Schedule-I में शामिल संरक्षित काला हिरण खेत के घर में बंधा मिला; वरिष्ठ वन अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
महाराष्ट्र/चालीसगांव: गौताला अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीव से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। Crime & Corruption Control Association (CCCA) को मिली गुप्त जानकारी के बाद वरिष्ठ वन अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद बनाई गई विशेष टीम ने कार्रवाई कर एक खेत स्थित घर से जिंदा नर काला हिरण बरामद किया। वन विभाग के मुताबिक, काला हिरण करीब दो साल का है।
CCCA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी मिली थी कि शिवापुर निवासी और वन विभाग में वनमजदूर के तौर पर काम करने वाले सुभाष शिवाजी कुऱ्हाडे के खेत स्थित घर में काला हिरण बांधकर रखा गया था। जानकारी मिलते ही इसे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाया गया।

इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम ने संबंधित घर पर कार्रवाई हुई। टीम को वहां काला हिरण जिंदा और बंधा हुआ मिला। वन विभाग ने उसे अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। वन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये काला हिरण प्रजाति का 2 साल का नर है।
Crime & Corruption Control Association ने दी थी गुप्त जानकारी
इस मामले में CCCA की अहम भूमिका रही। संगठन के पदाधिकारियों को काला हिरण बांधकर रखे जाने की जानकारी मिली थी, जिसे उन्होंने सीधे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाया। इसके बाद वन विभाग ने विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की।
CCCA का कहना है कि वन अपराधों से जुड़ी जानकारी मिलने पर संगठन उसे संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाता है और कार्रवाई में सहयोग करता है।
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में Wild Life (Protection) Act, 1972 की धारा 9, 39(अ), 39(ब), 40(2) और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

काला हिरण यानी Blackbuck (Antilope cervicapra) Schedule-I में शामिल संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे वन्यजीव को अवैध तरीके से पकड़कर रखना या उसका कारोबार करना कानून के तहत अपराध है।
काला हिरण कहां से आया, इसकी जांच जरूरी
CCCA की ओर से मिली जानकारी में एक अन्य वन कर्मचारी की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। संगठन का दावा है कि संबंधित कर्मचारी ने काला हिरण खेत के घर में रखने के लिए कहा था और उसकी संभावित बिक्री की तैयारी की जा रही थी।
हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच होना बाकी है। जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि काला हिरण कहां से आया, उसे किसने पकड़ा, यहां तक कैसे पहुंचा और क्या उसे बेचने की कोशिश की जा रही थी।
15 दिनों में अंजन, चंदन और अब काला हिरण
CCCA के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों में गौताला अभयारण्य क्षेत्र से जुड़े तीन गंभीर मामले सामने आए हैं। इनमें अंजन पेड़ों की कथित अवैध कटाई और तस्करी, चंदन तस्करी और अब जिंदा काला हिरण बरामदगी शामिल है।
CCCA का कहना है कि इन मामलों को देखते हुए वन अपराधों की पूरी कड़ी की जांच की जरूरत है। अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका को लेकर संदेह है, तो उसे जांच और सबूतों के आधार पर साफ किया जाना चाहिए।
संभावित तस्करी रास्तों की भी जांच की मांग
CCCA के अनुसार, जानकारी जुटाने के दौरान कुछ ऐसे रास्तों की जानकारी सामने आई है, जिनका इस्तेमाल वन्यजीव या वन्यजीवों से जुड़ी सामग्री की अवैध आवाजाही के लिए किए जाने का शक है। इनमें चालीसगांव–धुले–नवापुर–गुजरात, चालीसगांव–मालेगांव–मुंबई और चालीसगांव–छत्रपति संभाजीनगर–अहिल्यानगर–मुंबई मार्ग शामिल हैं।
इन रास्तों से वास्तव में तस्करी हो रही है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
CCCA ने पूरी कड़ी की जांच की मांग की
CCCA ने मांग की है कि जांच सिर्फ काला हिरण मिलने तक सीमित न रहे। काला हिरण कहां से आया, किसने उसे यहां पहुंचाया, संभावित खरीदार कौन था और इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जाए।
CCCA ने कहा है कि भविष्य में भी वन्यजीव अपराधों से जुड़ी गोपनीय जानकारी मिलने पर उसे वरिष्ठ वन अधिकारियों तक पहुंचाकर कार्रवाई में सहयोग किया जाएगा।
