निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है।
वी बी माणिक मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के परिमंडल 1 की उप प्रमुख सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सायली गावड़े खुलेआम अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रही है। गावड़े अपने अधीन कार्यरत सुरक्षा कर्मियों से पार्किंग के नाम पर अवैध तरीके से ए वार्ड के क्रॉफर्ड मार्किट और सी वार्ड के मुंबादेवी परिसर में खुलेआम लूट मचा रखा है।
इसके अलावा झूठ बोलने में पीएचडी कर रखा है। कोई भी नागरिक शिकायत करना चाहता है तो सुनने को तैयार नही है। क्या मनपा प्रशासन इनको मुफ्त का पगार देती है ? परिमंडल 1 काफी महत्वपूर्ण इलाका है। जिसमे मनपा मुख्यालय, रानी बाग़, ए, बी, सी, डी और ई वार्ड शामिल है। सी वार्ड में तो एशिया का सबसे बड़ा मार्किट है। गावड़े झूठ बोलकर और महिला होने का फायदा उठाकर अपने वरिष्ठों को भी गुमराह करती है।
Indian fasttrack newsबृहन्मुंबई महानगरपालिका की फाइल तस्वीर
मनपा की सुरक्षा व्यवस्था..
अब प्रश्न ये है कि मुंबादेवी परिसर के आसपास 3 बार बम धमाके हो चुके हैं। जिसमे सैकड़ो निर्दोष लोगों ने अपनी जान गवाई है। फिर भी इनको ध्यान नही है ऐसे निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है। अब देखना यह है कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल इस निष्क्रिय और अयोग्य सुरक्षा कर्मी की कार्यशैली पर जांच करा कर दंडात्मक कार्रवाई करते हैं कि नहीं?
सुरेंद्र राजभर मुंबई- कमाल की बात है। 15 दिनों में 54000 गड्ढे भरना। किसी अजूबे से कम नहीं है। मुंबई महानगर पालिका का दावा है, कि उसने मात्र 15 दिनों में ही महानगर के तीन एक्सप्रेस हाईवे सहित कुल 54000 गड्ढे भर दिए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दावे किए थे कि मानसून के पूर्व ही उसने पहले ही छः हजार गड्ढे भर दिए थे।
ऐसे में बृहन्मुंबई महानगर पालिका का दावा है, कि इससे अब कम गड्ढे पड़ेंगे लेकिन 54 हजार छोटे बड़े गड्ढे उभरना सारे दावे की पोल खोल देते हैं। मनपा यह भी दावा करती है, कि इस बार उसने जनता की शिकायतों का इंतजार नहीं किया। यानी वह कहना चाहती है, कि “अब मुंबईकरों को शिकायत कर जगाने की जरूरत ही नहीं है।” यानी बृहन्मुंबई महानगर पालिका बिना मुंबईकरों के जगाए जागती नहीं थी। सोई रहती थी। इस बार नींद से अपने आप जाग गई। सौ बार शिकायतें करने के बाद भी सोई रहने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन अब जगाए जाने का इंतजार नहीं की। खुद जग गई और रिकार्ड समय में 54000 हजार गड्ढे भर कर मुंबईकरों पर एहसान कर दिया।
Indian fasttrack newsरास्तों की मरम्मत करते मनपा अधिकारी की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
क्या है सवाल..? बृहन्मुंबई महानगर पालिका
इतनी जल्दी और भारी मात्रा में गड्ढे भरने के दावे पर भी सवाल उठेंगे ही। जैसा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका बहाना करती है, कि भारी वर्षा और ट्रैफिक के कारण गड्ढे भारी मात्रा में पड़ते हैं। तो सवाल यह है कि आरसीसी (RCC) की सड़कों में भी गड्ढे क्यों पड़ते हैं? साधारण सी बात है डांबर का शत्रु है पानी और जल भराव से गड्ढे पड़ेंगे ही, लेकिन सड़क बनाने की विधि में प्लास्टिक के उपयोग तक विज्ञान पहुंच गया है। लेकिन मनपा अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग क्यों नहीं करती। हर बार वही गिट्टी डालकर कोरम पूर्ति करना क्या उचित है? चलो इस बार शायद चुनावी वर्ष में बृहन्मुंबई महानगर पालिका अपने आप जागी।मुंबईकरों को जगाना नहीं पड़ा। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका बधाई की पात्र है।
आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।
मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल।
नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- गोरेगांव पी/ दक्षिण वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हें किसी भी तरह का भय नहीं। चाहे जितना न्यूज लिखे, आरटीआई डाली जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती।
फरियाद तो सुने मनपा आयुक्त ..
