Category: Bihar

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  • BPSSC बिहार पुलिस SI भर्ती 2025: 1799 पदों पर सीधी भर्ती, जानिए सैलरी, योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

    BPSSC बिहार पुलिस SI भर्ती 2025: 1799 पदों पर सीधी भर्ती, जानिए सैलरी, योग्यता और अप्लाई करने का तरीका

    BPSSC ने बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के लिए 1799 पदों पर नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन 26 सितंबर से 26 अक्टूबर तक ऑनलाइन होंगे। जानें सैलरी, योग्यता, उम्र सीमा, फिजिकल टेस्ट और पूरी सिलेक्शन प्रक्रिया की जानकारी।

    बिहार: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिहार पुलिस सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 1799 पदों पर भर्ती निकाली गई है। आवेदन की प्रक्रिया 26 सितंबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक चलेगी।

    🔶 पदों का विवरण (Vacancy Details)

    कुल 1799 पदों में से आरक्षण कैटेगरी के हिसाब से सीटें तय की गई हैं। साथ ही महिलाओं के लिए 35% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन भी रखा गया है।

    • अनारक्षित (जनरल): 850 (महिला – 298)
    • एससी: 210 (महिला – 74)
    • एसटी: 15 (महिला – 5)
    • ईबीसी: 273 (महिला – 96)
    • बीसी: 222 (महिला – 78)
    • बीसी महिला: 42
    • EWS: 180 (महिला – 63)
    • ट्रांसजेंडर: 7

    🔶 योग्यता और उम्र सीमा (Eligibility & Age Limit)

    • शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन होना जरूरी। 01 अगस्त 2025 तक डिग्री पूरी होनी चाहिए।
    • उम्र सीमा (01.08.2025 तक):
    • सामान्य पुरुष: 20 से 37 साल
    • सामान्य महिला / BC / EBC: 20 से 40 साल
    • SC / ST / थर्ड जेंडर: 20 से 42 साल
    • आरक्षित वर्ग और सरकारी कर्मचारियों को नियम अनुसार छूट मिलेगी।

    🔶 फिजिकल स्टैंडर्ड और टेस्ट (PET & PMT)

    हाइट (Height):

    • पुरुष (जनरल/BC): 165 सेमी
    • पुरुष (EBC/SC/ST): 160 सेमी
    • महिला (सभी वर्ग): 155 सेमी

    चेस्ट (Chest – केवल पुरुष):

    • जनरल/BC/EBC: 81–86 सेमी
    • SC/ST: 79–84 सेमी

    वजन (Weight):

    • महिला उम्मीदवार: न्यूनतम 48 किलो

    PET इवेंट्स:

    • दौड़: पुरुष – 1.6 किमी 6.5 मिनट में | महिला – 1 किमी 6 मिनट में
    • हाई जंप: पुरुष – 4 फीट | महिला – 3 फीट
    • लॉन्ग जंप: पुरुष – 12 फीट | महिला – 9 फीट
    • शॉट पुट: पुरुष – 16 फीट (16 पाउंड) | महिला – 10 फीट (12 पाउंड)

    🔶 बिहार पुलिस SI सैलरी (Salary & Benefits)

    SI पद 7th Pay Commission के लेवल-6 के अंतर्गत आता है।

    • बेसिक पे: ₹35,400 से ₹1,12,400
    • एलाउंसेज: DA, HRA, TA
    • इन-हैंड सैलरी: शुरुआती इन-हैंड ₹50,000+ (अनुमानित)
    • अन्य सुविधाएं: मेडिकल, NPS, पेंशन बेनिफिट्स

    🔶 सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    1. प्रीलिम्स एग्जाम (200 मार्क्स)
    • GK और करेंट अफेयर्स
    • निगेटिव मार्किंग 0.2
    • 30% से कम स्कोर वालों को बाहर कर दिया जाएगा।
    1. मेन एग्जाम
    • पेपर 1: हिंदी (क्वालिफाइंग) – 200 मार्क्स
    • पेपर 2: जनरल स्टडीज, साइंस, इतिहास, भूगोल, गणित – 200 मार्क्स
    1. PET / फिजिकल टेस्ट (क्वालिफाइंग नेचर का)

