Category: Maharashtra Crime

Read the latest Maharashtra crime news, police investigations and exclusive reports from Mumbai, Pune, Nagpur, Nashik, Thane and across the state. Stay informed with coverage on cybercrime, financial fraud, court cases, law enforcement actions and major criminal incidents, only on Indian FastTrack.

  • कोल्हापुर में तरन्नुम की मौत: प्रेमी गिरफ्तार, चैट हिस्ट्री से हत्या का शक गहराया

    कोल्हापुर में तरन्नुम की मौत: प्रेमी गिरफ्तार, चैट हिस्ट्री से हत्या का शक गहराया

    कोल्हापुर में 23 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम की मौत के मामले में प्रेमी गिरफ्तार। चैट हिस्ट्री, पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच में सामने आए अहम पहलू जानें।

    महाराष्ट्र: कोल्हापुर जिले में 23 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में उसके प्रेमी श्रीपाद वडार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आरोपी के बयानों और मोबाइल चैट हिस्ट्री में ऐसे अंतर मिले, जिनके बाद मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की गई। आरोपी ने कथित तौर पर दोनों के आत्महत्या करने का फैसला लेने की बात कही थी, लेकिन पुलिस को इस दावे पर संदेह हुआ।

    तरन्नुम का शव कोल्हापुर के भुदरगढ़ तालुका में नाईकवाडी जलप्रपात के नीचे गहरी खाई में मिला था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का आरोप जोड़ा गया है। आरोपी को 15 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

    आरोपी के बयानों में क्या अंतर मिला?

    पुलिस के अनुसार, श्रीपाद वडार और तरन्नुम पिछले पांच साल से रिलेशनशिप में थे। तरन्नुम की शादी दूसरे युवक से तय होने के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव आने की बात सामने आई है। उसकी शादी 12 नवंबर को होने वाली थी।

    kolhapur-tarannum-naik-death-news

    शुरुआत में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह पानी लेने गया था और वापस लौटने पर तरन्नुम वहां नहीं मिली। बाद में उसने दावा किया कि तरन्नुम फोन पर बात करते समय खाई में गिर गई थी।

    इसके बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों ने साथ में आत्महत्या करने का फैसला किया था, लेकिन आखिरी समय में वह खुद ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

    हालांकि, पुलिस को उसके अलग-अलग बयानों पर संदेह हुआ। मोबाइल चैट हिस्ट्री की जांच में भी कथित आत्महत्या समझौते के दावे को समर्थन नहीं मिलने की बात सामने आई।

    सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर विवेक पाटील के मुताबिक, चैट में ऐसे संकेत मिले कि तरन्नुम की शादी कहीं और तय होने से श्रीपाद नाराज था। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ी। हालांकि, आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

    नाईकवाडी जलप्रपात के पास मिला था शव

    यह घटना भुदरगढ़ तालुका के पाटगांव के पास नाईकवाडी जलप्रपात क्षेत्र की है। 9 अक्टूबर को हुई कथित घटना के बाद तरन्नुम का शव गहरी खाई में मिला।

    दुर्गम इलाके में शव तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस ने आंबोली की सह्याद्री रेस्क्यू टीम की मदद ली। शव को खाई से निकालने के लिए करीब चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद शव को कोल्हापुर के CPR अस्पताल भेजा गया।

    पोस्टमॉर्टम और मोबाइल की जांच अहम

    मामले में पोस्टमॉर्टम को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिजनों की मांग पर इन-कैमरा पोस्टमॉर्टम और वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया और उसकी अंतिम रिपोर्ट के निष्कर्ष अलग-अलग बातें हैं। अंतिम मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही मौत से संबंधित तथ्य सामने आ सकता है।

    पुलिस ने आरोपी और तरन्नुम के मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए रखे हैं। चैट हिस्ट्री की जांच पहले ही पुलिस के संदेह का अहम आधार बनी है। अब डिजिटल साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य उपलब्ध सबूतों को मिलाकर घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

    kolhapur-tarannum-naik-death
    स्थानीय लोगों की मोर्चे की तस्वीर

    आरोपी पुलिस हिरासत में, स्थानीय लोगों ने की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग

    आरोपी श्रीपाद वडार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 15 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। कोर्ट के अनुसर पुलिस हिरासत का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करना है।

    इस घटना के बाद गारगोटी में स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने तक मार्च निकालकर मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग की।

    भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या के अपराध में सजा से संबंधित है। दोष सिद्ध होने पर कानून में मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

    पुलिस के सामने अब आरोपी के बयानों, मोबाइल चैट, पोस्टमॉर्टम के निष्कर्षों और घटनास्थल से जुड़े सबूतों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई इन जांच निष्कर्षों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

  • नकली टँगो पंच और ढोकी संत्रा के भारी स्टॉक के साथ एक गिरफ्तार

    नकली टँगो पंच और ढोकी संत्रा के भारी स्टॉक के साथ एक गिरफ्तार

    नवी मुंबई के जुईनगर में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने ट्रक से 600 बॉक्स नकली देशी मद्य जब्त किया। एक आरोपी गिरफ्तार, ₹44.10 लाख का मुद्देमाल जब्त।

    नवी मुंबई: जुईनगर में नकली देशी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है। राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की टीम ने सायन-पनवेल महामार्ग पर जुईनगर रेलवे स्टेशन के सामने कार्रवाई करते हुए 600 बॉक्स नकली देशी शराब से भरा दस पहिया ट्रक जब्त किया। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वाहन और जब्त मद्यसाठे की कुल अनुमानित कीमत 44 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है।

    जुईनगर में गुप्त सूचना के बाद ट्रक पर नजर

    राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को अवैध नकली देशी शराब की ट्रांसपोर्ट होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद जुईनगर रेलवे स्टेशन के सामने सायन-पनवेल महामार्ग पर करीब सुबह 11:30 बजे निगरानी रखी गई।

    इस दौरान लाल-सफेद रंग के अशोक लेलैंड के दस पहिया ट्रक क्रमांक MH-50-N-6625 को संदेह के आधार पर रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसके अंदर पुठ्ठे के बॉक्स मिले। बॉक्स खोलने पर सीलबंद बोतलों में नकली देशी शराब पाए जाने की जानकारी विभाग ने दी।

    600 बॉक्स में 90 मिलीलीटर की बोतलें

    जब्त किए गए 600 बॉक्स में 90 मिलीलीटर क्षमता वाली टँगो पंच और ढोकी संत्रा नाम की नकली देशी शराब की सीलबंद बोतलें थीं। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में इन 600 बॉक्स में कुल कितनी बोतलें थीं या प्रत्येक बॉक्स में कितनी बोतलें थीं, इसका अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।

    juinagar-fake-liquor-600-boxes

    अपराध क्रमांक 101/2026 में मामला दर्ज

    इस कार्रवाई के बाद अपराध क्रमांक 101/2026, दिनांक 3 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया। 600 बॉक्स नकली देशी शराब के साथ उसके ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल अशोक लेलैंड ट्रक भी जब्त किया गया।

