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मुंबई: Bigg Boss रियलिटी शो से फेमस हुई टेलीविजन एक्ट्रेस कशिश कपूर के घर पर चोरी की वारदात हुई है। कशिश ने अपने घर के नौकर पर 4.5 लाख रुपये नकद चोरी करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से आरोपी नौकर फरार बताया जा रहा है। अंधेरी पश्चिम की घटना में मुंबई पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। Servant absconded after stealing lakhs from Bigg Boss fame actress’ house
पुलिस ने क्या कहा?
अंबोली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रमोद कोकाटे ने बताया कि अंधेरी के आज़ाद नगर में वीरा देसाई रोड स्थित न्यू अंबिवली सोसाइटी में रहने वाली एक्ट्रेस कशिश कपूर के घर चोरी हुई है। उन्होंने सचिन कुमार चौधरी नामक अपने नौकर पर चोरी का आरोप लगाया है। कशिश का कहना है कि चौधरी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच हो रही है। उन्होंने कहा, कि लोकल पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की एक स्पेशल टीम भी फरार नौकर की तलाश में जुटी है। Servant absconded after stealing lakhs from Bigg Boss fame actress’ house
नौकर ने पूरे पैसे नहीं चुराए
शिकायत के मुताबिक कशिश कपूर ने अपनी अलमारी के एक दराज में 7 लाख रुपये नकद रखे थे। 9 जुलाई को जब उन्होंने बिहार में अपनी माँ को भेजने के लिए कुछ पैसे निकालने के लिए अलमारी खोली तो उन्हें पता चला कि अलमारी में केवल 2.5 लाख रुपये ही बचे थे। बाकी 4.5 लाख रुपये गायब थे। Servant absconded after stealing lakhs from Bigg Boss fame actress’ house
घर में पूछताछ करने पर नौकर सचिन कुमार घबरा गया। जब कशिश कपूर ने उसकी जेब चेक करने की कोशिश की तो उसने मना कर दिया और जल्द ही 50,000 रुपये नकद लेकर घर से भाग गया। इस घटना के बाद एक्ट्रेस को शक हुआ कि बाकी पैसे भी उसी ने चुराए हैं। कशिश कपूर ने तुरंत अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। Servant absconded after stealing lakhs from Bigg Boss fame actress’ house
कौन हैं कशिश कपूर ?
कशिश कपूर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया की रहने वाली हैं। उन्होंने कई टेलीविजन शो में काम किया है और सुपरस्टार सलमान खान की रियलिटी शो बिग बॉस की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं। वहीं आरोपी सचिन कुमार पिछले पांच महीनों से कशिश कपूर के यहां काम कर रहा था। वह रोज़ाना सुबह 11:30 बजे ड्यूटी पर आता और अपना काम पूरा करने के बाद दोपहर 1 बजे तक चला जाता था। Servant absconded after stealing lakhs from Bigg Boss fame actress’ house
पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आए हैं।
मुंबई: 26/11 के आतंकवाद के खिलाफ अभियान में शामिल एक पूर्व कमांडो ने मराठी भाषा विवाद को लेकर ठाकरे परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया, कि 2008 में जब मुंबई में आतंकवाद हमला हुआ था, तब राज ठाकरे के समर्थक छिपे हुए थे। उस वक्त आतंकवाद से लड़ने वाले वीर योद्धा कहीं और के नहीं बल्कि यूपी बिहार के सैन्यकर्मी थे। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”
प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आकर सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भाषा विवाद को लेकर राजनीति करना अच्छी बात नही है। इसके अलावा भी राज्य और देश के हितों पर विचार किया जाना चाहिए।
मरीन कमांडो फ़ोर्स (MCF), जिसे संक्षेप में MARCOS कहा जाता है, भारतीय नौसेना का एक विशेष बल है। भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन 26/11 आतंकवादी हमले में आतंकवादीयों की गोलियों के बीच सामना करने वाले एक बहादुर सैनिक है।
मैने महाराष्ट्र के लिए खून बहाया
’26/11 ब्रेवहार्ट: माई एनकाउंटर विद टेररिस्ट्स दैट नाइट’ नामक पुस्तक के लेखक श्री तेवतिया ने कहा, “मैंने 26/11 को मुंबई हमले के दौरान उस वक्त आतंकवादियों का सामना किया था जब हमलावर लोगों को गोलियों से छन्नी कर रहे थे। मैं महाराष्ट्र के लिए खून बहाता हूं और उत्तर प्रदेश से हूं। मैंने ताज होटल को बचाया। राज ठाकरे के तथाकथित योद्धा उस वक्त कहां थे? देश को मत बांटो। मुस्कुराहट के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं होती।”
कहां थे राज और उद्धव?
