Mumbai: BMC नाला सफाई की निगरानी के लिए बनेगा वॉर रूम

बृहन्मुंबई महानगर पालिका शहर में मानसून से पहले नाला सफाई अभियान की निगरानी करने के लिए वॉर रूम बनाने जा रहा है। साल 2016 में मुंबई नाला सफाई घोटाला के प्रकाश में आने के बाद ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नालों में गंदगी निकालने के काम की निगरानी करने के लिए एक समर्पित वॉर रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य मानसून से पहले पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल कीटाणुशोधन कार्य का लगभग 12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने शहर के नालों और मीठी नदी से 9.34 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाने का लक्ष्य रखा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

BMC का वॉर रूम कैसा होगा?

अब तक 1.11 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई जा चुकी है। स्टॉर्मवॉटर ड्रेन विभाग के एक सिविल अधिकारी ने बताया कि वॉर रूम में तीन अधिकारी और 11 सहायक कर्मचारी होंगे। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे। वे सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक काम करेंगे। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

ठेकेदारों पर कड़ी नज़र

एक अधिकारी ने बताया, “वॉर रूम नाले से गंदगी ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। यह ठेकेदारों द्वारा भेजे गए पहले और बाद के वीडियो की तुलना करके किए गए काम की पुष्टि भी करेगा। यह सेटअप सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि गंदगी को निर्धारित स्थान पर ही डाला जा रहा है और ठेकेदारों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी।” (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

उन्होंने कहा, “गंदगी हटाने के लिए एक दैनिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई है, जिससे प्रगति पर नजर रखना आसान हो जाएगा।” बीएमसी नालों और मीठी नदी से गंदगी हटाने के लिए दो साल में 550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले 75 प्रतिशत नालों से गंदगी हटा दी जानी चाहिए और मानसून के मौसम के दौरान 15 प्रतिशत गंदगी हटा दी जानी चाहिए। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

हो चुका है घोटाला

मुंबई में 215 किलोमीटर लंबे बड़े नाले, 156 किलोमीटर लंबे छोटे नाले और 22.25 किलोमीटर लंबी मीठी नदी है। 2016 में प्रकाश में आ चुके ‘मुंबई नाला सफाई घोटाले’ में 2005 से लेकर अब तक 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)

घोटाले से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका दो साल के कार्यकाल के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति करती थी। वर्ष 2016 के बाद जवाबदेही में सुधार के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रदान किये जा रहे हैं और सिर्फ एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया जा रहा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)


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