मुंबई में गणपति आगमन के दौरान भुलेश्वर में 2 मौत और 5 घायल हुए, कुर्ला में 2 घायल हुए। उल्हासनगर में बिना अनुमति आगमन यात्रा पर केस दर्ज।
मुंबई: मुंबई और आसपास के इलाकों में गणपति आगमन के दौरान हादसों और नियमों के उल्लंघन की घटनाओं ने उत्सव की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भुलेश्वर में 22 फुट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरने से दो लोगों की मौत और पांच घायल हुए थे। इसके बाद कुर्ला में 15 फुट की प्रतिमा गिरने से दो लोग घायल हुए। इसी बीच उल्हासनगर में ठाणे पुलिस आयुक्त की निषेधाज्ञा के बावजूद बिना अनुमति गणेश आगमन यात्रा निकालने पर मंडल के अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
भुलेश्वर में प्रतिमा गिरने से दो मौतें
22 अगस्त की रात दक्षिण मुंबई के भुलेश्वर इलाके में ‘भुलेश्वरचा राजा’ की करीब 22 फुट ऊंची गणेश प्रतिमा आगमन यात्रा के दौरान हादसे का शिकार हो गई। प्रतिमा को भायखला से भुलेश्वर ले जाया जा रहा था। जय अंबे चौक के पास प्रतिमा का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा।
हादसे में संकेत नेवशे और ब्रिजेश हेमंत जोशी की मौत हुई, जबकि पांच लोग घायल हुए। घायलों में पांच और सात वर्ष की दो बच्चियां भी शामिल थीं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
प्रतिमा के ढांचे और उसके सहारे से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नट-बोल्ट और संरचनात्मक मजबूती से जुड़े पहलुओं की भी जांच के दायरे में रखा गया। लेकिन हादसे का अंतिम कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
कुर्ला में 15 फुट की प्रतिमा गिरी
8 सितंबर को कुर्ला में धारावी के प्रेम नगर स्थित मंडल के लिए लाई जा रही करीब 15 फुट की गणेश प्रतिमा शीटळ तलाव के पास ट्रॉली से गिर गई। जानकारी के अनुसार ट्रॉली के गतिरोधक से गुजरते समय प्रतिमा का संतुलन बिगड़ा।
हादसे में दो लोग घायल हो गए। क्षतिग्रस्त प्रतिमा का बाद में विसर्जन कर दिया गया।
भुलेश्वर और कुर्ला की घटनाओं को मिलाकर मुंबई में गणपति आगमन के दौरान सामने आए इन दो प्रमुख प्रतिमा हादसों में दो लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
उल्हासनगर में बिना अनुमति गणेश आगमन यात्रा पर केस
इसी बीच उल्हासनगर में गणेश आगमन यात्रा के दौरान अनुमति और निषेधाज्ञा के उल्लंघन का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार ठाणे पुलिस आयुक्त की ओर से लागू निषेधाज्ञा के बावजूद प्रसिद्ध गणेश मित्र मंडल, उल्हासनगर-1 ने बिना अनुमति आगमन यात्रा निकाली।
पुलिस सिपाही बाबासाहेब पोटे की शिकायत पर मंडल के अध्यक्ष महेश धुंडलोदिया (49) सहित पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 तथा मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 37(3) और 135 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर को शाम करीब 5 बजे से रात 10 बजे के बीच सी क्लॉक टॉवर चौक से साधु वासवानी चौक, बालाजी मेडिकल होते हुए सोनारा हॉल तक गणेश आगमन यात्रा निकाली गई। यात्रा में डीजे, ढोल-ताशा और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया।
16 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू
पुलिस के मुताबिक ठाणे पुलिस आयुक्त की निषेधाज्ञा 16 सितंबर तक लागू है। इसके बावजूद बिना अनुमति यात्रा निकालने को लेकर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच एपीआई विनोद पाटील कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार संबंधित मंडल के खिलाफ पहले भी इस तरह के मामले दर्ज हो चुके हैं।
अब सुरक्षा के साथ अनुमति व्यवस्था भी सवालों में
गणपति आगमन से जुड़ी इन घटनाओं में एक तरफ बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित परिवहन का सवाल सामने आया है, तो दूसरी ओर जुलूस के लिए निर्धारित अनुमति और पुलिस के आदेशों के पालन का मुद्दा भी सामने आया है।
बड़ी प्रतिमा को सड़क से ले जाते समय उसके ढांचे की मजबूती, परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्रॉली, सड़क की स्थिति, गतिरोधक, बिजली के तार और भीड़ से सुरक्षित दूरी जैसे पहलुओं की अनदेखी हादसे का जोखिम बढ़ा सकती है। दूसरी ओर आगमन यात्रा के लिए आवश्यक अनुमति नहीं लेने पर यातायात, ध्वनि और भीड़ नियंत्रण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की स्थिति पैदा हो सकती है।
यही वजह है कि गणपति आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को केवल प्रतिमा तक सीमित रखने के बजाय प्रतिमा की संरचना, परिवहन, मार्ग, भीड़ नियंत्रण, ध्वनि व्यवस्था और पुलिस अनुमति को एक साथ देखने की जरूरत सामने आ रही है।
फिलहाल भुलेश्वर और कुर्ला के हादसों की परिस्थितियां अलग हैं, जबकि उल्हासनगर का मामला अनुमति और निषेधाज्ञा के उल्लंघन से संबंधित है। तीनों घटनाएं अलग-अलग प्रकृति की होने के बावजूद गणपति आगमन के दौरान सुरक्षा और नियमों के पालन की अहमियत को सामने लाती हैं।
