Category: BMC Updates

  • पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल…

    • मलाड BMC का भ्रष्टाचार।
    • भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
    • बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)

    पांच मंजिला भ्रष्टाचार…

    बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण  कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।

    http://indian-fasttrack.com/2023/05/05/gang-arrested-for-looting-money-by-demanding-bank-otp-from-common-people-sitting-in-jamtara
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    मालाड़, BMC, भ्रष्टाचार,
    चीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर

    मलाड BMC का भ्रष्टाचार…

    इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड  (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?

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    आला अधिकारियों का दुधारू गाय…

    झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।

  • मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    • अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
    • लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
    • सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
    • वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)

    केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा।
    बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।

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    फेरीवाला कानून,
    प्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack

    फेरीवाला कानून ..

    सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।

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    मौलिक अधिकार की सुरक्षा..

    कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।

  • मुंबई: भरी बरसात में लोग हुए बेघर प्रशासन का कहर

    मुंबई: भरी बरसात में लोग हुए बेघर प्रशासन का कहर

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    क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।

    लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।

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    जीने का अधिकार,
    बेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर

    आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।

    तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।

    क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?

    कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?

  • कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    • Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
    • अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
    • कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
    • सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News

    बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News

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    Mumbai, BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    Mumbai BMC Commissioner..

    कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News

    आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai

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  • मार्वे बीच पर डूबे 5 लड़के, दो को बचाया तीन अभी भी लापता

    मार्वे बीच पर डूबे 5 लड़के, दो को बचाया तीन अभी भी लापता

    महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा हो गया। बीच पर नहाने गए पांच लड़के समुद्र के पानी में डूब गए। इनमें से दो को बचा लिया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा की खबर सामने आ रही है। समुद्र बीच पर नहाने गए पांच लड़के तट से लगभग आधा किलो मीटर की दूरी पर पानी में डूब गए। पांचों लड़कों की उम्र 12 से 16 बताई जा रही है। इनमें से दो लड़कों को लोगों ने सुरक्षा रक्षक आने से पहले ही बचा लिया। इनका नाम 16 वर्षीय जीतेन्द्र हरिजन और 13 साल का अंकुश भरत शिवारे बताया जा रहा है। 

    मार्वे बीच पर तलाशी और अभियान जारी है

    जानकारी के मुताबिक उनके साथ नहाने गए तीन लड़के अभी भी लापता हैं। तटवर्ती सुरक्षा रक्षक, एफआरटी एफ/एम, एफआरटी नाव, लाइफ जैकेट आदि का उपयोग कर तलाशी और बचाव अभियान जारी है। लापता बच्चों के नाम 12 वर्षीय शुभम राजकुमार जयसवाल, 13 वर्षीयसनिखिल साजिद कायमकुर और 12 साल का अजय जीतेंद्र हरिजन बताया गया है।

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    मार्वे बीच,
    मलाड के मार्वे बीच पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान की तस्वीर

    रविवार को लहरों में बह गया था एक कपल 

    आपको बता दें कि इससे पहले, बीते रविवार को ऐसे ही बांद्रा बैंडस्टैंड में समुद्र किनारे चट्‌टान पर बैठकर फोटो क्लिक करवा रहा एक दंपति (कपल) लहरों में बह गया था। हादसे में 32 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। मृतक का नाम ज्योति बताया जा रहा है, जबकि 35 वर्षीय पति मुकेश सुरक्षित है। महिला को पानी में बहता देख बच्चे मम्मी-मम्मी चिल्लाने लगे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। बताया जाता है कि यह दंपति पिकनिक मनाने के लिए यहां आया हुआ था।

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  • मुंबई- BMC ने तीन नए CBSE स्कूल शुरू किया।

    मुंबई- BMC ने तीन नए CBSE स्कूल शुरू किया।

    • Mumbai BMC started three new CBSE school
    • बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं।
    • दो चेंबूर और एक कांदिवली।
    • 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं और इन स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्रों को पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। बीएमसी ने इस शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में तीन और सीबीएसई स्कूल शुरू कर दिया हैं। इनमें से दो चेंबूर और एक कांदिवली में शुरू किया है। इसके साथ ही चेंबूर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सीबीएसई बोर्ड (CBSE Bord) स्कूलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। (Mumbai BMC started three new CBSE schools)

    छात्रो का मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद 

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2020 में जोगेश्वरी पूर्व के पूनम नगर स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में पहला सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इस स्कूल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मनपा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगामी शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में अन्य स्थानों पर भी सीबीएसई स्कूल शुरू करने का फैसला किया था। मनपा ने 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इसके अलावा आईसीएसई, आईबी और कैम्ब्रिज आईजीसीएसई बोर्ड का एक-एक स्कूल भी शुरू किया है।
    इन स्कूलों की बढ़ती प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने सीबीएसई स्कूलों में छोटा शिशु और किंडरगार्टन कक्षाओं के प्रत्येक बैच को बढ़ा दिया था। कुल 960 सीटें बढ़ा दी गईं। लेकिन फिर भी सीबीएसई स्कूलों की मांग बढ़ रही है और शिक्षा विभाग मुंबई में और अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की कोशिश कर रहा है।

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    Mumbai BMC started three new CBSE schools

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    मुंबई के कांदीवली में सरकारी स्कूल की तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के स्कूलों में केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड स्कूल खुलने के बाद से छात्रों का सरकारी स्कूलों के तरफ काफी बढ़ गया है। सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में नहीं जा सकते क्योंकि वे अन्य बोर्ड के निजी (Private) स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीबीएसई,(CBSE) आईसीएसई (ICSE) और इंटरनेशनल बोर्ड (International Bord) के स्कूलों को काफी अच्छा प्रतिसाद (Response) मिल रहा है। ऑनलाइन (Online) आवेदन करने के बाद एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली जाती है।
    इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का शिक्षा विभाग इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रत्येक प्रशासनिक प्रभाग (ward) में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल शुरू करने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, इस शैक्षणिक वर्ष में तीन नए स्कूल शुरू हो चुका हैं। ऐसे में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

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    नया सीबीएसई स्कूल का पता..

    1) मुंबई पब्लिक स्कूल, आनिक विलेज, जीजामाता नगर, चेंबूर पश्चिम
    2) मुंबई पब्लिक स्कूल, एम. जी क्रॉस रोड, साईनगर, कांदिवली पश्चिम
    3) मुंबई पब्लिक स्कूल, आशीष लेक, वडवली, आरसीएफ, चेंबूर

    मुंबई में किन जगहो पर है CBSE स्कूल..

    भवानी शंकर रोड म्युनिसिपल स्कूल, केन नगर म्युनिसिपल स्कूल, प्रतीक्षा नगर म्युनिसिपल स्कूल, दिंडोशी म्युनिसिपल स्कूल, जनकल्याण म्युनिसिपल स्कूल (मलाड), तुंगा विलेज स्कूल (कुर्ला), राजावाड़ी म्युनिसिपल स्कूल (विद्याविहार), अजीज बाग म्युनिसिपल स्कूल (चेंबूर), हरियाली विलेज म्यूनिसिपल स्कूल स्कूल (विक्रोली पूर्व), मीठानगर स्कूल (मुलुंड पूर्व)।

  • क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    • BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल का कार्यालय निरूत्तर।
    • BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार
    • मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।

    BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार।

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    BMC, भ्रष्टाचार,
    प्रतिकारात्मक ताज़ा तस्वीर

    शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।

    क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

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    मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

  • मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

    वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।

    BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..

    बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/03/foreign-national-reached-mumbai-with-cocaine-worth-rs-13-crore-in-bag-arrested-by-customs
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    BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?

    सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।

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    मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..

    मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।

  • दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।

    वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्‌ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्‌ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्‌ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्‌ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्‌ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

    इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्‌ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/30/anant-bhagwatkar-retired-from-municipal-corporation
    Indian fasttrack news
    Mumbai Bmc,
    फाइल तस्वीर

    Mumbai BMC Road News

    बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्‌ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्‌ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्‌ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”

    रिएक्टिव अस्फाल्ट का कैसे होगा इस्तेमाल?

    रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्‌ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्‌ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्‌ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।

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    मुंबई में सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्‌ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्‌ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”

    पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..

    सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्‌ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्‌ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्‌ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्‌ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्‌ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।

    मुंबई में गड्‌ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्‌ढों की शिकायतों में 67 गड्‌ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्‌ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्‌ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्‌ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।

  • अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर अपने मनपा के कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए इस उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आपको बता दें कि मनपा प्रशासन में इन जैसा अफसर मिलना मुश्किल है।

    वी बी माणिक ( बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उप मुख्य अभियंता घन कचरा व्यवस्थापन अनंत भागवतकर आज सेवा नृवित्त हो गए हैं। अपने पूरे कार्यकाल में मनपा के अनेक विभागों में सराहनीय कार्य किया। इस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने अपने एक व्यक्तव्य में कहा, कि “मैंने कई विभागों में कार्य किया है। पर पानी विभाग में कार्य करने का अवसर नही मिला।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/19/municipal-workers-of-a-department-are-doing-recovery-by-suppressing
    Indian fasttrack news
    अनंत भागवतकर,
    मुंबई मनपा अधिकारी अनंत भागवतकर के सेवानिवृत्त कार्यक्रम की तस्वीर

    अनंत भागवतकर..

    आपको बता दें, कि आर/ई (अतिक्रमण निर्मूलन दस्ता) में जब वार्ड ऑफिसर के पद पर अनंत भागवतकर कार्यरत थे। तब इन्होंने अवैध निर्माण कर्ताओ से दंड के रूप में 54 करोड़ की वसूली की थी। जो कि अभी तक किसी ने नही किया है। जबकि शहर में आज भी अतिक्रमण जोरों पर है लेकिन कार्रवाई के मामले में अनंत भागवतकर की तरह अफसर मिलना मुश्किल है। सेवानिवृत्त के कार्यक्रम के इस मौके पर वार्ड ऑफिसर उद्धव चन्दनशिवे पूर्व मुख्य अभियंता यमगर और डीएमसी संजोग कबरे के साथ और भी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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