खुद ही बांधकाम कराते हैं। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नहीं बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।
नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।
ताजा मामला गोरेगांव (पूर्व) शौर्य कंपाउंड, नियर बंजारा पाड़ा, इन बिटवीन शेटेलाइट गार्डन फेस -।।, अरुण कुमार वैद्य मार्ग, का है।जहां गैरकानूनी ढंग से 6000 चौरस फूट के जी + १ (दो मंजिला) के व्यापारिक गाले का निर्माण बना लिया जिसकी एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिससे वार्ड ऑफिसर(प्रभारी) राजेश आक्रे, उपायुक्त विश्वास शंकरवार ने आपस में बांट लिया। दिखाने के लिए 354 (ए) की नोटिस दे दिया। बता दे कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354 (ए) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई जरूरी है। लेकिन अवैध व्यापारिक गाले का बांधकाम जी+१ (दो मंजिला) कुल 6000 वर्गफुट का गैरकानूनी निर्माण करने वाले ठेकेदार आशिफ फतेह मोहम्मद खान को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े।
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सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है की पी/ दक्षिण वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।
आयुक्त के आदेश के बावजूद पी/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा स्टूडियोज को नही हटाकर दे रहे हैं अर्हपूर्ण संरक्षण।
रिश्वत की ताल पर नाच रहा, मनपा का पी/दक्षिण विभाग।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बॉलीवुड फिल्मों व सीरियलों की शूटिंग हेतु बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पी/दक्षिण वार्ड के कार्यक्षेत्र में बनाए गए अस्थाई स्टूडियो के मालिकों ने मनपा द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत भी पी/ दक्षिण वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से अर्थपूर्ण सेटिंग कर निःसंकोच चलाए जा रहे हैं। जबकि मनपा ने उन्हें तत्काल हटाने की नोटिस महीनो पहले जारी कर दी थी। मगर मनपा अधिकारियों की आदत के अनुसार उक्त तीन स्टूडियोज को अर्थपूर्ण संरक्षण देकर न ही तोड़क कार्रवाई की गई है और ना ही स्टूडियो मालिकों के विरुद्ध भूमि पर अतिक्रमण करने का अपराध मनपा प्रशासन द्वारा कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) आरे कॉलोनी, रॉयल पॉम हॉटल के पास रूबी बिल्डिंग के पीछे स्थित मनपा द्वारा शूटिंग के लिए तीन स्टूडियो बनाने की अस्थायी परमिशन ली गई थी, जो काफी पहले ही मनपा आयुक्त द्वारा रद्द कर दी गई थी। तीनों में प्रत्येक स्टूडियो 20, हजार वर्गफिट क्षेत्र पर बनाया गया है। प्रत्येक स्टूडियो का मासिक भाड़ा 90 लाख रुपए है, जिसे परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत अब निजी तौर पर मनपा के अधिकारियों द्वारा वसूला जाता है, जो मनपा के कोष में नहीं जाता है। ऐसा मनपा सूत्रों ने बताया है।
Indian fasttrack newsमनपा पी/दक्षिण विभाग के भ्रष्टाचार की तस्वीर
रिश्वत का खेल क्या कहता है?
उक्त संबंध में मनपा के सहाय्यक आयुक्त राजेश आक्रे, परिमंडल -4 के उपायुक्त (डीएमसी) विश्वास शंकरवार पत्रकारों व शिकायत कर्ताओं को बताने या लिखित जवाब देने में टालमटोल करते हैं। इसकी शिकायत एक शिकायत कर्ता द्वारा दिनांक:13/06/2023 को किए जाने के बाद मनपा पी/दक्षिण के सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहाय्यक अभियंता ने एक पत्रक क्र.सआ पीद/ बी -53/7855 के माध्यम से शिकायतकर्ता को बतलाया है, कि आयुक्त के आदेश के साथ ही साथ दो स्टूडियो के मालिकों ने अदालत से स्टे – ऑर्डर ले लिया है।
बताया जा रहा है, कि मनपा प्रशासन द्वारा मनपा के विधि विभाग को स्टे-ऑर्डर शीघ्र हटवाने का आदेश दिया था। किंतु विधि विभाग (legal department) की कार्रवाई का कोई भी ले आउट नही आया है। यह भी बताया गया है, कि स्टूडियो की परमिशन रद्द किए जाने के बाद से ही स्टूडियो का भाड़ा आधिकारिक तौर पर नही वसूला जाता हैं। यानि कि 90 लाख × 3 = 2,70,00,000 (दो करोड़ 70 लाख मात्र) का भाड़ा, क्या मनपा के कोष में जमा किया जा रहा है? या मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों की जेब में पहुंच रहा है? यह सवाल सर्व जागरूक नागरिकों का है। जिसका जवाब देने में मनपा अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं।
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जबकि आयुक्त द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत सभी स्टूडियोज को हटवा देना या डिमोलिशन कर देना चाहिए था। दो स्टूडियोज का स्टे – ऑर्डर जनहित के परिप्रेक्ष्य में निश्चित ही, मा. न्यायालय द्वारा हटा दिया गया होता, यदि मनपा प्रशासन विधिवत अपना पक्ष प्रस्तुत किया होता? किंतु मनपा पी/दक्षिण के अधिकारियों को तो प्रतिमाह 4 करोड़ 50 लाख की मलाई चाभनी थी ! शिकायत कर्ताओं ने भी स्टूडियो और मालिको व भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय जाने का मन बनाया है।
आर/दक्षिण विभाग के सक्षम अधिकारी है भ्रष्टाचार में लिप्त।
कर रहें हैं मोटी कमाई…
अवैध निर्माण को दे रहें हैं संरक्षण..
उड़ रही मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां..
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महाराष्ट्र सरकार के मुखिया ने आदेश दिया है, कि मुंबई में अब और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए। झोपड़ों की भरमार से जीवनोपयोगी सुविधाओं से मुंबईकर वंचित होते हैं। किंतु कौन सुनता – मानता है मुख्यमंत्री का आदेश? भ्रष्ट मनपा अधिकारी दौलत कमाने के लिए अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे है और उसके बदले हो रही लाखों रुपयों की वसूली। जी हां!आइए चन्द गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते हैं।
हम कांदिवली (पूर्व) आकुर्ली रोड़ स्थित गोविंद सेठ चाल, जूना खदान, अटल बिहारी वाजपेई हॉल के पास, वडार पाड़ा रोड क्रमांक -१, वार्ड क्रमांक २९, में विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर ४ रूम का अवैध बांधकाम हो रहा है। बताया जा रहा है, कि उक्त अवैध बांधकाम को दो बार तोड़ा जा चुका है। किसी तरह की घाही नहीं दिख पड़ती आश्वस्त से लग रहें मजदूर मिस्त्री और भूमाफिया। उसने बताया कि लाखों रुपए गैरकानूनी बांधकाम करने की एवज में आर/दक्षिण वार्ड को वे दे चुके हैं।
Indian fasttrack newsभ्रष्ट अधिकारियों की फाइल तस्वीर
दुसरा है कांदिवली (पश्चिम) देवबाई चाल, कांदिवली गांवठान, कांदिवली गांवठन रोड स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर ५ मकान के आवासीय परिसर का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना किसी वैध अनुमति के इमारत विभाग के अभियंताओं की मिलीभगत से किया जा रहा है। स्थानीय जनता की माने तो सहाय्यक अभियंता प्रमोद ब्राम्हणकर स्वंय इस गैरकानूनी बांधकाम को पहले होने दिया। अब ऐसे में ५ (पांच) मकान के आवासीय परिसर का जमीनी सतह से पूर्ण हो चुके बांधकाम को दिनांक: 24/05/2023 को 354(A) की नोटिस जारी कर अभियंता ने स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का अपना परिचय दिया है।
नोटिस देकर तीन महीने हो गए हैं, लेकिन कार्रवाई जीरो! जरा रुको गैरकानूनी बांधकाम का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 354(A) की नोटिस के तुरंत बाद ही ठीक उसी बांधकाम को ग्राउंड +1 (दो मंजिला) के शक्ल में गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। ताकि नोटिस धारक उक्त नोटिस के आधार पर बकायदा कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने में सफल हो सके और वह बड़ी आसानी से कोर्ट का स्टे ऑर्डर ला सके। यहां भी वही कहानी दोहराई गई।
तीसरा है कांदिवली (पश्चिम) ईरानी वाड़ी,रोड नंबर – ४, नियर शिवशंभु मंदिर स्थित रामनारायण पांडे चाल में रिक्त भूखंड (open plot) पर 200 वर्गफिट के अंतर्गत एक व्यापारिक गाले का गैर कानूनी तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है अजय पांडे। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही है। सहाय्यक अभियंता ने बताया कि परिमंडल -७ की उपायुक्त, भाग्यश्री कापसे बेहद प्रभावशाली महिला अधिकारी है। जिनका संबंध राज्य के नेताओं से है। उनका संरक्षण भी। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए मैडम ने सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डीओ अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराती और संरक्षण देती हैं। लाखों में खेलती है।
Live video on Indian fasttrack news channelकांदिवली के अवैध निर्माण की तस्वीर
राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील ..
इस काले कारोबार में सहाय्यक आयुक्त और डीओ लिप्त है। ये दोनो भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं। अब ऐसे में ठेकेदार और अवैध निर्माण कर्ता, भूमाफिया मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है कोई कितनी भी कंप्लेंन करें! मेरा कुछ भी नही उखड़ेगा। वाह मानना होगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले ठेकेदार और भूमाफिया की हेकड़ी को जिसके सामने आर/दक्षिण, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारी या तो विवश है या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं। राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। अवैध निर्माण तोड़ने, उसका वीडियो बनवाकर शिकायत कर्ताओं को भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। साथ ही भूमाफियाओं और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।
Mumbai BEST Strike : बसों की हड़ताल को लेकर मुंबईकर काफी परेशान हो गए हैं। प्राइवेट कर्मियों की हड़ताल ने मुंबई के कामकाज को प्रभावित कर दिया है।
वी बी माणिक मुंबई- प्राइवेट बस कर्मियों द्वारा हड़ताल पर जाने से मुंबई करों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के मुताबिक, मुंबई (Mumbai) में बेस्ट (BEST) की प्राइवेट बस ड्राइवरों की मांग है, कि उनको भी परमानेंट नौकरी दी जाय। जैसे बेस्ट के ड्राइवर और कंडक्टरो के वेतन के बराबर इनको भी वेतन और सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। पर निजी कंपनियों द्वारा बेस्ट प्रशासन के साथ पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका है, कि इनको बेस्ट विभाग में नही लिया जाएगा। तो फिर ये प्राइवेट कर्मी मुंबई में जगह-जगह तोड़फोड़ और बेस्ट बसों के ड्राइवरों के साथ मारपिट, गाली गलौज कैसे कर सकते हैं?
Mumbai BEST Strike हड़ताल..
हड़ताल (Strike) से मुंबईकर परेशान है, क्योंकि इनको यात्रा करने के लिए बसे नही मिल रही है। एसी बसें रूटों पर नही चल रही है। यहां तक कि डिपो से बसे बाहर नही निकल रही है। इस पर बेस्ट प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी किया है। फिर भी पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है। मालवणी पुलिस ने दिखावे के लिए केवल दो पुलिस की गाड़ी सुरक्षा के लिए दिया है। पर कार्रवाई के लिए नही।
Indian fasttrack newsकांदिवली स्टेशन स्थित BEST बस की तस्वीर
बृहन्मुंबई (Mumbai) विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST) से संबंधित निजी बस चालकों का रविवार को पांचवें दिन भी हड़ताल (Strike) जारी रहा। इसमें परिचालकों की कमी के कारण लगभग 704 बसें सड़कों से नदारद रहीं। हड़ताल के कारण शहर के 18 बस डेपो पर प्रभाव देखा गया जबकि शहर में बेस्ट 27 डिपो से बसों का संचालन करती है। बड़ी शर्मनाक स्थिति पुलिस और नेताओं ने बना रखा है इस पर सारी बेस्ट की सारी यूनियन कान में तेल डालकर सो रही है। क्या राज्य सरकार इस पर जल्दी फरमान देगी या मुंबईकरों को आग में झोंकने के लिए तैयार है। आपको जानकारी देते हुए बता दे कि ये पूरा विभाग मनपा (BMC) के अंतर्गत ही आता है।
घटिया सड़क निर्माण की भी उत्तम जांच रिपोर्ट लगाता है दुय्यम अभियंता अमोल जाधव।
दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के कार्यो की जांच कराने की मांग।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- यदि जलवाहिनी में मध्य रास्ते पर सुराख हो तो उससे पानी बहकर जाया हो जाता है। तथा गंतव्य तक उतना पानी नहीं पहुंच पाता, जितना की उद्धिस्ट होता है। यही दृष्टांत शत प्रतिशत लागू होता है। मनपा आर/दक्षिण में दुय्यम अभियंता के रूप में कार्यरत अमोल जाधव का, जो मनपा के परिरक्षण (maintenence) हेतु जारी की गई निधि को उद्दिष्ट कार्य में नहीं पहुंचने देते और जलवाहीनी के सुराख की भांति निधि को निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से बंदरबाट कर लेते हैं।
अभियंता अमोल जाधव का कारनामा ..
ऐसी जानकारी संवाददाता को दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के प्रिय ठेकेदार ने दूरभाष पर प्रदान की है। बताया गया है, कि दुय्यम अभियंता अमोल जाधव मनपा आर/दक्षिण के परिरक्षण विभाग में कार्यरत हैं। तथा वे ठेकेदारों के प्रिय पात्र है, क्योंकि वह ठेकेदारों को खाने और खिलाने की भरपूर सुविधा देते हैं, कि उनकी इच्छानुसार काम का परसेंटेज व जारी की गई निधि के आधार पर तय रहती है।अब ठेकेदार काम घटिया करे या बढ़िया, किंतु उसे जारी की गई धनराशि तत्काल मिल जाती है।
Indian fasttrack newsसब- इंजीनियर अमोल जाधव की फाइल तस्वीर
यही कारण है कि दोगुनी काली कमाई करने के लिए सड़कों के दुरुस्तीकरण के निर्माण में या गड्ढों को भरने के लिए घटिया कांक्रीट, तारकोल (डांबर) या सीमेंट का उपयोग करते हैं ताकि सड़क की लागत से अधिकतम धनराशि बचाई जा सके।भले ही सड़क का निर्माण एक तरफ से पूरा हो और दूसरी तरफ पुनः टूटना – फूटना शुरू हो जाय,किंतु दुय्यम अभियंता अमोल जाधव घटिया सड़क के निर्माण की भी गलत रिपोर्ट लगा देता है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाता है।
ज्ञात हो कि कुछ वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार के आरोप में इसके खिलाफ अपराधिक मामला भी दर्ज हुआ है और वर्तमान में वह जमानत पर रिहा किया गया है और अपनी ड्यूटी पर आर/दक्षिण विभाग में कार्यरत हैं।ठेकेदारों को ठेके का टेंडर दिलवाने में अमोल जाधव काफी मदद करता है, इसीलिए उसे मनपा कर्मियों द्वारा सड़क इंजीनियर भी कहा जाता है। उसकी देखरेख में बनाई गई सड़के, बनाए जाने के साथ ही टूटने – फूटने व ऊबड़ खाबड़ होने लगती हैं। दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के भ्रष्ट कारनामों की जांच कराकर उसके द्वारा सड़क निर्माणों में किए गए भ्रष्टाचारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने मनपा के शीर्ष अधिकारियों से की है।
उपायुक्त विश्वास शंकरवार की लापरवाही से मिल रहा अवैध निर्माणों को अभयदान।
डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया। Malad BMC
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मालाड, पी/नॉर्थ वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हे किसी भी तरह का भय नही। चाहे जितनी न्यूज प्रकाशित की जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती। खुद ही बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नही बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है। (BMC, अभयदान)
Indian fasttrack newsअवैध निर्माण को दिया गया नोटिस और डिओ. राजन प्रभु के साथ मालाड पी/उत्तर विभाग सहायक आयुक्त किरण दिघावकर की तस्वीर
अवैध निर्माणों को अभयदान.. BMC.
ताजा मामला मालाड (पश्चिम) गेट नंबर -३, रूम नंबर – ५२४, अब्दुल हमीद रोड, मुंबई -९५ का है। जहां गैरकानूनी ढंग से २००० चौरस फूट के ग्राउंड+२ (तीन मंजिला) के व्यापारिक गालों का निर्माण बना लिया, जिसकी एवज में कथित रुप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिसे डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया है। इस तरह की बयानबाजी मनपा गलियारों से आ रही है। जिसकी वजह से उक्त अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना ही इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। (BMC, अभयदान)
वहीं देखा जाय तो परिमंडल – ४ के उपायुक्त विश्वास शंकरवार को मिली शिकायतों पर बरती जा रही लापरवाही भी अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। दिखाने के लिए ३५४(ए) की नोटिस भेज दिया। जिसके नोटिस की संदर्भ संख्या १७०७१२ है। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा। बात बढ़े नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया। (BMC, अभयदान)
बता दें, कि मनपा अधिनियम १८८८ के तहत ३५४(ए) की नोटिस देने के २४ घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई करने का जरूरी प्रावधान है लेकिन अवैध व्यापारिक गालों का बांधकाम ग्राउंड+२(तीन मंजिला) कुल २००० चौरस फूट का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े। “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। (BMC, अभयदान)
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बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है, कि पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North, ward) के सभी आला अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा। (BMC, अभयदान)
‘द मॉल’ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बना ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति,
‘द डिजर्ट लाउंज’ बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (DMC) है जिम्मेदार:आनंद नेरूरकर (दुय्यमअभियंता)
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जिम्मेदार अधिकारी चाहे जितनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हों सबका लक्ष्य अपने निर्धारित ओहदे का निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर काली कमाई कर अपना घर भरना होता है। ऐसे भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर (Bribable) अधिकारियों (Officer’s) को कानून का कोई भय नहीं होता। क्योंकि ऊपर से ऊपर तक काली कमाई (Black Money Income) का हिस्सा पहुंचता है। भ्रष्टाचार..
फिर इनके भ्रष्टाचार की जांच (investigation of Corruption) कराने की जरूरत ही क्या? सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ये हलाल नहीं करेंगे, ताकि कल वह फिर कोई गैरकानूनी (illegal) तरीके से निर्माण (construction) करें और काली कमाई कराए। बेशक यही होता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) वार्डों (Ward) में ज्यादे शिकायत हुई तो नोटिस (NOTICE) दे दो। बस हो गयो काम की इति। एक ऐसा ही मामला पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North Ward) मालाड (पश्चिम) रेल्वे स्टेशन के पास स्थित ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के चौथे महले की टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण बिना नक्शा (build without map) पास कराए (Approval) ही बनाया गया है। जो भ्रष्टाचार (Corruption) और सत्ता (Power) के बीच अटूट और अंतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।
BMC प्रशासन का भ्रष्टाचार DMC जिम्मेदार..
‘ द मॉल ‘ (The Mall) के टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण का मतलब है करोड़ों का लेनदेन! बेशक बिना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों (Officer’s) की अनुमति, सहमति के 3,000 (तीन हजार) वर्गफीट के अंतर्गत ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण हो ही नहीं सकता !
Indian fasttrack newsमलाड बीएमसी किए the mall में कार्रवाई की तस्वीर
बता दें, कि दुय्यम अभियंता आनंद नेरूरकर के अनुसार बिना नक्शा पास कराए ही ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को लेकर जो भी तोड़क कार्रवाई हुई है। वह सिर्फ कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की गई है। क्योंकि हुसैन मकरानी के उक्त गैरकानूनी बार & रेस्टोरेंट के निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (Deputy Municipal Commissioner) जिम्मेदार हैं। इतना कहकर अभियंता आनंद नेरूरकर ने अपनी वाणी को विराम दिया। बताया जा रहा है, कि ‘द मॉल ‘ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी तरीके से बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट में एक कच्चे दीवाल का बांधकाम कर नई पार्टिशन डाली गई ताकि पी/नॉर्थ वार्ड तोड़क कार्रवाई कर इसकी खानापूर्ति कर सके।
ऐसे में पी/नॉर्थ, वार्ड की तरफ से बस हो गयो काम की इति! वहीं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता की जांच को भुला बैठे है सहाय्यक आयुक्त किरण दीघावकर और डीओ राजन प्रभु ! क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुके हैं पी/नॉर्थ, वार्ड के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी? जो यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न (Questions) की तरह मुंह बाए खड़ा है? ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट पर दिखावे के तौर पर की गई कार्रवाई की हमें घोर निन्दा (blasphemy) करनी चाहिए।
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इसके लिए एक निश्चित दंड विधान (penal law) बनाने की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगाम लगाया जा सके। मालाड (पश्चिम) स्थित ‘ द मॉल ‘ (the mall) की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बनाए गए ‘ द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट पर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल उक्त मामले पर संज्ञान लेकर बिना नक्शा पास कराए ही बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलते ही जांच कराएं और फिर कानून (Law) के हवाले कर दें। आशा है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका भ्रष्टाचार (BMC Corruption) पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाएगी।
महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी।
मूसलाधार बरसात में हादसे की संभावना।
सभी स्कूल और कॉलेज बंद।
सुरेंद्र राजभर मुंबई– मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई 8 बजे से लेकर 27 जुलाई दोपहर तक मुंबई में मूसलाधार बरसात की संभावना जताई जाती है। अधिक वर्षा से मुंबई के निचले इलाकों में पानी जमा होकर मुंबईकरों के लिए मुसीबत बन जाता है। मुंबई में आज भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रख मनपा प्रशासन के मुखिया इकबाल सिंह चहल ने आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका और मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के साथ ही सभी कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा जारी कर दी है। साथ ही सभी मुंबईवासियों से सतर्क रहने की अपील भी की है।
मूसलाधार बरसात..
बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले प्रशासन के माध्यम से समयानुसार दिए गए निर्देशों का पालन करने का मुंबईकरों से अनुरोध भी किया है। साथ ही मुंबई से सटे मीरा-भयंदर और पालघर जिले की भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। यहां पर भी सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेजों को बंद करा दिया गया है। इस समय राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। (मूसलाधार बरसात)
Indian fasttrack newsमुंबई शहर में मूसलाधार बरसात की तस्वीर
महाराष्ट्र के 4 जिलों में जारी अलर्ट..
भारी बारिश के पिछले और वर्तमान के अनुमान को देखते हुए आज मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी और चंद्रपुर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जर्जर इमारतों के वर्षा समय में गिरने का खतरा भी होता है। मुंबईकरों से अपिल है, कि घबराएं नहीं। आपातकालीन परिस्थितियों में हेल्प लाइन नंबर 1916 पर सहायता के लिए संपर्क करें। इसको लेकर समूचे मुंबई में एलर्ट जारी कर दिया गया है। (मूसलाधार बरसात)
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प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में, कहा गया है, कि जरूरत नहीं हो तो घर से बाहर न निकलें। जर्जर इमारत के पास पथक की तैनाती की गई है। मनपा आयुक्त ने ऐसी सूचना जारी कर दी है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए समस्त मनपा कर्मी पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की सुरक्षा बल अलर्ट मोड़ पर रहेगी। वहीं लोगों से सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। दोपहर बाद ताजा मिल रही जानकारी के मुताबिक, बोरीवली पूर्व स्टेशन रोड पर पानी भर गया है और दहिसर पूर्व एस वी रोड से शिवाजी रोड पर घुटनों तक पानी भर गया है। कभी भी पानी दुकान के अंदर घुस सकता है। यहां आने जाने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। (मूसलाधार बरसात)