दहिसर में टैक्सी-रिक्शा के मीटर में इलेक्ट्रॉनिक छेड़छाड़ का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 5 आरोपी और 5 वाहन पकड़े। अब पूरे मुंबई में जांच की मांग।
मुंबई: मुंबई में टैक्सी या रिक्शा में बैठने के बाद मीटर पर दिखने वाला किराया ही यात्री के लिए भरोसे का आधार होता है। लेकिन दहिसर में किराया मीटर के साथ इलेक्ट्रॉनिक छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद इस भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दहिसर पुलिस ने मीटर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाकर किराए में हेरफेर करने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है और पांच वाहन जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर टैक्सी और रिक्शा के मीटर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए छेड़छाड़ कर यात्रियों से निर्धारित किराए से ज्यादा रकम वसूलने का आरोप है। कार्रवाई में दो काली-पिली टैक्सी, दो रिक्शा और एक मारुति आर्टिगा जब्त की गई है।
एक टैक्सी से खुला मामला, जांच में सामने आए पांच वाहन
दहिसर पुलिस को टैक्सी और रिक्शा के मीटर में छेड़छाड़ कर यात्रियों से ज्यादा किराया वसूले जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन की जांच शुरू की।
1 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे एक यात्री को टैक्सी क्रमांक MH 01 CJ 6487 से सफर के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार, टैक्सी चालक द्वारा मीटर में छेड़छाड़ किए जाने का संदेह हुआ। इसके बाद वाहन को जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, बोरीवली भेजा गया।
आरटीओ की जांच में मीटर के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रिंगिंग सर्किट जैसी डिवाइस लगाए जाने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक इसी तरह की तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए मीटर की रीडिंग को प्रभावित कर यात्रियों से ज्यादा किराया वसूला जा रहा था।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को ऐसे ही दूसरे वाहनों की भी जानकारी मिली। इसके बाद कुल पांच वाहनों को जब्त किया गया।
कौन-कौन से वाहन पकड़े गए?
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में ये वाहन जब्त किए गए हैं—
- काली-पिली टैक्सी — MH 01 CJ 6487
- काली-पिली रिक्शा — MH 02 DU 0777
- काली-पिली रिक्शा — MH 03 BY 4268
- काली-पिली टैक्सी — MH 02 BQ 7392
- मारुति आर्टिगा — MH 01 EM 6048
पुलिस ने मीटर में छेड़छाड़ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक रिंगिंग सर्किट को भी जब्त किया है।
पांच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने जौएब अल्ताफ देशमुख (32), अमीन रमजान पठाण (39), रियाज अब्दुलगनी शेख (45), नाजीर इब्राहिम पटेल (57) और आनंद कुमार नानाकप्रसाद राय (60) के खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
मुंबई के यात्रियों के लिए सबसे बड़ा सवाल
दहिसर में पांच वाहनों में मीटर से छेड़छाड़ सामने आने के बाद अब सवाल सिर्फ इन पांच वाहनों तक सीमित नहीं है।
अगर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए किराया मीटर में हेरफेर किया जा सकता है, तो मुंबई के दूसरे इलाकों में चल रहे टैक्सी और रिक्शा के मीटर कितने सुरक्षित हैं?
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रोजाना बड़ी संख्या में मुंबईकर टैक्सी और रिक्शा से सफर करते हैं। यात्री मीटर में दिखाई देने वाली रकम को सही मानकर भुगतान करता है। ऐसे में मीटर के साथ तकनीकी छेड़छाड़ होने पर उसे अतिरिक्त किराया वसूले जाने का पता भी नहीं चल सकता।
हालांकि, दहिसर के इन पांच वाहनों के मामले से पूरे मुंबई में इस तरह की धोखाधड़ी हो रही है, ऐसा निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन इस कार्रवाई ने परिवहन विभाग के सामने एक महत्वपूर्ण जांच का मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है।
अब आरटीओ की जवाबदेही पर सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की भूमिका को लेकर भी है।
दहिसर पुलिस की कार्रवाई के बाद क्या मुंबई के अलग-अलग इलाकों में टैक्सी और रिक्शा के मीटरों की विशेष जांच की जाएगी?
क्या आरटीओ यह जांच करेगा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाकर मीटर की रीडिंग में हेरफेर करने जैसी तकनीक का इस्तेमाल दूसरे वाहनों में कहीं हो तो नहीं रहा?
और अगर ऐसी जांच होती है तो कितने वाहनों के मीटर सही पाए जाते हैं और कितनों में गड़बड़ी सामने आती है, इसकी जानकारी क्या सार्वजनिक की जाएगी?
इन सवालों का जवाब जरूरी है, क्योंकि मीटर में हेरफेर का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ता है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। जिसमें, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त गजानन शिवलिंग राजमाने, सहायक पुलिस आयुक्त जयराज एरवडे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सर्जेराव पाटील और दहिसर पुलिस थाने के अधिकारी मारुती सांगळे के मार्गदर्शन में टीम ने कार्रवाई की।
कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश शिवाजी साळुंके के साथ पुलिसकर्मी हेमंत बाबुराव दिवारे, सुनील चंद्रकांत राठोड, संतोष काशिनाथ भागवत और ऋषिकेश प्रवीण मोरे शामिल थे। बताया गया कि सबसे पहले इसकी जानकारी सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश शिवाजी साळुंके को मिली थी जिसके निगरानी के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से जांच के निर्देश मिले।
दहिसर की कार्रवाई ने खोल दिया बड़ा सवाल
दहिसर पुलिस की इस कार्रवाई से फिलहाल पांच वाहनों और पांच आरोपियों के खिलाफ मामला सामने आया है। लेकिन इससे मुंबई के परिवहन तंत्र के सामने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा हो गया है—क्या सिर्फ दहिसर में ही मीटर की ऐसी जांच होगी या आरटीओ पूरे मुंबई में टैक्सी-रिक्शा के मीटरों की व्यापक जांच शुरू करेगा?
क्योंकि अगर मीटर ही गलत रीडिंग दिखाए, तो यात्री के पास सही किराया जानने का भरोसेमंद आधार क्या बचेगा?
यही वह सवाल है जिसका जवाब अब मुंबई के यात्रियों को आरटीओ और संबंधित परिवहन अधिकारियों से चाहिए।
