Category: BMC Updates

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  • अवैध निर्माण में संलिप्त पूरा पी/ दक्षिण वार्ड

    अवैध निर्माण में संलिप्त पूरा पी/ दक्षिण वार्ड

    • आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।
    • मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल।
    • नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    गोरेगांव पी/ दक्षिण वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हें किसी भी तरह का भय नहीं। चाहे जितना न्यूज लिखे, आरटीआई डाली जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती।

    फरियाद तो सुने मनपा आयुक्त ..

    खुद ही बांधकाम कराते हैं। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नहीं बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।

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    नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।

    ताजा मामला गोरेगांव (पूर्व) शौर्य कंपाउंड, नियर बंजारा पाड़ा, इन बिटवीन शेटेलाइट गार्डन फेस -।।, अरुण कुमार वैद्य मार्ग, का है।जहां गैरकानूनी ढंग से 6000 चौरस फूट के जी + १ (दो मंजिला) के व्यापारिक गाले का निर्माण बना लिया जिसकी एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिससे वार्ड ऑफिसर(प्रभारी) राजेश आक्रे, उपायुक्त विश्वास शंकरवार ने आपस में बांट लिया। दिखाने के लिए 354 (ए) की नोटिस दे दिया। बता दे कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354 (ए) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई जरूरी है। लेकिन अवैध व्यापारिक गाले का बांधकाम जी+१ (दो मंजिला) कुल 6000 वर्गफुट का गैरकानूनी निर्माण करने वाले ठेकेदार आशिफ फतेह मोहम्मद खान को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े।

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    सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।
    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है की पी/ दक्षिण वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।

  • पी/दक्षिण में चल रहे अवैध 3 स्टूडियोज, प्रतिमाह 2 करोड़ 70 लाख राजस्व की चोरी

    पी/दक्षिण में चल रहे अवैध 3 स्टूडियोज, प्रतिमाह 2 करोड़ 70 लाख राजस्व की चोरी

    • आयुक्त के आदेश के बावजूद पी/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा स्टूडियोज को नही हटाकर दे रहे हैं अर्हपूर्ण संरक्षण।
    • रिश्वत की ताल पर नाच रहा, मनपा का पी/दक्षिण विभाग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बॉलीवुड फिल्मों व सीरियलों की शूटिंग हेतु बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पी/दक्षिण वार्ड के कार्यक्षेत्र में बनाए गए अस्थाई स्टूडियो के मालिकों ने मनपा द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत भी पी/ दक्षिण वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से अर्थपूर्ण सेटिंग कर निःसंकोच चलाए जा रहे हैं। जबकि मनपा ने उन्हें तत्काल हटाने की नोटिस महीनो पहले जारी कर दी थी। मगर मनपा अधिकारियों की आदत के अनुसार उक्त तीन स्टूडियोज को अर्थपूर्ण संरक्षण देकर न ही तोड़क कार्रवाई की गई है और ना ही स्टूडियो मालिकों के विरुद्ध भूमि पर अतिक्रमण करने का अपराध मनपा प्रशासन द्वारा कराया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) आरे कॉलोनी, रॉयल पॉम हॉटल के पास रूबी बिल्डिंग के पीछे स्थित मनपा द्वारा शूटिंग के लिए तीन स्टूडियो बनाने की अस्थायी परमिशन ली गई थी, जो काफी पहले ही मनपा आयुक्त द्वारा रद्द कर दी गई थी। तीनों में प्रत्येक स्टूडियो 20, हजार वर्गफिट क्षेत्र पर बनाया गया है। प्रत्येक स्टूडियो का मासिक भाड़ा 90 लाख रुपए है, जिसे परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत अब निजी तौर पर मनपा के अधिकारियों द्वारा वसूला जाता है, जो मनपा के कोष में नहीं जाता है। ऐसा मनपा सूत्रों ने बताया है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/12/for-canceling-the-contract-without-paying-global-music-pvt-ltd-kidnapping-of-ceo-rajkumar-singh
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    रिश्वत, मनपा,
    मनपा पी/दक्षिण विभाग के भ्रष्टाचार की तस्वीर

    रिश्वत का खेल क्या कहता है?

