दहिसर और कांदिवली में फर्जी आधार व दस्तावेज बनाने वाले दो ठिकानों पर पुलिस की कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार और बड़ी संख्या में फर्जी कागजात जब्त।
मुंबई: दहिसर और कांदिवली में फर्जी आधार कार्ड और दूसरे सरकारी दस्तावेज बनाने के कथित नेटवर्क पर दहिसर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया गया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नागरिकता प्रमाणपत्र और आधार से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत दहिसर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक निलेश साळुंखे को मिली एक जानकारी से हुई। पुलिस को पता चला था कि दहिसर इलाके में फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाने का काम किया जा रहा है।
जानकारी की जांच के बाद पुलिस टीम ने दहिसर पूर्व के बालाजी इलाके में विद्यामंदिर स्कूल के पास स्थित यू-एस इंटरप्राइजेज और कांदिवली पूर्व के हनुमान नगर स्थित सैम इन्कोटेक आधार सेंटर पर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके जरिए आधार कार्ड में जानकारी अपडेट कराने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल-कॉलेज छोड़ने के प्रमाणपत्र तैयार कर उनका इस्तेमाल आधार अपडेट के लिए किया जा रहा था।
दहिसर-कांदिवली की पहली कार्रवाई में क्या मिला?
इस कार्रवाई में पुलिस ने 32 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बरामद किए। इसके अलावा स्कूल और कॉलेज के नाम वाले हस्ताक्षर-मुहर तथा दो ऐसे मुहर भी मिले, जिनका इस्तेमाल फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने में किए जाने का शक है।
पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस और प्रिंटर के साथ आधार अपडेट मशीन, आईरिस स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर और वेब कैमरा भी जब्त किया।
इस मामले में पुलिस ने सुरजकुमार रामचंद्र यादव और उपेंद्र कप्तान सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं उमेश राजेश यादव उर्फ समीर को फरार आरोपी बताया गया है।
कांदिवली के पोइसर में दूसरी रेड
इसके बाद पुलिस ने कांदिवली पूर्व के पोइसर इलाके में स्थित शिवम इंटरप्राइजेज पर भी कार्रवाई की।
यहां पुलिस को और भी कई तरह के कथित फर्जी दस्तावेज मिले। दहिसर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में 14 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, 7 फर्जी रहिवासी प्रमाणपत्र, 26 फर्जी एसबीआई मेडिकल पॉलिसी और 3 फर्जी भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र बरामद किए गए।
इसके साथ ही कंप्यूटर, सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, आधार अपडेट मशीन, आईरिस स्कैनर, फिंगरप्रिंट स्कैनर और वेब कैमरा भी पुलिस ने जब्त किया।
इस कार्रवाई में सत्यम ललन मिश्रा और आकाश भगवान पटवा को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को अब किस बात की है तलाश?
दोनों जगहों से फर्जी दस्तावेज और आधार अपडेट से जुड़े उपकरण मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह काम कितने समय से चल रहा था और इनके जरिए कितने लोगों के आधार या दूसरे दस्तावेजों में जानकारी बदली गई।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन फर्जी प्रमाणपत्रों को तैयार करने के पीछे और कौन-कौन लोग हैं और इनका इस्तेमाल किन कामों के लिए किया जाना था।
मामले में दहिसर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
किसके मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त गजानन शिवलिंग राजमाने, सहायक पुलिस आयुक्त जयराज रणवरे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरजेराव पाटील और दहिसर पुलिस थाने के अपराध विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मारुति सांगळे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश साळुंखे, पुलिसकर्मी सुनील राठोड, संतोष गाडे, संतोष भागवत, संतोष गाडे और राजेश शिरसाट समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
फर्जी दस्तावेजों के पूरे नेटवर्क की जांच
फिलहाल दहिसर पुलिस की कार्रवाई का दायरा सिर्फ इन दो ठिकानों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। दो अलग-अलग जगहों से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और आधार से जुड़े उपकरण मिलने के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं।
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितने आधार कार्ड या दूसरे सरकारी दस्तावेज तैयार अथवा अपडेट किए गए थे।

