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मुंबई के एक इंग्लिश टीचर को पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टीचर लड़के को महंगे होटलों में लेजाकर जबरन शराब पिलाती और बलात्कार करती थी।
मुंबई: लड़कियों का बलात्कार तो आपने सूना होगा, लेकिन यहां तो एक शादी शुदा महिला टीचर पर ही नाबालिग छात्र के साथ लगातार दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है। आरोप है, कि महिला टीचर लड़के को महंगे होटलों में लेजाकर जबरन शराब पिलाती थी और उसके साथ दुष्कर्म करती थी। हालांकि लड़के के पढाई खत्म होने के बाद भी उसे संपर्क करने की कोशिश की इसके लिए उसने अपने घर के नौकरों को भी भेजा। Female teacher sexually abused her, she used to rape her after giving her alcohol
महिला टीचर ने किया बलात्कार
बुधवार को मुंबई पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया, कि मुंबई के एक प्रमुख स्कूल की 40 वर्षीय महिला टीचर को 16 साल के स्टूडेंट का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार अंग्रेजी टीचर विवाहित है। उन्होंने बताया कि शिक्षिका नाबालिग छात्र को दक्षिण मुंबई के आलीशान होटलों में ले जाती थी, जहां उसने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
नौकरों का सहारा
पुलिस ने बताया कि महिला टीचर को पिछले हफ्ते ही दादर पुलिस ने हिरासत में लिया है। जो नाबालिग के प्रति इतनी आसक्त थी, कि उसने इसी साल 10वीं का एक्जाम देने के बाद स्कूल से पास हो चुके लड़के से संपर्क करने की कोशिश की। इसमें उसने अपने घर के नौकरों का इस्तेमाल किया। इसमें टीचर के और एक दोस्त पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। Female teacher sexually abused her, she used to rape her after giving her alcohol
पुलिस अधिकारी के अनुसार, दिसंबर 2023 में स्कूल के वार्षिक समारोह के सिलसिले में विभिन्न मुलाकातों के दौरान आरोपी शिक्षिका छात्र की ओर आकर्षित हो गई। उसने कथित तौर पर जनवरी 2024 में पहली बार यौन संबंध बनाने की पेशकश की। पुलिस ने कहा कि आरोपी के एक दोस्त ने लड़के को अवैध संबंध स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, कि “आजकल बड़ी उम्र की महिलाओं और किशोर लड़कों के बीच संबंध काफी आम हो गए हैं।”उसने ये भी कहा, कि महिला टीचर और वह लड़का “एक दूजे के लिये बने हैं।”
डिप्रेशन का शिकार
अधिकारी ने बताया कि आरोपी टीचर ने लड़के को यौन शोषण के लिए महंगे होटलों में ले जाना शुरू किया, जिसके बाद लड़का डिप्रेशन और चिंता से ग्रसित रहने लगा। इसके बाद आरोपी टीचर ने कथित तौर पर उसे कुछ दवाएं भी दीं। इसके साथ ही टीचर कथित तौर पर अकसर लड़के को शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म करती थी।
परिवार ने साधी चुप्पी
लड़के के परिवार को शोषण के बारे में तब पता चला जब उन्होंने उसके व्यवहार में बदलाव देखा। अधिकारी ने बताया, उन्होंने हालांकि यह सोचकर चुप्पी साधे रखी कि कुछ महीनों में उसकी पढ़ाई खत्म हो जाएगी और मामला खत्म हो जाएगा। अधिकारी ने बताया कि लड़के ने कुछ महीने पहले 10वीं की परीक्षा पास की थी और स्कूल छोड़ दिया था, लेकिन वह डिप्रेशन में रहने लगा। Female teacher sexually abused her, she used to rape her after giving her alcohol
अधिकारी ने बताया कि जब आरोपी ने उनके घरेलू नौकारों के माध्यम से लड़के को उससे मिलने का संदेश भेजा, तब नाबालिग के परिवार ने आवाज उठाने का फैसला किया और दादर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि महिला टीचर मोबाइल फोन से चेट मेसेज और होटल बुकिंग सारी डिटेल्स हस्तगत कर लिए हैं। फोन की बाक़ी डिटेल्स भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया, कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। Female teacher sexually abused her, she used to rape her after giving her alcohol
मुंबई: केईएस इंटरनेशनल स्कूल के आधिकारिक मेल आईडी पर आज सुबह यानी सोमवार को 06:55 बजे स्कूल में बम लगाने की धमकी वाला एक ई-मेल आया था। स्कूल प्रशासन ने 08:55 बजे कांदिवली पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच कर जांच अभियान शुरू कर दिया है।हालांकि इससे पहले भी ऐसी धमकी मिली थी लेकिन पुलिस को संदिग्ध कुछ भी नही मिला। लेकिन पुलिस किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। जांच अभियान जारी.. Mumbai: A school in Kandivali received a bomb threat, students were dismissed from school
पुलिस ने क्या बताया?
कांदीवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवीन्द्र अडाणे ने बताया, कि घटना के बाद एहतियात के तौर पर छात्रों को तुरंत घर भेज दिया गया। बम निरोधक दस्ता सुबह 10:00 बजे और रैपिड रिस्पॉन्स टीम सुबह 10:15 बजे स्कूल पहुंच गई। इस स्कूल को पहले भी ऐसी ही धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में ऐसा कुछ भी संदिग्ध बरामद नही हुआ था। फिलहाल चिंता जैसी कोई बात नही है। कांदीवली पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। Mumbai: A school in Kandivali received a bomb threat, students were dismissed from school
बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
शिक्षा को व्यापार की तरह चलाया जा रहा माफियाओं के हाथों
पचास हजार के ऊपर सरकारी स्कूल बंद
हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
उत्तर प्रदेश के 70 प्रतिशत इंजीनियर बेकार
देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के…!
धर्म की सियासत चमकाने में व्यस्त बीजेपी सरकार
बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की बूंद जैसा
मुफ्त राशन प्रचार में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन का खर्च
विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र
मुंबई: बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह ने अंग्रेजी नहीं पढ़ने की वकालत की है। लेकिन सबसे पहले उन्हें अपने बेटे को जिसे बीसीसीआई का सेक्रेटरी दबाव में बनाया है, इससे कहें कि अंग्रेजी न बोले। इसके साथ ही अपनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी से बाहर करें जो विदेश से पढ़कर आए हैं क्योंकि वहां अंग्रेजी ही पढ़ाई जाती है। साथ ही उन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जिनके बेटे, बेटियां विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और जो वहां सेटल्ड हो चुके हैं।
देश के सारे कॉन्वेंट स्कूल बंद कर दें। सीबीएससी जिसमें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा दी जाती है उसकी मान्यताएं खत्म कर दें। संसद में अंग्रेजी बोलने, सेक्रेटरियो द्वारा अंग्रेजी बोलने लिखने की मनाही कर दें। यहां तक कि संसद में अंग्रेजी बोलने वालों को बरखास्त कर दें। तब आम गरीब आदमी या देशवासियों से अंग्रेजी पढ़ने को मना करें। लेकिन अब कोई छात्र किस मीडियम में पढ़ेगा। किस भाषा में बात करेगा सरकार इस पर रोक कैसे लगा सकती है?
बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
एक तो वैसे ही बीजेपी सरकार ने शिक्षा को माफियाओं के हाथों में सौप दिया है, जिसे व्यापार की तरह चलाया जा रहा है। मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल बैग, जूता, मोजा और किताबें वह भी प्राइवेट स्कूलों की जिनका मूल्य चार सौ से कम नहीं है। उसमें भी कमीशन मिलता है। तमाम प्राइवेट स्कूलों में न लाइब्रेरी है, न कंप्यूटर हाल और ना ही साइंस लैब।
फिर भी स्कूलों को दो चार लाख रुपए लेकर मान्यताएं दी जा रही है, जहां शिक्षा के नाम पर नील बटा सन्नाटा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए बच्चों पर दबाव डाला जाता है। सरकार जिसका दायित्व है कि निःशुल्क शिक्षा देना।नहीं दे रही। तमाम सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों को मर्च किया जा रहा दूर के स्कूलों में।
हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
शिक्षक आंदोलन रत हैं। बिजली कर्मचारी आंदोलन रत हैं, लेकिन बीजेपी सरकारें दो कार्य कर रही। अब तक पचास हजार से ऊपर तक के सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां किए जाने पर हाईकोर्ट ने सारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। वहीं शिक्षा निःशुल्क देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें। प्राइवेट स्कूलों की सालाना फीस लाखों में रखी गई है।
उसके अलावा हर वर्ष एडमिशन फीस और तमाम तरह की फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि फीस जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को गेट से ही घर लौटाया जा रहा। केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा तीन साल में हजारों रुपए बढ़ा दिए जाने और छात्रों के घर लौटाए जाने के कारण अभिभावकों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिया गया। अगर पांच दस वर्ष जीवित रहते तो शिक्षा को समवर्ती सूची से निकालकर समूचे देश में एक ही शिक्षा पद्धति लागू कर देते। पाठ्यक्रम भी एक होते ताकि असमय स्थल परिवर्तन का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। छः से चौदह वर्ष आयु तक शिक्षा का अधिकार देने के बाद उनकी योजना कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दे देते। लेकिन देश का दुर्भाग्य उनकी मृत्यु की साजिश रची गई।जिससे उनका शिक्षा को लेकर सारी योजना ही बंद हो गई।
सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
अब तो सरकारें सारे के सारे सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली हुई हैं। हमारी सरकारों ने नारे बड़े लोकलुभावन दिए थे, कि “पड़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया” लेकिन कार्य उसके ठीक विपरित किए जा रहे हैं। भारी भरकम फीस के कारण लाखों छात्र पांचवीं और आठवी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य हो जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा पाना देश के नब्बे प्रतिशत लोगों के बूते में नहीं है।
18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
शिक्षा पर 18% की जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है। कैसे पड़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया? देश में एक भी कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा नहीं है जो दुनिया के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में स्थान पा सके। इसका कारण है शिक्षा मद में केंद्र सरकार द्वारा कटौती।
गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
अंग्रेजी भाषा अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी पढ़े लिखे छात्रों को ही खुद अपने ही देश में प्राइवेट जॉब मिल पाता है। बिना अंग्रेजी के कहीं भी कोई पूछता तक नहीं है। विदेश जाने, उच्च शिक्षा प्राप्ति अथवा जॉब पाने के लिए अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य है। ज्ञान विज्ञान की समस्त पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए अरबों खरबों रूपये व्यय करने होंगे। बिना अंग्रेजी ज्ञान के कोई भी विदेश जाकर उच्च शिक्षा या नौकरी या व्यवसाय कर ही नहीं सकता। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी नहीं पढ़ाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक है।केंद्रीय मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।
निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
जबकि शिक्षा को व्यापार करने की छूट कदापि नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का दायित्व है, कि सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना। लेकिन सरकार अपने दायित्व पालन से भाग रही है। निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देकर प्रति परिवार एक रोजगार के संसाधन जुटाना सरकार का दायित्व है। जब नब्बे प्रतिशत बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे। शिक्षा का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उत्तर प्रदेश के सत्तर प्रतिशत इंजीनियर बेकार हैं। उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि प्राइवेट शिक्षा संस्थान प्रैक्टिकल कहां करते हैं? बिना प्रेक्टिकल के ज्ञान कैसे आयेगा?
देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के हैं जिनका लक्ष्य दौलत अर्जित करना है। इसीलिए सरकार शिक्षा को माफियाओं के हाथों सौंप चुकी है। सरकार डरती है कि कहीं शिक्षा व्यवसाय पर नकेल कसी गई तो उसके लोग ही सरकार गिरा देंगे। सत्ता बचाने के लिए देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना सरकार को शोभा नहीं देता। शायद यही वजह है, कि सरकार को चुनाव जीतने के लिए धर्म, नफरत का सहारा लेना पड़ रहा है। अपने वादों को जो कभी पूरे ही नहीं किए सरकार ने, वोट मांगने की हिम्मत ही नहीं है। इसलिए धर्म की सियासत चमकाने का कार्य कर रही सरकार।
बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
सिर्फ़ दो बीजेपी शासित राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही 60% सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। दोनों राज्यों के दो करोड़ बच्चे चौथी या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है, कि पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की भी बूंद जैसा नहीं है। माता पिता मेहनत करते हैं। महीने में आठ से दस दिन मजदूरी मिलती है शेष दिन फांका कटता है। परिवार का पेट भरे कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा लेने भेजें?
