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  • NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

    मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

    NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

    NEET Paper Leak

    CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

    जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:

    • परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
    • 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
    • मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
    • परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
    • लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की

    मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत

    CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।

    कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?

    शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।

    लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
    • सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:

    • धोखाधड़ी
    • आपराधिक साजिश
    • राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी

    जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?

    CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

    सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

    • कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
    • इसके बदले कितने पैसे लिए गए
    • क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था

    Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में

    इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

    मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

    छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


    FAQ Section

    Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

    CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?

    आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।

    Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।

    Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?

    CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।

    Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

    पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।


    Conclusion

    NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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  • Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।

    नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है।
    Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है

    कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत

    IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है।
    BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है।
    HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।

    🌍 West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत

    यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है।
    इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    🚫 Panic Buying से बचने की अपील

    तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें।
    कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।

    💰 Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

    26 मार्च के हिसाब से:

    • दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
    • मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03

    Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

    📊 Premium Fuel का असर बहुत कम

    कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

    🌐 Diversified Sourcing से मजबूत सप्लाई

    भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं।
    इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।

    🔗 सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
    नहीं, तेल कंपनियों ने साफ किया है कि कोई shortage नहीं है।

    Q2. क्या fuel prices बढ़ने वाले हैं?
    अभी regular petrol और diesel की कीमतें स्थिर हैं।

    Q3. Panic buying क्यों नहीं करनी चाहिए?
    इससे supply chain पर दबाव पड़ता है और artificial shortage बन सकता है।

    Q4. West Asia war का भारत पर असर पड़ेगा?
    अभी तक भारत की diversified sourcing के कारण कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

  • Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Crime News: Mata Ramabai Marg Police ने बिहार और पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय चोरी गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। करीब 25.60 लाख रुपये की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद, 7 चोरी के केस सुलझे।

    मुंबई: चोरी और घरफोडी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Mata Ramabai Marg Police Station की टीम ने एक Interstate Burglary Gang का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार और पश्चिम बंगाल से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 25.60 लाख रुपये की चोरी की मालमत्ता बरामद की है।

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंग ने मुंबई में कुल 7 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था, जिन्हें अब पुलिस ने सुलझा लिया है।

    23 फरवरी को दर्ज हुआ था चोरी का केस

    पुलिस के अनुसार 23 फरवरी 2026 को Siddhat Mahesh Shetde (39) ने Mata Ramabai Marg Police Station में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।

    सिद्धात शेटदे Aastha Guru Auction Firm में नौकरी करते हैं। उनकी शिकायत पर CCTNS Crime No.101/2026 के तहत Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धारा 305(3), 331(4), 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

    खिड़की का ग्रिल तोड़कर की गई थी चोरी

    जांच में पता चला कि यह चोरी रात के समय हुई थी। आरोपियों ने खिड़की का ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां ऑक्शन के लिए रखी गई महंगी ब्रांडेड घड़ियां और फोटोग्राफी के कैमरे चोरी कर लिए

    50 CCTV फुटेज की जांच से मिला सुराग

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 50 CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की

    फुटेज में आरोपी चेहरा पूरी तरह ढककर घूमते हुए दिखाई दिए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई।

    चोरी के बाद फ्लाइट से भाग जाते थे आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपी फ्लाइट से अपने राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल भाग जाते थे

    इस जानकारी के बाद DCP Zone 1 के मार्गदर्शन में पुलिस की दो टीमें तुरंत बिहार और पश्चिम बंगाल रवाना की गईं

    दुर्गम गांवों में 10 दिन तक वेश बदलकर रही पुलिस

    पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्र के बेहद दुर्गम गांवों में छिपे हुए थे, जहां चारपहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते थे

    काफी मुश्किल हालात के बावजूद पुलिस टीम ने लगातार 10 दिन तक गांव में वेश बदलकर रहकर निगरानी की और आखिरकार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

    25.60 लाख की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने ₹25,60,141 की चोरी की मालमत्ता बरामद की

    बरामद सामान में शामिल हैं:

    • Sony कंपनी का कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹3,70,070
    • Rolex कंपनी की लग्जरी घड़ी – ₹11,20,000
    • TAG Heuer कंपनी की घड़ी – ₹72,000
    • Vacheron Constantin कंपनी की घड़ी – ₹7,50,000
    • Sony कंपनी का पुराना कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹2,48,071

