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वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।
कौन है संजय झा?
मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।
सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।
जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।
सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।
मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।
कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार
दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।
दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।
दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।
जांच अधिकारी ने क्या कहा?
मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।
Bihar Border News: भारत-नेपाल बॉर्डर के पास से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके बैग से सशस्त्र सीमा बल के कर्मचारियों ने 52 करोड़ रुपये का चरस बरामद किया गया है। तुरंत हिरासत में लेकर एसएसबी बटालियन ने पुलिस के हवाले कर दिया।
डिजिटल डेस्क बिहार: भारत की सीमा के नजदीक हमेशा से अपराध की अनोखी घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं। अब बिहार के नेपाल बॉर्डर बेतिया जिला से एक अजीब खबर सामने आई है। यहां भारत नेपाल बॉर्डर के पास गरीब युवक लाल गमछा डाले घूम रहा था। उसके पास एक बड़ा बैग था, जिसमें ठूस-ठूस कर 52 करोड़ का ड्रग्स भर हुआ था। वरदही गांव के पास ओरिया नदी पर चेकिंग कर रही सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं बटालियन ने उसे रोका और पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह नेपाल से आया है। भारी भरकर बैग की तलाशी लेते ही जवान हैरान रह गए।
नेपाली तस्कर गिरफ्तार
भारत-नेपाल सीमा से बड़ी मात्रा में चरस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सिकटा के वरदही गांव के नजदीक ओरिया नदी के पास हुई। गिरफ्तार तस्कर की पहचान नेपाल स्थित, मझौलिया थाना क्षेत्र के नौतन खुर्द गांव के छोटू साह के रूप में हुई है। चरस को 50 पैकेटों में पैक किया गया था, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 52 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
पुलिस कर रही है पूछताछ
एसएसबी ने चरस और तस्कर को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया है ताकि आगे की जांच और कार्रवाई हो सके। पुलिस ने गिरफ्तार छोटू साह से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के आधार पर पुलिस पूरे तस्कर सिंडिकेट को उजागर करने में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह तस्कर नेपाल से भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर भारत में प्रवेश कर रहा था और उसे देश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता भी रहा था।
मझौलिया थाना प्रभारी ने बताया कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर बड़ा आघात लग गया होगा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार तस्कर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है। एसएसबी के अधिकारियों ने भी इस सफलता को सराहा है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाली मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश
मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं।
बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग
वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।
केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है।
ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।
उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है।
पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations
क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?
ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations
बार्डर की सुरक्षा
मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का?
विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे।
नग्नता को परिचित
सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया।
चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे
हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे।
पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा।
मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार?
चीन का खतरा
चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है।
सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations
चुनावी रणनीति
अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे।
हर घर सिंदूर बांटने की योजना
अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है।
तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की?
Extra Marital Affair: पति ने अपनी पत्नी को नेपाल के होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़ा। पत्नी अपने ही जेठ के साथ होटल में रह रही थी। जब इसके लिए उन्हें टोका गया तो पत्नी ने जेठ के साथ मिलकर पति की ही पिटाई कर डाली। मामला पुलिस तक जा पहुंचा।
