मुंबई में 2 अक्टूबर से 100 दिन का DigiHealth Connect अभियान शुरू होगा। ABHA, 70+ Ayushman Card और PMJAY-MJPJAY रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी यहां जानें।
मुंबई: 2 अक्टूबर 2026 से मुंबई में 100 दिनों के लिए Mumbai DigiHealth Connect (MDC) अभियान शुरू होने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका का यह अभियान सिर्फ ABHA कार्ड बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के Ayushman Vay Vandana Card, पात्र लाभार्थियों के PMJAY/MJPJAY कार्ड, BMC की स्वास्थ्य संस्थाओं और healthcare professionals को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ने पर भी केंद्रित होगा।
अभियान के दौरान मुंबई के अलग-अलग इलाकों में नागरिकों का ABHA registration कराने के साथ अस्पतालों, दवाखानों, आपला दवाखाना, प्रसूतिगृह, प्रशासनिक कार्यालय, स्कूल-कॉलेज, गृहनिर्माण संस्थाओं, झोपड़पट्टी बस्तियों, बाजारों और राशन दुकानों तक registration अभियान पहुंचाया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और वंचित वर्गों के लिए विशेष जनसंपर्क और डोर टू डोर अभियान भी चलाया जाएगा।
इस अभियान को समझने से पहले आप को बतादें कि —ABHA और Ayushman Card एक ही चीज नहीं हैं। ABHA डिजिटल हेल्थ पहचान है, जबकि Ayushman Vay Vandana और PM-JAY स्वास्थ्य उपचार के लिए पात्र लाभार्थियों को health coverage उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाएं हैं।
ABHA Card क्या है और इससे मुंबईकरों को क्या फायदा होगा?
Ayushman Bharat Health Account यानी ABHA एक डिजिटल हेल्थ पहचान है, जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से जोड़ने और उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। ABDM के तहत ABHA, Health Facility Registry और Healthcare Professionals Registry जैसे digital building blocks तैयार किए गए हैं।
सितंबर 2026 की स्थिति में देश में 97.8 करोड़ से ज्यादा ABHA बनाए जा चुके थे और 121 करोड़ से ज्यादा health records इनसे link हो चुके थे। इसके अलावा 5.6 लाख से ज्यादा health facilities और लगभग 11 लाख healthcare professionals ABDM ecosystem में registered थे।
ABHA का फायदा उस समय ज्यादा महत्वपूर्ण होता है जब नागरिक का health record ABDM-enabled health facilities और digital systems से link होता है। इसके जरिए उपलब्ध digital health services में health records, laboratory reports, treatment information और discharge summaries जैसे records को डिजिटल रूप से access करने की सुविधा शामिल हो सकती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि ABHA बनते ही किसी व्यक्ति के पुराने सभी मेडिकल रिकॉर्ड अपने आप online हो जाएंगे। Records को संबंधित digital health systems से link किया जाना और health information के access/share के लिए consent-based व्यवस्था लागू होती है।
क्या ABHA Card से मुफ्त इलाज मिलता है?
नहीं। ABHA को मुफ्त इलाज या health insurance card समझना सही नहीं है।
ABHA मुख्य रूप से digital health identity है। वहीं PM-JAY और उससे जुड़ी पात्र health assurance schemes उपचार के लिए health coverage उपलब्ध कराती हैं। इसलिए ABHA बनवाने और Ayushman Card बनवाने को दो अलग प्रक्रियाओं के रूप में समझना चाहिए।
70 साल या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए क्या मिलेगा?
