मुंबई के BKC में फर्जी PMO ID और हथियार के मामले में दो गिरफ्तार हुए। कोर्ट में आरोपी ने दावा किया कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है।
मुंबई: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले फर्जी PMO पहचान पत्र और हथियार के साथ प्रवेश के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी की ओर से कोर्ट में दावा किया गया कि “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है।”**
पुलिस के मुताबिक, घटना BKC के Jio World परिसर से जुड़े इलाके में सामने आई। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ा अधिकारी बताया था। उसके साथ मौजूद व्यक्ति के पास हथियार मिला। हालांकि, मुंबई पुलिस ने फिलहाल कहा है कि इस घटना का प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
BKC में कैसे सामने आया मामला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे को देखते हुए 7 सितंबर को BKC इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। इसी दौरान सुरक्षा जांच के बीच एक व्यक्ति की पहचान और गतिविधियों पर संदेह हुआ।
पुलिस जांच के अनुसार, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर PMO का पहचान पत्र दिखाया। जांच में पहचान पत्र की authenticity पर सवाल उठे और बाद में इसे फर्जी बताया गया।

खबर के मुताबिक, कथित ID में पदनाम और validity से जुड़ी विसंगतियां थीं। इसी दौरान साथ मौजूद व्यक्ति की तलाशी में हथियार बरामद हुआ।
दो लोगों की गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने रोहन प्रेमल पारेख और दिलीप राजाराम कुंडे को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुंडे के पास मिला firearm लाइसेंसी बताया गया है।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार किसके नाम पर है और उसे हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके में किन परिस्थितियों में लाया गया था।
मामले में एक तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
कोर्ट में आरोपी ने कहा- “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है”
मामले में सबसे अहम नया मोड़ कोर्ट की सुनवाई के दौरान सामने आया। मुख्य आरोपी की ओर से बचाव पक्ष ने दावा किया कि उसे कथित तौर पर एक offer letter, पहचान पत्र और कुछ सरकारी communications मिले थे।
बचाव पक्ष के मुताबिक, आरोपी को विश्वास दिलाया गया था कि वह किसी सरकारी या PMO से जुड़ी भूमिका में है। इसी आधार पर यह दावा किया गया कि आरोपी खुद किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है।
हालांकि, यह आरोपी और उसके बचाव पक्ष का दावा है, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित PMO ID और offer letter किसने तैयार किए तथा ये दस्तावेज आरोपी तक कैसे पहुंचे।
फर्जी PMO ID की जांच क्यों महत्वपूर्ण?
किसी सरकारी संस्था की पहचान का कथित तौर पर इस्तेमाल इस मामले को सामान्य पहचान संबंधी विवाद से आगे ले जाता है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ID वास्तव में कहां तैयार हुई, उसे किसने आरोपी को दिया और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका है।
आरोपियों के मोबाइल फोन और communications से भी इस कड़ी को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
हथियार लाइसेंसी था, फिर भी सवाल क्यों उठे?
बरामद firearm के लाइसेंसी होने की बात सामने आई है। लेकिन पुलिस की जांच केवल हथियार के लाइसेंस तक सीमित नहीं है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हथियार किसके नाम पर था, उसे लेकर आरोपी वहां क्यों पहुंचा और उस स्थान पर हथियार ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं।
क्या PM मोदी के कार्यक्रम से था कोई संबंध?
मुंबई पुलिस के अनुसार, अब तक आरोपियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
घटना ऐसे समय हुई जब PM मोदी के दौरे को लेकर BKC में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इसी वजह से फर्जी PMO ID और हथियार से जुड़ी जानकारी सामने आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
जांच में अब क्या पता लगाना बाकी है?
पुलिस की जांच मुख्य रूप से इन सवालों पर केंद्रित है कि कथित फर्जी PMO ID किसने बनाई, आरोपी को यह दस्तावेज कैसे मिला और उसके पास मौजूद कथित offer letter व communications का स्रोत क्या था।
इसके अलावा, आरोपी के BKC पहुंचने का वास्तविक उद्देश्य, हथियार की परिस्थितियां और मामले में तीसरे व्यक्ति की भूमिका भी जांच का हिस्सा है।
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या आरोपी वास्तव में किसी सरकारी पहचान के नाम पर ठगा गया था या उसने जानबूझकर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया?
इसका जवाब जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और पूछताछ के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस जांच जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में Global Fintech Fest 2026 से जुड़े कार्यक्रम के लिए आए थे। उनके दौरे से पहले BKC में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
इसी दौरान सामने आए फर्जी PMO ID और हथियार के मामले में दो आरोपी पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। वहीं, “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है” वाला आरोपी का दावा भी जांच के दायरे में है।
अब जांच का फोकस कथित फर्जी पहचान पत्र के स्रोत, दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्ति और आरोपियों की वास्तविक मंशा का पता लगाने पर है।