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने अपने दावों को फिर से एक बार दोहराया और कहा कि 26/11 के दौरान आतंकवादियों से लड़ने वाले राज और उद्धव ठाकरे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के सैन्यकर्मी थे।
उन्होंने कहा, “वह (राज ठाकरे) खुद, उद्धव ठाकरे और उनका परिवार भी उस वक्त उनसे नहीं मिल पाया। जिन लोगों ने दूसरों को बचाया था, जैसे कि सेना के जवान, वे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार से थे। मैं वहां था, मैंने स्थिति को संभाला और आतंकवादियों का सामना किया। मैं भी उत्तर प्रदेश से हूं और (पूर्व प्रधानमंत्री) चौधरी चरण सिंह के गांव से आता हूं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मराठी विरोधी नहीं हैं और कहा कि भाषा को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व
उन्होंने कहा, “मुझे मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व है। ऐसे हारे हुए लोगों को हमें बांटने की इजाजत न दें। भाषा को राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी, गरीबी, विकास, उत्पादन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बलात्कार, लंबित अदालती मामले और आतंकवाद हमारे लिए बड़े मुद्दे हैं जिन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
ठाकरे परिवार मराठी विवाद में सबसे आगे रहा है, जिसे राज्य सरकार की स्कूलों के लिए तीन-भाषा शिक्षा नीति ने फिर से हवा दे दी है। ठाकरे परिवार की आलोचना के बाद शिक्षा नीति को वापस ले लिया गया, जिसके बाद एक बड़े सार्वजनिक मिलन समारोह में दोनों नेताओं ने राज्य के मूल मराठी भाषियों पर हिंदी थोपने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की।
गैर मराठी भाषियों पर हमला
दोनों चचेरे भाइयों में से छोटे राज ठाकरे को भाषा विवाद पर कट्टरपंथी रुख अपनाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके समर्थक मुंबई में गैर-मराठी भाषियों पर हमला और धमकियाँ देते देखे गए हैं। “गुंडागिरी” के आरोपों से घिरे राज ठाकरे का समर्थन उनके चचेरे भाई उद्धव ने किया है, जिन्होंने कहा है कि मराठी लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हुए गुंडा बनना बेहतर है। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”
मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
पुलिस का संदेश और खुल गया राज
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
गांजे की महक ने खोले राज
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है। Drugs smuggled from Visakhapatnam in Andhra Pradesh to Mumbai
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर नकली पासपोर्ट बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को मुंबई पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस वेरिफ़िकेशन में हुआ खुलासा।
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
नासिक करेंसी नोट प्रेस में अब्दुल करीम तेलगी के स्टॉप घोटाले के बाद एक बार फिर सेंधमारी होने जा रही थी। इसके लिए कुछ बिहारियों ने पुरी तैयारी कर ली थी। लेकिन समय रहते पुलिस ने सारा खेल समाप्त कर दिया।
मुंबई: पुरानी कहानी फिर एक बार दोहराई जाने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने खेला कर दिया। खबर नासिक सिक्यूरिटी प्रेस यानी नासिक करेंसी नोट प्रेस और नासिक के सरकारी टकसाल की है। जहां कभी अब्दुल करीम तेलगी ने सेंध लगाई थी। तेलगी ने अपना नेटवर्क तैयार करके अभेद माने जाने वाले प्रेस की पुरानी और खारिज हो चुकीं ‘मशीनें’ खरीदें जिससे स्टांप पेपर पर सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छापे जा सकें। इसी तरीके के अपराध होने से पहले ही मुंबई पुलिस ने बिहार से 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी हांसिल की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
मामले की तहकीकात
खबर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जीवाड़ा करके करंसी नोट प्रेस नासिक में नकली सर्टिफिकेट की मदद से योग्यता परीक्षा पास की और नौकरी हासिल कर ली। फिलहाल पवई पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिलि नौकरी
आरोपियों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, करेंसी नोट प्रेस नासिक ने 2022-23 में जूनियर टेक्नीशियन (स्टाम्प/कंट्रोल), जूनियर टेक्नीशियन (वर्कशॉप/इलेक्ट्रिकल) और सुपरवाइजर के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें उचित प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों को भर दिया गया था। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
कुछ हफ़्ते पहले ही करेंसी नोट प्रेस को सूचना मिली, कि कुछ उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी करके परीक्षा पास किया है। जांच शुरू की गई और अधिकारियों ने पवई में आईओएन डिजिटल ज़ोन में परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया, जहाँ 13 मार्च, 2022 और 4 मार्च, 2023 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पाया गया कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिली है उनकी जगह पर दूसरे लोगों ने एक्जाम दिया है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिकारी ने एफआईआर में कहा कि यह पाया गया कि बिहार के सात उम्मीदवारों ने कभी परीक्षा ही नहीं दी थी और उन्होंने फर्जी उम्मीदवार भेजे थे, जिन्होंने उनकी जगह परीक्षा दी। आरोपी उम्मीदवारों की पहचान रवि रंजन कुमार, संदीप कुमार, शिशुपाल कुमार, आयुष्य राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने इसके बाद नौकरी पाने वाले और काम कर रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता की जांच की। एफआईआर में कहा गया है कि यह पता चला कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आईटीआई प्रमाण पत्र और डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी हैं।
नासिक पुलिस ने मुंबई को किया ट्रांसफर
एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कार्यों से आरोपियों ने योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया है और करेंसी नोट प्रेस, नासिक के साथ धोखाधड़ी की है। करेंसी नोट प्रेस ने नासिक के उपनगर पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नासिक पुलिस ने डेप्यूटी मैनेजर (लीगल) 30 वर्षीय विक्रमसिंह चौधरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए पवई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र आदि के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा (कदाचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन डमी अभ्यर्थियों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में आरोपियों की मदद की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।
कौन है संजय झा?
मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।
सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।
जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।
सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।
मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।
कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार
दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।
दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।
दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।
जांच अधिकारी ने क्या कहा?
मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।
डिजिटल डेस्क बिहार: भारत की सीमा के नजदीक हमेशा से अपराध की अनोखी घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं। अब बिहार के नेपाल बॉर्डर बेतिया जिला से एक अजीब खबर सामने आई है। यहां भारत नेपाल बॉर्डर के पास गरीब युवक लाल गमछा डाले घूम रहा था। उसके पास एक बड़ा बैग था, जिसमें ठूस-ठूस कर 52 करोड़ का ड्रग्स भर हुआ था। वरदही गांव के पास ओरिया नदी पर चेकिंग कर रही सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं बटालियन ने उसे रोका और पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह नेपाल से आया है। भारी भरकर बैग की तलाशी लेते ही जवान हैरान रह गए। He was roaming around wearing a red towel, had ’52 crores’ stuffed in his bag, you will be surprised to know the truth…
नेपाली तस्कर गिरफ्तार
भारत-नेपाल सीमा से बड़ी मात्रा में चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सिकटा के वरदही गांव के नजदीक ओरिया नदी के पास हुई। गिरफ्तार तस्कर की पहचान नेपाल स्थित, मझौलिया थाना क्षेत्र के नौतन खुर्द गांव के छोटू साह के रूप में हुई है। चरस को 50 पैकेटों में पैक किया गया था, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 52 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। He was roaming around wearing a red towel, had ’52 crores’ stuffed in his bag, you will be surprised to know the truth…
पुलिस कर रही है पूछताछ
एसएसबी ने चरस और तस्कर को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया है ताकि आगे की जांच और कार्रवाई हो सके। पुलिस ने गिरफ्तार छोटू साह से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे तस्कर सिंडिकेट को उजागर करने में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह तस्कर नेपाल से भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर भारत में प्रवेश कर रहा था और उसे देश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता भी रहा था। He was roaming around wearing a red towel, had ’52 crores’ stuffed in his bag, you will be surprised to know the truth…
राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश
मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections
बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग
वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।
केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections
ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।
उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections
पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations
क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?
ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations
बार्डर की सुरक्षा
मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का? We are busy in the rally and China is making preparations
विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे। We are busy in the rally and China is making preparations
नग्नता को परिचित
सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया। We are busy in the rally and China is making preparations
चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे
हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे। We are busy in the rally and China is making preparations
पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा। We are busy in the rally and China is making preparations
मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार? We are busy in the rally and China is making preparations
चीन का खतरा
चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है। We are busy in the rally and China is making preparations
सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations
चुनावी रणनीति
अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। We are busy in the rally and China is making preparations
हर घर सिंदूर बांटने की योजना
अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है।
तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की? We are busy in the rally and China is making preparations