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  • IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 6 से 28 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। जानें योग्यता, वेतनमान, एग्ज़ाम पैटर्न और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश भर में जो भी लोग सरकारी नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) के अंतर्गत आने वाला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने 2025 के लिए सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती पूरे देश की 37 Subsidiary Intelligence Bureaux (SIBs) में होगी।

    आवेदन की प्रक्रिया 6 सितंबर 2025 से शुरू हो गई है और आखिरी तारीख 28 सितंबर 2025 है।

    कितनी वैकेंसी निकली है?

    कुल 455 पदों पर भर्ती होगी। इनमें सबसे ज़्यादा वैकेंसी दिल्ली (127 पद), श्रीनगर (20 पद), इतानगर (19 पद), लेह (18 पद) और जयपुर (16 पद) में निकली हैं।

    IB-Recruitment-2025-in-india-See-full-details-of-salary-eligibility-and-application-process

    कौन कर सकता है अप्लाई?

    👉 शैक्षणिक योग्यता

    • उम्मीदवार का 10वीं पास होना ज़रूरी है।
    • लाइट मोटर व्हीकल (LMV) चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
    • मोटर मैकेनिज़्म की जानकारी होनी चाहिए ताकि छोटे-मोटे डिफेक्ट ठीक कर सके।
    • जिस राज्य के लिए अप्लाई कर रहे हैं उसका डोमिसाइल सर्टिफिकेट होना चाहिए।
    • कम से कम 1 साल का ड्राइविंग अनुभव होना ज़रूरी है।

    👉 उम्र सीमा

    • 18 से 27 साल तक के उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं।
    • SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और विभागीय कर्मचारियों को 40 साल तक की छूट मिलेगी।

    IB सिक्योरिटी असिस्टेंट सैलरी

    इस पोस्ट की सैलरी Pay Level-3 (₹21,700 – ₹69,100) रहेगी। इसके अलावा:

    • 20% स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • ट्रांसपोर्ट अलाउंस
    • छुट्टी के दिनों की ड्यूटी पर कैश कम्पनसेशन
    • पेंशन (NPS के तहत)

    यानि कुल मिलाकर हाथ में अच्छी सैलरी और स्थायी सरकारी नौकरी का फायदा मिलेगा।

    सेलेक्शन प्रोसेस कैसे होगा?

    दो स्टेज में परीक्षा होगी:

    1. Tier-1: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (100 मार्क्स)

    •    जनरल अवेयरनेस: 20 मार्क्स
    •    बेसिक ट्रांसपोर्ट/ड्राइविंग रूल्स: 20 मार्क्स
    •    क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड: 20 मार्क्स
    •    रीजनिंग/लॉजिकल एबिलिटी: 20 मार्क्स
    •    इंग्लिश लैंग्वेज: 20 मार्क्स

       ⏱ समय: 1 घंटा | निगेटिव मार्किंग: 0.25 मार्क्स प्रति गलत उत्तर

    2. Tier-2: स्किल टेस्ट (50 मार्क्स)

    •    ड्राइविंग टेस्ट
    •    मोटर मैकेनिज़्म टेस्ट
    •    इंटरव्यू
    •      ✔️ पास होने के लिए कम से कम 40% लाना ज़रूरी है।

    आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

    1. ऑफिशियल MHA वेबसाइट [www.mha.gov.in](http://www.mha.gov.in) या NCS पोर्टल [www.ncs.gov.in](http://www.ncs.gov.in) पर जाएं।
    2. “IB Security Assistant (Motor Transport) Examination-2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करें।
    4. लॉगिन करके फॉर्म को भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    5. ऑनलाइन फीस जमा करें।
    6. फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार अच्छे से चेक कर लें।
    7. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकाल लें।

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    • जनरल, EWS, OBC (पुरुष): ₹650 (₹100 Exam Fee + ₹550 Processing)
    • SC/ST, महिला, एक्स-सर्विसमेन: ₹550 (सिर्फ प्रोसेसिंग चार्ज)

    जरूरी तारीखें (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 6 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 28 सितंबर 2025 (रात 11:59 तक)
    • फीस जमा करने की आखिरी तारीख (चालान): 30 सितंबर 2025

  • Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    मुंबई के एक नामी स्कूल में 4 साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया और अन्य स्टाफ से पूछताछ जारी है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में स्थित एक नामी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी स्कूल में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से यौन शोषण किया गया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया है।

    घटना कैसे हुई?