डिजिटल डेस्क शादी के बाद भी अक्सर कई लोग अपने पार्टनर को धोखा दे ही देते हैं। देश भर में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। लेकिन यहां तो एक महिला अपने ही जेठ के साथ रंगरलियां मनाती हैं और शिकायत करने पर पति की पिटाई कर उल्टे पुलिस में पति के खिलाफ शिकायत कर देती है। बिहार की इस घटना में आखिरकार ग्राम पंचायत को बीच बचाव करना पड़ा, कारण पति पत्नी के बीच एक 7 साल की बेटी भी है।
पिछले 9 सालों से दे रही थी धोखा
खबर के मुताबिक, बिहार के अररिया में एक शादीशुदा महिला का अपने ही जेठ के साथ अफेयर चल रहा था। वो पिछले 9 सालों से अपने पति को धोखा दे रही थी। इतना ही नहीं वह अक्सर जेठ के साथ हनीमून पर नेपाल जाया करती थी। लेकिन इस बार किस्मत उसे धोखा दे गई और रंगे हाथ पकड़ी गई।
नेपाल के गेस्ट हाउस में रंगरलियां
पति को जैसे ही भनक लगी कि उसकी पत्नी उसी के बड़े भाई के साथ होटल गई है, तो वो भी नेपाल जा पहुंचा। वहां उसने पत्नी को अपने भाई के साथ रंगरेलियां मनाते रंगेहाथों पकड़ लिय। खूब हंगामा हुआ। फिर वापस लौटकर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। बोला- साहब अब पानी सिर से पार हो चुका है। इनके खिलाफ एक्शन लीजिए। मेरी बीवी ने तो अपनी बेटी पर भी रहम नहीं खाया। दूसरे मर्द से आशिकी कर रही है।
शिकायत के बाद फारबिसगंज पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले आई। फिर वहां दोनों से एक बॉन्ड भरवाया गया। मामला कोहलिया पंचायत का है। यहां रहने वाले एक युवक की पत्नी का अवैध संबंध उसके ही बड़े भाई से पिछले कुछ सालों से चर रहा था। एक साल पहले युवक ने इस मामले को लेकर फारबिसगंज थाना में एक लिखित आवेदन भी दिया था, जिसमें उसने अपने बड़े भाई के साथ अपनी पत्नी के अवैध संबंध की बात करते हुए पत्नी और बड़े भाई द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया था। थाने में लिखित आवेदन दिए जाने के बाद युवक के साथ उसके बड़े भाई और पत्नी ने मारपीट की भी और पत्नी ने उल्टा पति के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।
खुलेआम चलता रहा अफेयर
मामला बढ़ा तो फारबिसगंज थाना में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दोनों के बीच के विवाद को खत्म कराकर सुलह करवाई गई। सुलह के बाद पीड़ित युवक ने अपना आवेदन थाने से वापस ले लिया। आरोप है कि उसके बाद भी जेठ और बहू के बीच अवैध संबंध बने रहे। दूसरी तरफ, जेठ का अपनी पत्नी से भी मोह भंग हो रहा था। उसने छोटे भाई की बीवी की खातिर अपनी ही पत्नी पर अत्याचार करने शुरू कर दिया। आलम ये हुआ कि बीवी घर छोड़कर चली गई। यही तो जेठ चाहता था। वो खुलेआम भाई की बीवी से अफेयर चलाने लगा। लोग भी उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते थे, लेकिन इससे जेठ और बहू दोनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
पीड़ित युवक ने बताया- मैंने जब उन्हें इस बात के लिए टोका तो उल्टा मेरी बीवी ने मेरे भाई के साथ मिलकर मुझे खूब पीटा। मैंने प्यार से भी समझाने की कोशिश की। लेकिन दोनों नहीं सुधरे। हमारी सात साल की बेटी है। बेटी का भी हवाला दिया कि सुधर जाओ, अब तुम एक बेटी की मां हो। लेकिन पत्नी पर कोई असर नहीं हुआ। मेरा भाई और मेरी बीवी अक्सर हनीमून मनाने नेपाल जाते थे। लेकिन इस बार मुझे पता लग गया। मैं भी वहां जा पहुंचा। दोनों होटल में आपत्तिजनक हालत में मुझे मिले। मैं चाहता हूं कि दोनों को उनके किए की सजा मिले। पुलिस ने कहा- होटल में वैध कागजात के साथ दोनों रुके थे। पति के शिकायत पर कार्रवाई की गई, जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधि के पहल के बाद बॉन्ड भरवाकर वापस भेज दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सरकार अब सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अहम बैठक कर पांच बड़े फैसले किए हैं। जिसमें सिंघु जल समझौते पर रोक, उच्चायोग बंद, नागरिकों के वीजा रद, अटारी बॉर्डर भी बंद का ऐलान कर दिया है।
नई दिल्ली- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गाए हैं। विदेश साचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सार्क वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सिंघु जल समझाते पर रोक लगाई गई है। अटरी वाघा बॉर्डर को बंद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अथिकारी भी शामिल हुए। वैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी दी। (India’s big action after Pahalgam attack)
अबू तालाह है मास्टरमाइंड
इलाके में एक साल से सक्रिय थे आतंकी पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय थे और इन्हीं आतंकियों ने मई 2024 में पुंछ में वायु सेना के काफिले पर हुए हमले को अंजाम दिया था। सूत्रों के मु्तबिक, जुलाई 2024 में इन आतंकियों ने जम्मू से कश्मीर की तरफ मुवमेंट किया था और फिर ये श्रीनगर के डाचीगाम जंगल क्षेत्र में जाकर छिप गए थे। दिसंवर 2024 में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस दौरान तीन आतंकी भागने में सफल हो गए थे। अब जांच में सामने आया है कि पहलगाम हमले को उन्हीं बचे हुए आतेकियों ने अंजाम दिया है। जिसमें उन्हें उनके पाकिस्तानी हैंडलर की मद मिली। इस हमले का मास्टरमाइंड अबू तालाह पाक अधिकृत कश्मीर से आतांकियों को निर्देश दे रहा था।
भारत के पांच सख्त फैसले
सबसे पहला फैसला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक वड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।
