
NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।
मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।
जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:
- परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
- 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
- मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
- परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
- लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की
मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत
CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।
जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।
कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?
शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।
लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS)
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
- सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:
- धोखाधड़ी
- आपराधिक साजिश
- राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी
जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?
CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
- इसके बदले कितने पैसे लिए गए
- क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था
Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में
इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
FAQ Section
Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।
Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?
आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।
Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।
Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?
CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।
Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।
Conclusion
NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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