Category: BMC Updates

  • स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली मनपा ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका का मरीन लाईन स्थित ‘सी’ वार्ड अंतर्गत आजकल अवैध निर्माण बढ़ता जा रहा है। जिस पर ‘सी’ वार्ड में कार्यरत परिरक्षण विभाग, लाईसेंस विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी केवल वसूली में व्यस्त है। शिकायत करने पर भी कार्रवाई नही हो रही है। इन लुटेरों पर किसका आशीर्वाद है ये कोई बताने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है। तस्वीर में दिखने वाला यह नजारा मुंबादेवी कम्पाउंड परिसर का है। ये ब्राह्मणों को पूजा-पाठ के लिए अस्थायी रूप से आबंटित की गई जगह है, जो कुछ ब्राह्मण इसको किराये पर देकर अपने पैतृक गाँव में आनंद ले रहे है। जिसका फायदा पटवा लोग महिलाओ के श्रृंगार का सामान बेच कर और इसपर अवैध निर्माण करके मनपा कर्मियों को अवैध सेवा शुल्क दे रहे है। (Mumbai Bmc c ward news)

    मनपा,
    मनपा सी वार्ड अंतर्गत अवैध कारोबार की तस्वीर

    मनपा ‘सी’ वार्ड का अवैध निर्माण ..

    इनके पास कोई लाइसेंस नही है इसके अलावा लाइसेंस विभाग के निरीक्षक गोसावी अपने गुर्गों से वसूली करवाकर इन सभी अवैध दुकानदारों को अभयदान दे रखा है। इन पर कार्रवाई करने के लिए मनपा उपायुक्त स्पेशल संजोग कबरे ने कई बार आदेश जारी किया है। पर लक्ष्मी जी के आगे सारे आदेश अमान्य हो रहे हैं। मनपा की जिम्मेदारी बताकर इस पर लोकल पुलिस भी कुछ कार्रवाई नही कर रही है। (Mumbai Bmc c ward news)

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    यह स्थान काफी संवेदनशील है। जानकारी के मुताबिक, 1993 से अब मंदिर के लगभग 3 बार बम धमाके हो चुके है। जिसमे सैकड़ो लोगो ने अपने प्राणों की आहुति दी है। फिर भी ये मनपाकर्मी सुधरने को तैयार नही है। इस विषय पर कई बार प्रमुख अखबारों में खबरे भी लग चुकी है। इसके पश्चात कार्यवाही को लेकर मनपा और पुलिस अधिकारियों से मीटिंग भी हो चुकी है फिर भी प्रशासन सुधरने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

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  • जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    पानी की सप्लाई प्रभावित होगी क्योंकि आर सेंट्रल वार्ड के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरीवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा निर्धारित रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। आर-साउथ (कांदिवली), आर-सेंट्रल (बोरिवली), और आर-नॉर्थ (दहिसर) के इन वार्डों में पानी की सप्लाई कम दबाव में होने की संभावना है। (Mumbai water supply News)

    कम दबाव मे पानी सप्लाई ..

    बीएमसी ने बोरिवली हिल जलाशय दो का संरचनात्मक ऑडिट करने की योजना बनाई है, जिसके लिए मंगलवार, 9 जनवरी को जलाशय को अस्थायी रूप से खाली कर दिया जाएगा। रखरखाव कार्य का उद्देश्य जलाशय की संरचनात्मक स्थिरता का आकलन करना है। इसके साथ ही आप को बता दें, कि प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा है, कि पिछले 3 सालों के मुकाबले इस साल सबसे कम पानी कटौती की संभावना है। अब तक मुंबई की झीलों में
    65.8% पानी का भंडार। (Mumbai water supply News)

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    प्रभावित क्षेत्र
    आर-साउथ वार्ड के जो क्षेत्र प्रभावित होंगे उनमें गुंडेचा, ठाकुर विलेज और कांदिवली (पूर्व) में समता नगर सरोवा कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। आर-सेंट्रल वार्ड में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ला बेलेजा और ला विस्टा, बोरीवली (पूर्व) शामिल हैं, जबकि आर-उत्तर वार्ड में केतकीपाड़ा (भाग), एकता नगर, दहिसर टेलीफोन एक्सचेंज, घरतनपाड़ा नंबर 1 और 2, गणेश मंदिर रोड शामिल हैं। इसके साथ ही आशा विनायक चॉल, दहिसर (पूर्व), दहिसर पुलिस स्टेशन क्षेत्र और किसान नगर प्रभावित होंगे। (Mumbai water supply News)

