मानखुर्द मार्केट रोड से लापता 2 साल 4 महीने के बच्चे को 40 घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। महिला और उसका पति गिरफ्तार।
मुंबई: मानखुर्द मार्केट रोड इलाके से लापता हुए 2 साल 4 महीने के बच्चे को मुंबई पुलिस ने करीब 40 घंटे की लगातार तलाश के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने बच्चे को ले जाने वाली महिला मुस्कान भोलाकुमार साह और उसके पति भोलाकुमार जग्गु साह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला बच्चे को अपने साथ ले गई थी, जबकि उसके पति ने कथित तौर पर इस वारदात में उसकी मदद की।
घटना 23 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। बच्चा अपने परिवार के साथ मानखुर्द के मार्केट रोड इलाके में था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। परिजनों की शिकायत के बाद मानखुर्द पुलिस ने अपराध क्रमांक 627/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया।
सीसीटीवी से मिली अहम कड़ी
बच्चे की तलाश के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मानखुर्द, देवनार, आरसीएफ और ट्रॉम्बे पुलिस थानों की कुल आठ टीमें बनाई गईं। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक महिला बच्चे को अपने साथ ले जाती दिखाई दी।
इसके बाद पुलिस ने महिला की संभावित गतिविधियों और आवाजाही का पता लगाने के लिए तकनीकी जानकारी का विश्लेषण शुरू किया। संदिग्धों की गतिविधियों की जांच के साथ पुलिस ने मानवीय सूचना तंत्र की भी मदद ली। बच्चे को मुंबई से बाहर ले जाए जाने की आशंका को देखते हुए रेलवे स्टेशनों सहित दूसरे संभावित स्थानों पर भी तलाश की गई।
40 घंटे बाद बच्चे की सकुशल बरामदगी
पुलिस की दिन-रात लगातार चली करीब 40 घंटे की तलाश के बाद बच्चे का पता लगा लिया गया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिवार के हवाले कर दिया। बच्चे के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
मामले में मुस्कान भोलाकुमार साह और उसके पति भोलाकुमार जग्गु साह, दोनों निवासी दुर्गामाता मंदिर गली, महाराष्ट्र नगर, मानखुर्द, मुंबई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, महिला की भूमिका बच्चे को अपने साथ ले जाने की थी, जबकि उसके पति पर इस अपराध में उसकी मदद करने का आरोप है।
अपहरण के पीछे की वजह की जांच
पुलिस जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चे को ले जाने के पीछे आरोपियों का कथित मकसद क्या था। बच्चे को कहां रखा गया था और आरोपी उसे किस दिशा में ले गए थे, इसकी विस्तृत जानकारी भी जांच का हिस्सा है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है।
इस मामले में बच्चे को सकुशल बरामद करना जांच की सबसे अहम सफलता रही। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने बच्चे को क्यों अपने साथ ले जाया और इस घटना में उसके पति की भूमिका किस स्तर तक थी।
धारा 137(2) में सात साल तक की सजा का प्रावधान
भारतीय न्याय संहिता की धारा 137 नाबालिग को उसके वैध अभिभावक की देखरेख से बिना सहमति ले जाने से संबंधित है। धारा 137(2) के तहत दोष सिद्ध होने पर सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
मुंबई में लापता बच्चों के मामलों पर भी पुलिस की लगातार नजर रहती है। 2025 में मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, नाबालिगों के लापता होने के 2,182 मामले दर्ज हुए थे और 2,165 बच्चों को तलाश कर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया था। इन आंकड़ों में लापता नाबालिगों के वे मामले भी शामिल होते हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत अपहरण के रूप में दर्ज किया जाता है।
फिलहाल मानखुर्द मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस अब उसके अपहरण की वजह, आरोपियों की पूरी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