    कुल बरामद माल की कीमत ₹25,60,141 बताई गई है।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

    1. Chhotu Miyan Mubarak Hussain (23) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल
    2. Munawar Tushnududdin Sheikh (42) – वर्तमान पता कामाठीपुरा, नागपाड़ा मुंबई / मूल निवासी पश्चिम बंगाल
    3. Mohammad Rajiful Mohammad Rahim Sheikh (32) – निवासी परमपुर, बिहार
    4. Achabul Charu Sheikh (34) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल

    7 अन्य चोरी के मामले भी सुलझे

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी मुंबई में कई अन्य चोरी की वारदातों में शामिल थे

    अब तक कुल 7 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं और पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई Additional CP South Region Dr. Abhinav Deshmukh,
    DCP Zone 1 Dr. Pravin Munde,
    ACP Azad Maidan Division Jagdish Kulkarni

    और Senior Police Inspector Yogesh Sable (Mata Ramabai Marg Police Station) के मार्गदर्शन में की गई।

    इन पुलिस अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका

    इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से इन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही:

    • API Dhanesh Satardekar
    • API Pravin Shinde
    • Police Havaldar Sameer Sankukhe
    • Police Havaldar Krishna Gawde
    • PSI Bhagwat Pakhare
    • PSI Sagar Hemade
    • PSI Prakash Hake
    • PSI Sachin Mandale
    • PSI Rahul Kamble
    • Police Havaldar Sachin Patil (Technical Support)

    इन सभी की तकनीकी जांच और लगातार ऑपरेशन के चलते इस Interstate Burglary Gang को पकड़ने में सफलता मिली।


    FAQ

    Q1: मुंबई में किस गैंग को गिरफ्तार किया गया?

    मुंबई पुलिस ने Interstate Burglary Gang के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    Q2: आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?

    आरोपियों को बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया

    Q3: कितनी चोरी की मालमत्ता बरामद हुई?

    पुलिस ने करीब ₹25,60,141 की चोरी की घड़ियां और कैमरे बरामद किए

    Q4: कितने केस सुलझे?

    इस कार्रवाई में मुंबई के 7 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है

    Q5: यह कार्रवाई किस पुलिस स्टेशन ने की?

    यह कार्रवाई Mata Ramabai Marg Police Station, Mumbai ने की।

  • Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime News: Bangur Nagar Police ने UP से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने Goregaon West के एक businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी की. Police ने Gazipur से पकड़ा, कोर्ट ने 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा.

    मुंबई: देश में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Goregaon West के एक 34 साल के businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी कर ली गई। इस मामले में Bangur Nagar Police ने Uttar Pradesh से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साधारण कागज को केमिकल और पाउडर से नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

    Vasai में दिखाई गई फर्जी डेमो से हुआ भरोसा

    पुलिस के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। उस समय आरोपी Vasai में शिकायतकर्ता से मिले थे और fake identities का इस्तेमाल कर रहे थे।

    उन्होंने बिजनेसमैन को एक डेमो दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ₹500 के नोट को “केमिकल और पाउडर” की मदद से दो नोटों में बदलने का दावा किया

    डेमो के बाद आरोपी ने उन्हीं नोटों से बाजार में खरीदारी भी की। जब नोट असली निकले तो बिजनेसमैन को लगा कि यह सचमुच कोई खास तकनीक है, जिससे उनका भरोसा पूरी तरह बन गया।

    Goregaon घर पर आकर किया 7 लाख का खेल

    पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी Goregaon West स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे

    उन्होंने कहा कि वे ₹7 लाख की रकम को दोगुना करके ₹14 लाख बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने साधारण कागज के बंडलों पर कुछ केमिकल और पाउडर लगाया और उन्हें ब्राउन पेपर में पैक कर दिया

    आरोपियों ने दो पैकेट शिकायतकर्ता को सौंप दिए और ₹7 लाख लेकर मौके से फरार हो गए

    पैकेट खोलते ही सामने आया बड़ा फ्रॉड

    कुछ समय बाद जब बिजनेसमैन ने पैकेट खोले तो उसमें सिर्फ साधारण कागज के बंडल थे। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ “currency doubling scam” हो चुका है।

    इसके बाद उन्होंने तुरंत Bangur Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

