मुंबई में आज से टोल महंगा: ट्रक-बस समेत इन वाहनों के नए रेट, 2029 तक जारी रहेगी वसूली

mumbai-toll-hike-new-rates-2026

मुंबई के पांच प्रवेश टोल नाकों पर 1 अक्टूबर से नए रेट लागू हो गए हैं। जानें किस वाहन पर कितना टोल, किसे छूट और 2029 तक वसूली क्यों जारी रहेगी।

मुंबई: 1 अक्टूबर 2026 से मुंबई के पांच प्रमुख प्रवेश टोल नाकों पर कॉमर्शियल और भारी वाहनों के लिए टोल की नई दरें लागू हो गई हैं। मिनी बस और हल्के कॉमर्शियल वाहन के लिए अब 90 रुपये, ट्रक और बस के लिए 180 रुपये तथा भारी मोटर वाहन के लिए 225 रुपये प्रति यात्रा टोल देना होगा। इससे अलग निजी कार, एसयूवी और पहले से छूट प्राप्त हल्के वाहनों पर इस बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ेगा।

नई दरें मुंबई के वाशी, ऐरोली, मुलुंड एलबीएस रोड, मुलुंड ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और दहिसर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित पांच प्रवेश बिंदुओं पर लागू हुई हैं। अटल सेतु का टोल इस व्यवस्था से अलग है।

मुंबई के पांच टोल नाकों पर अब कितना शुल्क

वाहन श्रेणीपुराना टोलनया टोलबढ़ोतरी
मिनी बस और एलसीवी75 रुपये90 रुपये15 रुपये
ट्रक और बस150 रुपये180 रुपये30 रुपये
भारी मोटर वाहन190 रुपये225 रुपये35 रुपये

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल यानी एमएसआरडीसी के आधिकारिक सार्वजनिक नोटिस में 1 अक्टूबर 2023 से 30 सितंबर 2026 तक मिनी बस/एलसीवी के लिए 75 रुपये, ट्रक/बस के लिए 150 रुपये और भारी मोटर वाहनों के लिए 190 रुपये प्रति यात्रा दर निर्धारित थी। इसलिए भारी वाहन की नई दर 190 से बढ़कर 225 रुपये हुई है।

इस हिसाब से मिनी बस और एलसीवी तथा ट्रक-बस श्रेणी में वृद्धि 20 प्रतिशत है, जबकि भारी मोटर वाहन की बढ़ोतरी करीब 18.4 प्रतिशत है।

निजी कार और एसयूवी चालकों को क्या देना होगा

इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा असर कॉमर्शियल और भारी वाहनों पर है। निजी कार और एसयूवी के लिए मुंबई के इन पांच प्रवेश बिंदुओं पर टोल छूट जारी है। हल्के मोटर वाहन, स्कूल बस और राज्य परिवहन बसों को अक्टूबर 2024 से दी गई छूट भी जारी है। सार्वजनिक परिवहन बस, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी भी इस टोल से मुक्त हैं।

यानी सामान्य निजी कार से मुंबई में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को 1 अक्टूबर की इस नई दर के कारण अतिरिक्त टोल नहीं देना पड़ेगा।

एक महीने में कितना बढ़ सकता है खर्च

नई दर प्रति यात्रा लागू है। इसलिए नियमित रूप से मुंबई आने-जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के लिए कुल खर्च उनकी टोल-योग्य यात्राओं की संख्या पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 26 दिनों तक रोज एक टोल-योग्य यात्रा करता है, तो एलसीवी के मामले में पुराने और नए टोल के बीच करीब 390 रुपये महीने का अतिरिक्त अंतर होगा। ट्रक या बस के लिए यह अंतर 780 रुपये और भारी मोटर वाहन के लिए 910 रुपये महीने होगा।

यदि साल में ऐसी 312 यात्राएं मानी जाएं तो अतिरिक्त राशि क्रमशः 4,680 रुपये, 9,360 रुपये और 10,920 रुपये तक पहुंच सकती है। यह केवल गणना का उदाहरण है; वास्तविक खर्च वाहन की यात्रा और टोल नाके से गुजरने की संख्या पर निर्भर करेगा।

50 और 100 कूपन लेने पर टोल में कितनी छूट

बार-बार मुंबई आने वाले कॉमर्शियल वाहनों के लिए अग्रिम टोल कूपन की व्यवस्था भी है। एमएसआरडीसी के अनुसार 50 कूपन खरीदने पर 25 प्रतिशत और 100 कूपन खरीदने पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। टोल प्लाजा पर रियायती यात्रा स्मार्ट कार्ड भी जारी किए जाते हैं।

नई दर पर प्रकाशित छूट प्रतिशत को लागू करने पर 90 रुपये के टोल पर 25 प्रतिशत छूट के बाद प्रभावी राशि 67.50 रुपये और 50 प्रतिशत छूट के बाद 45 रुपये बैठती है। 180 रुपये के टोल पर ये राशि 135 और 90 रुपये तथा 225 रुपये के टोल पर 168.75 और 112.50 रुपये होगी।