    विभाग के अनुसार, वाहन और जब्त सामान समेत कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत 44 लाख 10 हजार रुपये है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

    कार्रवाई में इन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका

    यह कार्रवाई आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख, सहआयुक्त प्रसाद सुर्वे, कोकण विभाग के विभागीय उपआयुक्त प्रदिप पवार, ठाणे-1 के अधीक्षक प्रविण तांबे, उपअधीक्षक रत्नमाला गायकवाड, प्रभारी उपअधीक्षक आनंद पवार और निरीक्षक दिपक शेवाळे के मार्गदर्शन में की गई।

    गुप्त सूचना के आधार पर निगरानी और कार्रवाई का नेतृत्व जी-3 विभाग, नवी मुंबई के दुय्यम निरीक्षक पुंडलिक घुले ने की। उनके साथ जी-1 विभाग के दुय्यम निरीक्षक एस. एन. धोंडगे, जी-2 विभाग की दुय्यम निरीक्षक प्रज्ञा पवार, जी विभाग के सहायक दुय्यम निरीक्षक अमोल हिप्परकर तथा जवान संदिप पाटील, संभाजी चव्हाण, भगवान शेलार और महिला जवान-सह-वाहनचालक संध्या वारे कार्रवाई में शामिल थे।

    खेप कहां से आई और कहां जानी थी, जांच में सामने आएगा

    इस मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि 600 बॉक्स नकली देशी शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। उपलब्ध जानकारी में इसके स्रोत और अंतिम गंतव्य का खुलासा नहीं किया गया है।

    जांच में यह भी पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त शराब का निर्माण कहां हुआ, इसे तैयार करने और पैक करने में कौन लोग शामिल थे तथा गिरफ्तार आरोपी की इस पूरी गतिविधि में क्या भूमिका थी।

    नकली शराब को लेकर स्वास्थ्य जोखिम भी गंभीर

    नकली या अज्ञात स्रोत के शराब में इस्तेमाल सामग्री और उसकी वास्तविक संरचना की पुष्टि किए बिना उसके सेवन को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। महाराष्ट्र में हाल के महीनों में अवैध शराब से जुड़े गंभीर मामलों ने भी इसके सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को सामने रखा है। हालांकि, जुईनगर में जब्त इस विशेष खेप में किसी जहरीले रसायन या मेथनॉल की मौजूदगी की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस खेप को लेकर ऐसा कोई दावा करना उचित नहीं होगा।

    जांच पुंडलिक घुले के जिम्मे

    अपराध की आगे की जांच ठाणे-1 के अधीक्षक प्रविण तांबे के मार्गदर्शन में दुय्यम निरीक्षक पुंडलिक घुले कर रहे हैं। जांच के दौरान जब्त शराब की आपूर्ति, उसके स्रोत, संभावित गंतव्य और इस ट्रांसपोर्ट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है।

    फिलहाल इस कार्रवाई में 600 बॉक्स नकली देशी शराब, ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल दस पहिया ट्रक और एक गिरफ्तार आरोपी मुख्य कार्रवाई का हिस्सा हैं। मामले की आगे की जांच के बाद ही इस खेप के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • किराए के मकान में चल रहा था देह व्यापार, नाबालिग सहित 4 महिलाएं मुक्त, 2 गिरफ्तार

    किराए के मकान में चल रहा था देह व्यापार, नाबालिग सहित 4 महिलाएं मुक्त, 2 गिरफ्तार

    किराए के मकान में कथित देह व्यापार का खुलासा, नाबालिग समेत चार महिलाएं मुक्त। प्रियंका केंद्रे और गोविंद केंद्रे गिरफ्तार, जांच जारी।

    महाराष्ट्र: मराठवाड़ा के लातूर से किराए के मकान में कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद मानव तस्करी विरोधी इकाई ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग समेत चार महिलाओं को देहव्यापार के दलदल से मुक्त कराया है। मामले में प्रियंका बालासाहेब केंद्रे और गोविंद हनुमान केंद्रे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, किराए के मकान का इस्तेमाल महिलाओं को बुलाकर ग्राहकों के लिए कथित देह व्यापार कराने में किया जा रहा था।

    मामले में एफआईआर क्रमांक 678/2026 दर्ज की गई है। पुलिस कार्रवाई 30 सितंबर 2026 को की गई थी। जांच में सामने आया है कि मुक्त कराई गई चार महिलाओं में एक 17 साल 9 महीने की नाबालिग लड़की भी शामिल है।

    किराए के मकान में चल रहा था कथित धंधा

    पुलिस के अनुसार, प्रियंका बालासाहेब केंद्रे ने मकान किराए पर लिया था। आरोप है कि वहां महिलाओं और लड़कियों को बुलाया जाता था और ग्राहकों को लाकर देह व्यापार कराया जाता था। गोविंद हनुमान केंद्रे पर इस गतिविधि में सहयोग करने का आरोप है। दोनों को मामले में गिरफ्तार किया गया है।

    मानव तस्करी विरोधी इकाई को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने परिसर में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार महिलाएं मिलीं, जिन्हें वहां से मुक्त कराया गया। इनमें नाबालिग लड़की भी शामिल थी।

    नकद, मोबाइल और कंडोम के पैकेट जब्त

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2,000 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और कंडोम के पैकेट समेत करीब 7,000 रुपये का सामान जब्त किया है।

    एफआईआर में मानव तस्करी और पॉक्सो की धाराएं

    मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 143, 144 और 3(5), पॉक्सो अधिनियम की धारा 16, 17 और 18 तथा अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 6 के तहत कार्रवाई दर्ज की गई है।

    भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 मानव तस्करी से संबंधित है, जबकि धारा 144 तस्करी किए गए व्यक्ति के शोषण से संबंधित प्रावधान है। पॉक्सो की धारा 16 उकसावे या सहायता, धारा 17 उसकी सजा और धारा 18 अपराध के प्रयास से संबंधित है।

    हालांकि, एफआईआर में दर्ज धाराएं आरोपों और जांच की कानूनी दिशा बताती हैं। इससे आरोप अदालत में सिद्ध हो जाना नहीं माना जा सकता।

