Category: BMC Updates

  • नशे में धुत पैसेंजर और बस ड्राइवर की लड़ाई, 9 घायल..

    नशे में धुत पैसेंजर और बस ड्राइवर की लड़ाई, 9 घायल..

    नशे में धुत पैसेंजर ड्राइवर से भिड़ गया। जिसके चलते उसने कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – BEST (बेस्ट) बस हादसे में कुल 9 लोगों के घायल होने की खबर है। रविवार 1 सितंबर की शाम मुंबई के लालबाग इलाके से गुजर रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस में सवार यात्री नशे की हालात में ड्राइवर से झगड़ने लगा। ये यात्री नशे में इतना धुत था कि लड़ाई के दौरान उसने बस की स्टीयरिंग को पकड़ लिया, जिसके बाद बस का बैलेंस बिगड़ गया और उसकी चपेट में मोटरसाइकिल और कार के साथ कुछ पैदल यात्री भी आ गए। घटना में 9 लोग घायल हुए है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)

    पुलिस ने क्या कहा?

    खबर के मुताबिक कालाचौकी पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि घटना के वक्त बस रूट 66 से होते हुए मुंबई के सायन में रानी लक्ष्मीबाई चौक की ओर जा रही थी। ये बस बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की एक इलेक्ट्रिक बस थी। शार्ट में कहे तो ‘BSET’ की. BEST, मुंबई की नगर पालिका (BMC) का ही एक भाग है जो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सिटी बसें चलाता है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)

    क्या है मामला?

    रविवार शाम इसी बस में एक यात्री बस ड्राइवर से किसी बात को लेकर बहस करने लगा। यात्री नशे में धुत था। आनन-फानन में उसने बस के स्टीयरिंग को पकड़ लिया। इससे ड्राइवर का बस से नियंत्रण छूट गया। जिसकी वजह से बस से 2 मोटरसाइकिल और एक कार की टक्कर हो गई। इसके अलावा बस की टक्कर से कुछे पैदल भी घायल हो गए। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)

    3 गंभीर रूप से घायल ..

    घटना में कुल 9 लोग घायल हुए जिसमें से 3 की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया, कि सभी घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच की जा रही है।
    इसके अलावा कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र में एक और बस की घटना सामने आई थी। खबर के मुताबिक बीते 16 जुलाई के दिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे में एक बस और ट्रैक्टर की टक्कर हुई, जिसमें 5 तीर्थ यात्रियो ने अपनी जान गंवाई थी। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)

    Related Queries:-

    • नशे में धुत पैसेंजर और बस ड्राइवर की लड़ाई
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    • ड्राइवर भाई
  • मनपा जनसंपर्क विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा

    मनपा जनसंपर्क विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा

    • अपात्र अखबारों को विज्ञापन का आशीर्वाद
    • देर रात तक प्रेस रूम का अवैध इस्तेमाल
    • बाकि अखबारों से दोगलापन
    • भ्रष्ट कारोबार में मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल
    • Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    महानगर पालिका का जनसंपर्क विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है। जनसंपर्क अधिकारी अब बिना टेंडर के अखबारों को विज्ञापन भी जारी नही कर रहे है। कुछ अखबार वाले दैनिक अखबार के नाम पर मनपा से विज्ञापन ले रहे है जिनका अखबार डेली आता ही नहीं है और तो और अखबार मुंबई में नही महराष्ट्र के बाहर छपता है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

    भ्रष्ट कारोबार में मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल

    यही नहीं मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल है। जो डीजीपीआर में अपात्र अखबारों को लिस्टेड कर रहे है। क्या राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान देते है? इसमें केंद्र सरकार के लोग भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि ऐसे फर्जी अखबार मालिकों पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है? मनपा का जनसंपर्क अधिकारी ऐसे भ्रष्ट कार्यो में पूरी तरह लिप्त है। लेकिन ईमानदारी के साथ केवल लूट और अवैध लेनदेन करने में व्यस्त रहता है। वही मनपा मुख्यालय स्थित पत्रकार रूम में अवैध तरीके से रात 11 बजे तक कुछ कथित पत्रकार अपना अड्डा बनाकर बैठते है। जिस पर जनसंपर्क अधिकारी का पूरा आशीर्वाद है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

    देर रात तक प्रेस रूम का अवैध इस्तेमाल

    मनपा मुख्यालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है। पर कथित पत्रकार रात के 11 बजे तक यहां बैठकर क्या करते हैं? कौन सी खबर का आधी रात में विशलेषण किया जाता है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। ये तो पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी ही बता सकते है। जिम्मेदार जनसंपर्क अधिकारी दोपहर को आते है और शाम को 7 बजे के आसपास चले जाते है। ऐसे अवैध कार्यो पर मनपा आयुक्त लगाम लगाएंगे या इनको लूट पाट करने का आशीर्वाद देंगे। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

  • अंधेरी ईस्ट BMC का डी.ओ. मंदार तारी के दो निजी सहायक 75, लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: डी.ओ. फरार

    अंधेरी ईस्ट BMC का डी.ओ. मंदार तारी के दो निजी सहायक 75, लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: डी.ओ. फरार

    अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..

