर 2026 को साबू सिद्दीक मार्ग, मुसाफिरखाना और मनीष मार्केट परिसर में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 92 अवैध स्टॉल हटाए गए। इसके अलावा एक गोदाम पर भी कार्रवाई की गई।

    ए विभाग के परिरक्षण और अतिक्रमण निष्कासन विभाग ने यह अभियान चलाया। कार्रवाई में तिरपाल, बांस, लोहे के पाइप और लोहे की चादरों से बनाए गए अस्थायी ढांचों के साथ लोहे से बने पक्के स्टॉल भी हटाए गए। यह कार्रवाई पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के तहत की गई।

    जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के अगले दिन कार्रवाई

    महानगरपालिका की अतिरिक्त आयुक्त (शहर) प्राजक्ता वर्मा लवंगारे के आदेश पर और उप आयुक्त (परिमंडल-1) चंदा जाधव के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया।

    13 अक्टूबर 2026 को चंदा जाधव ने जनप्रतिनिधियों के साथ साबू सिद्दीक मार्ग और मुसाफिरखाना परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान ए विभाग के सहायक आयुक्त उज्ज्वल इंगोले के साथ परिरक्षण विभाग के सहायक अभियंता, अनुज्ञापन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक और अतिक्रमण निष्कासन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक मौजूद थे।

    निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके अगले दिन महानगरपालिका ने संबंधित इलाकों में कार्रवाई की।

    अस्थायी ढांचों के साथ पक्के स्टॉल भी हटाए

    अभियान के दौरान सड़क और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए अस्थायी निर्माणों के अलावा लोहे से तैयार किए गए पक्के स्टॉल भी हटाए गए। गोदाम पर भी कार्रवाई की गई।

    महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े की पहल पर चलाए जा रहे ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान का उद्देश्य पैदल चलने वालों के लिए रास्तों को सुगम बनाना और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण हटाना है।

    पुलिस बंदोबस्त के बीच चला अभियान

    कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए माता रमाबाई आंबेडकर मार्ग पुलिस थाने की टीम तैनात रही। पुलिस बंदोबस्त में तीन पुलिस निरीक्षक, तीन उपनिरीक्षक और 30 पुलिसकर्मी शामिल थे।

  • Mumbai Human Trafficking Case: मालाड का शख्स गिरफ्तार, जेजू द्वीप तक तस्करी की जांच

    Mumbai Human Trafficking Case: मालाड का शख्स गिरफ्तार, जेजू द्वीप तक तस्करी की जांच

    मुंबई में मानव तस्करी के कथित प्रयास में मालाड निवासी विल्सन सुनील डिसिल्वा गिरफ्तार। जेजू द्वीप, फर्जी पासपोर्ट, ₹7.5 लाख के कथित भुगतान पर मुंबई पुलिस कर रही है जांच।

    मुंबई: मालाड निवासी विल्सन सुनील डिसिल्वा (47) को एक महिला को मलेशिया के रास्ते दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप ले जाने की कथित योजना के मामले में गिरफ्तार किया गया है। सहार पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की। इससे एक दिन पहले, 9 अक्टूबर को मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे रोक लिया था। मामले में फर्जी पासपोर्ट, विदेश भेजने वाले कथित एजेंटों और ब्रिटेन तथा फ्रांस से जुड़े पुराने आरोपों की जांच की जा रही है।

    इस मामले में कथित भुगतान की रकम भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 50,000 रुपये अग्रिम और महिला के जेजू द्वीप पहुंचने के बाद 7 लाख रुपये मिलने का वादा किया गया था। हालांकि, इस रकम के वास्तविक भुगतान और पूरे नेटवर्क की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

    मुंबई एयरपोर्ट पर पासपोर्ट स्कैन करते ही आया अलर्ट

    इमिग्रेशन अधिकारी विजया सोनावणे (51) के अनुसार, विल्सन सुनील डिसिल्वा का पासपोर्ट सिस्टम में स्कैन किए जाने पर मानव तस्करी से संबंधित अलर्ट दिखाई दिया था। अलर्ट में संकेत था कि वह पहले भी महिलाओं को फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश ले जा चुका है।

    mumbai-malad-human-trafficking

    इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की और मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। सहार पुलिस ने 10 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।