    UP और Bihar कनेक्शन से हुआ खुलासा

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आरोपी Prakash Kumar Gupta (25) है, जो Buxar, Bihar का रहने वाला है और मजदूरी करता था।

    दूसरा आरोपी Rajsingh Prasad (47) है, जो Uttar Pradesh का रहने वाला है और बेरोजगार बताया गया है।

    पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी Gazipur (UP) में छिपे हुए हैं।

    Gazipur से गिरफ्तार, Mumbai लाकर कोर्ट में पेश

    Bangur Nagar Police ने UP Police की मदद से Gazipur में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    इसके बाद उन्हें Mumbai लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

    कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और लोग शामिल तो नहीं हैं और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इसी तरीके से ठगा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. “Paper to Currency Conversion” स्कैम क्या होता है?
    यह एक फ्रॉड तकनीक है जिसमें ठग केमिकल या पाउडर का इस्तेमाल कर कागज को नोट में बदलने का झांसा देते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।

    Q2. इस केस में कितने पैसे की ठगी हुई?
    Goregaon के businessman से ₹7 लाख की ठगी की गई।

    Q3. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    पुलिस ने उन्हें Gazipur, Uttar Pradesh से गिरफ्तार किया।

    Q4. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Bangur Nagar Police, Mumbai कर रही है।

    Q5. आरोपियों को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
    स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    📅 आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    👉 आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    🏦 कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    📍 राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    👉 उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    🎓 योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    🔸 आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    💰 स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    🧩 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    🌐 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • चुनाव आयोग की आज़ादी पर सवाल: लोकतंत्र में ‘फेयर गेम’ की बहस फिर तेज़

    चुनाव आयोग की आज़ादी पर सवाल: लोकतंत्र में ‘फेयर गेम’ की बहस फिर तेज़

    मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के टकराव के बीच चुनाव आयोग की भूमिका पर नए सवाल उठ रहे हैं। क्या लोकतंत्र में पारदर्शिता खतरे में है या विपक्ष की सियासत सिर्फ आरोपों का खेल खेल रही है?

    🔹 लोकतंत्र या नियंत्रण?

    देश में लोकतंत्र के नाम पर सत्ता की बढ़ती पकड़ को लेकर बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को दरकिनार करते हुए सरकार द्वारा बनाए गए नए कानूनों ने विपक्ष ही नहीं, बल्कि आम जनता में भी चिंता बढ़ा दी है।
    पहले दिल्ली सरकार के प्रशासनिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनी हुई सरकार के पक्ष में फैसला दिया, मगर केंद्र ने संसद में बहुमत के आधार पर नया कानून बनाकर सारे अधिकार उपराज्यपाल को दे दिए। सवाल ये उठता है — क्या यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है या सत्ता का केंद्रीकरण?

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    🔹 सुप्रीम कोर्ट की बेंच और सरकार का टकराव

    चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ कहा था कि प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश – तीनों मिलकर नियुक्ति करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
    लेकिन सरकार ने इस आदेश को बदलते हुए नया कानून पास किया — जिसमें सीजेआई को हटाकर प्रधानमंत्री, उनके नामित मंत्री और नेता प्रतिपक्ष को शामिल किया गया।
    यहां भी बहुमत का समीकरण साफ दिखाई देता है – दो वोट सरकार के पक्ष में और एक विपक्ष का। ऐसे में नियुक्ति का फैसला पहले से तय माना जा रहा है।

    🔹 चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल

    देश के लोकतंत्र का स्तंभ माने जाने वाले चुनाव आयोग पर भी अब गंभीर आरोप लग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि आयोग अब “स्वतंत्र संस्था” नहीं रह गई, बल्कि “सरकार की सुविधा आयोग” बन चुकी है।
    कई मामलों में आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम काटने, फर्जी मतदाता जोड़ने और CCTV फुटेज न देने के आरोप हैं।
    खासकर बिहार में लाखों वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने का मामला सुर्खियों में है। विपक्ष का दावा है कि इनमें ज़्यादातर नाम सीमावर्ती मुस्लिम इलाकों के मतदाताओं के हैं।

    🔹 ईवीएम पर फिर उठे सवाल

    वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर भी विवाद फिर से गर्म है। कभी बीजेपी खुद कांग्रेस पर ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाती थी, लेकिन अब विपक्ष बीजेपी पर यही आरोप दोहरा रहा है।
    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, एलन मस्क और जापान की तकनीकी कंपनियों ने भी कहा कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह “हैक-प्रूफ” नहीं होती।
    फिर सवाल उठता है — जब मोबाइल, सैटेलाइट और अंतरिक्ष यान को कंट्रोल किया जा सकता है, तो EVM क्यों नहीं?