    पानी सप्लाई,

    बीएमसी के एक बयान में कहा गया है, कि “आर-सेंट्रल वार्ड में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरिवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा। यह कार्य 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे के बीच आठ घंटे की अवधि के लिए लिया जाएगा। (Mumbai water supply News)

    इसके साथ ही एक बयान के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में जल्द पानी की कटौती होने की संभावना नहीं है क्योंकि एक वरिष्ठ नागरिक अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि झीलों में वर्तमान में 15 जुलाई तक पानी की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त भंडार है। (Mumbai water supply News)

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    मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में पानी का भंडार शुक्रवार को उनकी कुल क्षमता का 65.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो पिछले तीन वर्षों के मुकाबले सबसे कम है। मनपा के अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) पी वेलरासु ने कहा, कि “तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति करने के लिए, हमें लगभग 1 प्रतिशत पानी की आवश्यकता होती है। 66 प्रतिशत पर, हमारे पास 15 जुलाई तक पर्याप्त पानी है। इसलिए, चिंता का कोई कारण नहीं है।” (Mumbai water supply News)

  • मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    • मुंबई में खाली जमीन को हथियाने के लिए BMC के सरकारी अधिकारी ही अपराध का साथ दे रहे हैं।
    • न्यायालयीन ‘स्थगन’ आदेश की अवहेलना कर मालाड (पूर्व) ठेकेदारों द्वारा धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महानगरपालिका (BMC) प्रशासन व महशुल विभाग की नाकामियों के चलते मुंबई में भूमाफियायों व अवैधनिर्माण कर्ता, ठेकेदारों के हौसले इस कदर बुलंद है, कि वे मनमानी तौर पर अवैध निर्माण ही नहीं करते बल्कि कोर्ट के आदेशों की अवमानना करके कानून से खिलवाड़ भी करते हैं। यानि कि वे मनपा, महशूल विभाग व अदालतों तक को भी धत्ता बताकर अपनी मनमानी करते हैं। कारण यहां खाली जमीन की किमत आसमान छू रही हैं।
    ऐसा ही एक मामला मनपा पी/उत्तर विभाग के कार्यक्षेत्र में वार्ड क्रमांक -४५ के अंतर्गत यूसुफ चौकसी कंपाउंड, मिलन सेवा संघ सोशल, खोडियार माता मंदिर के सामने, बच्छानी नगर, चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल के समीप, मालाड (पूर्व) में हमीद कुरेशी व वालम कुरेशी द्वारा अनधिकृत निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

    BMC अधिकारीयों के कारनामे ..

    BMC,

    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवैध निर्माण के विरुद्ध संजय रामदास भगत द्वारा मनपा प्रशासन एवं महशूल विभाग के संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी थी। किंतु अपेक्षित कार्यवाई के अभाव में वर्ष २०११ में एक मामला मुकदमा नंबर – ११४३ हीरा पी. फडिकर और पंचानन फडिकर के विरुद्ध दायर किया गया था। मामले के मुताबिक, उक्त दोनों ने अपीलकर्ता संजय रामदास भगत के रूम नंबर -१ के समीप अवैध निर्माण कर रहे हैं।

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    इस अपील को दिनांक -२५/१०/२०२३ में खारिज कर दिया गया था। सिटी सिविल कोर्ट दिंडोशी के उक्त फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं जबकि उसी न्यायालय में मुकदमा नंबर -२११७/२०११ अब तक विचाराधीन है। जिसमें भी उक्त जगह पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर स्थगन आदेश लगाया गया है। इसके उपरांत भी उक्त ठेकेदारों द्वारा न्यायालयीन आदेशों का उल्लंघन करके उपरोक्त ठेकेदारों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    Malad SRA Project Live video on indian fasttrack news channel

    उक्त स्थल पर किए जा रहे अवैध निर्माणों को मनपा पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों का आपसी समर्थन आर्थिक सेटिंग के आधार पर किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है। अन्यथा अदालत की अवमानना करके अवैध निर्माण किया जाना मुश्किल था। मनपा के बांधकाम विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी उक्त निर्माण स्थल पर आते-जाते देखे जाते हैं। मनपा अधिकारियों को उक्त स्थल पर न्यायालयीन स्थगनादेश की भी जानकारी है।
    इसके उपरांत भी मनपा उक्त ठेकेदारों के अवैध निर्माण कार्य पर न तो रोक लगायी है और ना ही उक्त संबंध में न्यायालय को भी सूचित है। स्थानीय जनों ने उक्त अवैध निर्माण पर तत्काल तोड़क कार्यवाही कर ठेकेदारों के विरुद्ध एमआरटीपी (MRTP) के तहत दंडात्मक कार्रवाई कराये जाने की
    मनपा प्रशासन से अपील की है।

  • सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    • मनपा आयुक्त के रूप में सबसे ज्यादा अयोग्य अभ्यर्थी नियुक्त करने का चहल का रिकार्ड
    • मनपा आयुक्त चहल के कैरेक्टर रोल की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मुंबईकरों की मांग।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त  इकबाल सिंह चहल को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु किसी को क्या मालूम था की इकबाल सिंह चहल अपने निजी लाभ के लिए सहायक आयुक्तों की होने वाली नई भर्ती पर ध्यान नहीं देंगे तथा वह कभी भी राज्य संघ लोक सेवा आयोग से सहायक आयुक्त की भर्ती के लिए कोई मांग नहीं करेंगे। इन दोनों ने ऐसा किया है जिसके कारण मनपा में सहायक आयुक्त का कार्य भी प्रभारी सहायक आयुक्त से लिया जा रहा है। सहायक आयुक्त की जगह अपेक्षित काम ना कर पाने के कारण प्रभारी सहायक आयुक्त जनता की अनेक समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं।

    मनपा आयुक्त द्वारा प्रभारी सहायक आयुक्तों की नियुक्ति ..

    सूत्रों का कहना है, कि कितनों को तो आयुक्त चहल ने योग्यता न होने के बावजूद भी नियुक्त किया है, जिसे उनका निंदनीय भ्रष्टाचार माना जा रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहायक आयुक्तों की भर्ती बंद होने से निगम के 10 से 15 विभाग कार्यालयों का प्रभार सहायक आयुक्तों के पास है। इसके कारण विभाग में कई नागरिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं और देखा जा रहा है कि प्रभारी सहायक आयुक्त कभी-कभी उनका समाधान करने में विफल हो रहे हैं।

    मनपा आयुक्त,
    मुंबई मनपा आयुक्त मुख्यालय की फाइल तस्वीर

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    मुंबई महानगर में 24 नगरपालिका प्रभाग कार्यालय हैं। इनमें से प्रत्येक संभागीय कार्यालय का प्रबंधन एक अलग एमपीएससी से चयनित एक सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है। लेकिन चूंकि एमपीएससी द्वारा पिछले दो वर्षों से सहायक आयुक्त की भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, इसलिए मनपा प्रशासन ने उन अधिकारियों को प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया है जो कुछ विभागीय कार्यालयों में घनकचरा व्यवस्थापन व परिरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता हैं।

    ऐसे में उनके लिए वार्ड का कार्यभार पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके कारण वार्ड में कूड़ा-कचरा, सड़क, अनाधिकृत निर्माण, रेहड़ी, फेरीवाले और प्रतिष्ठानों का आस्थापना विभाग सहित अन्य समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। नतीजा, इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गत वर्ष से मुंबई नगर निगम में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वे नगर पालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    नागरिकों को सीवरेज, फुटपाथ मरम्मत, जलापूर्ति, मलिन बस्तियों में सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए नगरसेवकों के कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। चूंकि नगरसेवकों का कार्यालय भी बंद है, इसलिए उनके कार्यालय जाने पर भी नागरिकों का काम नहीं हो पाता है। नागरिकों की यह भी शिकायत है कि नगर निगम सहायक आयुक्त द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे दिन-ब-दिन शहर में नागरिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।

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    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यकाल में फर्जी वार्ड ऑफिसर से मोटी रकम लेकर नियुक्ति की है ऐसा कहा जाता है। स्थानीय विधायक और सांसद की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए इन वार्ड ऑफिसरों की मनपा आयुक्त से सांठ-गांठ कर नियुक्ति की है ऐसा भी कहा जाता है। जिसमे आयुक्त की प्रति माह ५०० करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय है। क्या इसकी जांच राज्य सरकार और केंद्र सरकार करेगी या ईडी सीबीआई करेगी।

  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/09/mumbai-building-fire-fire-breaks-out-in-andheri-east-building-33-including-2-newborns-rescued
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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • Mumbai building fire: अंधेरी पूर्व की इमारत में लगी आग, 2 नवजात शिशुओं सहित 33 को बचाया गया

    Mumbai building fire: अंधेरी पूर्व की इमारत में लगी आग, 2 नवजात शिशुओं सहित 33 को बचाया गया

    एक घंटे के भीतर, पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – अंधेरी पूर्व में स्थित एक इमारत में शनिवार को आग लग गई। जिसके बाद इमारत से दो नवजात शिशुओं सहित तैंतीस लोगों को बचाया गया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, ये घटना शनिवार सुबह की है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने पहुंच कर आग पर काबू पाया। अधिकारियों ने बताया कि किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मामले की आगे की जांच जारी है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/03/two-wheeler-driver-became-victim-of-black-misdeeds-of-contractor-and-engineer-suffered-serious-leg-injuries
    indian fasttrack news

    बीएमसी आपदा नियंत्रण ने बताया कि सुबह लगभग 9 बजे अंधेरी पूर्व के साकीनाका में साकी सोसाइटी में आग लगने की सूचना मिली। विभिन्न मंजिलों पर कई लोग आग में फंसे हुये थे। आग स्पष्ट रूप से भूतल पर स्थित एक इलेक्दट्रिक मीटर बॉक्स केबिन में लगी, जिसने वायरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड और अन्य वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से आवासीय भवन की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।

    अंधेरी,

    आग के कारण जहरीला धुंआ ..

    चारों तरफ चीख-पुरकार मची हुई थी। लोग अलग-अलग मंजिलों पर फंस गए थे। घने जहरीले धुएं के कारण वे सीढ़ियों से भी नहीं उतर पा रहे थे। छत पर ताला लगा हुआ था। अत्याधुनिक उपकरणों और सीढ़ियों से लैस मुंबई फायर ब्रिंगेड की एक टीम इमारत में पहुंची और आग से लड़ते हुए निकासी अभियान शुरू किया।

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    एक घंटे के भीतर, उन्होंने एंगस लैडर और इमारत की सीढियों का उपयोग करके पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला। बीएमसी अआपदा नियंत्रण ने कहा, “आखिरकार, सुबह 10:45 बजे के आसपास आग बुझ गई और अब कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है। इस त्रासदी में कोई घायल नहीं हुआ है।

  • तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और नगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों अन्य  संस्थाओं में कब भर्ती किया जाएगा तृतीय पंथियों (किन्नरों) को। सरकारी नौकरियों में इनके आरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    2012-13 के समय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में न्यायमूर्तियों ने एक आदेश पारित कर कहा है, कि इनको भी पुरुषों और महिलाओं की तरह तृतीय पंथियों को भी नौकरी में लिया जाना चाहिए। जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के अधीन राज्य सरकार ने अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 तहत कलम 9 और 10 में तरतूद किया है, कि किसी भी किन्नरों को रोजगार सम्बंधित किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जाएगा।

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    आरक्षण,

    आरक्षण पर सवाल?

    राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया रिट याचिका क्र 400/2012  एवं  604/2013 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया है, कि किन्नरों को शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जाति के नागरिक के आधार पर आरक्षण दिया जाय। इसके लिए तृतीय पंथियों को लेकर एक संस्था ‘संपदा ग्रामीण महिला संस्था (संग्राम)’ ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एल क्र. 2781/2022 दाखिल किया है। इस आधार पर एक तृतीयपंथी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए आवेदन किया गया है।

    अब प्रश्न ये है, कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र की सभी सरकारी संस्थाओं ने अभी तक केवल पेपर बाज़ी के अलावा कुछ भी नही किया है। केवल एक ‘नगरपालिका पिम्परी चिंचवड़’ ने कुछ किन्नरों की भर्ती किया है। किन्नरों को सभी विभागों में उनकी योग्यता के आधार पर भर्ती करना है। माननीय न्यायालय ने 9 दिसंबर 22 को निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य शासन ने  पुरूष महिला और तृतीय पंथी ऐसे शब्दों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।

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    मनपा और राज्य सरकार में सुरक्षा के लिए भर्ती करने की प्रतिक्रिया शुरू करने जा रही है। पर तृतीयपंथियो के जीवन यापन के लिए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय होगा। ये भर्ती कब शुरू होगी? कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इस पर सरकार विचार कर रही है। इस पर अतिशीघ्र निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है। पर इसका पालन सरकार खुद नही कर रही है, इसके लिए जबाबदार कौन है?

  • भूमाफिया मयूर केनी के गैरकानूनी निर्माण को बचाने में लगे जिम्मेदार अधिकारी

    भूमाफिया मयूर केनी के गैरकानूनी निर्माण को बचाने में लगे जिम्मेदार अधिकारी

    • भू-माफिया मयूर केनी के अवैध निर्माणों में धड़ल्ले से अपनी काली कमाई लगाकर दोगुना लाभ कमा रहे हैं मनपा पी/उत्तर के अधिकारी
    • क्या इन अवैध निर्माणों को धराशाई कर भूमाफिया के विरुद्ध एमआरटीपी के तहत दंडात्मक कार्रवाई कर पाएगा मनपा प्रशासन?

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    रिक्त भूखंड (Open Plot) पर बड़े बड़े गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य होते नही, मनपा अधिकारी खुद अपना कालाधन (BlackMoney) लगाकर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य करते हुए भ्रष्टाचार (Corruption) की सीमा लांघकर खूब दौलत जमा करते हैं। ऐसा ही गैरकानूनी (illegal) निर्माण कार्य वार्ड क्रमांक 32, जय भोले सोसायटी, पठारे वाड़ी रोड़ से बाजार गली रोड़, नियर दीना सिरामिक्स, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई – 400095 स्थित रिक्त भूखंड पर 24, रूम का ग्राउंड +1 (दो मंजिला), निवास का अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा बनाकर बेचा भी जा रहा है।

    निश्चित ही मनपा पी/उत्तर (BMC, P/North) विभाग के डीओ, राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को मजबूर किया हो या फिर कुछ धन दिया हो। दोनो ही स्थिति में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ही गैरकानूनी बांधकाम (illegal Construction) के लिए जवाबदेह हैं। इस भ्रष्ट (Corruption) आचरण वाले जिम्मेदार अधिकारियो ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग किया है, जिसके चलते ये दोनो सजा के लिए भी पात्र है। अतः डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर के खिलाफ अविलंब गैरकानूनी बांधकाम की उपेक्षा ही नहीं अधिनस्थों को भी अपने भ्रष्ट व्यापार (Corrupt Business) में शामिल करने के कारण सेक्शन 56(ए) महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नागरीय प्लानिंग एक्ट 1966 और मनपा सर्विसेज एंड कंडक्ट रूल्स 1989 के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाय।

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    मनपा, पी/उत्तर,
    अवध निर्माण की तस्वीर

    मनपा पी/उत्तर वार्ड अवैध निर्माण का अड्डा..

    जैसे एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है।उसी तरह डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने पूरे वार्ड को ही भ्रष्ट (Corrupt) बना दिया है। इसलिए इन दोनो अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाय।
    पता चला है कि चूंकि उक्त अवैध निर्माण में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर का पैसा लगा हुआ है, इसलिए सारे अधिकारी मिलकर उक्त अवैध निर्माण को बचाने में लगे हुए हैं। इसका प्रमाण यह है कि गैरकानूनी निर्माण के रूप में 24, रूम, वह भी दो मंजिला मकान बनाए जा रहे हैं। अब ऐसे में मनपा का पी/ उत्तर, वार्ड अवैध निर्माण का अड्डा बन चुका है।

    अब देखना यह है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का तोड़क दस्ता गैरकानूनी निर्माण यानी 24, रूम, ग्राउंड +1, के (दो मंजिला) मकान पर तोड़क कार्रवाई करते है या नहीं? बताया जाता है, कि मयूर केनी ने सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर अवैध निर्माण के जरिए करोड़ों की चल अचल संपत्ति (BlackMoney) अर्जित कर ली है। हम मांग करते हैं, कि अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा अवैध रूप से सरकारी भखंडो पर कब्जा कर सैकड़ों की संख्या में चालियां बनाकर बेचे जाने पर क्या महाराष्ट्र सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे आरोपी मयूर केनी के उपर कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजेंगे या लीपापोती की जाएगी।

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  • ठेकेदार की काली करतूतों का शिकार हुआ दुपहिया चालक

    ठेकेदार की काली करतूतों का शिकार हुआ दुपहिया चालक

    • मनपा आर/दक्षिण के क्षेत्र में कांदिवली (पश्चिम) में हुआ घटिया सामग्री से घटिया सड़क निर्माण (भ्रष्टाचार)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर मुंबई में सर्वसामान्य लोगों की नागरिक सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए गठित बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC), कुछ करे या न करे किंतु नागरिकों (Citizens) को भ्रष्टाचार (Corruption) से किसी न किसी रूप में रूबरू अवश्य कराती है। मनपा कर्मियों की इसी भ्रष्ट (Corrupt) करतूतों का शिकार एक दुपहिया वाहन चालक (two wheelers Driver) शिव प्रसाद यादव हो गया है। जिसे घटिया सामग्री व तकनीक से बनाए गए डिवाइडर में यूटर्न लेते समय गंभीर चोटें आई हैं।

    सड़क निर्माण मे भ्रष्टाचार

    भुक्त भोगी यादव ने कांदिवली पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र देकर सड़क निर्माण के ठेकेदार (Contractor) व निर्माण स्तर के निरीक्षक अभियंताओं (engineer’s) के विरुद्ध अपराध (Crime) दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई (legally Action) किए जाने की अपील की है।
    उक्त शिकायती पत्र पुलिस व मनपा (BMC) के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित किया है। पत्र में दर्शाया गया है, कि शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव गत 30 अगस्त 2023 कांदिवली (पश्चिम) स्थित माथुरादास रोड़ पर जा रहे थे। जहां श्री राम स्वीट्स के पास वह यू – टर्न लेने लगे तो डिवाइडर में उनका पैर फंस जाने से उन्हें गंभीर चोट आई है।

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    भ्रष्टाचार, मनपा,
    घटना स्थल की तस्वीर

    पीड़ित एवं शिव प्रसाद यादव कांदिवली (पश्चिम) स्थित शताब्दी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बता दें कि उक्त क्षेत्र मनपा आर/ दक्षिण (R/South) विभाग के कार्य क्षेत्र में आता है। शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव का कहना है, कि अधिकतम काली कमाई (BlackMoney) करने के लिए उक्त सड़क के निर्माण का ठेकेदार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता से सांठगांठ कर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर घटिया तकनीक से नौसिखिये कारीगरों द्वारा रोड़ का निर्माण कराया है। जिसके कारण डिवाइडर की सेटिंग में काम गैप होने से शिकायतकर्ता का पैर फंसा है।

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    शिकायत कर्ता ने ठेकेदार व मनपा अभियंताओं, जिसने कि सड़क पास किया है, के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने तथा उक्त रोड़ के निर्माण की तटस्त जांच विशेषज्ञों की टीम से कराने का निवेदन पुलिस व मनपा (BMC) के उच्च अधिकारियों से किया है। शिकायतकर्ता शिव प्रसाद यादव का आरोप है, कि ठेकेदार व मनपा अधिकारी सड़क टेंडर का पैसा आपस में बंदरबाट करते है तथा ठेकेदार सड़क निर्माण सस्ती सामग्री व तकनीक से कर देता है। ठेकेदार व सड़क की रिपोर्ट करने वाले अभियंता के विरुद्ध जनोपयोगी निर्माण में कम लागत लगाने व घटिया निर्माण कर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) व जनता (Public) से धोखाधड़ी करने का अपराध दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई किये जाने की अपील की है।