Category: BMC Updates

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  • 5 मार्च तक मुंबई में 15% ठाणे में 50% पानी कटौती, वजह जानें

    5 मार्च तक मुंबई में 15% ठाणे में 50% पानी कटौती, वजह जानें

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पिसे वॉटर पंपिंग स्टेशन में आग लगने के कारण मुंबई में 5 मार्च तक 15 और ठाणे शहर में 50 प्रतिशत पानी कटौती होगी। मनपा जलापूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेशन में दो ट्रांसफार्मर और 15 पंप चालू हो गए हैं, तीसरा ट्रांसफार्मर 5 मार्च तक चालू होगा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC)  के पिसे वॉटर पंपिंग स्टेशन में सोमवार को आग लगने के कारण मुंबईकरों को 5 मार्च तक 15 फीसदी पानी कटौती का सामना करना पड़ेगा। मनपा जलापूर्ति विभाग (BMC water supply Department) के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेशन में दो ट्रांसफार्मर और 15 पंप चालू हो गए हैं, तीसरा ट्रांसफार्मर 5 मार्च तक चालू होने की उम्मीद है। इसके कारण 27 फरवरी आधी रात से 5 मार्च तक मुंबई शहर सहित पश्चिमी उपनगर, पूर्वी उपनगरों में पानी की आपूर्ति में 15 फीसदी की कटौती होगी। इस दौरान, ठाणे शहर, भिवंडी के रहिवासियों को भी पानी की कटौती का सामना करना पड़ेगा। मनपा जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने बताया कि ट्रांसफार्मर की आग से प्रभावित सेंटर की मरम्मत की जा रही है। दो ट्रांसफार्मर और 20 में से 15 पंप चालू कर दिए गए हैं। (Mumbai And thane water cut BMC news)

    जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को मुंबई के ज्यादातर हिस्सों में पानी नहीं आया। जिन हिस्सों में पानी आया, वहां 30 फीसदी तक कटौती थी और काफी कम दबाव में पानी आया। आग की वजह से मुंबई के साथ ठाणे के भी कई हिस्से पानी कटौती से प्रभावित रहे। आग की घटना सोमवार को देर रात हुई थी, इसलिए लोगों तक जानकारी भी नहीं पहुंच सकी। शहर के कई इलाकों में पानी स्टोरेज की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए लोग दिनभर परेशान रहे। (Mumbai And thane water cut BMC news)

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    ठाणे में 50 प्रतिशत पानी कटौती

    मुंबई मनपा के भातसा बांध पर पिसे पंपिंग स्टेशन में हुई शॉर्ट सर्किट की घटना का असर ठाणे की जलापूर्ति (water supply) पर भी पड़ा है। शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई में कटौती हुई है। मुंबई मनपा ठाणे शहर को प्रतिदिन 85 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है। घटना के चलते उक्त आपूर्ति में मुंबई मनपा ने 50 प्रतिशत पानी कटौती लागू की है। इसके चलते शहर के धोबी घाट, कोपरी ईस्ट, आनंद नगर, गांधी नगर, नौपाड़ा, बी केबिन, राम मारुति रोड टेकड़ी बंगला, पांचपाखाड़ी, हजूरी, लुईसवाडी, वागले इस्टेट, साईनाथ नगर, रघुनाथ नगर, अंबिका नगर, जीजामाता नगर, रामचंद्र नगर, इंदिरा नगर की जलापूर्ति बाधित हो गई है। (Mumbai And thane water cut BMC news)

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    मुंबई को मोडक सागर, तुलसी, तानसा, विहार, मध्य वैतरणा, भातसा झील और अपर वैतरणा झील से प्रतिदिन 3850 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। अब झीलों में पानी कम होने लगा है। (Mumbai And thane water cut BMC news)

  • सालाना 15 करोड़ का कारोबार और सरकार को ठेंगा

    सालाना 15 करोड़ का कारोबार और सरकार को ठेंगा

    • सहायक आयुक्त ललित तलेकर की निगरानी में मिल बांटकर चल रहा अवैध Avirahi Banquet Hall का गोरखधंधा
    • इमारत के गिरने और लोगों की जान जाने का जिम्मेदार मनपा आर/दक्षिण विभाग

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    कांदीवली मनपा आर/दक्षिण विभाग पिछले कई सालों से कांदीवली पश्चिम रेलवे स्टेशन स्थित ‘अविराही बैंक्वेट हॉल’ में पार्टनरशिप का काम कर रही है। अविराही होटल की आड़ में इमारत की टेरेस पर अवैध बैंक्वेट हॉल का निर्माण किया गया है। इसके संरक्षण के नाम पर मनपा के संबंधित इमारत बांधकाम, आरोग्य, अनुज्ञापन और जल विभाग के अधिकारियों के इस कारोबार के मुनाफे में सामुहिक पार्टनरशिप की जानकारियां प्राप्त हो रही है। इसको लेकर समाजसेवक मोहम्मद आसिफ अंसारी ने मनपा परिमंडल-7 के उपायुक्त से जांच एवं कार्यवाही हेतु शिकायत दर्ज कराई है। (Avirahi Banquet Hall)

    बता दें, कि कांदीवली पश्चिम रेलवे स्टेशन के बगल में स्थित अविराही आर्केड शॉपिंग सेंटर के टेरेस पर बैंक्वेट हॉल के हर प्रोग्राम में हजारों से ज्यादा लोगों का यहां जमावड़ा होता है। हर कार्यक्रम का लगभग 6 लाख रुपये से 11 लाख रुपये के बीच एक बार का बिल बनता है। अंदाजन हर महीने 10 से 12 कार्यक्रम, इस हिसाब से सालाना लगभग 15 करोड़ रुपयों का अवैध बैंक्वेट हॉल के नाम पर कारोबार किया जा रहा हैं। जो मनपा राजस्व के जरिए सरकार को सीधे तौर पर चूना लगाया जा रहा है। यहां भीड़ इकट्ठा होने की वजह से इमारत को नुकसान तो हो रहा है, कोई हादसा हुआ तो सीधे तौर पर लोगों की जान चली जाएगी तब जाकर सरकार को पता चलेगा की मनपा की संरक्षण में यहां क्या हो रहा था। (Avirahi Banquet Hall)

    Avirahi Banquet Hall:,
    अविराही बैंक्विट हॉल और अविराही होटल की तस्वीर

    मनपा की मिली भगत से Avirahi Banquet Hall का अवैध कारोबार

    शिकायतकर्ता मोहम्मद आसिफ अंसारी ने मनपा आर/दक्षिण (BMC R/South) विभाग के सहायक आयुक्त (Assessment Commissioner) ललित तलेकर, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद ब्राह्मणकर, डी.ओ. अभय जगताप और कनिष्ठ अभियंता नितिन ठाकुर के साथ आरोग्य विभाग (Health Department) की अधिकारी दिपा जाधव के साथ जल एवं लायसेंस विभाग की मुख्य भुमिका है। जो लगातार शिकायतों के बावजूद इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता प्रमोद ब्राह्मणकर और डी.ओ. अभय जगताप मामले को रफा-दफा करने को पैसा लेकर सटलमेंट करने के लिए दबाव बना रहे हैं। (Avirahi Banquet Hall)

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    मनपा नियमानुसार इमारत बांधकाम विभाग द्वारा अविराही आर्केड शॉपिंग सेंटर के टेरेस पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल के अवैध बांधकाम पर तुरंत तोड़क कार्रवाई कर अवैध बांधकाम निर्माता के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करना चाहिए। यहां खाने पीने की चीजें परोसे जाने के खिलाफ आरोग्य विभाग द्वारा रोक लगानी चाहिए। बीना लायसेंस अवैध कारोबार पर अनुज्ञापन विभाग द्वारा दंडात्मक कार्यवाही करते हुए जल विभाग द्वारा पानी का नल कनेक्शन कांट देना चाहिए। लेकिन भ्रष्टाचार की काली कमाई के चलते यहां मनपा के कोई भी अधिकारी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि समय रहते इस कारोबार पर एक्शन नहीं लिया तो यहां किसी भी तरह की अनहोनी या हादसे होने पर महाराष्ट्र की सरकार को जवाब देना भारी पड़ सकता है। (Avirahi Banquet Hall)

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  • अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    • डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
    • कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
    • ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।

    ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं

    ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।

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    सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे ..

    शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया।
    बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।

    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।

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  • बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास। 5 लाख रुपये लेनदेन की चर्चा, एंटी करप्शन विभाग।

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगरपालिका, आर/ दक्षिण (BMC R/South) विभाग के डिओ (D.O) अभय जगताप और अवैध निर्माण (Illegal construction) के ठेकेदार (Contractor) चंचल यादव के बीच चोली दामन का याराना लगता है। भ्रष्टाचार के तहत विडंबना यह है, कि प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर भी अभय जगताप के भ्रष्ट रवैये पर अपनी चुप्पी साध ली है। जबकि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके एकनाथ शिंदे ने हमेशा ही भ्रष्टाचारियों (Corruption) पर लगाम लगाने की बातें कहीं है। मगर भ्रष्टाचार है कि मनपा (BMC) को कुतर-कुतर कर खाता जा रहा है। आर/दक्षिण विभाग के डिओ अभय जगताप के कारनामे जग जाहिर हो चुके हैं। उक्त डिओ अभय जगताप मनपा और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून की धज्जियां उड़ाकर दौलत कमा रहे हैं। (भ्रष्टाचार)

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    मनपा के भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन का रवैया..

    मनपा आर/दक्षिण विभाग के अंतर्गत इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत पद निर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता (प्रभारी डिओ) अभय जगताप और अवैध बांधकाम के ठेकेदार चंचल यादव की साठगांठ से धड़ल्ले के साथ अवैध निर्माण का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है, कि कांदिवली (पूर्व), वडारपाड़ा रोड नंबर 2, लोकमान्य चाल, सागर मेडिकल के सामने G+2 (तीन मंजिला) के व्यवसायिक (Commercial) गाले के अति धोखा दायक अवैध निर्माण को जिस ठेकेदार चंचल यादव द्वारा अवैध रूप से किया गया।

    अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    उस अवैध निर्माण को मनपा आर/दक्षिण के प्रभारी डिओ अभय जगताप का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें 5 लाख रुपए के लेनदेन (आर्थिक व्यवहार) की चर्चा है। जो उक्त अवैध बांधकाम की तमाम शिकायतों के बावजूद न तोड़ा जाना प्रमाणित करता है, कि उक्त अवैध निर्माण को भ्रष्ट (Corrupt) डिओ (प्रभारी) अभय जगताप का वरदहस्त प्राप्त है। अब ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दम भरने वाली एंटी करप्शन (Anti Corruption) विभाग भी कुंभकरण की नींद में सो रहा है ऐसा स्थानीय समाज सेवकों का मानना है। (भ्रष्टाचार)

    भ्रष्टाचार,
    कांदिवली पूर्व अवैध निर्माण की तस्वीर

    अब देखना यह है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर कौन सी कार्रवाई करेंगे। याद हो, कि उक्त भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास करने की चर्चा है। देखना है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) कौन सी दंडात्मक कार्रवाई करते हैं। (भ्रष्टाचार)

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  • स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली मनपा ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका का मरीन लाईन स्थित ‘सी’ वार्ड अंतर्गत आजकल अवैध निर्माण बढ़ता जा रहा है। जिस पर ‘सी’ वार्ड में कार्यरत परिरक्षण विभाग, लाईसेंस विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी केवल वसूली में व्यस्त है। शिकायत करने पर भी कार्रवाई नही हो रही है। इन लुटेरों पर किसका आशीर्वाद है ये कोई बताने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है। तस्वीर में दिखने वाला यह नजारा मुंबादेवी कम्पाउंड परिसर का है। ये ब्राह्मणों को पूजा-पाठ के लिए अस्थायी रूप से आबंटित की गई जगह है, जो कुछ ब्राह्मण इसको किराये पर देकर अपने पैतृक गाँव में आनंद ले रहे है। जिसका फायदा पटवा लोग महिलाओ के श्रृंगार का सामान बेच कर और इसपर अवैध निर्माण करके मनपा कर्मियों को अवैध सेवा शुल्क दे रहे है। (Mumbai Bmc c ward news)

    मनपा,
    मनपा सी वार्ड अंतर्गत अवैध कारोबार की तस्वीर

    मनपा ‘सी’ वार्ड का अवैध निर्माण ..

