बोरीवली में ₹12.92 लाख की चोरी, caretaker समेत 2 गिरफ्तार; बिहार-राजस्थान तक भागे आरोपी

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बोरीवली में घर से ₹12.92 लाख के गहने और डॉलर चोरी मामले में caretaker समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, बिहार-राजस्थान तक फरारी के बाद पुलिस ने पकड़ा!

मुंबई: बोरीवली में घर के अंदर से करीब ₹12.92 लाख के सोने-चांदी के गहने और अमेरिकी डॉलर चोरी होने के मामले में पुलिस ने caretaker समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घर में काम करने वाले Manoj Rajdev Mandal ने कथित तौर पर घर से valuables चोरी की और बाद में अपने साथी Sanjeev Hira Mandal के साथ मुंबई से बाहर निकलकर फरार हो गया। दोनों को बिहार और राजस्थान में तलाश के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

घर में काम करने वाले caretaker पर ही चोरी का आरोप

बोरीवली पुलिस के मुताबिक, मामला Crime No. 528/2026 से जुड़ा है। इस मामले में BNS की धारा 306 और 317(2)(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार शिकायत में बताया गया कि 12 अगस्त 2024 की सुबह करीब 10 बजे से 19 मई 2025 की रात करीब 8 बजे के बीच घर के bedroom में रखी cupboard से सोने-चांदी के आभूषण और अमेरिकी डॉलर गायब हुए। इनकी कुल कीमत करीब ₹12.92 लाख बताई गई है।

जांच में पुलिस का आरोप है कि घर में caretaker के तौर पर काम करने वाले Manoj Rajdev Mandal ने चोरी की। पुलिस के मुताबिक बाद में चोरी के माल से जुड़े मामले में Sanjeev Hira Mandal की भूमिका भी सामने आई।

चोरी के बाद मुंबई से बाहर निकल गए थे आरोपी

पुलिस के अनुसार मामला सामने आने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि दोनों मुंबई से बाहर निकल चुके हैं और बिहार तथा राजस्थान की तरफ चले गए हैं।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था और फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य जांच माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी रखी।

लगातार जांच के बाद Manoj Rajdev Mandal को पकड़ा गया। उससे मिली जानकारी के आधार पर Sanjeev Hira Mandal को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।

पुलिस ने कैसे आगे बढ़ाई जांच?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ की गई और उसके आधार पर दूसरे आरोपी तक पहुंच बनाई गई। चोरी के मामले में दोनों आरोपियों से जुड़े सुरागों की जांच की जा रही है।

इस मामले में चोरी गई पूरी संपत्ति में से कितनी रकम या valuables बरामद हुई हैं, इसकी पूरी जानकारी पुलिस की ओर से सामने आना बाकी है। पुलिस आगे यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गई संपत्ति कहां-कहां ले जाई गई और उसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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बोरीवली पुलिस के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

BNS की धाराओं में क्या मामला है?

इस केस में BNS की धारा 306 के तहत नौकर या कर्मचारी द्वारा मालिक के कब्जे वाली संपत्ति की चोरी से जुड़ा प्रावधान लागू होता है। वहीं BNS की धारा 317(2) चोरी की संपत्ति को जानते हुए रखने या हासिल करने से संबंधित है, जबकि धारा 317(5) चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसे ठिकाने लगाने में मदद करने से जुड़ी है।

यानी इस मामले में पुलिस सिर्फ चोरी की घटना ही नहीं, बल्कि चोरी के बाद संपत्ति से जुड़े कथित लेन-देन और उसे रखने या छिपाने में किसी अन्य की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

इस केस में कई सवालों के जवाब अभी बाकी

पुलिस की जांच के दौरान यह साफ होना बाकी है कि घर से valuables एक ही बार में चोरी किए गए थे या अलग-अलग मौकों पर। यह भी जांच का हिस्सा है कि परिवार को चोरी का पता कब चला और cupboard में रखे गहने और डॉलर गायब होने की जानकारी किस तरह सामने आई।

इसके अलावा ₹12.92 लाख की कुल कीमत में सोने और चांदी के आभूषणों तथा अमेरिकी डॉलर का अलग-अलग valuation कितना है, यह भी पुलिस जांच से स्पष्ट होगा।

दूसरे आरोपी Sanjeev Hira Mandal की कथित भूमिका क्या थी, चोरी का सामान उसके पास पहुंचा था या नहीं और चोरी की संपत्ति में से कितना माल recover हुआ है, इन पहलुओं पर भी आगे की जांच जारी है।

घर में domestic help रखने वालों के लिए जरूरी बात

इस घटना के बाद घर में काम करने वाले staff की identity और background verification को लेकर सवाल फिर सामने आते हैं। मुंबई पुलिस की ओर से domestic servant की जानकारी देने के लिए online facility उपलब्ध है, जिसमें घरेलू कर्मचारी का नाम, संपर्क, पता, पहचान से जुड़ी जानकारी और employment से संबंधित details दर्ज की जा सकती हैं।

इस तरह की verification का मकसद किसी पूरे वर्ग पर शक करना नहीं, बल्कि employer और domestic worker दोनों की security को बेहतर बनाना है। खासकर उन परिवारों के लिए यह जरूरी है जहां घर में senior citizens रहते हैं या घरेलू staff को घर के अंदर लंबे समय तक access मिलता है।

घर में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान, वर्तमान और स्थायी पता, पुराने employment details और उपलब्ध references की जानकारी रखना परिवार की सुरक्षा के लिहाज से मददगार हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

बोरीवली पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उप आयुक्त, उत्तर परिमंडल-2 संदीप घुगे और सहायक पुलिस आयुक्त संतोष धनवडे के मार्गदर्शन में किया गया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमती पुष्पलता मंडले और पुलिस निरीक्षक अपराध दिग्विजय पाटील की निगरानी में मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।

क्राइम डिटेक्शन अधिकारी राजू कोरडे के साथ पुलिस हवालदार देसाई, शेलार, सिपाही कदम, पुलिस सिपाही लहांगे और झिरवा ने कार्रवाई में हिस्सा लिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब चोरी की संपत्ति की recovery समेत मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच जारी है। दोनों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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