    सुरेंद्र राजभर
    मुम्बई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    क्या है मामला?

    प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..

    किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    दो की गिरफ्तारी ..

    गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..

    जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

  • झीलों का जल स्तर बढ़ने से मुंबईकरों की पानी की चिंता दूर..

    झीलों का जल स्तर बढ़ने से मुंबईकरों की पानी की चिंता दूर..

    • ९०℅ जल भंडारण के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेश किया जाहिरनामा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली छोटी झील विहार, तुलसी के साथ साथ बांधों (झील) मोडक सागर, मध्य वैतरना, अपर वैतरना, भातसा और तानसा से प्रतिदिन ३ हजार ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है।

    पानी की कटौती से मिली राहत ..

    मुंबईकरों को साल भर की पानी की आपूर्ति के लिए सभी सात झीलों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ मीलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। हालांकि जैसे ही बरसात ने अपने शुरुआती दिनों में इन सभी सात झीलों से मुंह मोड़ लिया, वहीं ५ जून से मुंबई में ५ ℅ पानी की कटौती की गयी। हालांकि जुलाई महीने के पहले सप्ताह से सात झीलों का जल स्तर लगातार बढ़ता गया।

    जबकि भातसा और तानसा नामक सात झीलों से प्रतिदिन ३ हजार, ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों को प्रति वर्ष पीने के पानी की जरूरत के हिसाब से सभी सात झीलों में १४ लाख, ४७ हजार, ३६३ मीलियन लिटर पानी की जरूरत है। हालांकि इन दिनों झीलों में जल भंडारण ६६.७७℅ होने के कारण २९ जुलाई से ५℅ पानी की कटौती रद्द कर दी गयी है।

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका का जाहिरनामा

    आप को जानकर खुशी होगी, कि पिछले कुछ दिनों से झीलों के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। इस बीच मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में ९०℅ जल भंडारण (१२ लाख, ८९ हजार, ६१५ मीलियन लीटर, जल भंडारण) इकठ्ठा दूर हो चुकी है। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक विज्ञप्ति निकालकर इसका जाहिरनामा पेश किया है।

  • कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    • उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
    • डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
    • के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
    • अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
    इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।

    मनपा कानून क्या कहता है?

    उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी

    वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।

    सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?

    हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।

  • मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    • सक्षम अधिकारियों की संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपये कमाने का सिलसिला जारी
    • जो पकड़ा जाए भ्रस्ट, जो मैनेज कर ले
    • वह ईमानदार
    • भूमाफिया, मनपा गठबंधन की एक मिसाल…. मनपा का सी, वार्ड…!
    • क़ाली कमाई का रैकेट चला रहे दुय्याम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार
    • 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
    • डी एम सी (DMC) डॉ. संगीता हसनाले के निर्देशन में दिया जा रहा था भ्रष्टाचार को अंजाम..!

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    वैसे तो पूरे देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसके पास जितना बड़ा अधिकार वह उतना ही बड़ा भ्रष्टाचारी होता है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां की मनपा के वार्डों में अवैध निर्माण कार्य कराने और करोड़ों रुपए कमाई करने में होड़ लगी है। जो पकड़ा जाए वह भ्रष्ट, जो मैनेज कर ले वह ईमानदार होने का तमगा हासिल कर लेता है। अखबारों में वार्ड के सक्षम अधिकारियों के संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कमाने का सिलसिला जारी है। नित्य ही ऐसे समाचार छपते रहते हैं अखबारों में, किंतु बड़े अधिकारी उस पर कानूनी कार्रवाई करने से चुप्पी साध लेते हैं। (Mumbai BMC Corruption News)

    भूमाफिया मनपा गठबंधन की एक मिसाल आज सी वार्ड की पेश है। सी वार्ड में दुय्यम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली बहुत समय से काली कमाई का रैकेट चला रहे थे। दुर्भाग्यवश उन्हें 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कुल रिश्वत 20 लाख की पहली किस्त बताई जाती है। पकड़े न जाते तो पूरी किश्त वसूल लेते। सी वार्ड में अवैध निर्माण कराने, संरक्षण देने के बदले कैश लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

