Andheri के Chitrakoot Ground पर BMC ने 34,000 वर्ग फुट में बने अवैध ढांचे हटाए। 1991 से लंबित Fire Station का रास्ता साफ, अब निर्माण की बारी।
मुंबई: Andheri West के Link Road स्थित Chitrakoot Ground पर BMC ने सोमवार को बड़ी demolition कार्रवाई करते हुए Fire Station के लिए आरक्षित जमीन पर बने अनधिकृत ढांचों को हटा दिया है। करीब 34,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली संरचनाओं पर हुई इस कार्रवाई में garage, banquet/marriage hall और अन्य निर्माण शामिल थे। Bombay High Court में इसी विवाद से जुड़े मामले में नौ संरचनाओं का उल्लेख है। अदालत ने 25 अगस्त 2026 को दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए कुल ₹10 लाख की लागत भी लगाई थी।
यह कार्रवाई इसलिए अहम है क्योंकि Chitrakoot Ground का यह हिस्सा 1991 से Fire Station के लिए आरक्षित बताया जाता रहा है। करीब 34 साल से अटकी इस परियोजना के लिए अब जमीन खाली कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हालांकि, जमीन खाली होने के बाद अगला सवाल अब यही है कि Ambivali Fire Station का वास्तविक निर्माण कब शुरू होगा।
BMC ने क्या-क्या हटाया?
BMC के K-West Ward ने Chitrakoot Ground पर करीब 34,000 वर्ग फुट में फैले अनधिकृत निर्माण हटाए। इनमें DRM Motors, DRM Apparels और Chitrakoot Banquet Hall के अवैध ढांचे बनाए गए थे। कार्रवाई के दौरान BMC के Building and Factory विभाग ने भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया और Amboli Police Station की पुलिस टीम personnel सुरक्षा के लिए मौजूद रहे।
Bombay High Court में दाखिल मामले में संबंधित निर्माणों के रूप में porta cabins, temporary office structures, car workshop और तीन banquet halls समेत नौ संरचनाओं का विवाद सामने आया था।
मामला Bombay High Court तक कैसे पहुंचा?
BMC की कार्रवाई से पहले संबंधित निजी निर्माण कंपनी ने civic body’s demolition notices और orders को Bombay High Court में चुनौती दी थी। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक BMC ने 13 मई 2026 को notices जारी किए और बाद में 1 जुलाई 2026 को removal orders जारी किए।
मामला Shah Constructions Co. Ltd. बनाम Municipal Corporation of Greater Mumbai के रूप में हाई कोर्ट पहुंचा। 25 अगस्त 2026 को जस्टिस A.S. Gadkari और जस्टिस Kamal Khata की पीठ ने दोनों writ petitions खारिज कर दीं। अदालत ने प्रत्येक याचिका पर ₹5 लाख यानी कुल ₹10 लाख की लागत लगाई।
हाई कोर्ट ने अवैध निर्माण को लेकर क्या कहा?
मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पुराने municipal records, tax assessments, licences और repair permissions जैसे दस्तावेजों पर भरोसा किया गया था। अदालत ने माना कि ऐसे दस्तावेज अपने आप किसी निर्माण को कानूनी नहीं बना देते। किसी संरचना को वैध साबित करने के लिए sanctioned plan और उसके मूल निर्माण की विश्वसनीय जानकारी जरूरी थी।
मामले में लगभग 34,000 वर्ग फुट constructed area में से करीब 18,000 वर्ग फुट हिस्सा हटाने की पेशकश भी की गई थी, लेकिन अदालत ने बाकी निर्माण को बचाने का आधार स्वीकार नहीं किया। अदालत के अनुसार यह साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं था कि पुराने और बाद में किए गए निर्माण को स्पष्ट रूप से अलग किया जा सकता है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि property-tax assessment, licences या repair permissions किसी अनधिकृत निर्माण को स्वतः regularise नहीं करते। इसी आधार पर BMC के notices और demolition orders को बरकरार रखा गया।
1991 से Fire Station के लिए आरक्षित है जमीन
Chitrakoot Ground का यह हिस्सा Development Plan में Fire Station के लिए आरक्षित किए जाने के बाद भी दशकों तक अपने उद्देश्य के अनुसार विकसित नहीं हो सका। स्थानीय नागरिक संगठनों और पुरानी रिपोर्टों के अनुसार reservation का इतिहास 1991 तक जाता है।
इस परियोजना को लेकर 2009 में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया था। जानकारी के अनुसार BMC के Building Proposal Department ने Ambivali Fire Station के निर्माण के लिए Commencement Certificate जारी किया था। लेकिन निर्माण आगे नहीं बढ़ा और बाद में वह अनुमति रद्द हो गई।
यानी जमीन आरक्षित होने, construction permission मिलने और वर्षों तक प्रशासनिक follow-up के बावजूद Fire Station जमीन पर आकार नहीं ले सका।
2016 से 2024 तक चलता रहा प्रशासनिक Follow-Up
यह मामला केवल हाल की demolition drive से शुरू नहीं हुआ। उपलब्ध जानकारी में Mumbai Fire Brigade की 2016 से 2024 तक की correspondence और administrative follow-up का उल्लेख है।