MDC अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के Ayushman Vay Vandana Card से जुड़ा है।
सरकारी व्यवस्था के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक, उसकी आय या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, इस coverage के लिए पात्र है। 70+ senior citizens के लिए Aadhaar-based e-KYC की आवश्यकता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस योजना में आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
इसका annual health cover ₹5 लाख तक है। यदि परिवार में एक से अधिक 70+ सदस्य हैं, तो ₹5 लाख की सीमा परिवार के आधार पर लागू होती है; हर बुजुर्ग के लिए अलग से ₹5 लाख जोड़कर ₹10 लाख या उससे ज्यादा मान लेना सही नहीं होगा। पहले से PM-JAY beneficiary परिवार में 70+ सदस्य के लिए अतिरिक्त benefit का प्रावधान है और इसके लिए Aadhaar e-KYC दोबारा करना पड़ सकता है।
यानी 70+ नागरिकों के मामले में ABHA और Ayushman Vay Vandana Card की भूमिका अलग है। ABHA digital health identity है, जबकि Vay Vandana Card PM-JAY health coverage से संबंधित है।
राशन दुकान पर PMJAY और MJPJAY Card भी बनेंगे
Mumbai DigiHealth Connect अभियान में राशन दुकानों को भी registration network का हिस्सा बनाया गया है। पात्र राशन कार्डधारकों की पहचान, राशन कार्ड या E-KYC के जरिए eligibility verification और इसके बाद PMJAY/MJPJAY Card registration की व्यवस्था की जाएगी।
इस काम में सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेविका यानी CHV और ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका रहेगी। राशन दुकानों के लिए समय निर्धारित किया जाएगा, ताकि वहां आने वाले पात्र लाभार्थियों का registration किया जा सके।
आप को बता दें, कि केवल राशन कार्ड होना हर व्यक्ति को स्वतः किसी एक scheme का beneficiary नहीं बना देता। PM-JAY और MJPJAY में beneficiary identification के लिए निर्धारित eligibility criteria लागू होते हैं।
महाराष्ट्र की मौजूदा MJPJAY व्यवस्था में अलग-अलग beneficiary categories हैं। इनमें Yellow, Antyodaya Anna Yojana, Annapurna और Orange ration card categories के साथ-साथ expanded scheme में White ration card और अन्य निर्धारित categories भी शामिल हैं। पात्रता category के अनुसार अलग हो सकती है और अंतिम verification scheme के निर्धारित documents तथा beneficiary database के आधार पर होती है।
PM-JAY benefits की portability भी महत्वपूर्ण है। पात्र beneficiary को देशभर में empanelled hospitals में scheme के नियमों के अनुसार cashless treatment की सुविधा मिल सकती है, जबकि MJPJAY के तहत महाराष्ट्र के network hospitals में cashless treatment की व्यवस्था है।
मुंबई में ABHA और दूसरे कार्ड कहां बनाए जाएंगे?
BMC के अभियान के दौरान registration को नागरिकों के नजदीक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए BMC hospitals, dispensaries, Aapla Dawakhana, maternity homes, administrative ward offices, schools, colleges, housing societies, slum settlements, markets और ration shops जैसे स्थानों पर registration activities की जाएंगी।
BMC headquarters और विभागीय तथा प्रशासनिक कार्यालयों में अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए विशेष ABHA registration camps भी आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के तीसरे चरण में senior citizens, persons with disabilities और disadvantaged sections के लिए special outreach तथा घरपोच यानी डोर टू डोर registration अभियान पर जोर रहेगा।
हालांकि BMC की घोषणा में अभी प्रत्येक ward के लिए अलग-अलग camp की तारीख, समय और exact location की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए नागरिकों को अपने इलाके के camp की जानकारी के लिए BMC की आगे जारी होने वाली स्थानीय सूचना पर ध्यान देना होगा।
अभियान तीन चरणों में चलेगा
पहले चरण में जनजागृति अभियान, अधिकारियों-कर्मचारियों और volunteers का training, volunteer registration तथा प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा।
दूसरे चरण में बड़े पैमाने पर नागरिकों का registration किया जाएगा। इसमें अस्पतालों, दवाखानों, आपला दवाखाना, प्रसूतिगृह, प्रशासनिक कार्यालय, educational institutions, housing societies, slum areas, markets और ration shops को शामिल किया गया है।
तीसरे चरण में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और वंचित वर्गों तक विशेष outreach पहुंचाई जाएगी। इस दौरान घरपोच registration और विशेष ABHA camps आयोजित किए जाएंगे।
BMC की पूरी व्यवस्था में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी?