दुसरा फैसला है कि पाकतिस्तान में मौजूद भारत का दूतवास अव बंद किया जाएग। यह कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
भारत ने तीसरा कडा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (जल संधि) को भी रोक दिया है। इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा।
चौथा फैसला यह है कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छेड़ने का आदेश दिया गया है।
पादवां और अहम फैसला है कि अब पाकिस्तानियों को भारत का वीजा नही मिलेगा।
रक्षा मत्री राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी
ऐसा जवाब देंगे कि दुनिया देखेगी केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंनि सख्त लफ्जो में कहा, कि पहलगाम में आतंक्रियों ने थर्म को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। इसमें हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खोया है। जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम सिर्फ उन लोगों तक ही नहीं पहुंचेंगे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जो पर्द के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक साजिश रची है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी टेरेरिज्म के खिलाफ जीरो टोलरेंस की पॉलिसी है। भारत का एक एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जवाब, हमले के जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से दिया जाएगा।
आतंकियों की तस्वीर
पहलगाम के जल्लादों की हुई पहचान
जम्मू-कक्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की हत्या करने वाले आतकियों के स्केच पहले जारी किए गए थे, अब तरवीर भी जारी कर दी गई हैं। इन आतकवादियों की पहचान आसिक फौजी, सुलेमान शाह और अबू तालाह के रूप में हुई है। एक आतंकवादी मारा गया है। अब पहचान होने के बाद आतंकी कानून की पकड़ से दूर नही है, ऐसे में उन 27 लोगों की मौत को भी न्याय मिल सकेगा। सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। प्रात जानकारी के अनुसार इन 4 लोगों में से एक की मौत हो गई है। पुलिस शेष तीन लोगों की तलाश कर रही है जिनके पास के जंगल में छिपे होने का संदेह है।
आईबी अधिकारी मनीष रंजन को पल्नी और बच्चों के सामने मारी गोली
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलें में खुकिया ब्यरो के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष रंजन बिहार के रहने वाले थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्री से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी फ्नी और बच्चे के समने गोली मारी गई मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईंबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे।
भारतीय सेना, सीआरपीएक और जमू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें ऑपरेशन को अंजाम दे रहीं हैं। सुरक्षा एजीसियां इस हमले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)
टुरिस्ट तेजी से कैसिल कर रहे ट्रैवल प्लान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद, गर्मियों में कश्मीर घूमने का सपना देख रहे हजारो टूरिस्ट अब अपने ट्रैवल प्लान कैसिल कर रहे हैं। हमले के बाद से घाटी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ गई है। टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक, सिरफ 24 घटों में ही कशमीर ट्रिप की कैसिलेशन रिक्वेस्ट में करीब 25 फीसदी की बढोतरी हुई है। लोगों में डर इस कदर है कि वे अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखड़ जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं।
नर्क में बदलता जा रहा है स्वर्ग सलमान खन ने एवस पर लिखा- कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन अब यह नर्क में बदलता जा रहा है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, मेरी सवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं। मासूम को मारना कायनात को मारना है।
हम एकजुट होकर मजबूत बनें शहरुख खान ने लिखा- पहलगाम में हुई हिंसा पर दुख और गुस्से को शब्दो में बया करना मुश्किल है। ऐसे समय में, हम केवल भगवान से पीड़ित परिवारों के लिए प्राथना कर सकते हैं। हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बने।
आमिर खान ने की हमले की निंदा आमिर खान प्रोडकशंस ने एक्स पर लिखा- हम पहलगाम में हाल ही में हूए आतंकी हमले से बहुत स्तब्ध और दुखी है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोगों को दुख और पीड़ा हुई। हमारी सवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।
Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार
Mumbai Cyber Crime:मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)
पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।
फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल
पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”
बिहार से दो गिरफ्तार
पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।
पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।
आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत
इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।
Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।
रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?
