NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: A legitimacy rundown will likewise be delivered for half of all India standard seats, it will be arranged in view of the imprints got by the competitor.
NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.
The most effective method to Actually look at NEET PG Result Direct Connect to Check -Applicants should visit the authority site at natboard.edu.in to check the NEET PG result PDF.
-Find the featured connection and snap on the connection gave in the PDF to see the scorecard
-Understudies should top off their roll number and their name to really take a look at their outcomes
The NEET PG 2024 assessment was directed on August 11, 2024. Around 2,28,540 applicants showed up for the assessment which was held in two movements around the same time. For all the inclusion encompassing NEET PG Results 2024, applicants can follow our live updates here:
NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: Actually take a look at every one of the LIVE updates here
कांदीवली पुलिस ने मुंबई शहर के साथ-साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के 54 मोबाइल फोन जब्त कर फरियादियों को चोरी का सामना वापस किया है।
इस्माईल शेख मुंबई- कांदीवली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन मामले में मुंबई शहर के साथ साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों से जानकारी इकट्ठा कर चोरी के मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहें लोगों पड़ताल कर कुल 54 मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही उच्च अधिकारियों द्वारा संबंधित मोबाइल फोन के फरियादियों को बुला कर उनका सामना वापस किया गया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के बराबर मोबाइल फोन की जानकारी देते हुए कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन टीम के पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम की निगरानी में पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण, महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने गुमशुदा मोबाइल फोन के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर निरंतर तफतिश कर उक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे लोगों का पता लगाया और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुंबई शहर और अन्य राज्यों से चोरी के मोबाइल फोन जब्त किया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
कांदीवली पुलिस द्वारा जब्त चोरी के मोबाइल फोन फरियादियों को वापस करते हुए तस्वीर
कांदीवली पुलिस का सराहनीय कार्य ..
बता दें कि कांदीवली पुलिस ने सराहनीय कार्य परिमंडल-11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शैलेंद्र धिवार के मार्गदर्शन में कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे, क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक आनंद कांबळे की देखरेख में पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम, पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण एवं महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने पार किया है। मुंबई पुलिस महकमे में इनकी प्रशंसा की जा रही है। गुम हो चुके मोबाइल फोन को वापस पाकर फरियादियों ने कांदीवली पुलिस को धन्यवाद दिया। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनावी समर भूमि में ठंडे पड़ गए हैं..
बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पार्टी की नीतियों का हो रहा है खामियाजा..
सुरेंद्र राय मुंबई- बड़ा शोर है भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का लेकिन मोदी को छोड़कर एक भी चुनावी समर भूमि में सक्रिय नेता नहीं है। सबसे बड़ी 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव प्रचार में दूर दूर तक नजर नहीं आते। सबसे बड़ा हिंदुत्व चेहरा हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनकी देश में बड़ी मांग है, लेकिन मोदी की तरह वे कहीं भी चुनावी मूड में नहीं दिखते।
भारतीय जनता पार्टी का युपी में चुनाव प्रचार
दो दो डिप्टी सीएम हैं जो अपनी खोल से अभी बाहर ही नहीं निकल सके हैं। प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी कहीं नमूदार नहीं हो रहे। बड़े जोर शोर से ढिंढोरा पिटा गया था, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी का। उन्हें गाजे बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में लाया गया। यह सोचकर कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी की सारी सीटें बिना प्रचार किए भारतीय जनता पार्टी की झोली में आ गिरेंगी। परंतु अभी भी जयंत चौधरी पशोपेश में हैं। किसान बिरादरी उनके बीजेपी में जाने पर उनसे दूरी बना ली है। अब वे किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की तरह किसानों के नेता नहीं रह गए हैं। बिना संख्या बल के वे भारतीय जनता पार्टी को कितनी सीटें दिलाएंगे खुद समझ नहीं पा रहे। चुनाव प्रचार तो बड़ी दूर की कौड़ी है उनके लिए। हालत यह हो गई है, “आधी छोड़ सारी को धावे। आधी मिले न सारी पावे।”
भारतीय जनता पार्टी के साथी अनुप्रिया पटेल और बड़बोले अस्तित्वहीन ओमप्रकाश राजभर जिनकी अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सरकार में ताजपोशी कराई है। छवि बेहद खराब होने से जनता उनसे कन्नी काटने लगी है। मेनका गांधी और संतोष गंगवार यूपी के आठ आठ बार सांसद रहे हैं। लेकिन उनके टिकट ही पक्के नहीं हुए हैं। करें भी तो क्या? टिकट मिलेगा या नहीं? कहा भी नहीं जा सकता। तुरूप का इक्का होने से रहे।
बिहार की संसदीय गठबंधन ..
सांसदों के लिहाज से बिहार में 40 सीटें होने से बिहार का बड़ा महत्त्व है। वहां गठबंधन तुड़ाकर नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी अपने पाले में भले ले आई है लेकिन जनता में उनकी पलटू चाचा की छवि बनने से उनकी खुद की छवि को बड़ा धक्का लगा है। जनता में उनकी पूछ नहीं रही। सुशील मोदी ज़रूर बड़ा चेहरा बने थे, लेकिन वे कहीं चुनाव प्रचार करते नहीं दिखते। राजीव प्रसाद रूडी का कहीं अता पता नहीं है। हरदम मोदी नाम की माला जपने और विपक्षी दलों को बुरा भला कहने वाले रवि शंकर प्रसाद नदारत हैं। उनके अलावा सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और चौबे सांसद रहे हैं। बड़बोले भी लेकिन चुनाव प्रचार में वे दोनो दूर दूर तक नजर नहीं आते। गिरिराज सिंह का हाल यह है, कि उनकी भारतीय जनता पार्टी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर उन्हें क्षेत्र में आने ही नहीं दिया।
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महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार ..
सीट के लिहाज से महाराष्ट्र 48 सीटों वाला बड़ा महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहां के सबसे बड़े नेता हैं नितिन गडकरी जो भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं। मुमकिन नहीं कि वे चुनाव प्रचार करेंगे। शिवसेना और राकांपा तोड़कर शिंदे और अजीत पवार के साथी छगन भुजबल, पटेल आदि पर खुद भारतीय जनता पार्टी ने हजारों करोड़ के घोटाले का मामला उठाकर उन्हें अपने साथ लाकर सरकार तो बना ली लेकिन महाराष्ट्र की जनता उन्हें गद्दार कहकर नफरत करती है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। उस चुनाव को याद कर ही सिहरने वाले ये नेता चुनाव प्रचार की हिम्मत भला कैसे दिखाएंगे? अपने ही बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री का कद छोटा कर डिप्टी सी एम बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी उनसे चुनाव में कोई उम्मीद कैसे कर सकती है।
गला घोंटकर हत्या के मामले में मलबार हिल पुलिस ने महज़ 24 घंटो के भीतर जलगांव जिले के भुसावल रेलवे स्टेशन से फरार आरोपी को किया गिरफ्तार
इस्माईल शेख मुंबई- 67 वर्षीय श्रीमती ज्योति शाह का गला घोंटकर हत्या और मृतक के हाथ से हीरे जडे हुए सोने के अंदाजन तीन लाख रुपये के दो कंगन लेकर मुंबई के मलबार हिल इलाके से फरार आरोपी को पुलिस ने भुसावल रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार। पुलिस ने बताया, कि आरोपी भुसावल से बिहार भागने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय कन्हैया कुमार संजय पंडित के रुप में हुई है। आरोपी कुछ दिन पहले ही, पीड़ित के घर, नौकर बन कर आया था।
मुंबई परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त संजय लाटकर (अतिरिक्त कार्यभार) ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, कि मलबार हिल पुलिस थाने में मृतक के 67 वर्षीय पति की फरियाद पर गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 63/ 2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त डॉक्टर अभिनव देशमुख की निगरानी में कुल 15 अलग अलग पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास और आरोपी के रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ शुरू कर दी। मोबाइल लोकेशन को देखते हुए जलगांव जिला के पुलिस और भुसावल रेलवे सुरक्षा बल तथा जीआरपी की मदद से आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार में लिया गया।
मिडिया को संबोधित करते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-2 के उपायुक्त संजय लाटकर की तस्वीर
मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा, कि अपने घरों में लोगों को नौकर रखने से पहले उसके कैरेक्टर की जांच अवश्य करनी चाहिए। किसी के कहने पर भरोसा न करें। मुंबई पुलिस से पहले पड़ताल करें। खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
बोरीवली से 7 किलो चरस के साथ बिहारी युवक गिरफ्तार।
गोरेगांव के एक व्यक्ति को बेचने के लिए बिहार से लाया था 2 करोड़ रुपये के चरस।
इस्माईल शेख मुंबई- क्राइम ब्रांच यूनिट 4 के अधिकारियों ने बिहार से मुंबई शहर में बेचने के लिए लाई गई दो करोड़ रुपये की चरस जब्त की है। इसी अपराध में पुलिस ने बोरीवली से एक बिहारी युवक अजीज अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है और उसके पास से पुलिस ने सात किलो चालीस ग्राम ड्रग्स का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस की धारा के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
पिछले कुछ दिनों में मुंबई शहर में दूसरे राज्यों से नशीली ड्रग्स की सप्लाई और खरीदी बिक्री की मात्रा में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। अभियान के अंतर्गत यूनिट चार के अधिकारियों को जानकारी मिली, कि कुछ लोग चरस बेचने के लिए किसी दूसरे राज्यों से बोरीवली में आ रहे हैं।
इस जानकारी के बाद पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर, विशेष पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त लखमी गौतम, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शशि कुमार मीणा, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे, सहायक पुलिस आयुक्त चेतन काकड़े के मार्गदर्शन में मुंबई क्राईम ब्रांच यूनिट चार के प्रभारी पुलिस निरीक्षक इंद्रजीत मोरे, पुलिस निरीक्षक नितिन पाटिल, सहायक पुलिस निरीक्षक बिराजदार, मुजावर, सहायक फौजदार विशिष्ट कोंकणे, संजय परब, उत्तम बोटे, लखन चव्हाण, पुलिस कांस्टेबल प्रसाद गरवाड की एक टीम गठित कर बोरीवली पश्चिम के कार्टर रोड नंबर 6, राजाराम जाधव कंपाउंड स्थित “सेकंड वाईफ” फूड कॉर्नर के पास सादे कपड़ों में निगरानी के लिए रखा गया था। अजीज मंगलवार तड़के वहीं आया था, उसकी गतिविधि जब संदिग्ध लगी, तो पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। उसकी तलाशी के दौरान पुलिस को सात किलो चालीस ग्राम वजनी चरस बरामद हुआ। इसकी कीमत दो करोड़ ग्यारह लाख रुपये है।
जांच में पता चला कि अजीज बिहार का मूल निवासी है और उसे चरस बिहार के ही एक व्यक्ति ने दी थी। वह इस चरस को मुंबई के गोरेगांव इलाके में रहने वाले एक शख्स को बेचने के लिए आया हुआ था। पुलिस को आरोपी ने बताया कि इसके लिए उसे एक निश्चित मात्रा में कमीशन मिलेगा। पुलिस की टीम ने उसे बोरीवली से गोरेगांव की ओर जाते वक्त गिरफ्तार किया था। इस अपराध के बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार दोपहर आरोपी को दक्षिण मुंबई के किला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने गिरफ़्तार आरोपी को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अजीज पहले भी ड्रग्स की तस्करी कर चुका है। वह इस बार चरस को किसे बेचने जा रहा था? क्राईम ब्रांच युनिट 4 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक इंद्रजीत मोरे ने बताया, कि इसकी जांच की जा रही है कि उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है या नहीं?
मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कुछ जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश होने की संभावना है। मुंबई में पिछले 4 दिनों में तापमान 37 डिग्री के पास..
इस्माईल शेख मुंबई- शहर में तापमान बढ़ने से इन दिनों मुंबईकरों को गर्मी का सामने करना पड़ रहा है। पिछले 4 दिनों में मुंबई का पारा दो बार 37 डिग्री से ऊपर जा चुका है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अगले 48 घंटो में बेमौसम बरसात की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी हवाओ के प्रभाव से महाराष्ट्र समेत देश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है और कई जगहों पर बेमौसम बारिश हो रही है। बता दें, कि पिछले दो-तीन दिनों से महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में फिर से बारिश होने की संभावना है। (Warning of heavy rain including Mumbai-Pune)
अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी ..
भारतीय मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अगले 48 घंटों में देश के विभिन्न शहरों जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश की संभावना है। यह भी अनुमान लगाया गया है, कि मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ जिलों में तूफानी हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हो सकती है। साथ ही किसानों को उनकी कटी हुई फसलों को ढक कर रखने की सलाह दी गई है। (Mumbai weather updates)
बीते सोमवार को देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना, मुंबई का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार को एक बार फिर उपनगर का अधिकतम तापमान 37.2 और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, मराठवाड़ा और विदर्भ में पिछले तीन-चार दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। कई जिलों में ओलावृष्टि हुई है, जिससे रबी फसलों के साथ-साथ बाग-बगीचे भी नष्ट हो गए हैं। किसानों को उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द नुकसान का निरीक्षण कर सहायता की घोषणा करेगी।
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मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक सुनील कांबले ने बताया, कि आगामी दो दिनों तक मुंबई में दिन का तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञ ऋषिकेश आग्रे ने बताया, समुद्र से आनेवाली नम हवाएं काफी देरी से सेट हो रही हैं, जिसके चलते तापमान में वृद्धि हो रही है। इसी के चलते फिलहाल दो दिन और गर्मी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग ने पुणे के साथ-साथ मुंबई, मराठवाड़ा, विदर्भ और खानदेश के इलाकों में अगले 48 घंटों में बेमौसम बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही नासिक, अहमदनगर, पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर जिलों में गरज के साथ बेमौसम बारिश की संभावना जताई जा रही है।
मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई- आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है। (Indian politics)
लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था। (Indian politics)
यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ? (Indian politics)
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देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है। आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा। (Indian politics)
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
2024 के चुनाव में सेंट्रल जांच एजेंसियों पर रोक का होगा कितना असर?
