मुंबई में ₹17.67 लाख की Chemical ठगी का खुलासा, फर्जी कंपनी-SIM से खेल; राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

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मुंबई में ₹17.67 लाख की केमिकल ठगी का खुलासा, MHB कॉलोनी पुलिस ने राजस्थान से दो आरोपियों को पकड़ा। फर्जी कंपनी, SIM, Aadhaar-PAN और नकली UTR से ठगी का प्लान।

मुंबई: बोरीवली पश्चिम के MHB कॉलोनी पुलिस ने Chemical कारोबार से जुड़ी ₹17.67 लाख की ठगी के मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी Aadhaar-PAN, SIM, कंपनी के कागजात और नकली Payment Screenshot/UTR के जरिए कारोबारियों को भरोसे में लेने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि आरोपी सिर्फ एक कंपनी के संपर्क में नहीं थे, बल्कि करीब 38 Chemical कंपनियों से इसी तरह संपर्क किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

WhatsApp पर Chemical का ऑर्डर, फिर शुरू हुआ पूरा खेल

मामला MHB कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत से सामने आया। शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा, उम्र 32 वर्ष, Chemical कारोबार से जुड़े हैं। उनके मोबाइल नंबर पर WhatsApp के जरिए “प्रीमियर सॉल्व्हेंट्स” कंपनी के नाम से Chemical का ऑर्डर दिया गया।

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बोरीवली एम एच बी कॉलोनी पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

शुरुआत में सब कुछ एक सामान्य कारोबारी डील जैसा दिखाई दिया, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि ऑर्डर देने वाले लोगों ने अपनी असली पहचान छिपाकर पूरा फर्जी सेटअप तैयार किया था।

Shyam Industries के नाम से बनाई फर्जी कंपनी

आरोपियों ने “Shyam Industries” नाम से फर्जी कंपनी तैयार की। इसके लिए फर्जी Aadhaar Card और PAN Card का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, कंपनी को असली दिखाने के लिए विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड भी तैयार किए गए।

इसके बाद Chemical कारोबारियों से संपर्क कर ऑर्डर देने और पेमेंट करने का भरोसा दिलाया गया।

मामला तब संदिग्ध हुआ जब आरोपियों ने पेमेंट किए जाने का दावा करते हुए WhatsApp पर Payment Screenshot और UTR नंबर भेजा। स्क्रीनशॉट से ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि रकम ट्रांसफर हो चुकी है, जबकि वास्तव में ₹17,67,375 का भुगतान नहीं हुआ था।

इसके बाद Chemical को Transporter के जरिए मंगाने की कोशिश की गई। पुलिस की जांच में यही पूरा तरीका ठगी के मुख्य पैटर्न के तौर पर सामने आया।

पुलिस को 38 और Chemical कंपनियों से संपर्क का पता चला

जांच आगे बढ़ी तो मामला एक कारोबारी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपियों ने इसी तरह करीब 38 अलग-अलग Chemical कंपनियों से संपर्क किया था और Chemical मंगाने के लिए बातचीत की थी।

इससे पुलिस को शक हुआ कि फर्जी कंपनी और पहचान तैयार करने के पीछे एक बड़ा ठगी का प्लान था और दूसरे कारोबारियों को भी इसी तरीके से निशाना बनाया जा सकता था।

Fake SIM से लेकर Fake Identity तक

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर एक और फर्जी SIM हासिल की थी। इस दौरान सोनूकुमार प्रजापत के नाम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी पहचान तैयार की गई।

इसी पहचान के आधार पर Aadhaar और PAN तैयार किए गए और फिर Shyam Industries के नाम से कारोबार करने का दिखावा किया गया।

यानी इस पूरे मामले में सिर्फ नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट ही नहीं, बल्कि पहचान से लेकर कंपनी के दस्तावेज तक कई स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया।

आरोपी बार-बार बदल रहा था Location

मामला दर्ज होने के बाद MHB कॉलोनी पुलिस की Crime Detection टीम ने मोबाइल नंबर और दूसरी तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी लगातार अपनी Location बदल रहा था। पुलिस ने उसके इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी निकाली और तकनीकी जांच के जरिए उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया।

जांच में आरोपी का संपर्क राजस्थान से सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को ट्रेस किया।

राजस्थान के Jodhpur से मुख्य आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी ललितकुमार भगवानराम बिश्नोई, उम्र 36 वर्ष, को राजस्थान के Jodhpur क्षेत्र से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसके खिलाफ सामने आए आरोपों और मामले में उसकी भूमिका की जांच की गई।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में अपराध से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया।

मामले में उसके साथी विकास बिश्नोई, उम्र 19 वर्ष, को भी सहभागी पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया है।

दोनों की भूमिका सामने आने के बाद केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) भी जोड़ी गई है।

कौन-कौन सी धाराओं में मामला दर्ज है?

MHB कॉलोनी पुलिस स्टेशन में CR No. 960/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(2), 336(2), 318(4), 340(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि 38 अन्य Chemical कंपनियों से संपर्क करने के पीछे आरोपियों का मकसद क्या था और इस नेटवर्क से कितने कारोबारियों को नुकसान पहुंचा सकता था।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

इस कार्रवाई में मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन रहा। पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त मनोजकुमार शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अभिनव देशमुख और पुलिस उपायुक्त संदीप घुगे के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई।

गोराई विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर हूंबे की निगरानी में MHB कॉलोनी पुलिस की टीम ने कार्रवाई की।

MHB कॉलोनी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) मिलिंद नागपुरे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक तथा अपराध प्रकटीकरण अधिकारी श्रीकांत मगर और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

कार्रवाई में पुलिस हवलदार संदीप पाटील, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर, पुलिस नाईक सचिन मंजुळे और सिद्धेश पाटील भी शामिल रहे।

अब 38 कंपनियों वाले कनेक्शन की जांच

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अगला बड़ा सवाल यह है कि Shyam Industries नाम की फर्जी कंपनी बनाकर कितने कारोबारियों को इसी तरीके से संपर्क किया गया था और कितनी जगह Chemical मंगाने की कोशिश की गई।

₹17.67 लाख की शिकायत से शुरू हुई जांच में करीब 38 Chemical कंपनियों से संपर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

खबर का सार

मामलाजानकारी
पुलिस स्टेशनMHB कॉलोनी पुलिस स्टेशन, मुंबई
शिकायतकर्तानिर्मित संजय अजमेरा, 32 वर्ष
ठगी की रकम₹17,67,375
मुख्य आरोपीललितकुमार भगवानराम बिश्नोई, 36 वर्ष
दूसरा आरोपीविकास बिश्नोई, 19 वर्ष
फर्जी कंपनीShyam Industries
इस्तेमाल की गई पहचानफर्जी Aadhaar-PAN और SIM
ठगी का तरीकाWhatsApp ऑर्डर, नकली Payment Screenshot/UTR
अन्य कंपनियों से संपर्ककरीब 38 Chemical कंपनियां
गिरफ्तारीराजस्थान, Jodhpur क्षेत्र
केस नंबरCR No. 960/2026
धाराएंBNS 316(2), 336(2), 318(4), 340(2), 3(5)
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