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  • Bigg Boss फेम के घर ₹1 करोड़ की चोरी, आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार; ₹51 लाख बरामद

    Bigg Boss फेम के घर ₹1 करोड़ की चोरी, आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार; ₹51 लाख बरामद

    Bigg Boss फेम लोपामुद्रा राउत के घर ₹1 करोड़ की चोरी का आरोपी दरभंगा से गिरफ्तार। पुलिस ने ₹51 लाख की नकदी और कीमती सामान बरामद किया।

    मुंबई: फिल्म अभिनेत्री और मॉडल लोपामुद्रा राउत के मुंबई स्थित घर में हुई करीब ₹1 करोड़ की चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने बिहार के दरभंगा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन मुखिया के रूप में हुई है, जो दरभंगा जिले के सोनकी थाना क्षेत्र के गोठ मिट्टी गांव का रहने वाला बताया गया है।

    मुंबई पुलिस की टीम ने दरभंगा पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। उसके पास से महंगी घड़ी, सोने के बिस्किट और नकदी समेत चोरी से जुड़ी करीब ₹51 लाख की संपत्ति बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

    सांताक्रूज पुलिस थाने में दर्ज हुई थी FIR

    लोपामुद्रा राउत के घर चोरी के बाद मुंबई के सांताक्रूज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान तकनीकी जानकारी, मोबाइल फोन और लोकेशन से जुड़े सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। जांच की कड़ी बिहार के दरभंगा तक पहुंचने के बाद मुंबई पुलिस की टीम वहां गई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सोनकी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर चंदन मुखिया को गिरफ्तार किया गया।

    वेंटिलेटर के रास्ते घर में घुसने का दावा

    पुलिस जांच से जुड़ी अहम कड़ी के अनुसार, आरोपी ने अभिनेत्री के घर में वेंटिलेटर के रास्ते प्रवेश किया था। बताया गया है कि वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी और आरोपी ने कथित तौर पर यह सुनिश्चित किया कि घर में कोई मौजूद न हो।

    सांताक्रूज पुलिस से मिली जानकारी में यह भी बताया गया है कि आरोपी बंद घरों की रेकी करता था। इसी दौरान उसकी नजर लोपामुद्रा राउत के सांताक्रूज स्थित घर पर पड़ी। इसके बाद कथित तौर पर मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।

    ₹12.50 लाख की लग्जरी घड़ी और सोने के बिस्किट बरामद

    दरभंगा में गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से चोरी से जुड़ी कई कीमती वस्तुएं बरामद होने की बात सामने आई है। इनमें करीब ₹12.50 लाख कीमत की लग्जरी घड़ी, लगभग ₹30 लाख मूल्य के दो सोने के बिस्किट और करीब ₹9 लाख नकद शामिल बताए गए हैं।

    मिली जानकारी में इन बरामद वस्तुओं और नकदी की कुल कीमत कभी करीब ₹51 लाख बता रही है। तो कभी पुलिस सूत्रों में कभी करीब ₹50 लाख के सामान और ₹9 लाख नकद बरामद होने का उल्लेख किया जा रहा है।

    हालांकि, चोरी की पूरी रकम और संपत्ति की बरामदगी अभी नहीं हुई है। पुलिस अन्य सामानों का पता लगाने में जुटी है।

    चोरी की रकम से जमीन खरीदने की भी जांच

    जांच में आरोपी के बिहार कनेक्शन के सामने आने के बाद पुलिस ने उसके आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन मुखिया ने कथित तौर पर चोरी के पैसों का इस्तेमाल अपनी बहन के नाम पर करीब दो कट्ठा जमीन खरीदने में किया।

    इस जमीन की खरीद से जुड़े मामले में सोनकी थाना क्षेत्र के देकुली बाजार के एक हार्डवेयर व्यवसायी कैलाश साह से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की रकम का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    ज्वेलरी कारोबारी से पूछताछ के बाद सोने के बिस्किट मिले

    खबर के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस ने एक ज्वेलरी कारोबारी से भी पूछताछ की। इसके बाद दो सोने के बिस्किट बरामद किए गए।

    इन दोनों बिस्किट की कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई है। इसके अलावा आरोपी के पास से महंगी घड़ी और नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।

    मुंबई से दरभंगा तक पहुंची पुलिस की जांच

    इस मामले में मुंबई पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच दरभंगा तक पहुंची।

    इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम ने दरभंगा की स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुंबई लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    करीब ₹1 करोड़ की चोरी, आधे से ज्यादा रकम की बरामदगी

    लोपामुद्रा राउत के घर से चोरी की कुल कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई गई है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस करीब ₹51 लाख की संपत्ति और नकदी बरामद कर चुकी है।

    बरामदगी में लग्जरी घड़ी, सोने के बिस्किट और नकदी शामिल हैं। पुलिस अब चोरी की बाकी संपत्ति का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम को कहां-कहां इस्तेमाल किया गया।

    आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले में उसके संभावित सहयोगियों और चोरी के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    मुंबई में 6 घरों में सेंधमारी का खुलासा, 26 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार; ₹45.26 लाख बरामद

    एमएचबी पुलिस ने छह सेंधमारी की वारदातों का खुलासा करते हुए 26 वर्षीय आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी से ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद हुआ।

    मुंबई: मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की छह वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय आरोपी कुलजीत सिंह उर्फ सनी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से सोने के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और स्मार्ट वॉच समेत कुल ₹45 लाख 26 हजार 690 रुपये का मुद्देमाल बरामद किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई सेंधमारी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपियों की तलाश और मामलों के खुलासे के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपराध प्रकटीकरण टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और वारदात के तरीके का विश्लेषण करते हुए जांच शुरू की।

    सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग

    जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के तरीके और आरोपी की गतिविधियों की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया।

    जांच में आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद पुलिस ने मुंबई के अलावा नवी मुंबई, तुर्भे, वाशी और कोपरखैरणे इलाके में उसकी तलाश शुरू की।

    पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी मुंबई से बाहर निकल गया है। इसके बाद उसकी संभावित आवाजाही और ठिकानों पर नजर रखी गई।

    राजस्थान जाने की खबर, गुजरात में पुलिस ने पकड़ा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी राजस्थान के जयपुर की ओर जा रहा है। जांच के दौरान उसके गुजरात की तरफ जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने गुजरात पुलिस की मदद से उसकी तलाश तेज की।

    आखिरकार आरोपी को नियोल चेक पोस्ट के पास पकड़ा गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुलजीत सिंह उर्फ सनी, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई है।

    ₹45.26 लाख का मुद्देमाल बरामद

    पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया। बरामदगी में शामिल है:

    • 329.33 ग्राम सोने के आभूषण — कीमत ₹44,12,620
    • नकद रकम — ₹70,070
    • मोबाइल फोन — ₹24,000
    • स्मार्ट वॉच — ₹20,000

    इन सभी की कुल कीमत ₹45,26,690 बताई गई है।

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    गिरफ्तार आरोपी के साथ एमएचबी पुलिस की तस्वीर

    छह सेंधमारी के मामलों का खुलासा

    पुलिस के अनुसार आरोपी से हुई पूछताछ और जांच के आधार पर एमएचबी पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज छह मामलों से उसका संबंध सामने आया है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निम्न मामलों का उल्लेख किया:

    1. गु.र.क्र. 758/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    2. गु.र.क्र. 590/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    3. गु.र.क्र. 582/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    4. गु.र.क्र. 369/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    5. गु.र.क्र. 350/2026 — कलम 331(3), 331(4), 305(अ) भा.न्या.सं.
    6. लक्ष्मीनारायण परिसर से संबंधित क्रमांक 302 का मामला।

    पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के खिलाफ दादर, माहिम, कांदिवली, आरसीएफ, धारावी, भायखला, खेरवाड़ी और मानपाडा समेत अन्य पुलिस थाना क्षेत्रों में भी सेंधमारी के मामले दर्ज होने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।

    पुलिस टीम की कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने की अपराध प्रकटीकरण टीम ने की। प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त संदीप पुणे, सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर हुंबे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।

    वहीं, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे (अपराध) के मार्गदर्शन में एमएचबी पुलिस थाने के अपराध प्रकटीकरण अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक वत्रे तथा पुलिसकर्मी साळुंखे, ढामळे, पवार, मस्के और घाडगे ने तकनीकी जांच और मैदानी स्तर पर जानकारी जुटाकर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी के मुंबई से बाहर निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उसकी तलाश करते हुए गुजरात पहुंची और नियोल चेक पोस्ट के पास उसे गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पूरी अपराध प्रकटीकरण टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • मुंबई लोकल में सांप की अफवाह, 12 मिनट रुकी ट्रेन

    मुंबई लोकल में सांप की अफवाह, 12 मिनट रुकी ट्रेन

    मुंबई लोकल के महिला डिब्बे में सांप होने की अफवाह से हड़कंप मच गया। यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिससे ट्रेन 12 मिनट तक रुकी रही। रेलवे और RPF की जांच में क्या सामने आया, जानिए पूरी खबर।

    मुंबई: मुंबई की सेंट्रल लाइन पर शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक लोकल ट्रेन के महिला डिब्बे में सांप होने की सूचना फैल गई। घबराई महिला यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिसके बाद ट्रेन को नाहुर स्टेशन के पास रोकना पड़ा। करीब 12 मिनट तक चली जांच के बाद ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया, लेकिन रेलवे और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को कोच में कोई सांप नहीं मिला।

    क्या है पूरा मामला?

    यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे की बताई जा रही है। ठाणे से मुंबई की ओर जा रही लोकल ट्रेन जैसे ही नाहुर स्टेशन के पास पहुंची, तभी महिला डिब्बे में मौजूद कुछ यात्रियों ने सांप दिखाई देने का दावा किया।

    कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे डिब्बे में फैल गई और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए महिला यात्रियों ने अलार्म चेन खींच दी, जिसके कारण ट्रेन को तुरंत रोकना पड़ा।

    12 मिनट तक रुकी रही लोकल

    अलार्म चेन खींचे जाने के बाद रेलवे अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने महिला डिब्बे समेत पूरे कोच की गहन जांच की।

    रेलवे के मुताबिक, ट्रेन करीब 12 मिनट तक रुकी रही। जांच पूरी होने के बाद सुबह लगभग 9:26 बजे ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

    दो स्टेशनों पर हुई जांच

    रेलवे अधिकारियों ने सबसे पहले नाहुर स्टेशन के पास ट्रेन की तलाशी ली। इसके बाद एहतियात के तौर पर कुर्ला स्टेशन पर भी दोबारा जांच की गई।

    हालांकि, दोनों जगहों पर हुई जांच में किसी तरह का सांप या अन्य सरीसृप नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए।

    रेलवे ने क्या कहा?

    सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के अनुसार, कई महिला यात्रियों ने डिब्बे में सांप देखने की सूचना दी थी। इसी वजह से तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रेन को रोका गया और पूरी जांच की गई।

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में ट्रेन के अंदर सांप मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

    यात्रियों में मचा हड़कंप

    सांप की सूचना मिलते ही महिला यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों ने यात्रियों को शांत कराया और पूरी जांच के बाद ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी।

    इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या किसी अन्य नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

    एक नजर में

    • घटना का समय: शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे
    • स्थान: नाहुर स्टेशन के पास
    • ट्रेन रुकी: करीब 12 मिनट
    • जांच: नाहुर और कुर्ला स्टेशन पर तलाशी
    • नतीजा: ट्रेन में सांप नहीं मिला
    • नुकसान: किसी के घायल होने की सूचना नहीं

    नोट: रेलवे और आरपीएफ की जांच में अब तक ट्रेन के अंदर सांप मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। कई यात्रियों ने सांप देखने का दावा किया था, लेकिन अधिकारियों को तलाशी के दौरान कोई सरीसृप नहीं मिला।

  • गोराई में बर्थडे पार्टी के दौरान कथित फायरिंग, पुलिस का एक्शन

    गोराई में बर्थडे पार्टी के दौरान कथित फायरिंग, पुलिस का एक्शन

    मुंबई के गोराई-2 इलाके में सड़क पर बर्थडे पार्टी के दौरान कथित एअरगन फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद बोरीवली पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई के गोराई-2 इलाके में सड़क पर जन्मदिन की पार्टी मनाना 10 लोगों को भारी पड़ गया। 5 अगस्त की मध्यरात्रि को गोराई स्थित घारकुल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बाहर सड़क पर आयोजित बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान कथित तौर पर एअरगन से फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बोरीवली पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, जन्मदिन का जश्न सार्वजनिक सड़क पर मनाया जा रहा था। आरोप है कि पार्टी के दौरान सड़क के बीच खड़ी कार के बोनट पर केक काटा गया और कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।

    क्या है पूरा मामला?

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, 5 अगस्त की रात गोराई-2 इलाके में कुछ युवक अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए जमा हुए थे। आधी रात के आसपास सड़क पर खड़ी एक कार के बोनट पर केक काटा गया। इसी दौरान कथित तौर पर एअरगन से फायरिंग किए जाने का आरोप है।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस अब वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

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    आकाश रामकृपाल गुप्ता, जिनका जन्मदिन था (बीच में), जिन पर इस मामले में नौ अन्य लोगों के साथ केस दर्ज किया गया है।

    किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

    बोरीवली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के अलावा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 201, 122 और 177, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(e) और 135 तथा आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।

    बोरीवली पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पुष्पलता मंडले ने कहा, “हमने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है।”

    जांच की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में

    मामले की जांच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) संदीप घुगे की निगरानी में की जा रही है। जांच टीम में सहायक पुलिस आयुक्त संतोष धनवटे, पुलिस निरीक्षक दिग्विजय पाटिल, क्राइम डिटेक्शन स्क्वाड के पुलिस निरीक्षक आनंद भगत, पुलिस उपनिरीक्षक राजू कोर्डे और पुलिस उपनिरीक्षक निर्मल कुमार भोसले शामिल हैं।

    पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कथित फायरिंग किसने की, एअरगन किसकी थी और वीडियो सबसे पहले किसने रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड किया।

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    किन लोगों को हिरासत में लिया गया?

    पुलिस ने इस मामले में आकाश रामकृपाल गुप्ता (26), जतिन नवीन शर्मा (26), विजयेश विजयप्रकाश उपाध्याय (26), विक्रम मंगलीलाल चौधरी उर्फ टॉम (29), ऐश्वर्या मधुकर गोमणे (26), अजिंक्य जयंत आढव (24), जय धर्मेंद्र कपाड़िया (27), रोहन जगदीश पाटिल (27), मुकुंद असराम थोरवे (25) और प्रशांत सुभाष हरिजन (25) को हिरासत में लिया है।

    पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े हर पहलू की जांच जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई है। वायरल क्लिप में कुछ युवक सड़क पर जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कार के बोनट पर केक काटने और सड़क पर भीड़ जमा होने के दृश्य भी देखे जा सकते हैं।

    हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रही कथित फायरिंग किस परिस्थिति में हुई और क्या उससे किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा।

    सार्वजनिक सड़कों पर जश्न को लेकर फिर उठे सवाल

    मुंबई और उसके उपनगरों में सार्वजनिक सड़कों पर जन्मदिन मनाने, बाइक स्टंट करने और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे आयोजनों के कारण कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के आयोजनों पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    फिलहाल बोरीवली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • MHADA Lottery: जनवरी में नई लॉटरी, लोढ़ा बोले- घर नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा

    MHADA Lottery: जनवरी में नई लॉटरी, लोढ़ा बोले- घर नहीं दिए तो जेल जाना पड़ेगा

    MHADA Lottery News: मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी जनवरी-फरवरी 2027 में आने की तैयारी है। क्लस्टर योजना से 30 हजार घर मिलने की उम्मीद है। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने MHADA के घर नहीं सौंपने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

    (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई: मुंबई में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) की मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी को लेकर अपडेट सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार मुंबई बोर्ड की नई लॉटरी जनवरी या फरवरी 2027 में लाई जा सकती है।

    इस बार की सबसे बड़ी बात सिर्फ नई लॉटरी नहीं है, बल्कि क्लस्टर पुनर्विकास योजना के जरिए आने वाले वर्षों में 30 हजार से अधिक नए घर मिलने की योजना है। इन घरों को चरणबद्ध तरीके से MHADA Lottery के माध्यम से आम नागरिकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

    वहीं, मुंबई में आयोजित MHADA लॉटरी कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने उन बिल्डरों को सख्त चेतावनी दी, जिन्होंने अतिरिक्त एफएसआई (FSI) का लाभ लेने के बावजूद MHADA के हिस्से के घर अब तक नहीं सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

    2,640 घरों के लिए आए 75 हजार से ज्यादा आवेदन

    मुंबई बोर्ड की हालिया लॉटरी में कुल 2,640 घरों को शामिल किया गया था। इन घरों के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और 75 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

    इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुंबई में किफायती घरों की मांग कितनी ज्यादा है। लगभग हर एक फ्लैट के लिए 28 से 29 लोगों के बीच मुकाबला रहा।

    MHADA अधिकारियों ने उन आवेदकों को निराश नहीं होने की सलाह दी, जिनका नाम इस बार विजेता सूची में शामिल नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में नई योजनाओं और लॉटरी के जरिए अधिक संख्या में घर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

    MHADA Lottery 2027 में क्या खास होगा?

