Category: Mumbai News

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  • Sharad Pawar Meeting: शिंदे के दफ्तर की बैठक से महाविकास अघाड़ी में तकरार

    Sharad Pawar Meeting: शिंदे के दफ्तर की बैठक से महाविकास अघाड़ी में तकरार

    Sharad Pawar Meeting को लेकर महाविकास अघाड़ी में विवाद गहरा गया। संजय राउत ने शरद पवार की बैठक पर सवाल उठाए, जबकि एनसीपी (एसपी) ने दिया करारा जवाब।

    (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई: महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में हुई बैठक ने महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस बैठक के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

    शिवसेना (उद्धव) के सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, एनसीपी (एसपी) ने पलटवार करते हुए कहा कि राजनीति भावनाओं से नहीं बल्कि समीकरणों से चलती है और संवाद लोकतंत्र की बुनियाद है।

    शरद पवार ने शिंदे के कार्यालय में क्यों की बैठक?

    बुधवार को शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए विधान भवन पहुंचे थे।

    बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शिंदे से शिष्टाचार भेंट भी की।

    यही मुलाकात अब महाविकास अघाड़ी के भीतर राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है।

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    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत की फाइल तस्वीर

    संजय राउत ने क्या कहा?

    गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का शिंदे के कार्यालय में जाकर पार्टी बैठक करना शिवसेना (उद्धव) के कार्यकर्ताओं के लिए पीड़ादायक है।

    उन्होंने कहा कि—

    • इससे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
    • यह उन लोगों का महिमामंडन है जिन्होंने महाविकास अघाड़ी सरकार गिराई।
    • यदि बैठक करनी थी तो विधान भवन, वाई.बी. चव्हाण प्रतिष्ठान या राष्ट्रवादी भवन जैसे अन्य स्थान भी उपलब्ध थे।
    • महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दलों को ऐसे मामलों में राजनीतिक मर्यादा का पालन करना चाहिए।

    राउत ने यह भी कहा कि वह इस विषय पर शरद पवार से स्वयं चर्चा करेंगे, हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि पवार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल नहीं होंगे।

    एनसीपी (एसपी) का करारा जवाब

    राउत के बयान के बाद एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अमोल माटेले ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    उन्होंने कहा कि—

    • 50 वर्ष से अधिक राजनीतिक अनुभव वाले नेता को राजनीति सिखाने की जरूरत नहीं है।
    • एकनाथ शिंदे संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उनसे मुलाकात करना स्वाभाविक है।
    • महाराष्ट्र के विकास, आरक्षण, सूखा और सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर संवाद जरूरी है।
    • संवाद समाप्त होने का मतलब राजनीति का समाप्त होना है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि एक बैठक से महाविकास अघाड़ी की नींव हिल जाती है तो गठबंधन को अपने भीतर झांकने की जरूरत है।

    ‘राजनीति भावनाओं से नहीं, गणित से चलती है’

    एनसीपी (एसपी) ने अपने बयान में कहा कि राजनीति केवल भावनाओं से नहीं बल्कि राजनीतिक समीकरणों से चलती है।

    पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2019 में महाविकास अघाड़ी के गठन में शरद पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में उनके राजनीतिक निर्णयों पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

    क्या इस विवाद का असर महाविकास अघाड़ी पर पड़ेगा?

    फिलहाल किसी भी दल ने गठबंधन टूटने जैसी कोई बात नहीं कही है। हालांकि दोनों सहयोगी दलों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी से यह साफ है कि बैठक को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और गठबंधन की रणनीति पर इसका असर पड़ सकता है।

    पूरे घटनाक्रम की प्रमुख बातें

    • शरद पवार ने विधान भवन परिसर में एकनाथ शिंदे के कार्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक की।
    • इसके बाद शरद पवार ने शिंदे से शिष्टाचार मुलाकात की।
    • संजय राउत ने इसे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
    • एनसीपी (एसपी) ने कहा कि राजनीति संवाद और समीकरणों से चलती है।
    • दोनों सहयोगी दलों के बीच बयानबाजी से महाविकास अघाड़ी में मतभेद खुलकर सामने आए।

    शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर शिवसेना (उद्धव) इसे राजनीतिक संदेश मान रही है, तो दूसरी ओर एनसीपी (एसपी) इसे सामान्य लोकतांत्रिक संवाद बता रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या महाविकास अघाड़ी की राजनीति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।

    FAQ Section

    प्रश्न 1: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

    शरद पवार ने विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक की, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।

    प्रश्न 2: संजय राउत ने क्या कहा?

    उन्होंने कहा कि इस बैठक से शिवसेना (उद्धव) के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

    प्रश्न 3: एनसीपी (एसपी) का क्या जवाब है?

    पार्टी ने कहा कि राजनीति संवाद और राजनीतिक समीकरणों से चलती है, केवल भावनाओं से नहीं।

    प्रश्न 4: क्या महाविकास अघाड़ी में टूट की स्थिति है?

    फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है, लेकिन दोनों दलों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी जरूर तेज हो गई है।


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  • Fake Milk: दहिसर में अमूल-गोकुल के नाम पर मिलावटी दूध का भंडाफोड़

    Fake Milk: दहिसर में अमूल-गोकुल के नाम पर मिलावटी दूध का भंडाफोड़

    Fake Milk मामले में दहिसर पुलिस ने अमूल और गोकुल ब्रांड के नाम पर मिलावटी दूध बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। 470 लीटर दूध नष्ट किया गया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। दहिसर पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अमूल और गोकुल जैसे नामी ब्रांड के दूध में मिलावट कर लोगों को बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 470 लीटर मिलावटी दूध, नकली पैकिंग सामग्री और दूध में मिलावट करने के उपकरण जब्त किए हैं।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ब्रांडेड दूध के पैकेट खोलकर उसमें गंदा पानी मिलाता था और फिर पैकेट को दोबारा सील कर बाजार में असली दूध बताकर बेच देता था। यह मिलावटी दूध छोटे बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।

    दहिसर में गुप्त सूचना के बाद मारा गया छापा

    मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच युनिट-12 को सूचना मिली थी कि दहिसर पूर्व के दुबे चाल, राजेश कंपाउंड इलाके में एक व्यक्ति ब्रांडेड दूध के पैकेटों में मिलावट कर उन्हें दोबारा बाजार में बेच रहा है।

    सूचना के आधार पर गुरुवार सुबह अपराध शाखा और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने संयुक्त छापा मारा। कार्रवाई के दौरान आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

    ऐसे करता था दूध में मिलावट

    जांच में सामने आया कि आरोपी—

    • अमूल और गोकुल कंपनी के दूध के पैकेट ब्लेड से सावधानीपूर्वक खोलता था।
    • पैकेट से कुछ मात्रा में दूध निकाल देता था।
    • उसकी जगह गंदा और अशुद्ध पानी मिलाता था।
    • फिर गर्म स्टोव और मोमबत्ती की मदद से पैकेट को दोबारा सील कर देता था।
    • इसके बाद उसे असली ब्रांडेड दूध बताकर ग्राहकों को बेच देता था।

    इस तरीके से उपभोक्ताओं को आसानी से धोखा दिया जा रहा था।

    क्या-क्या बरामद हुआ?