    🔶 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    • ऑफिशियल BPSSC वेबसाइट पर जाएं।
    • रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन शुल्क ₹100 जमा करें।
    • डिटेल्स भरें और फोटो/सिग्नेचर अपलोड करें।
    • फॉर्म सबमिट करने के बाद प्रिंट आउट निकाल लें।

    🔶 अहम तारीखें (Important Dates)

    • नोटिफिकेशन जारी: 23 सितंबर 2025
    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 26 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 26 अक्टूबर 2025
    • परीक्षा तिथि: जल्द घोषित होगी

    ❓ FAQ

    Q1. बिहार पुलिस SI भर्ती 2025 में कितने पद हैं?
    👉 इस बार कुल 1799 पदों पर भर्ती निकली है।

    Q2. आवेदन कब से शुरू होंगे?
    👉 आवेदन 26 सितंबर 2025 से 26 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे।

    Q3. बिहार पुलिस SI की सैलरी कितनी है?
    👉 बेसिक पे ₹35,400 – ₹1,12,400 के बीच है, इन-हैंड ₹50,000+ तक मिल सकता है।

    Q4. चयन प्रक्रिया कैसी होगी?
    👉 प्रीलिम्स, मेन एग्जाम और PET (फिजिकल टेस्ट) के आधार पर।

    Q5. महिला उम्मीदवारों के लिए रिजर्वेशन है क्या?
    👉 हां, हर कैटेगरी में 35% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन है।

  • IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।

    👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

    कितने पद, कहां-कहां?

    IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं।
    कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:

    • पश्चिम बंगाल – 64
    • राजस्थान – 53
    • उत्तर प्रदेश – 53
    • ओडिशा – 51
    • तमिलनाडु – 39
    • बिहार – 38
    • महाराष्ट्र – 15
    • दिल्ली – 14

    कुल मिलाकर – 537 पद

    कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)

    इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।

    • Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
    • Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
    • Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
    • Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट

    👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।

    उम्र सीमा (Age Limit – as on 31.08.2025)

    • न्यूनतम आयु: 18 साल
    • अधिकतम आयु: 24 साल

    👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।

    स्टाइपेंड (Salary/Stipend)

    सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।

    सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।

    • सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
    • टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।

    कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)

    1. सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
    2. फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
    3. आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
    • Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
    • Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
    1. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।

    👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।

    ज़रूरी डेट्स (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
    • कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025

    ❓ FAQ

    Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं?
    Ans: कुल 537 पद हैं।

    Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।

    Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा?
    Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।

    Q4: योग्यता क्या चाहिए?
    Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।

    Q5: क्या आवेदन शुल्क है?
    Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।

  • Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    सेंट्रल रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा के लिए 1126 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। मुंबई, पुणे से यूपी, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना तक कनेक्टिविटी मिलेगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सेंट्रल रेलवे ने इस बार दिवाली और छठ पूजा की भीड़ को देखते हुए 1126 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इसमें पहले से तय 944 ट्रेनों के अलावा शुक्रवार को 182 नई स्पेशल ट्रेनें और जोड़ी गईं।

    🌍 किन-किन राज्यों तक मिलेगी सुविधा

    ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी। सभी ट्रेनें सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी।

    📌 अहम रूट और सर्विस डिटेल

    • LTT – दानापुर (40 सर्विस): हर सोमवार और शनिवार
    • LTT – मऊ (40 सर्विस): हर शुक्रवार और रविवार
    • LTT – बनारस (40 सर्विस): हर बुधवार और गुरुवार
    • LTT – करीमनगर (6 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – अमरावती (16 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – सांगानेर (40 सर्विस, वीकली + बाय-वीकली)

