मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

मुम्बई के मशहूर लीलावती अस्पताल में खुदाई के दौरान इंसान की हड्डियां, 8 कलश, बाल और काले जादू में इस्तेमाल सामान मिलने से सनसनी फैल गई है। ट्रस्टियों ने आरोप लगाया है कि यहां काला जादू होता था। सारे आरोपियों ने देश छोड़ दिया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी बम्बई के मशहूर एवं जाने-माने लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर 1200 करोड़ रुपये का घोटाला और काला जादू करने का आरोप लगाया है। प्रशांत मेहता और परमवीर सिंह की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूर्व ट्रस्टियों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष के बैठने वाले केबिन में काला जादू किया और जमीन में गाड़ दिया।  बता दे कि पूर्व ट्रस्टियों मे से एक दिवंगत और बाकी 7 विदेश चले गए हैं। सभी आपस में रिश्तेदार भी हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

बकौल प्रशांत मेहता वह अभी जिस केबिन में बैठ रहे हैं वहां के बारे में अस्पताल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इस कमरे में काला जादू किया गया है। इसके बाद प्रशांत मेहता ने उस कमरे की खुदाई कराई और फर्श के नीचे से 8 कलश मिले जिसमें इंसानी हड्डियां, बाल और काला जादू में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग समान मिले हैं। ख़ुदाई के दौरान उन्होंने विडियोग्राफी और कुछ बाहर के लोगों को पंच के तौर पर खड़ा किया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

कोर्ट कर रही है तफतिश

प्रशांत मेहता के मुताबिक उन्होंने इस खुदाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है और इंडिपेंडेंस विटनेस को भी उस दौरान यहां पर मौजूद रखा था। काला जादू को लेकर एक शिकायत बांद्रा पुलिस थाने में लीलावती अस्पताल की तरफ से की गई है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। लीलावती अस्पताल के मुताबिक उन्होंने काला जादू के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट खुद इस मामले की इंक्वारी कर रही है और अगर कोर्ट को लगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए, तो कोर्ट पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

विदेश में हैं फरार

मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता और अस्पताल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर परमबीर सिंह (पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर) के मुताबिक अस्पताल का निर्माण साल 1997 में प्रशांत मेहता के पिता किशोर मेहता ने करवाया था। फिलहाल अस्पताल का ट्रस्ट प्रशांत मेहता के हाथ में ही है। 1200 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है जिसमें पूर्व ट्रस्टी विजय मेहता (दिवंगत) के सात रिश्तेदार भी हैं जो कभी न कभी लीलावती ट्रस्ट का हिस्सा रहे हैं जिन लोगों पर आरोप लगा है वो फ़िलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)


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