    नाबालिग के मामले में विशेष कार्रवाई

    नाबालिग लड़की मिलने के बाद उसके मामले में पॉक्सो और किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई की गई है। उसकी पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    मामले में किशोर न्याय अधिनियम की धारा 78 भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस धारा की कानूनी व्याख्या अलग से करने के बजाय यहां एफआईआर में दर्ज प्रावधान के रूप में ही इसे देखा जाना उचित है, क्योंकि वास्तविक आरोपों और परिस्थितियों का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

    पुलिस खंगाल रही महिलाओं को वहां लाने का तरीका

    कार्रवाई के बाद जांच का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि महिलाओं को इस मकान तक कैसे लाया गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गतिविधि में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    किराए के मकान का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था, महिलाओं से संपर्क किस माध्यम से किया गया और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या थी, इन पहलुओं पर भी जांच आगे बढ़ सकती है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    इस साल लातूर में मानव तस्करी विरोधी इकाई इससे पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। जनवरी 2026 में आदर्श कॉलोनी के एक किराए के फ्लैट में कार्रवाई के दौरान चार महिलाओं को मुक्त कराया गया था। उस मामले में पुलिस ने सूचना की पुष्टि के लिए पहले बनावटी ग्राहक भेजने के बाद छापेमारी की थी।

    इससे पहले लातूर में लॉज और स्पा से जुड़े कथित देह व्यापार के मामलों में भी पुलिस कार्रवाई सामने आ चुकी है।

    आगे क्या होगा?

    मामले की जांच एमआईडीसी पुलिस निरीक्षक समाधान चौरे के नेतृत्व में की जा रही है। कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक डॉ. भागीरथी पवार के मार्गदर्शन में हुई, जबकि सहायक पुलिस निरीक्षक अजिनाथ पाटील और मानव तस्करी विरोधी इकाई की टीम ने छापेमारी में हिस्सा लिया।

    अब जांच में कथित नेटवर्क, महिलाओं को वहां लाने की प्रक्रिया, किराए के मकान के इस्तेमाल की अवधि और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका सामने आने का इंतजार है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज आरोपों पर आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।

  • Bigg Boss Fame Divya Shinde पर डॉक्टर से 5 लाख मांगने और मारपीट का आरोप, केस दर्ज

    Bigg Boss Fame Divya Shinde पर डॉक्टर से 5 लाख मांगने और मारपीट का आरोप, केस दर्ज

    Bigg Boss Fame दिव्या शिंदे समेत कई लोगों पर पुणे में 65 वर्षीय डॉक्टर से 5 लाख रुपये मांगने और घर में घुसकर मारपीट का आरोप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    पुणे: Bigg Boss मराठी फेम और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिव्या शिंदे समेत 8 से 10 लोगों के खिलाफ 65 वर्षीय सेवानिवृत्त डॉक्टर विद्याधर गायकवाड़ के घर में घुसकर मारपीट करने और 5 लाख रुपये मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। काळेपडळ पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज भी हासिल की है।

    यह मामला सिर्फ 24 सितंबर की रात हुए कथित हमले तक सीमित नहीं है। शिकायत के अनुसार, अगस्त से शुरू हुआ 5 लाख रुपये का विवाद 17 सितंबर को डॉक्टर के घर तक पहुंचा, 23 सितंबर को कथित धमकी दी गई और इसके अगले दिन डॉक्टर के घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया गया।

    5 लाख रुपये की मांग को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?

    डॉ. विद्याधर गायकवाड़ वर्ष 2021 में पुणे कैंटोनमेंट अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह करुणादीप फाउंडेशन के सदस्य हैं। इसी संस्था की ओर से 1 से 3 सितंबर तक बालगंधर्व रंगमंदिर में ‘कला आविष्कार महोत्सव’ आयोजित किया गया था।

    शिकायत में आरोप है कि दिव्या शिंदे को इस कार्यक्रम के लिए संस्था या डॉ. गायकवाड़ की ओर से कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बावजूद कार्यक्रम में शामिल होने और उसकी प्रसिद्धि में योगदान देने का दावा करते हुए अगस्त से 5 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है।

    इस विवाद में करीब 50 हजार रुपये गूगल पे के जरिए दिए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद भी कथित तौर पर पूरी रकम की मांग जारी रही।

    17 सितंबर को डॉक्टर के घर पहुंचने का आरोप

    शिकायत के मुताबिक, 17 सितंबर को दिव्या शिंदे, अन्ना ढमढेरे और कुछ अन्य लोग डॉ. गायकवाड़ के मोहम्मदवाड़ी स्थित घर पहुंचे। उस समय डॉक्टर घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि उनके परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की गई और दबाव बनाया गया।

    डॉ. गायकवाड़ ने पुलिस शिकायत में कहा है कि कार्यक्रम संस्था ने आयोजित किया था और वह केवल उसके सदस्य थे। उनके अनुसार कार्यक्रम के वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी उनके पास नहीं थी।

    23 सितंबर को होटल में बुलाकर धमकी का आरोप

    शिकायत के अनुसार, 23 सितंबर को अन्ना ढमढेरे ने डॉ. गायकवाड़ को फोन कर एक होटल में बुलाया। वहां कथित तौर पर फिर 5 लाख रुपये की मांग की गई।

    आरोप है कि रकम नहीं देने पर दो दिन के भीतर घर पर लोगों को भेजकर मारपीट करने की धमकी दी गई। इसके अगले ही दिन 24 सितंबर की रात डॉक्टर के घर पर हमला होने का आरोप है।

    24 सितंबर की रात घर में घुसकर मारपीट का आरोप

    शिकायत के मुताबिक, 24 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे डॉ. गायकवाड़ घर पर अकेले थे। आरोप है कि अन्ना ढमढेरे पहले वहां पहुंचे और दरवाजा खुलने के बाद दिव्या शिंदे समेत 8 से 10 लोग घर में दाखिल हुए।

    शिकायत में डॉक्टर के चेहरे, पेट और पीठ पर लात-घूंसों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा लकड़ी के डंडे, बेल्ट और लोहे के बर्तन से हमला करने तथा धारदार हथियार से सिर पर वार किए जाने की बात भी कही गई है। घर में सामान तोड़ने और डॉक्टर के परिवार को धमकाने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।

    पुलिस के मुताबिक, डॉ. गायकवाड़ को गंभीर चोटों के बाद ससून जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

    divya-shinde-pune-doctor-assault

    बेटे और पत्नी को भी धमकी देने का आरोप

    शिकायत में आरोप है कि हमलावरों ने डॉक्टर के बेटे को भी धमकी दी। परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है।

    आरोपियों पर घर में तोड़फोड़ करने और 5 लाख रुपये नहीं देने पर डॉक्टर की कार लेकर जाने का आरोप है। कार की बरामदगी को लेकर पुलिस जांच की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

    दिव्या शिंदे और अन्य पर कौन-कौन से आरोप?