    जांच के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि आर्थिक परेशानियों के कारण उसने पांच लोगों के लिए फर्जी पासपोर्ट हासिल किए थे। आरोप है कि वह इन लोगों को विदेश ले जाने के दौरान कभी उनका पति तो कभी पिता बनकर पेश आता था। इस कथित बयान के आधार पर पुलिस पुराने मामलों और विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है।

    महिला को मलेशिया के रास्ते दक्षिण कोरिया ले जाने की कथित योजना

    इस मामले में प्रस्तावित यात्रा मार्ग मुंबई से मलेशिया होते हुए दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप तक बताया गया है। पुलिस के सामने यह जांचना महत्वपूर्ण है कि महिला को किस उद्देश्य से विदेश ले जाया जा रहा था, यात्रा की व्यवस्था किसने की थी और आरोपी को भुगतान करने का प्रस्ताव किस व्यक्ति या एजेंट ने दिया था।

    जेजू दक्षिण कोरिया का एक द्वीप है। इस मामले में उसका नाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कथित योजना में महिला को वहीं पहुंचाने की बात सामने आई है। हालांकि, महिला की यात्रा का उद्देश्य, उसे दिए गए प्रस्ताव और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    ब्रिटेन और फ्रांस से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच

    पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी ने पहले महिलाओं और बच्चों को फर्जी पासपोर्ट के जरिए ब्रिटेन और फ्रांस पहुंचाने में क्या भूमिका निभाई थी। इन पुराने मामलों में कथित रूप से विदेश ले जाए गए लोगों की पहचान, उनकी यात्रा के दस्तावेज और दूसरे संभावित आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस उन एजेंटों की तलाश में भी है जिन्होंने कथित तौर पर डिसिल्वा से संपर्क किया था। जांच का एक अन्य पहलू यह पता लगाना है कि पासपोर्ट तैयार कराने, यात्रा की व्यवस्था करने और विदेश पहुंचाने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

    सरकारी या इमिग्रेशन अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल, किसी अधिकारी की संलिप्तता साबित होने या इस मामले में किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

    मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के अन्य मामले भी सामने आए

    मुंबई एयरपोर्ट पर पासपोर्ट और पहचान से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले इससे पहले भी सामने आए हैं। 5 अक्टूबर 2026 को तीन विदेशी नागरिकों को कथित फर्जी दस्तावेजों या गलत जानकारी के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने से जुड़े अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इन मामलों में भी एजेंटों की भूमिका जांच के दायरे में थी।

    इसके अलावा, सहार पुलिस ने मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामलों में 20 एजेंटों को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड पर आधारित प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 10 अगस्त 2026 तक सहार पुलिस के कुल 4,229 अपराध संबंधी FIR में से 1,459 पासपोर्ट फर्जीवाड़े से जुड़े थे।

    मानव तस्करी के मामलों में क्या है सबसे अहम सवाल?

    इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि महिला को विदेश ले जाने की वास्तविक योजना क्या थी और क्या इस कथित प्रयास के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इसके साथ ही, पुलिस को ब्रिटेन और फ्रांस से जुड़े पुराने आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि करनी होगी और उन लोगों की पहचान करनी होगी जिन्हें कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश ले जाया गया था।

  • मुंबई में BEST बस हादसे में छात्रा की मौत, मां को ₹31.08 लाख मुआवजा

    मुंबई में BEST बस हादसे में छात्रा की मौत, मां को ₹31.08 लाख मुआवजा

    मुंबई के मलाड में BEST बस हादसे में Farheen Rizwi Khan की मौत पर MACT ने मां को ₹31.08 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। जानें गणना और केस की स्थिति।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में BEST बस की टक्कर से 20 वर्षीय बायोटेक्नोलॉजी छात्रा Farheen Rizwi Khan की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने उनकी मां को ₹31,08,700 मुआवजा देने का आदेश दिया है। 9 अक्टूबर 2026 को दिए गए फैसले में ट्रिब्यूनल ने छात्रा की औपचारिक आय का पर्याप्त प्रमाण नहीं होने के बावजूद उनकी शिक्षा, शैक्षणिक प्रदर्शन और भविष्य में कमाई की क्षमता को ध्यान में रखते हुए ₹20,000 मासिक अनुमानित आय तय की।

    आदेश में 7.5% सालाना ब्याज और भुगतान की समयसीमा से संबंधित निर्देश भी दिए गए हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुआवजे की गणना में छात्रा की तत्काल कमाई के साथ भविष्य की संभावित आय को भी शामिल किया गया।

    मालवणी डिपो के पास कैसे हुआ था हादसा?