    🔹 बिहार का वोटर डेटा विवाद

    बिहार में चुनाव आयोग ने SIR सिस्टम लागू कर लगभग 65 लाख वोटरों के नाम हटाए। आयोग का कहना है कि ये नाम डुप्लीकेट या फर्जी थे, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह “टारगेटेड वोट डिलीशन” है।
    कई इलाकों में मृत मतदाताओं के नाम हटाने के बहाने असली मतदाताओं को लिस्ट से बाहर कर दिया गया।
    विपक्षी नेताओं का कहना है कि बिना आधार कार्ड, बिना नागरिकता सत्यापन और बिना जांच के इतने नाम कैसे जोड़े या हटाए जा सकते हैं?

    🔹 संसद में बने विवादित कानून

    सरकार ने संसद से ऐसा कानून पास किया जिसके तहत चुनाव आयोग की किसी भी कार्रवाई को लेकर कोई कोर्ट, चाहे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, मामला नहीं सुन सकता
    यानी आयोग चाहे जितनी मनमानी करे, उस पर न्यायिक रोक संभव नहीं।
    विपक्ष का कहना है कि यही असली “लोकतंत्र की हत्या” है — जब जनता के पास न्याय की अपील का अधिकार ही नहीं बचेगा।

    🔹 विपक्ष को खत्म करने की साजिश?

    हाल में विपक्षी नेताओं के जेल जाने की घटनाओं ने इस बहस को और हवा दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई को विपक्ष “राजनीतिक बदला” बता रहा है।
    नए कानून में यह प्रावधान है कि अगर कोई मुख्यमंत्री या मंत्री तीन महीने से ज़्यादा जेल में रहता है, तो उसका पद स्वतः समाप्त माना जाएगा।
    विपक्षी दलों का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर सरकार सत्ता में बैठे विपक्षी मुख्यमंत्रियों को हटाने की साजिश रच रही है।

    🔹 क्या भारत लोकतंत्र से राजतंत्र की ओर?

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर यही रफ्तार रही तो भारत में चुनाव सिर्फ “औपचारिक प्रक्रिया” बनकर रह जाएंगे।
    जब सरकार खुद ही चुनाव आयोग, प्रशासन और कानून को नियंत्रित करेगी, तो चुनाव का मतलब क्या बचेगा?
    कई विपक्षी नेताओं ने व्यंग्य में कहा कि “अब तो प्रधानमंत्री अपने उत्तराधिकारी का नाम कागज़ पर लिखेंगे और वही बाद में घोषित हो जाएगा — जैसे किसी संगठन का प्रमुख तय होता है।”

    🧩 जनता का सवाल: भरोसा किस पर करें?

    जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि अगर न्यायपालिका के आदेश, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विपक्ष की आवाज़ — तीनों पर अंकुश लग जाए, तो लोकतंत्र का अस्तित्व कहाँ बचेगा?
    अब ज़रूरत है कि पारदर्शिता और जवाबदेही को फिर से प्राथमिकता दी जाए। लोकतंत्र सिर्फ चुनाव का नाम नहीं, बल्कि जनता की आस्था और विश्वास का प्रतीक है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के नियम बदले थे?
    हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नियुक्ति में सीजेआई, प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष शामिल हों।

    Q2. सरकार ने इस आदेश को कैसे बदला?
    सरकार ने संसद में नया कानून पारित कर सीजेआई को हटाकर एक केंद्रीय मंत्री को शामिल कर दिया।

    Q3. क्या ईवीएम को हैक किया जा सकता है?
    तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम 100% सुरक्षित नहीं होता, इसलिए पारदर्शिता के उपाय ज़रूरी हैं।

    Q4. क्या बिहार में वाकई लाखों वोटर हटाए गए?
    हाँ, SIR सिस्टम के तहत लाखों नाम हटाए गए, जिनमें विपक्ष का दावा है कि बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की है।

