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  • मुंबई ऑटो-टैक्सी मीटर अपडेट में चिप की कमी, 30 नवंबर की डेडलाइन से बढ़ी चालकों की चिंता

    मुंबई ऑटो-टैक्सी मीटर अपडेट में चिप की कमी, 30 नवंबर की डेडलाइन से बढ़ी चालकों की चिंता

    मुंबई में नया ऑटो-टैक्सी किराया लागू है, लेकिन मीटर चिप की कमी से रिकैलिब्रेशन धीमा है। 30 नवंबर की डेडलाइन और जुर्माने का पूरा अपडेट जानें।

    मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सियों का नया किराया 1 सितंबर से लागू हो चुका है, लेकिन डिजिटल मीटरों में नई दरें अपडेट करने की प्रक्रिया अब चिप की कमी के कारण धीमी पड़ गई है। परिवहन विभाग ने मीटर रिकैलिब्रेशन के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहनों के मीटर तय समय में अपडेट कराने को लेकर चालकों की चिंता बढ़ गई है।

    नए नियम के तहत ऑटो का पहले 1.5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये और काली-पीली टैक्सी का 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो गया है। इसके बाद ऑटो का किराया 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर और टैक्सी का 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है।

    मीटर में चिप नहीं तो नया किराया कैसे लिया जा रहा है?

    मीटर रिकैलिब्रेशन पूरा होने तक चालकों को RTO की ओर से स्वीकृत संशोधित टैरिफ कार्ड के आधार पर नया किराया लेने की अनुमति है। यानी सिर्फ इसलिए कि इलेक्ट्रॉनिक मीटर में अभी पुरानी दर दिखाई दे रही है, यात्री को अनिवार्य रूप से पुराना किराया देना जरूरी नहीं है। संशोधित टैरिफ कार्ड मीटर अपडेट होने तक लागू रहेगा।

    यही व्यवस्था 30 नवंबर तक लागू रहेगी। इसके बाद वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक मीटरों में संशोधित दरें अपडेट होना जरूरी होगा।

    चिप की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

    नए किराए के लिए डिजिटल मीटर में संशोधित दरों वाली विशेष चिप लगानी पड़ती है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार चिप की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से रिकैलिब्रेशन की गति प्रभावित हो रही है। परिवहन विभाग ने मीटर कंपनियों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर चिप का उत्पादन और प्रोग्रामिंग शुरू की है, लेकिन अभी आपूर्ति जरूरत के मुताबिक नहीं पहुंच पाई है।

    रिकैलिब्रेशन की प्रक्रिया में अधिकृत केंद्र पर पुरानी सील हटाकर नई किराया दर वाली चिप लगाई जाती है। इसके बाद मीटर की जांच होती है और फिर RTO की मौजूदगी में सड़क पर टेस्ट किया जाता है। प्रक्रिया सही पाए जाने पर मीटर को सील कर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

    लाखों वाहनों के मीटर अपडेट करने की चुनौती

    MMR में ऑटो और काली-पीली टैक्सियों की संख्या लाखों में है। करीब 5 लाख ऑटो और 45 हजार काली-पीली टैक्सियों का उल्लेख है।

    इसके मुकाबले क्षेत्र में मीटर टेस्टिंग और रिकैलिब्रेशन के लिए करीब 15 से 20 अधिकृत केंद्र होने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों और सीमित केंद्रों के बीच 30 नवंबर की समय-सीमा पूरी करना परिवहन विभाग के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।

    एक वाहन का रिकैलिब्रेशन पूरा होने में लग सकते हैं 2-3 दिन

    रिकैलिब्रेशन सिर्फ चिप लगाने तक सीमित नहीं है। एक बार वाहन अधिकृत केंद्र पर पहुंचने के बाद पूरी प्रक्रिया में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसमें मीटर अपडेट, परीक्षण, RTO प्रक्रिया और सीलिंग शामिल है।

    यही वजह है कि चालकों के लिए केवल चिप की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि अधिकृत केंद्रों की क्षमता और वहां मिलने वाली तारीख भी महत्वपूर्ण हो गई है।

    रिकैलिब्रेशन शुल्क कितना है?

    परिवहन विभाग ने मीटर रिकैलिब्रेशन के लिए 700 रुपये प्रति वाहन की राशि तय किए जाने की जानकारी 6 सितंबर की रिपोर्ट में सामने आई थी। इसके साथ मीटर निर्माताओं और अधिकृत एजेंसियों को GST सहित रसीद जारी करने तथा वसूली का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    हालांकि 13 और 15 सितंबर की कुछ रिपोर्टों में 600 रुपये का शुल्क और उसका अलग-अलग मदों में ब्योरा दिया गया है। इसलिए चालकों को किसी भी अतिरिक्त राशि का भुगतान करने से पहले अधिकृत केंद्र पर प्रदर्शित सरकारी शुल्क सूची और कंप्यूटर जनरेटेड रसीद जरूर लेनी चाहिए। परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार केंद्रों पर CCTV निगरानी और मीटर की सील संख्या का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है।

    30 नवंबर के बाद क्या होगा?

    30 नवंबर 2026 तक मीटर रिकैलिब्रेशन पूरा करना है। इसके बाद बिना अपडेट वाले वाहनों पर विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है। RTO अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में 50 रुपये प्रतिदिन के संभावित दंड, अधिकतम 5,000 रुपये तक, का उल्लेख किया गया है।

    हालांकि यह राशि उपलब्ध रिपोर्टों में प्रस्तावित/संभावित दंड के रूप में सामने आई है। इसलिए अंतिम कार्रवाई और दंड की शर्तें संबंधित परिवहन विभाग के आदेश के अनुसार ही लागू होंगी।

    इस स्थिति में चालकों के सामने एक अहम सवाल यह भी है कि यदि कोई चालक समय रहते अधिकृत केंद्र पर पहुंचता है, लेकिन चिप उपलब्ध नहीं होने के कारण उसका मीटर अपडेट नहीं हो पाता, तो क्या उसे भी deadline के बाद दंड का सामना करना पड़ेगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इस स्थिति पर स्पष्ट छूट का उल्लेख नहीं है।

    यात्रियों के लिए नया किराया कितना?

    नई दरों के अनुसार:

    वाहनपहले 1.5 किमीउसके बाद
    ऑटो रिक्शा₹27₹18.22 प्रति किमी
    काली-पीली टैक्सी₹33₹21.90 प्रति किमी

    10 किलोमीटर की यात्रा का उदाहरण लें तो ऑटो का किराया करीब 182 रुपये और काली-पीली टैक्सी का करीब 219 रुपये बैठता है। पहले यही दूरी लगभग 171 रुपये और 207 रुपये थी।

    रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच 25 प्रतिशत अतिरिक्त किराया लागू है। संशोधित न्यूनतम दर के आधार पर यह ऑटो के लिए 33.75 रुपये और टैक्सी के लिए 41.25 रुपये के आसपास बैठता है।

    वसई और मीरा-भायंदर के चालकों को अलग सुविधा

    वसई और मीरा-भायंदर क्षेत्र में चलने वाले ऑटो और टैक्सी चालकों को ठाणे RTO के अंतर्गत आने वाले अधिकृत केंद्रों पर मीटर रिकैलिब्रेशन कराने की सुविधा दी गई है। अन्य क्षेत्रों के वाहनों को संबंधित RTO क्षेत्र के अधिकृत केंद्रों के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

