Cyber Fraud News: मुंबई पुलिस की एक टीम ने गुजरात के गांधीनगर से रूपेश ठक्कर और पंकज भाई ओड नाम के ठगों को धोखाधड़ी के नाम पर गिरफ्तार किया है। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई फोन और बैंक अकाउंट भी मिले हैं। ऑनलाइन जॉब..
इस्माईल शेख मुंबई– माटुंगा पुलिस ने ऑनलाइन जॉब और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों कथित तौर पर घर बैठे आसान काम करके लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। ये ठग कई लोगों को लाखों रुपये की चपत लगा चुके हैं। (Online Job Fraud Cyber crime News Mumbai Police Latest News)
माटुंगा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिपक चव्हाण ने बताया, कि आरोपियो ने धोखाधड़ी में जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया है उनमें पिछले तीन महीने में 60 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। जांच के दौरान पुलिस ने इन खातों में 1.1 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इनके दूसरे साथियों की तलाश कर रही है। (Online Job Fraud Cyber crime News Mumbai Police Latest News)
खबर के मुताबिक, मुंबई के माटुंगा स्थित वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट के हॉस्टल में रहने वाले 19 साल के एक छात्र ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पीड़ित ने बताया, कि कुछ जालसाजों ने उनसे वॉट्सऐप के जरिये संपर्क किया। ठगों ने उन्हें घर बैठे पार्ट टाइम जॉब का झांसा दिया। उन्हें एक टेलीग्राम चैनल में जोड़ा गया। बाद में जालसाजों ने उन्हें बेहतर रिटर्न का वादा करते हुए अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा। वह ठगों के झांसे में आ गया और उनके खाते में 2.45 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में जब काम नहीं मिला तो ठगी का पता चला। (Online Job Fraud Cyber crime News Mumbai Police Latest News)
माटुंगा पुलिस स्टेशन की फाइल तस्वीर
ऑनलाइन जॉब के नाम पर धोखा..
इस शिकायत के बाद माटुंगा पुलिस एक्शन में आई और उन बैंक खातों को ट्रैक किया जिनमें छात्र ने रुपये जमा कराए थे। इन खातों के जरिये ठगों का पता लगाया गया। आरोपियों के बारे में जानकारी मिलते ही पुलिस की एक टीम गुजरात के गांधीनगर पहुंची और वहां से 33 वर्षीय रूपेश ठक्कर और 34 वर्षीय पंकज भाई ओड को गिरफ्तार किया। (Online Job Fraud Cyber crime News Mumbai Police Latest News)
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पुलिस ने आरोपियों के पास से 33 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, अलग-अलग बैंकों की 32 चेक बुक, छह मोबाइल फोन और 28 सिम कार्ड भी बरामद किए है। इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। (Online Job Fraud Cyber crime News Mumbai Police Latest News)
महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने स्कूलों के अपने समय में बदलाव करने की अपील की है, ताकि बच्चें पूरी नींद ले सकें। राज्यपाल ने कहा है कि बच्चों को सुबह जल्दी उठना पड़ता है। ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं हाेती है। ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं होती है।
इस्माईल शेख मुंबई– स्टूडेंट्स को पूरी नींद मिले इसके लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने एज्युकेशन अधिकारियों से स्कूलों का समय बदलने पर विचार करने को कहा है। महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, कि कोविड के बाद से हर किसी की नींद का तरीका बदल गया है। खासकर बच्चे जो आधी रात के बाद ही सोते हैं, लेकिन उन्हें स्कूल जाने के लिए जल्दी उठना पड़ता है, जिससे उनकी नींद का न्यूनतम कोटा खत्म हो जाता है। इसका खयाल करते हुए, उन्होंने स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों से इस पहलू पर ध्यान देने के अलावा ‘पुस्तक-रहित’ स्कूलों, ‘ई-कक्षाओं’ को बढ़ावा देने और छात्र समुदाय पर शिक्षा के बोझ को कम करने के लिए उनकी गुणवत्ता के अनुसार स्कूलों की रैंकिंग करने का आह्वान किया है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल ने क्या कहा ..