टोल बढ़ाने की व्यवस्था क्या है

मुंबई के इन पांच प्रवेश बिंदुओं पर टोल कलेक्शन सितंबर 2002 में शुरू हुआ था। मौजूदा रियायत व्यवस्था में दरों का संशोधन तीन वर्ष के अंतराल पर किया जाता है। अक्टूबर 2023 में पिछली दरें लागू हुई थीं और 30 सितंबर 2026 को वह अवधि पूरी हुई। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से संशोधित दरें लागू की गई हैं।

2010 में मुंबई एंट्री पॉइंट्स लिमिटेड यानी एमईपीएल ने एमएसआरडीसी को बुनियादी ढांचे से जुड़े पूंजीगत खर्च के लिए 2,100 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। इसके बाद कंपनी को टोल संग्रह के जरिए निवेश के साथ वित्तपोषण, प्रशासन, संचालन और रखरखाव से जुड़े खर्चों की वसूली की व्यवस्था मिली।

इन प्रवेश बिंदुओं की टोल व्यवस्था मुंबई और आसपास विकसित किए गए फ्लाईओवर, पुल, सबवे और रोड ओवरब्रिज जैसे बुनियादी ढांचे की लागत तथा उससे जुड़ी व्यवस्थाओं से जुड़ी रही है। ऐतिहासिक रूप से इस परियोजना के तहत 55 फ्लाईओवर बनाए जाने का उल्लेख मिलता है।

2026 में टोल खत्म होना था, फिर 2029 तक क्यों बढ़ा

यह इस समय टोल व्यवस्था से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है। पांच प्रवेश बिंदुओं पर टोल कलेक्शन की मौजूदा अवधि पहले नवंबर 2026 में समाप्त होनी थी, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इसे 17 सितंबर 2029 तक बढ़ाने की व्यवस्था की है।

अक्टूबर 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में पांच प्रवेश टोल नाकों पर कारों और छोटे वाहनों को टोल से छूट दी गई थी। इस छूट से टोल संचालक को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए बाद में मुआवजे की व्यवस्था की गई। उपलब्ध सरकारी निर्णय के अनुसार इसी व्यवस्था के तहत टोल संग्रह की अवधि 2029 तक बढ़ाई गई।

2025 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में पांच प्रवेश बिंदुओं पर दी गई टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई को मंजूरी दी गई थी। इस व्यवस्था के साथ 19 नवंबर 2026 से 17 सितंबर 2029 तक अलग-अलग वाहन श्रेणियों की वास्तविक समय वाहन संख्या का आंकड़ा रखने और सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

इसी निर्णय में मुंबई और उपनगरों के 27 फ्लाईओवर तथा संबंधित संरचनाओं के रखरखाव और देखरेख की जिम्मेदारी निजी ठेकेदार के पास जारी रखने को मंजूरी दी गई। वाशी क्रीक ब्रिज से संबंधित टोल राजस्व में कमी की भरपाई के लिए 775.58 करोड़ रुपये की चरणबद्ध नकद व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई थी।

टोल बढ़ने से माल ढुलाई और जरूरी सामान पर क्या असर पड़ेगा

टोल वृद्धि का सीधा असर कॉमर्शियल वाहनों के परिचालन खर्च पर पड़ेगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार और पूर्व अध्यक्ष बाल मलकीत सिंह ने बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कहा है कि अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए परिवहन कंपनियां माल ढुलाई शुल्क बढ़ा सकती हैं और इसका असर आगे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। उन्होंने भारी कॉमर्शियल वाहनों को भी छोटे वाहनों की तरह टोल छूट देने की मांग की है।

ऐसा नहीं है कि टोल बढ़ते ही फल, सब्जी या दूसरी आवश्यक वस्तुओं की कीमत निश्चित रूप से बढ़ जाएगी। अंतिम कीमत पर ईंधन, दूरी, माल ढुलाई, मांग-आपूर्ति और अन्य लागतों का भी असर होता है। फिलहाल उपभोक्ता कीमतों पर असर को लेकर परिवहन क्षेत्र की चिंता सामने आई है, वास्तविक कीमत वृद्धि का कोई समान या निश्चित आंकड़ा सामने नहीं आया है।

आगे क्या बदलेगा

19 नवंबर 2026 से 17 सितंबर 2029 तक वाहन श्रेणीवार वास्तविक समय यातायात आंकड़ा रखने की व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पांचों प्रवेश बिंदुओं से गुजरने वाले वाहनों की संख्या और श्रेणीवार यातायात का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

फिलहाल 1 अक्टूबर 2026 से लागू नई दरों के अनुसार मिनी बस और एलसीवी के लिए 90 रुपये, ट्रक और बस के लिए 180 रुपये तथा भारी मोटर वाहन के लिए 225 रुपये प्रति यात्रा टोल देना होगा। निजी कार और एसयूवी समेत पहले से छूट प्राप्त वाहनों पर इस संशोधन का टोल प्रभाव नहीं है। मुंबई के पांच प्रवेश बिंदुओं की मौजूदा टोल व्यवस्था अब 17 सितंबर 2029 तक जारी रहने की निर्धारित व्यवस्था के तहत चल रही है।

Ismail Shaikh Avatar
Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading