15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होगा। पेट्रोल पंपों पर ₹5 शुल्क को लेकर डीलर्स के विरोध से ग्राहकों के भुगतान विकल्प बदल सकते हैं।
मध्यप्रदेश: ₹2,000 से ज्यादा के पेट्रोल-डीजल भुगतान के लिए UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को जल्द नया नियम देखने को मिल सकता है। 15 अक्टूबर 2026 से हाई-वैल्यू UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नया Merchant Discount Rate (MDR) लागू होना है। पेट्रोल और डीजल जैसे fuel transactions के लिए ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर flat ₹5 MDR तय किया गया है। इसी शुल्क का विरोध करते हुए मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंप डीलर्स ने 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है।
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल पंपों पर UPI पूरी तरह बंद हो जाएगा। ₹2,000 तक के भुगतान पर UPI जारी रहेगा। विवाद सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा के merchant payment पर लगने वाले MDR को लेकर है। सरकार की व्यवस्था के मुताबिक यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं है, बल्कि merchant-side payment processing cost है।
क्या बदलेगा 15 अक्टूबर से?
नए framework में सामान्य eligible UPI merchant transactions पर ₹2,000 से ऊपर 0.4 प्रतिशत MDR रखा गया है। वहीं fuel, railway, telecom और कुछ अन्य श्रेणियों के लिए ₹2,000 से ऊपर flat ₹5 MDR का प्रावधान है। सामान्य category में बहुत बड़े transactions के लिए ₹300 की अधिकतम सीमा भी रखी गई है।
इसलिए पेट्रोल पंप के मामले में 0.4 प्रतिशत और ₹5 MDR के बीच अंतर समझना जरूरी है। उदाहरण के लिए ₹10,000 के सामान्य eligible merchant UPI payment पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से ₹40 MDR बन सकता है, जबकि fuel transaction के लिए ₹2,000 से ऊपर flat ₹5 का प्रावधान है।
ग्राहक को ₹5 अलग से देना होगा?
नहीं। MDR को ग्राहक पर सीधे UPI शुल्क के रूप में डालने की व्यवस्था नहीं की गई है। इसका असर merchant और payment ecosystem के बीच होने वाली processing cost पर है। हालांकि पेट्रोल पंप डीलर्स का कहना है कि उनके कम और निर्धारित मार्जिन में यह अतिरिक्त लागत उठाना मुश्किल होगा।
मध्य प्रदेश में 4,700 पेट्रोल पंपों पर असर
मध्य प्रदेश में यह फैसला करीब 4,700 पेट्रोल पंपों को प्रभावित कर सकता है। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक प्रत्येक पंप पर रोजाना औसतन करीब 100 ऐसे ग्राहक होते हैं जिनका fuel payment ₹2,000 से ज्यादा होता है। एसोसिएशन ने अनुमान लगाया है कि MDR और GST को मिलाकर एक पंप पर करीब ₹590 प्रतिदिन और लगभग ₹17,700 प्रति माह का अतिरिक्त खर्च बैठ सकता है।
इस गणना के आधार पर 4,700 पंपों पर संभावित लागत करीब ₹8.3 करोड़ प्रति माह बैठती है। यह डीलर्स के अनुमान पर आधारित गणना है, सरकार की ओर से जारी कोई स्वतंत्र cost assessment नहीं।
डीलर्स क्यों कर रहे हैं विरोध?
पेट्रोल पंप कारोबार में fuel की बिक्री पर dealer margin सीमित और निर्धारित होता है। डीलर्स का तर्क है कि बड़े UPI भुगतान पर flat MDR उनकी कमाई को सीधे प्रभावित करेगा। अजय सिंह ने कहा है कि पंप का profit margin बहुत कम है और इस अतिरिक्त खर्च को ग्राहकों से वसूलना भी आसान नहीं है।
मध्य प्रदेश में डीलर्स ने इस मुद्दे पर अपने State-Level Coordinator को पत्र भी भेजा है और सरकार से UPI को MDR से छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि petrol pumps को credit और debit card transactions में पहले से MDR संबंधी छूट मिली हुई है, इसलिए UPI के लिए भी इसी तरह की राहत दी जानी चाहिए।
ग्राहकों के पास कौन-कौन से विकल्प रहेंगे?