95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र
दरअसल पांच किलो मुफ्त राशन का प्रचार करने में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन खर्च आ जाता है। विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि अस्सी करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाएं। ऊपर से अंग्रेजी नहीं पढ़ाने की वकालत? यह वकालत वे लोग करते हैं जो कभी अंग्रेजों की दलाली करते और गांधी के आंदोलन को कुचलने के लिए वायसराय को खत लिखा करते थे। आज उन्हीं की औलादें सत्ता में आई हैं, तो देश को निरक्षर रखने के तमाम उपाय करते रहते हैं। विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था चंद पूंजीपतियों की है जबकि सच तो यह है कि देश की 95% आबादी बीजेपी शासन में हैंड टू माउथ हो चुकी है।
विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
इतने टैक्स तो लुटेरे अंग्रेजों ने भी नहीं लगाए थे जितनी हिंदुत्ववादी सरकार टैक्स लगाकर 95% जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र करती है। गरीबी झेली है। गरीब मां का बेटा हूं। बर्तन माजती थी मां कहने वाले पीएम दिन में पांच ड्रेस वह भी लाखों के बदलते रहते हैं। नेहरू पर आरोप लगाने वाले सोचें कहां राजा भोज कहां गंगू तेली। नेहरू परिवार आजादी के पहले से ही संपन्न रहा था। उनकी बराबरी तो क्या पैरों की धूल बराबर आज कोई नेता नहीं। हर मोर्चे पर नाकाम सरकार केवल विज्ञापनों, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के द्वारा ब्रेन वाश करके मूर्ख बनाती और धर्म आस्था के नाम पर वोट मांगती सरकार।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: 21 जून 2025 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित उनके निजी आवास पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 110 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें योग साधक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि भी शामिल थे। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day
योग का महत्व
डॉ. वर्मा, श्रीमती अंका वर्मा, राजकुमारी निकोल वर्मा एवं युवराज आदितेश्वर वर्मा सहित वर्मा परिवार के सभी सदस्यों ने पारंपरिक सनातनी विधि से योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। प्रतिष्ठित योगाचार्यों ने उपस्थितजनों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग की महत्ता बताई। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day
योग की आवश्यकता
अपने संबोधन में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा, “योग भारत की सनातन परंपरा की वैज्ञानिक देन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व पटल पर स्थापित किया है। शिवसेना (NDA) के लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे जनआंदोलन बनाने का कार्य कर रही है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि “योग केवल एक दिन की क्रिया नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आज के युग की आवश्यकता है।” Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day
मुंबई: नालासोपारा, पालघर जिले की रहने वाली एक कॉलेज स्टूडेंट ने गुरुवार को विलेपार्ले के सत्या कॉलेज की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि विलेपार्ले सत्या कॉलेज की यह घटना गुरुवार सवेरे की है। पुलिस को घटना स्थल से किसी भी तरह का सूसाइड नोट बरामद नही हुआ है। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.
पुलिस ने क्या कहा?
विलेपार्ले पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गबाजी चिमाटे ने जानकारी देते हुए बताया, कि मृतक 21 वर्षीय संध्या पाठक सत्या कॉलेज की थर्ड ईयर स्टूडेंट थी। उसने गुरुवार सवेरे कॉलेज केम्पस की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल लड़की को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.
पुलिस ने बताया, कि मृतक रेग्युलर पालघर जिले के नालासोपारा से यहां कॉलेज आया करती थी। उसने आत्महत्या क्यों की इसकी अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है। मौके से कोई सूसाइड नोट भी बरामद नही हुआ है। मामले की जांच में उसके सहपाठीयों से पूछताछ की जा रही है और कॉलेज प्रशासन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। A 21 year old girl committed suicide by jumping from a college building.
वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन
मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता। जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।
कौन है संजय झा?
मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।
सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।
जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।
नई दिल्ली मे अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से “योग महाकुंभ” कार्यक्रम का आयोजन कर ‘योग’ को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास किया गया।
नई दिल्ली: 15 जून 2025 को आयोजित “योग महाकुंभ” कार्यक्रम ने योग साधकों शिक्षकों एवं समाजसेवियों का विशाल संगम प्रस्तुत किया। यह ऐतिहासिक आयोजन अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ (ABYOGASMS Foundation) के तत्वावधान में लाजपत भवन ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. अभिषेक वर्मा और उनकी सुपुत्री निकोल वर्मा आई। जो एक सनातनी राजनीतिज्ञ और उद्योगपति के रूप में विख्यात हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर अभिषेक वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि ‘योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं है, यह हमारी सनातन संस्कृति का मूल है।’
उन्होंने वेद पुराणों से जानकारी देते हुए कहा, “भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं, “योगः कर्मसु कौशलम्”, यानि कर्म में कुशलता ही योग है। वेदों में योग को आत्मा की शुद्धि और चित्त की स्थिरता का माध्यम बताया गया है।”
योग का हमारे जीवन में महत्व को लेकर उन्होंने और भी जानकारियां दी, जिसमें उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया तनाव और भौतिकता से जूझ रही है, तब योग ही वह साधन है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। स्वस्थ भारत, संस्कारवान समाज, और आत्मनिर्भर राष्ट्र की कल्पना बिना योग के अधूरी है।”
देश की राजनीति पर बोलते हुए डॉ. अभिषेक वर्मा ने यह भी बताया, कि “शिवसेना (NDA) और हमारे पथप्रदर्शक बाला साहेब ठाकरे जी हमेशा इस विचार के पक्षधर रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण आत्मनियंत्रण और संयम से ही संभव है, और योग उसका आधार है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित किया, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसका प्रमाण है। शिवसेना के पोर्टफोलियो में आयुष मंत्रालय, फिट इंडिया मूवमेंट, और डिजिटल योग अभियान, योग को हर घर तक पहुँचा रहे हैं। आइए, संकल्प लें: योग अपनाएँ, जीवन सजाएँ, और भारत को फिर से विश्वगुरु बनाएँ।” उन्होंने अपने वक्तव्यों की समाप्ति पर “जय सनातन”, “जय हिंद” की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के मौके पर विशिष्ट अतिथियों में राजर्षि वेदमूर्ति आचार्य पवन दत्त मिश्रा महाराज, स्वामी अमित देव, डॉ. ईश्वर तथा योग गुरु मंगेश त्रिवेदी शामिल रहे। योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जो ABYOGASMS के संस्थापक हैं, उन्होंने कहा, यह आयोजन योग को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास है।
कार्यक्रम में विभिन्न योग संगठनों, विद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे एक महाकुंभ की भांति मनाया गया।
पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 59 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के और भी कई अपराधिक मामले दर्ज है।
मुंबई: पुलिस भर्ती 2021 में नौकरी दिलाने के बहाने 59 वर्षीय मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 6 लाख 99 हजार 500 रुपये ऐठ लिए। जबकि सारा लेनदेन महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) में कार्यरत 34 वर्षीय फरियादी वैभव रोहिदास ने बैंक खाते के जरिए किया था। वाद विवाद के बाद आरोपी ने फरियादी को बैंक का चेक देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बाद में चेक भी बाउंस हो गया। आखिरकार फरियादी ने इसकी शिकायत बोरीवली पुलिस से कर दी। जिसमें फरियादी ने बताया, कि आरोपी रामसिंग बाळा डोलगे और हसमुख विनोदभाई वाघेला इन दोनों ने मिलकर पुलिस भर्ती 2021 के माध्यम से नौकरी दिलाने के बहाने पैसों की ठगी की। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee
बोरीवली पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर
उच्च अधिकारियों का मिला था निर्देश
बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने बताया, कि फरियादी वैभव रोहिदास तरे महाराष्ट्र सुरक्षा बल में कार्यरत है। जो पालघर जिला, सफाळे तालुका के उबंरपाडे का मुल निवासी हैं। पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर गुनाह दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये गये थे। उसी आधार पर 20/09/2024 को बोरीवली पुलिस थाने में गु.र.क्र 707/2024 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के साथ ही साथ डिजिटल लेनदेन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच मे नही मिला सहयोग