    इनके पास कोई लाइसेंस नही है इसके अलावा लाइसेंस विभाग के निरीक्षक गोसावी अपने गुर्गों से वसूली करवाकर इन सभी अवैध दुकानदारों को अभयदान दे रखा है। इन पर कार्रवाई करने के लिए मनपा उपायुक्त स्पेशल संजोग कबरे ने कई बार आदेश जारी किया है। पर लक्ष्मी जी के आगे सारे आदेश अमान्य हो रहे हैं। मनपा की जिम्मेदारी बताकर इस पर लोकल पुलिस भी कुछ कार्रवाई नही कर रही है। (Mumbai Bmc c ward news)

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    यह स्थान काफी संवेदनशील है। जानकारी के मुताबिक, 1993 से अब मंदिर के लगभग 3 बार बम धमाके हो चुके है। जिसमे सैकड़ो लोगो ने अपने प्राणों की आहुति दी है। फिर भी ये मनपाकर्मी सुधरने को तैयार नही है। इस विषय पर कई बार प्रमुख अखबारों में खबरे भी लग चुकी है। इसके पश्चात कार्यवाही को लेकर मनपा और पुलिस अधिकारियों से मीटिंग भी हो चुकी है फिर भी प्रशासन सुधरने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

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  • जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    पानी की सप्लाई प्रभावित होगी क्योंकि आर सेंट्रल वार्ड के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरीवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा निर्धारित रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। आर-साउथ (कांदिवली), आर-सेंट्रल (बोरिवली), और आर-नॉर्थ (दहिसर) के इन वार्डों में पानी की सप्लाई कम दबाव में होने की संभावना है। (Mumbai water supply News)

    कम दबाव मे पानी सप्लाई ..

    बीएमसी ने बोरिवली हिल जलाशय दो का संरचनात्मक ऑडिट करने की योजना बनाई है, जिसके लिए मंगलवार, 9 जनवरी को जलाशय को अस्थायी रूप से खाली कर दिया जाएगा। रखरखाव कार्य का उद्देश्य जलाशय की संरचनात्मक स्थिरता का आकलन करना है। इसके साथ ही आप को बता दें, कि प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा है, कि पिछले 3 सालों के मुकाबले इस साल सबसे कम पानी कटौती की संभावना है। अब तक मुंबई की झीलों में
    65.8% पानी का भंडार। (Mumbai water supply News)

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    प्रभावित क्षेत्र
    आर-साउथ वार्ड के जो क्षेत्र प्रभावित होंगे उनमें गुंडेचा, ठाकुर विलेज और कांदिवली (पूर्व) में समता नगर सरोवा कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। आर-सेंट्रल वार्ड में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ला बेलेजा और ला विस्टा, बोरीवली (पूर्व) शामिल हैं, जबकि आर-उत्तर वार्ड में केतकीपाड़ा (भाग), एकता नगर, दहिसर टेलीफोन एक्सचेंज, घरतनपाड़ा नंबर 1 और 2, गणेश मंदिर रोड शामिल हैं। इसके साथ ही आशा विनायक चॉल, दहिसर (पूर्व), दहिसर पुलिस स्टेशन क्षेत्र और किसान नगर प्रभावित होंगे। (Mumbai water supply News)

    पानी सप्लाई,

    बीएमसी के एक बयान में कहा गया है, कि “आर-सेंट्रल वार्ड में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरिवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा। यह कार्य 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे के बीच आठ घंटे की अवधि के लिए लिया जाएगा। (Mumbai water supply News)

    इसके साथ ही एक बयान के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में जल्द पानी की कटौती होने की संभावना नहीं है क्योंकि एक वरिष्ठ नागरिक अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि झीलों में वर्तमान में 15 जुलाई तक पानी की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त भंडार है। (Mumbai water supply News)

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    मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में पानी का भंडार शुक्रवार को उनकी कुल क्षमता का 65.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो पिछले तीन वर्षों के मुकाबले सबसे कम है। मनपा के अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) पी वेलरासु ने कहा, कि “तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति करने के लिए, हमें लगभग 1 प्रतिशत पानी की आवश्यकता होती है। 66 प्रतिशत पर, हमारे पास 15 जुलाई तक पर्याप्त पानी है। इसलिए, चिंता का कोई कारण नहीं है।” (Mumbai water supply News)

  • मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    • मुंबई में खाली जमीन को हथियाने के लिए BMC के सरकारी अधिकारी ही अपराध का साथ दे रहे हैं।
    • न्यायालयीन ‘स्थगन’ आदेश की अवहेलना कर मालाड (पूर्व) ठेकेदारों द्वारा धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महानगरपालिका (BMC) प्रशासन व महशुल विभाग की नाकामियों के चलते मुंबई में भूमाफियायों व अवैधनिर्माण कर्ता, ठेकेदारों के हौसले इस कदर बुलंद है, कि वे मनमानी तौर पर अवैध निर्माण ही नहीं करते बल्कि कोर्ट के आदेशों की अवमानना करके कानून से खिलवाड़ भी करते हैं। यानि कि वे मनपा, महशूल विभाग व अदालतों तक को भी धत्ता बताकर अपनी मनमानी करते हैं। कारण यहां खाली जमीन की किमत आसमान छू रही हैं।

    ऐसा ही एक मामला मनपा पी/उत्तर विभाग के कार्यक्षेत्र में वार्ड क्रमांक -४५ के अंतर्गत यूसुफ चौकसी कंपाउंड, मिलन सेवा संघ सोशल, खोडियार माता मंदिर के सामने, बच्छानी नगर, चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल के समीप, मालाड (पूर्व) में हमीद कुरेशी व वालम कुरेशी द्वारा अनधिकृत निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

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    BMC अधिकारीयों के कारनामे ..

    BMC,

    मुंबई लोकल में शर्मनाक हरकत! महिला को पीटा, बेल्ट निकालकर धमकाया, VIDEO वायरल

    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवैध निर्माण के विरुद्ध संजय रामदास भगत द्वारा मनपा प्रशासन एवं महशूल विभाग के संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी थी। किंतु अपेक्षित कार्यवाई के अभाव में वर्ष २०११ में एक मामला मुकदमा नंबर – ११४३ हीरा पी. फडिकर और पंचानन फडिकर के विरुद्ध दायर किया गया था। मामले के मुताबिक, उक्त दोनों ने अपीलकर्ता संजय रामदास भगत के रूम नंबर -१ के समीप अवैध निर्माण कर रहे हैं।

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    इस अपील को दिनांक -२५/१०/२०२३ में खारिज कर दिया गया था। सिटी सिविल कोर्ट दिंडोशी के उक्त फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं जबकि उसी न्यायालय में मुकदमा नंबर -२११७/२०११ अब तक विचाराधीन है। जिसमें भी उक्त जगह पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर स्थगन आदेश लगाया गया है। इसके उपरांत भी उक्त ठेकेदारों द्वारा न्यायालयीन आदेशों का उल्लंघन करके उपरोक्त ठेकेदारों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    Malad SRA Project Live video on indian fasttrack news channel

    उक्त स्थल पर किए जा रहे अवैध निर्माणों को मनपा पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों का आपसी समर्थन आर्थिक सेटिंग के आधार पर किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है। अन्यथा अदालत की अवमानना करके अवैध निर्माण किया जाना मुश्किल था। मनपा के बांधकाम विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी उक्त निर्माण स्थल पर आते-जाते देखे जाते हैं। मनपा अधिकारियों को उक्त स्थल पर न्यायालयीन स्थगनादेश की भी जानकारी है।