    यह दुर्घटना 16 सितंबर 2023 को सुबह करीब 7 बजे मलाड वेस्ट में मालवणी डिपो के पास हुई थी। Farheen उस समय पैदल जा रही थीं, जब BEST बस की टक्कर से उनकी मौत हो गई। हादसे में शामिल बस का रजिस्ट्रेशन नंबर MH-01-LA-6908 बताया गया है।

    BEST ने चालक की लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि एक ऑटो-रिक्शा के कारण चालक का ध्यान भटका था। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने चालक की सफाई को पर्याप्त नहीं माना। चालक यह संतोषजनक ढंग से नहीं समझा सका कि मोड़ लेते समय Farheen बस के नीचे कैसे आ गईं। अधिकरण ने केवल बस की धीमी गति को सावधानी बरतने का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना और मृतका को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने वाली BEST की दलील खारिज कर दी।

    छात्रा की कमाई को लेकर मां ने क्या बताया?

    Farheen बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थीं और एक NGO की स्कूल में पढ़ाने का काम भी करती थीं। उनकी मां ने शुरुआत में बताया था कि बेटी हर महीने ₹7,000 कमाती थी। बाद में उन्होंने ट्रिब्यूनल को बताया कि Farheen की मासिक आय ₹15,000 थी और पोस्टग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उनकी कमाई ₹30,000 प्रति माह तक पहुंच सकती थी।

    आय का पूरा औपचारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं होने के बावजूद ट्रिब्यूनल ने उनकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई में प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए ₹20,000 मासिक अनुमानित आय निर्धारित की।

    ₹31.08 लाख मुआवजे की गणना कैसे हुई?

    ट्रिब्यूनल ने Farheen की अनुमानित मासिक आय ₹20,000 मानकर सालाना आय ₹2.40 लाख निकाली। इसमें भविष्य की संभावनाओं के लिए 40% यानी ₹96,000 जोड़े गए। इस तरह सालाना आय ₹3.36 लाख हुई।

    इसके बाद व्यक्तिगत खर्च के लिए 50% राशि घटाई गई। परिवार के लिए अनुमानित सालाना योगदान ₹1.68 लाख माना गया। 18 का गुणक लगाने पर आर्थिक निर्भरता के नुकसान की रकम ₹30.24 लाख निकली।

    मुआवजे का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:

    मुआवजे का मदराशि
    आर्थिक निर्भरता का नुकसान₹30,24,000
    संतान की मृत्यु से मां को भावनात्मक क्षति (Filial Consortium)₹48,400
    संपत्ति का नुकसान (Loss of Estate)₹18,150
    अंतिम संस्कार का खर्च₹18,150
    कुल मुआवजा₹31,08,700

    ट्रिब्यूनल ने एम्बुलेंस खर्च देने से इनकार कर दिया क्योंकि इस खर्च के समर्थन में रसीदें पेश नहीं की गई थीं।

    छात्रों की संभावित आय पर अदालतों का रुख

    29 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने S. Mohammed Hakkim v. National Insurance Co. Ltd. मामले में एक इंजीनियरिंग छात्र की मोटर दुर्घटना से जुड़ी अपील पर फैसला दिया था। उस मामले में भी छात्र की अनुमानित मासिक आय ₹20,000 निर्धारित की गई थी और 40% भविष्य की संभावनाओं की वृद्धि तथा 18 का गुणक अपनाया गया था।

    हालांकि, वह मामला गंभीर शारीरिक विकलांगता के कारण आय की क्षति से जुड़ा था, जबकि Farheen का मामला मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाले मुआवजे का है। इसलिए दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं।

    दिल्ली हाई कोर्ट के 14 मई 2026 के Oriental Insurance Co. Ltd. v. Manorama Singh मामले में भी छात्रों की संभावित आय के मूल्यांकन पर विचार किया गया। ये फैसले बताते हैं कि औपचारिक आय का पूरा प्रमाण नहीं होने पर भी अदालतें परिस्थितियों के आधार पर भविष्य की कमाई का अनुमान लगा सकती हैं। हालांकि, हर मामले में आय का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

    मुआवजे का आदेश और आपराधिक मुकदमा अलग

    यह दावा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत तय किया गया। ऐसे मामलों में ट्रिब्यूनल दुर्घटना और लापरवाही से जुड़े तथ्यों का आकलन संभावनाओं की प्रधानता के आधार पर करता है। आपराधिक मुकदमे में दोष साबित करने का मानक इससे अलग होता है।