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार को बच्ची की दादी उसे रोज़ की तरह स्कूल छोड़कर गई थीं। बच्ची जब घर लौटी तो उसने दर्द की शिकायत की। परिवार को शक हुआ और उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराई। जांच में मिली जानकारी के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी और फिर पुलिस से संपर्क किया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के बाद एक महिला स्टाफ को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि वास्तव में इस महिला स्टाफ की भूमिका कितनी है।

    अन्य स्टाफ से पूछताछ

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्कूल की तीन अन्य महिला असिस्टेंट स्टाफ को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

    परिवार का गुस्सा और सवाल

    बच्ची के परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही। परिजनों का आरोप है कि अगर प्रशासन तुरंत और सख्ती से कदम उठाता तो शायद स्थिति और साफ हो पाती। अब परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

    समाज में बढ़ती चिंता

    इस घटना ने एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर यह माना जाता है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो माता-पिता का भरोसा डगमगाने लगता है।

    कानून क्या कहता है?

    भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों के लिए POCSO Act, 2012 बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ हुए यौन अपराध को गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों को सख्त सज़ा का प्रावधान है।

    मुंबई पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस ने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। पुलिस ने माता-पिता और आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के मामले में जागरूक रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

    परिजनों के लिए जरूरी सुझाव

    • 1. बच्चों से बातचीत करें – छोटे बच्चों को भी सही और गलत छूने की समझ सिखानी चाहिए।
    • 2. स्कूल प्रशासन पर निगरानी रखें – बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों की स्थिति पर नजर रखें।
    • 3. बच्चों की बात को हल्के में न लें – अगर बच्चा किसी तकलीफ या दर्द की शिकायत करे, तो तुरंत जांच करवाएं।
    • 4. लीगल हेल्प लें – किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत पुलिस और वकील से संपर्क करें।
  • महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

    Maharashtra-IMA-Strike-Why-are-allopathic-doctors-on-strike
    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।

    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।

    🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण

    इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

    🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं

    इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

    👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:

    • गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
    • खास ध्यान कुपोषित गर्भवती महिलाओं पर दिया गया।
    • स्लम इलाकों में निःशुल्क मेडिकल कैंप्स लगाए गए।

    👉 सैनिटरी पैड वितरण:

    • मनपा स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड दिए गए।
    • यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।

    🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?

    प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।

    🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:

    यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।

  • महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।

    🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम

    • पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
    • 6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
    • क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
    • हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।

    🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर

    • दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
    • जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
    • छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।

    🌍 निवेश और रोजगार पर असर

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
    यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।

    👩‍🏭 महिला कर्मचारियों को फायदा

    श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।

    🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित

    सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।

    🗣️ सरकार का बयान

    “महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।

  • मराठा आरक्षण पर राजनीति: ओबीसी संग्राम और फडणवीस का जवाब

    मराठा आरक्षण पर राजनीति: ओबीसी संग्राम और फडणवीस का जवाब

    मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में नया विवाद। छगन भुजबल की नाराजगी, ओबीसी नेताओं का रुख और देवेंद्र फडणवीस की सफाई जानें विस्तार से।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों आरक्षण को लेकर एक बार फिर गरमा गई है। मराठा आरक्षण को लेकर सरकार के नए जीआर (Government Resolution) ने माहौल को गर्म कर दिया है। मराठा समुदाय को मनाने में सफल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अब ओबीसी नेताओं की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ा नाम है एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का, जिन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार कर दिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    मराठा आंदोलन और सरकार का फैसला