    उक्त संबंध में मनपा के सहाय्यक आयुक्त राजेश आक्रे, परिमंडल -4 के उपायुक्त (डीएमसी) विश्वास शंकरवार पत्रकारों व शिकायत कर्ताओं को बताने या लिखित जवाब देने में टालमटोल करते हैं। इसकी शिकायत एक शिकायत कर्ता द्वारा दिनांक:13/06/2023 को किए जाने के बाद मनपा पी/दक्षिण के सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहाय्यक अभियंता ने एक पत्रक क्र.सआ पीद/ बी -53/7855 के माध्यम से शिकायतकर्ता को बतलाया है, कि आयुक्त के आदेश के साथ ही साथ दो स्टूडियो के मालिकों ने अदालत से स्टे – ऑर्डर ले लिया है।

    बताया जा रहा है, कि मनपा प्रशासन द्वारा मनपा के विधि विभाग को स्टे-ऑर्डर शीघ्र हटवाने का आदेश दिया था। किंतु विधि विभाग (legal department) की कार्रवाई का कोई भी ले आउट नही आया है। यह भी बताया गया है, कि स्टूडियो की परमिशन रद्द किए जाने के बाद से ही स्टूडियो का भाड़ा आधिकारिक तौर पर नही वसूला जाता हैं। यानि कि 90 लाख × 3 = 2,70,00,000 (दो करोड़ 70 लाख मात्र) का भाड़ा, क्या मनपा के कोष में जमा किया जा रहा है? या मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों की जेब में पहुंच रहा है? यह सवाल सर्व जागरूक नागरिकों का है। जिसका जवाब देने में मनपा अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं।

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    जबकि आयुक्त द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत सभी स्टूडियोज को हटवा देना या डिमोलिशन कर देना चाहिए था। दो स्टूडियोज का स्टे – ऑर्डर जनहित के परिप्रेक्ष्य में निश्चित ही, मा. न्यायालय द्वारा हटा दिया गया होता, यदि मनपा प्रशासन विधिवत अपना पक्ष प्रस्तुत किया होता? किंतु मनपा पी/दक्षिण के अधिकारियों को तो प्रतिमाह 4 करोड़ 50 लाख की मलाई चाभनी थी ! शिकायत कर्ताओं ने भी स्टूडियो और मालिको व भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय जाने का मन बनाया है।

  • बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    Mumbai BEST Strike : बसों की हड़ताल को लेकर मुंबईकर काफी परेशान हो गए हैं। प्राइवेट कर्मियों की हड़ताल ने मुंबई के कामकाज को प्रभावित कर दिया है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    प्राइवेट बस कर्मियों द्वारा हड़ताल पर जाने से मुंबई करों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के मुताबिक, मुंबई (Mumbai) में बेस्ट (BEST) की प्राइवेट बस ड्राइवरों की मांग है, कि उनको भी परमानेंट नौकरी दी जाय। जैसे बेस्ट के ड्राइवर और कंडक्टरो के वेतन के बराबर इनको भी वेतन और सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। पर निजी कंपनियों द्वारा बेस्ट प्रशासन के साथ पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका है, कि इनको बेस्ट विभाग में नही लिया जाएगा। तो फिर ये प्राइवेट कर्मी मुंबई में जगह-जगह तोड़फोड़ और बेस्ट बसों के ड्राइवरों के साथ मारपिट, गाली गलौज कैसे कर सकते हैं?

    Mumbai BEST Strike हड़ताल..

