शुक्रवार को बच्चू कडू के आमरण अनशन आंदोलन से जुड़ा एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी लिया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में हडकंप मच गया है।

मंत्रालय प्रतिनिधि
मुंबई: प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं विधायक बच्चू कडू पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। विधायक बच्चू कडू ने किसानों, दिव्यांगों, विधवाओं और समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए 8 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। लेकिन अबतक सरकार की चुप्पी आंदोलन को खतरनाक मोड़ पर ले आई है। शुक्रवार को अमरावती के आंदोलन स्थल पर एक वरिष्ठ युवा कार्यकर्ता ने कथित तौर पर ज़हर पी कर अपनी जान देने की कोशिश की।
महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता
शुक्रवार को आंदोलन से जुड़े एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 35 वर्षीय अजय भागवतराव चौधरी प्रहार जनशक्ति पार्टी के वरूड तालुका प्रमुख हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंदोलन की अनदेखी से नाराज होकर ज़हर का सेवन कर लिया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इसे महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है।
बच्चू कडू ने इलाज कराने से किया इंकार
शुक्रवार को आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और बच्चू कडू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह उन्हें उल्टियां हुईं, कमजोरी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज और सलाईन लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय से अन्न न लेने के कारण किडनी और अन्य अंगों पर असर पड़ रहा है। बच्चू कडू ने साफ कर दिया, कि “जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तब तक मैं न दवा लूंगा, न इलाज करूंगा।”
बच्चू कडू की मुख्य मांगे
- किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी
- दिव्यांग और विधवा महिलाओं को ₹6,000 मासिक सहायता
- भूमिहीन, मजदूर और वृद्ध नागरिकों को सरकारी मानधन
- कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
- दूध उत्पादकों को स्थायी दरें
- बेरोज़गार युवाओं को विशेष आर्थिक योजनाएं
- वंचित वर्गों के लिए छात्रवृत्ति, बीमा और आवास योजनाएं
मिल रहा है भारी समर्थन
इस आंदोलन को राज्यभर से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और सांसद महादेव जानकर ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन दिया है। राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने 14 जून तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकारी बैठकें तो हुईं, लेकिन परिणाम शून्य
महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री पंकजा मुंडे, भरत गोगावले और जयकुमार गोरे ने आंदोलनकारियों से ऑनलाइन बैठक की, लेकिन किसी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। आंदोलनस्थल पर स्वास्थ्य जांच की टीम तैनात है, लेकिन बच्चू कडू ने किसी भी तरह के उपचार से साफ इनकार कर दिया है।
सरकार के लिए चेतावनी
बच्चू कडू की यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज बन चुकी है। जब एक कार्यकर्ता ज़हर पीता है और नेता अन्न से हाथ खींच लेता है तो यह सरकार के लिए चेतावनी है, कि “अब ‘मौन’ नहीं, उत्तरदायित्व की घड़ी है।”