वक्फ कानून अधिनियम 40
वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।
इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।
यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी हस्तक्षेप नहीं
सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।
इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।
सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा
वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।
इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।
वक्फ कानून मे संशोधन का असर
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
पुलिस पर नजर पड़ी तो वो भागने लगा। जब उसे रोक कर पूछताछ की तो मामले का हुआ खुलासा। 5 लाख रुपये के ड्रग्स के साथ एक नायगांव तो एक टिटवाला से गिरफ्तार
महाराष्ट्र/पालघर: सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने राह चलते एक ऐसे ड्रग डीलर को गिरफ्तार किया है। जो दिन दहाड़े प्लास्टिक की थैली में 933 ग्राम चरस लगभग 5 लाख रुपये के नशीला पदार्थ किसी को बेचने के लिए ले जा रहा था। मौके पर गश्त कर रही पुलिस को शक हुआ, उसे रोक कर पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने ठाणे से इसके एक और साथी को गिरफ्तार किया। मूल रूप से दोनों ही आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं।
पुलिस पर नजर पड़ी तो ..
सेंट्रल क्राइम ब्रांच के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अधिराज कुराडे ने बताया कि 3 मार्च को शाम 8 बजे के आसपास अहमदाबाद मुम्बई हाईवे रोड़ पर मुम्बई ई की तरफ जय अंबे पेट्रोल पंप के पास नायगांव पूर्व में गश्त कर रही हमारी पुलिस टिम को एक व्यक्ति संदेहास्पद दिखाई दिया। पुलिस पर नजर पडते ही वह भागने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोक कर पूछताछ की तो उसके पास से 933 ग्राम वजनी चरस नामक ड्रग्स बरामद हुआ। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 5 लाख रुपये आंकी जा रही है। तुरंत उसे हिरासत में लेकर नायगांव पुलिस के हवाले किया गया।
दूसरे की ठाणे से गिरफ्तारी
अधिकारी ने बताया कि 45 वर्षीय आरोपी नवीन निरज झा के खिलाफ नायगांव पुलिस थाने में गु.र.क्र. 88/2025 में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 20(ब) के तहत मुकदमा दर्ज कर 4 मार्च को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिलसिले में नवीन निरज झा के साथी 28 वर्षीय मुकेश कुमार शंकर शाह को ठाणे के टिटवाला से गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मूलरूप से बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जबकि निरज झा नायगांव पूर्व के पाटिल पाडा, चिंचवट में रहता था और मुकेश कुमार ठाणे जिले के टिटवाला मे मोर्या नगर में रहता था।
एक अनुमान के मुताबिक दोनों बिहार के होने की वजह से इनकी पहचान वहीं से होने और अवैध कारोबार की योजना बनाई होने पर पुलिस जांच कर रही है। लेकिन पुलिस ने यह भी बताया कि इन दोनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले से 2021 और 2022 मे दो मामले दर्ज हैं। इन दोनों मामलों में भी दर्ज शिकायत के मुताबिक एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात नायगांव पुलिस कर रही है।