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    बताया जाता है, कि इस लेन देन में वसूली की भूमिका निभाने वाला निलेश होदर है जो ठेकेदार मनपा अधिकारियों के बीच की वसूली की कड़ी बना है। सी वार्ड में पकड़े गए रिश्वतखोर। लेकिन उसी की बगल में बी वार्ड कुख्यात है भ्रष्टाचार के लिए। जहां दुय्यम अभियंता विशाल सखारकर और कनिष्ठ अभियंता युगंधर मराठे की जोड़ी है जो अवैध निर्माण काम के बदले करोड़ों की रिश्वत लेती है। क्या इनका भी हश्र सी वार्ड के भ्रष्टाचारियों जैसा होगा? इनके द्वारा कराए गए गैरकानूनी बंधकाम 350/354 नरसीनाथ स्ट्रीट 113/113A, आई एम एम रोड 148/150, नागदेवी स्ट्रीट 199, ए बी स्ट्रीट 154, नारायण धुरू स्ट्रीट 51, गार्नेट हाइट 175/177 और इसाजी स्ट्रीट जैसे अनेक स्थानों पर अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कथित तौर पर घूस लेने की चर्चा है।

    मनपा, भ्रष्टाचार,

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    बताते चलें, कि ये अधिकारी बिना डी एम सी जोन 1 के डॉक्टर संगीता हसनाले की सहमति के अवैध निर्माण नहीं करा सकते। बी और सी के अधिकारी इन्हीं के निर्देशन और संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं, ऐसा बताया जाता है। सूत्रों का कहना है, कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों को डी एम सी जोन 1 का खुला आशीर्वाद मिला हुआ है। क्या सक्षम उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के हवाले करेंगे?

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  • लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    लाखों की रिश्वत से बन रहा है अवैध निर्माण

    गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..

    मन्सूर शेख
    मुंबई-
    गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    लाखों रूपये की रिश्वत ..

    बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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    क्या होना चाहिए?

    आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

    रिश्वत,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    क्या है कानून?

    सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)

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  • मालवनी इलाके से हत्यारा नकली डॉक्टर अपनी पत्नी के साथ हुआ गिरफ्तार

    मालवनी इलाके से हत्यारा नकली डॉक्टर अपनी पत्नी के साथ हुआ गिरफ्तार

    कुल 4 अपराधिक मामलों का आरोपी एक बार फिर नकली डॉक्टर की भेष मे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करता गिरफ्तार हुआ है।

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    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मुलुंड पुलिस थाने से फरार हत्या के 46 वर्षीय आरोपी परवेज़ अब्दुल अजिज शेख और उसकी पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर को मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की पुलिस ने मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके से गिरफ्तार किया है। मालवनी गेट नंबर 7 संत पॉल स्कूल के पास “अजिज पॉली क्लिनिक” के नाम पर नकली दवाखाना चलाया जा रहा था। इसके पहले भी यहीं से पती पत्नी को गिरफ्तार किया  गया था।

    मुंबई पुलिस प्रकटीकरण-1 के पुलिस उपायुक्त विशाल सिंह ठाकुर ने बताया, कि मुलुंड पुलिस थाना अंतर्गत गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 298/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 112, 117, 120(ब), 302, 307, 416, 419, 465, 426, 471, 34 के साथ महाराष्ट्र मेडिकल प्रेक्टीशनर्स एक्ट 1961 की धारा 33, 33(अ), 34, 36 के तहत फरार आरोपी द्वारा मालवनी इलाके में दवाखाना चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई।

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/27/strange-hospital-strange-doctor
    मार्व रोड़ के चारकोप नाका स्थित रक्षा हॉस्पिटल की करतूत

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 के अधिकारियों ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका, मालाड़, पी/उत्तर विभाग के असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर को साथ लेकर जब इस नकली दवाखाने में छापा मारा तो वहा आरोपी अजिज के साथ उसकी पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर भी उसके अपराध में आरोपी का साथ देते पाईं गई। हालांकि आरोपी की पत्नी डॉक्टर जरूर है लेकिन जीन दवाईयों को उन्हें देने का अधिकार प्राप्त नहीं है उन दवाईयों और इंजेक्शन्स का यहां मरीज़ों पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

    नकली डॉक्टर का लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़

    अजिज पॉली क्लिनिक के भीतर की तस्वीर
    डॉक्टर,
    क्लिनिकल की तस्वीर

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 के अधिकारियों ने दोनों पती पत्नी को हिरासत में लेकर मालवनी पुलिस थाने में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 431/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 34 के साथ महाराष्ट्र मेडिकल प्रेक्टिसनर्स एक्ट की धारा 33, 33 (अ), 33(ब), 35(2), 36 के तहत मामला दर्ज किया है। मालवनी पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।