    Farheen के मामले में चालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा मजिस्ट्रेट की अदालत में अलग से चल रहा है। BEST के Traffic Department को भी जरूरत के अनुसार आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करना है।

    BEST के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि MACT का आदेश मिलने के बाद Claims Department अपने रिटेनर वकील के साथ उसकी जांच करता है। इसके बाद फाइल Traffic, Legal, Audit और Accounts विभागों से गुजरती है और जरूरत के अनुसार General Manager की मंजूरी ली जाती है। आवश्यक होने पर वकील ट्रिब्यूनल से समय बढ़ाने का अनुरोध भी कर सकता है।

    अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस विशेष मामले की फाइल BEST तक पहुंचने की स्थिति की जानकारी नहीं थी।

    परिवार को फैसले की जानकारी नहीं थी

    Farheen के भाई Sahil ने बताया कि उन्हें MACT के आदेश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना को तीन साल हो चुके हैं और अब उनकी बहन के बारे में पूछताछ क्यों की जा रही है। फैसले की जानकारी दिए जाने और परिवार के मालवणी स्थित घर आने की बात कहे जाने पर उन्होंने बाद में संपर्क करने को कहा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला।

    फिलहाल, BEST ने आदेश के खिलाफ अपील की है या मुआवजे का भुगतान कर दिया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आदेश के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत 7.5% सालाना ब्याज दावा दाखिल होने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक देय होगा।

  • मलाड में अमन सोनी की संदिग्ध मौत: परिवार के आरोप, पुलिस जांच और मृतक की पूरी जानकारी

    मलाड में अमन सोनी की संदिग्ध मौत: परिवार के आरोप, पुलिस जांच और मृतक की पूरी जानकारी

    मुंबई के मलाड में अमन सोनी की संदिग्ध मौत के मामले में चार दोस्तों को हिरासत में लिया गया। परिवार ने नशीले इंजेक्शन और शराब पिलाने का आरोप लगाया।

    मुंबई: मलाड पूर्व स्थित अप्पापाड़ा में अमन सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में कुरार पुलिस जांच कर रही है। परिवार ने आरोप लगाया है कि अमन को घर से ले जाकर नशीले पदार्थ के इंजेक्शन लगाए गए और शराब पिलाई गई। घटना से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में अमन के साथ मौजूद चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से होनी है।

    कौन था अमन सोनी?

    अमन सोनी मुंबई के कुरार इलाके में रहने वाला युवक था। उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई है। परिवार के मुताबिक, अमन पहले नशीले पदार्थों का सेवन करता था, लेकिन दोस्तों के साथ विवाद होने के बाद उसने नशा छोड़ दिया था। परिवार का आरोप है कि घटना वाले दिन उसके परिचित उसे घर से अपने साथ ले गए थे।

    अप्पापाड़ा के उद्यान में क्या हुआ था?

    यह घटना मलाड पूर्व के कुरार इलाके में स्थित शारदाबाई गोविंद पवार सार्वजनिक उद्यान में हुई। परिवार का आरोप है कि अमन को वहां ले जाने के बाद नशीले पदार्थ के इंजेक्शन लगाए गए और शराब भी पिलाई गई। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई।

    घटना से जुड़े कथित वीडियो में कुछ युवकों के उद्यान में मौजूद होने और एक युवक को इंजेक्शन लगाए जाने का दावा किया गया है। परिवार ने वीडियो में दिखाई देने वाले युवक की पहचान अमन के रूप में की है।

    चार युवक हिरासत में, पांच लोगों पर मामला दर्ज होने की जानकारी

    शुरुआती पुलिस कार्रवाई में अमन के साथ मौजूद चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। बाद की जानकारी में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने का उल्लेख भी सामने आया है। इनमें चार लोगों को अमन का परिचित बताया गया, जबकि पांचवें व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

    पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब जरूरी?

    कुरार पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, अमन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि अमन को कौन-सा पदार्थ दिया गया था, क्या उसे जबरन इंजेक्शन लगाया गया और उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर चिकित्सकीय सहायता क्यों नहीं मिली। साथ ही, नशीला पदार्थ कहां से आया और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी, इसकी भी जांच जरूरी है।

    फिलहाल, अमन की मौत की असली वजह और परिवार के आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से ही होगी।