    अगली MHADA Lottery को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसमें कितने घर शामिल होंगे और लोगों को क्या फायदा मिलेगा।

    अधिकारियों के अनुसार मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी में नए घर शामिल किए जाएंगे। हालांकि 30 हजार घर एक साथ जनवरी 2027 की लॉटरी में उपलब्ध नहीं होंगे।

    ये 30 हजार घर क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से MHADA को मिलने वाला आवास स्टॉक है।

    यानी जनवरी-फरवरी 2027 की लॉटरी एक शुरुआत होगी, जबकि आने वाले वर्षों में घरों की संख्या लगातार बढ़ सकती है।

    925 एकड़ में क्लस्टर पुनर्विकास से मिलेंगे 30 हजार घर

    मुंबई में जमीन की कमी और पुराने भवनों की समस्या को देखते हुए MHADA क्लस्टर पुनर्विकास योजना पर काम कर रही है।

    इस योजना के तहत लगभग 925 एकड़ क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसमें पुराने और जर्जर इलाकों को एक साथ विकसित किया जाएगा।

    योजना के तहत:

    • करीब 65 हजार स्थानीय लोगों का उसी स्थान पर पुनर्वास किया जाएगा।
    • नई इमारतों और सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
    • पुनर्वास के बाद अतिरिक्त घर MHADA को मिलेंगे।
    • इन घरों को भविष्य की लॉटरी योजनाओं के जरिए आम लोगों को दिया जाएगा।

    यह योजना मुंबई में Affordable Housing की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    किन इलाकों में हो सकता है फायदा?

    क्लस्टर पुनर्विकास योजना के तहत मुंबई के कई पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को विकसित करने की योजना है।

    इनमें प्रमुख रूप से:

    • गोरेगांव का मोतीलाल नगर
    • वर्ली आदर्श नगर
    • बांद्रा क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाएं
    • अन्य MHADA कॉलोनियां

    शामिल हैं।

    हालांकि किसी भी इलाके की अंतिम सूची और फ्लैट उपलब्धता संबंधित आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।

    मुंबई में बढ़ रही है किफायती घरों की मांग

    मुंबई देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में शामिल है। निजी बाजार में घरों की बढ़ती कीमतों के कारण MHADA Lottery आम मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बड़ा विकल्प बन गई है।

    2,640 घरों के लिए 75 हजार से ज्यादा आवेदन इस बात का प्रमाण हैं कि सरकारी आवास योजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

    यही कारण है कि सरकार और MHADA आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में नए घर तैयार करने पर जोर दे रहे हैं।

    MHADA की 7.5 लाख घरों की बड़ी योजना

    MHADA सिर्फ मुंबई बोर्ड की लॉटरी तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर आवास निर्माण की योजना पर काम कर रहा है।

    MHADA की भविष्य की योजना में:

    • किफायती आवास
    • किराये के मकान
    • छात्र आवास
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास

    जैसी योजनाएं शामिल हैं।

    प्राधिकरण लंबे समय में लाखों घरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

    लोढ़ा ने बिल्डरों को क्यों दी चेतावनी?

    MHADA के अनुसार कुछ बिल्डरों ने अतिरिक्त एफएसआई का लाभ लेने के बाद भी प्राधिकरण को मिलने वाले घर नहीं सौंपे हैं।

    इसी मुद्दे पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नाराजगी जताई।

    उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों को छोड़ा नहीं जाएगा।

    लोढ़ा की चेतावनी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि MHADA को मिलने वाले घर समय पर उपलब्ध हों और उनका लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।

    MHADA Lottery 2027 के लिए लोगों को क्या करना चाहिए?

    जो लोग अगली MHADA Lottery में आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अभी से अपने दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

    जरूरी दस्तावेजों में आमतौर पर शामिल होते हैं:

    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • आय प्रमाण पत्र
    • बैंक खाता विवरण
    • निवास प्रमाण पत्र
    • अन्य आवश्यक दस्तावेज

    आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को केवल MHADA की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करना चाहिए।

    MHADA Lottery 2027 के लिए आवेदन कहां करें?

    MHADA मुंबई बोर्ड की अगली लॉटरी का आवेदन शुरू होने के बाद उम्मीदवार केवल MHADA के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की तारीख, योजना की जानकारी, पात्रता और फ्लैट की कीमत से जुड़ी जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में जारी की जाएगी।

    MHADA Lottery Official Portal:
    MHADA Housing Lottery System

    MHADA Official Website:
    MHADA Official Website

    क्या 30 हजार घरों की लॉटरी एक साथ आएगी?

    नहीं। 30 हजार घर क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं से मिलने वाला अनुमानित आवास स्टॉक है।

    ये घर अलग-अलग चरणों में तैयार होंगे और भविष्य की MHADA Lottery में शामिल किए जाएंगे।

    MHADA Lottery 2027: आम लोगों के लिए क्या मतलब?