    मराठा आंदोलन पिछले कई महीनों से चल रहा था। कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अनशन किया और सरकार से 8 मांगें रखीं। इनमें से 6 मांगों को सरकार ने मान लिया। सबसे अहम मांग थी मराठा-कुनबी प्रमाणपत्र को लेकर, जिस पर सरकार ने सबकमेटी के जरिए अहम फैसला लिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    इसके बाद आज़ाद मैदान और अन्य जगहों पर मराठा समाज ने जश्न मनाया। लेकिन इसी फैसले से ओबीसी नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    छगन भुजबल क्यों नाराज?

    बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक थी। उससे पहले छगन भुजबल प्री-कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए, लेकिन मुख्य बैठक में नहीं गए। उनका कहना है कि सरकार का यह जीआर ओबीसी के अधिकारों पर असर डाल सकता है।

    भुजबल ने यहां तक कह दिया कि वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे। इसके बाद अटकलें तेज हो गईं कि वे मंत्री पद भी छोड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    देवेंद्र फडणवीस का जवाब

    जब मीडिया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस विवाद पर सवाल किया तो उन्होंने साफ कहा:

    • “कोई कैबिनेट छोड़कर नहीं गया है। मैंने छगन भुजबल से फोन पर बात की है।”
    • “हमारा जीआर ओबीसी पर असर नहीं डालता। राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने भी इसे देखकर यही कहा है।”
    • “हम मराठों का आरक्षण मराठों को देंगे और ओबीसी का आरक्षण ओबीसी को। किसी का अधिकार छीना नहीं जाएगा।”

    ओबीसी पर असर होगा या नहीं?

    फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह जीआर सामान्य आरक्षण का आदेश नहीं है, बल्कि यह सिर्फ “प्रूफ का जीआर” है।

    • उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा के सबूत हैदराबाद गजट में मौजूद हैं, इसलिए इन्हें शामिल किया गया है।
    • जिनके पास सबूत होंगे, उन्हें ही आरक्षण का हक मिलेगा।
    • ओबीसी संगठनों ने भी इस पर सहमति जताई है।

    महाराष्ट्र में आगे की राजनीति

    महाराष्ट्र की राजनीति में आरक्षण हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है।

    • मराठा समाज की बड़ी आबादी है, जो लंबे समय से आरक्षण की मांग करता आया है।
    • वहीं ओबीसी समाज भी यह मानता है कि उनके अधिकार किसी और को न दिए जाएं।
    • ऐसे में सरकार को दोनों समुदायों को साथ लेकर चलना आसान नहीं होगा।

    फिलहाल फडणवीस यह दावा कर रहे हैं कि ओबीसी का हक किसी भी हाल में नहीं छीना जाएगा। लेकिन छगन भुजबल की नाराजगी यह संकेत देती है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    सोशल मीडिया पर माहौल

    मराठा आंदोलन के खत्म होते ही ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मराठा समर्थकों ने खुशी जताई। वहीं ओबीसी समर्थक इस फैसले को लेकर चिंता जता रहे हैं। #MarathaReservation, #OBCReservation और #ChhaganBhujbal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आंदोलन को शांत करने के लिए जो कदम उठाया है, उसने ओबीसी समाज में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। छगन भुजबल जैसे बड़े नेता की नाराजगी इस मुद्दे को और तूल दे सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार यह भरोसा दिला रहे हैं कि किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होगा। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    ❓ मराठा आरक्षण विवाद से जुड़े आम सवाल (FAQ)

    Q1. मराठा आरक्षण विवाद क्यों उठा?

    मराठा आरक्षण विवाद इसलिए उठा क्योंकि सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए नया जीआर (सरकारी आदेश) निकाला। इस फैसले से ओबीसी नेताओं को लग रहा है कि उनके आरक्षण पर असर पड़ सकता है।

    Q2. छगन भुजबल क्यों नाराज हैं?

    एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का कहना है कि सरकार का यह कदम ओबीसी समाज के हक पर असर डाल सकता है। इसी वजह से उन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार किया और कहा कि वे अदालत जाएंगे।

    Q3. क्या छगन भुजबल ने मंत्री पद छोड़ा है?

    नहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि कोई भी मंत्री कैबिनेट से बाहर नहीं गया है। भुजबल अब भी सरकार का हिस्सा हैं।

    Q4. देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर क्या कहा?

    फडणवीस ने कहा कि सरकार का जीआर ओबीसी पर कोई असर नहीं डालता। मराठा और ओबीसी दोनों को उनका हक मिलेगा और किसी का आरक्षण किसी और को नहीं दिया जाएगा।

    Q5. क्या ओबीसी का आरक्षण खतरे में है?

    सरकार का कहना है कि ओबीसी का आरक्षण बिल्कुल सुरक्षित है। यह जीआर सिर्फ सबूत और प्रमाण से जुड़ा है। जिनके पास योग्य प्रमाण होंगे, उन्हें ही आरक्षण मिलेगा। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answe

  • मुंबई में नौकरी अपडेट: सरकारी व निजी में रिक्त पदों पर आवेदन प्रक्रिया

    मुंबई में नौकरी अपडेट: सरकारी व निजी में रिक्त पदों पर आवेदन प्रक्रिया

    मुंबई में सितंबर 2025 में सरकारी व निजी क्षेत्र में ताज़ा नौकरियाँ: नगर निगम, BMC, पुलिस, कॉन्स्टेबल भर्ती व बड़ी कंपनियों में अवसर—जानें कैसे करें आवेदन। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    डिजिटल डेस्क मुंबई: भारत की आर्थिक राजधानी, नौकरी चाहने वालों के लिए फिर से रोजगार के नए अवसरों की राह खोल रही है। चाहे सरकारी क्षेत्र हो या निजी—यहां हर श्रेणी में अवसर बढ़ रहे हैं। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    सरकारी क्षेत्र में प्रमुख भर्तीें

    1. नगर निगम (MBMC) – 358 रिक्तियाँ

    महाराष्ट्र नगर निगम ने फायरमैन, इलेक्ट्रिशियन, जूनियर इंजीनियर (JE), क्लर्क समेत कुल 358 नई भर्तियाँ निकाली हैं, जिनमें वेतन ₹1.12 लाख तक हो सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को तुरंत ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है।

    2. BMC (मुंबई महानगरपालिका) – स्वास्थ्य विभाग

    BMC ने 23 पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है, जिनमें स्वास्थ्य विभाग में काम करने में रुचि रखने वालों के लिए अवसर हैं और वेतन ₹1.75 लाख प्रति माह तक हो सकता है।

    3. पुलिस कांस्टेबल भर्ती – 15,631 पद

    महाराष्ट्र कैबिनेट ने 12,399 पुलिस कांस्टेबल, 234 ड्राइवर, 2,393 आर्म्ड कांस्टेबल, 580 जेल कांस्टेबल समेत कुल 15,631 पदों को भरने की मंजूरी दी है। यह भर्ती OMR आधारित लिखित परीक्षा के माध्यम से होगी और उम्र सीमा से अधिक समय सीमा वाले उम्मीदवारों को भी एक विशेष अवसर मिलेगा।

    4. नवी मुंबई महापालिका (NMMC)

    NMMC ने 668 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया घोषित की है और इसका परीक्षा समय-सारणी अब उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवारों की तैयारी हेतु यह एक महत्वपूर्ण अवसर है (Maharashtra Times)।

    5. नागरिक रक्षा (Civil Defence)

    स्थापित कमी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 300 रिक्त पदों को भरने, उन्नत आपातकाल उपकरणों और आपातकालीन तैयारी बढ़ाने हेतु ₹20 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव भेजा है।