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से—

    • 470 लीटर मिलावटी दूध
    • लगभग 29,750 रुपये कीमत का दूध
    • अमूल और गोकुल ब्रांड के 327 खाली पैकेट
    • दूध में मिलावट करने के उपकरण
    • एक मोबाइल फोन

    बरामद किया।

    जब्त मिलावटी दूध को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

    स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा

    खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस तरह का मिलावटी दूध विशेष रूप से—

    • छोटे बच्चों,
    • बुजुर्गों,
    • बीमार लोगों

    के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

    अशुद्ध पानी मिलाने से संक्रमण और कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

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    गिरफ्तार आरोपी के साथ मुंबई पुलिस की तस्वीर

    आरोपी पर किन धाराओं में मामला दर्ज?

    दहिसर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    मामले की आगे की जांच मुंबई क्राईम ब्रांच की युनिट-12 कर रही है।

    पुलिस ने लोगों से की यह अपील

    पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि—

    • केवल अधिकृत दुकानों से ही दूध खरीदें।
    • पैकेट की सील और पैकिंग ध्यान से जांचें।
    • यदि पैकेट पहले से खुला या संदिग्ध लगे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
    • मिलावटी खाद्य पदार्थों की शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन या पुलिस को करें।

    दहिसर में हुई यह कार्रवाई मुंबई में खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय रहते पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक मिलावटी दूध पहुंचने से पहले ही उसे जब्त कर नष्ट कर दिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी यह मिलावटी दूध किन इलाकों में सप्लाई करता था और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    FAQ Section

    प्रश्न 1: यह कार्रवाई कहां हुई?

    दहिसर पूर्व के दुबे चाल, राजेश कंपाउंड इलाके में।

    प्रश्न 2: कितनी मात्रा में मिलावटी दूध मिला?

    करीब 470 लीटर मिलावटी दूध बरामद किया गया।

    प्रश्न 3: कौन-कौन से ब्रांड के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा था?

    अमूल और गोकुल ब्रांड के पैकेटों का।

    प्रश्न 4: दूध में क्या मिलाया जाता था?

    पैकेट से कुछ दूध निकालकर उसमें अशुद्ध पानी मिलाया जाता था।

    प्रश्न 5: जांच कौन कर रहा है?

    मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की इकाई-12 और खाद्य एवं औषधि प्रशासन।

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  • Mumbai Monsoon: पेड़ की डाल गिरने से कर्मचारी की Brain Surgery

    Mumbai Monsoon: पेड़ की डाल गिरने से कर्मचारी की Brain Surgery

    Mumbai Monsoon के बीच अंधेरी सबवे के पास पेड़ की डाल गिरने से 47 वर्षीय कर्मचारी गंभीर घायल। ब्रेन सर्जरी के बाद SICU में भर्ती, हालत नाजुक।

    मुंबई: शहर में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। अंधेरी सबवे के पास बुधवार सुबह एक 47 वर्षीय व्यक्ति पर अचानक पेड़ की भारी डाल गिर गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन ब्रेन सर्जरी की। फिलहाल उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (SICU) में रखा गया है।

    यह घटना एक बार फिर मानसून के दौरान मुंबई में पुराने और कमजोर पेड़ों की सुरक्षा तथा समय पर उनकी छंटाई को लेकर सवाल खड़े करती है।

    Mumbai Monsoon: अंधेरी सबवे के पास कैसे हुआ हादसा?

    अंधेरी पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे हुई।

    47 वर्षीय आदेश गायकर, जो विरार पूर्व के रहने वाले हैं, रोज की तरह लोकल ट्रेन से अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन से अपने कार्यालय की ओर पैदल जाते समय वे अपने मित्र प्रदीप वेंगुर्लेकर के साथ अंधेरी सबवे के पास पहुंचे ही थे कि अचानक एक बड़ा पेड़ का हिस्सा टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर गया।

    पेड़ की डाल पहले उनकी छतरी से टकराई और फिर सिर पर जोरदार वार हुआ। गंभीर चोट लगने के कारण वह सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर से काफी खून बहने लगा।

    पुलिस की तत्परता से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना स्थल के पास मौजूद अंधेरी पुलिस की मोबाइल पेट्रोलिंग टीम ने बिना देरी किए घायल को तुरंत कूपर अस्पताल पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने जांच के बाद तत्काल इमरजेंसी ब्रेन सर्जरी की।

    अस्पताल सूत्रों के अनुसार—

    • मरीज को गंभीर सिर की चोट आई है।
    • ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
    • फिलहाल उन्हें Surgical Intensive Care Unit (SICU) में रखा गया है।
    • अगले 24 घंटे चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

    परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं आदेश गायकर

    परिवार के अनुसार आदेश गायकर घर के अकेले कमाने वाले सदस्य हैं।

    उनके परिवार में—

    • पत्नी
    • दो स्कूली बच्चे
    • बीमार मां

    उनकी आय पर ही निर्भर हैं।

    इस हादसे के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

    दोस्त ने बताया हादसे का पूरा घटनाक्रम

    आदेश गायकर के मित्र प्रदीप वेंगुर्लेकर, जो हादसे के समय उनके साथ मौजूद थे, ने बताया कि वह उनसे कुछ कदम आगे चल रहे थे।

    उनके अनुसार अचानक जोरदार आवाज आई और पेड़ की मोटी डाल टूटकर सीधे आदेश के ऊपर गिर गई।

    उन्होंने बताया कि कुछ ही सेकंड में आदेश सड़क पर खून से लथपथ पड़े थे। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने तत्काल मदद की, जिससे उन्हें बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाया जा सका।

    पत्नी बोलीं— दो दिन बाद काम पर लौटे थे

    आदेश गायकर की पत्नी अपेक्षा गायकर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उन्होंने दो दिन की छुट्टी ली थी।

    बुधवार सुबह वह लगभग 7 बजे घर से टिफिन लेकर निकले थे।

    करीब 10 बजे परिवार को हादसे की जानकारी मिली।

    उन्होंने कहा,

    “डॉक्टरों ने ब्रेन सर्जरी की है। अभी तक उन्हें होश नहीं आया है। डॉक्टरों ने बताया है कि अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।”

    Mumbai Monsoon में ऐसे हादसे क्यों बढ़ जाते हैं?

