26 महीने बाद नेहा की गुमशुदगी का राज? ठाणे के फार्महाउस में खुदाई, आरोपी की निशानदेही पर मिला कंकाल

neha-missing-case-thane-farmhouse-skeleton

26 महीने से लापता जौनपुर की नेहा की तलाश ठाणे के फार्महाउस तक पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर खुदाई में कंकाल मिला, डीएनए जांच से पहचान होगी।

मुंबई: उत्तर प्रदेश के जौनपुर की 20 वर्षीय नेहा 26 महीने पहले अचानक लापता हुई थी। परिवार ने उसे बहुत तलाशा, पुलिस से शिकायत की, अदालत का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचा। अब इस लंबे इंतजार के बाद केस में ऐसा मोड़ आया है, जिसने पूरे मामले को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।

पुलिस मुंबई से सटे ठाणे के शिल-दायघर इलाके के एक फार्महाउस तक पहुंची। वहां एक खास जगह पर खुदाई कराई गई और जमीन के नीचे से कंकाल बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, यह वही जगह है जहां आरोपी अरविंद बिंद ने नेहा के शव को दफन करने की बात बताई थी।

कंकाल मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या यह कंकाल 26 महीने से लापता नेहा का ही है?

इसकी अंतिम पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस ने फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और डीएनए जांच कराई जाएगी।

25 जून 2024 को अचानक गायब हुई थी नेहा

पूरा मामला जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र के भरसवां गांव से शुरू होता है।

शोभनाथ बिंद की 20 वर्षीय बेटी नेहा 25 जून 2024 को लापता हो गई थी। परिवार को शक था कि उसे गांव का ही अरविंद बिंद अपने साथ मुंबई ले गया है।

नेहा की मां भगना देवी उर्फ मगना ने पुलिस से शिकायत की। उन्होंने अरविंद बिंद, उसके पिता राम आसरे, मां सोना देवी, भाई अरुण और महराजगंज थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी रिश्तेदार राज कुमार बिंद पर साजिश के तहत बेटी को ले जाने का आरोप लगाया।

मामला आगे बढ़ा तो परिवार ने न्यायालय की शरण ली।

लेकिन नेहा का पता नहीं चला।

मां को मिली थी ऐसी जानकारी, जिसने शक और गहरा कर दिया

इस केस की टाइमलाइन में 3 जनवरी 2025 की तारीख सबसे अहम मानी जा रही है।

नेहा की मां के मुताबिक, उन्होंने अरविंद के मोबाइल पर संपर्क किया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान अरविंद ने कहा कि नेहा की हत्या कर दी गई है और अब जो करना हो कर लो।

यह दावा सामने आने के बाद परिवार का शक और मजबूत हुआ। लेकिन उस समय भी नेहा का कोई पता नहीं चला।

परिवार के अनुसार पुलिस कार्रवाई की मांग के बावजूद मामला आगे बढ़ने में समय लगा। चार जुलाई 2025 को न्यायालय के आदेश के बाद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

फिर मामला हाई कोर्ट पहुंचा

जिला स्तर पर मामला चलने के दौरान नेहा की मां ने करीब छह महीने पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने जौनपुर के पुलिस अधीक्षक और सिकरारा थाना प्रभारी को नेहा को जिंदा या मुर्दा अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया।

इसके बाद पुलिस ने जांच को नए सिरे से तेज किया।

यहीं से 26 महीने पुरानी गुमशुदगी की कहानी जौनपुर से निकलकर मुंबई से सटे ठाणे तक पहुंच गई।

आरोपी को लेकर पुलिस पहुंची ठाणे के फार्महाउस

केस की जांच कर रहे उपनिरीक्षक राम नेवास के नेतृत्व में पुलिस टीम मुंबई पहुंची। पुलिस ने अरविंद बिंद को हिरासत में लिया।

इसके बाद उसे लेकर ठाणे के शिल-दायघर इलाके में स्थित उस फार्महाउस पर पहुंचा गया, जिसकी देखरेख से उसका संबंध बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने जिस जगह पर नेहा के शव को दफन करने की बात बताई थी, वहां खुदाई कराई गई।

मंगलवार को हुई इस खुदाई में जमीन के नीचे से कंकाल बरामद हुआ।

यही बरामदगी अब पूरे केस की दिशा बदल सकती है।

कंकाल मिला, लेकिन नेहा की पहचान अभी बाकी

कंकाल मिलने के बाद यह कहना जल्दबाजी होगी कि बरामद अवशेष नेहा के ही हैं।

पुलिस ने मौके से फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। डीएनए जांच के लिए भी अवशेष लिए गए हैं।

कंकाल की स्थिति को देखते हुए सामान्य तरीके से पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। अब वैज्ञानिक जांच के जरिए पहचान और मौत से जुड़े सुराग तलाशे जाएंगे।

यानी इस समय केस में दो बातें अलग-अलग हैं—

कंकाल मिलना एक तथ्य है।

लेकिन वह कंकाल नेहा का ही है, इसकी पुष्टि डीएनए रिपोर्ट के बाद होगी।

नेहा की मौत को लेकर अरविंद के बयान में पेंच

कंकाल मिलने के बाद जांच का दूसरा बड़ा सवाल मौत की वजह को लेकर है।

पूछताछ में अरविंद ने नेहा की मौत को लेकर अलग-अलग बातें बताईं। एक बयान के मुताबिक उसने कहा कि नेहा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।

दूसरे बयान में उसने उसके छत से गिरने की बात बताई।

उसके मुताबिक, नेहा की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई के डर से उसने फार्महाउस में गड्ढा खोदकर शव दफना दिया।

इन अलग-अलग दावों के कारण पुलिस के सामने अब यह पता लगाना अहम है कि नेहा की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई थी।

फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस सवाल का जवाब देने में अहम हो सकते हैं।

प्रेम संबंध से शुरू हुई थी कहानी

नेहा और अरविंद एक-दूसरे को पहले से जानते थे। गांव के कुछ लोगों के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम संबंध था।

बताया जाता है कि दोनों पहले भी घर से भागे थे। कुछ समय बाद वापस लौटे तो परिवार और गांव के स्तर पर पंचायत हुई और नेहा को उसके घर ले जाया गया।

कुछ समय बाद दोनों के दोबारा चले जाने की बात सामने आई।

इसके बाद परिवार ने नेहा की शादी राजस्थान के कोटा जिले के भरत से कर दी।

लेकिन शादी के सिर्फ पांच दिन बाद परिवार ने उसे विदाई कराकर मायके वापस ले आया।

इसके बाद कुछ समय बीता और 25 जून 2024 को नेहा फिर लापता हो गई।

यहीं से शुरू हुई तलाश आखिरकार ठाणे के एक फार्महाउस की जमीन तक पहुंची है।

26 महीने की कहानी एक नजर में

समयघटना
25 जून 2024नेहा भरसवां गांव से लापता हुई
3 जनवरी 2025मां के मुताबिक अरविंद से संपर्क हुआ और कथित तौर पर नेहा की हत्या की बात कही गई
4 जुलाई 2025न्यायालय के आदेश के बाद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ
करीब छह महीने पहलेनेहा की मां इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचीं
इसके बादहाई कोर्ट ने नेहा को जिंदा या मुर्दा पेश करने का निर्देश दिया
अगस्त 2026पुलिस टीम मुंबई पहुंची और अरविंद को हिरासत में लिया
25 अगस्त 2026ठाणे के शिल-दायघर इलाके के फार्महाउस में खुदाई हुई
अबकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच होगी

अब पुलिस के सामने सिर्फ पहचान नहीं, कई सवाल हैं

कंकाल मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बरामद कंकाल नेहा का ही है या नहीं। इसके बाद मौत की वास्तविक वजह और समय का पता लगाने की कोशिश होगी।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि फार्महाउस में नेहा की मौत कैसे हुई, शव वहां कब और किस परिस्थिति में पहुंचा और उसे दफनाने में कौन-कौन शामिल था।

परिवार ने शुरुआत में अरविंद के अलावा कई अन्य लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसलिए बाकी नामित लोगों की भूमिका और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति भी जांच का अहम हिस्सा है।

फार्महाउस किसका है, वहां अरविंद की क्या भूमिका थी और 26 महीने तक कथित तौर पर दफन शव का पता क्यों नहीं चला—इन सवालों के जवाब भी जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगे।

अब डीएनए रिपोर्ट खोलेगी सबसे बड़ा राज

इस केस में फिलहाल सबसे ज्यादा नजर डीएनए जांच पर है।

अगर डीएनए से कंकाल की पहचान नेहा के रूप में होती है तो 26 महीने पुरानी गुमशुदगी के मामले में पुलिस को एक बड़ा वैज्ञानिक साक्ष्य मिल जाएगा।

इसके बाद जांच का फोकस मौत की वजह, आरोपी के बयानों और फार्महाउस से जुड़े दूसरे साक्ष्यों पर रहेगा।

फिलहाल 25 जून 2024 को शुरू हुई नेहा की तलाश 26 महीने बाद ठाणे के एक फार्महाउस की जमीन तक पहुंच चुकी है। जमीन से मिला कंकाल इस केस में सबसे बड़ा मोड़ है, लेकिन अंतिम सवाल अभी बाकी है—क्या यह नेहा ही है और आखिर उसकी मौत कैसे हुई?

इन दोनों सवालों का जवाब अब डीएनए और आगे की पुलिस जांच से सामने आएगा।

Ismail Shaikh Avatar
Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading