महाराष्ट्र में जनता के पैसों को बर्बाद किए जाने को लेकर राजनैतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र विधान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चांदी की प्लेटों में खाना परोसा गया था। जिसका 27 लाख रुपये खर्च आया है।
नेशनल डेस्क: मुंबई के विधान भवन में बीते कुछ दिनों पहले संसद की अनुमान समिति की ‘हीरक जयंती’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन पर खाने-पीने को लेकर भारी-भरकम खर्च किया गया। जिसको लेकर घमासान बहस छिड़ गई है। इस आयोजन में परोसे गए भोजन की कीमत, आलिशान मेहमान नवाज़ी और जिस थाली में खाने को परोसा गया? इन सबके चलते आम लोगों के टैक्स के पैसों से 27 लाख रुपये का खर्च अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.
समाजसेवक विजय कुंभार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसको लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, कि “यह वही समिति है, जो सादगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की बात करती है। लेकिन वही समिति खुद 27 लाख रुपये सिर्फ खाने पर खर्च कर दिए।” कुंभार ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है।
गटक लिया जनता के पैसे
विजय कुंभार ने अपनी पोस्ट में विस्तार से लिखते हुए बताया, कि मुंबई के विधान भवन में पूरे देश से आए बजट समिति के सदस्यों के लिए “राजाओं जैसे दावत” का आयोजन किया गया। इस दावत में प्रति व्यक्ति लागत 4,500 रुपये बताई गई है। खाने को चांदी की प्लेटों में परोसा गया, जिनकी प्रति प्लेट कीमत 550 रुपये बताई जा रही है। करीब 600 मेहमानों के लिए कुल खर्च 27 लाख रुपये हो गया। कुंभार ने कटाक्ष करते हुए कहा, यह वही समिति है जो सादगी का पाठ पढ़ाती है लेकिन खुद जनता के पैसों की बर्बादी कर गटक रही है।
600 मेहमानों के ठाठ-बाठ
विजय कुंभार ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 600 मेहमान (अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी) शामिल हुए थे। उनके स्वागत में विधान भवन के बाहर 40 फुट ऊंचा बोर्ड लगाया गया, मानो यह कोई शाही स्वागत समारोह मनाया जा रहा हो। अध्यक्षों और सदस्यों के लिए होटल ताज पैलेस में ठहरने की सुविधा की गई और बाकि अधिकारियों के लिए होटल ट्राइडेंट में व्यवस्था की गई थी। इतना ही नहीं विधान सभा परिसर में मलमल के कपड़े से डाइनिंग मंडप बनाए गया। बड़े-बड़े झूमर लगाए गए और हॉल से लेकर डाइनिंग एरिया तक लाल कालीन बिछाई गई।
कुंभार ने सवाल उठाया, कि इस शाही व्यवस्था को देखकर आम आदमी के टैक्स के पैसे को इस तरह लूटने वाले इन समूहों को शर्म कैसे नही आई? क्या जनता के पैसों को इस तरह बर्बाद करने वाले वाकई किफायत की भाषा समझते हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में पनपने लगा है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.
महाराष्ट्र में दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला’
इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर सबसे बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने सरकार पर “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास गरीबों के लिए कोई पैसा नहीं है लेकिन साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अभिजात वर्ग पर खर्च करने में कोई संयम नहीं दिखा रहा है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस भोज समारोह को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है, कि “महाराष्ट्र में हो रहे भ्रष्टाचार की तुलना दुनिया के किसी भी घोटाले से नहीं की जा सकती। यह बहुत ही उच्च स्तरीय घोटाला है।”
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आप को बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक व्यवस्था को लेकर किफायती और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर लगातार बहस चल रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.