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के दौरान—

    • पुराने पेड़ों की शाखाएं कमजोर हो जाती हैं।
    • सड़न वाले पेड़ अचानक गिर सकते हैं।
    • भारी बारिश के बाद मिट्टी ढीली होने से पेड़ भी उखड़ सकते हैं।
    • फुटपाथ और स्टेशन के आसपास पैदल चलने वालों पर सबसे अधिक खतरा रहता है।

    इसी कारण नागरिक प्रशासन नियमित ट्री ऑडिट और कमजोर शाखाओं की छंटाई करता है, हालांकि कई बार मौसम की तीव्रता के कारण अचानक दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

    नागरिकों के लिए सावधानी

    मानसून के दौरान यदि संभव हो तो—

    • बड़े और पुराने पेड़ों के नीचे रुकने से बचें।
    • तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
    • प्रशासन द्वारा जारी मौसम अलर्ट का पालन करें।
    • किसी पेड़ के झुके होने या शाखा टूटने की सूचना तुरंत बीएमसी हेल्पलाइन पर दें।

    अंधेरी सबवे के पास हुआ यह हादसा याद दिलाता है कि मुंबई में मानसून केवल जलभराव ही नहीं बल्कि पेड़ों की कमजोर शाखाओं से भी बड़ा खतरा पैदा करता है। फिलहाल आदेश गायकर का इलाज जारी है और परिवार उनकी सलामती की दुआ कर रहा है। वहीं प्रशासन के लिए यह घटना मानसून के दौरान ट्री सेफ्टी और नियमित निरीक्षण को और प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर संकेत करती है।

    FAQ Section

    Q1. अंधेरी में हादसा कब हुआ?

    बुधवार सुबह लगभग 8:50 बजे।

    Q2. घायल व्यक्ति कौन हैं?

    47 वर्षीय आदेश गायकर, जो विरार पूर्व के निवासी हैं।

    Q3. उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?

    मुंबई के कूपर अस्पताल में।

    Q4. उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?

    ब्रेन सर्जरी के बाद उन्हें SICU में भर्ती किया गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    Q5. हादसा कैसे हुआ?

    अंधेरी सबवे के पास चलते समय अचानक पेड़ की भारी डाल टूटकर उनके सिर पर गिर गई।

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  • Thane Accident: घोड़बंदर रोड पर टैंकर पलटा, 2 की मौत

    Thane Accident: घोड़बंदर रोड पर टैंकर पलटा, 2 की मौत

    Thane Accident: ठाणे के घोड़बंदर रोड पर केमिकल टैंकर ऑटो पर पलटा, 2 की मौत और 1 घायल। वहीं कांदिवली में 17 वर्षीय किशोर बावड़ी में डूब गया।

    ठाणे और मुंबई के कांदिवली से बुधवार को दो दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई। ठाणे के घोड़बंदर रोड पर एक केमिकल टैंकर के ऑटो रिक्शा पर पलट जाने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मुंबई के कांदिवली पश्चिम में एक 17 वर्षीय किशोर की खुली बावड़ी में डूबने से जान चली गई। दोनों घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।

    Thane Accident: घोड़बंदर रोड पर कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस के अनुसार यह हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच आनंद नगर स्थित डी-मार्ट के पास हुआ। ठाणे से घोड़बंदर की ओर जा रहा केमिकल टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रहे ऑटो रिक्शा पर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो पूरी तरह दब गया।

    दुर्घटना के बाद पुलिस, ट्रैफिक विभाग और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। भारी क्रेन की मदद से टैंकर हटाकर ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे के कारण कुछ समय तक घोड़बंदर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम भी लगा रहा। पुलिस ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हादसे के बाद टैंकर से केमिकल का रिसाव नहीं हुआ।

    हादसे में किन लोगों की मौत हुई?

    इस दुर्घटना में ऑटो चालक दशरथ पवार और यात्री मोहम्मद अमीन की मौके पर ही मौत हो गई।

    • ऑटो चालक दशरथ पवार ठाणे के कलवा स्थित भीमनगर के निवासी थे।
    • मोहम्मद अमीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के सरालगंज के रहने वाले बताए गए हैं।
    • तीसरे यात्री अमजीत नूर अली अंसारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    कांदिवली में बावड़ी में डूबा 17 वर्षीय किशोर

    मुंबई के कांदिवली पश्चिम स्थित कपोल हाईस्कूल के पास सागवाड़ी इलाके में एक अलग दर्दनाक घटना सामने आई।

    17 वर्षीय प्रीत संदीप गनवे अपने दो दोस्तों के साथ खुली बावड़ी में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस बावड़ी में किशोर डूबा, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न तो मजबूत घेराबंदी है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।

    निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:

    • खुली बावड़ियों की घेराबंदी की जाए।
    • खतरे के चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
    • संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी रखी जाए।
    • मानसून के दौरान ऐसे स्थानों पर प्रवेश रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

    क्यों अहम है यह मामला?

    मानसून के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं और जलभराव वाले क्षेत्रों में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। घोड़बंदर रोड पहले भी भारी वाहनों से जुड़े हादसों के कारण चर्चा में रहा है। वहीं खुली बावड़ियों और जलाशयों में सुरक्षा की कमी भी कई बार हादसों का कारण बन चुकी है। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों दोनों की सतर्कता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    ठाणे और कांदिवली की ये दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में हुईं, लेकिन दोनों में एक समान संदेश है—सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है। घोड़बंदर रोड पर भारी वाहनों की निगरानी और खतरनाक जल स्रोतों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है।

    FAQ Section

    Q1. ठाणे में केमिकल टैंकर हादसा कहां हुआ?

    आनंद नगर स्थित डी-मार्ट के पास घोड़बंदर रोड पर।

    Q2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

    दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ।

    Q3. क्या टैंकर से केमिकल लीक हुआ था?

    पुलिस के अनुसार हादसे के बाद केमिकल का कोई रिसाव नहीं हुआ। ([ThePrint][1])

    Q4. कांदिवली में डूबने की घटना कहां हुई?

    कपोल हाईस्कूल के पास सागवाड़ी इलाके की एक खुली बावड़ी में।

    Q5. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?

    टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों घटनाओं की जांच संबंधित पुलिस कर रही है।


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  • Malad Drain Accident: 4 दिन बाद मिला योगेश का शव, NDRF की बड़ी तलाश खत्म

    Malad Drain Accident: 4 दिन बाद मिला योगेश का शव, NDRF की बड़ी तलाश खत्म

    Malad Drain Accident में मालाड ईस्ट के योगेश वर्मा का शव 4 दिन बाद बरामद हुआ। NDRF और पुलिस के सर्च ऑपरेशन की पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मालाड पूर्व के तानाजी नगर में नाले में बह गए 38 वर्षीय योगेश शिवकुमार वर्मा का शव आखिरकार चार दिन बाद बरामद कर लिया गया। पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य बचाव एजेंसियों ने कई घंटों तक चले संयुक्त अभियान के बाद बुधवार सुबह शव को खोज निकाला।

    यह घटना एक बार फिर मुंबई में मानसून के दौरान खुले और तेज बहाव वाले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

    कैसे मिला योगेश वर्मा का शव?

    कुरार पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। बचाव दल ने उस स्थान से तलाश शुरू की, जहां 5 जुलाई की रात योगेश वर्मा बारिश के तेज बहाव वाले नाले में गिर गए थे।

    रेस्क्यू टीम ने पूरे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के बहाव का पीछा किया, जो आगे चलकर मालाड पश्चिम के एवरशाइन नगर के पास स्थित खाड़ी (Creek) से जुड़ता है।

    करीब 11:30 बजे बचाव दल को खाड़ी में योगेश का शव मिला। यह जलमार्ग आगे अक्सा बीच की दिशा में जाता है।

    कुरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशीलकुमार गायकवाड़ ने शव मिलने की पुष्टि की।

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    मृतक योगेश शिवकुमार वर्मा की फाइल तस्वीर

    अब आगे क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?

    शव मिलने का स्थान बांगुर नगर पुलिस स्टेशन की सीमा में आने के कारण स्थानीय पुलिस ने Accidental Death Report (ADR) दर्ज की है।

    इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिद्धार्थ अस्पताल भेजा गया है।

    बांगुर नगर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयवंत पवार ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    घटना कैसे हुई थी?

    पुलिस जांच के अनुसार, यह हादसा 5 जुलाई की रात मालाड पूर्व के तानाजी नगर इलाके में हुआ था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, योगेश वर्मा बारिश के दौरान नाले के किनारे चल रहे थे। इसी दौरान उनकी चप्पल तेज बहाव वाले पानी में बह गई। चप्पल निकालने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में गिरकर तेज पानी के साथ बह गए।

    स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाए?

    घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जिस नाले में हादसा हुआ वहां लंबे समय से पर्याप्त सुरक्षा रेलिंग नहीं लगी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि—

    • इस रास्ते का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं।
    • स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
    • कई बार प्रशासन से सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई।

    निवासियों का मानना है कि यदि नाले के किनारे उचित सुरक्षा व्यवस्था होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

    Mumbai Monsoon में क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे हादसे?

    इस वर्ष मुंबई में लगातार भारी बारिश के दौरान नाले, मैनहोल और जलभराव से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान लोगों को:

    • तेज बहाव वाले नालों के किनारे चलने से बचना चाहिए।
    • पानी से ढके रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
    • प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और चेतावनी संकेतों का पालन करना चाहिए।

    मालाड के तानाजी नगर में हुई यह दुखद घटना मुंबई में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को फिर सामने लाती है। चार दिन तक चले संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद योगेश वर्मा का शव बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय लोग नाले के किनारे स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

    FAQ Section

    Q1. मालाड में नाले में बहने वाले व्यक्ति का नाम क्या था?

    उत्तर: मृतक की पहचान 38 वर्षीय योगेश शिवकुमार वर्मा के रूप में हुई।

    Q2. शव कब बरामद हुआ?

    उत्तर: बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया गया।

    Q3. शव कहां मिला?

    उत्तर: मालाड पश्चिम के एवरशाइन नगर के पास स्थित खाड़ी (Creek) में शव मिला।

    Q4. किस एजेंसी ने सर्च ऑपरेशन चलाया?

    उत्तर: कुरार पुलिस और NDRF ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

    उत्तर: बांगुर नगर पुलिस ने ADR दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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  • BEST Bus Accident: भांडुप में बेकाबू बस ने बुजुर्ग को कुचला

    BEST Bus Accident: भांडुप में बेकाबू बस ने बुजुर्ग को कुचला

    BEST Bus Accident: मुंबई के भांडुप में बेस्ट बस बेकाबू होकर पीछे चली गई। 63 वर्षीय बुजुर्ग घायल हुए, कई वाहन क्षतिग्रस्त। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: मुंबई के भांडुप पश्चिम स्थित कोकण नगर में बुधवार सुबह बेस्ट (बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन) की एक बस अचानक बेकाबू हो गई। बस दाहिनी ओर मुड़ने के दौरान पीछे की ओर चलने लगी और एक 63 वर्षीय राहगीर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दो मोटरसाइकिल और एक ऑटो रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

    सुबह साढ़े आठ बजे हुआ हादसा

    यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे कोकण नगर में हुई। जानकारी के अनुसार बस क्रमांक 4047 निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। चालक दाहिनी ओर मोड़ लेने का प्रयास कर रहा था, तभी बस अचानक पीछे की ओर चलने लगी। पीछे खड़े राहगीर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह बस तथा सड़क किनारे बने बड़े गमले के बीच फंस गया।

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    बुजुर्ग के दोनों पैरों में गंभीर चोट

    घायल की पहचान अतुल आनंद पाडले (63) के रूप में हुई है। हादसे में उनके दोनों पैरों में गंभीर चोट आई और काफी रक्तस्राव हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत एम. टी. अग्रवाल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।

    तीन वाहन भी क्षतिग्रस्त

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    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चालक ने बस पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान बस दो खड़ी मोटरसाइकिलों और एक ऑटो रिक्शा से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग बस को धक्का देकर घायल को निकालने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    भांडुप पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बस के तकनीकी पहलुओं और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे हैं बेस्ट बस हादसे

    हाल के महीनों में मुंबई में बेस्ट बसों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। पिछले महीने दादर में एक बेस्ट बस कई वाहनों और राहगीरों से टकरा गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। इसके अलावा हाल ही में कोलाबा और अन्य इलाकों में भी बस दुर्घटनाओं की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं के बाद सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था और चालक प्रशिक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    भांडुप की यह घटना एक बार फिर मुंबई में बेस्ट बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना की असली वजह पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।

    FAQ

    प्रश्न: हादसा कहां हुआ?
    भांडुप पश्चिम के कोकण नगर में।

    प्रश्न: हादसा कब हुआ?
    बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे।

    प्रश्न: कितने लोग घायल हुए?
    एक 63 वर्षीय राहगीर घायल हुआ।

    प्रश्न: किन वाहनों को नुकसान पहुंचा?
    दो मोटरसाइकिल और एक ऑटो रिक्शा क्षतिग्रस्त हुए।

    प्रश्न: पुलिस क्या कर रही है?
    भांडुप पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

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  • Kandivali Drowning: दो जगह डूबे किशोर, एक की मौत

    Kandivali Drowning: दो जगह डूबे किशोर, एक की मौत

    Kandivali Drowning: कांदीवली पश्चिम में दो अलग-अलग डूबने की घटनाएं, 16 वर्षीय किशोर की मौत, 17 वर्षीय की तलाश में NDRF और फायर ब्रिगेड जुटी।

    Kandivali Drowning: दो घंटे के भीतर दो जगह डूबे किशोर, 16 वर्षीय की मौत, 17 वर्षीय की तलाश में NDRF जुटी

    मुंबई के कांदिवली पश्चिम में रविवार (5 जुलाई) को कुछ ही समय के अंतराल में डूबने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना एमजी क्रॉस रोड नंबर-4 स्थित एक कुएं में हुई, जहां 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना चारकोप गांव के डिंगेश्वर तालाब में हुई, जहां 17 वर्षीय किशोर के डूबने के बाद उसकी तलाश के लिए फायर ब्रिगेड के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी बुलाया गया।

    लगातार बारिश के बीच हुई इन दोनों घटनाओं ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है।

    Kandivali Drowning: पहली घटना में 16 वर्षीय किशोर की मौत

    बीएमसी के मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) कंट्रोल के अनुसार पहली घटना 5 जुलाई दोपहर करीब 1:47 बजे कांदिवली पश्चिम के सागवाड़ी चॉल के पीछे, एमजी क्रॉस रोड नंबर-4 स्थित मकागो होटल के पास एक कुएं में हुई।

    जानकारी के मुताबिक करीब 16 वर्षीय किशोर कुएं में डूब गया था। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।

    फायर ब्रिगेड ने रस्सी और सीढ़ी की मदद से निकाला

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकल कर्मियों ने रस्सी और पहली मंजिल तक पहुंचने वाली सीढ़ी (First Floor Ladder) की मदद से किशोर को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल निजी निधि अस्पताल ले जाया गया।

    हालांकि अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) डॉ. अमित पाटिल ने किशोर प्रीत संदीप गानवे (16) को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया।

    डिंगेश्वर तालाब में 17 वर्षीय किशोर के डूबने के बाद चला सर्च ऑपरेशन

    उसी दिन दोपहर करीब 2:18 बजे कांदीवली पश्चिम के चारकोप गांव स्थित डिंगेश्वर तालाब के पास दूसरी डूबने की घटना सामने आई।

    फायर ब्रिगेड को सूचना मिली कि लगभग 17 वर्षीय किशोर तालाब में डूब गया है।

    NDRF को भी बुलाया गया

    मुंबई फायर ब्रिगेड ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड के अनुरोध पर NDRF की टीम भी मौके पर भेजी गई।

    घटना के समय तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार किशोर की तलाश जारी थी। अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जानकारी रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सामने आएगी।

    दोनों घटनाओं में कौन-कौन सी एजेंसियां पहुंचीं?

    दोनों मामलों में निम्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की—

    • मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • मुंबई पुलिस
    • 108 एम्बुलेंस सेवा
    • दूसरी घटना में NDRF भी तैनात

    लगातार बारिश के दौरान जलाशयों के पास सावधानी जरूरी

    मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के दौरान तालाब, कुएं और अन्य जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे समय में पानी के किनारे जाने या तैरने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है। हाल के दिनों में मुंबई महानगर क्षेत्र में बारिश के दौरान डूबने की कई घटनाएं सामने आई हैं।

    कांदीवली पश्चिम में एक ही दिन हुई इन दो डूबने की घटनाओं ने मानसून के दौरान जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की आवश्यकता को फिर उजागर किया है। पहली घटना में 16 वर्षीय किशोर की जान चली गई, जबकि दूसरी घटना में 17 वर्षीय किशोर की तलाश के लिए फायर ब्रिगेड और NDRF का संयुक्त अभियान चलाया गया। प्रशासन ने नागरिकों से बारिश के दौरान तालाब, कुएं और गहरे पानी वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

    FAQ

    Q1. कांदीवली में पहली डूबने की घटना कहां हुई?

    सागवाड़ी चॉल के पीछे, एमजी क्रॉस रोड नंबर-4 स्थित एक कुएं में।

    Q2. पहली घटना में किसकी मौत हुई?

    16 वर्षीय प्रीत संदीप गानवे को अस्पताल में मृत घोषित किया गया।

    Q3. दूसरी घटना कहां हुई?

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप गांव स्थित डिंगेश्वर तालाब में।

    Q4. दूसरी घटना में कौन-कौन सी एजेंसियां लगी हैं?

    मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, 108 एम्बुलेंस और NDRF।

    Q5. क्या दूसरे किशोर का रेस्क्यू पूरा हो गया है?

    उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार रिपोर्ट जारी होने तक सर्च ऑपरेशन जारी था।

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  • School Holiday Circular: BMC आदेश के बावजूद खुली रही स्कूल

    School Holiday Circular: BMC आदेश के बावजूद खुली रही स्कूल

    School Holiday Circular के बावजूद कांदिवली की कपोल विद्यानिधि इंटरनेशनल स्कूल खुली रही। BMC ने स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    मुंबई: भारी बारिश के कारण बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा मुंबई की सभी निजी और सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने के बावजूद कांदिवली पश्चिम स्थित कपोल विद्यानिधि इंटरनेशनल स्कूल का प्राथमिक विभाग दोपहर सत्र में खुला रहने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

    मंगलवार को मुंबई में लगातार तेज बारिश हो रही थी। मौसम विभाग की चेतावनी और संभावित भारी वर्षा को देखते हुए BMC ने शहर की सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया था। इसके लिए आधिकारिक परिपत्र भी जारी किया गया था।

    School Holiday Circular के बावजूद खुला रहा प्राथमिक विभाग

    जानकारी के अनुसार, कांदिवली पश्चिम के महावीर नगर में स्थित कपोल विद्यानिधि इंटरनेशनल स्कूल ने अपने दोपहर सत्र के प्राथमिक विभाग की कक्षाएं जारी रखीं। स्कूल बसें भी चलती रहीं और अभिभावकों को बच्चों को बारिश के बीच स्कूल छोड़ने जाना पड़ा।

    स्थानीय अभिभावकों के बीच इसे लेकर नाराजगी देखी गई। उनका कहना था कि जब पूरे मुंबई में स्कूल बंद रखने का आदेश था, तब बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा था।

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    शिक्षा विभाग को मिली शिकायत

    पश्चिम विभाग के शिक्षा निरीक्षक संजय जावीरे ने बताया कि BMC का परिपत्र सभी स्कूलों को भेजा गया था। इसके बावजूद कांदिवली की इस स्कूल के दोपहर सत्र के चालू रहने की शिकायत विभाग को मिली। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन से संपर्क किया।

    स्कूल प्रबंधन ने विभाग को बताया कि सुबह का माध्यमिक विभाग बंद रखा गया था, लेकिन कुछ अभिभावकों ने ऑरेंज अलर्ट के बावजूद प्राथमिक विभाग की कक्षाएं जारी रखने का अनुरोध किया था। इसी कारण स्कूल खोला गया।

    हालांकि शिक्षा विभाग के फोन के बाद दोपहर लगभग 1.30 बजे स्कूल ने कक्षाएं बंद कर बच्चों को घर भेज दिया।

    सरकारी आदेश का पालन जरूरी: शिक्षा विभाग

    जब शिक्षा निरीक्षक से पूछा गया कि क्या अभिभावकों के अनुरोध पर सरकारी परिपत्र के बावजूद स्कूल चालू रखा जा सकता है, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी आदेश का पालन करना अनिवार्य है। इसी वजह से बाद में बच्चों को छुट्टी दी गई।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल को नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा गया है। विभाग अब यह जांच करेगा कि BMC के आदेश के बावजूद स्कूल क्यों चालू रखा गया।

    भारी बारिश में स्कूल बंद रखने का क्या होता है नियम?

    मुंबई में भारी बारिश, जलभराव या मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के दौरान BMC और प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित करते हैं। ऐसे आदेश सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों पर लागू होते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।

    अभिभावकों के लिए क्या संदेश?

    शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान स्कूल से मिलने वाले आधिकारिक संदेशों और BMC के निर्देशों पर ध्यान दें। किसी भी भ्रम की स्थिति में सीधे स्कूल प्रशासन या संबंधित शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेना बेहतर है।

    कांदिवली की कपोल विद्यानिधि इंटरनेशनल स्कूल का मामला मुंबई में School Holiday Circular के पालन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर शिक्षा विभाग की जांच और स्कूल प्रशासन के जवाब पर टिकी है। मानसून के दौरान छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्ती आगे भी जारी रहने की संभावना है।

    FAQ Section

    Q1. BMC ने स्कूलों में छुट्टी क्यों घोषित की थी?

    भारी बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए छुट्टी घोषित की गई थी।

    Q2. कौन सी स्कूल विवाद में आई है?

    कांदिवली पश्चिम स्थित कपोल विद्यानिधि इंटरनेशनल स्कूल।

    Q3. स्कूल का कौन सा विभाग खुला था?

    दोपहर सत्र का प्राथमिक विभाग।

    Q4. शिक्षा विभाग ने क्या कार्रवाई की?

    स्कूल को नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    Q5. क्या सरकारी आदेश का पालन निजी स्कूलों को भी करना होता है?

    हां, BMC और प्रशासन द्वारा जारी ऐसे आदेश निजी स्कूलों पर भी लागू होते हैं।

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  • Construction Safety: 16 फीट टीन शेड नियम बदलने की मांग तेज

    Construction Safety: 16 फीट टीन शेड नियम बदलने की मांग तेज

    Construction Safety को लेकर कल्याण-डोंबिवली के बिल्डरों ने 16 फीट ऊंचे टीन शेड का नियम बदलने की मांग की। तेज बारिश और आंधी में कई शेड गिरने से बढ़ी चिंता।

    कल्याण। ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश और आंधी के बीच निर्माण स्थलों पर लगाए जाने वाले 16 फीट ऊंचे टीन के सुरक्षा घेरों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई जगह तेज हवा के कारण ये भारी टीन शेड गिर गए, जिससे पैदल चलने वाले लोग घायल हुए और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। अब कल्याण-डोंबिवली के बिल्डरों ने राज्य सरकार से इस नियम में बदलाव की मांग की है।

    निर्माण स्थल पर 16 फीट ऊंचा घेरा लगाना है अनिवार्य

    वर्तमान निर्माण नियमों के अनुसार, किसी भी इमारत का काम शुरू करने से पहले पूरे भूखंड के चारों ओर करीब 16 फीट ऊंचा टीन का सुरक्षा घेरा लगाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य निर्माण स्थल से उड़ने वाली धूल, मिट्टी और निर्माण सामग्री को बाहर फैलने से रोकना तथा आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    यदि बिल्डर इस नियम का पालन नहीं करता तो स्थानीय नगर निगम या नगर नियोजन प्राधिकरण निर्माण अनुमति देने से इनकार कर सकता है या कार्रवाई कर सकता है।

    तेज हवा में नहीं टिक पा रहे भारी टीन शेड

    बिल्डरों का कहना है कि पिछले दो दिनों में तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण कल्याण, डोंबिवली, ठाणे, मुंबई और नवी मुंबई के कई निर्माण स्थलों पर लगे 16 फीट ऊंचे टीन शेड गिर गए। कुछ स्थानों पर राहगीर घायल हुए, जबकि कई वाहनों को नुकसान पहुंचा।

    उनका कहना है कि भारी लोहे के ढांचे और मोटे टीन से बने ये सुरक्षा घेरे सामान्य परिस्थितियों में उपयोगी हैं, लेकिन तेज हवा के दौरान यही लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं।

    सरकार से नियम में बदलाव की मांग

    बिल्डरों ने राज्य सरकार और संबंधित निर्माण प्राधिकरणों से मांग की है कि 16 फीट ऊंचे टीन शेड की अनिवार्यता समाप्त कर छह से आठ फीट ऊंचा टीन लगाया जाए। इसके ऊपर हरे रंग की मजबूत जाली लगाने की अनुमति दी जाए, जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और तेज हवा में बड़े हादसों का खतरा भी कम हो।

    उनका कहना है कि इससे निर्माण स्थल भी सुरक्षित रहेगा और आसपास रहने वाले लोगों तथा राहगीरों की जान को भी कम खतरा होगा।

    निर्माण अनुमति के लिए जरूरी है वर्तमान नियम

    बिल्डरों के अनुसार, निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए उन्हें पहले पूरे भूखंड के चारों ओर 16 फीट ऊंचा टीन और लोहे का ढांचा लगाना पड़ता है। नियम का पालन नहीं करने पर निर्माण अनुमति मिलने में परेशानी आती है। इसलिए मजबूरी में यह व्यवस्था करनी पड़ती है, जबकि खराब मौसम में यही ढांचा जोखिम पैदा कर देता है।

    विशेषज्ञ क्या कहते हैं

    निर्माण सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा घेरा जरूरी है, लेकिन उसका डिजाइन स्थानीय मौसम और हवा की गति को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। अत्यधिक ऊंचे और भारी ढांचे की जगह ऐसे सुरक्षा उपाय अपनाए जाने चाहिए जो लोगों की सुरक्षा के साथ तेज हवा का दबाव भी सहन कर सकें।

    क्या सरकार बदलेगी नियम?

    फिलहाल सरकार या संबंधित निर्माण प्राधिकरण की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि इस प्रस्ताव पर विचार होता है तो निर्माण सुरक्षा नियमों में बदलाव की संभावना बन सकती है।

    तेज बारिश और आंधी के दौरान कई निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा गिरने की घटनाओं के बाद निर्माण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बिल्डरों ने 16 फीट ऊंचे टीन शेड की अनिवार्यता में बदलाव की मांग की है। अब निगाहें राज्य सरकार और निर्माण प्राधिकरणों के फैसले पर टिकी हैं कि सुरक्षा और व्यावहारिक जरूरतों के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाता है।

    FAQ

    प्रश्न: 16 फीट टीन शेड क्यों लगाया जाता है?
    उत्तर: निर्माण स्थल से धूल, मलबा और अन्य सामग्री बाहर न फैले तथा राहगीरों की सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए।

    प्रश्न: बिल्डर क्या मांग कर रहे हैं?
    उत्तर: 16 फीट की जगह 6 से 8 फीट ऊंचा टीन और उसके ऊपर सुरक्षा जाली लगाने की अनुमति।

    प्रश्न: किन इलाकों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं?
    उत्तर: कल्याण, डोंबिवली, ठाणे, मुंबई और नवी मुंबई के कई निर्माण स्थलों पर।

    प्रश्न: क्या सरकार ने नियम बदल दिया है?
    उत्तर: नहीं। फिलहाल केवल मांग की गई है, सरकार की ओर से कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।

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  • मुंबई में समुद्र में फंसा विदेशी कार्गो जहाज, INS हमला तैनात

    मुंबई में समुद्र में फंसा विदेशी कार्गो जहाज, INS हमला तैनात

    मुंबई के गोराई-मनोरी तट के पास विदेशी कार्गो जहाज फंस गया। कोस्ट गार्ड, गोराई पुलिस और INS हमला की टीमों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित गोराई-मनोरी तट के पास समुद्र में एक विदेशी कार्गो जहाज फंसने की घटना ने स्थानीय प्रशासन और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। निकारागुआ के झंडे वाला मर्चेंट टैंकर MT अल जफजिया खराब मौसम के दौरान एंकर चेन से अलग होकर बहता हुआ मनोरी द्वीप के पास जाकर फंस गया। घटना की जानकारी मिलते ही गोराई पुलिस, इंडियन कोस्ट गार्ड और नौसेना से जुड़े अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए INS हमला की टीम को भी निगरानी और समन्वय के लिए तैनात किया गया।

    स्थानीय मछुआरों के अनुसार, जहाज समुद्र में असामान्य रूप से तट के करीब दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। समुद्र में तेज हवाएं, ऊंची लहरें और पथरीला तटीय इलाका होने के कारण प्रारंभिक जांच में विशेष सावधानी बरती गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहाज से किसी प्रकार के बड़े प्रदूषण या जनहानि की सूचना नहीं है।

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    कैसे फंसा विदेशी कार्गो जहाज?

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, निकारागुआ के झंडे वाला MT अल जफजिया उस समय एंकर पर खड़ा था, लेकिन खराब मौसम के कारण उसकी एंकर चेन टूट गई या अलग हो गई। इसके बाद जहाज समुद्र की तेज धाराओं और हवाओं के प्रभाव में बहता हुआ मनोरी द्वीप के करीब पहुंच गया और लगभग एक किलोमीटर दूर उथले हिस्से में जाकर फंस गया।

    अधिकारियों का कहना है कि जहाज पर उस समय कोई क्रू मौजूद नहीं था। यही वजह रही कि घटना की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और आसपास के समुद्री क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी।

    दो अन्य विदेशी जहाज भी बहकर पहुंचे करीब

    इस घटना के साथ ही दो अन्य विदेशी टैंकरों के भी खराब मौसम के कारण अपनी निर्धारित स्थिति से खिसकने की जानकारी सामने आई। इनमें शामिल हैं:

    • MT डामर स्टार (Asphalt Star) — माली के झंडे वाला बिटुमेन टैंकर
    • MT स्टेलर रूबी — ईरान के झंडे वाला टैंकर