    🎟️ टिकट बुकिंग कब से

    IRCTC वेबसाइट और रेलवे रिज़र्वेशन काउंटरों पर 14 सितंबर 2025 से बुकिंग शुरू होगी।

    • रिज़र्वेशन टिकट: www.irctc.co.in पर
    • जनरल टिकट: UTS मोबाइल ऐप और काउंटर पर

    🚉 यात्रियों के लिए फायदेमंद कदम

    त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे का ये कदम यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देने और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। खासकर यूपी-बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।

  • Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    मुंबई के भायखला में बिहार के युवक का शव नाले से बरामद हुआ। ज़मीन विवाद में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    मुंबई: एक सनसनीखेज मामला भायखला इलाके से सामने आया है। यहाँ मज़गांव स्थित सूर्यकुंड सोसायटी के ड्रेनेज लाइन में एक युवक का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान बिहार निवासी केशव कुमार चौधरी (झा) के रूप में हुई, जो महज़ दो हफ्ते पहले काम की तलाश में मुंबई आया था। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    चाचा समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अपने मामा मृत्युञ्जय झा (36) के पास रह रहा था, जो मझगांव के एक सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इसी सोसायटी में गांव के दो अन्य परिचित — सनी कुमार चौधरी (31) और गिरिधारी रॉय — भी काम करते थे। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    सोमवार की रात चारों लोग एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव की पुश्तैनी ज़मीन को लेकर विवाद छिड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मृत्युञ्जय ने गुस्से में अपने भांजे के गले पर पैर रखकर उसकी हत्या कर दी। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    हत्या के बाद शव को नाले में फेंका

    हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को सोसायटी के ड्रेनेज टैंक में डाल दिया। घटना के बाद सनी और गिरिधारी बिहार भाग गए, जबकि मृत्युञ्जय मुंबई में ही छिपा रहा। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    भायखला पुलिस ने स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मृत्युञ्जय को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने सनी और गिरिधारी को भुसावल से पकड़कर मुंबई लाया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    पुलिस ने दर्ज किया मर्डर केस

    भायखला पुलिस ने तीनों आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद की जड़ तक पहुँचने के लिए आगे की जांच जारी है। यह घटना मुंबई जैसे महानगर में भी पारिवारिक और सामाजिक विवाद कैसे खून-खराबे में बदल सकते हैं, इसका बड़ा उदाहरण है। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

    Priyanka-gandhi-news

    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

  • Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी भरे ई- मेल भेजकर फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई इंटरपोल की मदद से सफल हो पाई है। आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार किया गया है। Mumbai: The person who threatened Zeeshan Siddiqui has been arrested, the accused from Bihar took the name of ‘D’ company

    Mumbai: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुंबई पुलिस और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है।

    कहां है त्रिनिदाद और टोबैगो ?

    पूरे वेस्टइंडीज में त्रिनिदाद छठे स्थान का सबसे बड़ा आईलैंड है। त्रिनिदाद और टोबैगो जो कैरिबियन सागर में स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्व में वेनेजुएला के तट के पास है। यहीं से मुंबई पुलिस ने इंटरपोल की मदद से बिहार के दरभंगा का रहने वाला आरोपी को डिटेंड कर गिरफ्तार किया है।

    ईमेल से मिली थी धमकी

    पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाला बिहार के दरभंगा का रहने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद नावेद खुद को डी-कंपनी का सदस्य बताते हुए अप्रैल में जीशान को जान से मारने की धमकी दी थी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी भरे ईमेल 19, 20 और 21 अप्रैल को भेजे गए थे।

    बांद्रा पुलिस का एक्शन

    इस मामले में जीशान सिद्दीकी ने बांद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया, कि आरोपी ने कई ईमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी, जैसा कि उनके पिता बाबा सिद्दीकी के साथ करने की बात कही गई थी।