नितिन तोरस्कर ( मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- विपक्ष शासित राज्यों में सीबीआई-ईडी जैसी सेंट्रल जांच एजेंसियों की एंट्री और एक्शन पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई और ईडी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। विपक्ष शासित 10 राज्य ऐसे हैं, जहां सीबीआई बिना राज्य सरकार के परमिशन के कोई जांच या धर-पकड़ नहीं कर सकती। ताजा मामला तमिलनाडु का है। एमके स्टालिन सरकार के गृह मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा है, कि किसी भी तरह की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।
तमिलनाडु सरकार का यह फैसला तब आया है, जब ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद एक्साइज मिनिस्टर बालाजी सेंदिल को गिरफ्तार कर लिया। तमिलनाडु सरकार ने यह आदेश दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट एक्ट 1946 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया है। बिहार में लालू यादव के परिवार के लोग भी यही आरोप लगाते हैं, कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI) का इस्तेमाल केंद्र सरकार अपने मतलब के लिए करती है। इसे एकतरफा कार्रवाई या बदले के भावना बताया जाता रहा है। चुनाव के संदर्भ में यह दलील दी जाती है, कि सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच हो रही है। क्या इसका चनावों पर असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है।
भारत के कुल 10 राज्यों में सेंट्रल एजेंसियों (CBI) पर बैन लगा दिया गया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, मिजोरम, मेघालय और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु भी केंद्रीय जांच एजेंसियों पर बैन लगाने वाले राज्यों में शुमार हैं। इन राज्यों में सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसी भी शिकायत पर बिना राज्य सरकार की सहमति के कोई कार्रवाई नहीं कर सकतीं। हां, इसमें एक छूट जरूर शामिल है। अगर जांच किसी न्यायालयी आदेश या राज्य सरकार की संस्तुति पर हो रही हो, तो इस पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हकीकत यह है कि जब भी किसी मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच की जरूरत महसूस होती है तो लोग हाईकोर्ट की शरण में जाते हैं। कोर्ट अगर इजाजत देता है तो जांच होती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल तस्वीर
बंगाल और झारखंड में बैन का कोई असर नहीं।
बैन के बावजूद सेंट्रल एजेंसियां कुछ राज्यों में आराम से अपने काम को कर रही है। पड़ोस की बात करें तो बंगाल और झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों (CBI) की जांच पर रोक है। बंगाल में शिक्षक नियुक्ति घोटाला की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। यह जांच भी राज्य सरकार की मर्जी के खिलाफ है। लेकिन बाध्यता यह है कि इसकी जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया है। जांच का परिणाम यह है कि सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है तो कुछ अन्य की गिरफ्तारियां कभी भी हो सकती हैं। यहां राज्य सरकार की बंदिश का कोई रोड़ा सेंट्रल एजेंसियों की जांच या गिरफ्तारी में अटक नहीं रहा है।
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सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ 14 दल..
सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) के एक्शन से नाराज 14 राजनीतिक दलों के नेतों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसमें बिहार से आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड से सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि सेंट्रल एजेंसियों की जांच नहीं रोकी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट जाने वालों में अधिकतर वैसे दल शामिल थे, जिसके नेता या कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अदालतों ने सेंट्रल एजेंसियों से जांच की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट से निराश होकर ये नेता जांच से बचने की नयी तरकीब तलाश रहे हैं।
एजेंसियों की जांच का, चुनाव पर असर…
केंद्रीय जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्हें जांच के लिए कोर्ट या राज्य सरकारों ने ही कहा है। आम आदमी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जांच के लपेटे में उनके पसंदीदा नेता रहे हैं या विरोधी। सामान्य भाव यही है कि चोर या भ्रष्टाचारी पकड़ा जाना चाहिए। लालू यादव के परिवार की बात करें तो उनके मामले में भी स्वजातीय को छोड़ कर किसी को इसकी परवाह नहीं है कि जांच एजेंसियां उनके परिवार के खिलाफ जांच कर रही हैं।
हां, थोड़ा-बहुत संदेह तब तक बरकरार रहता है, जब तक दोष न सिद्ध हो जाए। सुखद पहलू यह है कि ईडी ने जितने मामलों की अब तक जांच की है, उनमें अधिकतर के खिलाफ दोष सिद्ध हुए हैं और सजा भी हुई हैं। सामाजिक न्याय के मसीहा, समाज के वंचित लोगों को स्वर्ग नहीं, स्वर देने का दावा करने वाले लालू प्रसाद के बारे में भी जब चारा घोटाले में सीबीआई जांच शुरू हुई थी तो यही कहा जाता था कि उन्हें फंसाया गया है। दोष सिद्ध होने और सजा के बाद सबकी बोलती बंद हो गई थी।
सरकार ने समय बढ़ाते हुए पैन और आधार को लिंक करना अनिवार्य बताते हुए इसकों लेकर ऐलान कर दिया है। जोड़ने की प्रक्रिया भी आज हम आप को बता दे..
सुरेंद्र राजभर मुंबई- सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (Central Board Of Direct Taxes, Government Of India) यानी सीबीडीटी ने एक बार फिर पैन नंबर (Pan Card Number) को ‘आधार’ (Aadhar Card) से लिंक करने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। अब इस समय सीमा को 30 जून 2023 तक बढ़ा दिया गया है। करदाताओं को आधार कार्ड को पैन कार्ड से जोड़ने के लिए थोड़ा और समय दिया है। अभी तक जिन लोगों ने पैन को आधार से लिंक (Aadhar Pan link) नहीं कराया है, वे 30 जून तक लिंक करा सकते हैं। सीबीडीटी ने पैन को आधार से लिंक करने की समय सीमा पांचवीं बार बढ़ा दी है।
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139AA के अनुसार, जिनके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड दोनों हैं, उनके लिए दो कार्डों को लिंक करना अनिवार्य है। अब इसकी अंतिम तारीख को बदलकर 30 जून कर दिया गया है। सीबीडीटी के मुताबिक आखिरी तारीख के बाद भी अगर आप ने पैन और आधार को लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड काम नहीं करेगा और आप फाइनेंस से जुड़ा कोई भी काम नहीं कर पाएंगे। बैंक खाते से संबंधित लेन-देन भी नहीं हो पाएंगे। ऐसे में इस एक्सटेंशन से उन लोगों को राहत मिलेगी जिन्होंने अभी तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करवाया है।
Pan Aadhar link
ऑनलाइन कैसे जांचें?
इनकम टैक्स विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं। आप यहां से भी क्लीक कर के वेबसाइट पर जा सकते हैं। (income tax India) यहां क्लीक करने के बाद लिंक आधार (link Aadhar) पर क्लीक करें। इसके बाद वैलिडेट बटन को क्लीक करें। अब आप का आधार कार्ड पैन कार्ड से लिंक हो गया है। इसके अलावा आप को बता दें, कि यदि दोनों कार्ड पहले से लिंक हैं, तो संदेश में “आपका पैन पहले से ही दिए गए आधार से जुड़ा हुआ है” दिखाई देगा। यदि आपका पैन और आधार कार्ड लिंक नहीं हैं, तो आपको एक संदेश दिखाई देगा कि पैन आधार से लिंक नहीं है। यदि लिंक प्रक्रिया में है, तो करदाता अपनी विंडो पर देखेगा कि आपका आधार-पैन लिंकिंग अनुरोध सत्यापन के लिए UIDAI को भेज दिया गया है। कृपया होम पेज पर ‘लिंक आधार स्थिति’ लिंक पर क्लिक करें और फिर स्थिति की जांच करें।
एसएमएस के जरिए से लिंक कैसे करें ?
आप को अधिक जानकारी के मुताबिक, बताते चलें, कि पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए आप मोबाइल की एसएमएस सेवा का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए अपने आधार कार्ड से पंजीकृत (Registered Mobile Number) से UIDPAN<12 अंको का आधार कार्ड नंबर><10 अंकों का पैन कार्ड नंबर> 567678 या 56161 पर एसएमएस (SMS) भेज दें। इसके साथ ही आप को मोबाइल पर पुष्टिकरण एसएमएस प्राप्त हो जाएगा, कि आप का पैन आधार से लिंक हो गया है।