    काळेपडळ पुलिस ने दिव्या शिंदे, अन्ना ढमढेरे समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें हत्या के प्रयास, चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी, जबरन वसूली और घर में घुसकर हिंसा से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

    मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक अमित शेटे कर रहे हैं। पुलिस ने उस इमारत की सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली है, जहां कथित हमला हुआ था। अब जांच में फुटेज, डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

    कौन हैं दिव्या शिंदे?

    दिव्या शिंदे ‘बिग बॉस मराठी सीजन 6’ में नजर आई थीं। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘सरकार’ नाम से भी जाना जाता है और उनकी एक मिलियन से अधिक सोशल मीडिया फॉलोइंग होने की जानकारी सामने आई है। फरवरी 2026 में बिग बॉस मराठी से उन्हें बाहर किया गया था। उस समय भी साथी प्रतियोगियों को कथित धमकी देने से जुड़ा विवाद सामने आया था।

    अब पुलिस जांच में क्या महत्वपूर्ण होगा?

    फिलहाल मामले में सबसे अहम सवाल सीसीटीवी फुटेज, डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट, कथित 50 हजार रुपये के भुगतान, फोन और संदेशों के रिकॉर्ड तथा डॉक्टर की कार से जुड़े घटनाक्रम की जांच है।

    साथ ही दिव्या शिंदे, अन्ना ढमढेरे और अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच का हिस्सा होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है; आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

  • Crime & Corruption Control Association की सूचना पर चालीसगांव में वन मजदूर के घर से काला हिरण जब्त

    Crime & Corruption Control Association की सूचना पर चालीसगांव में वन मजदूर के घर से काला हिरण जब्त

    Schedule-I में शामिल संरक्षित काला हिरण खेत के घर में बंधा मिला; वरिष्ठ वन अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई

    महाराष्ट्र/चालीसगांव: गौताला अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीव से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। Crime & Corruption Control Association (CCCA) को मिली गुप्त जानकारी के बाद वरिष्ठ वन अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद बनाई गई विशेष टीम ने कार्रवाई कर एक खेत स्थित घर से जिंदा नर काला हिरण बरामद किया। वन विभाग के मुताबिक, काला हिरण करीब दो साल का है।

    CCCA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी मिली थी कि शिवापुर निवासी और वन विभाग में वनमजदूर के तौर पर काम करने वाले सुभाष शिवाजी कुऱ्हाडे के खेत स्थित घर में काला हिरण बांधकर रखा गया था। जानकारी मिलते ही इसे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाया गया।

    chalisgaon-blackbuck-seized-forest-worker-hous

    इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम ने संबंधित घर पर कार्रवाई हुई। टीम को वहां काला हिरण जिंदा और बंधा हुआ मिला। वन विभाग ने उसे अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। वन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये काला हिरण प्रजाति का 2 साल का नर है।

    Crime & Corruption Control Association ने दी थी गुप्त जानकारी

    इस मामले में CCCA की अहम भूमिका रही। संगठन के पदाधिकारियों को काला हिरण बांधकर रखे जाने की जानकारी मिली थी, जिसे उन्होंने सीधे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाया। इसके बाद वन विभाग ने विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की।

    CCCA का कहना है कि वन अपराधों से जुड़ी जानकारी मिलने पर संगठन उसे संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाता है और कार्रवाई में सहयोग करता है।

    वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला

    वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में Wild Life (Protection) Act, 1972 की धारा 9, 39(अ), 39(ब), 40(2) और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    chalisgaon-blackbuc

    काला हिरण यानी Blackbuck (Antilope cervicapra) Schedule-I में शामिल संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे वन्यजीव को अवैध तरीके से पकड़कर रखना या उसका कारोबार करना कानून के तहत अपराध है।

    काला हिरण कहां से आया, इसकी जांच जरूरी

    CCCA की ओर से मिली जानकारी में एक अन्य वन कर्मचारी की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। संगठन का दावा है कि संबंधित कर्मचारी ने काला हिरण खेत के घर में रखने के लिए कहा था और उसकी संभावित बिक्री की तैयारी की जा रही थी।

    हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच होना बाकी है। जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि काला हिरण कहां से आया, उसे किसने पकड़ा, यहां तक कैसे पहुंचा और क्या उसे बेचने की कोशिश की जा रही थी।

    15 दिनों में अंजन, चंदन और अब काला हिरण

    CCCA के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों में गौताला अभयारण्य क्षेत्र से जुड़े तीन गंभीर मामले सामने आए हैं। इनमें अंजन पेड़ों की कथित अवैध कटाई और तस्करी, चंदन तस्करी और अब जिंदा काला हिरण बरामदगी शामिल है।

    CCCA का कहना है कि इन मामलों को देखते हुए वन अपराधों की पूरी कड़ी की जांच की जरूरत है। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका को लेकर संदेह है, तो उसे जांच और सबूतों के आधार पर साफ किया जाना चाहिए।

    संभावित तस्करी रास्तों की भी जांच की मांग

    CCCA के अनुसार, जानकारी जुटाने के दौरान कुछ ऐसे रास्तों की जानकारी सामने आई है, जिनका इस्तेमाल वन्यजीव या वन्यजीवों से जुड़ी सामग्री की अवैध आवाजाही के लिए किए जाने का शक है। इनमें चालीसगांव–धुले–नवापुर–गुजरात, चालीसगांव–मालेगांव–मुंबई और चालीसगांव–छत्रपति संभाजीनगर–अहिल्यानगर–मुंबई मार्ग शामिल हैं।

    इन रास्तों से वास्तव में तस्करी हो रही है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    CCCA ने पूरी कड़ी की जांच की मांग की

    CCCA ने मांग की है कि जांच सिर्फ काला हिरण मिलने तक सीमित न रहे। काला हिरण कहां से आया, किसने उसे यहां पहुंचाया, संभावित खरीदार कौन था और इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जाए।

    CCCA ने कहा है कि भविष्य में भी वन्यजीव अपराधों से जुड़ी गोपनीय जानकारी मिलने पर उसे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाकर कार्रवाई में सहयोग किया जाएगा।

  • बोईसर में ₹70 हजार की चेन स्नैचिंग का खुलासा, नवी मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

    बोईसर में ₹70 हजार की चेन स्नैचिंग का खुलासा, नवी मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

    बोईसर में महिला से ₹70 हजार की सोने की चेन झपटने के मामले में आरोपी गिरफ्तार। चेन और वारदात में इस्तेमाल स्कूटर बरामद, जांच जारी।

    महाराष्ट्र/पालघर: बोईसर में महिला के गले से ₹70 हजार की सोने की चेन झपटकर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 18 जुलाई को हुई इस वारदात के करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने नवी मुंबई से आरोपी राहुल सुरेश जखवाडीया को पकड़ा। पुलिस के अनुसार उसके पास से कथित तौर पर चोरी की गई सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल स्कूटर बरामद की गई है।

    18 जुलाई की सुबह करीब 10:20 बजे डहाणू तालुका के पेठ इलाके में रहने वाली रोहिणी रोहिदास ठाकूर अपनी बहन आशा पंडित पाटील के साथ बोईसर के खैरापाड़ा स्थित इको ईडन सिटी परिसर के रास्ते पर ऑटो का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान लाल और काले रंग की स्कूटर पर आए एक अज्ञात व्यक्ति ने रोहिणी ठाकूर के गले से करीब ₹70 हजार कीमत की सोने की चेन कथित तौर पर जबरदस्ती खींच ली और फरार हो गया।

    घटना के बाद रोहिणी ठाकूर की शिकायत पर बोईसर पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वारदात को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण तथा गोपनीय जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

    जांच के दौरान पुलिस टीम नवी मुंबई तक पहुंची, जहां से राहुल सुरेश जखवाडीया को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने इस वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर चोरी की गई सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटर बरामद कर ली।

    इस मामले की जांच पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने और बोईसर पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव के नेतृत्व में सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील साळुंखे, पुलिस उपनिरीक्षक ऋषिकेश मुठे और कमलाकर मुंडे शामिल रहे।

    पुलिस टीम में पुलिस हवलदार विजय दुबळा, नीरज शुक्ला, सुनील मलावकर, योगेश गावित, गणेश वस्कोटी, मयूर पाटील, धीरज साळुंखे, देवेंद्र पाटील, मच्छिंद्र पाटील, शुभम सपकाळे, सचिन सोनवणे, रोहित पाटील और किरण वाघ के साथ साइबर शाखा के रामदास दुर्गेश्ट और मनोहर सांगवे ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    बोईसर में हाल में सामने आया एक और अलग मामला

    बोईसर में सोने के आभूषण से जुड़ा एक अलग मामला अगस्त में भी सामने आया था। आठवडा बाजार में एक 70 वर्षीय महिला के गले से करीब 28 ग्राम वजन की और लगभग ₹3 लाख कीमत की सोन्याची बोरमाळ चोरी होने के मामले में पुलिस ने रजाबाई मोहन हतागळे और रेणुका संजय हतागळे को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई थी।

    हालांकि, जुलाई की चेन स्नैचिंग और अगस्त के इस अलग चोरी के मामले के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं है। दोनों घटनाओं को अलग-अलग है।

    आगे की जांच जारी

    जुलाई की चेन स्नैचिंग के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और कथित चोरी के माल की बरामदगी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस की कार्रवाई में तकनीकी विश्लेषण और साइबर शाखा की भूमिका भी सामने आई है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक कमलाकर मुंडे कर रहे हैं।

  • Chakan Reel Stunt: चार SUVs से सड़क Block, Drone से शूट; Traffic Crisis के बीच Police Action

    Chakan Reel Stunt: चार SUVs से सड़क Block, Drone से शूट; Traffic Crisis के बीच Police Action

    चाकण MIDC में चार SUVs से सड़क रोककर Reel शूट करने के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार हुए। Drone, Traffic Block और Police Action के बीच पूरा मामला जानें।

    पुणे: चाकण MIDC इलाके में सोशल मीडिया Reel बनाने के लिए चार वाहनों से सड़क पर कथित खतरनाक स्टंट और Traffic Block करने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 3 सितंबर की शाम चार वाहनों को एक साथ सड़क पर चलाने, अचानक स्पीड कम करने और बीच सड़क पर रोककर वीडियो शूट करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान Camera के साथ Drone का भी इस्तेमाल किया गया, जबकि सभी चार वाहनों को जब्त किए जाने की बात कही गई है।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब चाकण के औद्योगिक क्षेत्र में पहले से ही Traffic Congestion कम करने के लिए प्रशासन अलग-अलग स्तर पर कदम उठा रहा है। 17 सितंबर को पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने चाकण में Traffic, सड़क, बढ़ते औद्योगिक वाहन आवागमन और अनधिकृत पार्किंग की समस्या के लिए विभिन्न विभागों को समन्वित Action Plan तैयार करने के निर्देश दिए। ऐसे में सार्वजनिक सड़क को Reel शूट के लिए रोकना इस पूरे Traffic Management challenge को और गंभीर बनाता है।

    चाकण MIDC में 3 सितंबर को क्या हुआ?

    पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर की शाम चाकण के Mahalunge MIDC क्षेत्र में Sant Tukaram Chowk से Mindewadi Road की दिशा में चार वाहन एक साथ चलाए गए। आरोप है कि वाहनों को एक-दूसरे के बेहद करीब और समानांतर चलाने के साथ कई बार तेज किया गया, धीमा किया गया और सड़क पर रोका गया।

    इसके बाद Vasuli गांव में Pack Time Company के सामने वाहनों को सड़क के बीच में रोककर वीडियो शूट किया गया। पीछे से आने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और Traffic Congestion की स्थिति बनी। वीडियो बनाने के लिए Camera और Drone का इस्तेमाल किया गया था।

    chakan-suv-reel-stunt-traffic-police-action
    पुलिस द्वारा जप्त गाड़ियों की तस्वीर

    पुलिस ने जिन चार लोगों को आरोपी बनाया है, उनके नाम Ram Hiraman Raut, Sahil Barku Jambhale, Aditya Kailas Nikhade और Pranav Malak Pachpute हैं। ये सभी Khed तहसील के Bhamboli और Vasuli क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं।

    कौन-कौन सी गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ?

    मामले में चार वाहनों की पहचान की गई है। इनमें Toyota Fortuner क्रमांक MH 14 NN 0005, सफेद Mahindra Scorpio क्रमांक MH 14 EC 1658, सफेद Maruti Suzuki Swift क्रमांक MH 14 HW 4708 और सफेद Hyundai Creta क्रमांक MH 14 LL 2520 शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार, इन वाहनों को इस तरह चलाया और रोका गया जिससे दूसरे वाहन सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ सके। बाद में इन्हें सड़क के बीच में पार्क किए जाने का भी आरोप है।

    किस धाराओं में मामला दर्ज हुआ?

    मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 285, 281, 223 और 3(5) तथा Motor Vehicles Act की धारा 184 और 122 के तहत कार्रवाई की गई है।

    इनमें सार्वजनिक रास्ते में खतरा या अवरोध पैदा करना, लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, सार्वजनिक अधिकारी के आदेश की अवहेलना और खतरनाक स्थिति में वाहन छोड़ने जैसे प्रावधान शामिल हैं। मामले का अंतिम कानूनी परिणाम जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

    जांच में Police Inspector Anil Devre की भूमिका अहम रही है। वहीं मामले की शुरुआती FIR में Police Constable Sampat Maruti Mule की शिकायत के आधार पर कार्रवाई दर्ज की गई है। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी Shweta Khedkar ने सार्वजनिक सड़क पर Traffic रोककर Reel बनाने को लेकर कार्रवाई की पुष्टि की।

    Drone को लेकर भी कार्रवाई का सवाल

    इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू Drone से वीडियो शूट करना भी है। पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को Pimpri-Chinchwad के Joint Commissioner of Police की ओर से Drone operations को लेकर जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद Drone का इस्तेमाल किया गया। इसलिए मामला केवल Traffic obstruction और dangerous driving तक सीमित नहीं है; जांच में Drone से जुड़े आदेश के उल्लंघन का पहलू भी शामिल है।

    फिलहाल इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, सड़क पर कई वाहनों को एक साथ रोकने और दूसरे motorists की आवाजाही प्रभावित करने से road safety का जोखिम जरूर पैदा हुआ।

    चाकण में पहले से Traffic का बड़ा दबाव

    चाकण MIDC कोई सामान्य सड़क क्षेत्र नहीं है। यह बड़ा औद्योगिक इलाका है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी, निजी वाहन, दोपहिया और commercial vehicles आते-जाते हैं। इसी कारण यहां Traffic Congestion कम करना प्रशासन के लिए अलग से चुनौती बना हुआ है।

    सितंबर की शुरुआत में जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने औद्योगिक इकाइयों के shift timings में अंतर रखने की व्यवस्था शुरू कराई। कुछ कंपनियों में staggered shifts के बाद peak hours में Traffic में कुछ राहत की जानकारी सामने आई। लेकिन 16 सितंबर तक औद्योगिक क्षेत्र के बाहर स्थित कई कंपनियों में इन बदलावों के सीमित implementation के कारण समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।

    17 सितंबर को भी चाकण के लिए सड़क सुधार, प्रमुख junctions पर Traffic management, heavy vehicles के लिए alternative routes, organised parking और आधुनिक technology के इस्तेमाल को लेकर नया coordinated Action Plan तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    यानी जिस क्षेत्र में Traffic flow सुधारने के लिए प्रशासन को अलग से manpower, road management, parking और technology-based उपायों पर काम करना पड़ रहा है, उसी क्षेत्र में सार्वजनिक सड़क को Reel शूट के लिए रोकने की घटना सामने आई है।

    Pune में इससे पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

    चाकण की घटना से कुछ दिन पहले 27 अगस्त को Pune-Bengaluru Highway के Bavdhan-Wakad stretch पर भी नए वाहन की Reel शूट करने के लिए Traffic प्रभावित करने का मामला सामने आया था। Sahyadri Mahindra showroom और Bhujbal Chowk के बीच वाहनों को रोककर शूट किए गए Video के बाद Bavdhan Police ने कार्रवाई की थी।

    इस मामले में Somnath Ashok Kedari, दो Fortuner के drivers और SC Photography के Soham Chavan सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। Somnath Ashok Kedari और Ajay Sambhaji Yadav को हिरासत में लिया गया था तथा दो Toyota Fortuner जब्त की गई थीं।

    इसके बाद 7 सितंबर को चाकण MIDC में एक अलग Fortuner को सड़क के बीच आड़े खड़ा कर Reel शूट करने का Video भी सामने आया। इस Video में दूसरे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती दिखाई दी थी। यह घटना चार वाहनों वाले 3 सितंबर के मामले से अलग थी।

    अब सवाल केवल एक Reel का नहीं

    पुणे और Pimpri-Chinchwad में कुछ ही दिनों के भीतर सार्वजनिक सड़कों पर Social Media Video बनाने के लिए वाहनों को रोकने या Traffic प्रभावित करने के कई मामले सामने आए हैं। 3 सितंबर के चाकण मामले में पुलिस कार्रवाई आगे बढ़ चुकी है, जबकि 7 सितंबर को सामने आए अलग Fortuner Video ने भी public road पर Reel shooting को लेकर सवाल खड़े किए थे।

    ऐसी घटनाओं में मुख्य सवाल यह है कि Social Media content तैयार करने के लिए public road का इस्तेमाल करते समय दूसरे motorists की सुरक्षा और Traffic movement को कितना प्रभावित किया गया। चाकण जैसे industrial corridor में थोड़े समय का road obstruction भी peak-hour traffic पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

    फिलहाल 3 सितंबर के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, चौथे आरोपी की तलाश और चारों वाहनों की जब्ती के बाद जांच जारी है। पुलिस की जांच में Video footage, वाहनों की भूमिका, road obstruction और Drone के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को आगे देखा जा रहा है।

  • Crime & Corruption Control Association और वन विभाग की कार्रवाई, अवैध पेड़ कटाई का खुलासा

    Crime & Corruption Control Association और वन विभाग की कार्रवाई, अवैध पेड़ कटाई का खुलासा

    Crime & Corruption Control Association और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 61 लकड़ी की बल्लियां जब्त हुईं। तीन आरोपियों को तीन दिन की वन हिरासत मिली।

    महाराष्ट्र/चालीसगांव : अवैध पेड़ कटाई और जंगल से लकड़ी निकालने के मामले में Crime & Corruption Control Association और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। कार्रवाई में सागौन और अंजन की कुल 61 लकड़ी की बल्लियां, एक ट्रैक्टर और ट्रॉली जब्त की गई। तीन आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की वन हिरासत मिली है।

    जानकारी के अनुसार, Crime & Corruption Control Association को संरक्षित वन क्षेत्र में जीवित पेड़ों की कथित अवैध कटाई की सूचना मिली थी। संगठन ने करीब पांच दिन तक जानकारी का सत्यापन और निगरानी करने के बाद वरिष्ठ वन अधिकारियों के साथ कार्रवाई की।

    पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोकुल आनंदा गोपाल, उम्र 40 वर्ष, अरविंद विजय जाधव, उम्र 20 वर्ष और निलेश एकनाथ राठोड, उम्र 25 वर्ष, सभी निवासी बोद्रा के रूप में हुई है।

    कार्रवाई में 4 सागौन और 57 अंजन की बल्लियां जब्त की गईं। इसके अलावा ट्रैक्टर MH 19 CV 4603 और ट्रॉली MH 19 E 2685 भी जब्त की गई है।

    हालांकि 61 बल्लियों का मतलब 61 कटे हुए पेड़ नहीं है। वास्तविक रूप से कितने जीवित पेड़ काटे गए, यह कटाई स्थल की जांच, पेड़ों के ठूंठ और जब्त लकड़ी के माप से स्पष्ट होगा।

    मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1)(f)(d), 41 और 42 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। लागू धाराओं की अंतिम स्थिति एफआईआर और आधिकारिक वन अपराध रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।

    जांच का अगला फोकस लकड़ी की पूरी कड़ी पर

    Crime & Corruption Control Association के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने जांच को केवल तीन आरोपियों तक सीमित नहीं रखने की मांग की है। संगठन के अनुसार, अभयारण्य से काटी गई लकड़ी को गन्ना कटाई मजदूरों के मुकादमों को बेचने की जानकारी मिली है। इसलिए कथित खरीदारों, लकड़ी की बिक्री, भुगतान और परिवहन की कड़ी की जांच की मांग की गई है।

    संगठन ने छह महीने के CDR और संबंधित मोबाइल संचार तथा WhatsApp बातचीत की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की मांग भी की है। साथ ही क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित भूमिका की जांच की बात कही गई है। फिलहाल किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं है।

    अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच पर भी जोर दिया गया है। संगठन का कहना है कि पिछले कुछ मामलों में अधूरे दस्तावेजों के कारण आरोपियों को कम अवधि की वन हिरासत के बाद जमानत मिल गई थी। इस मामले में जब्ती पंचनामा, लकड़ी का माप, कटाई स्थल, वाहन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।

    वन संरक्षण के लिहाज से मामला क्यों अहम

    गौताला-औट्रामघाट वन्यजीव अभयारण्य 260.61 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला संरक्षित वन क्षेत्र है। 2026 के अध्ययनों में यहां तेंदुए के आवास, वन क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बाघों की संभावित वापसी से जुड़े पहलुओं को महत्वपूर्ण बताया गया है।

    गौताला क्षेत्र में पहले भी बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई का मामला सामने आ चुका है। 2021 में पटनेदेवी क्षेत्र में जांच के दौरान 479 चंदन के पेड़ों की कटाई और 593 अन्य पेड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। उस मामले में तीन वन कर्मचारियों के निलंबन और विभागीय जांच का उल्लेख किया गया था।

    हालांकि पुराने मामले को मौजूदा कार्रवाई से जोड़ने का कोई स्वतंत्र आधार सामने नहीं आया है।

    अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जब्त लकड़ी वास्तव में कितने जीवित पेड़ों से आई, कटाई का सटीक स्थान क्या था और लकड़ी कहां ले जाई जा रही थी। यदि जांच खरीदारों, भुगतान, वाहन और मोबाइल संपर्कों तक पहुंचती है, तो इससे अवैध पेड़ कटाई की पूरी श्रृंखला सामने आ सकती है। Crime & Corruption Control Association ने आगे की जांच पर नजर रखने की बात कही है।

  • कल्याण में 40 लाख की दिनदहाड़े लूट, व्यापारी को गिराकर कैश बैग ले गए 4 बदमाश

    कल्याण में 40 लाख की दिनदहाड़े लूट, व्यापारी को गिराकर कैश बैग ले गए 4 बदमाश

    कल्याण के आगरा रोड पर व्यापारी से 40 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट हुई। चार आरोपी बाइक से आए, हमला कर कैश बैग ले गए। CCTV से जांच जारी।

    ठाणे: कल्याण के आगरा रोड पर मंगलवार को दिनदहाड़े करीब 40 लाख रुपये की नकदी लूटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बैंक में रकम जमा करने जा रहे 62 वर्षीय व्यापारी फारूख अख्तर को दो बाइकों पर आए चार आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने उनकी दोपहिया गाड़ी को लात मारकर गिराया, मारपीट की और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

    यह वारदात आगरा रोड स्थित शू मॉल के सामने हुई और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। घटना के बाद बाजारपेठ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है।

    बैंक में जमा करने जा रहे थे नकदी

    जानकारी के मुताबिक, फारूख अख्तर बिस्किट और सिगरेट का कारोबार करते हैं। वह अपने एक साथी के साथ वालधुनी इलाके से बैंक में नकदी जमा करने के लिए निकले थे। इसी दौरान आगरा रोड पर शू मॉल के सामने आरोपियों ने उनकी बाइक को निशाना बनाया।

    दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने व्यापारी की गाड़ी को लात मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए।

    अपराध में इस्तेमाल की गई दोनों बाइकों को Suzuki Burgman और Splendor बताया गया है। दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने की जानकारी भी सामने आई है।

    CCTV में कैद हुई वारदात

    लूट की पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। अब पुलिस इन फुटेज के जरिए आरोपियों के हुलिए, उनकी गतिविधियों और वारदात के बाद भागने के रास्ते की जानकारी जुटा रही है।

    जांच का एक अहम हिस्सा आसपास लगे दूसरे CCTV कैमरों की फुटेज को जोड़ना भी है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी वारदात के बाद किस दिशा में गए और क्या उन्होंने भागने के लिए पहले से कोई रास्ता तय किया था।

    क्या आरोपियों ने पहले से की थी रेकी?

    इस वारदात में सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपियों को व्यापारी के पास बड़ी मात्रा में नकदी होने की जानकारी कैसे मिली।

    फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि व्यापारी की पहले से रेकी की गई थी। हालांकि, बैंक में रकम जमा करने के लिए जाते समय व्यापारी को सीधे निशाना बनाए जाने के कारण पुलिस की जांच में यह पहलू महत्वपूर्ण हो सकता है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    चार पुलिस टीमें जांच में जुटीं

    वारदात की सूचना मिलते ही बाजारपेठ पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। आरोपियों की तलाश के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं। CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस की जांच में अब यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि बिना नंबर प्लेट वाली बाइकों का इस्तेमाल कहां से हुआ और आरोपी वारदात के बाद किस रास्ते से निकले।

    त्योहार से पहले बड़ी नकदी की लूट ने बढ़ाई चिंता

    कल्याण के व्यस्त आगरा रोड जैसे इलाके में दिनदहाड़े करीब 40 लाख रुपये की लूट ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर बड़ी रकम लेकर बैंक जाने वाले कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब गणेशोत्सव को देखते हुए कल्याण में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए रूट मार्च भी किया था। ऐसे में व्यस्त कारोबारी इलाके में हुई इस वारदात के बाद पुलिस की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लोगों की नजर रहेगी।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और रकम की बरामदगी का इंतजार

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी या करीब 40 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस CCTV और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    अब जांच में सबसे अहम सवाल यही हैं कि चारों आरोपी कौन हैं, उन्हें नकदी की जानकारी कैसे मिली, वारदात के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए और क्या पूरी रकम बरामद हो पाती है। पुलिस की अगली कार्रवाई से इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • नलदुर्ग किले में 3 बच्चों के साथ कूदी पहलवान अश्विनी, 3 की मौत; FIR में ससुराल पर गंभीर आरोप