    Q5. क्या यह सब लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है?
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर संस्थाओं की स्वतंत्रता पर दबाव जारी रहा, तो लोकतंत्र का स्वरूप प्रभावित हो सकता है।

  • BPSSC बिहार पुलिस SI भर्ती 2025: 1799 पदों पर सीधी भर्ती, जानिए सैलरी, योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

    BPSSC बिहार पुलिस SI भर्ती 2025: 1799 पदों पर सीधी भर्ती, जानिए सैलरी, योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

    BPSSC ने बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के लिए 1799 पदों पर नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 26 सितंबर से 26 अक्टूबर तक ऑनलाइन होंगे। जानें सैलरी, योग्यता, उम्र सीमा, फिजिकल टेस्ट और पूरी सिलेक्शन प्रक्रिया की जानकारी।

    बिहार: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिहार पुलिस सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 1799 पदों पर भर्ती निकाली गई है। आवेदन की प्रक्रिया 26 सितंबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक चलेगी।

    🔶 पदों का विवरण (Vacancy Details)

    कुल 1799 पदों में से आरक्षण कैटेगरी के हिसाब से सीटें तय की गई हैं। साथ ही महिलाओं के लिए 35% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन भी रखा गया है।

    • अनारक्षित (जनरल): 850 (महिला – 298)
    • एससी: 210 (महिला – 74)
    • एसटी: 15 (महिला – 5)
    • ईबीसी: 273 (महिला – 96)
    • बीसी: 222 (महिला – 78)
    • बीसी महिला: 42
    • EWS: 180 (महिला – 63)
    • ट्रांसजेंडर: 7

    🔶 योग्यता और उम्र सीमा (Eligibility & Age Limit)

    • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन होना जरूरी। 01 अगस्त 2025 तक डिग्री पूरी होनी चाहिए।
    • उम्र सीमा (01.08.2025 तक):
    • सामान्य पुरुष: 20 से 37 साल
    • सामान्य महिला / BC / EBC: 20 से 40 साल
    • SC / ST / थर्ड जेंडर: 20 से 42 साल
    • आरक्षित वर्ग और सरकारी कर्मचारियों को नियम अनुसार छूट मिलेगी।

    🔶 फिजिकल स्टैंडर्ड और टेस्ट (PET & PMT)

    हाइट (Height):

    • पुरुष (जनरल/BC): 165 सेमी
    • पुरुष (EBC/SC/ST): 160 सेमी
    • महिला (सभी वर्ग): 155 सेमी

    चेस्ट (Chest – केवल पुरुष):

    • जनरल/BC/EBC: 81–86 सेमी
    • SC/ST: 79–84 सेमी

    वजन (Weight):

    • महिला उम्मीदवार: न्यूनतम 48 किलो

    PET इवेंट्स:

    • दौड़: पुरुष – 1.6 किमी 6.5 मिनट में | महिला – 1 किमी 6 मिनट में
    • हाई जंप: पुरुष – 4 फीट | महिला – 3 फीट
    • लॉन्ग जंप: पुरुष – 12 फीट | महिला – 9 फीट
    • शॉट पुट: पुरुष – 16 फीट (16 पाउंड) | महिला – 10 फीट (12 पाउंड)

    🔶 बिहार पुलिस SI सैलरी (Salary & Benefits)

    SI पद 7th Pay Commission के लेवल-6 के अंतर्गत आता है।

    • बेसिक पे: ₹35,400 से ₹1,12,400
    • एलाउंसेज: DA, HRA, TA
    • इन-हैंड सैलरी: शुरुआती इन-हैंड ₹50,000+ (अनुमानित)
    • अन्य सुविधाएं: मेडिकल, NPS, पेंशन बेनिफिट्स

    🔶 सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    1. प्रीलिम्स एग्जाम (200 मार्क्स)
    • GK और करेंट अफेयर्स
    • निगेटिव मार्किंग 0.2
    • 30% से कम स्कोर वालों को बाहर कर दिया जाएगा।
    1. मेन एग्जाम
    • पेपर 1: हिंदी (क्वालिफाइंग) – 200 मार्क्स
    • पेपर 2: जनरल स्टडीज, साइंस, इतिहास, भूगोल, गणित – 200 मार्क्स
    1. PET / फिजिकल टेस्ट (क्वालिफाइंग नेचर का)