    हड़ताल (Strike) से मुंबईकर परेशान है, क्योंकि इनको यात्रा करने के लिए बसे नही मिल रही है। एसी बसें रूटों पर नही चल रही है। यहां तक कि डिपो से बसे बाहर नही निकल रही है। इस पर बेस्ट प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी किया है। फिर भी पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है। मालवणी पुलिस ने दिखावे के लिए केवल दो पुलिस की गाड़ी सुरक्षा के लिए दिया है। पर कार्रवाई के लिए नही।

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    Indian fasttrack news
    Mumbai, BEST, Strike,
    कांदिवली स्टेशन स्थित BEST बस की तस्वीर

    बृहन्मुंबई (Mumbai) विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST)  से संबंधित निजी बस चालकों का रविवार को पांचवें दिन भी हड़ताल (Strike) जारी रहा। इसमें परिचालकों की कमी के कारण लगभग 704 बसें सड़कों से नदारद रहीं। हड़ताल के कारण शहर के 18 बस डेपो पर प्रभाव देखा गया जबकि शहर में बेस्ट 27 डिपो से बसों का संचालन करती है। बड़ी शर्मनाक स्थिति पुलिस और नेताओं ने बना रखा है इस पर सारी बेस्ट की सारी यूनियन कान में तेल डालकर सो रही है। क्या राज्य सरकार इस पर जल्दी फरमान देगी या मुंबईकरों को आग में झोंकने के लिए तैयार है। आपको जानकारी देते हुए बता दे कि ये पूरा विभाग मनपा (BMC) के अंतर्गत ही आता है।

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  • निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से निधि की बंदरबाट कर लेते हैं अभियंता

    निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से निधि की बंदरबाट कर लेते हैं अभियंता

    • घटिया सड़क निर्माण की भी उत्तम जांच रिपोर्ट लगाता है दुय्यम अभियंता अमोल जाधव
    • दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के कार्यो की जांच कराने की मांग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    यदि जलवाहिनी में मध्य रास्ते पर सुराख हो तो उससे पानी बहकर जाया हो जाता है। तथा गंतव्य तक उतना पानी नहीं पहुंच पाता, जितना की उद्धिस्ट होता है। यही दृष्टांत शत प्रतिशत लागू होता है। मनपा आर/दक्षिण में दुय्यम अभियंता के रूप में कार्यरत अमोल जाधव का, जो मनपा के परिरक्षण (maintenence) हेतु जारी की गई निधि को उद्दिष्ट कार्य में नहीं पहुंचने देते और जलवाहीनी के सुराख की भांति निधि को निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से बंदरबाट कर लेते हैं।

    अभियंता अमोल जाधव का कारनामा ..

    ऐसी जानकारी संवाददाता को दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के प्रिय ठेकेदार ने दूरभाष पर प्रदान की है। बताया गया है, कि दुय्यम अभियंता अमोल जाधव मनपा आर/दक्षिण के परिरक्षण विभाग में कार्यरत हैं। तथा वे ठेकेदारों के प्रिय पात्र है, क्योंकि वह ठेकेदारों को खाने और खिलाने की भरपूर सुविधा देते हैं, कि उनकी इच्छानुसार काम का परसेंटेज व जारी की गई निधि के आधार पर तय रहती है।अब ठेकेदार काम घटिया करे या बढ़िया, किंतु उसे जारी की गई धनराशि तत्काल मिल जाती है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/08/03/doctor-thrashed-patient-for-not-paying-fir-lodged
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    अभियंता, अमोल जाधव,
    सब- इंजीनियर अमोल जाधव की फाइल तस्वीर

    यही कारण है कि दोगुनी काली कमाई करने के लिए सड़कों के दुरुस्तीकरण के निर्माण में या गड्ढों को भरने के लिए घटिया कांक्रीट, तारकोल (डांबर) या सीमेंट का उपयोग करते हैं ताकि सड़क की लागत से अधिकतम धनराशि बचाई जा सके।भले ही सड़क का निर्माण एक तरफ से पूरा हो और दूसरी तरफ पुनः टूटना – फूटना शुरू हो जाय,किंतु दुय्यम अभियंता अमोल जाधव घटिया सड़क के निर्माण की भी गलत रिपोर्ट लगा देता है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाता है।

    ज्ञात हो कि कुछ वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार के आरोप में इसके खिलाफ अपराधिक मामला भी दर्ज हुआ है और वर्तमान में वह जमानत पर रिहा किया गया है और अपनी ड्यूटी पर आर/दक्षिण विभाग में कार्यरत हैं।ठेकेदारों को ठेके का टेंडर दिलवाने में अमोल जाधव काफी मदद करता है, इसीलिए उसे मनपा कर्मियों द्वारा सड़क इंजीनियर भी कहा जाता है। उसकी देखरेख में बनाई गई सड़के, बनाए जाने के साथ ही टूटने – फूटने व ऊबड़ खाबड़ होने लगती हैं। दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के भ्रष्ट कारनामों की जांच कराकर उसके द्वारा सड़क निर्माणों में किए गए भ्रष्टाचारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने मनपा के शीर्ष अधिकारियों से की है।

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  • क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुका है मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड ?

    क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुका है मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड ?

    • ‘द मॉल’ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बना ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट
    • कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति,
    • ‘द डिजर्ट लाउंज’ बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (DMC) है जिम्मेदार:आनंद नेरूरकर (दुय्यमअभियंता)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जिम्मेदार अधिकारी चाहे जितनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हों सबका लक्ष्य अपने निर्धारित ओहदे का निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर काली कमाई कर अपना घर भरना होता है। ऐसे भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर (Bribable) अधिकारियों (Officer’s) को कानून का कोई भय नहीं होता। क्योंकि ऊपर से ऊपर तक काली कमाई (Black Money Income) का हिस्सा पहुंचता है। भ्रष्टाचार..

    फिर इनके भ्रष्टाचार की जांच (investigation of Corruption) कराने की जरूरत ही क्या? सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ये हलाल नहीं करेंगे, ताकि कल वह फिर कोई गैरकानूनी (illegal) तरीके से निर्माण (construction) करें और काली कमाई कराए।
    बेशक यही होता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) वार्डों (Ward) में ज्यादे शिकायत हुई तो नोटिस (NOTICE) दे दो। बस हो गयो काम की इति।
    एक ऐसा ही मामला पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North Ward) मालाड (पश्चिम) रेल्वे स्टेशन के पास स्थित ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के चौथे महले की टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण बिना नक्शा (build without map) पास कराए (Approval) ही बनाया
    गया है। जो भ्रष्टाचार (Corruption) और सत्ता (Power) के बीच अटूट और अंतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।

    BMC प्रशासन का भ्रष्टाचार DMC जिम्मेदार..

    ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण का मतलब है करोड़ों का लेनदेन! बेशक बिना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों (Officer’s) की अनुमति, सहमति के 3,000 (तीन हजार) वर्गफीट के अंतर्गत ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण हो ही नहीं सकता !

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    भ्रष्टाचार, DMC, जिम्मेदार, BMC, प्रशासन,
    मलाड बीएमसी किए the mall में कार्रवाई की तस्वीर

    बता दें, कि दुय्यम अभियंता आनंद नेरूरकर के अनुसार बिना नक्शा पास कराए ही ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को लेकर जो भी तोड़क कार्रवाई हुई है। वह सिर्फ कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की गई है। क्योंकि हुसैन मकरानी के उक्त गैरकानूनी बार & रेस्टोरेंट के निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (Deputy Municipal Commissioner) जिम्मेदार हैं। इतना कहकर अभियंता आनंद नेरूरकर ने अपनी वाणी को विराम दिया।
    बताया जा रहा है, कि ‘द मॉल ‘ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी तरीके से बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट में एक कच्चे दीवाल का बांधकाम कर नई पार्टिशन डाली गई ताकि पी/नॉर्थ वार्ड तोड़क कार्रवाई कर इसकी खानापूर्ति कर सके।

    ऐसे में पी/नॉर्थ, वार्ड की तरफ से बस हो गयो काम की इति! वहीं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता की जांच को भुला बैठे है सहाय्यक आयुक्त किरण दीघावकर और डीओ राजन प्रभु ! क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो  चुके हैं पी/नॉर्थ, वार्ड के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी? जो यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न (Questions) की तरह मुंह बाए खड़ा है?
    ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट पर दिखावे के तौर पर की गई कार्रवाई की हमें घोर निन्दा (blasphemy) करनी चाहिए।

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    इसके लिए एक निश्चित दंड विधान (penal law) बनाने की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगाम लगाया जा सके।
    मालाड (पश्चिम) स्थित ‘ द मॉल ‘ (the mall) की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बनाए गए ‘ द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट पर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल उक्त मामले पर संज्ञान लेकर बिना नक्शा पास कराए ही बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलते ही जांच कराएं और फिर कानून (Law) के हवाले कर दें। आशा है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका भ्रष्टाचार (BMC Corruption) पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाएगी।

  • मुंबईकरों से सतर्क रहने की अपील

    मुंबईकरों से सतर्क रहने की अपील

    • महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी।
    • मूसलाधार बरसात में हादसे की संभावना।
    • सभी स्कूल और कॉलेज बंद।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई
    – मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई 8 बजे से लेकर 27 जुलाई दोपहर तक मुंबई में मूसलाधार बरसात की संभावना जताई जाती है। अधिक वर्षा से मुंबई के निचले इलाकों में पानी जमा होकर मुंबईकरों के लिए मुसीबत बन जाता है। मुंबई में आज भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रख मनपा प्रशासन के मुखिया इकबाल सिंह चहल ने आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका और मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के साथ ही सभी कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा जारी कर दी है। साथ ही सभी मुंबईवासियों से सतर्क रहने की अपील भी की है।

    मूसलाधार बरसात..

    बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले प्रशासन के माध्यम से समयानुसार दिए गए निर्देशों का पालन करने का मुंबईकरों से अनुरोध भी किया है। साथ ही  मुंबई से सटे मीरा-भयंदर और पालघर जिले की भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। यहां पर भी सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेजों को बंद करा दिया गया है। इस समय राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। (मूसलाधार बरसात)

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/24/the-corrupt-assistant-commissioner-and-traffic-police-officer-of-manpa-r-south-do-arbitrary-recovery-from-the-hawkers-hawker-law
    Indian fasttrack news
    मूसलाधार बरसात,
    मुंबई शहर में मूसलाधार बरसात की तस्वीर

    महाराष्ट्र के 4 जिलों में जारी अलर्ट..

    भारी बारिश के पिछले और वर्तमान के अनुमान को देखते हुए आज मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी और चंद्रपुर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जर्जर इमारतों के वर्षा समय में गिरने का खतरा भी होता है। मुंबईकरों से अपिल है, कि घबराएं नहीं। आपातकालीन परिस्थितियों में हेल्प लाइन नंबर 1916 पर सहायता के लिए संपर्क करें। इसको लेकर समूचे मुंबई में एलर्ट जारी कर दिया गया है। (मूसलाधार बरसात)

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    प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में, कहा गया है, कि जरूरत नहीं हो तो घर से बाहर न निकलें। जर्जर इमारत के पास पथक की तैनाती की गई है। मनपा आयुक्त ने ऐसी सूचना जारी कर दी है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए समस्त मनपा कर्मी पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की सुरक्षा बल अलर्ट मोड़ पर रहेगी। वहीं लोगों से सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। दोपहर बाद ताजा मिल रही जानकारी के मुताबिक, बोरीवली पूर्व स्टेशन रोड पर पानी भर गया है और दहिसर पूर्व एस वी रोड से शिवाजी रोड पर घुटनों तक पानी भर गया है। कभी भी पानी दुकान के अंदर घुस सकता है। यहां आने जाने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। (मूसलाधार बरसात)

  • मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    मनपा आर/दक्षिण का भ्रष्ट सहाय्यक आयुक्त व ट्रैफिक पुलिस अधिकारी करते हैं फेरीवालों से मनमानी वसूली।

    • अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
    • लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
    • सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
    • वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)

    केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा।
    बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/22/you-will-be-shocked-to-see-left-back-in-the-pond-impossible-pacu-fish
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    फेरीवाला कानून,
    प्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack

    फेरीवाला कानून ..

    सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।

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    मौलिक अधिकार की सुरक्षा..

    कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।

  • मुंबई: भरी बरसात में लोग हुए बेघर प्रशासन का कहर

    मुंबई: भरी बरसात में लोग हुए बेघर प्रशासन का कहर

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    क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।

    लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।

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    जीने का अधिकार,
    बेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर

    आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।

    तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।

    क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?

    कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?

  • कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    कैसे चलेगा मनपा का कार्य? BMC

    • Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
    • अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
    • कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
    • सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News

    बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News

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    Mumbai, BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    Mumbai BMC Commissioner..

    कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News

    आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai

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  • मुंबई- BMC ने तीन नए CBSE स्कूल शुरू किया।

    मुंबई- BMC ने तीन नए CBSE स्कूल शुरू किया।

    • Mumbai BMC started three new CBSE school
    • बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं।
    • दो चेंबूर और एक कांदिवली।
    • 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं और इन स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्रों को पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। बीएमसी ने इस शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में तीन और सीबीएसई स्कूल शुरू कर दिया हैं। इनमें से दो चेंबूर और एक कांदिवली में शुरू किया है। इसके साथ ही चेंबूर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सीबीएसई बोर्ड (CBSE Bord) स्कूलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। (Mumbai BMC started three new CBSE schools)

    छात्रो का मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद 

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2020 में जोगेश्वरी पूर्व के पूनम नगर स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में पहला सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इस स्कूल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मनपा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगामी शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में अन्य स्थानों पर भी सीबीएसई स्कूल शुरू करने का फैसला किया था। मनपा ने 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इसके अलावा आईसीएसई, आईबी और कैम्ब्रिज आईजीसीएसई बोर्ड का एक-एक स्कूल भी शुरू किया है।
    इन स्कूलों की बढ़ती प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने सीबीएसई स्कूलों में छोटा शिशु और किंडरगार्टन कक्षाओं के प्रत्येक बैच को बढ़ा दिया था। कुल 960 सीटें बढ़ा दी गईं। लेकिन फिर भी सीबीएसई स्कूलों की मांग बढ़ रही है और शिक्षा विभाग मुंबई में और अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की कोशिश कर रहा है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/10/20-year-old-girl-raped-in-an-auto-rickshaw-in-mumbais-goregaon-accused-arrested-from-uttar-pradesh
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    Mumbai BMC started three new CBSE schools

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    मुंबई के कांदीवली में सरकारी स्कूल की तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के स्कूलों में केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड स्कूल खुलने के बाद से छात्रों का सरकारी स्कूलों के तरफ काफी बढ़ गया है। सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में नहीं जा सकते क्योंकि वे अन्य बोर्ड के निजी (Private) स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीबीएसई,(CBSE) आईसीएसई (ICSE) और इंटरनेशनल बोर्ड (International Bord) के स्कूलों को काफी अच्छा प्रतिसाद (Response) मिल रहा है। ऑनलाइन (Online) आवेदन करने के बाद एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली जाती है।
    इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का शिक्षा विभाग इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रत्येक प्रशासनिक प्रभाग (ward) में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल शुरू करने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, इस शैक्षणिक वर्ष में तीन नए स्कूल शुरू हो चुका हैं। ऐसे में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

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    नया सीबीएसई स्कूल का पता..

    1) मुंबई पब्लिक स्कूल, आनिक विलेज, जीजामाता नगर, चेंबूर पश्चिम
    2) मुंबई पब्लिक स्कूल, एम. जी क्रॉस रोड, साईनगर, कांदिवली पश्चिम
    3) मुंबई पब्लिक स्कूल, आशीष लेक, वडवली, आरसीएफ, चेंबूर

    मुंबई में किन जगहो पर है CBSE स्कूल..

    भवानी शंकर रोड म्युनिसिपल स्कूल, केन नगर म्युनिसिपल स्कूल, प्रतीक्षा नगर म्युनिसिपल स्कूल, दिंडोशी म्युनिसिपल स्कूल, जनकल्याण म्युनिसिपल स्कूल (मलाड), तुंगा विलेज स्कूल (कुर्ला), राजावाड़ी म्युनिसिपल स्कूल (विद्याविहार), अजीज बाग म्युनिसिपल स्कूल (चेंबूर), हरियाली विलेज म्यूनिसिपल स्कूल स्कूल (विक्रोली पूर्व), मीठानगर स्कूल (मुलुंड पूर्व)।