अभियान में Medical Health Officers की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्रत्येक administrative ward में ABHA registration की progress की निगरानी Assistant Commissioners और Deputy Commissioners करेंगे।
BMC Commissioner Ashwini Bhide ने नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। Additional Municipal Commissioner (City) Prajakta Verma ने Public Health Department को अधिक से अधिक नागरिकों को ABHA registration से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने BMC की सभी health institutions को Health Facility Registry यानी HFR में register करने तथा पात्र doctors, nurses, AYUSH practitioners, pharmacists और physiotherapists सहित healthcare professionals को Healthcare Professional Registry यानी HPR में register करने का लक्ष्य रखने को कहा है।
Public Health Committee Chairman Harish Bhandirge ने भी अधिक से अधिक मुंबईकरों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है।
HFR और HPR से आम नागरिक को क्या फायदा होगा?
HFR यानी Health Facility Registry में health facilities को digital ecosystem में register किया जाता है, जबकि HPR में healthcare professionals की verified digital registry तैयार होती है।
इससे MDC अभियान केवल नागरिकों के ABHA बनाने की drive नहीं रह जाता। इसका दूसरा हिस्सा BMC की health facilities और healthcare workforce को national digital health ecosystem से जोड़ना है।
राष्ट्रीय स्तर पर ABDM में 5.6 लाख से अधिक health facilities और लगभग 11 लाख healthcare professionals registered हो चुके हैं।
BMC में digital health services का अगला चरण क्या होगा?
MDC अभियान के objectives में ABHA-linked health records के साथ Scan & Share, e-prescription, e-discharge summary, digital laboratory और radiology reports तथा EMR/HMIS जैसी digital services का विस्तार शामिल है।
BMC पहले से अपनी कुछ health facilities में HMIS आधारित digital health infrastructure का इस्तेमाल कर रहा है। BMC के उपलब्ध Year Book में B.Y.L. Nair Hospital और Kasturba Hospital में cloud-based HMIS/Aarogya Sanchayani के implementation का उल्लेख है, जिसमें patient data और कुछ medical information को digital रूप में manage करने की व्यवस्था शामिल है।
इसलिए MDC को केवल नया registration campaign समझना पूरी तस्वीर नहीं होगी। इसका एक उद्देश्य BMC की health services को broader ABDM digital ecosystem के साथ जोड़ना और digital health services का इस्तेमाल बढ़ाना भी है।
क्या ABHA बनने के बाद medical records सुरक्षित रहेंगे?
ABDM framework में health information sharing consent-based व्यवस्था पर आधारित है। ABHA digital identity बनने का अर्थ यह नहीं है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को नागरिक के सभी medical records स्वतः देखने की अनुमति मिल जाती है।
Digital health records को link और share करने की प्रक्रिया में consent और authorised access की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। ABDM का उद्देश्य interoperable digital health ecosystem तैयार करना है, जिसमें नागरिक अपने health records को digital रूप से manage कर सके।
मुंबईकरों के लिए सबसे जरूरी बात
अगर किसी परिवार में 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र का सदस्य है, तो इस अभियान के दौरान ABHA और Ayushman Vay Vandana Card को अलग-अलग समझना सबसे जरूरी है। ABHA digital health identity है, जबकि 70+ senior citizens के लिए Ayushman Vay Vandana PM-JAY health coverage से संबंधित है।
इसी तरह PMJAY/MJPJAY registration को भी ABHA registration से अलग समझना होगा। राशन दुकानों पर होने वाला registration पात्र लाभार्थियों की eligibility verification के बाद किया जाएगा।
MDC अभियान के जरिए BMC नागरिकों, health facilities और healthcare professionals—तीनों को digital health framework से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले 100 दिनों के अभियान में registration, awareness, training और targeted outreach के जरिए इसका विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर ABDM पहले ही 97.8 करोड़ से ज्यादा ABHA और 121 करोड़ से ज्यादा linked health records का आंकड़ा पार कर चुका है। ऐसे में मुंबई में शुरू होने वाला यह 100 दिवसीय अभियान नागरिकों तक digital health services और पात्र health-assurance benefits को जमीनी स्तर पर पहुंचाने की दिशा में BMC की महत्वपूर्ण पहल है।