अगर मध्य प्रदेश के डीलर्स का फैसला बिना बदलाव लागू होता है, तो ₹2,000 से ज्यादा के fuel payment पर ग्राहक को UPI के बजाय उपलब्ध दूसरे payment mode का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
₹2,000 तक के fuel payment के लिए UPI उपलब्ध रहेगा। मध्य प्रदेश डीलर्स एसोसिएशन ने debit और credit card payment सुविधा जारी रखने की बात कही है। इसलिए इसे पूरे पेट्रोल पंप पर cash-only व्यवस्था के रूप में समझना सही नहीं होगा। अलग-अलग पंपों पर उपलब्ध payment options अलग हो सकते हैं।
क्या ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान पूरे देश में बंद होगा?
नहीं। नया MDR framework पूरे देश में लागू होने वाला payment-cost framework है, लेकिन ₹2,000 से ज्यादा का UPI स्वीकार करना या न करना merchant का अलग operational decision हो सकता है।
फिलहाल fuel dealers के बीच इसका विरोध कई जगह दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश में 4,700 पंपों का फैसला सामने आया है, जबकि महाराष्ट्र में भी fuel dealers ने UPI पर MDR से छूट की मांग की है। मुंबई के पेट्रोल पंप संचालकों ने भी 15 अक्टूबर से high-value UPI payments रोकने की चेतावनी दी है, अगर fuel retailers को MDR से छूट नहीं मिलती।
महाराष्ट्र में भी बढ़ रहा विरोध
महाराष्ट्र में fuel dealers का कहना है कि ₹5 का flat MDR कम margin वाले कारोबार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। महाराष्ट्र के dealer organisations इस मुद्दे पर 27 सितंबर के आसपास आगे की रणनीति पर फैसला लेने की बात कह चुके हैं।
मुंबई में डीलर्स की मांग सिर्फ MDR हटाने तक सीमित नहीं है। उनका एक प्रस्ताव यह भी है कि अगर UPI payment पर कोई processing cost आती है तो उसका बोझ oil marketing companies उठाएं, ताकि पेट्रोल पंप डीलर्स के निर्धारित margin पर सीधा असर न पड़े।
सरकार और डीलर्स के बीच बातचीत जारी
इस विवाद के बीच 17 सितंबर को All India Petroleum Dealers Association (AIPDA) के प्रतिनिधियों ने Petroleum and Natural Gas Ministry के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में UPI fuel transactions पर MDR exemption की मांग उठाई गई। मंत्रालय की ओर से MDR व्यवस्था के पीछे digital payment infrastructure को मजबूत करने का उद्देश्य भी समझाया गया।
AIPDA के अध्यक्ष अजय बंसल ने भी Finance Minister के हस्तक्षेप की मांग करते हुए fuel retailers को ₹2,000 से ऊपर UPI payments पर MDR से पूरी छूट देने की मांग की है।
CAIT ने भी जताई चिंता
Confederation of All India Traders (CAIT) ने मध्य प्रदेश में high-value UPI payments रोकने के फैसले को डिजिटल transactions के लिए चिंता का विषय बताया है। CAIT के भोपाल जिला अध्यक्ष और मध्य प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार राज्य के करीब 4,700 पेट्रोल पंप इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।
धर्मेंद्र शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य merchant transactions और fuel transactions के MDR में अंतर है। सामान्य eligible merchant payment पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होता है, जबकि fuel transactions के लिए ₹2,000 से ऊपर flat ₹5 MDR का प्रावधान है।
एक और जरूरी बात: UPI पूरी तरह महंगा नहीं हुआ है
नए MDR framework का मतलब यह नहीं है कि हर UPI payment पर शुल्क लगेगा। ₹2,000 तक के merchant payments पर MDR नहीं लगाया गया है और person-to-person UPI transactions भी इस merchant MDR व्यवस्था से अलग हैं। सरकार के मुताबिक नए framework से अधिकांश छोटे-value P2M transactions प्रभावित नहीं होंगे।
आगे क्या होगा?
अब मुख्य सवाल यह है कि 15 अक्टूबर से पहले fuel dealers को MDR से छूट मिलती है या नहीं। सरकार और petroleum dealers के बीच बातचीत हो चुकी है, लेकिन उपलब्ध ताजा जानकारी में fuel sector के लिए पूर्ण MDR exemption की अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर UPI रोकने का फैसला फिलहाल डीलर्स की घोषित स्थिति है और इसमें सरकार के अगले फैसले के आधार पर बदलाव हो सकता है।
ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यही है कि ₹2,000 तक का UPI payment जारी रहेगा, जबकि इससे ज्यादा के fuel payment के लिए 15-16 अक्टूबर के बाद संबंधित पेट्रोल पंप पर उपलब्ध payment option पहले से जांचना जरूरी होगा।
