Category: Maharashtra Crime

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  • पालघर में 19 वर्षीय युवती से गैंगरेप, 6 में से 3 गिरफ्तार,

    पालघर में 19 वर्षीय युवती से गैंगरेप, 6 में से 3 गिरफ्तार,

    पालघर के तलासारी में 19 वर्षीय युवती के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है। 6 आरोपियों पर केस, 3 गिरफ्तार और 3 की तलाश जारी है।

    महाराष्ट्र/पालघर: पालघर जिले के तलासारी तालुका में 19 वर्षीय युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस के मुताबिक, युवती को सड़क पर मदद करने के बहाने कथित तौर पर अपने साथ ले जाने के बाद एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसके साथ छह लोगों द्वारा सामूहिक बलात्कार किए जाने का आरोप है। मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी तीन की तलाश जारी है।

    गुजरात से लौटते समय हुआ हादसा

    पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, युवती 9 अगस्त को अपने boyfriend के साथ गुजरात के उमरगांव गई थी। दिनभर घूमने के बाद दोनों मोटरसाइकिल से वापस लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे तलासारी पुलिस थाना क्षेत्र में उनकी मोटरसाइकिल सड़क पर फिसल गई।

    इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवक कथित तौर पर मदद के लिए आगे आए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इसी स्थिति का फायदा उठाया। युवती को कथित तौर पर जबरन सड़क से दूर ले जाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद युवक ने विरोध करने की कोशिश की। उसे कथित तौर पर पीटा गया और वहां से भगा दिया गया।

    सुनसान जगह पर ले जाने का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, युवती को तलासारी के डाक बंगले के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया।

    मिली जानकारी के मुताबिक, युवती की शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पांच लोगों की कथित प्रत्यक्ष भूमिका सामने आने की बात कही गई है, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

    घटना के बाद युवती तलासारी पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। उसके साथ मौजूद युवक ने भी बाद में पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

    ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाकी तीन आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें काम कर रही हैं।

    पुलिस ने युवती का medical examination भी कराया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई गई है। मामले की जांच तलासारी पुलिस कर रही है और पुलिस अधिकारी घटनास्थल की भी जांच कर चुके हैं।

    पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बाकी तीन आरोपी

    तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का मुख्य फोकस बाकी तीन आरोपियों तक पहुंचने पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका क्या थी और घटना से पहले तथा बाद में उनकी गतिविधियां क्या थीं।

    जांच में आरोपियों के बयान, घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तकनीकी जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक जांच से जुड़े सभी सबूतों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

    छह आरोपियों के खिलाफ मामला, लेकिन दोष साबित होना बाकी

    इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और तीन की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कानूनी रूप से गिरफ्तार व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक आरोपी ही माना जाता है। मामले में आगे की जांच, आरोपपत्र और अदालत की कार्यवाही के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।

    महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    तलासारी की यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि सुनसान सड़कों और कम निगरानी वाले इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा कितनी प्रभावी है। इस मामले में कथित तौर पर सड़क पर हुई दुर्घटना के बाद मदद के लिए आगे आए लोगों पर ही युवती को निशाना बनाने का आरोप है।

    ऐसी घटनाओं का असर केवल पीड़िता तक सीमित नहीं रहता। इससे महिलाओं और उनके परिवारों में सार्वजनिक स्थानों, रात के समय यात्रा और सुनसान इलाकों को लेकर सुरक्षा की चिंता बढ़ सकती है। इसलिए घटना की जांच के साथ-साथ ऐसे संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग, निगरानी और त्वरित सहायता व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    अब आगे क्या होगा?

    फिलहाल पुलिस के सामने तीन मुख्य काम हैं—बाकी तीन आरोपियों को गिरफ्तार करना, सभी आरोपियों की कथित भूमिका स्पष्ट करना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाना।

  • Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ डायरेक्टर रेप केस में गिरफ्तार, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी

    Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ डायरेक्टर रेप केस में गिरफ्तार, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी

    Shakeel Noorani Arrested: ‘Joru Ka Ghulam’ के डायरेक्टर को 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत पर Malvani Police ने गिरफ्तार किया, 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी।

    मुंबई: बॉलीवुड फिल्ममेकर Shakeel Noorani को Malvani Police ने 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत से जुड़े कथित रेप और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय नूरानी को पुलिस ने Satara जिले के Medha इलाके में स्थित एक फार्महाउस से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई लाया गया, जहां मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    Shakeel Noorani ने ‘Bade Dil Wala’ (1999) और ‘Joru Ka Ghulam’ (2000) जैसी फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया है। मौजूदा मामला एक 33 वर्षीय अभिनेत्री की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि नूरानी ने फिल्म में काम देने और आगामी प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने उसे अपने Malvani स्थित घर बुलाया था।

    2016 में हुई थी पहली मुलाकात

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, अभिनेत्री की नूरानी से पहली मुलाकात 2016 में Lokhandwala में आयोजित एक Entertainment Award Function के दौरान हुई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि वहां नूरानी ने उससे आगामी फिल्म प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत की और काम के लिए संपर्क करने को कहा।

    शिकायत के अनुसार, बाद में अभिनेत्री कथित तौर पर स्क्रिप्ट पढ़ने और फिल्म से जुड़े काम पर चर्चा करने के लिए नूरानी के Malvani स्थित घर गई थी।

    अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि वहां उसे एक Drink दिया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई।

    बेहोशी के बाद वीडियो दिखाने और धमकी देने का आरोप

    शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसे होश आया तो नूरानी ने उसे अपने मोबाइल फोन पर एक कथित वीडियो दिखाया। अभिनेत्री का आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि यदि उसने पुलिस से संपर्क किया या अपने परिवार को इस बारे में बताया, तो वीडियो को प्रसारित कर दिया जाएगा।

    अभिनेत्री ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि बाद में इसी कथित वीडियो के जरिए उसे धमकाया गया और उसके साथ कई मौकों पर यौन संबंध बनाए गए।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित घटनाओं के बाद नूरानी ने उसे बार-बार गर्भनिरोधक गोलियां दीं।

    ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं और मामले की जांच अभी जारी है। आरोप अदालत में साबित होना अभी बाकी हैं।

    मामला 2016 से जुड़ा, 2026 में पुलिस तक पहुंची शिकायत

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री की नूरानी से मुलाकात 2016 में हुई थी और शिकायत में लगाए गए आरोप भी उसी दौर से जुड़े हैं। अभिनेत्री का आरोप है कि फिल्म में काम के सिलसिले में नूरानी के संपर्क में आने के बाद उसके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक घटनाएं हुईं और बाद में कथित वीडियो के जरिए उसे धमकाया गया।

    शिकायतकर्ता 2026 में इलाज के लिए आर्थिक मदद की तलाश में मुंबई आई थी। इसी दौरान उसने पुलिस से संपर्क किया और 2016 से जुड़े घटनाक्रम के बारे में अपनी शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद Malvani Police ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, आरोपी की मौजूदा लोकेशन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की। इसी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि Shakeel Noorani Satara के Medha इलाके में एक फार्महाउस पर मौजूद हैं, जिसके बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया।

    Satara के फार्महाउस से कैसे पकड़ा गया Noorani?

    जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि Shakeel Noorani Satara जिले के Medha इलाके में एक फार्महाउस पर ठहरे हुए हैं।

    इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाया गया। पुलिस टीम ने उन्हें Medha Police Station लाया। बाद में Malvani Police के अधिकारी Satara पहुंचे और उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद Noorani की Medha के Rural Hospital में मेडिकल जांच कराई गई और इसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, Malvani Police ने मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धाराओं 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत मामला दर्ज किया है।

    जांच में पुलिस कथित वीडियो, शिकायत में लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस को Noorani की कस्टडी क्यों चाहिए थी?

    पुलिस ने अदालत से आगे की जांच के लिए Noorani की कस्टडी मांगी।

    जांच के प्रमुख बिंदुओं में कथित वीडियो की बरामदगी और जांच, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल और यह पता लगाना शामिल है कि क्या कथित घटनाएं किसी अन्य स्थान पर भी हुई थीं।

    अदालत ने Noorani को 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    Noorani के वकील ने आरोपों को बताया गलत

    Noorani की ओर से पेश हुए अधिवक्ता Vikas Singh Goar ने अपने मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया है।

    बचाव पक्ष का कहना है कि अभिनेत्री द्वारा लगाए गए आरोप अभी अदालत के सामने साबित नहीं हुए हैं और जांच जारी है।

    कानून के तहत Shakeel Noorani तब तक निर्दोष माने जाएंगे, जब तक अदालत में उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो जाते।

    कौन हैं Shakeel Noorani?

    Shakeel Noorani हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े फिल्ममेकर हैं। उन्होंने 1999 में रिलीज हुई ‘Bade Dil Wala’ का निर्देशन किया था। फिल्म में Suniel Shetty और Priya Gill प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म के निर्देशक और लेखक के रूप में भी Shakeel Noorani का नाम दर्ज है।

    इसके अलावा वह 2000 में रिलीज हुई ‘Joru Ka Ghulam’ से भी जुड़े रहे हैं।

    नूरानी का नाम इससे पहले अभिनेता Sanjay Dutt से जुड़े एक अलग फिल्म विवाद में भी सामने आ चुका है। Bombay High Court के 2014 के एक फैसले में Shakeel Noorani और Sanjay Dutt के बीच फिल्म ‘Jaan Ki Baazi’ से जुड़े विवाद का उल्लेख है। यह मामला मौजूदा रेप केस से अलग है।

    अब आगे क्या होगा?

    फिलहाल Shakeel Noorani पुलिस कस्टडी में हैं और मलवानी पुलिस कथित वीडियो, शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

    12 अगस्त को पुलिस कस्टडी की अवधि समाप्त होने के बाद मामले में अगली कानूनी कार्रवाई पर अदालत का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

    मामले की जांच जारी है और अभिनेत्री द्वारा लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • मुंबई में ₹4 लाख की ठगी से खुला बड़ा राज, 22 म्यूल खातों का ₹7.42 करोड़ से लिंक

    मुंबई में ₹4 लाख की ठगी से खुला बड़ा राज, 22 म्यूल खातों का ₹7.42 करोड़ से लिंक

    मुंबई में ₹4 लाख के Telegram टास्क स्कैम की जांच से 22 म्यूल बैंक खाते सामने आए। इनका लिंक 42 साइबर फ्रॉड शिकायतों और ₹7.42 करोड़ से जुड़ा पाया गया है।

    मुंबई: मुंबई में सिर्फ ₹4 लाख की ऑनलाइन ठगी की जांच करते हुए खार पुलिस को एक बड़े साइबर नेटवर्क का पता चला है। जांच में 22 mule bank accounts सामने आए हैं, जिनका लिंक देशभर में दर्ज कम से कम 42 cyber fraud complaints से बताया जा रहा है। इन शिकायतों में कुल ₹7.42 crore से अधिक की रकम शामिल है।

    मामले की शुरुआत एक Telegram task scam से हुई थी, जिसमें एक महिला को ऑनलाइन पार्ट-टाइम काम और कमीशन का लालच दिया गया। शिकायत के अनुसार, महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹4.07 lakh जमा किए, लेकिन promised payment नहीं मिला। इसके बाद शुरू हुई जांच बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की कड़ियों से होते हुए पुलिस कथित बड़े नेटवर्क तक पहुंची।

    पुलिस की जांच में Avinash Kharat और Vikas Bhujbal की कथित भूमिका सामने आई है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों की गिरफ्तारी कर पुलिस जांच कर रही है।

    Telegram task scam से शुरू हुई कहानी

    खार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष कटे ने बताया कि, 6 फरवरी को एक एयरलाइन ग्राउंड स्टाफकर्मी से कथित तौर पर ‘Riya Sanvi’ नाम से संपर्क किया गया। उसे बताया गया कि वह बिना किसी जॉइनिंग फीस के पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम कर सकती है।

    महिला को Amazon के उत्पादों के स्क्रीनशॉट लेने और उन्हें भेजने जैसे छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क दिए गए। इन कामों के बदले कमीशन मिलने का भरोसा दिया गया। बाद में उसे एक Telegram group में जोड़ा गया और अधिक कमाई का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।

