धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। सचिन सावंत ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत बताया।
(मंत्रालय प्रतिनिधि)
मुंबई: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत बताया। मुंबई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि यह युवाओं और लोकतंत्र की जीत है, जबकि पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। यह फैसला NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद, कथित अनियमितताओं और छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच आया। उनके इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे सरकार पर बढ़ते राजनीतिक दबाव और छात्र आंदोलन की सफलता के रूप में पेश किया।
मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने बांटी मिठाई
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मुंबई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत भी इस मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई।
सचिन सावंत ने कहा कि देश के युवाओं ने लोकतंत्र और जवाबदेही की ताकत दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के संघर्ष और विपक्ष के दबाव के बाद सरकार को आखिरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के रूप में जवाब देना पड़ा।
उन्होंने केंद्र सरकार पर NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। सावंत ने कहा कि युवाओं ने यह संदेश दिया है कि देश में लोकतंत्र है और सरकार को जनता तथा छात्रों के सवालों का जवाब देना होगा।
सचिन सावंत ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर भी साधा निशाना
सचिन सावंत ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है और सरकार को परीक्षा व्यवस्था में सामने आए विवादों की व्यापक जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने युवाओं के बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती बताया।
हालांकि, कांग्रेस नेताओं के इन राजनीतिक आरोपों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन दावों के अलग-अलग हिस्सों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के आधार पर की जानी होगी।
कांग्रेस ने इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस लंबे समय से शिक्षा मंत्री की जवाबदेही का मुद्दा उठा रही थी। पार्टी ने NEET विवाद और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के समर्थन में अभियान चलाया था। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की भी मांग की थी।
अब इस्तीफे के बाद पार्टी इसे छात्रों, युवाओं और विपक्ष के दबाव का परिणाम बता रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
NEET विवाद के बीच आया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG 2026 से जुड़ी कथित अनियमितताओं और उसके बाद हुए छात्र आंदोलनों के बीच आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा विवाद के बाद जांच, परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने जैसे कदम उठाए गए। इसके बाद भी छात्रों और विपक्ष की ओर से जवाबदेही की मांग जारी रही।
अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों का भविष्य और राष्ट्रीय हित उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने परीक्षा विवाद से निपटने के दौरान सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मामले की जिम्मेदारी से पीछे हटने की कोशिश नहीं की।
FAQ
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 से जुड़े विवाद, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया।
कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या किया?
मुंबई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। पार्टी ने इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया।
सचिन सावंत ने क्या कहा?
सचिन सावंत ने इस्तीफे को युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया और केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की।