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तत्पश्चात जांच में सहयोग के लिए आरोपी को नोटिस दिया गया था। लेकिन आरोपी ने कभी भी जांच मे सहयोग नही किया और ना ही पुलिस थाने में हाजिर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में सहयोग नही करने के कारण बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त के समक्ष अर्जी की। जिसके बाद उन्हें ऑर्डर मिल गए। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ऑर्डर मिलते ही 12 जुन 2025 को दादर स्थित आरोपी की जांच के लिए एक टीम को भेजा गया। पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय आरोपी रामसिंग बेळा डोलगे, रुम नं 08, बी डी डी चाल के 10/ए का रहने वाला है। जो पुलिस मैदान के पास नायगांव, दादर पुर्व में स्थित है। वहां से जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने अपना गुनाह कबूल किया।
आरोपी के खिलाफ और भी मामले हैं दर्ज
बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बेटे पंकज डोलगे को फोन कर इसकी जानकारी दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से 16 जून तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ 2016 में मिरारोड पुलिस थाने, 2022 में बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने और 2017 में जोगेश्वरी पूर्व के मेघवाडी पुलिस थाने अंतर्गत इसी तरह के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee
शुक्रवार को बच्चू कडू के आमरण अनशन आंदोलन से जुड़ा एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी लिया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में हडकंप मच गया है।
पार्टी कार्यकर्ता की अस्पताल में खींची गई तस्वीर
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं विधायक बच्चू कडू पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। विधायक बच्चू कडू ने किसानों, दिव्यांगों, विधवाओं और समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए 8 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। लेकिन अबतक सरकार की चुप्पी आंदोलन को खतरनाक मोड़ पर ले आई है। शुक्रवार को अमरावती के आंदोलन स्थल पर एक वरिष्ठ युवा कार्यकर्ता ने कथित तौर पर ज़हर पी कर अपनी जान देने की कोशिश की। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra
महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता
शुक्रवार को आंदोलन से जुड़े एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 35 वर्षीय अजय भागवतराव चौधरी प्रहार जनशक्ति पार्टी के वरूड तालुका प्रमुख हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंदोलन की अनदेखी से नाराज होकर ज़हर का सेवन कर लिया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इसे महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra
बच्चू कडू ने इलाज कराने से किया इंकार
शुक्रवार को आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और बच्चू कडू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह उन्हें उल्टियां हुईं, कमजोरी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज और सलाईन लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय से अन्न न लेने के कारण किडनी और अन्य अंगों पर असर पड़ रहा है। बच्चू कडू ने साफ कर दिया, कि “जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तब तक मैं न दवा लूंगा, न इलाज करूंगा।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra
कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
दूध उत्पादकों को स्थायी दरें
बेरोज़गार युवाओं को विशेष आर्थिक योजनाएं
वंचित वर्गों के लिए छात्रवृत्ति, बीमा और आवास योजनाएं
मिल रहा है भारी समर्थन
इस आंदोलन को राज्यभर से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और सांसद महादेव जानकर ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन दिया है। राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने 14 जून तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra
सरकारी बैठकें तो हुईं, लेकिन परिणाम शून्य
महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री पंकजा मुंडे, भरत गोगावले और जयकुमार गोरे ने आंदोलनकारियों से ऑनलाइन बैठक की, लेकिन किसी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। आंदोलनस्थल पर स्वास्थ्य जांच की टीम तैनात है, लेकिन बच्चू कडू ने किसी भी तरह के उपचार से साफ इनकार कर दिया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra