जयपुर के महेश मीणा हत्याकांड में नया खुलासा: पत्नी कविता और गणेश की गिरफ्तारी, जहरीला जूस, CCTV, पुराने रिश्ते और जांच में सामने आई पूरी कहानी।
राजस्थान/ जयपुर: महेश मीणा हत्याकांड में पुलिस पूछताछ के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। विश्वकर्मा इलाके में 27 साल के महेश मीणा की 5 अगस्त को हुई मौत को शुरुआत में अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला माना जा रहा था, लेकिन परिवार के शक, CCTV फुटेज और जांच में सामने आए दूसरे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस ने इस मामले में महेश की पत्नी कविता मीणा (23) और उसके कथित प्रेमी गणेश मीणा (27) को 19 अगस्त को गिरफ्तार किया है।
5 अगस्त को आखिर क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को कविता अपने पति महेश के साथ बाइक से बाहर निकली थी। बताया गया कि दोनों मंदिर जाने और दवाई लेने के लिए निकले थे। रास्ते में जूस खरीदा गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित बयान के मुताबिक, जूस में पहले से अपने पास रखी कीटनाशक दवा मिला दी गई। महेश ने जूस पीने से इनकार किया तो कविता ने उसे प्यार का वास्ता दिया, जिसके बाद उसने जूस पी लिया। करीब आधे घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं।
पुलिस का दावा है कि हालत बिगड़ने के बाद भी महेश को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। पूछताछ के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक उसकी हालत खराब होती रही। इसके बाद गणेश अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा।
महेश को अस्पताल ले जाने के बजाय क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, गणेश और उसके साथ आए लोगों ने महेश को बाइक से अलग-अलग जगहों पर ले जाया। शाम करीब पांच बजे उसे विश्वकर्मा इलाके की 14 नंबर पुलिया के पास ले जाया गया।
वहां महेश की हालत बेहद खराब थी। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कविता की ओर से परिवार को सूचना दी गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अब आरोपियों के बयानों और उपलब्ध evidence को आपस में मिलाकर जांच कर रही है।
पुलिस को हत्या का शक कैसे हुआ?
महेश की मौत के बाद शुरुआत में पुलिस के सामने हत्या की कोई साफ वजह नहीं थी। परिवार को भी घटना की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।
महेश के पिता बाबूलाल मीणा ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज और दूसरे evidence जुटाने शुरू किए। आसपास के कैमरों में दिखाई देने वाले लोगों और वाहनों की जानकारी खंगालने के बाद जांच की दिशा बदली। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने भी CCTV footage को जांच का हिस्सा बनाया।
CCTV में दिखाई देने वाले युवकों की पहचान की कोशिश के दौरान पुलिस को गणेश से जुड़ी जानकारी मिली। इसके बाद कविता और गणेश के पुराने संबंधों की जानकारी भी जांच के सामने आई।
कविता और गणेश का रिश्ता कितना पुराना था?
पुलिस पूछताछ में कविता ने कथित तौर पर बताया कि उसका पड़ोस में रहने वाले गणेश के साथ करीब 9 साल से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इसके लिए तैयार नहीं था।
करीब डेढ़ साल पहले कविता की शादी महेश से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कविता इस शादी से खुश नहीं थी और उसने पति से अलग होने की कई कोशिशें की थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पारिवारिक दबाव के कारण वह महेश से अलग नहीं हो पाई।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गणेश भी कविता पर महेश को छोड़ने का दबाव बना रहा था। बाद में महेश को रास्ते से हटाने की कथित योजना सामने आई।
चार महीने पहले ही शुरू हो गई थी कथित तैयारी?
जांच में सामने आए पुलिस के version के मुताबिक, करीब चार महीने पहले कविता ने अपने पिता से कीटनाशक दवा मंगवाई थी।
पुलिस का कहना है कि पहले घर के अंदर महेश को जहर देने की योजना बनाई गई थी। बाद में यह प्लान बदल दिया गया, क्योंकि कविता को आशंका थी कि घर में महेश की तबीयत खराब होने पर परिवार उसे तुरंत अस्पताल ले जाएगा और मामला सामने आ सकता है।
पुलिस पूछताछ के अनुसार, दवा का कुछ हिस्सा घर में इस्तेमाल के लिए दे दिया गया और बाकी अपने पास रखा गया। इस हिस्से की पुलिस आगे जांच कर रही है।
CCTV और सोशल मीडिया से जुड़ी कड़ियां कैसे मिलीं?
जांच में CCTV footage सबसे अहम सुरागों में शामिल बताया जा रहा है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों के कैमरों से पुलिस ने उन लोगों और वाहनों की जानकारी जुटाई, जो महेश की तबीयत बिगड़ने के बाद उसके आसपास दिखाई दिए थे।
इसके बाद पुलिस ने कविता और गणेश के बीच संबंधों से जुड़े social media material को भी देखा। रिपोर्टों के मुताबिक, Facebook पर दोनों की साथ की तस्वीरें मिलने से पुलिस का शक और मजबूत हुआ।
परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए evidence और CCTV footage को जोड़कर पुलिस ने कथित हत्या की साजिश की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
हत्या के बाद हरिद्वार भी गई थी कविता?
इस मामले में एक और बात अब सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, महेश की मौत के बाद कविता परिवार के साथ हरिद्वार गई थी और वहां महेश की अस्थियां विसर्जित की गईं। इस दौरान उसके व्यवहार को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
यह पहलू भी अब जांच का हिस्सा है कि घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं और उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया।
महेश की बहन ने चैट को लेकर क्या बताया?
परिवार की तरफ से महेश और कविता के रिश्ते को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं। ताजा रिपोर्ट में महेश की बहन की ओर से दावा किया गया है कि कविता रात में महेश के सोने के बाद गणेश से chat करती थी।
इन दावों की पुष्टि और chats की वास्तविक स्थिति जांच का विषय है। पुलिस अब digital evidence के साथ-साथ दोनों आरोपियों के बयानों को भी cross-check कर रही है।
अजय मीणा और गोलू प्रजापत का क्या कनेक्शन है?
महेश के परिवार की शिकायत में कविता और गणेश के अलावा अजय मीणा और गोलू प्रजापत के नाम भी सामने आए हैं। परिवार ने इन लोगों की भूमिका को लेकर आरोप लगाए हैं।
हालांकि, इन दोनों की वास्तविक भूमिका क्या थी, यह अभी पुलिस जांच का विषय है। इसलिए फिलहाल इनके बारे में किसी भूमिका को अंतिम या साबित तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
कविता ने खुद क्या कहा?
इस मामले में आरोपी कविता का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कविता ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
यानी एक तरफ पुलिस पूछताछ में सामने आने का दावा किया गया version है, वहीं कविता की ओर से आरोपों से इनकार किया गया है। आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले evidence से यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या है।
अब पुलिस के सामने कौन से सवाल हैं?
महेश की मौत के मामले में पुलिस अब कथित साजिश की पूरी chain को verify कर रही है। इसमें जहर की खरीद, उसे सुरक्षित रखने, घटना वाले दिन की movement, CCTV footage, digital evidence और आरोपियों के साथ मौजूद दूसरे लोगों की भूमिका शामिल है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना की planning कब final हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे और महेश की हालत बिगड़ने के बाद उसे समय पर medical help क्यों नहीं दी गई।
इसके अलावा medical evidence और पोस्टमार्टम से जुड़े findings को भी जांच के दूसरे evidence के साथ मिलाया जाना है।
इस मामले में अभी क्या साबित होना बाकी है?
कविता और गणेश की गिरफ्तारी पुलिस की जांच का एक अहम पड़ाव है, लेकिन गिरफ्तारी का मतलब अदालत में आरोप साबित होना नहीं है।
जांच में यह तय होना बाकी है कि महेश को किस तरह का toxic substance दिया गया, उसकी मौत से उसका सीधा संबंध क्या था, घटना के दौरान मौजूद दूसरे लोगों की भूमिका कितनी थी और CCTV तथा digital evidence अदालत में किस तरह corroborate होते हैं।
महेश मीणा की मौत की पूरी कहानी अब पुलिस investigation, medical evidence और अदालत में सामने आने वाले सबूतों पर आगे तय होगी।
