नलदुर्ग किले में राष्ट्रीय पहलवान अश्विनी पौळ ने तीन बच्चों के साथ छलांग लगाई। अश्विनी समेत दो बच्चों की मौत, FIR में ससुराल पर गंभीर आरोप।
मुंबई: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के नलदुर्ग किले में राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौळ ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ उपली बुर्ज से छलांग लगा दी। घटना में अश्विनी, उनके साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य और ढाई साल की बेटी क्रांति की मौत हो गई। दूसरी बेटी वीरा गंभीर रूप से घायल है और उसका धाराशिव के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक वह वेंटिलेटर पर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अश्विनी की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनके पिता ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
किले में प्रवेश के समय क्या हुआ था?
पुलिस जांच से जुड़े ताजा विवरण के मुताबिक अश्विनी 3 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजकर 13 मिनट पर अपने तीनों बच्चों के साथ नलदुर्ग किले में दाखिल हुई थीं। प्रवेश रजिस्टर में उनकी एंट्री दर्ज होने की बात सामने आई है।

खबर के अनुसार, प्रवेश के समय उन्होंने पुरातत्व विभाग के कर्मचारी से कहा था कि उनके पति पीछे से आ रहे हैं। हालांकि, पति वास्तव में उनके पीछे किले में पहुंचे थे या नहीं, इसकी पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है।
घटना के बाद पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि किले में दाखिल होने के बाद अश्विनी और बच्चों के साथ क्या हुआ और बुर्ज तक पहुंचने के दौरान उनके साथ कौन मौजूद था।
बच्चों के लिए केक और चॉकलेट भी लाई थीं
जांच से जुड़े एक और विवरण ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। अश्विनी किले में केक और चॉकलेट लेकर पहुंची थीं। किले में खाने की चीजें ले जाने को लेकर कर्मचारियों ने आपत्ति की तो उन्होंने कथित तौर पर बच्चे का जन्मदिन होने की बात कही।
बाद की जांच में यह जानकारी सामने आने का दावा किया गया कि उनके तीनों बच्चों में से किसी का जन्मदिन उस दिन नहीं था। हालांकि इस जानकारी का घटना से क्या संबंध है, यह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
FIR में पति और ससुराल पर क्या आरोप?
अश्विनी के पिता की शिकायत के बाद सामने आई जानकारी में पति मनोहर पौळ, सास कालिंदा पौळ, ससुर अंकुश पौळ और पति की आत्या विमलाबाई के खिलाफ मामला दर्ज होने की बात कही गई है।
परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद अश्विनी को लगातार मानसिक और शारीरिक परेशानी दी जा रही थी। शिकायत में सोने की पाटली और ऑटो रिक्शा खरीदने के लिए पैसे लाने के दबाव जैसे आरोप भी बताए गए हैं। परिवार का दावा है कि इसी तरह के घरेलू तनाव के बीच अश्विनी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थीं।
इन आरोपों पर पुलिस की जांच जारी है। लेकिन घटना के पीछे के कारणों का पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रीय स्तर की पहलवान थीं अश्विनी
अश्विनी पौळ की पहचान सिर्फ इस दर्दनाक घटना से नहीं थी। वह राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान थीं और कुश्ती जगत में उन्हें ‘महाराष्ट्राची वाघीण’ यानी महाराष्ट्र की वाघिन के नाम से जाना जाता था।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीते थे। उनके परिवार का भी कुश्ती से जुड़ाव रहा है।
खेल के साथ अश्विनी महाराष्ट्र सुरक्षा बल में भी काम कर चुकी थीं। उन्होंने करीब चार से पांच महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने पति के कहने पर नौकरी छोड़ी थी। इस दावे की भी जांच होनी बाकी है।
नलदुर्ग किले की सुरक्षा भी सवालों में
इस घटना के बाद सिर्फ पारिवारिक परिस्थितियों पर ही नहीं, बल्कि नलदुर्ग किले में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नलदुर्ग महाराष्ट्र के प्रमुख ऐतिहासिक किलों में शामिल है। जिला प्रशासन के मुताबिक यह विशाल भुईकोट किला करीब ढाई किलोमीटर के घेरे में फैला है और इसमें उपली बुर्ज समेत कई बड़े बुर्ज हैं। उपली बुर्ज किले का सबसे ऊंचा हिस्सा बताया गया है।
इससे पहले मई 2024 में भी नलदुर्ग किले के उपली बुर्ज से एक 22 वर्षीय नवविवाहिता निलोफर की गिरने से मौत हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह तस्वीर लेते समय तेज हवा के कारण संतुलन खो बैठी थीं।
लगातार ऐसी घटनाओं के बाद अब यह सवाल अहम हो गया है कि किले के ऊंचे और जोखिम वाले हिस्सों में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी, चेतावनी और रोकथाम के इंतजाम हैं या नहीं।
नलदुर्ग किले पर पहले से चल रहा है संरक्षण का काम
नलदुर्ग सिर्फ पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर भी है। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अनुसार किले में उपली, परांडा और संग्राम जैसे प्रमुख बुर्ज, ऐतिहासिक दरवाजे और प्रसिद्ध पानी महल मौजूद हैं।
फरवरी 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने नलदुर्ग किले के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए 10.38 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए कुल 14.38 करोड़ रुपये की योजना का भी उल्लेख किया गया था।
अब ताजा घटना के बाद संरक्षण के साथ-साथ पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत का सवाल भी सामने आया है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
अश्विनी और उनके दो बच्चों की मौत के बाद पुलिस की जांच अब घटना के पूरे घटनाक्रम और उसके पीछे की परिस्थितियों पर केंद्रित है। प्रवेश रजिस्टर में दर्ज समय, पति के किले में आने की बात, परिवार की शिकायत और FIR में लगाए गए आरोपों को जांच में जोड़ा जा रहा है।
फिलहाल एक बच्ची वीरा की हालत गंभीर है। वहीं अश्विनी और उनके दो बच्चों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का घटना से कोई संबंध है या नहीं।