    🔶 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    • ऑफिशियल BPSSC वेबसाइट पर जाएं।
    • रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन शुल्क ₹100 जमा करें।
    • डिटेल्स भरें और फोटो/सिग्नेचर अपलोड करें।
    • फॉर्म सबमिट करने के बाद प्रिंट आउट निकाल लें।

    🔶 अहम तारीखें (Important Dates)

    • नोटिफिकेशन जारी: 23 सितंबर 2025
    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 26 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 26 अक्टूबर 2025
    • परीक्षा तिथि: जल्द घोषित होगी

    ❓ FAQ

    Q1. बिहार पुलिस SI भर्ती 2025 में कितने पद हैं?
    👉 इस बार कुल 1799 पदों पर भर्ती निकली है।

    Q2. आवेदन कब से शुरू होंगे?
    👉 आवेदन 26 सितंबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे।

    Q3. बिहार पुलिस SI की सैलरी कितनी है?
    👉 बेसिक पे ₹35,400 – ₹1,12,400 के बीच है, इन-हैंड ₹50,000+ तक मिल सकता है।

    Q4. चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
    👉 प्रीलिम्स, मेन एग्जाम और PET (फिजिकल टेस्ट) के आधार पर।

    Q5. महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्वेशन है क्या?
    👉 हां, हर कैटेगरी में 35% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन है।

  • IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।

    👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

    कितने पद, कहां-कहां?

    IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं।
    कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:

    • पश्चिम बंगाल – 64
    • राजस्थान – 53
    • उत्तर प्रदेश – 53
    • ओडिशा – 51
    • तमिलनाडु – 39
    • बिहार – 38
    • महाराष्ट्र – 15
    • दिल्ली – 14

    कुल मिलाकर – 537 पद

    कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)

    इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।

    • Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
    • Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
    • Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
    • Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट

    👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।

    उम्र सीमा (Age Limit – as on 31.08.2025)

    • न्यूनतम आयु: 18 साल
    • अधिकतम आयु: 24 साल

    👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।

    स्टाइपेंड (Salary/Stipend)

    सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।

    सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।

    • सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
    • टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।

    कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)

    1. सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
    2. फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
    3. आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
    • Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
    • Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
    1. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।

    👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।

    ज़रूरी डेट्स (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
    • कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025

    ❓ FAQ

    Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं?
    Ans: कुल 537 पद हैं।

    Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।

    Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा?
    Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।

    Q4: योग्यता क्या चाहिए?
    Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।

    Q5: क्या आवेदन शुल्क है?
    Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।

  • Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    मुंबई के भायखला में बिहार के युवक का शव नाले से बरामद हुआ। ज़मीन विवाद में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    मुंबई: एक सनसनीखेज मामला भायखला इलाके से सामने आया है। यहाँ मज़गांव स्थित सूर्यकुंड सोसायटी के ड्रेनेज लाइन में एक युवक का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान बिहार निवासी केशव कुमार चौधरी (झा) के रूप में हुई, जो महज़ दो हफ्ते पहले काम की तलाश में मुंबई आया था। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    चाचा समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अपने मामा मृत्युञ्जय झा (36) के पास रह रहा था, जो मझगांव के एक सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इसी सोसायटी में गांव के दो अन्य परिचित — सनी कुमार चौधरी (31) और गिरिधारी रॉय — भी काम करते थे। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    सोमवार की रात चारों लोग एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव की पुश्तैनी ज़मीन को लेकर विवाद छिड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मृत्युञ्जय ने गुस्से में अपने भांजे के गले पर पैर रखकर उसकी हत्या कर दी। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    हत्या के बाद शव को नाले में फेंका

    हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को सोसायटी के ड्रेनेज टैंक में डाल दिया। घटना के बाद सनी और गिरिधारी बिहार भाग गए, जबकि मृत्युञ्जय मुंबई में ही छिपा रहा। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    भायखला पुलिस ने स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मृत्युञ्जय को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने सनी और गिरिधारी को भुसावल से पकड़कर मुंबई लाया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    पुलिस ने दर्ज किया मर्डर केस

    भायखला पुलिस ने तीनों आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद की जड़ तक पहुँचने के लिए आगे की जांच जारी है। यह घटना मुंबई जैसे महानगर में भी पारिवारिक और सामाजिक विवाद कैसे खून-खराबे में बदल सकते हैं, इसका बड़ा उदाहरण है। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

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    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।