    मुंबई में घर खरीदना लगातार महंगा होता जा रहा है। ऐसे में MHADA की आने वाली लॉटरी लाखों परिवारों के लिए उम्मीद बन सकती है।

    अगर क्लस्टर पुनर्विकास योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो आने वाले वर्षों में मुंबई में किफायती घरों की संख्या बढ़ सकती है।

    जनवरी-फरवरी 2027 की प्रस्तावित MHADA Lottery इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह सिर्फ कुछ हजार घरों की लॉटरी नहीं होगी, बल्कि मुंबई के भविष्य के आवास मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत भी है।

    FAQ

    MHADA की अगली लॉटरी कब आएगी?

    मुंबई बोर्ड की अगली MHADA Lottery जनवरी या फरवरी 2027 में आने की संभावना जताई गई है।

    MHADA की पिछली लॉटरी में कितने घर थे?

    मुंबई बोर्ड की पिछली लॉटरी में 2,640 घर शामिल थे।

    30 हजार MHADA घर कब मिलेंगे?

    क्लस्टर पुनर्विकास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ये घर चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगे।

    MHADA Lottery के लिए आवेदन कैसे करें?

    आवेदन MHADA की आधिकारिक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

    क्या पिछली लॉटरी का आवेदन अगली लॉटरी में चलेगा?

    नहीं, प्रत्येक नई लॉटरी के लिए अलग आवेदन करना होता है।

    क्या अभी MHADA Lottery 2027 का फॉर्म भर सकते हैं?

    नहीं, अभी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। MHADA द्वारा आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

  • मुंबई लोकल में शर्मनाक हरकत! महिला को पीटा, बेल्ट निकालकर धमकाया, VIDEO वायरल

    मुंबई लोकल में शर्मनाक हरकत! महिला को पीटा, बेल्ट निकालकर धमकाया, VIDEO वायरल

    मुंबई की वेस्टर्न रेलवे लोकल में सीट को लेकर हुए विवाद के दौरान एक महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने और हाथ उठाने का वीडियो वायरल हो गया। बोरीवली GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुरुष यात्री कथित तौर पर पहले महिला से बहस करता है, उसी दौरान महिला पर हाथ चलता है, फिर अपना बेल्ट निकालकर उसे धमकाने लगता है। यह पूरी घटना चलती लोकल ट्रेन के डिब्बे में कई यात्रियों के सामने हुई, लेकिन वीडियो में अधिकांश लोग मूकदर्शक नजर आते हैं।

    सीट के विवाद ने लिया हिंसक रूप

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना वेस्टर्न रेलवे की एक लोकल ट्रेन में हुई। बताया जा रहा है कि महिला सीट पर लेटी हुई थी। इसी बात को लेकर एक पुरुष यात्री ने उसे सीट खाली करने के लिए कहा। महिला के विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपना बेल्ट निकाल लिया। वीडियो में वह महिला को धमकाता दिखाई देता है और उस पर हाथ उठाने की भी कोशिश करता है।

    VIDEO वायरल, यात्रियों की चुप्पी पर भी उठे सवाल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में नाराजगी फैल गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डिब्बे में कई यात्री मौजूद हैं, लेकिन बहुत कम लोग बीच-बचाव करते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि समय रहते किसी यात्री ने हस्तक्षेप किया होता तो मामला इतना नहीं बढ़ता।

    बोरीवली GRP ने दर्ज किया मामला

    वीडियो वायरल होने के बाद बोरीवली Government Railway Police (GRP) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की पहचान करने और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    महिला सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस

    मुंबई लोकल से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में चलती ट्रेन के भीतर महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

    जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

    फिलहाल पुलिस आरोपी की पहचान और घटना के सटीक क्रम की जांच कर रही है। महिला और आरोपी की पहचान, घटना का सटीक समय और अन्य कानूनी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेगी।

    Fact Box

    • घटना: महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने का आरोप
    • स्थान: वेस्टर्न रेलवे की मुंबई लोकल
    • विवाद की वजह: सीट को लेकर कहासुनी
    • कार्रवाई: बोरीवली GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
    • स्थिति: आरोपी की पहचान और तलाश जारी
  • कुएं में समुद्र जैसी लहरें! Viral Video देख घबरा गए लोग, वैज्ञानिकों ने बताया असली वजह

    कुएं में समुद्र जैसी लहरें! Viral Video देख घबरा गए लोग, वैज्ञानिकों ने बताया असली वजह

    गुजरात के मोरबी जिले में एक कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में दहशत फैल गई। जानिए वैज्ञानिकों ने इसकी असली वजह क्या बताई।

    गुजरात: क्या किसी कुएं में भी समुद्र जैसी लहरें उठ सकती हैं? सुनने में यह सवाल अजीब लग सकता है, लेकिन गुजरात के मोरबी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने लाखों लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में एक कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह तेज़ी से एक किनारे से दूसरे किनारे तक हिलता दिखाई दे रहा है। इस अनोखे नज़ारे को देखकर कई लोगों ने इसे भूकंप का संकेत माना, जबकि कुछ ने इसे रहस्यमयी घटना बताया। हालांकि, विशेषज्ञों की जांच में इसके पीछे की असली वजह सामने आ गई है।

    🎥 Viral Video:

    गुजरात के मोरबी में दिखा हैरान करने वाला नज़ारा

    यह मामला गुजरात के मोरबी जिले के वीरपारड़ा गांव का है। यहां स्थानीय किसान प्रांजीवन सादरिया के खेत में बने करीब 18 फीट गहरे कुएं का पानी लगातार समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि यह कुआं करीब तीन महीने पहले बनाया गया था और इसके पास से राष्ट्रीय राजमार्ग भी गुजरता है।

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी घटना को देखने के लिए मौके पर पहुंचने लगे।

    आसपास के कुएं शांत, इसी ने बढ़ाई लोगों की चिंता

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस कुएं का पानी लगातार लहरों की तरह हिल रहा था, उसके आसपास मौजूद दूसरे कुओं का पानी पूरी तरह शांत था। इसी वजह से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। किसी ने इसे भूकंप की आहट बताया तो किसी ने इसे चमत्कार या अलौकिक घटना मान लिया।

    क्या यह भूकंप आने का संकेत था?

    वायरल वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्या यह किसी बड़े भूकंप की चेतावनी है?

    विशेषज्ञों का जवाब है—बिल्कुल नहीं।

    जिला भू-वैज्ञानिक जे. एस. वधेरा के अनुसार, यह घटना भूकंप से जुड़ी नहीं है। वहीं, गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) ने भी स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन नहीं है।

    आखिर क्यों हिल रहा था कुएं का पानी?

    विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण भूजल स्तर में बदलाव आया। इससे चट्टानों के भीतर फंसी हवा बाहर निकलने लगी और पानी में दोलन (Oscillation) पैदा हुआ। कुएं की संरचना, आसपास की भूगर्भीय स्थिति और बाहरी कंपन भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

    इसी वजह से पानी कुछ समय तक समुद्र की लहरों की तरह एक किनारे से दूसरे किनारे तक झूलता दिखाई देता है।

    ‘Well Seiche’ क्या है?

    वैज्ञानिक इस प्राकृतिक घटना को ‘Well Seiche’ कहते हैं। इसमें किसी बंद जल स्रोत, जैसे कुएं या टैंक, का पानी भूजल स्तर में बदलाव या बाहरी कंपन के कारण कुछ समय तक आगे-पीछे झूलता रहता है। यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसे सीधे भूकंप से जोड़ना सही नहीं माना जाता।

    गुजरात के मोरबी जिले का यह वायरल वीडियो जितना रहस्यमयी दिखाई देता है, उसकी वजह उतनी ही वैज्ञानिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के बाद भूजल स्तर में बदलाव और Well Seiche जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखाई दिया। इसलिए ऐसे वीडियो देखकर अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों को समझना जरूरी है।

    Fact Box

    • स्थान: वीरपारड़ा गांव, मोरबी (गुजरात)
    • घटना: कुएं का पानी समुद्र की लहरों की तरह हिलता दिखा
    • वैज्ञानिक कारण: Well Seiche (प्राकृतिक दोलन)
    • क्या भूकंप का संकेत? नहीं
  • महाराष्ट्र सरकार लाई ‘शक्ति ऑन व्हील्स’, महिलाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

    महाराष्ट्र सरकार लाई ‘शक्ति ऑन व्हील्स’, महिलाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

    महाराष्ट्र सरकार ने ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ पहल शुरू की है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद मोबाइल वैन के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जाएंगे। इस योजना से महिलाओं को नया बाजार और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

    (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके उत्पादों को नया बाजार उपलब्ध कराने के लिए शक्ति ऑन व्हील्स पहल शुरू की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने मुंबई के सचिवालय जिमखाना में इस अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, घरेलू सामान और जैविक उत्पाद अब मोबाइल बिक्री वैन के जरिए सीधे ग्राहकों तक पहुंचाए जाएंगे।

    सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।

    क्या है ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ पहल?

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ एक मोबाइल मार्केटिंग और बिक्री मॉडल है, जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को विशेष वैन के माध्यम से शहरों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा। इन वैन को सरकारी कार्यालयों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, हॉस्टलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

    इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को बिचौलियों पर निर्भर रहने से बचाना और उन्हें सीधे ग्राहकों से जोड़ना है।

    किन उत्पादों की होगी बिक्री?

    मोबाइल वैन के जरिए कई तरह के घरेलू और खाद्य उत्पाद बेचे जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—

    • पापड़ और अचार
    • देसी घी और मसाले
    • मिलेट (श्री अन्न) उत्पाद
    • विभिन्न प्रकार के आटे
    • रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ
    • घरेलू उपयोग की वस्तुएं
    • हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद

    सरकार का दावा है कि इन उत्पादों को प्राकृतिक और पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया है।

    कामकाजी महिलाओं को कैसे मिलेगा फायदा?

    महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे के अनुसार, अगर ऐसी बिक्री वैन सरकारी कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और मेट्रो स्टेशनों के बाहर उपलब्ध होंगी, तो कामकाजी महिलाओं को रेडी-टू-ईट भोजन, घरेलू सामान और अन्य जरूरी चीजें एक ही जगह पर आसानी से मिल सकेंगी।

    इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि स्थानीय महिला उद्यमियों की आय भी बढ़ेगी।

    महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

    महाराष्ट्र में हजारों महिला स्वयं सहायता समूह छोटे उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हस्तशिल्प और कृषि आधारित व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। इनमें से कई समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए उचित बाजार नहीं मिल पाता था।

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ के जरिए सरकार इन समस्याओं को दूर करना चाहती है।

    इस पहल से महिलाओं को मिलने वाले संभावित फायदे—

    • उत्पादों के लिए नया बाजार
    • आय में वृद्धि
    • स्वरोजगार को बढ़ावा
    • बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी
    • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
    • स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी

    ‘उमेद’ और ‘लखपति दीदी’ अभियान से क्या है संबंध?

    पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई पहल शुरू की हैं। राज्य सरकार ने 13 जिलों में ‘उमेद मॉल’ स्थापित करने की घोषणा की थी, जहां स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद बेच सकें।

    इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें उद्यमिता से जोड़ने पर काम कर रही हैं। ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ को इसी रणनीति का अगला कदम माना जा रहा है।

    राज्यभर में 100 मोबाइल वैन शुरू करने की तैयारी

    फिलहाल इस पहल की शुरुआत मुंबई से की गई है, लेकिन सरकार इसे पूरे महाराष्ट्र में विस्तार देने की योजना बना रही है। आने वाले समय में राज्यभर में कम से कम 100 मोबाइल बिक्री वैन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

    यदि यह मॉडल सफल होता है, तो इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों की राय

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार मिल जाता है, तो इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को भी नई ताकत मिलेगी।

    ‘शक्ति ऑन व्हील्स’ केवल एक मोबाइल वैन योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम है। अगर यह पहल सफल रहती है, तो लाखों महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिलेगा और राज्य में महिला उद्यमिता को नई पहचान मिल सकती है।

  • Tarun Tejpal Case: रेप केस में दोषी करार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

    Tarun Tejpal Case: रेप केस में दोषी करार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

    Tarun Tejpal Case में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने पूर्व तहलका संपादक को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। जानिए फैसले की 10 अहम बातें और पूरा मामला।

    मुंबई: देश के सबसे चर्चित Tarun Tejpal Case में बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने गोवा की सत्र अदालत द्वारा 2021 में दिए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10.21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसकी पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।

    न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़िता की गवाही का सही कानूनी दृष्टिकोण से मूल्यांकन नहीं किया। हाई कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त हैं।

    अदालत ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एफ), 354(ए) और 354(बी) के तहत दोषी ठहराया। धारा 376(2)(एफ) के तहत 10 वर्ष, धारा 354(ए) के तहत एक वर्ष और धारा 354(बी) के तहत तीन वर्ष की सजा सुनाई गई। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए प्रभावी सजा 10 वर्ष की होगी।

    चार सप्ताह में करना होगा आत्मसमर्पण

    सजा सुनाने के बाद अदालत ने तरुण तेजपाल को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। शुरुआत में अदालत ने दो सप्ताह का समय दिया था, लेकिन बचाव पक्ष के अनुरोध पर इसे बढ़ाकर चार सप्ताह कर दिया गया ताकि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकें।

    सजा तय करते समय अदालत ने यह भी माना कि घटना को कई वर्ष बीत चुके हैं और इस दौरान तेजपाल के खिलाफ किसी अन्य गंभीर अपराध का रिकॉर्ड सामने नहीं आया। इसके बावजूद अदालत ने कहा कि यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़िता को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला नवंबर 2013 का है, जब गोवा में आयोजित ThinkFest कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल पर अपनी जूनियर महिला सहकर्मी के साथ दो अलग-अलग मौकों पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। पीड़िता ने बाद में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

    जांच के दौरान गोवा पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, ई-मेल और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए। इसके बाद तेजपाल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया और मामला ट्रायल कोर्ट में चला।

    करीब आठ वर्ष तक चली सुनवाई के बाद मई 2021 में गोवा की सत्र अदालत ने सबूतों के आधार पर संदेह का लाभ देते हुए तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ गोवा सरकार ने Bombay High Court Goa Bench में अपील दायर की थी।

    हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला क्यों पलटा?

    अपील पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले की विस्तार से समीक्षा की। अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने पीड़िता के बयान और उसके घटना के बाद के व्यवहार का मूल्यांकन ऐसे मानकों पर किया, जिन्हें कानून स्वीकार नहीं करता।

    खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न की हर पीड़िता की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए किसी महिला के घटना के बाद के व्यवहार को उसकी शिकायत की सत्यता का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट की उस सोच से भी असहमति जताई, जिसमें पीड़िता के आचरण को लेकर पूर्वाग्रह दिखाई देता था।

    अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का समग्र मूल्यांकन करने पर अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत साबित होता है। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए दोषसिद्धि दर्ज की गई।

    सरकार और बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?

    सजा पर बहस के दौरान गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अधिकतम सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी पीड़िता के प्रति प्रभाव और विश्वास की स्थिति में था। ऐसे मामलों में कठोर सजा समाज को यह स्पष्ट संदेश देती है कि महिला की इच्छा और सहमति सर्वोपरि है।

    वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। तरुण तेजपाल ने अपनी उम्र, पारिवारिक जिम्मेदारियों और मामले की परिस्थितियों का हवाला देते हुए कम सजा देने का अनुरोध किया। उनके वकील ने यह भी आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

    बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें

    करीब 13 साल पुराने Tarun Tejpal Case में फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने कई अहम कानूनी टिप्पणियां भी कीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई पूर्वाग्रहों के आधार पर नहीं, बल्कि कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

    1. 2021 का बरी करने वाला फैसला रद्द

    हाई कोर्ट ने गोवा की सत्र अदालत द्वारा मई 2021 में सुनाए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही कानूनी मूल्यांकन नहीं किया था।

    2. 10 साल के कठोर कारावास की सजा

    अदालत ने तरुण तेजपाल को रेप के आरोप में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में दी गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

    3. ₹10.21 लाख का जुर्माना

    कोर्ट ने 10.21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और निर्देश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए।

    4. हर पीड़िता की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है

    अदालत ने कहा कि यौन उत्पीड़न की शिकार महिला से किसी तय या “आदर्श” व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उसके घटना के बाद के व्यवहार के आधार पर शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

    5. ट्रायल कोर्ट के दृष्टिकोण पर सवाल

    हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने पीड़िता के बयान का मूल्यांकन ऐसे नजरिए से किया जो कानून की स्थापित कसौटी के अनुरूप नहीं था।

    6. उपलब्ध साक्ष्य पर्याप्त पाए गए

    अदालत ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन अभियोजन के पक्ष का समर्थन करता है।

    7. प्रभाव और विश्वास की स्थिति रही महत्वपूर्ण

    कोर्ट ने माना कि आरोपी पीड़िता के प्रति प्रभाव और विश्वास की स्थिति में था। यह तथ्य मामले की गंभीरता तय करने में महत्वपूर्ण रहा।