    6. MSRTC – 15,000 ड्राइवर व कंडक्टर

    एमएसआरटीसी (महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम) ने अगले पांच वर्षों में 15,000 ड्राइवर और कंडक्टर भर्ती करने की योजना बनाई है, जिससे सड़क परिवहन शक्ति बढ़ेगी। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

    निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट अवसर

    FreeJobAlert पर ताज़ा रिक्तियाँ

    एक नजर FreeJobAlert की सूची पर:

    • IBPS RRB – ऑफिस असिस्टेंट व ऑफिसर पदों पर 13,217 रिक्तियाँ, आवेदन की अंतिम तिथि 21-सितंबर-2025
    • Bombay High Court – Cook cum Peon पद (1 vacancy), आवेदन की अंतिम तिथि 21-सितंबर-2025
    • RCFL (Rail Coach Factory) – Apprentice पदों पर 325 रिक्तियाँ, अंतिम तिथि 12-सितंबर-2025
    • अन्य अवसर: Exim Bank, Director General of Shipping, NFDC, POWERGRID, SBI, MRVC, TIFR, आदि—अलग-अलग पदों पर आवेदन खुला है।

    MySarkariNaukri अपडेट

    • LIC Housing Finance – Assistant Manager / Associate पद के लिए जारी, अंतिम तिथि 15-सितंबर-2025
    • Naval Dockyard – Apprentice पद, अंतिम तिथि 12-सितंबर-2025
    • Indian Institute of Packaging – Clerk / Junior Assistant, अंतिम तिथि 24-सितंबर-2025

    Indeed पर कॉर्पोरेट और स्टार्टअप अवसर

    कुछ प्रमुख मौजूदा पद:

    • Google – Data Analytics, Project Management, Digital Business Marketing Apprenticeships (अंतिम तिथि 14-सितंबर-2025)
    • Kotak Mahindra – Management Trainee – Agri-Fin Projects
    • KPMG – Internal Audit Executive, Assistant Manager – Digital Government Advisory
    • The Carlyle Group – Executive Assistant (Mumbai)
    • Others – Customer Service Representative (Pretty Child), Business Analyst, Technical Sales Engineer, Talent Acquisition Partner, ERP Specialist

    Randstad और Shine जैसे पोर्टल पर हजारों अवसर

    Shine.com पर मुंबई में वर्तमान में 7419+ नौकरी रिक्तियाँ उपलब्ध हैं—IT, मार्केटिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा जैसे सेक्टर शामिल
    Randstad पर 131+ विभिन्न प्रकार की सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरियाँ मुंबई में उपलब्ध हैं।

    आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया

    सरकारी भर्ती (जैसे MBMC, BMC, Police, NMMC):

    1. संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ (MBMC/BMC/NMMC/POLICE)
    2. भर्ती अधिसूचना डाउनलोड करें (योग्यता, आयु, प्रारंभिक शुल्क, चयन प्रक्रिया विवरण)
    3. ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें—पात्रता दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें
    4. आवेदन शुल्क का भुगतान करें (यदि निर्धारित हो)
    5. सबमिशन के बाद आवेदन संख्या और ई-मेल/एसएमएस पावती संभाल कर रखें
    6. Admit Card और परीक्षा संबंधी अपडेट वेबसाइट/ई-मेल पर समय-समय पर देखें
    7. लिखित/शारीरिक परीक्षा और अंतर्वार्ता में भाग लें

    निजी/कॉर्पोरेट अवसर (Indeed, FreeJobAlert आदि):

    1. पोर्टल (Indeed, FreeJobAlert, Shine) पर खाता बनाएँ और प्रोफ़ाइल अपलोड करें
    2. इच्छित कीवर्ड (e.g., “Apprentice Mumbai”), लोकैलिटी और श्रेणी के हिसाब से फिल्टर करें
    3. उपयुक्त जॉब पोस्ट चुनें और “Apply Now” करें
    4. कवर लेटर, रिज़्यूमे और अन्य दस्तावेज़ तैयार रखें
    5. उम्मीदवार को कॉल/ई-मेल से आगे की प्रक्रिया के लिए संपर्क किया जाएगा

    नौकरी अलर्ट और तैयारी सुझाव

    • नौकरी अलर्ट सेट करें (Shine, Indeed पर) ताकि नए अवसर सीधे आपकी ई-मेल/मोबाइल पर पहुँचे
    • दस्तावेज़ जैसे रिज्यूमे, मार्कशीट, प्रमाणपत्र, आईडी प्रूफ हमेशा तैयार रखें
    • परीक्षा पैटर्न और पिछले प्रश्नपत्र देखें—विशेषकर सरकारी भर्ती के लिए
    • इंटरव्यू और टाइटल्ड एप्लिकेशन ट्रिक्स पर ध्यान दें

    मुंबई में इस समय सरकारी भर्ती से लेकर निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर तक नौकरी की बहार है। चाहे वह नगर निगम और BMC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएँ हों, पुलिस भर्ती हो या 15,000 ड्राइवर-कंडक्टर की MSRTC योजना, कॉर्पोरेट प्रतिष्ठानों में apprenticeships व विशेषज्ञ पद—यह लेख हर उम्मीदवार की दिशा में मार्गदर्शक साबित हो सकता है। Jobs in Mumbai: Application process for vacancies in government and private sector

  • मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का ऐलान, “मर भी जाऊं तो भी नहीं हटूंगा”। पांच दिन से भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव।

    मुंबई: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर आज़ाद मैदान में बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन को और सख्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे उनकी जान भी क्यों न चली जाए, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पाटिल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    जरांगे का सख्त ऐलान

    मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो भी इस ज़मीन से नहीं उठूंगा। सोमवार को होने वाले जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।”

    हाईकोर्ट और पुलिस की सख्ती

    मुंबई पुलिस ने आंदोलन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है।
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलनकारियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए और इसके चलते शहर ठप पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी हुई।

    कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:

    • आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान से हटाया जाए।
    • मुंबई की सड़कों से ट्रैफ़िक जाम हटाया जाए।
    • नए प्रदर्शनकारियों को शहर में एंट्री न दी जाए।
    • जरांगे पाटिल और समर्थकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पाटिल का पलटवार

    मनोज जरांगे पाटिल ने कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जैसे ही अदालत का आदेश मिला, प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियाँ सड़कों से हटा दीं ताकि ट्रैफ़िक में कोई दिक्कत न हो। पाटिल का कहना है कि वे पिछले दो सालों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे।

    मराठा आरक्षण की मुख्य मांग

    पाटिल और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत 10% आरक्षण मिले।
    उनका कहना है कि जब तक “हैदराबाद राजपत्र” लागू नहीं होता और लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    सरकार पर बढ़ा दबाव

    इस आंदोलन के चलते महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल की अगुवाई में 10 मंत्रियों की समिति बनाई है। समिति आंदोलनकारियों से बातचीत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

    आज़ाद मैदान में भीड़ और माहौल

    मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुटे हुए हैं। आंदोलन के शुरुआती दिनों में शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।

    हालांकि, मनोज जरांगे पाटिल की सेहत लगातार गिर रही है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

    निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

    मराठा आरक्षण का यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ सरकार और अदालत कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज जरांगे पाटिल साफ कह रहे हैं कि वे “न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जान भी क्यों न चली जाए।”

    यह आंदोलन अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

  • HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है। पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब कोर्ट की सख्ती की वजह से चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम सुनवाई में मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को स्पष्ट आदेश दिया कि उन्हें दोपहर 3 बजे तक मुंबई के आजाद मैदान को खाली करना होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसमें आंदोलनकारियों पर एक्सेम्प्लरी कॉस्ट (भारी जुर्माना) और यहां तक कि कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अवमानना) की कार्रवाई भी की जा सकती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    कोर्ट ने क्यों दिया अल्टीमेटम?

    High-Court-ultimatum-Jarange-must-vacate-Azad-Maidan-by-3-pm

    आजाद मैदान मुंबई का ऐतिहासिक और संवेदनशील इलाका है, जहां अक्सर बड़े आंदोलन और प्रदर्शन होते रहते हैं। लेकिन गणेशोत्सव जैसे त्योहार और शहर की भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने कोर्ट से अपील की थी कि आंदोलनकारियों को वहां से हटाया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक कब्जा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने आंदोलनकारियों से कहा कि वे अपनी बात रखने के लिए वैधानिक तरीके अपनाएं, लेकिन शहर की सामान्य व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकते। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का आंदोलन और उसका असर

    मनोज जरांगे पिछले कई महीनों से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय हैं। महाराष्ट्र में यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। जरांगे और उनके समर्थक यह मांग कर रहे हैं कि मराठा समुदाय को स्थायी रूप से शिक्षा और नौकरी में आरक्षण दिया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का कहना है कि मराठा समाज के साथ वर्षों से अन्याय हुआ है और अब सरकार को इसका हल निकालना ही होगा। लेकिन उनकी आंदोलन शैली—चाहे वह अनशन हो या रैली—ने कई बार प्रशासन और अदालत की चिंता बढ़ा दी है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा –
    “हमारे आदेश का पालन न करने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर आप समय पर आजाद मैदान खाली नहीं करते तो अवमानना की कार्रवाई होगी और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।”

    कोर्ट की यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि अब न्यायपालिका इस आंदोलन को सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ मान रही है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आंदोलनकारियों में बेचैनी

    जरांगे समर्थकों में कोर्ट के आदेश के बाद हलचल तेज हो गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग जायज़ है और वे इसे छोड़ने वाले नहीं हैं। लेकिन कोर्ट के सख्त रुख ने उन्हें दोराहे पर खड़ा कर दिया है।

    कुछ आंदोलनकारी मानते हैं कि जरांगे को अब आंदोलन की नई रणनीति बनानी होगी, वरना कानूनी कार्रवाई से आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    राजनीति में गरमाहट

    इस फैसले का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी साफ दिख रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने जानबूझकर आंदोलन को कोर्ट तक पहुंचाया, ताकि जरांगे की ताकत को कम किया जा सके। वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन हर किसी को करना ही होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    मराठा आरक्षण का मुद्दा वैसे भी राज्य की राजनीति में लंबे समय से अहम भूमिका निभाता रहा है। अब कोर्ट की सख्ती के बाद इस पर नया राजनीतिक संग्राम छिड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जनता की प्रतिक्रिया

    मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों का कहना है कि आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अगर इससे आम जनता की जिंदगी प्रभावित होती है तो सरकार और कोर्ट को कदम उठाना ही चाहिए। वहीं, मराठा समाज से जुड़े लोग मानते हैं कि जरांगे की लड़ाई वैध है और कोर्ट को आंदोलनकारियों के साथ थोड़ा नरमी बरतनी चाहिए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आगे क्या होगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जरांगे और उनके समर्थक कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे या टकराव का रास्ता अपनाएंगे। अगर उन्होंने आदेश मानकर आजाद मैदान खाली किया, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। और अगर आदेश का उल्लंघन किया, तो कोर्ट की कार्रवाई से आंदोलन को बड़ा झटका लग सकता है।

    बॉम्बे हाईकोर्ट का यह अल्टीमेटम मराठा आंदोलन के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। एक ओर जरांगे और उनके समर्थकों के सामने आरक्षण की मांग का सवाल है, तो दूसरी ओर अदालत और प्रशासन की सख्ती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में मराठा आंदोलन किस दिशा में जाता है। लेकिन इतना तय है कि कोर्ट का यह आदेश महाराष्ट्र की राजनीति और समाज दोनों पर गहरा असर छोड़ने वाला है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

  • HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।

    मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।

    हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।

    जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।

    राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।

    अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।