    भारत के बाहर से मिली थी धमकी

    पुलिस ने शिकायत के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी थी और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 23 अप्रैल को यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भारत से बाहर है, जिसके बाद 28 अप्रैल को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और फिर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। Mumbai: The person who threatened Zeeshan Siddiqui has been arrested, the accused from Bihar took the name of ‘D’ company

    फिरौती का था मामला

    इंटरपोल की मदद से आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो में गिरफ्तार किया गया और फिर बुधवार को भारत डिपोर्ट कर मुंबई लाया गया है। अब आरोपी से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने धमकी देकर फिरौती वसूलने की मंशा से यह साजिश रची थी।

    हो सकते हैं कई खुलासे

    क्राइम ब्रांच का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद देश में दहशत का माहौल बन गया था। उसी वक्त उनके बेटे को मिली धमकी में उनके पिता की हत्या का जिक्र किया गया था। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई और गिरोह या नेटवर्क तो नहीं है। Mumbai: The person who threatened Zeeshan Siddiqui has been arrested, the accused from Bihar took the name of ‘D’ company

  • झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में पिछले 19 सालों से जिन 12 मुसलमानों को दोषी ठहरा कर जेल में कैद कर लिया गया था। हाईकोर्ट ने सभी को एक साथ बरी कर दिया। लेकिन इन सब के पीछे कौन हो सकता है यह अभ भी सवाल का विषय बना हुआ है।

    मुंबई: 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की जान गई, 800 से ज़्यादा घायल हुए। इस भयानक घटना के 19 साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 लोगों को बरी कर दिया, जिन्हें इन धमाकों का दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है, लेकिन यह भी साफ कर दिया है कि बरी किए गए लोगों को वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। अब सवाल है, कि इन 12 मुसलमानों को फंसाने का काम किसने किया था। जिसकी वजह से एक विशेष समुदाय को टार्गेट किया गया। ये सवाल हैं उन 12 लोगों में से एक मोहम्मद अली का, जिन्हें इसी मामले में बरी कर दिया गया है।

    हाईकोर्ट के फैसले पर लगा रोक

    सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने साफ कर दिया, कि सभी आरोपी जेल से रिहा हो चुके हैं, इसलिए उन्हें दोबारा जेल भेजने का सवाल ही नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की दलीलों पर विचार करते हुए कहा, कि हाई कोर्ट के फैसले को कानूनी मिसाल के तौर पर नहीं माना जाएगा और उस फैसले पर रोक लगाई जाती है।

    वो 13 लोग कौन थे?

    2006 के धमाकों के बाद मुंबई पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कमाल अहमद, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मोहम्मद माजिद, नवीद हुसैन खान, मोहम्मद फ़ैसल अतउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख, आसिफ खान, एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, शेख मोहम्मद अली, जमीर अहमद, मुजम्मिल अतउर रहमान शेख, तनवीर अहमद और अब्दुल वहीद शेख शामिल थे। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    एक की हो गयी मौत

    गिरफ्तार 12 लोगों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी बेगुनाही की अपील की थी। हाईकोर्ट में 10 साल केस चला फिर फैसला आया कि ये सब बेकसूर हैं। इस पूरे मामले में एक ऐसा शख्स भी था जिसने अपनी बेगुनाही की खबर सुनने से पहले ही दुनिया छोड़ दिया। बिहार के मधुबनी जिले के बसोपट्टी के रहने वाले कमाल अहमद मोहम्मद वकील अंसारी की 2021 में कोविड के दौरान जेल में ही मौत हो गई थी।

    मजदूर को किया था गिरफ्तार

    जब कमाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया तब उनके बेटे अब्दुल्ला अंसारी सिर्फ छह साल के थे। अब्दुल्ला कहा, ATS ने कमाल अंसारी पर पाकिस्तान में हथियारों का ट्रेनिंग लेने, भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते आतंकवादियों को लाने और मुंबई के माटुंगा स्टेशन पर विस्फोटक रखने का इल्जाम लगाया था। लेकिन अब्दुल्ला बताते हैं कि उनके पिता एक मजदूर थे, उन्होंने ऐसा नहीं किया। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    क्या अब सरकारें, पुलिस, मीडिया कमाल के परिवार से माफी मांगेगे? उसकी बदनामी के दाग को कौन धोएगा?

    झूठे गवाह और मनगढ़ंत कबूलनामे का खुलासा

    इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को फंसाने के लिए कई हथकंडे अपनाए, जिनकी पोल RTI ने खोल दी।

    • गवाह नंबर 74 की झूठी गवाही: अभियोजन पक्ष के गवाह नंबर 74 ने विशेष मकोका अदालत में बताया था कि उसने एहतेशाम सिद्दीकी को चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर एक काले बैग के साथ देखा था। इसी गवाही के आधार पर एहतेशाम को बम लगाने वाला बताया गया। लेकिन RTI से मिली जानकारी ने इस गवाह की पोल खोल दी। गवाह ने जिस अस्पताल में किसी से मिलने की बात कही थी, वहां उस नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं और जिस बैंक में मिलने का दावा किया था, वह व्यक्ति भी वहां नहीं था। अदालत ने इस गवाह को पुलिस का ‘स्टॉक गवाह’ करार दिया, यानी एक ऐसा गवाह जिसे पुलिस हर केस में इस्तेमाल करती है। RTI से यह भी सामने आया कि यही गवाह पुलिस के लिए चार और मामलों में भी पेश हुआ था।
    • पहचान में देरी पर सवाल: पुलिस ने कुछ ऐसे गवाह भी पेश किए जिन्होंने ब्लास्ट के 100 दिनों बाद आरोपियों को पहचानने की बात कही। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि कोई इतने लंबे समय बाद किसी व्यक्ति का चेहरा कैसे याद रख सकता है? यह दर्शाता है कि पुलिस असली गुनहगारों को ढूंढने के बजाय आम लोगों को बलि का बकरा बना रही थी।
    • स्केच गवाह का अनुपस्थित होना: आरोपी के स्केच बनाने में मदद करने वाले गवाह को ट्रायल के लिए नहीं बुलाया गया और न ही उसे अदालत में आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया। मामले का यह एक सबसे बड़ा लूप-होल था।
    • कॉपी-पेस्ट के कबूलनामे: पुलिस का केस ज़्यादातर कबूलनामों पर आधारित था, जो पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिए थे। MCOCA की धारा 18 के तहत पुलिस के सामने दिए गए कबूलनामों को कोर्ट में मान्यता देता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन कबूलनामों के आधार पर सजा देने से इंकार कर दिया, क्योंकि कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि कई आरोपियों ने दो अलग-अलग अधिकारियों के सामने जुर्म कबूल किया था, लेकिन दोनों कबूलनामों में घटना का विवरण, यहां तक कि फुल स्टॉप और कॉमा भी हूबहू कॉपी-पेस्ट थे। कोर्ट ने इसे अविश्वसनीय माना।

    2015 में इसी केस में बरी हुएम अब्दुल वाहिद शेख बताते हैं कि उन्होंने “हर दिन 20-25 आरटीआई एप्लीकेशन” दायर किए, जिनमें पुलिस स्टेशनों की लॉगबुक से लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड और हर जरूरी जानकारी मांगी गई।

    19 सालों बाद सामने आया पीड़ितों का दर्द

    मोहम्मद साजिद अंसारी, जो इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से थे, बताते हैं, “मेरा इलेक्ट्रॉनिक्स का बैकग्राउंड था, इसलिए इन लोगों के लिए आसान था कहना कि ये टाइमर बम बनाने के लायक है। इसी वजह से मुझे टारगेट किया गया, इन्होंने रिकवरी के तौर पर मेरे मोबाइल रिपेयरिंग इंस्टीट्यूट के जो सामान थे और जो रिपेयरिंग की इलेक्ट्रॉनिक्स की चीजें थी उसे रिकवरी में दिखाया गया। हालांकि एफएसएल रिपोर्ट के अंदर क्लियर हुआ कि कुछ भी एक्सप्लोसिव मेरे पास नहीं मिला।”

