तनीषा मुखर्जी के Lonavala घर की बिजली कटने पर MSEDCL ने ₹3,000 बकाया और नोटिस का हवाला दिया। भुगतान के बाद 30 सितंबर को बिजली बहाल हुई।
मुंबई: तनीषा मुखर्जी के लोनावला स्थित पुश्तैनी घर की बिजली काटे जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब MSEDCL के जवाब के बाद नया मोड़ ले चुका है। तनीषा ने 29 सितंबर को आरोप लगाया था कि बिजली विभाग ने तय तारीख से पहले बिजली काट दी और भुगतान के लिए दबाव बनाया। इसके एक दिन बाद MSEDCL ने बिजली काटने की वजह बताते हुए कहा कि कनेक्शन पर बकाया राशि जमा नहीं की गई थी और नोटिस दिए जाने के बाद 26 सितंबर को सप्लाई बंद की गई थी। 30 सितंबर को करीब 3,000 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किए जाने के बाद बिजली बहाल कर दी गई।
MSEDCL के अनुसार, लोनावला की इस संपत्ति पर तीन-फेज बिजली कनेक्शन तनीषा मुखर्जी के नाम पर दर्ज है। जुलाई 2026 का बिजली बिल 5 अगस्त को चुकाया गया था। इसके बाद अगस्त और सितंबर के बिल जारी हुए। विभाग के अनुसार अगस्त के बिल की भुगतान की अंतिम तारीख 4 सितंबर थी।
MSEDCL का कहना है कि बकाया राशि की जानकारी तनीषा के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए दी गई थी। विभाग के अनुसार 19 सितंबर तक भुगतान के लिए दी गई अवधि भी समाप्त हो गई, लेकिन बकाया जमा नहीं हुआ। इसके बाद 26 सितंबर को बिजली आपूर्ति काट दी गई।
तनीषा ने इससे पहले क्या आरोप लगाया था?
29 सितंबर को तनीषा मुखर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोनावला में अपने पुश्तैनी घर की बिजली कटने को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने महाराष्ट्र के बिजली विभाग पर भारी बिल देने और कथित तौर पर भुगतान के लिए बिजली काटने का आरोप लगाया था। तनीषा ने कार्रवाई को गंभीर बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य लोगों से हस्तक्षेप की अपील की थी।

तनीषा का कहना था कि बिजली शनिवार शाम को काटी गई और उनके अनुसार बिल की due date अभी नहीं आई थी। इसी आधार पर उन्होंने लोनावला में बिजली विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।
MSEDCL ने 26 सितंबर को बिजली काटने की वजह क्या बताई?
MSEDCL के मुताबिक, बिजली आपूर्ति बकाया बिल के कारण काटी गई थी। विभाग ने कहा कि भुगतान के लिए SMS भेजने के अलावा स्थानीय कर्मचारियों ने फार्महाउस के मैनेजर से भी कई बार बिल जमा कराने के लिए संपर्क किया था।
MSEDCL के बताए घटनाक्रम के अनुसार अगस्त के बिल की 4 सितंबर की due date निकल चुकी थी और 19 सितंबर तक भुगतान का notice period भी पूरा हो गया था। इसके बाद 26 सितंबर को कनेक्शन काटा गया।
30 सितंबर को क्या हुआ?
विवाद के बीच 30 सितंबर को तनीषा मुखर्जी ने ऑनलाइन माध्यम से करीब 3,000 रुपये की बकाया राशि का भुगतान किया। MSEDCL के अनुसार भुगतान प्राप्त होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
इस तरह फिलहाल बिजली कनेक्शन चालू है और विवाद का तत्काल कारण बनी supply disconnection की स्थिति भुगतान के बाद समाप्त हो गई है।
मीटर और फार्महाउस की एंट्री को लेकर भी MSEDCL ने दी जानकारी
MSEDCL ने बिजली काटे जाने के कारण के साथ इस कनेक्शन की meter-reading व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी है। विभाग के अनुसार बिजली का मीटर संपत्ति के प्रवेश द्वार से करीब 300 फीट की दूरी पर स्थित है।
MSEDCL के मुताबिक, संपत्ति के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहते हैं और meter reading के लिए आने वाले कर्मचारियों को अंदर जाने के लिए caretaker की अनुमति लेनी पड़ती है। हालांकि, विभाग ने meter तक पहुंच की इस स्थिति को बिजली बिल की किसी कथित गड़बड़ी का कारण नहीं बताया है।
क्या बकाया बिजली बिल पर कनेक्शन काटा जा सकता है?
MSEDCL के मुताबिक, बिल का भुगतान नहीं होने पर बिजली आपूर्ति काटने से पहले उपभोक्ता को notice दिया जाता है और भुगतान के लिए 15 दिन की अवधि दी जाती है। MSEDCL यह भी बताता है कि बिल में गलत meter reading या पहले से भुगतान की गई राशि के बावजूद arrears दिखने जैसी समस्या होने पर उपभोक्ता संबंधित कार्यालय में billing complaint दर्ज करा सकता है।
MSEDCL की online payment व्यवस्था भी स्पष्ट करती है कि due date के बाद बिल का भुगतान करने पर delayed payment charges और अन्य लागू कार्रवाई हो सकती है तथा केवल online payment की सुविधा उपलब्ध होने से पहले से शुरू की गई disconnection प्रक्रिया अपने आप खत्म नहीं होती।
हालांकि तनीषा मुखर्जी के मामले में यह अलग सवाल है कि उनके द्वारा बताई गई due date और MSEDCL की बताई गई 4 सितंबर की due date के बीच अंतर क्यों था। उपलब्ध जानकारी में संबंधित मूल बिल या notice की प्रति सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, इसलिए इस बिंदु पर किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम निष्कर्ष मानना उचित नहीं होगा।
बिजली बिल में गड़बड़ी हो तो उपभोक्ता क्या कर सकता है?
MSEDCL के अनुसार billing या बिजली से जुड़ी शिकायतें 1912, 19120, 1800-233-3435 और 1800-212-3435 पर दर्ज की जा सकती हैं। शिकायतें portal, mobile app और अन्य उपलब्ध माध्यमों से भी दर्ज की जा सकती हैं।
MSEDCL के मुताबिक बिल में गलत reading, भुगतान के बावजूद arrears या अन्य billing anomaly होने पर संबंधित कार्यालय में शिकायत की जा सकती है। शिकायत का समाधान नहीं होने पर उपभोक्ता आगे की grievance redressal व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकता है। MSEDCL ने Consumer Grievance Redressal Forums यानी CGRF भी स्थापित किए हैं।
बिजली बहाल करने को लेकर क्या नियम हैं?
महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) के 2021 Supply Code में गैर-भुगतान के कारण disconnect हुए कनेक्शन के भुगतान के बाद reconnection के लिए निर्धारित service standards दिए गए हैं। इसमें छह महीने से कम अवधि से disconnected consumer के लिए भुगतान के बाद शहरी क्षेत्रों में आठ घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे का standard दिया गया है, कुछ शर्तों के अधीन।
तनीषा के मामले में MSEDCL ने बताया है कि 30 सितंबर को ऑनलाइन भुगतान मिलने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
फिलहाल विवाद में आगे क्या?
फिलहाल तनीषा मुखर्जी के लोनावला घर की बिजली बहाल हो चुकी है। इस पूरे विवाद में मुख्य अंतर तनीषा द्वारा बताए गए कथित due-date से पहले disconnection और MSEDCL द्वारा बताई गई billing तथा notice timeline को लेकर है।
MSEDCL का कहना है कि 4 सितंबर की due date, 19 सितंबर तक notice period और 26 सितंबर के disconnection के बाद 30 सितंबर को बकाया करीब 3,000 रुपये का भुगतान मिलने पर supply बहाल की गई। दूसरी ओर, तनीषा ने बिजली काटे जाने के समय और बिल की स्थिति पर सवाल उठाए थे। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में इस विवाद को लेकर किसी सरकारी जांच या नियामकीय आदेश की पुष्टि सामने नहीं आई है।