इस दौरान जमीन के acquisition, handover, development proposal और संबंधित कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर पत्राचार और बैठकें हुईं। 2022 में Suburban Collector के साथ बैठक हुई थी। 2023 में Ambivali Fire Station development proposal से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई थी।
2025 में भी Fire Brigade ने जमीन को Fire Station के लिए उपलब्ध कराने को लेकर Collector स्तर पर मामला उठाया था। उस समय करीब 5,500 वर्ग मीटर के plot का उल्लेख किया गया था।
2026 में जमीन खाली कराने की प्रक्रिया तेज हुई
मार्च 2026 में BMC ने संबंधित पक्ष को Fire Station के लिए आरक्षित जमीन hand over करने के लिए सात दिन का अंतिम समय दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इससे पहले notice और reminder communication के जरिए जमीन सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।
इसके बाद project से जुड़ी ₹1.33 करोड़ की bank guarantee भी सामने आई। जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2026 को Municipal Commissioner के पक्ष में यह guarantee जमा की गई थी। अप्रैल में अधिकारियों की ओर से आने वाले महीनों में काम शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी।
लेकिन सितंबर तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में Fire Station का actual construction शुरू होने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई थी। यही वजह है कि मौजूदा demolition के बाद परियोजना की अगली समयसीमा सबसे अहम सवाल बन गई है।
Chitrakoot Ground पर पहले भी हो चुकी है आग की घटना
Fire Station की जरूरत केवल कागजों में दर्ज reservation का मामला नहीं है। जुलाई 2022 में इसी Chitrakoot Ground पर एक फिल्म सेट में आग लगने से 32 वर्षीय मजदूर की मौत हुई थी। उस घटना के बाद भी इलाके में Fire Station की जरूरत और emergency response को लेकर सवाल उठे थे।
Lokhandwala-Oshiwara और Link Road का इलाका पिछले वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। यहां residential towers, commercial establishments और high-rise buildings बढ़े हैं। ऐसे इलाके में Fire Brigade के लिए response time बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
एक वरिष्ठ Fire official के अनुसार वर्तमान में Andheri West के लिए fire brigades को Vile Parle, Goregaon और Bandra जैसे स्थानों से dispatch करना पड़ सकता है, जबकि peak traffic के दौरान दूरी और congestion response time को प्रभावित कर सकते हैं।
पुरानी रिपोर्टों में traffic और दूरी के कारण emergency response में 30 से 45 मिनट तक की देरी की चिंता भी दर्ज की गई हैं।
स्थानीय नागरिक वर्षों से उठा रहे हैं मांग
Lokhandwala-Oshiwara Citizens Association सहित स्थानीय नागरिक समूह लंबे समय से इस जमीन पर Fire Station विकसित करने की मांग करते रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि केवल demolition करके मामला खत्म नहीं होना चाहिए। पूरी आरक्षित जमीन को दोबारा encroachment से सुरक्षित करना और construction process को आगे बढ़ाना जरूरी है।
स्थानीय BJP corporator Rupesh Sawarkar ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि उन्होंने चुनाव के बाद से Fire Station की जमीन से encroachment हटाने के लिए प्रशासन के साथ follow-up किया। उनका दावा है कि आरक्षित जमीन का इस्तेमाल wedding functions, film shoots और turf cricket जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था और lease arrangements में financial irregularities की आशंका थी।
अब जमीन खाली होने के बाद सबसे बड़ा सवाल क्या?
BMC की कार्रवाई ने Fire Station के लिए लंबे समय से अटकी जमीन से अनधिकृत निर्माण हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लेकिन demolition का मतलब Fire Station का निर्माण शुरू होना नहीं है।
अब प्रशासन के सामने अगली जिम्मेदारियां हैं—क्या पूरा आरक्षित भूखंड सुरक्षित और उपलब्ध हो चुका है, Fire Department को possession कब मिलेगा, final building plan की स्थिति क्या है, project की लागत कितनी है, tender जारी हुआ है या नहीं, निर्माण एजेंसी कौन होगी और Fire Station कब तक operational होगा।
फरवरी 2026 में करीब 18 महीने के संभावित construction timeline की चर्चा हुई थी, जबकि अप्रैल में आने वाले महीनों में काम शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी। अब सितंबर की demolition कार्रवाई के बाद इस timeline की स्थिति स्पष्ट करना BMC के लिए जरूरी होगा।
34 साल पुराने Ambivali Fire Station के लिए रास्ते का एक बड़ा अवरोध जरूर हटा है, लेकिन Andheri West के लोगों को अब बुलडोजर कार्रवाई के बाद निर्माण शुरू होने और Fire Station operational होने की तारीख का इंतजार है।
