विरार में मानसिक रूप से बीमार बच्चे को तंत्र-मंत्र से ठीक करने का दावा कर एक महिला को कथित तौर पर अर्नाला के रिसॉर्ट में बुलाकर उसका शोषण किया गया। मामले में तांत्रिक और उसके सहयोगी की भूमिका की जांच जारी है।
मुंबई: पालघर जिले के विरार में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार बेटे को ठीक करने का भरोसा दिलाकर एक महिला का विश्वास जीता गया और बाद में उसे अर्नाला के एक रिसॉर्ट में बुलाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय कमलाकर राउत फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, जबकि जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय एक तांत्रिक का नाम भी सामने आया है।
बीमार बेटे को ठीक करने का दावा, फिर शुरू हुआ भरोसे का खेल
पीड़ित महिला का बेटा मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। परिवार लंबे समय से उसके इलाज के लिए अलग-अलग रास्ते तलाश रहा था। इसी दौरान महिला की मुलाकात अजय कमलाकर राउत से हुई।
आरोप है कि आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि विशेष पूजा, तंत्र-मंत्र और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए उसके बेटे को ठीक किया जा सकता है। धीरे-धीरे उसने महिला और उसके परिवार का विश्वास जीत लिया।
पुलिस के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला को अर्नाला स्थित एक रिसॉर्ट में बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर जबरन यौन संबंध बनाए गए।

वसई किले के तांत्रिक का नाम जांच में क्यों आया?
जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय तांत्रिक अजय राणा का नाम सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और तांत्रिक के बीच क्या संबंध थे और क्या पीड़िता को किसी धार्मिक अनुष्ठान या इलाज के बहाने उसके पास ले जाया जाना था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वसई किले के आसपास कई वर्षों से तंत्र-मंत्र और चमत्कारी इलाज के दावे करने वाले लोगों की गतिविधियों की चर्चा होती रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में तांत्रिक की भूमिका पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
पीड़िता की शिकायत पर अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 64(1), 69, 75 और 78 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन धाराओं में मुख्य रूप से महिला के साथ यौन अपराध, धोखे से संबंध बनाने, उत्पीड़न और महिला की गरिमा से जुड़े अपराध शामिल हैं।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
अजय कमलाकर राउत को पहले दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। बाद में वसई कोर्ट में पेश किए जाने पर अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
फिलहाल मामले की जांच अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मार्गदर्शन में चल रही है।
क्या इस मामले में आर्थिक धोखाधड़ी का भी एंगल है?
जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पीड़िता से तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ या विशेष अनुष्ठानों के नाम पर पैसे लिए गए थे।
इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरीके से किसी और महिला या परिवार को निशाना बनाया गया था।
हालांकि, आर्थिक धोखाधड़ी की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
महाराष्ट्र में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
महाराष्ट्र में अंधविश्वास और चमत्कारी इलाज के नाम पर महिलाओं के शोषण के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
नासिक के चर्चित अशोक खरात मामले में भी महिलाओं को चमत्कार और धार्मिक अनुष्ठानों का झांसा देकर कथित तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारी, मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे लोग अक्सर ऐसे लोगों के जाल में फंस जाते हैं।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल पंजीकृत डॉक्टरों से संपर्क करें।
- चमत्कारी इलाज और तंत्र-मंत्र के दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेले होटल या रिसॉर्ट में न जाएं।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- इलाज के नाम पर पैसे मांगने वालों की पूरी जांच करें।
Official Sources
FAQ
सवाल: मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय कमलाकर राउत है।
सवाल: घटना कहां हुई?
आरोप है कि महिला को अर्नाला के एक रिसॉर्ट में बुलाया गया था।
सवाल: मामले में किस तांत्रिक का नाम सामने आया है?
जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय तांत्रिक अजय राणा का नाम सामने आया है।
सवाल: आरोपी अभी कहां है?
अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