    अब सबसे बड़ी चिंता 30 नवंबर की समय-सीमा

    नई दरें लागू हो चुकी हैं, लेकिन मीटरों को अपडेट करने वाली चिप की उपलब्धता और सीमित रिकैलिब्रेशन केंद्रों के कारण प्रक्रिया की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, चालकों के पास 30 नवंबर तक मीटर अपडेट कराने की समय-सीमा है और उसके बाद कार्रवाई तथा संभावित दैनिक दंड का प्रावधान बताया गया है।

    फिलहाल परिवहन विभाग के सामने दोहरी चुनौती है—चिप की आपूर्ति को पर्याप्त करना और उपलब्ध अधिकृत केंद्रों की क्षमता के जरिए बड़ी संख्या में वाहनों के मीटर समय पर अपडेट कराना। वहीं, यात्रियों के लिए इस अवधि में RTO-approved tariff card ही संशोधित किराए का प्रमुख आधार बना रहेगा।

  • मुंबई में तीन दशक पुराने दो मामलों के आरोपी गिरफ्तार, पुराने रिकॉर्ड से मिली लोकेशन

    मुंबई में तीन दशक पुराने दो मामलों के आरोपी गिरफ्तार, पुराने रिकॉर्ड से मिली लोकेशन

    मुंबई में 1995 और 1997 के अलग-अलग मामलों में वांछित दो आरोपी करीब तीन दशक बाद गिरफ्तार हुए। पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी सुरागों से तलाश की।

    मुंबई: करीब तीन दशक पुराने दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में वांछित दो आरोपियों को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कांदिवली पूर्व की समता नगर पुलिस ने 53 वर्षीय सुकेन शिवसागर विश्वकर्मा को कांदिवली ईस्ट से गिरफ्तार किया, जबकि मलाड पूर्व की दिंडोशी पुलिस ने 48 वर्षीय मोहम्मद मुस्तफा सैयद को बांद्रा ईस्ट के बेहरामपाड़ा इलाके से पकड़ा है। दोनों मामलों में आरोपी लंबे समय से पुलिस की तलाश में थे।

    1997 के अपहरण और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी

    समता नगर पुलिस के अनुसार, विश्वकर्मा के खिलाफ Crime No. 347/1997 दर्ज किया गया था। मामले में IPC की धारा 363, 366 और 376 के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस के अनुसार मामला नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा था।

    करीब 29 साल से लंबित इस मामले में पुलिस ने पुराने पते और परिचितों से जुड़ी जानकारी दोबारा जुटाई। स्थानीय पूछताछ और उपलब्ध तकनीकी सुरागों के आधार पर उसके कांदिवली ईस्ट के ठाकुर विलेज स्थित जीवाला पाड़ा में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे 3 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।

    1995 के मामले में बेहरामपाड़ा से आरोपी पकड़ा

    दिंडोशी पुलिस के अनुसार, मोहम्मद मुस्तफा सैयद के खिलाफ Crime No. 146/1995 में IPC की धारा 376(1) के तहत मामला दर्ज था। पुलिस के मुताबिक कथित अपराध के समय सैयद नाबालिग था। उसके खिलाफ डोंगरी स्थित Juvenile Court से search warrant जारी हुआ था।

    करीब 30 साल बाद उसके बेहरामपाड़ा में होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने इलाके में चार दिनों तक तलाश की। पुराने स्थानीय निवासियों, पड़ोसियों, दुकानदारों और अन्य लोगों से मिली जानकारी के साथ उपलब्ध रिकॉर्ड और मतदाता सूची का इस्तेमाल कर उसकी पहचान की गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर Juvenile Court के समक्ष पेश किया गया।

    पुराने मामलों में ऐसे पहुंची पुलिस

    दोनों मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दशकों बाद आरोपियों की मौजूदा पहचान और ठिकाना तलाशना था। इसके लिए पुराने पुलिस रिकॉर्ड और पते को वर्तमान स्थानीय जानकारी से जोड़ा गया। समता नगर मामले में तकनीकी जानकारी से मिले सुराग भी जांच का हिस्सा रहे, जबकि दिंडोशी पुलिस ने स्थानीय स्तर पर लगातार पूछताछ की।

    दोनों गिरफ्तारियों के बाद संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • कल्याण में 40 लाख की दिनदहाड़े लूट, व्यापारी को गिराकर कैश बैग ले गए 4 बदमाश

    कल्याण में 40 लाख की दिनदहाड़े लूट, व्यापारी को गिराकर कैश बैग ले गए 4 बदमाश

    कल्याण के आगरा रोड पर व्यापारी से 40 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट हुई। चार आरोपी बाइक से आए, हमला कर कैश बैग ले गए। CCTV से जांच जारी।

    ठाणे: कल्याण के आगरा रोड पर मंगलवार को दिनदहाड़े करीब 40 लाख रुपये की नकदी लूटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बैंक में रकम जमा करने जा रहे 62 वर्षीय व्यापारी फारूख अख्तर को दो बाइकों पर आए चार आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने उनकी दोपहिया गाड़ी को लात मारकर गिराया, मारपीट की और नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

    यह वारदात आगरा रोड स्थित शू मॉल के सामने हुई और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। घटना के बाद बाजारपेठ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की है। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है।

    बैंक में जमा करने जा रहे थे नकदी

    जानकारी के मुताबिक, फारूख अख्तर बिस्किट और सिगरेट का कारोबार करते हैं। वह अपने एक साथी के साथ वालधुनी इलाके से बैंक में नकदी जमा करने के लिए निकले थे। इसी दौरान आगरा रोड पर शू मॉल के सामने आरोपियों ने उनकी बाइक को निशाना बनाया।

    दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने व्यापारी की गाड़ी को लात मारी, जिससे वह सड़क पर गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और नकदी से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए।

    अपराध में इस्तेमाल की गई दोनों बाइकों को Suzuki Burgman और Splendor बताया गया है। दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने की जानकारी भी सामने आई है।

    CCTV में कैद हुई वारदात

    लूट की पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। अब पुलिस इन फुटेज के जरिए आरोपियों के हुलिए, उनकी गतिविधियों और वारदात के बाद भागने के रास्ते की जानकारी जुटा रही है।

    जांच का एक अहम हिस्सा आसपास लगे दूसरे CCTV कैमरों की फुटेज को जोड़ना भी है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी वारदात के बाद किस दिशा में गए और क्या उन्होंने भागने के लिए पहले से कोई रास्ता तय किया था।

    क्या आरोपियों ने पहले से की थी रेकी?

    इस वारदात में सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपियों को व्यापारी के पास बड़ी मात्रा में नकदी होने की जानकारी कैसे मिली।

    फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि व्यापारी की पहले से रेकी की गई थी। हालांकि, बैंक में रकम जमा करने के लिए जाते समय व्यापारी को सीधे निशाना बनाए जाने के कारण पुलिस की जांच में यह पहलू महत्वपूर्ण हो सकता है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    चार पुलिस टीमें जांच में जुटीं

    वारदात की सूचना मिलते ही बाजारपेठ पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। आरोपियों की तलाश के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं। CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस की जांच में अब यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि बिना नंबर प्लेट वाली बाइकों का इस्तेमाल कहां से हुआ और आरोपी वारदात के बाद किस रास्ते से निकले।

    त्योहार से पहले बड़ी नकदी की लूट ने बढ़ाई चिंता

    कल्याण के व्यस्त आगरा रोड जैसे इलाके में दिनदहाड़े करीब 40 लाख रुपये की लूट ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर बड़ी रकम लेकर बैंक जाने वाले कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब गणेशोत्सव को देखते हुए कल्याण में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए रूट मार्च भी किया था। ऐसे में व्यस्त कारोबारी इलाके में हुई इस वारदात के बाद पुलिस की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लोगों की नजर रहेगी।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और रकम की बरामदगी का इंतजार

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी या करीब 40 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस CCTV और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    अब जांच में सबसे अहम सवाल यही हैं कि चारों आरोपी कौन हैं, उन्हें नकदी की जानकारी कैसे मिली, वारदात के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए और क्या पूरी रकम बरामद हो पाती है। पुलिस की अगली कार्रवाई से इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • मालवणी में 263 ग्राम हेरोइन जब्त, ₹78.90 लाख का माल; नालासोपारा से हरिद्वार तक जुड़ा कनेक्शन

    मालवणी में 263 ग्राम हेरोइन जब्त, ₹78.90 लाख का माल; नालासोपारा से हरिद्वार तक जुड़ा कनेक्शन

    मालवणी पुलिस ने 263 ग्राम हेरोइन जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में नालासोपारा से हरिद्वार तक सप्लाई कनेक्शन सामने आया है।

    मुंबई: मलाड पश्चिम के मालवणी इलाके में हेरोइन तस्करी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 263 ग्राम हेरोइन जब्त की है। पुलिस की जानकारी के अनुसार, जब्त हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत ₹78.90 लाख है। इस कार्रवाई में 19 वर्षीय एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में हेरोइन के स्रोत का कनेक्शन नालासोपारा से हरिद्वार, उत्तराखंड तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

    यह कार्रवाई 14 अगस्त 2026 को मालवणी के शांति वेलफेयर सोसायटी, लक्ष्मी नगर, अली तालाब रोड, खारोडी इलाके से शुरू हुए मामले की जांच के दौरान सामने आई।

    4.90 ग्राम हेरोइन के साथ पहली गिरफ्तारी

    पुलिस की जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त की रात करीब 8 बजे मालवणी पुलिस को शांति वेलफेयर सोसायटी परिसर में एक 34 वर्षीय व्यक्ति के पास हेरोइन होने की जानकारी मिली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 4.90 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख बताई गई है।

    पुलिस ने इस मामले में मालवणी पुलिस थाने में गु.र.क्र. 1361/2026 दर्ज कर NDPS Act की धारा 8(c) के साथ 21(a) के तहत कार्रवाई की।

    जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी से पुलिस को पता चला कि यह हेरोइन नालासोपारा से लाई गई थी।

    नालासोपारा में 263 ग्राम हेरोइन तक पहुंची जांच

    इसके बाद आरोपी से मिली जानकारी और गुप्त सूचना के आधार पर मालवणी पुलिस ने नालासोपारा पश्चिम के वाघेश्वरी इलाके में स्थित गोल्डन अपार्टमेंट में कार्रवाई की।

    पुलिस की जानकारी के अनुसार, यहां उत्तर प्रदेश के रहने वाले 19 वर्षीय एक युवक के कब्जे से 263 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत ₹78.90 लाख बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर इसी मामले की जांच में शामिल किया गया है।

    यानी शुरुआती 4.90 ग्राम की बरामदगी से शुरू हुई जांच आगे बढ़कर 263 ग्राम के बड़े स्टॉक तक पहुंची।

    263 ग्राम हेरोइन को Commercial Quantity क्यों माना जाता है?

    हेरोइन के लिए अधिसूचित मात्रा के अनुसार 250 ग्राम Commercial Quantity की सीमा है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की उपलब्ध जानकारी में हेरोइन के लिए Small Quantity 5 ग्राम और Commercial Quantity 250 ग्राम निर्धारित है।

    इस मामले में बरामद 263 ग्राम हेरोइन, 250 ग्राम की Commercial Quantity सीमा से 13 ग्राम अधिक है।

    NDPS Act की धारा 21(c) में Commercial Quantity से संबंधित मामलों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। हालांकि, इस मामले में संबंधित आरोपी के खिलाफ अंतिम रूप से कौन-कौन सी धाराएं लागू की गई हैं, इसकी पुष्टि आगे की केस रिकॉर्ड और जांच से होगी।

    हरिद्वार तक पहुंचा सप्लाई का धागा

    पुलिस की जांच में गिरफ्तार 19 वर्षीय आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने यह हेरोइन हरिद्वार जिले के सिगरोड गांव, उत्तराखंड निवासी एक वांछित आरोपी से प्राप्त की थी।

    इस जानकारी के आधार पर अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उस कथित सप्लायर तक पहुंचने और हेरोइन की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने पर केंद्रित हो सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और माल की अंतिम सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।

    मामले की आगे की जांच जारी है।

    नालासोपारा में हाल की ड्रग्स कार्रवाई भी चर्चा में

    इस मामले में नालासोपारा का नाम ऐसे समय सामने आया है जब हाल के दिनों में इस इलाके से जुड़े कई ड्रग्स मामलों में पुलिस कार्रवाई हुई है। 16 अगस्त को नालासोपारा पूर्व में एक कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 73 ग्राम कोकीन जब्त कर एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

    सितंबर में सामने आए एक अन्य बड़े मामले में नालासोपारा से शुरू हुई जांच कथित मेफेड्रोन नेटवर्क तक पहुंची थी। उस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में ड्रग्स और उससे जुड़े सामान की बरामदगी की जानकारी दी गई थी।

    हालांकि, इन अलग-अलग मामलों को मालवणी के 263 ग्राम हेरोइन मामले से जोड़ने वाली कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए दोनों घटनाओं को अलग-अलग मामलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    मालवणी पुलिस की पूरी टीम ने की कार्रवाई

    यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त, उत्तर परिमंडल-02 संदिप घुगे, सहायक पुलिस आयुक्त, मालवणी विभाग महेशकुमार ठाकुर और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रानी लक्ष्मण पुरी के मार्गदर्शन में की गई।

    कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक मीना मरे, पुलिस उपनिरीक्षक प्रदिप लोंढे, पुलिस हेड कांस्टेबल 040193 रब्बिल शेख, पुलिस कांस्टेबल 140053 साजिद शेख, 140085 मुदस्सर देसाई, 141568 कालिदास खुडे, 142613 दत्तात्रय गावडे, 140660 सुमित सोरटे और तकनीकी सहायता के लिए पुलिस कांस्टेबल 100014 आदित्य राणे शामिल रहे।

    अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल क्या है?

    263 ग्राम हेरोइन की बरामदगी के बाद जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस को कथित सप्लायर तक पहुंचने के साथ-साथ हेरोइन कहां से लाई गई, किसके लिए लाई गई थी, इसके पीछे और कौन लोग हैं और माल की सप्लाई के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया गया, जैसे पहलुओं की जांच करनी होगी।

    मालवणी पुलिस की जानकारी के अनुसार, इस मामले में हरिद्वार के सिगरोड गांव से जुड़े कथित वांछित आरोपी का पता लगाने और पूरी सप्लाई श्रृंखला की जानकारी हासिल करने की दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।

    मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के आधार पर ही कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

  • Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की। जानें 11:02 AM Muhurat, Mumbai Puja Timing और Visarjan की तारीख।

    नई दिल्ली: Ganesh Chaturthi 2026 के मौके पर भारत में Singapore के High Commissioner Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी करते हुए सभी के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। Wong ने 14 सितंबर को साझा किए गए संदेश में बताया कि वह 11:02 AM पर Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे, जब Madhyahna Puja Muhurat शुरू हो रहा था। उन्होंने लोगों को Happy Ganesh Chaturthi की शुभकामनाएं भी दीं।

    Simon Wong ने Ganesh Chaturthi पर क्या कहा?

    Simon Wong ने Ganapati Sthapana से पहले अपने संदेश में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि वह निर्धारित Madhyahna Puja Muhurat के दौरान Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे।

    उनका यह संदेश ऐसे समय आया जब Ganesh Chaturthi 2026 के अवसर पर भारत के अलग-अलग हिस्सों में घरों, मंदिरों और सार्वजनिक गणेश मंडलों में भगवान गणेश की स्थापना की जा रही है।

    Simon Wong का Ganesh Chaturthi संदेश इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि उन्होंने केवल festival greetings साझा नहीं किए, बल्कि स्वयं Ganapati Sthapana की तैयारी का उल्लेख किया।

    11:02 AM का Ganesh Puja Muhurat क्या है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के लिए Chaturthi Tithi 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। गणेश पूजा और Ganpati Sthapana के लिए Madhyahna period को महत्वपूर्ण माना जाता है।

    New Delhi में Ganesh Chaturthi 2026 का Madhyahna Puja Muhurat 11:02 AM से 1:31 PM तक है। Simon Wong ने अपनी पोस्ट में इसी 11:02 AM समय का उल्लेख किया था।

    हालांकि, यह पूरे भारत के लिए एक समान समय नहीं है। स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में Ganesh Puja Timing में अंतर है। Mumbai में Madhyahna Ganesh Puja Muhurat 11:20 AM से 1:48 PM तक है।

    Ganesh Chaturthi 2026: आज क्या खास है?

    Ganesh Chaturthi इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। यह दिन भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के साथ Ganeshotsav की शुरुआत का प्रमुख अवसर है।

    देशभर में भक्त भगवान गणेश की पूजा कर रहे हैं और कई स्थानों पर सार्वजनिक गणेश मंडलों में बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। Mumbai में Ganeshotsav का असर सार्वजनिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

    Mumbai में Ganesh Chaturthi का क्या असर है?

    Mumbai में Ganesh Chaturthi के कारण 14 सितंबर को स्कूल और कॉलेज बंद हैं। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी holiday है और financial markets भी बंद हैं।

    शहर में गणेश मंडलों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण कई इलाकों में भीड़ और traffic movement में बदलाव देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक जुलूसों और बड़े आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है।

    Mumbai Police ने Ganeshotsav के दौरान सुरक्षा और crowd management के लिए 16,000 से अधिक personnel तैनात किए हैं। इसमें सात Additional Commissioners of Police, 37 DCPs और 52 ACPs शामिल हैं। बड़े गणेश मंडलों, भीड़ वाले क्षेत्रों और processions पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    Mumbai में Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

    Ganesh Chaturthi के पहले दिन Mumbai के प्रमुख गणेश मंडलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।

    Ganeshotsav के दौरान Mumbai में धार्मिक आयोजनों के साथ राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में शहर में सुरक्षा और crowd management प्रशासन के लिए प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है।

    Ganesh Visarjan 2026 कब होगा?

    Ganesh Chaturthi के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन परिवारों और गणेश मंडलों की परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में किया जाता है। कुछ परिवार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद विसर्जन करते हैं।

    Anant Chaturdashi 25 सितंबर 2026 को है और यह Ganesh Visarjan का प्रमुख दिन माना जाता है। इस दिन Mumbai समेत कई जगहों पर बड़े पैमाने पर विसर्जन जुलूस निकलेंगे।

    Singapore में भी Ganesh Chaturthi से जुड़े आयोजन

    भारत में Singapore के High Commissioner के तौर पर Simon Wong का Ganapati Sthapana में शामिल होना भारत में उनके सार्वजनिक cultural engagement का एक उदाहरण है। वहीं Singapore में भी Hindu organisations द्वारा Ganesh Chaturthi से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    हालांकि, Simon Wong के इस संदेश को किसी नए India-Singapore agreement या policy announcement के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से Ganesh Chaturthi के अवसर पर उनकी व्यक्तिगत और सांस्कृतिक सहभागिता तथा शुभकामना का सार्वजनिक संदेश है।

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Simon Wong का संदेश क्यों चर्चा में है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के पहले दिन Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी और Madhyahna Puja Muhurat का उल्लेख करते हुए शांति और समृद्धि की कामना की। उनका 11:02 AM वाला उल्लेख New Delhi के स्थानीय पूजा समय से जुड़ा है, जबकि Mumbai समेत दूसरे शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय अलग है।

    इस तरह Singapore Envoy की Ganapati Sthapana से जुड़ी यह पोस्ट जहां festival की सांस्कृतिक पहुंच को दिखाती है, वहीं Ganesh Chaturthi 2026 की date, Puja Timing और आगामी Visarjan को लेकर लोगों की जानकारी की जरूरत भी सामने आती है।

  • नोएडा का ₹10 हजार का इनामी बदमाश मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार, दो साल से था फरार

    नोएडा का ₹10 हजार का इनामी बदमाश मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार, दो साल से था फरार

    नोएडा का ₹10 हजार का इनामी बदमाश फिरोज अहमद मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार हुआ। वह दो साल से फरार था और डेंटिंग का काम कर रहा था।

    मुंबई: नोएडा से गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित और ₹10 हजार का इनामी बदमाश फिरोज अहमद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने उसे मुंबई के कुर्ला स्थित हनुमान नगर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, फिरोज करीब दो साल से फरार था और मुंबई में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

    मुंबई में उसने अपराध की दुनिया से दूरी बनाए रखने का दिखावा करते हुए एक दुकान पर डेंटिंग का काम शुरू कर दिया था। वह अपने भाई के घर के पास किराये के कमरे में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले गई है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।

    मोबाइल और सर्विलांस से मिला मुंबई का सुराग

    पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि दो साल से फरार फिरोज आखिर कहां छिपा है। पुलिस के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार उसके परिचित के मोबाइल से मिले इनपुट ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया।

    इसके बाद पुलिस टीम ने मुंबई में उसकी लोकेशन को ट्रेस किया और कुर्ला के हनुमान नगर तक पहुंची। यहां फिरोज को गिरफ्तार कर लिया गया। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि उसने किसी दूसरे नाम से दस्तावेज बनवाए थे या केवल अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था।

    पहले झुग्गी में रहा, फिर किराये के कमरे में शिफ्ट हुआ

    पुलिस के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद फिरोज शुरुआत में झुग्गी में रह रहा था। करीब डेढ़ साल पहले उसने वह झुग्गी बेच दी और किराये के कमरे में रहने लगा। उसका परिवार नोएडा के बसई गांव में ही रह रहा था।

    फिरोज अनपढ़ बताया गया है और मुंबई में वह डेंटिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, लंबे समय तक मुंबई में रहने के बावजूद वह नोएडा पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

    2024 में मुठभेड़ के बाद सामने आया था नाम

    फिरोज का नाम फरवरी 2024 में नोएडा के फेज-3 थाना पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, फिरोज अपने साथी आशीष और अन्य आरोपियों के साथ ऐसे गिरोह से जुड़ा था, जिस पर वाहन चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं के आरोप थे।

    पुलिस ने उस समय आशीष और फिरोज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान चोरी के वाहन और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य कुछ ही मिनटों में चार पहिया वाहन चोरी कर लेते थे और GPS डिवाइस मिलने पर उसे भी निकाल देते थे।

    आशीष को गिरोह का सरगना बताया गया था, जबकि फिरोज उसके सक्रिय सदस्यों में शामिल था।

    गैंगस्टर एक्ट के बाद हो गया था फरार

    पुलिस के अनुसार, फेज-3 थाना क्षेत्र में 2024 में गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद फिरोज फरार हो गया और मुंबई आ गया। उसके खिलाफ फेज-3 थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

    फरारी के दौरान उस पर ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।

    अब पुराने मामलों को लेकर होगी पूछताछ

    मुंबई से गिरफ्तारी के बाद अब नोएडा पुलिस फिरोज से उसके पुराने आपराधिक मामलों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार रहने के दौरान उसके संपर्क किन लोगों से रहे और मुंबई में उसके ठिकाने तक पहुंचने में किस नेटवर्क ने मदद की।

    पुलिस के सामने यह भी अहम पहलू रहेगा कि करीब दो साल तक मुंबई में रहने के दौरान फिरोज की गतिविधियां क्या थीं और क्या इस अवधि में वह किसी अन्य आपराधिक मामले से जुड़ा था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मुंबई में उसके खिलाफ किसी नए अपराध की पुष्टि नहीं हुई है।

    ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे नोएडा ले जाया जाएगा, जहां पुलिस पुराने मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

  • 3383 करोड़ की संपत्ति वाले BJP विधायक पराग शाह भिखारी बनकर क्यों घूमे? वायरल वीडियो की वजह सामने आई

    3383 करोड़ की संपत्ति वाले BJP विधायक पराग शाह भिखारी बनकर क्यों घूमे? वायरल वीडियो की वजह सामने आई

    BJP विधायक पराग शाह का भिखारी के वेश में मुंबई की सड़कों पर घूमने का वीडियो वायरल है। जानिए 3383 करोड़ की संपत्ति वाले विधायक ने ऐसा क्यों किया।

    मुंबई: घाटकोपर पूर्व से भाजपा विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भिखारी के वेश में सड़क किनारे बैठे और लोगों से भीख मांगते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक पराग शाह ने 3,383.06 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की थी।

    ऐसे में लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतने संपन्न विधायक ने भिखारी का रूप क्यों अपनाया?

    जैन धर्मगुरु की सलाह पर लिया भिखारी का रूप

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पराग शाह ने यह अनुभव जैन धर्मगुरु नम्रमुनि महाराज के सुझाव पर लिया। जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान उन्हें एक दिन भिखारी की तरह जीवन जीकर आम लोगों की परिस्थितियों को करीब से समझने की सलाह दी गई थी।

    इसके बाद शाह ने अपनी सामान्य पहचान, सुरक्षा और सुविधाओं से दूर रहकर एक दिन भिखारी के रूप में बिताया।

    घाटकोपर की सड़कों पर किसी ने नहीं पहचाना

    वीडियो में पराग शाह मेकअप और भिखारी के वेश में घाटकोपर के इलाके में घूमते और सड़क किनारे बैठे दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ मौजूद सामान्य पहचान और सुविधाएं नहीं थीं, जिसके कारण आसपास के लोग उन्हें पहचान नहीं सके।

    उन्होंने लोगों से भीख मांगी और सड़क किनारे भोजन किया। इस अनुभव का उद्देश्य कथित तौर पर यह समझना था कि सड़क पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

    मेकअप हटाकर उसी जगह लोगों से मिले

    इस प्रयोग का एक और हिस्सा वीडियो में दिखाई देता है। भिखारी के वेश में समय बिताने के बाद पराग शाह ने अपना मेकअप हटाया और फिर उन्हीं इलाकों में अपनी वास्तविक पहचान के साथ पहुंचे।

    इस तरह उन्होंने यह देखने की कोशिश की कि लोग उन्हें सामान्य रूप से कैसे देखते हैं और भिखारी के रूप में रहने के दौरान उनके प्रति लोगों का व्यवहार कैसा था।

    2024 के हलफनामे में घोषित की थी 3383 करोड़ की संपत्ति

    पराग शाह की संपत्ति का आंकड़ा इस वायरल वीडियो को और चर्चा में ला रहा है। 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने 33,83,06,20,898 रुपये यानी करीब 3,383 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की थी। इनमें करीब 3,315.52 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 67.53 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी।

    एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के विश्लेषण में भी पराग शाह को 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सबसे अधिक संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवारों में शीर्ष पर रखा गया था।

    2019 के चुनावी हलफनामे में उनकी घोषित संपत्ति करीब 500.62 करोड़ रुपये थी। 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3,383 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

    रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं पराग शाह

    पराग शाह पेशे से कारोबारी और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। 2024 के चुनावी रिकॉर्ड में उनका पेशा बिजनेस दर्ज है। वह घाटकोपर पूर्व से भाजपा के विधायक हैं और 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यह सीट दोबारा जीती थी।

    भिखारी के वेश में मुंबई की सड़कों पर घूमने का उनका वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पूरे प्रयोग के जरिए उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और सड़क पर जीवन बिताने वाले लोगों की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने की कोशिश की।

  • दिशा सालियान केस में CBI ने दर्ज की FIR, आदित्य ठाकरे समेत 24 नाम जांच के घेरे में; हत्या, गैंगरेप और कथित कवर-अप की धाराओं में जांच

    दिशा सालियान केस में CBI ने दर्ज की FIR, आदित्य ठाकरे समेत 24 नाम जांच के घेरे में; हत्या, गैंगरेप और कथित कवर-अप की धाराओं में जांच

    दिशा सालियान केस में CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, रिया चक्रवर्ती समेत 24 नामों और पुलिस-FSL अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी।

    मुंबई: दिशा सालियान की मौत के मामले में करीब छह साल बाद बड़ा कानूनी मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने 14 सितंबर 2026 को FIR दर्ज कर मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2026 के आदेश के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई में हत्या, गैंगरेप, आपराधिक साजिश और कथित तौर पर सबूत दबाने, नष्ट करने या मामले को आत्महत्या का रूप देने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।

    इस FIR की सबसे बड़ी बात यह है कि जांच का दायरा सिर्फ बॉलीवुड से जुड़े कुछ नामों तक सीमित नहीं है। इसमें आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रोहन रॉय के साथ पुलिस अधिकारियों, पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टरों, फोरेंसिक अधिकारियों और मालवणी पुलिस से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।

    CBI FIR में किन-किन लोगों के नाम?

    दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की शिकायत और बाद में CBI के सामने दर्ज बयान के आधार पर सामने आई जानकारी में निम्न नाम और पदों का उल्लेख किया गया है:

    1. आदित्य ठाकरे
    2. रोहन रॉय
    3. डिनो मोरिया
    4. सूरज पंचोली
    5. आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड
    6. रिया चक्रवर्ती
    7. शोविक चक्रवर्ती
    8. सचिन वाजे
    9. परमबीर सिंह
    10. DCP विशाल ठाकुर
    11. उद्धव ठाकरे
    12. अनिल देशमुख
    13. API अशोक देवाड़े
    14. PI जगदेव कलापड़
    15. PI शैलेंद्र नगरकर
    16. PI चिमाजी आढाव
    17. PI अर्जुन राजाने
    18. मालवणी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारी
    19. देरी से पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ
    20. डॉ. संजय जाधव
    21. कालिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के संबंधित अधिकारी
    22. N.P. भाले, Assistant Chemical Analyser
    23. तत्कालीन संबंधित PI
    24. अन्य पुलिस अधिकारी

    इस तरह CBI की जांच का दायरा कथित घटना में मौजूद लोगों से लेकर उस समय की पुलिस जांच और फोरेंसिक प्रक्रिया तक पहुंचता है।

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    FIR में हत्या, गैंगरेप और कथित साजिश की जांच

    CBI FIR में मुख्य आपराधिक आरोपों के साथ criminal conspiracy, कथित तौर पर आत्महत्या की झूठी कहानी तैयार करने और उसे आगे बढ़ाने तथा सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें हेरफेर किए जाने के पहलुओं की जांच का उल्लेख है। FIR में सरकारी अधिकारियों और पुलिस मशीनरी की भूमिका से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।

    दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की मौत को जिस तरह पेश किया गया, उसमें गंभीर सवाल हैं। परिवार की ओर से हत्या और गैंगरेप के आरोप भी लगाए गए हैं। CBI अब इन आरोपों के पीछे उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करेगी।

    आदित्य ठाकरे से लेकर रिया चक्रवर्ती तक नाम क्यों महत्वपूर्ण?

    इस मामले में आदित्य ठाकरे का नाम सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। FIR में उनके साथ उनके बॉडीगार्ड्स का भी उल्लेख है।

    इसके अलावा रोहन रॉय की भूमिका जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि दिशा जिस फ्लैट में मौजूद थीं, वह रोहन रॉय से जुड़ा था।

    डिनो मोरिया और सूरज पंचोली के नाम भी शिकायत और जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। इसी तरह रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती के नाम भी FIR में जांच के दायरे में बताए गए हैं।

    दिशा के पिता की ओर से CBI को दिए गए बयान में इन नामों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई थी।

    सचिन वाजे, परमबीर सिंह और DCP विशाल ठाकुर की भूमिका की भी जांच

    FIR का दूसरा बड़ा हिस्सा पुलिस और प्रशासनिक भूमिका से जुड़ा है।

    सचिन वाजे, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह और DCP विशाल ठाकुर के साथ तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच का उल्लेख है।

    इसके साथ ही API अशोक देवाड़े, PI जगदेव कलापड़, PI शैलेंद्र नगरकर, PI चिमाजी आधव और PI अर्जुन राजाने के नाम भी सामने आए हैं।

    मालवणी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन संबंधित PI की भूमिका भी जांच का हिस्सा है।

    यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दिशा की मौत के बाद शुरुआती जांच मालवणी पुलिस ने की थी और बाद में मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए।

    पोस्टमार्टम और FSL अधिकारियों की भूमिका भी जांच में

    CBI ने केवल पुलिस कार्रवाई तक जांच सीमित नहीं रखी है। देरी से पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ तथा डॉ. संजय जाधव की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    इसी तरह कालिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के संबंधित अधिकारियों और N.P. भाले, Assistant Chemical Analyser का नाम भी जांच से जुड़ा बताया गया है।

    इसका मतलब है कि CBI अब मेडिकल और फोरेंसिक रिकॉर्ड की भी दोबारा जांच करेगी और यह देखेगी कि घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार होने तक पूरी प्रक्रिया में क्या हुआ था।

    हाईकोर्ट ने पहले की जांच में उठाए थे गंभीर सवाल

    CBI जांच की पृष्ठभूमि में बॉम्बे हाईकोर्ट का 2 सितंबर 2026 का आदेश बेहद महत्वपूर्ण है। अदालत ने पुरानी जांच में कई ऐसी विसंगतियों का उल्लेख किया था जिनके कारण मामले की स्वतंत्र जांच की जरूरत महसूस हुई।

    इनमें स्पॉट पंचनामा तैयार करने में देरी, पुलिस की घटनास्थल पर मौजूदगी की टाइमलाइन, ADR दर्ज करने के समय से जुड़े सवाल, CCTV रिकॉर्ड, घटनास्थल से खून के नमूने का मुद्दा, पोस्टमार्टम में दर्ज चोटें, कमरे के दरवाजे को लेकर विरोधाभास, FSL और मेडिकल रिकॉर्ड में अंतर तथा मोबाइल और लैपटॉप की जांच में हुई देरी शामिल थीं।

    हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि करीब छह साल तक चली जांच ने कई सवालों का समाधान करने के बजाय और सवाल खड़े किए। इसी कारण CBI को मामले की स्वतंत्र जांच सौंपने का आदेश दिया गया।

    पहले पुलिस और SIT का क्या निष्कर्ष था?

    दिशा सालियान की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले को ADR के तौर पर दर्ज किया था। बाद की पुलिस जांच और SIT की जांच में मौत को आत्महत्या की दिशा में देखा गया और पुलिस ने foul play के पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।

    SIT ने भी पुराने रिकॉर्ड, CCTV, कॉल डिटेल और गवाहों से जुड़ी जानकारी की दोबारा समीक्षा की थी। उसकी रिपोर्ट भी आत्महत्या के पहले के निष्कर्ष से अलग नहीं गई थी।

    अब CBI उसी जांच रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, CCTV फुटेज, डिजिटल सामग्री, फोरेंसिक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की स्वतंत्र तरीके से जांच करेगी।

    दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कनेक्शन

    दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी और सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को। दोनों घटनाओं के बीच छह दिन का अंतर होने के कारण दोनों मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

    दिशा के मामले में आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रोहन रॉय और अन्य नामों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।

    अब CBI की जांच में यदि दोनों घटनाओं के बीच कोई प्रमाणित आपराधिक कड़ी सामने आती है तो एजेंसी उस दिशा में भी जांच आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल दोनों मामलों की जांच अलग-अलग रही है।

    अब CBI की जांच में क्या होगा?

    CBI अब पूरे मामले की घटनाक्रम के स्तर पर जांच करेगी। इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि 8 जून 2020 की रात क्या हुआ, दिशा किन लोगों के संपर्क में थीं, घटनास्थल पर कौन मौजूद था, CCTV और डिजिटल रिकॉर्ड क्या बताते हैं और पहले की पुलिस जांच में सामने आए विरोधाभासों की वास्तविक वजह क्या थी।

    इसके साथ ही एजेंसी:

    • हत्या के आरोपों की जांच करेगी
    • गैंगरेप के आरोपों की जांच करेगी
    • कथित आपराधिक साजिश की जांच करेगी
    • कथित कवर-अप और सबूत दबाने के आरोपों की जांच करेगी
    • पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई की जांच करेगी
    • पोस्टमार्टम और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करेगी
    • FSL और Chemical Analysis से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी
    • CCTV, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल सामग्री की दोबारा जांच करेगी
    • FIR में नामित सभी व्यक्तियों की भूमिका को उपलब्ध सबूतों के आधार पर परखेगी

    अब छह साल पुराने केस में सामने आएगा असली घटनाक्रम?

    दिशा सालियान केस में CBI की FIR ने छह साल पुराने मामले को फिर से जांच के केंद्र में ला दिया है। इस बार जांच का दायरा केवल दिशा की मौत के कारण तक सीमित नहीं है, बल्कि घटना, कथित हत्या और गैंगरेप, आपराधिक साजिश, पुलिस जांच, पोस्टमार्टम, फोरेंसिक प्रक्रिया और कथित कवर-अप तक फैला हुआ है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FIR में आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, API अशोक देवाड़े, PI जगदेव कलापड़, PI शैलेंद्र नगरकर, PI चिमाजी आढाव, PI अर्जुन राजाने, डॉ. संजय जाधव, N.P. भाले और संबंधित पुलिस, मेडिकल, FSL व सुरक्षा अधिकारियों समेत पूरी जांच प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है।

    अब CBI की जांच यह तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में से किन आरोपों को उपलब्ध साक्ष्य समर्थन देते हैं और 8 जून 2020 की रात दिशा सालियान के साथ वास्तव में क्या हुआ था।

  • Vimal Elaichi विवाद: 14 सितंबर को Delhi HC तय करेगा केस की सुनवाई का अधिकार

    Vimal Elaichi विवाद: 14 सितंबर को Delhi HC तय करेगा केस की सुनवाई का अधिकार

    Vimal Elaichi विवाद में Delhi HC 14 सितंबर को तय करेगा कि महाराष्ट्र FDA के नोटिस पर PB Agro की याचिका दिल्ली में सुनी जाएगी या नहीं।

    नई दिल्ली: Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट का अहम आदेश आने वाला है। कोर्ट यह तय करेगा कि महाराष्ट्र FDA की ओर से Shah Rukh Khan, Ajay Devgn और Tiger Shroff को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती देने वाली PB Agro LLP की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर सकता है या नहीं। फिलहाल मामला विज्ञापन की वैधता के अंतिम फैसले तक नहीं पहुंचा है; 7 सितंबर को कोर्ट ने territorial jurisdiction के मुद्दे पर सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रखा था।

    14 सितंबर को कोर्ट के सामने क्या सवाल है?

    इस मामले में तत्काल सवाल यह नहीं है कि Vimal Elaichi का विज्ञापन वास्तव में surrogate advertising है या नहीं। सबसे पहले यह तय होना है कि महाराष्ट्र FDA के खिलाफ दायर PB Agro की याचिका को Delhi High Court सुन सकता है या नहीं।

    PB Agro ने अदालत में महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई को चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि FDA ने उसके ब्रांड एंबेसडरों को नोटिस जारी किया, जबकि कंपनी स्वयं इस कार्रवाई से सीधे प्रभावित है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कंपनी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और विज्ञापन अभियान लागू कानूनों के अनुरूप है।

    दूसरी ओर, महाराष्ट्र से जुड़े regulatory action को लेकर jurisdiction पर आपत्ति उठाई गई है। इसलिए 14 सितंबर का आदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि इस कानूनी विवाद की अगली सुनवाई दिल्ली में होगी या कंपनी को किसी अन्य उपयुक्त forum का रुख करना पड़ सकता है।

    Maharashtra FDA ने Shah Rukh Khan, Ajay Devgn और Tiger Shroff को नोटिस क्यों दिया?

    महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त 2026 को तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन से जुड़े शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। FDA की आपत्ति यह है कि भले ही विज्ञापन Elaichi उत्पाद का दिखाई देता हो, लेकिन उसके जरिए Vimal brand की ऐसी promotion हो सकती है जो प्रतिबंधित Pan Masala product की indirect या surrogate promotion का माध्यम बनती हो।

    FDA ने जिस regulatory background का हवाला दिया है, उसमें महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से लागू prohibition order भी शामिल है। इस आदेश के तहत राज्य में प्रतिबंधित tobacco और nicotine-containing products के manufacture, storage, transportation, distribution और sale पर रोक लागू की गई है। FDA ने Vimal brand के advertisement को इसी broader regulatory framework में देखा है।

    आप को बता दें, कि surrogate advertising का आरोप अभी अदालत की ओर से साबित किया गया तथ्य नहीं है। यह महाराष्ट्र FDA की regulatory आपत्ति है, जिस पर आगे कानूनी प्रक्रिया होनी है।

    Ajay Devgn और Tiger Shroff ने FDA को जवाब दिया, Shah Rukh Khan की स्थिति क्या है?

    मामले में एक अहम ताजा घटनाक्रम यह भी है कि Ajay Devgn और Tiger Shroff ने महाराष्ट्र FDA को अपने जवाब सौंप दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार FDA को दोनों के responses मिल चुके हैं, जबकि Shah Rukh Khan का जवाब अभी लंबित बताया गया था।

    हालांकि, इन दोनों अभिनेताओं के जवाबों की पूरी substantive सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इन जवाबों के हवाले से ये पता नहीं है कि उन्होंने FDA के आरोपों को स्वीकार किया है या खारिज किया है।

    PB Agro का क्या कहना है?

    PB Agro LLP, जो Vimal Elaichi से जुड़ा master licensee बताया गया है, ने Delhi High Court में कहा है कि वह Elaichi जैसे non-tobacco product के promotion के लिए प्रमुख अभिनेताओं की सेवाएं लेता है और उसके advertising campaigns लागू कानूनों का पालन करते हैं। कंपनी ने FDA की कार्रवाई पर कई कानूनी आपत्तियां उठाई हैं।

    कंपनी की याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि regulatory action का सीधा असर कंपनी के commercial campaign पर पड़ रहा है, तो केवल celebrities को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कितनी उचित है और कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।

    क्या Vimal Elaichi पर पहले भी कानूनी विवाद हुआ है?

    यह विवाद पूरी तरह नया नहीं है। जनवरी 2024 में भी Delhi High Court के सामने Vimal Elaichi से जुड़े surrogate advertising का मामला आया था। उस मामले में DGHS ने 2018 में जारी किए गए शो-कॉज नोटिस के खिलाफ कंपनियों को मिली stay को चुनौती दी थी। Delhi High Court ने trial court की stay को बरकरार रखा था।

    उस मामले में अदालत ने यह भी कहा था कि किसी brand name का इस्तेमाल Elaichi या Pan Masala जैसे उत्पादों के प्रचार में करना प्रतिबंधित tobacco या gutka की indirect या surrogate advertising है या नहीं, यह evidence का विषय हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं था कि अदालत ने Vimal Elaichi को surrogate advertising से अंतिम तौर पर clean chit दे दी थी।

    यही पुराना legal background मौजूदा विवाद को और महत्वपूर्ण बनाता है।

    यह मामला celebrities के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

    मौजूदा विवाद का असर केवल Vimal brand या इन तीन अभिनेताओं तक सीमित नहीं हो सकता। मामला यह सवाल भी उठाता है कि किसी celebrity को किसी ऐसे brand के advertisement में शामिल होने से पहले product और brand architecture की कितनी due diligence करनी चाहिए, खासकर तब जब उसी brand name से जुड़े दूसरे products regulatory restrictions के दायरे में हों।

    महाराष्ट्र FDA ने अपने notices के जरिए advertisement और उससे जुड़े regulatory compliance पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, actors के responses और PB Agro की legal challenge से आगे यह तय होना है कि इस तरह के endorsement में individual celebrity की जिम्मेदारी किस सीमा तक बनती है।

    14 सितंबर के बाद क्या होगा?

    अगर Delhi High Court territorial jurisdiction स्वीकार करता है, तो PB Agro की याचिका पर आगे substantive सुनवाई का रास्ता खुल सकता है। इसके बाद court को FDA के notices, regulator की powers और surrogate advertising से जुड़े वास्तविक कानूनी सवालों पर विचार करना पड़ सकता है।

    अगर Delhi High Court jurisdiction स्वीकार नहीं करता, तो इसका अर्थ यह नहीं होगा कि अदालत ने Vimal Elaichi advertisement को surrogate advertising घोषित कर दिया या तीनों अभिनेताओं को किसी उल्लंघन का दोषी माना। इसका तत्काल प्रभाव केवल forum से जुड़ा होगा और PB Agro को अपने कानूनी उपाय के लिए दूसरे उचित forum का रुख करना पड़ सकता है।

    यानी 14 सितंबर का आदेश इस विवाद का अंतिम फैसला नहीं, बल्कि आगे की कानूनी लड़ाई की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम होगा।

    फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि Delhi High Court महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई के खिलाफ PB Agro की याचिका सुनने का अधिकार स्वीकार करता है या नहीं। इसके बाद ही Vimal Elaichi advertisement की legality, surrogate promotion के आरोप और celebrity endorsement की जिम्मेदारी जैसे मूल सवालों पर विवाद आगे बढ़ेगा।

  • Haj 2027: Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी, मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर हज यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    Haj 2027: Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी, मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर हज यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    Haj 2027 मेडिकल सर्टिफिकेट की Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। मुंबई में भीड़ के बीच हज यात्रियों ने केंद्र बढ़ाने और राहत की मांग की।

    मुंबई: Haj 2027 के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने की 15 सितंबर की अंतिम तारीख में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। इसी बीच मुंबई में मेडिकल जांच कराने वाले हज यात्रियों को सीमित केंद्रों और सामान्य मरीजों के साथ साझा कतार के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की ओर से अब समयसीमा बढ़ाने और मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अतिरिक्त सरकारी केंद्र उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है।

    मौजूदा व्यवस्था में हज यात्रियों को निर्धारित मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी कर फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी करनी है। मुंबई में यात्रियों का कहना है कि कई जगह सामान्य मरीजों और हज यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था नहीं होने के कारण लंबी कतार लग रही है। इसका असर खासकर बुजुर्ग यात्रियों और महिलाओं पर पड़ रहा है।

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    15 सितंबर की Deadline, अब सिर्फ दो दिन बाकी

    Haj Committee of India ने 1 सितंबर 2026 को “Medical Screening and Uploading of Relevant Documents for Haj 2027” से संबंधित Circular No. 10 जारी किया था। महाराष्ट्र राज्य हज समिति की आधिकारिक circular सूची में भी 1 सितंबर को मेडिकल स्क्रीनिंग और संबंधित दस्तावेज अपलोड करने से जुड़ा circular दर्ज है।

    ऐसे में 15 सितंबर की deadline नजदीक आने के साथ यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। मांग की जा रही है कि जिन यात्रियों को समय पर मेडिकल जांच का अवसर नहीं मिल पा रहा है, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

    मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर क्या परेशानी है?

    यात्रियों की शिकायत है कि उपलब्ध सरकारी मेडिकल सुविधाओं पर सामान्य मरीजों और हज यात्रियों की साझा कतार होने से इंतजार का समय बढ़ रहा है। हज यात्रा के लिए मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

    सबसे अधिक चिंता 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को लेकर है। Haj-2027 Guidelines में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक यात्री के लिए विशेष medical screening का प्रावधान किया गया है। ऐसे में लंबी कतार और भीड़ के बीच वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।

    महिला यात्रियों के लिए भी अधिक सुविधाजनक व्यवस्था, अलग कतार और आवश्यकता के अनुसार महिला स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

    Haj 2027 में Medical Screening क्यों महत्वपूर्ण है?

    Haj Committee of India की Haj-2027 Guidelines के अनुसार इस बार मेडिकल स्क्रीनिंग दो चरणों में होगी। पहला चरण provisional selection के बाद और दूसरा बाद के चरण में किया जाना है। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज Haj प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

    Guidelines में Haj को शारीरिक रूप से कठिन यात्रा बताया गया है। यात्रियों को सऊदी अरब की परिस्थितियों में लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है। इसलिए यात्रा से पहले स्वास्थ्य स्थिति की जांच को महत्वपूर्ण माना गया है।

    Medical Certificate के बाद क्या होगा?

    मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी करना Haj की पूरी स्वास्थ्य संबंधी प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद यात्रियों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

    Haj-2027 Guidelines में selected pilgrims के लिए Health and Training (HAT) Card का भी प्रावधान है। इसके अलावा Saudi Arabia और भारत के स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित नियमों के अनुसार जरूरी vaccination requirements पूरी करनी होंगी।

    इस बार दो चरणों की medical screening होने के कारण यात्रियों के लिए शुरुआती deadline को समय पर पूरा करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

    यात्रियों की तीन प्रमुख मांगें

    मुंबई में हज यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मुख्य रूप से तीन मांगें की जा रही हैं।

    पहली मांग: Medical Fitness Certificate जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर से कम से कम एक महीने बढ़ाई जाए, ताकि जिन यात्रियों की जांच समय पर नहीं हो सकी है उन्हें पर्याप्त अवसर मिल सके।

    दूसरी मांग: मुंबई में अधिक से अधिक BMC और अन्य निर्धारित सरकारी अस्पतालों में हज यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    तीसरी मांग: सामान्य मरीजों से अलग Dedicated Queue और Special Counter शुरू किए जाएं, ताकि हज यात्रियों को सामान्य OPD की भीड़ में लंबा इंतजार न करना पड़े।

    इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता, महिलाओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर विशेष Haj Medical Camps आयोजित करने की मांग भी उपयोगी समाधान के तौर पर सामने आ रही है।

    अब प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?

    15 सितंबर की deadline में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। ऐसे में केवल समयसीमा बढ़ाना ही पर्याप्त समाधान नहीं होगा। यदि अतिरिक्त समय दिया जाता है, तो उसके साथ मेडिकल स्क्रीनिंग की क्षमता बढ़ाना भी जरूरी होगा।

    मुंबई में कितने अधिकृत केंद्रों पर Haj 2027 की मेडिकल स्क्रीनिंग हो रही है, प्रतिदिन कितने यात्रियों की जांच की जा रही है और कितने यात्रियों की प्रक्रिया अभी बाकी है, इन आंकड़ों से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

    फिलहाल इन तीनों का स्पष्ट centre-wise आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए 15 सितंबर तक सभी यात्रियों की जांच पूरी होना असंभव है, ऐसा निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन deadline के बेहद करीब पहुंचने के बीच यात्रियों की ओर से अतिरिक्त सुविधा और समय की मांग प्रशासन के सामने एक तत्काल सार्वजनिक सुविधा का मुद्दा बन गई है।

    अब नजर इस बात पर है कि BMC, महाराष्ट्र राज्य हज समिति और Haj Committee of India मुंबई के यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त मेडिकल केंद्र, अलग screening व्यवस्था या deadline में राहत को लेकर क्या कदम उठाते हैं।