    187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

    19 सालों तक इन लोगों के परिवार के साथ पुलिस, समाज, मीडिया, सरकारें, अदालत नाइंसाफी करती रहीं।

    ऐसे में सवाल उठता है कि इन 12 लोगों और इनके परिवार के 19 साल के दर्द का जिम्मेदार कौन है? क्या उन लोगों को सजा मिलेगी जिन्होंने इन 12 लोगों को फंसाया था?

    एक सवाल और है, 2006 के ब्लास्ट में 187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? उन परिवारों से क्या कहा जाएगा जिन्होंने अपनों को खोया था? वो लोग लौटकर नहीं आएंगे लेकिन उनके कातिल को हमारा प्रशासन आज तक नहीं ढूंढ पाया और ना ही कटघरे में खड़ा कर पाया, सजा तो दूर की बात हो गई।

  • बिहार में वोटर लिस्ट के सत्यापन का खेल। वोट मत दें जनता लेकिन जीतेगी तो BJP ही..

    बिहार में वोटर लिस्ट के सत्यापन का खेल। वोट मत दें जनता लेकिन जीतेगी तो BJP ही..

    बिना किसी आई डी और बिना किसी मतदाता से मिले ही blo द्वारा कार्यालय में बैठकर खुद ही वोटर फॉर्म भरने का कार्य कराया जाना कत्तई उचित नहीं। वेरिफिकेशन के लिए blo को हर घर जाकर वोटरों से मिलने और उनसे भारत में रहने, उनके पिता की जन्मतिथि मांगने की बात चुनाव आयोग ने की थी। जब blo किसी मतदाता से मिलेगा ही नहीं तो सत्यापन किस बात का करेगा? बहुत ही सीनियर पत्रकार अजीत अंजुम को पता था, कि किसी भी कार्यालय में बिना अनुमति लिए कैमरामैन और माइक लेकर जाने पर उन पर सरकारी कार्यवाही में अड़ंगा डालने का आरोप लगाया जा सकता है। इसीलिए वे बिना कैमरामैन और बिना माइक लिए उस कमरे में गए, जहां तमाम blo बैठे हुए मतदाताओं के सिंगल फॉर्म भर रहे थे।
    मजेदार बात यह हुई, कि blo फॉर्म पर सिर्फ नाम लिख रहे थे। मतदाता के पिता या पति का नाम नहीं लिख रहे थे। फिर कैसे पहचान होगी कि वोट देने वाला सही है या नही? इससे भी बड़ी मजेदार बात यह, कि जेडीएस के बड़े नेता और नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके लालू यादव के बेटे की पत्नी का नाम काट दिया गया है। एक महिला के नाम पर बने वोटर आईडी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फोटो लगा दी है। पत्नी शादी होने के बाद जब ससुराल आती है तो ससुराल की सदस्य बन जाती है। नाम इसलिए काटा गया कि उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। दिल्ली भारत की राजधानी और लालू यादव का पूरा परिवार बिहार के पटना में रहता है।
    बात वोटर लिस्ट बनाने की तो blo बिना किसी आई डी के सिंगल फॉर्म भरे और उसमें केवल मतदाता का नाम हो पिता या पति का नाम नहीं हो तो वह व्यक्ति वोट कैसे देगा? अब यही सच पुराने ख्यात पत्रकार अजीत अंजुम ने अपनी मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाल दी। जिस पर देश भर से प्रतिक्रिया आनी स्वाभाविक है। चुनाव आयोग की तरह बिहार पुलिस भी सरकारी दबाव में है जिसने बेवजह पत्रकार अजीत अंजुम द्वारा मतदाता सूची को ऑफिस में भरे जाने का सच दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज कर दी। यानी सरकार कुछ भी कराए उसे अधिकार है। लेकिन अगर पत्रकार गलतियों को देश की जनता के सामने लाए तो गुनहगार हो गया।