    नलदुर्ग किले में 3 बच्चों के साथ कूदी पहलवान अश्विनी, 3 की मौत; FIR में ससुराल पर गंभीर आरोप

    नलदुर्ग किले में राष्ट्रीय पहलवान अश्विनी पौळ ने तीन बच्चों के साथ छलांग लगाई। अश्विनी समेत दो बच्चों की मौत, FIR में ससुराल पर गंभीर आरोप।

    मुंबई: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के नलदुर्ग किले में राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौळ ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ उपली बुर्ज से छलांग लगा दी। घटना में अश्विनी, उनके साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य और ढाई साल की बेटी क्रांति की मौत हो गई। दूसरी बेटी वीरा गंभीर रूप से घायल है और उसका धाराशिव के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक वह वेंटिलेटर पर है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    अश्विनी की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनके पिता ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    किले में प्रवेश के समय क्या हुआ था?

    पुलिस जांच से जुड़े ताजा विवरण के मुताबिक अश्विनी 3 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजकर 13 मिनट पर अपने तीनों बच्चों के साथ नलदुर्ग किले में दाखिल हुई थीं। प्रवेश रजिस्टर में उनकी एंट्री दर्ज होने की बात सामने आई है।

    ashwini-paul-naldurg-fort-death-fir
    किले की फाइल तस्वीर

    खबर के अनुसार, प्रवेश के समय उन्होंने पुरातत्व विभाग के कर्मचारी से कहा था कि उनके पति पीछे से आ रहे हैं। हालांकि, पति वास्तव में उनके पीछे किले में पहुंचे थे या नहीं, इसकी पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है।

    घटना के बाद पुलिस के सामने यह सवाल भी है कि किले में दाखिल होने के बाद अश्विनी और बच्चों के साथ क्या हुआ और बुर्ज तक पहुंचने के दौरान उनके साथ कौन मौजूद था।

    बच्चों के लिए केक और चॉकलेट भी लाई थीं

    जांच से जुड़े एक और विवरण ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। अश्विनी किले में केक और चॉकलेट लेकर पहुंची थीं। किले में खाने की चीजें ले जाने को लेकर कर्मचारियों ने आपत्ति की तो उन्होंने कथित तौर पर बच्चे का जन्मदिन होने की बात कही।

    बाद की जांच में यह जानकारी सामने आने का दावा किया गया कि उनके तीनों बच्चों में से किसी का जन्मदिन उस दिन नहीं था। हालांकि इस जानकारी का घटना से क्या संबंध है, यह अभी स्पष्ट नहीं है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।

    FIR में पति और ससुराल पर क्या आरोप?

    अश्विनी के पिता की शिकायत के बाद सामने आई जानकारी में पति मनोहर पौळ, सास कालिंदा पौळ, ससुर अंकुश पौळ और पति की आत्या विमलाबाई के खिलाफ मामला दर्ज होने की बात कही गई है।

    परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद अश्विनी को लगातार मानसिक और शारीरिक परेशानी दी जा रही थी। शिकायत में सोने की पाटली और ऑटो रिक्शा खरीदने के लिए पैसे लाने के दबाव जैसे आरोप भी बताए गए हैं। परिवार का दावा है कि इसी तरह के घरेलू तनाव के बीच अश्विनी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थीं।

    इन आरोपों पर पुलिस की जांच जारी है। लेकिन घटना के पीछे के कारणों का पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    राष्ट्रीय स्तर की पहलवान थीं अश्विनी

    अश्विनी पौळ की पहचान सिर्फ इस दर्दनाक घटना से नहीं थी। वह राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान थीं और कुश्ती जगत में उन्हें ‘महाराष्ट्राची वाघीण’ यानी महाराष्ट्र की वाघिन के नाम से जाना जाता था।

    उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीते थे। उनके परिवार का भी कुश्ती से जुड़ाव रहा है।

    खेल के साथ अश्विनी महाराष्ट्र सुरक्षा बल में भी काम कर चुकी थीं। उन्होंने करीब चार से पांच महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि उन्होंने पति के कहने पर नौकरी छोड़ी थी। इस दावे की भी जांच होनी बाकी है।

    नलदुर्ग किले की सुरक्षा भी सवालों में

    इस घटना के बाद सिर्फ पारिवारिक परिस्थितियों पर ही नहीं, बल्कि नलदुर्ग किले में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    नलदुर्ग महाराष्ट्र के प्रमुख ऐतिहासिक किलों में शामिल है। जिला प्रशासन के मुताबिक यह विशाल भुईकोट किला करीब ढाई किलोमीटर के घेरे में फैला है और इसमें उपली बुर्ज समेत कई बड़े बुर्ज हैं। उपली बुर्ज किले का सबसे ऊंचा हिस्सा बताया गया है।

    इससे पहले मई 2024 में भी नलदुर्ग किले के उपली बुर्ज से एक 22 वर्षीय नवविवाहिता निलोफर की गिरने से मौत हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह तस्वीर लेते समय तेज हवा के कारण संतुलन खो बैठी थीं।

    लगातार ऐसी घटनाओं के बाद अब यह सवाल अहम हो गया है कि किले के ऊंचे और जोखिम वाले हिस्सों में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी, चेतावनी और रोकथाम के इंतजाम हैं या नहीं।

    नलदुर्ग किले पर पहले से चल रहा है संरक्षण का काम

    नलदुर्ग सिर्फ पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर भी है। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अनुसार किले में उपली, परांडा और संग्राम जैसे प्रमुख बुर्ज, ऐतिहासिक दरवाजे और प्रसिद्ध पानी महल मौजूद हैं।

    फरवरी 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने नलदुर्ग किले के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए 10.38 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए कुल 14.38 करोड़ रुपये की योजना का भी उल्लेख किया गया था।

    अब ताजा घटना के बाद संरक्षण के साथ-साथ पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत का सवाल भी सामने आया है।

    पुलिस के सामने अब कई सवाल

    अश्विनी और उनके दो बच्चों की मौत के बाद पुलिस की जांच अब घटना के पूरे घटनाक्रम और उसके पीछे की परिस्थितियों पर केंद्रित है। प्रवेश रजिस्टर में दर्ज समय, पति के किले में आने की बात, परिवार की शिकायत और FIR में लगाए गए आरोपों को जांच में जोड़ा जा रहा है।

    फिलहाल एक बच्ची वीरा की हालत गंभीर है। वहीं अश्विनी और उनके दो बच्चों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों का घटना से कोई संबंध है या नहीं।