    8. चार सप्ताह में सरेंडर का आदेश

    अदालत ने तरुण तेजपाल को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया ताकि वे इस बीच सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।

    9. देर से मिला न्याय भी महत्वपूर्ण

    अदालत ने कहा कि घटना को कई वर्ष बीत जाने के बावजूद न्याय का महत्व कम नहीं हो जाता। पीड़िता को न्याय दिलाना न्यायालय का दायित्व है।

    10. सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला

    फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। ऐसे में मामले की कानूनी लड़ाई अभी आगे भी जारी रह सकती है।

    2013 से 2026 तक: पूरे मामले की टाइमलाइन

    नवंबर 2013: गोवा के ThinkFest कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में कथित यौन उत्पीड़न की घटना।

    नवंबर 2013: शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    2014: चार्जशीट दाखिल, ट्रायल शुरू।

    मई 2021: गोवा की सत्र अदालत ने तरुण तेजपाल को बरी किया।

    2021: गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ में अपील दायर की।

    अगस्त 2026: हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा, दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

    अब आगे क्या होगा?

    हाई कोर्ट के फैसले के बाद तरुण तेजपाल ने स्पष्ट किया है कि वे इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। अदालत ने उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। यदि इस अवधि में सर्वोच्च अदालत से कोई अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सरेंडर करना होगा।

    FAQ

    प्रश्न: तरुण तेजपाल को कितने साल की सजा हुई है?

    उत्तर: बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

    प्रश्न: क्या 2021 का फैसला बदल दिया गया है?

    उत्तर: हाँ। हाई कोर्ट ने गोवा की सत्र अदालत के 2021 के बरी करने वाले फैसले को रद्द कर दिया।

    प्रश्न: क्या तरुण तेजपाल जेल जाएंगे?

    उत्तर: हाई कोर्ट ने उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। इस बीच वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं।

    प्रश्न: मामला किस वर्ष का है?

    उत्तर: यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित ThinkFest कार्यक्रम के दौरान हुई कथित घटना से जुड़ा है।

    Tarun Tejpal Case में बॉम्बे हाई कोर्ट का यह फैसला केवल एक चर्चित आपराधिक मुकदमे का निर्णय नहीं है, बल्कि यौन उत्पीड़न के मामलों में न्यायिक दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी पीड़िता के व्यवहार को पूर्वाग्रहों के आधार पर नहीं परखा जा सकता और ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन ही न्याय का आधार होना चाहिए। अब इस बहुचर्चित मामले पर सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी।

    https://citizen.goapolice.gov.in
    https://bombayhighcourt.gov.in/bhc

  • मुंबई: खोया मोबाइल वापस दिलाकर बोरीवली पुलिस ने जीता मुंबईकरों का भरोसा

    मुंबई: खोया मोबाइल वापस दिलाकर बोरीवली पुलिस ने जीता मुंबईकरों का भरोसा

    मुंबई के बोरीवली पुलिस स्टेशन ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाकर एक बार फिर लोगों का भरोसा जीता। जानिए कैसे तकनीकी जांच के जरिए शिकायतकर्ताओं को मिली बड़ी राहत।

    मुंबई: मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, जरूरी दस्तावेज, निजी यादें और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम या चोरी होने पर ज्यादातर लोग उसके वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं। लेकिन मुंबई के बोरीवली पुलिस स्टेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर शिकायत और तकनीकी जांच के जरिए खोया हुआ मोबाइल भी उसके असली मालिक तक पहुंचाया जा सकता है।

    इसी पहल के तहत 5 अगस्त 2026 को बोरीवली पुलिस स्टेशन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में गुम और चोरी हुए 50 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। वर्षों बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर कई शिकायतकर्ताओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने मुंबई पुलिस का आभार व्यक्त किया।

    तकनीकी जांच से मिली सफलता

    बोरीवली पुलिस ने बताया कि गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए आधुनिक तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा लिया गया। मोबाइल बरामद होने के बाद उनकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया ने एक बार फिर यह साबित किया कि समय पर दर्ज की गई शिकायत कई बार खोया हुआ मोबाइल वापस दिला सकती है।

    वर्षों से लगातार चल रहा है रिकवरी अभियान

    बोरीवली पुलिस की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमती पुष्पलता मंडले ने बताया कि, वर्ष 2019 से 2025 के दौरान 450 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए गए। वहीं 1 जनवरी 2026 से अब तक 225 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक रिकवर कर शिकायतकर्ताओं को सौंपे जा चुके हैं। पुलिस प्रत्येक शिकायत निवारण दिवस के दौरान भी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ मोबाइल वितरण

    मोबाइल वितरण कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-02) श्री संदीप घुगे, सहायक पुलिस आयुक्त (बोरीवली विभाग) श्री संतोष घेवरे तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमती पुष्पलता मंडले मौजूद रहीं। इसके अलावा बोरीवली पुलिस स्टेशन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं को मोबाइल सौंपते हुए नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर बिना देरी किए पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच शुरू की जा सके।

    शिकायतकर्ताओं के चेहरों पर लौटी मुस्कान

    कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। किसी के मोबाइल में परिवार की तस्वीरें थीं तो किसी के लिए वह रोजमर्रा के काम और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का जरिया था। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने बोरीवली पुलिस की सराहना करते हुए इसे आम नागरिकों के लिए भरोसा बढ़ाने वाली पहल बताया।

    समय पर शिकायत करना क्यों है जरूरी?

    पुलिस का कहना है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, उसके बरामद होने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर इस प्रक्रिया में सहयोग कर सकते हैं।