    बताया गया कि दोनों जहाज मनोरी द्वीप से लगभग 11 नॉटिकल मील (करीब 20.3 किलोमीटर) की दूरी तक बहकर आ गए। हालांकि बाद में वे एंकर पर स्थिर हो गए और उनके क्रू को सुरक्षित बताया गया है।

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    स्थानीय मछुआरों ने दी पहली सूचना

    गोराई और मनोरी क्षेत्र के मछुआरे समुद्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं। जब उन्होंने बड़े आकार के विदेशी जहाज को तट के असामान्य रूप से करीब देखा, तो उन्हें आशंका हुई कि जहाज नियंत्रण खो चुका है। इसके बाद उन्होंने तुरंत गोराई पुलिस को सूचना दी।

    मछुआरों ने यह भी बताया कि उस समय समुद्र में तेज हवाएं चल रही थीं और लहरें काफी ऊंची थीं। तट का इलाका कई जगह पथरीला है, इसलिए छोटी नावों के जरिए जहाज तक पहुंचना जोखिम भरा माना गया।

    गोराई पुलिस और कोस्ट गार्ड की त्वरित कार्रवाई

    सूचना मिलते ही गोराई पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तटीय क्षेत्र की निगरानी शुरू की। इसके साथ ही Indian Coast Guard को भी अलर्ट किया गया। कोस्ट गार्ड ने समुद्र में जहाजों की स्थिति का आकलन करने के लिए अपने संसाधन सक्रिय किए।

    अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि जहाज से तेल रिसाव, समुद्री प्रदूषण या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति पैदा न हो। साथ ही आसपास मौजूद अन्य जहाजों और मछुआरों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया।

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    INS हमला की टीम क्यों तैनात की गई?

    घटना के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए INS हमला की टीम को भी तैनात किया गया। नौसेना और कोस्ट गार्ड की संयुक्त निगरानी का उद्देश्य यह था कि यदि मौसम और बिगड़ता है या जहाज की स्थिति में कोई बदलाव आता है, तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई के पश्चिमी तट पर मानसून के दौरान समुद्र की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में बड़े जहाजों का एंकर से खिसकना असामान्य नहीं माना जाता, लेकिन तट के बहुत करीब पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

    ICGS सम्राट को भेजा गया मौके पर

    कोस्ट गार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें DG शिपिंग से खराब मौसम के कारण तीन जहाजों के बहने की सूचना मिली थी। इसके बाद उस क्षेत्र में मौजूद ICGS सम्राट को स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए भेजा गया।

    साथ ही ETV वॉटर लिली नामक सहायता पोत को भी तैयार रहने के लिए कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर जहाजों को खींचकर सुरक्षित स्थान तक ले जाया जा सके।

    फिलहाल क्या है स्थिति?

    स्थिति अपडेट

    ताज़ा

    MT डामर स्टार सुरक्षित एंकर पर

    क्रू सुरक्षित बताया गया

    MT स्टेलर रूबी सुरक्षित एंकर पर

    कोई आपात सूचना नहीं

    MT अल जफजिया मनोरी के पास फंसा

    जहाज पर क्रू मौजूद नहीं था

    कोस्ट गार्ड और पुलिस निगरानी में

    स्थिति पर लगातार नजर

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    मनोरी और गोराई तट पर बढ़ाई गई निगरानी

    घटना के बाद मनोरी और गोराई तट के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नावों को सतर्क रहने की सलाह दी है। समुद्र में अनावश्यक रूप से आगे जाने से बचने को कहा गया है, खासकर तब जब मौसम विभाग तेज हवाओं और ऊंची लहरों की चेतावनी जारी करता है।

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    मुंबई तट पर मानसून के दौरान बढ़ती चुनौतियां

    मुंबई का पश्चिमी तट हर साल मानसून के दौरान कठिन समुद्री परिस्थितियों का सामना करता है। तेज हवाएं, ऊंची लहरें और बदलती धाराएं बड़े जहाजों के संचालन को प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि इस मौसम में जहाजों की एंकरिंग और निगरानी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, जहाजों के बहने की घटनाएं आमतौर पर मौसम के अचानक खराब होने, एंकर पर अत्यधिक दबाव पड़ने या समुद्री धाराओं के तेज होने से जुड़ी होती हैं।

    क्या पर्यावरण को खतरा है?

    फिलहाल अधिकारियों ने किसी बड़े तेल रिसाव या समुद्री प्रदूषण की पुष्टि नहीं की है। हालांकि एहतियात के तौर पर संबंधित एजेंसियां जहाज की स्थिति और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। यदि मौसम और बिगड़ता है या जहाज को नुकसान पहुंचता है, तो स्थिति बदल सकती है। इसी वजह से बचाव और निगरानी दल लगातार सक्रिय हैं।

    मुंबई के गोराई-मनोरी तट के पास विदेशी कार्गो जहाज MT अल जफजिया का फंसना समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनकर सामने आया है। गोराई पुलिस, इंडियन कोस्ट गार्ड, ICGS सम्राट और INS हमला की टीमों ने संयुक्त रूप से स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा है। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है और अन्य दोनों विदेशी जहाज भी सुरक्षित बताए गए हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और बचाव कार्यों की प्रगति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

    FAQ

    प्रश्न 1: मुंबई में कौन सा जहाज फंसा है?

    उत्तर: निकारागुआ के झंडे वाला मर्चेंट टैंकर MT अल जफजिया मनोरी द्वीप के पास फंसा है।

    प्रश्न 2: क्या जहाज पर क्रू मौजूद था?

    उत्तर: अधिकारियों के अनुसार, जहाज एंकर पर बिना क्रू के था।

    प्रश्न 3: कौन-कौन सी एजेंसियां मौके पर पहुंचीं?

    उत्तर: गोराई पुलिस, इंडियन कोस्ट गार्ड और INS हमला की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

    प्रश्न 4: क्या कोई तेल रिसाव हुआ है?

    उत्तर: फिलहाल किसी बड़े तेल रिसाव या समुद्री प्रदूषण की पुष्टि नहीं हुई है।

    प्रश्न 5: अन्य जहाजों की स्थिति क्या है?

    उत्तर: MT डामर स्टार और MT स्टेलर रूबी एंकर पर सुरक्षित हैं और उनके क्रू को सुरक्षित बताया गया है।

    विश्वसनीय संदर्भ (Authority Links)

    यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है।

    External Authority Links: Indian Coast Guard, DG Shipping, Times of India

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