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    इसके उपरांत भी मनपा उक्त ठेकेदारों के अवैध निर्माण कार्य पर न तो रोक लगायी है और ना ही उक्त संबंध में न्यायालय को भी सूचित है। स्थानीय जनों ने उक्त अवैध निर्माण पर तत्काल तोड़क कार्यवाही कर ठेकेदारों के विरुद्ध एमआरटीपी (MRTP) के तहत दंडात्मक कार्रवाई कराये जाने की
    मनपा प्रशासन से अपील की है।

  • सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    • मनपा आयुक्त के रूप में सबसे ज्यादा अयोग्य अभ्यर्थी नियुक्त करने का चहल का रिकार्ड
    • मनपा आयुक्त चहल के कैरेक्टर रोल की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मुंबईकरों की मांग।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त  इकबाल सिंह चहल को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु किसी को क्या मालूम था की इकबाल सिंह चहल अपने निजी लाभ के लिए सहायक आयुक्तों की होने वाली नई भर्ती पर ध्यान नहीं देंगे तथा वह कभी भी राज्य संघ लोक सेवा आयोग से सहायक आयुक्त की भर्ती के लिए कोई मांग नहीं करेंगे। इन दोनों ने ऐसा किया है जिसके कारण मनपा में सहायक आयुक्त का कार्य भी प्रभारी सहायक आयुक्त से लिया जा रहा है। सहायक आयुक्त की जगह अपेक्षित काम ना कर पाने के कारण प्रभारी सहायक आयुक्त जनता की अनेक समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं।

    मनपा आयुक्त द्वारा प्रभारी सहायक आयुक्तों की नियुक्ति ..

    सूत्रों का कहना है, कि कितनों को तो आयुक्त चहल ने योग्यता न होने के बावजूद भी नियुक्त किया है, जिसे उनका निंदनीय भ्रष्टाचार माना जा रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहायक आयुक्तों की भर्ती बंद होने से निगम के 10 से 15 विभाग कार्यालयों का प्रभार सहायक आयुक्तों के पास है। इसके कारण विभाग में कई नागरिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं और देखा जा रहा है कि प्रभारी सहायक आयुक्त कभी-कभी उनका समाधान करने में विफल हो रहे हैं।

    मनपा आयुक्त,
    मुंबई मनपा आयुक्त मुख्यालय की फाइल तस्वीर

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    मुंबई महानगर में 24 नगरपालिका प्रभाग कार्यालय हैं। इनमें से प्रत्येक संभागीय कार्यालय का प्रबंधन एक अलग एमपीएससी से चयनित एक सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है। लेकिन चूंकि एमपीएससी द्वारा पिछले दो वर्षों से सहायक आयुक्त की भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, इसलिए मनपा प्रशासन ने उन अधिकारियों को प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया है जो कुछ विभागीय कार्यालयों में घनकचरा व्यवस्थापन व परिरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता हैं।

    ऐसे में उनके लिए वार्ड का कार्यभार पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके कारण वार्ड में कूड़ा-कचरा, सड़क, अनाधिकृत निर्माण, रेहड़ी, फेरीवाले और प्रतिष्ठानों का आस्थापना विभाग सहित अन्य समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। नतीजा, इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गत वर्ष से मुंबई नगर निगम में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वे नगर पालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    नागरिकों को सीवरेज, फुटपाथ मरम्मत, जलापूर्ति, मलिन बस्तियों में सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए नगरसेवकों के कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। चूंकि नगरसेवकों का कार्यालय भी बंद है, इसलिए उनके कार्यालय जाने पर भी नागरिकों का काम नहीं हो पाता है। नागरिकों की यह भी शिकायत है कि नगर निगम सहायक आयुक्त द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे दिन-ब-दिन शहर में नागरिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।

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    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यकाल में फर्जी वार्ड ऑफिसर से मोटी रकम लेकर नियुक्ति की है ऐसा कहा जाता है। स्थानीय विधायक और सांसद की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए इन वार्ड ऑफिसरों की मनपा आयुक्त से सांठ-गांठ कर नियुक्ति की है ऐसा भी कहा जाता है। जिसमे आयुक्त की प्रति माह ५०० करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय है। क्या इसकी जांच राज्य सरकार और केंद्र सरकार करेगी या ईडी सीबीआई करेगी।

  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।