    चुनाव आयुक्त बदल देने से कुछ नहीं होगा। क्योंकि सरकार यदि जिसे आयुक्त बनाएगी तो इसी शर्त के साथ कि वह सरकार के कहे अनुसार कार्य करे। पिछले दस साल से चुनाव आयोग के द्वारा पक्षपाती रवैया अपनाए जाने का विरोध देश भर में हो रहा है। क्योंकि चुनाव खत्म होने के बाद प्रसाइडिंग ऑफिसर फॉर्म 17 भरता है जिसमें कुल मतदाता स्त्री पुरुष और कुल पड़े हुए मत की गिनती स्त्री पुरुष अलग अलग बताना पड़ता है।
    बैलेट बॉक्स था या अब ई वी एम दोनों में यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। उसी शाम या रात जिला मुख्यालय पर बॉक्स और फॉर्म के साथ तीनों वोटर लिस्ट लिफाफे में भरकर जमा करना होता है। दूसरे दिन ही केंद्रीय चुनाव आयोग पड़े हुए मतों का प्रतिशत बता सकता है। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में प्रथम चरण के मतदान प्रतिशत तीन अन्य चरण के मतदान होने के बाद बताने में तेरह दिन लगाए। फिर दस दिनों में क्या क्या करता रहा चुनाव आयोग? आयोग की गड़बड़ी छुपाने के लिए जल्द ही सारे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज डिलीट करने का नियम मनमाने ढंग से बना दिया गया ताकि कोर्ट में सबूत पेश करना नहीं पड़े ।
    बीजेपी को चुनाव जीताने के लिए चुनाव आयोग बेशक बेइमानी करता है। एक ही वोटर आईडी का यूनिक नंबर कई कई राज्यों में वोटर कैसे बनाया जाता है यह तो चुनाव आयोग ही बता सकता है। चुनाव के दिन शाम पांच बजे मेन गेट बंद कर पीछे से शुरू करके कूपन नंबर एक से दिए जाने का नियम है मगर महाराष्ट्र चुनावों में इस नियम का पालन नहीं किया गया और ‘अंतिम घंटे में बीस प्रतिशत वोट पड़े’ ऐसा बता दिया गया।
    लाखों वोट अंतिम घंटे में पढ़ने के टोकन नंबर ही सुरक्षित नहीं किए गए। जहां तक ई वी एम हैक होने की बात है वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के सीएम थे बार बार हैकिंग और बेइमानी की बातें कहते थे। यह भी कहा कि विदेशों में जहां पढ़े लिखे लोग होते है बैलेट पेपर पर नाम पढ़कर वोट देते हैं। ईवीएम हैक करने का सच चिप बनाने वाला जापान और ईवीएम बनाने वाला अमेरिका ई वीं एम से चुनाव नहीं करता। सुप्रसिद्ध अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भी कहा है ईवीएम सरलता से हैक किया जा सकता है। चिप लगे होने से मोबाइल फीचर्स खत्म होते ही नेट प्रोवाइडर कंपनिया ऑफिस में बैठे बैठे सिम बैन कर देते हैं जिससे नेट तो क्या आउट गोइंग और इन कमिंग कॉल बंद कर दी जाती है। चिप लगे होने से ही इसरो अपने चंद्रयान को धरती पर बैठे कंट्रोल करता है। चिप के कारण हीं अभी हाल में अंतरिक्ष में यान भेजा और सकुशल धरती पर उतारा गया।
    अहम प्रश्न है कि विपक्षी सवाल चुनाव आयोग से पूछते हैं तो जवाब केंद्र सरकार क्यों देने लगती है जैसे चैनल पर ज्यों हि विपक्षी नेता किसी विषय पर सरकार को कटघरे में खड़ा करता है तो एंकर तमतमा जाते हैं और सरकार की तरफ से वकालत करने लगते हैं। अरे भाई लोकतंत्र में हर किसी सरकारी विभाग की जवाबदेही होती है तो दूसरा विभाग उत्तर कैसे दे सकता है।
    बिहार की जनता भले नीतीश कुमार और बीजेपी को वोट नहीं दे लेकिन इतनी गारंटी ली ही जा सकती है जब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति सरकार करती रहेगी चुनाव में पक्षपात कर आयोग सत्ता के पक्ष में करता रहेगा।गुलामी बजाता रहेगा। ऐसे में सरकार द्वारा चुने गए चुनाव आयुक्तों और ईवीएम के रहते बीजेपी को हरा पाना जनता के लिए असंभव है। वोट मत दे जनता भले ही जीतेगी तो बीजेपी ही।