राज्यपाल रमेश बैस ने यह बातें राजभवन में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न पहलुओं के शुभारंभ के मौके पर कहीं। बैस ने जब ये बातें कहीं तो कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री दीपक केसरकर, मंगल प्रभात लोढ़ा और गिरीश महाजन के अलावा प्रमुख सचिव शिक्षा रणजीत सिंह देयोल भी मौजूद थे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित नए स्कूल भवनों का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल और सीएम ने संयुक्त रूप से माई स्कूल, ब्यूटीफुल स्कूल, स्टोरी-टेलिंग सैटरडे, एंजॉयेबल रीडिंग, एडॉप्ट स्कूल एक्टिविटी, माई बैकयार्ड और क्लीननेस मॉनिटर जैसी पहल की शुरुआत की।
लाइब्रेरी को गोद लेने की जरूरत राज्यपाल ने इस बात पर भी खेद व्यक्त किया कि राज्य में सैकड़ों सार्वजनिक पुस्तकालय हैं, लेकिन अधिकांश पुराने हैं, इसलिए उन सभी को पुनर्जीवित करने और परिसर में कंप्यूटर और इंटरनेट प्रदान करके ‘लाइब्रेरी एडॉप्शन’ शुरू करने की आवश्यकता जताई है। बैस ने आग्रह करते हुए कहा, कि यह आवश्यक था क्योंकि छात्र न केवल किताबों के माध्यम से बल्कि इंटरनेट, सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों के माध्यम से भी अपना ज्ञान प्राप्त करते हैं जो उनके आईक्यू स्तर को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसलिए शिक्षकों को भी शैक्षणिक मामलों में नए चीजों को सीखते रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कम शैक्षणिक होमवर्क और “खेल और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर के साथ शिक्षा को और अधिक मनोरंजक बनाने का आह्वान किया।
चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।
वी बी माणिक मुंबई- पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।
चुनाव आयोग के कार्य ..
सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।
इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।
लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।
जिला परिषद भर्ती 2019 रद्द, भर्ती प्रक्रिया के उम्मीदवार असमंजस में,
किससे करें परीक्षा फीस वापसी की अपील?
Maharashtra Government Job
इस्माइल शेख मुंबई– पिछले दिनों साल 2019 जिला परिषद की भर्ती रद्द कर दी गई थी। उस पद के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। उस समय उम्मीदवारों द्वारा भरा गया परीक्षा शुल्क हलाकि ग्रामीण विकास विभाग ने चार साल बाद फीस वापस करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए जारी लिंक में उम्मीदवारों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब तकनीकी दिक्कतों से परेशान अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि फीस वापसी के लिए किसके पास अपील करें। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा समन्वय समिति ने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। (Maharashtra Government Job News)
मार्च 2019 में जिला परिषद के अंतर्गत 13 हजार 521 पदों पर सीधी सेवा भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके लिए 12 लाख 72 हजार 319 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अब इस भर्ती प्रक्रिया के रद्द होने से उस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने शुल्क की राशि जिला परिषदों को दे दी है। इस बीच, जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के लिए जानकारी भरने के लिए एक वेबसाइट खोली गई है। (Maharashtra Government Job News)
पहले जिला परिषद की इस वेबसाइट पर केवल उपयोगकर्ता का नाम दर्ज करने पर लॉगइन करने की सुविधा थी। हालाँकि, कई लोगों को अपना आधार नंबर दर्ज करके लॉगइन करने की सुविधा दी गई क्योंकि उन्हें अपना उपयोगकर्ता नाम नहीं पता था। तो अब आधार नंबर डालकर लॉगइन करने के बाद फीस रिफंड आवेदन भरना होगा। आवेदन जमा करते समय मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होता है, लेकिन मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण लाखों उम्मीदवारों का आवेदन जमा नहीं हो पाया है। सवाल यह उठा है कि कुछ उम्मीदवारों का विवरण आधार नंबर डालने के बाद भी नहीं आया है, उनका क्या? (Maharashtra Government Job News)
क्या हैं मांगें…
ओटीपी न मिलना, आवेदन जमा न होना जैसी कई तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। लॉगइन करने के बाद उम्मीदवार द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की कुल सूची लॉगइन के बाद पेज पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उम्मीदवार को पूरी फीस रिफंड तुरंत मिल जाएगी। यदि वेबसाइट के माध्यम से शुल्क वापसी ठीक से नहीं की जाती है, तो ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जिला परिषद को स्थानीय स्तर पर शुल्क वापसी के लिए एक और तरीका प्रदान करना चाहिए। (Maharashtra Government Job News)