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    बता दें कि इससे पहले आरोपी परवेज़ अब्दुल अजित शेख के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में 2 ठाणे शहर के कापूरबावडी पुलिस थाने में एक अपराधिक मामला दर्ज है। साथ ही अजित की 32 वर्षीय पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एक अपराधिक मामला दर्ज है। 2023 में गिरफ्तारी और जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से दोनों पती और पत्नी मालवनी परिसर के उसी नकली दवाखाने को  “अजिज पॉली क्लिनिक” के नाम से चला रहे थे।

  • मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।

    बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/19/malvani-police-is-cleaning

    अवैध निर्माणों की रिपोर्ट ..

    मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    चाईना, मुकदमा,
    मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर

    एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..

    बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

    अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।

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  • Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    Maharashtra; राज्य सरकार नहीं चाहती निष्पक्ष चुनाव ?

    चुनाव अधिकारियों के जरिये खुद के पक्ष में जीत हासिल करने के प्रलोभन में महाराष्ट्र की सरकार तबादले को रोके हुए है। शिंदे सरकार पर उठते सवाल?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    आम चुनाव आते ही बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का दौर शुरू हो जाता है। सरकारें चुनाव आयोग पर दबाव डालती रहती हैं, ताकि ऐसे अधिकारी रहें जो उसकी पार्टी को चुनाव जीताने में मदद करें। महाराष्ट्र के चुनाव आयोग ने बीएमसी में बहुत समय से अपना साम्राज्य बनाकर बैठे अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिए हैं। लेकिन शिंदे सरकार उन्हें हटा नहीं रही। क्यों यह तो सरकार ही बता सकती है?

    महाराष्ट्र चुनाव आयोग के निर्देश।

    सूत्रों के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर इक़बाल सिंह चहल, उपायुक्त अश्विनी भिड़े और बेलरासू चार-चार साल से अपने पदों पर एक ही जगह बैठे हैं। जिन्हें हटाने का आदेश महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने दे दिया है। परन्तु शिंदे सरकार हटाने को तैयार ही नहीं हैं। कारण ये अधिकारी शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के समय पदनिर्देशित किए गए थे। जिन्हें उद्धव ठाकरे गुट के खास भी माने जाते हैं। अगर तीनों बड़े मनपा अधिकारियों के ट्रांसफर नहीं किए गए तो निष्पक्ष चुनाव हो ही नहीं पाएगा। इसकी भी जानकारी सूत्र बताते हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/14/the-slogan-of-every-party-is-all-seats-are-ours
    Indian Political news

    आयुक्त इकबाल सिंह चहल को शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का माना जाता है। 15 मार्च तक चुनाव आचार संहिता लागू होने वाली है। अतः दो दिनों में तीनों बड़े अधिकारियों को हटाना ज़रूरी है। मगर अभी तक चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद हटाया नहीं गया है। ख़बर के मुताबिक, आयुक्त इक़बाल सिंह चहल को सेक्रेटरी बनाया जाना है। या बनना चाहते हैं। इसलिए वे यहां से हटना नहीं चाहते। इसके साथ ही परदेशी को मनपा आयुक्त बनाने की बात चली लेकिन परदेशी ने रुचि नहीं दिखाई और साफ तौर पर मना कर दिया, कि वे इच्छुक नहीं है।

    चुनाव,

    मुख्यमंत्री के बांधें है किसी ने हाथ ..

    चुनाव आयोग की सख्ती और तीनों पदों पर राज्य सरकार किसे लाती है। इस बात को लेकर मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष कांग्रेसी नेता विजय वेडेट्टीवार का कहना है, कि मुख्यमंत्री का हाथ किसने बांध दिया है? क्या इन अधिकारियों का दबाव शिंदे पर है? हो सकता है, शिवसेना में रहते हुए शिंदे के तीनों अधिकारियों से मधुर संबंध रहे हों। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग के साथ ही केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा है।

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    इसके साथ ही, सुधाकर शिंदे के संदर्भ में आरोप है, कि वे आईएएस नहीं होने के बावजूद भी आईएएस पद पर बैठे हुए हैं।उन्होंने साकीनाका झोपड़पट्टी पुनर्वसन में करोड़ों के घोटाले के साथ ही फर्जी लोगों को जालसाजी कर आवास आवंटन करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीट से जांच कराने की भी मांग की है।