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  • Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    मालवानी पु्लिस ने मार्वे रोड के राठौडी गांव से तीन नाबालिग बच्चियों के अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है। महज़ 12 घंटों के भीतर पुलिस ने बिहार के रहने वाले 2 किशोर लडकों को गिरफ्तार किया है। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    मुंबई: मलाड पश्चिम के मालवनी पुलिस थाने में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। एक मजदूर ने अपने दोस्त की मदद से 15 साल की एक लड़की और उसकी दो छोटी बहनों का अपहरण कर लिया, क्योंकि नाबालिग ने उसके साथ भागने से इनकार कर दिया था। अपहरण के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरपफ्तार कर लिया है और लड़कियों को 12 घंटे के भीतर तीनों बच्चियों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। मालवनी पुलिस मामले की और अधिक पड़ताल कर रही है।

    बिहर के हैं दोनो मजबूर

    गिरपत्तार आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय हसनत रजा जमशेद आलम और 18 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल कलाम रहसूद्दीन शेख के रूप में हुई है। दोनों किशोर लड़के मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। मुंबई के मलाड़ पश्चिम, मालवनी इलाके में मज़दूरी करते हैं। अपहरण बच्चियों की उम्र क्रमशः 15 साल, 7 साल और 11 महीने की है। तीनों बच्चियाँ अपनी मँ के साथ मार्वे रोड के खारोड़ी इलाके में रहती हैं। उनकी माँ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एक बार में काम करती हैं।

    आरोपी को हो गया प्यार

    वहीं पास की एक कंस्ट्रव्शन साइट पर काम करने वाले आलम को एक 15 साल की लड़की से प्यार हो गया। आलम ने उसे अपना फोन दे दिया और दोनों व्हाद्सएप पर चैट करने लगे। लड़की की माँ को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को माँ रोज़ की तरह घर बंद कर काम पर चली गई। लेकिन आधी रात के आसपास जब वह घर लौटी, तो उसने घर के ताले टूटे हुए और अपनी तीनों बेटियों को गायब पाया। घबराई हुई माँ ने अपने पड़ोसियों को सारी बात बताई। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सुचना दी। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    आज होगी अदालत में पेशी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत लापता लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि बड़ी लड़की आलम के संपर्क में थी, जो खुद भी लापता है। इसके बाद पुलिस ने आलम के दोस्त मोहम्मद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    वसई रेलवे पुलिस ने पहचाना

    गुरुवार सुबह लड़कियों की तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें वसई सटेशन पर पाया गया। वसई रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मालवनी पुलिस को दी इसके बाद उन्हें मालवनी पुलिस को सौप दिया। पूछताछ के दौरान, आलम ने कबूल किया कि वह 15 साल की लड़की से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। आलम ने उसे अपने साथ भाग कर शादी करने के लिए कहा था। हालॉकि, लड़की ने यह कहते हुए भागने से इनकार कर दिया कि वह अपनी दो छोटी बहनों को घर में अकेला नहीं छोड़ सकती। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आलम ने तीनों को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।