मुंबई पुलिस की पेट्रोलिंग SUV में Reel, जांच शुरू; आखिर युवक ड्राइवर सीट तक पहुंचा कैसे? चाबी और CCTV पर सवाल

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मुंबई पुलिस की पेट्रोलिंग SUV में Reel का वीडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू हुई। युवक पुलिस वाहन के अंदर कैसे पहुंचा, चाबी और CCTV पर सवाल हैं।

मुंबई: मुंबई पुलिस की पेट्रोलिंग SUV में Instagram Reel बनाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू हो गई है। वायरल वीडियो में एक युवक पुलिस की गाड़ी की ड्राइवर सीट पर बैठकर स्टीयरिंग पकड़े नजर आ रहा है। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि वह पुलिस वाहन के अंदर पहुंचा कैसे?

वीडियो में क्या दिखा?

वायरल क्लिप में युवक मुंबई पुलिस की SUV के ड्राइवर सीट पर बैठकर कैमरे के लिए पोज करता दिखाई देता है। वीडियो में “Daddy’s Home” ऑडियो इस्तेमाल किया गया है। ऑनलाइन रिपोर्ट्स में वीडियो को Instagram अकाउंट @harijan6282 से जोड़ा गया है और युवक का नाम विजय हरिजन बताया गया है। हालांकि, उसकी पुलिस से किसी तरह की आधिकारिक संबद्धता की पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल हो रहा यह वीडियो Instagram पर अब उपलब्ध नहीं है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद वीडियो डिलीट कर दिया गया। जबकि वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में एक युवक मुंबई पुलिस की SUV के ड्राइवर सीट पर बैठकर Reel बनाता नजर आता है। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यह सवाल उठ रहे हैं कि उसे पुलिस वाहन के अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली और वाहन की चाबी उसके पास कैसे पहुंची।

चाबी किसके पास थी?

इस मामले में सिर्फ Reel बनाना मुद्दा नहीं है। बड़ा सवाल पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी तक पहुंच का है।

अगर युवक पुलिसकर्मी नहीं था, तो वह वाहन के अंदर कैसे पहुंचा? क्या SUV उस समय लॉक थी? चाबी किसके पास थी? वाहन किसकी ड्यूटी में था और क्या किसी ने उसे अंदर जाने की अनुमति दी?

इन सवालों के जवाब CCTV फुटेज, वाहन की ड्यूटी एंट्री और संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ के जरिए सामने आ सकते हैं।

वीडियो में युवक को ड्राइवर सीट पर बैठे देखा जा सकता है, लेकिन वह वाहन चला रहा था, ऐसा साबित करने वाला कोई स्पष्ट दृश्य सामने नहीं आया है।

पुलिस के सोशल मीडिया नियम भी अहम

फरवरी 2026 में मुंबई पुलिस ने अपने कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। करीब 51,000 पुलिसकर्मियों को जारी आदेश में वर्दी में Reels और mini-vlogs बनाने पर रोक लगाई गई थी। पुलिस ने इसकी वजह सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े जोखिम बताए थे, क्योंकि ऐसे वीडियो में सरकारी वाहन, पुलिस परिसर और ड्यूटी से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है।

महाराष्ट्र सरकार ने 2025 में सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें सरकारी वाहन और संपत्ति को निजी सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाने को लेकर नियम शामिल थे।

पुलिस वाहन की निगरानी पर फिर सवाल

मुंबई में हाल ही में Coastal Road पर पुलिस वाहन से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया था। जहां एक पुलिस वाहन कथित तौर पर बिना निगरानी रह गया था और उसकी चाबी वाहन में थी। बाद में वाहन को लेकर घटना हुई और CCTV की जांच की गई।

दोनों मामले अलग हैं, लेकिन इनके सामने आने से पुलिस वाहनों की चाबी, custody और निगरानी को लेकर सवाल जरूर उठे हैं।

जांच में अब क्या साफ होना बाकी?

जांच में सबसे पहले वाहन की पहचान, घटना की जगह और समय तथा उस वक्त वाहन किस पुलिसकर्मी के जिम्मे था, यह स्पष्ट होना जरूरी है। इसके साथ CCTV, वाहन रिकॉर्ड और चाबी की स्थिति से यह पता चल सकता है कि युवक को SUV तक पहुंच कैसे मिली।

अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या अनुमति सामने आती है तो विभागीय कार्रवाई का सवाल उठ सकता है। वहीं, अगर युवक ने बिना अनुमति पुलिस वाहन में प्रवेश किया था, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।

फिलहाल FIR, गिरफ्तारी या किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इस स्तर पर सबसे बड़ा सवाल यही है—पुलिस की पेट्रोलिंग SUV तक युवक पहुंचा कैसे और उस वक्त वाहन की जिम्मेदारी किसके पास थी?

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