इस संबंध में प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष राहुल कावठेकर ने कहा, कि जिला परिषद की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ली गयी हजारों रुपये की फीस का हिस्सा उन्हें नहीं मिले तो वे क्या करें? सरकार को इन उम्मीदवारों को राहत देनी चाहिए जो पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे हैं। (Maharashtra Government Job News)
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अभ्यर्थियों में असमंजस
एक उम्मीदवार ने 2019 में विभिन्न जिलों के लिए 10 पदों के लिए करीब ढाई हजार रुपये से लेकर सात-आठ हजार रुपये तक फीस का भुगतान किया है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है, कि उन्हें लॉगइन में केवल पांच आवेदन ही दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्मीदवार को अन्य पदों के लिए रिफंड शुल्क नहीं मिलेगा। (Maharashtra Government Job News)
वी बी माणिक मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और नगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों अन्य संस्थाओं में कब भर्ती किया जाएगा तृतीय पंथियों (किन्नरों) को। सरकारी नौकरियों में इनके आरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
2012-13 के समय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में न्यायमूर्तियों ने एक आदेश पारित कर कहा है, कि इनको भी पुरुषों और महिलाओं की तरह तृतीय पंथियों को भी नौकरी में लिया जाना चाहिए। जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के अधीन राज्य सरकार ने अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 तहत कलम 9 और 10 में तरतूद किया है, कि किसी भी किन्नरों को रोजगार सम्बंधित किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जाएगा।
राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया रिट याचिका क्र 400/2012 एवं 604/2013 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया है, कि किन्नरों को शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जाति के नागरिक के आधार पर आरक्षण दिया जाय। इसके लिए तृतीय पंथियों को लेकर एक संस्था ‘संपदा ग्रामीण महिला संस्था (संग्राम)’ ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एल क्र. 2781/2022 दाखिल किया है। इस आधार पर एक तृतीयपंथी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए आवेदन किया गया है।
अब प्रश्न ये है, कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र की सभी सरकारी संस्थाओं ने अभी तक केवल पेपर बाज़ी के अलावा कुछ भी नही किया है। केवल एक ‘नगरपालिका पिम्परी चिंचवड़’ ने कुछ किन्नरों की भर्ती किया है। किन्नरों को सभी विभागों में उनकी योग्यता के आधार पर भर्ती करना है। माननीय न्यायालय ने 9 दिसंबर 22 को निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य शासन ने पुरूष महिला और तृतीय पंथी ऐसे शब्दों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
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मनपा और राज्य सरकार में सुरक्षा के लिए भर्ती करने की प्रतिक्रिया शुरू करने जा रही है। पर तृतीयपंथियो के जीवन यापन के लिए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय होगा। ये भर्ती कब शुरू होगी? कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इस पर सरकार विचार कर रही है। इस पर अतिशीघ्र निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है। पर इसका पालन सरकार खुद नही कर रही है, इसके लिए जबाबदार कौन है?
बोरीवली के एमएचबी पुलिस स्टेशन द्वारा Pavfriend.in के सहयोग से सामुदायिक कुत्तों के लिए अभिनव ‘सुरक्षा कवच’ क्यूआर-आधारित डिजिटल सूचना ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया गया।
इस्माईल शेख मुंबई– समुदाय संचालित पहल के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, एमएचबी पुलिस स्टेशन, बोरीवाली के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री सुधीर कुडालकर ने पावफ्रेंड के साथ साझेदारी में ‘सुरक्षा कवच’ क्यूआर-आधारित डिजिटल सूचना ट्रैकिंग सिस्टम का अनावरण किया है। में। इस क्रांतिकारी प्रणाली का उद्देश्य स्थानीय समुदाय के कुत्तों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है, जिससे समुदाय के भीतर एकता और सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया जा सके।
जैसा कि देश रक्षा बंधन मना रहा है, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कुडालकर सभी जीवित प्राणियों की सुरक्षा की साझा जिम्मेदारी को पहचानते हैं और मानते हैं कि ‘सुरक्षा कवच’ पहल एक सुरक्षित और सामंजस्यपूर्ण समाज के मूल मूल्यों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल जानवरों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के आवश्यक कर्तव्य को रेखांकित करती है, जिससे ‘सुरक्षित भारत’ या ‘सुरक्षित भारत’ में योगदान मिलता है।
Indian fasttrack newsबोरीवली MHB पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर की तस्वीर
क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा कवच ..
अक्षय रिडलान के सहयोग से Pavfriend.in द्वारा विकसित ‘सुरक्षा कवच’ प्रणाली, एमएचबी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सामुदायिक कुत्तों के लिए एक व्यापक डिजिटल ट्रैकिंग तंत्र बनाने के लिए क्यूआर तकनीक की शक्ति का उपयोग करती है। प्रत्येक कुत्ते को एक अद्वितीय क्यूआर कोड सौंपा जाएगा जिसमें कुत्ते के स्वास्थ्य, स्वामित्व विवरण और आपातकालीन संपर्क जानकारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी होगी। किसी अप्रत्याशित घटना की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में, यह प्रणाली कुत्ते की त्वरित पहचान और उसके अभिभावक से संपर्क करने में सक्षम बनाएगी।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने कहा, “हमें ‘सुरक्षा कवच’ पहल शुरू करने पर गर्व है, जो हमारे चार-पैर वाले दोस्तों सहित हमारे समुदाय के प्रत्येक सदस्य के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। Pavfriend.in और अक्षय रिडलान के साथ सहयोग करके हम एक अधिक दयालु और सुरक्षित समाज के निर्माण में एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं। जैसे ही हम सुरक्षा का प्रतीक राखी गांठ बांधते हैं, आइए हम उस भावना को अपने वफादार साथियों तक पहुंचाएं।”
Pavfriend.in के दूरदर्शी अक्षय रिडलान ने साझेदारी के लिए अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा मिशन हमेशा प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर मनुष्यों और जानवरों के बीच की खाई को पाटना रहा है। ‘सुरक्षा कवच’ पहल हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है इस कारण। हम इस प्रयास में श्री कुडालकर और एमएचबी पुलिस स्टेशन के साथ सहयोग करके रोमांचित हैं।”
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यह अग्रणी ‘सुरक्षा कवच’ पहल आशा, करुणा और दूरदर्शी सोच की किरण के रूप में कार्य करती है। यह अपने अधिकार क्षेत्र में मानव और पशु दोनों समुदायों की बेहतरी के लिए नवाचार को अपनाने के लिए एमएचबी पुलिस स्टेशन के समर्पण को दर्शाता है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्का या हिजाब पहन सकती हैं। (Mumbai Hijab Row)
इस्माईल शेख मुंबई- कर्नाटक के बाद एक बार फिर देश में हिजाब बनाम भगवा को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ताजा मामला मुंबई के चेंबूर इलाके के एक कॉलेज का है, जहां हिजाब को लेकर बवाल हो रहा है। बुर्का या हिजाब पहनी हुई छात्राओं को कॉलेज में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसमें कॉलेज प्रशासन साफ कह चुका है, कि स्कूल में सख्ती से ड्रेस कोर्ड लागू किया गया है और सभी छात्रों को इसका पालन करना होगा। हालांकि कुछ छात्राओं को कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखा गया। (Mumbai Hijab Row)
Mumbai Hijab Row..
मामला मुंबई के चेंबूर इलाके का जहां, डीके मराठा कॉलेज में कुछ छात्र बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंचीं थी, जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें कॉलेज के अंदर दाखिल नहीं होने दिया। गार्ड का कहना है कि स्कूल में पहले ही यूनिफॉर्म पॉलिसी लागू कर दी गई है और इसके बारे में जानकारी भी सभी छात्रों को दे दी गई थी। स्कूल में बुर्का पहनने और सिर ढकने पर पाबंदी है। हालांकि जब छात्राओं को स्कूल में एंट्री नहीं मिली तो छात्राओं ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने मामले को संभालते हुए स्कूल प्रशासन और छात्राओं के बीच बातचीत कराई। जिसके बाद मामला शांत कराया गया। (Mumbai Hijab Row)
Indian fasttrack newsप्रदर्शन के द्वारा छात्राओं की तस्वीर
ड्रेस कोर्ड हो गया लागू..
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स और टीचर की मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्के का इस्तेमाल कर सकती हैं। स्कूल प्रशासन का ये भी कहना है कि भले ही छात्राएं घर से बुर्का या हिजाब पहनकर आ सकती है लेकिन स्कूल कैंपस में आकर बदल सकती हैं। हालांकि छात्राएं इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी। (Mumbai Hijab Row)
महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी।
मूसलाधार बरसात में हादसे की संभावना।
सभी स्कूल और कॉलेज बंद।
सुरेंद्र राजभर मुंबई– मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई 8 बजे से लेकर 27 जुलाई दोपहर तक मुंबई में मूसलाधार बरसात की संभावना जताई जाती है। अधिक वर्षा से मुंबई के निचले इलाकों में पानी जमा होकर मुंबईकरों के लिए मुसीबत बन जाता है। मुंबई में आज भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रख मनपा प्रशासन के मुखिया इकबाल सिंह चहल ने आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका और मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के साथ ही सभी कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा जारी कर दी है। साथ ही सभी मुंबईवासियों से सतर्क रहने की अपील भी की है।
मूसलाधार बरसात..
बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले प्रशासन के माध्यम से समयानुसार दिए गए निर्देशों का पालन करने का मुंबईकरों से अनुरोध भी किया है। साथ ही मुंबई से सटे मीरा-भयंदर और पालघर जिले की भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। यहां पर भी सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेजों को बंद करा दिया गया है। इस समय राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। (मूसलाधार बरसात)
Indian fasttrack newsमुंबई शहर में मूसलाधार बरसात की तस्वीर
महाराष्ट्र के 4 जिलों में जारी अलर्ट..
भारी बारिश के पिछले और वर्तमान के अनुमान को देखते हुए आज मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी और चंद्रपुर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जर्जर इमारतों के वर्षा समय में गिरने का खतरा भी होता है। मुंबईकरों से अपिल है, कि घबराएं नहीं। आपातकालीन परिस्थितियों में हेल्प लाइन नंबर 1916 पर सहायता के लिए संपर्क करें। इसको लेकर समूचे मुंबई में एलर्ट जारी कर दिया गया है। (मूसलाधार बरसात)
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प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में, कहा गया है, कि जरूरत नहीं हो तो घर से बाहर न निकलें। जर्जर इमारत के पास पथक की तैनाती की गई है। मनपा आयुक्त ने ऐसी सूचना जारी कर दी है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए समस्त मनपा कर्मी पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की सुरक्षा बल अलर्ट मोड़ पर रहेगी। वहीं लोगों से सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। दोपहर बाद ताजा मिल रही जानकारी के मुताबिक, बोरीवली पूर्व स्टेशन रोड पर पानी भर गया है और दहिसर पूर्व एस वी रोड से शिवाजी रोड पर घुटनों तक पानी भर गया है। कभी भी पानी दुकान के अंदर घुस सकता है। यहां आने जाने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। (मूसलाधार बरसात)
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय अबेकस और मानसिक अंकगणित और गणित परीक्षण परीक्षाओं में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने वाले 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी।
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) महाराष्ट्र- शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित विजयनगर कल्याण पूर्व में एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान, एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी ने जनवरी 2023 में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय अबेकस और मानसिक अंकगणित और गणित परीक्षण परीक्षाओं में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने वाले 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी। ये असाधारण व्यक्ति उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र और पदक से सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए 16/07/2023 को एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी (Edusmartinc smart Academy) में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सम्मानित व्यक्तित्व श्रीमती सपना पिसल ने छात्रों को अबेकस और मानसिक अंकगणित की कला में महारत हासिल करने के लिए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण पर बधाई देते हुए, प्रमाण पत्र और पदक वितरित किए।
निम्नलिखित छात्रों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। 1. अदविका पाटिल 2. कस्तूरी निकम 3. ध्रुव पटोले 4. अर्णव पवार 5. राशि हांडे 6. तनुष 7. ओजस पिसल 8. अरव तिवार 9. हर्ष जैन 10.एताश हेगड़े 11.अंश तिवारी 12. ऋषभ पाटील
उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी।
इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों ने असाधारण कौशल, दक्षता और अबेकस और मानसिक अंकगणित तकनीकों की गहरी समझ का प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियाँ न केवल उनकी व्यक्तिगत उत्कृष्टता को दर्शाती हैं, बल्कि एडस्मार्टिंक स्मार्ट किड्स अकादमी द्वारा प्रदान किए गए कठोर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन को भी दर्शाती हैं। इसी को लेकर 35 छात्रों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को गर्व से मान्यता दी गई।
एडस्मार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी (Edusmartinc smart Academy) अपने छात्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करते हुए समग्र शिक्षा प्रदान करने में सबसे आगे बनी हुई है। अपने समर्पित संकाय और अत्याधुनिक संसाधनों के साथ, संस्थान छात्रों को गणित और मानसिक अंकगणित के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करता है।
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प्रमाणपत्र और पदक वितरण समारोह ने युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उनका पोषण करने के लिए एडुसमार्टिंक स्मार्ट किड्स एकेडमी की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में कार्य किया। संस्था गणित और मानसिक अंकगणित के प्रति प्रेम को प्रोत्साहित करने में दृढ़ता से विश्वास करती है, और ये युवा उपलब्धियां अपने साथियों के लिए रोल मॉडल के रूप में काम करती हैं।’स्मार्ट किड्स एकेडमी उज्जवल भारत के लिए स्मार्ट पीढ़ी के निर्माण के लिए तत्पर है’।