    शिकायत के मुताबिक, महिला ने कुल ₹4,07,764 यानी करीब ₹4.07 लाख जमा किए। जब उसे promised commission नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ और मामला खार पुलिस तक पहुंचा।

    यहीं से यह सामान्य ऑनलाइन ठगी का मामला एक बड़े Mumbai cyber fraud नेटवर्क की जांच में बदल गया।

    ₹4.07 लाख की शिकायत से 22 mule bank accounts तक पहुंची जांच

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक लेनदेन और तकनीकी जानकारी की जांच शुरू की। जांच में पैसे के ट्रेल को अलग-अलग बैंक खातों से जोड़कर देखा गया।

    जांच आगे बढ़ने पर पुणे के चाकण इलाके से जुड़े एक फ्लैट और बैंक खातों की जानकारी सामने आई। पुलिस को ऐसे खातों का नेटवर्क मिला, जिनका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया गया था।

    जांच में कुल 22 mule bank accounts का खुलासा

    इनमें:

    • 13 बैंक खाते — Avinash Kharat से जुड़े
    • 9 बैंक खाते — Vikas Bhujbal से जुड़े

    बताए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने नाम के साथ-साथ अन्य लोगों के नाम पर भी बैंक खाते खुलवाए और कथित तौर पर इन खातों को साइबर जालसाजों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया।

    हालांकि, इन खातों की पूरी भूमिका और कथित नेटवर्क में आरोपियों की वास्तविक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    22 खातों का 42 cyber fraud complaints से लिंक

    जांच का सबसे बड़ा खुलासा तब सामने आया जब इन बैंक खातों का संबंध देशभर में दर्ज कम से कम 42 cyber fraud complaints से मिलने की बात सामने आई।

    इन शिकायतों में बताई गई कुल रकम ₹7,42,28,409, यानी करीब ₹7.42 crore, बताई गई है।

    यह रकम अलग-अलग शिकायतों में रिपोर्ट की गई कुल राशि है। इसे अदालत द्वारा अंतिम रूप से साबित हुई धोखाधड़ी की रकम के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि मामले की जांच अभी जारी है।

    यानी एक तरफ शुरुआत सिर्फ करीब ₹4.07 lakh की शिकायत से हुई थी, जबकि बैंक खातों की जांच ने करीब ₹7.42 crore की कथित साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कड़ियां सामने ला दीं।

    क्या होता है mule bank account?

    साइबर अपराध की भाषा में mule bank account ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है जिसका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क के लिए पैसे प्राप्त करने या आगे ट्रांसफर करने में किया जाता है।

    ऑनलाइन फ्रॉड में ठगी की रकम को सीधे मुख्य जालसाज के खाते में भेजने के बजाय कई बार ऐसे खातों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जा सकता है और उसके वास्तविक स्रोत तथा अंतिम लाभार्थी तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए अधिक मुश्किल हो सकता है।

    इस मामले में पुलिस का आरोप है कि सामने आए बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन के लिए किया गया। जांच में अब इन खातों के पूरे financial trail को खंगाला जा रहा है।

    1930 हेल्पलाइन और साइबर डेटा से मिली अहम कड़ियां

    पुलिस ने जांच के दौरान बैंकिंग लेनदेन के साथ तकनीकी विश्लेषण का भी इस्तेमाल किया। खबर के अनुसार, 1930 cyber crime helpline और साइबर अपराध से जुड़े समन्वय तंत्र से प्राप्त जानकारी ने अलग-अलग शिकायतों और बैंक खातों के बीच संबंध तलाशने में मदद की।

    इसी जांच के दौरान Avinash Kharat और Vikas Bhujbal की कथित भूमिका सामने आई।

    अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल कौन कर रहा था, रकम किस तरह आगे भेजी जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

    FIR में BNS और IT Act की धाराएं

    मामले में Crime Register No. 183/2026 के तहत दर्ज FIR के अनुसार, मामले में:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)
    • Information Technology Act की धारा 66(c)
    • Information Technology Act की धारा 66(d)

    लगाई गई हैं।

    ये धाराएं मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर FIR का हिस्सा हैं। FIR में दर्ज आरोपों को अदालत द्वारा सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।

    जांच की निगरानी और पुलिस टीम

    मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की जांच खार पुलिस की टीम कर रही है। जांच में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक Santosh Kate, पुलिस निरीक्षक Dipali Marale, पुलिस उपनिरीक्षक Vijay Said, पुलिस उपनिरीक्षक Govind Bedke समेत पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही।

    मामले की निगरानी DCP Mohit Garg और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक Santosh Kate के स्तर पर की गई।

    अब आगे क्या जांच करेगी पुलिस?

    जांच का अगला फोकस इन 22 बैंक खातों के पूरे transaction trail पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • खातों में रकम किन साइबर फ्रॉड मामलों से पहुंची;
    • रकम आगे किन खातों में ट्रांसफर की गई;
    • इन खातों का वास्तविक संचालन कौन करता था;
    • नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं;
    • 42 शिकायतों के पीछे एक ही नेटवर्क था या अलग-अलग साइबर अपराधियों के बीच इन खातों का इस्तेमाल हुआ।

    इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

    ₹4 लाख की शिकायत ने खोला ₹7.42 करोड़ का रास्ता

    इस मामले की सबसे अहम बात यही है कि जांच की शुरुआत करीब ₹4.07 lakh के Telegram task scam से हुई थी। लेकिन एक शिकायत से शुरू हुई बैंकिंग और डिजिटल ट्रेल की जांच ने 22 mule bank accounts तक पहुंच बनाई, जिनका लिंक 42 cyber fraud complaints से बताया जा रहा है।

    इन शिकायतों में कुल रकम करीब ₹7.42 crore है।

    अब पुलिस इस कथित नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों, बैंक खातों के इस्तेमाल और पैसों के पूरे रास्ते की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 22 खातों का इस्तेमाल किस स्तर तक और कितने साइबर अपराधों में किया गया है।

  • मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    एमएचबी पुलिस ने छह सेंधमारी की वारदातों का खुलासा करते हुए 26 वर्षीय आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी से ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद हुआ।

    मुंबई: मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की छह वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी कुलजीत सिंह उर्फ सनी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से सोने के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच समेत कुल ₹45 लाख 26 हजार 690 रुपये का मुद्देमाल बरामद किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपियों की तलाश और मामलों के खुलासे के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपराध प्रकटीकरण टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और वारदात के तरीके का विश्लेषण करते हुए जांच शुरू की।

    सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग

    जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के तरीके और आरोपी की गतिविधियों की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया।

    जांच में आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मुंबई के अलावा नवी मुंबई, तुर्भे, वाशी और कोपरखैरणे इलाके में उसकी तलाश शुरू की।

    पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई से बाहर निकल गया है। इसके बाद उसकी संभावित आवाजाही और ठिकानों पर नजर रखी गई।

    राजस्थान जाने की खबर, गुजरात में पुलिस ने पकड़ा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी राजस्थान के जयपुर की ओर जा रहा है। जांच के दौरान उसके गुजरात की तरफ जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने गुजरात पुलिस की मदद से उसकी तलाश तेज की।

    आखिरकार आरोपी को नियोल चेक पोस्ट के पास पकड़ा गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलजीत सिंह उर्फ सनी, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है।

    ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद

    पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामदगी में शामिल है:

    • 329.33 ग्राम सोने के आभूषण — कीमत ₹44,12,620
    • नकद रकम — ₹70,070
    • मोबाइल फोन — ₹24,000
    • स्मार्ट वॉच — ₹20,000

    इन सभी की कुल कीमत ₹45,26,690 बताई गई है।

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    गिरफ्तार आरोपी के साथ एमएचबी पुलिस की तस्वीर

    छह सेंधमारी के मामलों का खुलासा

    पुलिस के अनुसार आरोपी से हुई पूछताछ और जांच के आधार पर एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज छह मामलों से उसका संबंध सामने आया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निम्न मामलों का उल्लेख किया:

    1. गु.र.क्र. 758/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    2. गु.र.क्र. 590/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    3. गु.र.क्र. 582/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    4. गु.र.क्र. 369/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    5. गु.र.क्र. 350/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    6. लक्ष्मीनारायण परिसर से संबंधित क्रमांक 302 का मामला।

    पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के खिलाफ दादर, माहिम, कांदिवली, आरसीएफ, धारावी, भायखला, खेरवाड़ी और मानपाडा समेत अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में भी सेंधमारी के मामले दर्ज होने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।

    पुलिस टीम की कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने की अपराध प्रकटीकरण टीम ने की। प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त संदीप पुणे, सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर हुंबे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।

    वहीं, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे (अपराध) के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने के अपराध प्रकटीकरण अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक वत्रे तथा पुलिसकर्मी साळुंखे, ढामळे, पवार, मस्के और घाडगे ने तकनीकी जांच और मैदानी स्तर पर जानकारी जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी के मुंबई से बाहर निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश करते हुए गुजरात पहुंची और नियोल चेक पोस्ट के पास उसे गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पूरी अपराध प्रकटीकरण टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • थाईलैंड से मुंबई तक: ऐसे चलता था 1.36 करोड़ का ड्रग्स नेटवर्क

    थाईलैंड से मुंबई तक: ऐसे चलता था 1.36 करोड़ का ड्रग्स नेटवर्क

    नवी मुंबई पुलिस ने थाईलैंड से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जानिए कैसे तुर्भे, चेंबूर, घाटकोपर और डोंबिवली तक फैला था 1.36 करोड़ रुपये का यह रैकेट।

    महाराष्ट्र: नवी मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार थाईलैंड से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 1.36 करोड़ रुपये कीमत का हाइड्रो गांजा, कोकीन और अन्य सामान बरामद किया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल नवी मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि घाटकोपर, चेंबूर, डोंबिवली, मीरा रोड और तुर्भे तक फैला हुआ था।

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    पहली गिरफ्तारी की तस्वीर

    कैसे खुला पूरे नेटवर्क का राज?

    पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 10 जुलाई को हुई, जब नवी मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल को सूचना मिली कि तुर्भे के होटल Monday में ठहरे दो युवक ड्रग्स सप्लाई से जुड़े हैं। इसके बाद पुलिस ने होटल पर छापा मारकर तलोजा निवासी अब्दुल रऊफ खान और वाशी निवासी मिथुन मानकुरे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 648.5 ग्राम हाइड्रो गांजा और पांच ग्राम कोकीन बरामद की गई।

    पूछताछ के दौरान पुलिस को मीरा रोड निवासी अयान राजकोटवाला का नाम मिला। अयान की गिरफ्तारी के बाद जांच चेंबूर तक पहुंची, जहां से गौरव चिंदारकर को पकड़ा गया। यहीं से पुलिस को पहली बार थाईलैंड कनेक्शन का पता चला।

    थाईलैंड से मुंबई तक कैसे पहुंचता था ड्रग्स?

    पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी वृषांग भनुशाली है, जो फिलहाल थाईलैंड में रह रहा है। जांच में सामने आया है कि वह वहीं से हाइड्रो गांजा भारत भेजता था। भारत में उसके दो कथित सहयोगी—घाटकोपर निवासी नीरज शाह और डोंबिवली निवासी सुरेश भनुशाली—ड्रग्स की सप्लाई संभालते थे।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, सप्लाई चेन कुछ इस तरह काम करती थी—

    थाईलैंड → घाटकोपर → डोंबिवली → चेंबूर → मीरा रोड → तुर्भे

    पुलिस का मानना है कि नेटवर्क छोटे-छोटे पैकेटों के जरिए सप्लाई करता था, ताकि किसी एक जगह बड़ी खेप पकड़े जाने का खतरा कम रहे।

    किन-किन जगहों से क्या बरामद हुआ?

    जांच के दौरान अलग-अलग इलाकों से बरामदगी हुई।

    • तुर्भे: 648.5 ग्राम हाइड्रो गांजा और 5 ग्राम कोकीन
    • मीरा रोड: 203 ग्राम हाइड्रो गांजा
    • डोंबिवली: 451.5 ग्राम हाइड्रो गांजा
    • घाटकोपर: 4.3 ग्राम हाइड्रो गांजा
    • 12 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    पढ़े-लिखे युवा क्राइम में शामिल

    इस मामले का एक चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ पढ़े-लिखे युवा भी शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और डिजिटल पेमेंट के जरिए यह नेटवर्क चलाया जा रहा था? फिलहाल जब्त किए गए मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    अब पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल

    इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं।

    • ड्रग्स भारत में किस रास्ते से पहुंचा?
    • क्या एयर कार्गो या कुरियर नेटवर्क का इस्तेमाल हुआ?
    • थाईलैंड में बैठा मास्टरमाइंड किन लोगों के संपर्क में था?
    • क्या मुंबई के दूसरे इलाकों में भी सप्लाई हो रही थी?
    • क्या इस नेटवर्क में और लोग शामिल हैं?

    नवी मुंबई पुलिस ने मुख्य आरोपी वृषांग भनुशाली के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    5. Official Sources

    1. नवी मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) (क्राइम ब्रांच के अंतर्गत) नवी मुंबई क्राइम ब्रांच (ANC यूनिट)
    2. तुर्भे पुलिस स्टेशन तुर्भे पुलिस स्टेशन
    3. नवी मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच नवी मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच
    4. नवी मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट नवी मुंबई पुलिस होमपेज

    FAQ

    क्या इस मामले का मुख्य आरोपी पकड़ा गया है?

    नहीं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी वृषांग भनुशाली अभी थाईलैंड में है और उसकी तलाश जारी है।

    कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?

    अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    कितने रुपये का ड्रग्स बरामद हुआ है?

    करीब 1.36 करोड़ रुपये कीमत का हाइड्रो गांजा और कोकीन बरामद की गई है।

    क्या जांच अभी भी जारी है?

    हां, पुलिस अभी सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।

  • विरार में तंत्र-मंत्र का जाल: बीमार बेटे को ठीक करने का वादा, मां को रिसॉर्ट बुलाकर शोषण का आरोप

    विरार में तंत्र-मंत्र का जाल: बीमार बेटे को ठीक करने का वादा, मां को रिसॉर्ट बुलाकर शोषण का आरोप

    विरार में मानसिक रूप से बीमार बच्चे को तंत्र-मंत्र से ठीक करने का दावा कर एक महिला को कथित तौर पर अर्नाला के रिसॉर्ट में बुलाकर उसका शोषण किया गया। मामले में तांत्रिक और उसके सहयोगी की भूमिका की जांच जारी है।

    मुंबई: पालघर जिले के विरार में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर कथित शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार बेटे को ठीक करने का भरोसा दिलाकर एक महिला का विश्वास जीता गया और बाद में उसे अर्नाला के एक रिसॉर्ट में बुलाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय कमलाकर राउत फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, जबकि जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय एक तांत्रिक का नाम भी सामने आया है।

    बीमार बेटे को ठीक करने का दावा, फिर शुरू हुआ भरोसे का खेल

    पीड़ित महिला का बेटा मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। परिवार लंबे समय से उसके इलाज के लिए अलग-अलग रास्ते तलाश रहा था। इसी दौरान महिला की मुलाकात अजय कमलाकर राउत से हुई।

    आरोप है कि आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि विशेष पूजा, तंत्र-मंत्र और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए उसके बेटे को ठीक किया जा सकता है। धीरे-धीरे उसने महिला और उसके परिवार का विश्वास जीत लिया।

    पुलिस के मुताबिक, इसी भरोसे का फायदा उठाकर महिला को अर्नाला स्थित एक रिसॉर्ट में बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर जबरन यौन संबंध बनाए गए।

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    अर्नाला पुलिस स्टेशन और गिरफ्तार आरोपी अजय कमलाकर राणा की तस्वीर

    वसई किले के तांत्रिक का नाम जांच में क्यों आया?

    जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय तांत्रिक अजय राणा का नाम सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और तांत्रिक के बीच क्या संबंध थे और क्या पीड़िता को किसी धार्मिक अनुष्ठान या इलाज के बहाने उसके पास ले जाया जाना था।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, वसई किले के आसपास कई वर्षों से तंत्र-मंत्र और चमत्कारी इलाज के दावे करने वाले लोगों की गतिविधियों की चर्चा होती रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में तांत्रिक की भूमिका पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।

    आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?

    पीड़िता की शिकायत पर अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 64(1), 69, 75 और 78 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    इन धाराओं में मुख्य रूप से महिला के साथ यौन अपराध, धोखे से संबंध बनाने, उत्पीड़न और महिला की गरिमा से जुड़े अपराध शामिल हैं।

    अदालत ने क्या फैसला सुनाया?

    अजय कमलाकर राउत को पहले दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। बाद में वसई कोर्ट में पेश किए जाने पर अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    फिलहाल मामले की जांच अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मार्गदर्शन में चल रही है।

    क्या इस मामले में आर्थिक धोखाधड़ी का भी एंगल है?

    जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पीड़िता से तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ या विशेष अनुष्ठानों के नाम पर पैसे लिए गए थे।

    इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरीके से किसी और महिला या परिवार को निशाना बनाया गया था।

    हालांकि, आर्थिक धोखाधड़ी की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    महाराष्ट्र में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    महाराष्ट्र में अंधविश्वास और चमत्कारी इलाज के नाम पर महिलाओं के शोषण के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।

    नासिक के चर्चित अशोक खरात मामले में भी महिलाओं को चमत्कार और धार्मिक अनुष्ठानों का झांसा देकर कथित तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगे थे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारी, मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों से जूझ रहे लोग अक्सर ऐसे लोगों के जाल में फंस जाते हैं।

    लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

    • किसी भी बीमारी के इलाज के लिए केवल पंजीकृत डॉक्टरों से संपर्क करें।
    • चमत्कारी इलाज और तंत्र-मंत्र के दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
    • किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेले होटल या रिसॉर्ट में न जाएं।
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
    • इलाज के नाम पर पैसे मांगने वालों की पूरी जांच करें।

    Official Sources

    FAQ

    सवाल: मुख्य आरोपी कौन है?

    पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अजय कमलाकर राउत है।

    सवाल: घटना कहां हुई?

    आरोप है कि महिला को अर्नाला के एक रिसॉर्ट में बुलाया गया था।

    सवाल: मामले में किस तांत्रिक का नाम सामने आया है?

    जांच के दौरान वसई किले के इलाके में सक्रिय तांत्रिक अजय राणा का नाम सामने आया है।

    सवाल: आरोपी अभी कहां है?

    अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

  • देश की बड़ी खबर: साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    देश की बड़ी खबर: साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने फर्जी APK फाइलें बनाकर साइबर ठगों को सप्लाई करने वाले कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 92 APK फाइलों से ₹63 करोड़ की ठगी हुई, जबकि 967 नई फाइलों से ₹1000 करोड़ तक की संभावित साइबर ठगी की आशंका थी।

    मुंबई: मुंबई पुलिस ने देशभर में फैले एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा करते हुए फर्जी APK फाइलें तैयार कर साइबर ठगों तक पहुंचाने वाले कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की बनाई गई APK फाइलों का इस्तेमाल कर अब तक करीब ₹63 करोड़ की साइबर ठगी की जा चुकी है। जांच के दौरान आरोपी के पास से 967 नई APK फाइलें भी बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि यदि इनका इस्तेमाल हो जाता, तो संभावित ठगी का आंकड़ा ₹1000 करोड़ तक पहुंच सकता था।

    मुंबई पुलिस की यह कार्रवाई डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज एक साइबर फ्रॉड मामले की जांच के दौरान सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

    कैसे खुला पूरे नेटवर्क का राज?

    इस मामले की शुरुआत दक्षिण मुंबई के एक व्यक्ति के साथ हुई साइबर ठगी से हुई। पीड़ित को महानगर गैस (MGL) का बिल भरने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक कर APK फाइल डाउनलोड करते ही उसके बैंक खाते से करीब ₹70 हजार निकाल लिए गए।

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    मामले की जांच करते-करते मुंबई पुलिस सीधे उस व्यक्ति तक पहुंची, जो साइबर अपराधियों के लिए फर्जी APK फाइलें तैयार करता था। इसी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।

    DCP राजसुधा आर. ने क्या बताया?

    मुंबई पुलिस की डीसीपी राजसुधा आर. के अनुसार गिरफ्तार आरोपी केवल फर्जी APK फाइलें ही नहीं बनाता था, बल्कि साइबर ठगों को संभावित शिकारों का डेटा भी उपलब्ध कराता था।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 37,200 लोगों का बैंकिंग और व्यक्तिगत डेटा भी बरामद किया है। इस डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन लोगों को निशाना बनाया गया।

    जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

    मुंबई पुलिस के अनुसार जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

    • 92 फर्जी APK फाइलें देशभर के साइबर अपराधियों को बेची गईं।
    • इनसे जुड़े मामलों में करीब ₹63 करोड़ की साइबर ठगी सामने आई।
    • देशभर से 2,993 शिकायतें दर्ज हुईं।
    • इनमें 512 शिकायतें महाराष्ट्र और मुंबई की हैं।
    • आरोपी के पास से 967 नई APK फाइलें बरामद हुईं, जिनके इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की आशंका जताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

    साइबर ठगों को ऐसे बेचता था APK फाइलें

    जांच के अनुसार आरोपी प्रत्येक APK फाइल ₹15,000 से ₹20,000 में बेचता था। इन फाइलों की वैधता लगभग 40 से 45 दिन होती थी। समय पूरा होने पर साइबर अपराधियों को नई APK फाइल खरीदनी पड़ती थी।

    पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था।

    कैसे काम करती हैं ये फर्जी APK फाइलें?

    साइबर अपराधी लोगों को गैस बिल, RTO चालान, KYC अपडेट, बिजली बिल, बैंक वेरिफिकेशन या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर लिंक भेजते थे।

    जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक से APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करता, उसके मोबाइल की कई महत्वपूर्ण अनुमतियां ठगों के हाथ में चली जाती थीं। इसके बाद बैंकिंग जानकारी, OTP और अन्य संवेदनशील डेटा का दुरुपयोग कर खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।

    कौन है गिरफ्तार आरोपी?

    मुंबई पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान एस.के. मंडल के रूप में हुई है। उसे पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। वह मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी ने साइंस से पढ़ाई की थी और सोशल मीडिया तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कोडिंग सीखी। इसके बाद उसने फर्जी APK फाइलें तैयार कर साइबर अपराधियों को बेचना शुरू कर दिया।

    अब आगे क्या होगा?

    मुंबई पुलिस अब उन साइबर अपराधियों की पहचान कर रही है जिन्होंने इस आरोपी से APK फाइलें खरीदी थीं। जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल, हार्ड डिस्क और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य राज्यों या अंतरराज्यीय गिरोहों के लिंक सामने आते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें। Android फोन में केवल Google Play Store जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही ऐप इंस्टॉल करें। गैस, बैंक, बिजली, KYC या सरकारी विभाग के नाम पर आए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से पुष्टि जरूर करें।

    Official Sources

    1. Mumbai Policehttps://mumbaipolice.gov.in/
    2. National Cyber Crime Reporting Portal (I4C)https://cybercrime.gov.in/
    3. Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), Ministry of Home Affairshttps://i4c.mha.gov.in/

    FAQ

    Q1. मुंबई पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया है?

    मुंबई पुलिस ने फर्जी APK फाइलें बनाकर साइबर अपराधियों को बेचने वाले कथित मास्टरमाइंड एस.के. मंडल को गिरफ्तार किया है।

    Q2. APK फ्रॉड क्या होता है?

    यह ऐसा साइबर फ्रॉड है जिसमें फर्जी Android ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल और बैंकिंग डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाई जाती है।

    Q3. अब तक कितनी साइबर ठगी सामने आई है?

    मुंबई पुलिस के अनुसार आरोपी की APK फाइलों से जुड़े मामलों में करीब ₹63 करोड़ की ठगी सामने आई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि बरामद 967 नई फाइलों का इस्तेमाल होता तो संभावित ठगी का आंकड़ा ₹1000 करोड़ तक पहुंच सकता था।

    Q4. इस तरह की ठगी से कैसे बचें?

    केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करें, किसी अनजान लिंक से APK फाइल इंस्टॉल न करें और बैंकिंग या KYC संबंधी संदेशों की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।

  • टाइगर मेमन की जब्त दुकान अब हुई नीलाम, आखिर सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

    टाइगर मेमन की जब्त दुकान अब हुई नीलाम, आखिर सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

    मुंबई के माहिम में टाइगर मेमन की जब्त दुकान अब SAFEMA कानून के तहत नीलाम कर दी गई है। जानिए सरकार ने यह कार्रवाई क्यों की, नीलामी में क्या हुआ और आगे क्या होगा।

    मुंबई: 1993 मुंबई बम धमाकों के मामले से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में माहिम स्थित टाइगर मेमन की जब्त दुकान की नीलामी कर दी गई है। यह कार्रवाई Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976 (SAFEMA) के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह उन जब्त संपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया का हिस्सा है जिन्हें कानूनी कार्रवाई के बाद सरकार ने अपने कब्जे में लिया था।

    आखिर कौन-सी दुकान हुई नीलाम?

    नीलाम की गई संपत्ति मुंबई के माहिम स्थित शीतला देवी मंदिर के पास करीब 52 वर्गमीटर की एक व्यावसायिक दुकान है। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, यहां से टाइगर मेमन कथित तौर पर अपनी कंपनी तिजारत इंटरनेशनल का संचालन करता था।

    रिकॉर्ड के मुताबिक, 1993 के दंगों के दौरान इस दुकान को नुकसान पहुंचा था। बाद में मुंबई बम धमाकों की जांच के दौरान इसे जब्त कर लिया गया।

    सरकार ने यह कार्रवाई अब क्यों की?

    अधिकारियों के अनुसार, यह नीलामी SAFEMA Act के तहत जब्त संपत्तियों के कानूनी निस्तारण की प्रक्रिया का हिस्सा है। सक्षम प्राधिकरण समय-समय पर ऐसी संपत्तियों की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीलामी करता है।

    इस कार्रवाई का उद्देश्य जब्त संपत्तियों का कानून के अनुसार निस्तारण करना है।

    नीलामी में क्या हुआ?

    आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुकान की रिजर्व कीमत ₹2.05 करोड़ तय की गई थी।

    नीलामी प्रक्रिया में केवल एक बोलीदाता शामिल हुआ। फिलहाल सफल बोली लगाने वाले की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगे की जानकारी जारी की जा सकती है।

    क्या सरकार के पास ऐसी और भी संपत्तियां हैं?

    अधिकारियों के अनुसार, 1993 मुंबई बम धमाकों से जुड़े मामलों में जब्त की गई कई अन्य संपत्तियां भी सरकारी नियंत्रण में हैं। इनमें मुंबई के विभिन्न इलाकों की व्यावसायिक और अचल संपत्तियां शामिल हैं।

    कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संपत्तियों के संबंध में भी आगे कार्रवाई की जा सकती है।

    1993 मुंबई बम धमाकों से क्या है संबंध?

    12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसियों ने टाइगर मेमन को इस मामले में वांछित आरोपी बताया था। वह लंबे समय से फरार थे।

    यह नीलामी उसी मामले में जब्त की गई संपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया का हिस्सा है।

    अब आगे क्या होगा?

    अधिकारियों के अनुसार, नीलामी की शेष कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अन्य जब्त संपत्तियों के मामलों में भी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से नीलामी की जा सकती है।

    Official Sources

    FAQ

    Q1. टाइगर मेमन की कौन-सी संपत्ति नीलाम हुई?

    मुंबई के माहिम स्थित करीब 52 वर्गमीटर की एक व्यावसायिक दुकान।

    Q2. नीलामी किस कानून के तहत हुई?

    Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976 (SAFEMA) के तहत।

    Q3. दुकान की रिजर्व कीमत कितनी थी?

    ₹2.05 करोड़।

    Q4. क्या अन्य जब्त संपत्तियों की भी नीलामी होगी?

    अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य संपत्तियों पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी।

  • मां ने 20 साल की बेटी की जान क्यों ले ली? उल्हासनगर में पुलिस जांच में सामने आई वजह

    मां ने 20 साल की बेटी की जान क्यों ले ली? उल्हासनगर में पुलिस जांच में सामने आई वजह

    मुंबई से सटे उल्हासनगर में 20 वर्षीय युवती की कथित तौर पर उसकी मां ने हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंध को लेकर हुए विवाद के बाद यह घटना हुई। जानिए जांच में अब तक क्या सामने आया।

    महाराष्ट्र/ठाणे: मुंबई से सटे उल्हासनगर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय युवती की कथित तौर पर उसकी मां ने स्कार्फ से गला घोंटकर हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवती के प्रेम संबंध को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    आखिर क्या हुआ था?

    पुलिस के मुताबिक, यह घटना भय्यासाहेब आंबेडकर नगर, उल्हासनगर की है। मृतका अमृता गरड (20) का अपने इलाके के एक युवक से प्रेम संबंध था। उसकी मां आशा गरड इस रिश्ते का विरोध करती थीं और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था।

    शनिवार देर रात दोनों के बीच फिर बहस हुई। पुलिस का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मां ने कथित तौर पर बेटी के स्कार्फ से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया?

    उल्हासनगर पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि विवाद के दौरान आवेश में यह कदम उठाया गया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर ही निकाला जाएगा।

    घटना के समय परिवार के बाकी सदस्य कहां थे?

    पुलिस के अनुसार, घटना के समय अमृता और उसकी मां एक कमरे में थीं, जबकि पिता और दोनों भाई दूसरे कमरे में सो रहे थे। इसी कारण किसी को तत्काल घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।

    रविवार सुबह जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो मृतका के पिता ने उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी मां आशा गरड को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य संभावित गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। मामले की जांच जारी है।

    क्या यह सुनियोजित हत्या थी?

    फिलहाल पुलिस ने ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। इसलिए घटना के पीछे की मंशा और परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    अब आगे क्या होगा?

    आरोपी मां को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है।

    Official Sources

    FAQ

    उल्हासनगर में युवती की मौत कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय युवती की कथित तौर पर उसकी मां ने स्कार्फ से गला घोंटकर हत्या कर दी।

    हत्या की वजह क्या बताई जा रही है?

    प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, प्रेम संबंध को लेकर हुए विवाद के बाद यह घटना हुई।

    क्या आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है?

    हाँ। पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

  • कल्याण मर्डर: बॉयफ्रेंड की हत्या, बाथरूम में शव छिपाकर फरार लड़की

    कल्याण मर्डर: बॉयफ्रेंड की हत्या, बाथरूम में शव छिपाकर फरार लड़की

    कल्याण मर्डर केस में लड़की पर बॉयफ्रेंड की हत्या कर शव बाथरूम में छिपाने का आरोप है। पुलिस आरोपी की तलाश में कोलकाता पहुंची।

    ठाणे: मुंबई से सटे थाने जिले के कल्याण में एक युवक की संदिग्ध हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, युवक का शव एक फ्लैट के बाथरूम में बोरे के अंदर मिला। इस मामले में उसकी कथित गर्लफ्रेंड पर हत्या का आरोप है, जो वारदात के बाद कोलकाता भाग गई। पुलिस उसकी तलाश में जांच कर रही है।

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण में एक चौंकाने वाला मर्डर केस सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने कथित तौर पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या करने के बाद उसके शव को बोरे में भरकर फ्लैट के बाथरूम में छिपा दिया और वहां से फरार हो गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी महिला के कोलकाता भागने की आशंका है।

    कल्याण मर्डर केस में बाथरूम से मिला शव

    मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला कल्याण ईस्ट के मलंग रोड स्थित नीलकंठ सोसायटी के एक फ्लैट से जुड़ा है। फ्लैट के बाथरूम में एक व्यक्ति का अत्यधिक सड़ी-गली हालत में शव बोरे के अंदर मिला। मृतक की पहचान 37 वर्षीय हमीदुल्लाह इस्लाम के रूप में बताई गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    पुलिस के अनुसार, मृतक और आरोपी महिला पिछले करीब ढाई महीने से इस फ्लैट में रह रहे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि युवक की हत्या धारदार हथियार से की गई हो सकती है। हालांकि, हत्या की वास्तविक परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े निष्कर्षों की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

    मकान मालिक को Voice Note भेजकर दी जानकारी

    इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब फ्लैट के मकान मालिक को आरोपी महिला की ओर से एक Voice Note मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर फ्लैट के बाथरूम में शव पड़े होने की जानकारी दी। इसके बाद मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस जब फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद था। दरवाजा खोलने के बाद बाथरूम से बोरे में रखा शव बरामद किया गया। मौके पर फॉरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने भी जांच की।

    नल खुला छोड़ने को लेकर पुलिस को शक

    जांच के दौरान पुलिस को बाथरूम का नल खुला मिला। अधिकारियों को आशंका है कि पानी का बहाव जानबूझकर जारी रखा गया हो सकता है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या ऐसा शव के सड़ने की प्रक्रिया को तेज करने या संभावित फॉरेंसिक सबूतों को प्रभावित करने के लिए किया गया हो। यह जांच का हिस्सा है और इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

    आरोपी महिला की तलाश में पुलिस टीम कोलकाता रवाना

    पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला वारदात के बाद कोलकाता चली गई हो सकती है। उसे तलाशने के लिए पुलिस की विशेष टीम कोलकाता भेजी गई है। पुलिस से मिली जानकारी में तीन विशेष पुलिस टीमों के तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है, जबकि अन्य सोर्स में पुलिस टीम के कोलकाता पहुंचने का उल्लेख किया जा रहा है।

    पुलिस हत्या के पीछे की वजह और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपी महिला की गिरफ्तारी के बाद ही मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब स्पष्ट हो सकेंगे।

    आरोपी महिला ने क्या दावा किया?

    मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला ने मकान मालिक को भेजे गए Voice Note में दावा किया कि मृतक उसे पुणे से कल्याण लेकर आया था और कथित तौर पर उसे एक सेक्स रैकेट में बेचने की योजना बना रहा था। महिला ने यह भी दावा किया कि उसे बाद में अपनी जान को खतरा महसूस हुआ और उसने कथित रूप से आत्मरक्षा में युवक की हत्या की।

    हालांकि, ये दावे आरोपी महिला की ओर से बताए गए कथित बयान पर आधारित हैं। पुलिस इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। फिलहाल अदालत के समक्ष मामले की पूरी जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

    पुलिस जांच में अब किन बिंदुओं पर फोकस?

    कल्याण मर्डर केस में पुलिस मुख्य रूप से इन पहलुओं की जांच कर रही है:

    • हत्या की वास्तविक वजह क्या थी?
    • युवक की मौत कब और कैसे हुई?
    • इस्तेमाल किए गए हथियार या अन्य साक्ष्य कहां हैं?
    • आरोपी महिला के Voice Note और उसके दावों की पुष्टि कैसे होती है?
    • हत्या के बाद वह किस रास्ते से कोलकाता पहुंची?
    • क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था?

    पुलिस आरोपी महिला की तलाश के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

    कल्याण का यह मामला फिलहाल जांच के चरण में है। पुलिस आरोपी महिला की तलाश कर रही है और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। आरोपी के दावों और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बीच स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

    Official Sources

    FAQ

    कल्याण मर्डर केस में क्या हुआ?

    पुलिस के अनुसार, एक युवक का शव कल्याण के एक फ्लैट के बाथरूम में बोरे के अंदर मिला। उसकी कथित गर्लफ्रेंड पर हत्या का आरोप है।

    आरोपी महिला कहां गई?

    पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला के कोलकाता भागने की आशंका है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम वहां भेजी गई है।

    क्या आरोपी महिला गिरफ्तार हुई है?

    उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।