भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है।

मंत्रालय प्रतिनिधि
मुंबई:
महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है।

नुकसान का खतरा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है।

भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया।

पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है।

उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है।

मुंबई का हाल

मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं।

क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है।

दूसरी लिस्ट पर नजर

उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है।

मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं।

उत्तर भारतीयों की भूमिका

मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है।

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