18 साल के मजदूर को खुदाई में मिला ₹98 करोड़ का खजाना, फिर शुरू हुई मालिक बनने की होड़; एक ने कहा- ‘पिछले जन्म में मैंने छिपाया था’

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18 साल के मजदूर को खुदाई में ₹98 करोड़ का सोना मिला। 5 लोगों ने मालिक होने का दावा किया, एक ने कहा- पिछले जन्म में मैंने इसे छिपाया था।

खुदाई के दौरान अचानक चमकती चीज दिखी तो 18 साल के मजदूर को लगा कि शायद कोई मामूली सिक्का है। लेकिन जब मिट्टी हटाई गई तो सामने सोने की ईंट निकली। इसके बाद जो मिला, उसकी अनुमानित कीमत करीब ₹98 करोड़ बताई गई। खजाने में दर्जनों Gold Bars और करीब 4,000 सोने के सिक्के शामिल बताए गए हैं। लेकिन कहानी का सबसे बड़ा Twist इसके मिलने के बाद आया।

खजाने की खबर फैलते ही लगभग पांच लोग इसके मालिक होने का दावा लेकर सामने आ गए। इनमें एक शख्स ने तो दावा कर दिया कि उसने यह खजाना पिछले जन्म में खुद छिपाया था। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने Latvia से दावा किया कि उसके दादा कभी इसी इलाके में काम करते थे और उन्होंने परिवार को बताया था कि उन्होंने अपना पैसा एक दीवार में छिपाया है।

मामला अब सिर्फ करोड़ों के सोने की खोज नहीं, बल्कि मालिकाना हक, पुलिस जांच और एक पुराने रहस्य में बदल गया है।

18 साल के मजदूर ने कैसे खोजा ₹98 करोड़ का खजाना?

यह पूरा मामला Sint-Gillis-Dendermonde इलाके का है, जो बेल्जियम में Brussels से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है।

18 वर्षीय Kobe गर्मियों की छुट्टियों में मजदूरी कर रहा था। पुरानी इमारत में renovation और sewer/drainage का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर जमीन और पुरानी दीवारों के आसपास खुदाई कर रहे थे।

Kobe की नजर मिट्टी में चमक रही एक चीज पर पड़ी। उसे पहले लगा कि शायद कोई सामान्य 1 यूरो का सिक्का है। लेकिन जब उसने उसे ध्यान से देखा तो पता चला कि वह सोने की ईंट थी।

इसके बाद जब आसपास की जगह को और खोदा गया तो एक के बाद एक सोने की चीजें मिलने लगीं।

मजदूरों ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी और पूरा खजाना पुलिस के हवाले कर दिया।

49 Gold Bars और करीब 4,000 सोने के सिक्के

शुरुआत में खजाने की कीमत करीब 9 मिलियन यूरो, यानी लगभग ₹98 करोड़ बताई गई।

बाद की स्थानीय रिपोर्ट में खजाने में 49 Gold Bars और करीब 4,000 Gold Coins होने की जानकारी सामने आई। कई Gold Bars का वजन करीब एक किलो बताया गया है।

खजाने में Gold Bars और Coins के अलावा दूसरे सोने के टुकड़े भी शामिल बताए गए हैं।

यानी 18 साल का युवक जिस चीज को शुरुआत में मामूली सिक्का समझ रहा था, वह वास्तव में करोड़ों रुपये के पुराने Gold Treasure का हिस्सा निकला।

जमीन में नहीं, पुरानी Villa की दीवार में छिपा था खजाना

इस कहानी की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सोना जमीन में बेतरतीब तरीके से दबा हुआ नहीं था।

Gold को एक बैग में रखकर पुरानी Villa के cellar की ईंटों से बनी दीवार के अंदर छिपाया गया था।

यह संपत्ति कभी brewer Theophilus Van Assche से जुड़ी थी। इस जगह पर brewing business 1899 में शुरू हुआ था और 1970 में बंद हुआ।

आज यह ऐतिहासिक इमारत CAW Oost-Vlaanderen से जुड़ी है, जहां renovation के जरिए office और housing facilities तैयार की जा रही हैं।

यानी जिस पुराने building को renovate करने के लिए काम शुरू हुआ था, उसकी दीवार के अंदर दशकों से करोड़ों रुपये का Gold छिपा हुआ था।

आखिर किसने छिपाया था इतना सारा Gold?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य है।

स्थानीय इतिहास के मुताबिक Van Assche परिवार काफी संपन्न था। परिवार का संबंध brewery business के साथ-साथ दूसरे कारोबार और संपत्तियों से भी था।

स्थानीय इतिहासकारों ने यह संभावना जताई है कि खजाना पुराने परिवार की संपत्ति हो सकता है। लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि Gold Van Assche परिवार का ही था।

एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि परिवार की आखिरी direct descendant की मृत्यु 1982 में हुई थी और परिवार की अगली पीढ़ी नहीं थी।

इसी वजह से अब जांचकर्ताओं के सामने सवाल है कि अगर यह परिवार का Gold था तो इसे किसने छिपाया और इसकी जानकारी बाद की पीढ़ियों तक क्यों नहीं पहुंची?

पुलिस को भी शक- कहीं पुराने Crime से तो नहीं जुड़ा Gold?

करोड़ों रुपये के Gold मिलने के बाद पुलिस सिर्फ इसके मालिक की तलाश नहीं कर रही है।

East Flanders Public Prosecutor’s Office यह भी जांच कर रहा है कि कहीं इस खजाने का संबंध किसी पुरानी चोरी या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि से तो नहीं है।

जब तक Gold की origin और ownership को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, पूरा खजाना सुरक्षित high-security vault में रखा गया है।

इसका मतलब यह है कि अभी किसी व्यक्ति के दावे के आधार पर Gold उसे सौंपा नहीं जा सकता।

खजाने की खबर फैली तो अचानक मालिक बनने लगे लोग

जैसे-जैसे करोड़ों के Gold की खबर फैली, पुलिस के पास अजीबोगरीब ownership claims आने लगे।

स्थानीय पुलिस के अनुसार कम से कम पांच लोगों ने खजाने पर अपना अधिकार होने का दावा किया है।

लेकिन इनमें से एक दावा सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है।

एक शख्स बोला- ‘पिछले जन्म में मैंने यह Gold छिपाया था’

एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसे अपने पिछले जन्म की याद है और उसने ही यह Gold वहां छिपाया था।

उसने कथित तौर पर पुलिस के सामने इस दावे को लेकर बयान देने की पेशकश भी की।

हालांकि पुलिस के लिए सिर्फ ऐसा दावा किसी ownership का सबूत नहीं है। किसी व्यक्ति को खजाने पर कानूनी अधिकार साबित करने के लिए ठोस evidence देना होगा।

इसलिए फिलहाल यह दावा सिर्फ एक अजीबोगरीब claim है, जिससे Gold की ownership तय नहीं होती।

Latvia से भी आया Gold पर दावा

एक अन्य व्यक्ति ने Latvia से संपर्क किया और दावा किया कि उसके दादा कभी Dendermonde में काम करते थे।

उसके मुताबिक उसके दादा ने परिवार को बताया था कि उन्होंने अपना पैसा Belgium में किसी दीवार के अंदर छिपाया था।

अब इस व्यक्ति को लगता है कि उसके दादा की बताई कहानी इसी Gold Treasure से जुड़ी हो सकती है।

हालांकि इस दावे की भी अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

खबर फैली तो Gold Hunters भी पहुंचने लगे

करोड़ों रुपये के Gold की खबर सामने आने के बाद कुछ लोग खुद उस construction site तक पहुंचने लगे।

उन्हें उम्मीद थी कि शायद खुदाई वाली जगह पर और Gold मिल जाए।

लेकिन पुलिस ने लोगों को वहां जाने से मना किया है। अधिकारियों के मुताबिक मिला हुआ Gold पहले ही सुरक्षित जगह भेजा जा चुका है।

इसके अलावा construction site पर गहरी खुदाई और खतरनाक हिस्से मौजूद हैं। इसलिए वहां खुद Gold खोजने पहुंचना जानलेवा हो सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल- ₹98 करोड़ का Gold किसका होगा?

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा legal puzzle है।

संभावित दावेदारों में पुराने Van Assche परिवार से जुड़े वैध उत्तराधिकारी, property से संबंधित organisation और Gold खोजने वाले workers/contractors जैसे पक्षों के अधिकारों पर विचार हो सकता है।

लेकिन फिलहाल किसी को भी Gold का मालिक घोषित नहीं किया गया है।

सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि:

  • Gold असल में किसका था?
  • इसे किसने छिपाया था?
  • इसे वहां कब रखा गया?
  • क्या इसका किसी चोरी या अपराध से संबंध है?
  • क्या कोई वैध उत्तराधिकारी मौजूद है?
  • और Belgian treasure laws के तहत finder तथा property owner के क्या अधिकार बनते हैं?

इन सवालों के जवाब के बाद ही ownership का फैसला हो सकेगा।

क्या 18 साल के Kobe को मिलेगा ₹98 करोड़ का हिस्सा?

अभी इसका जवाब हां या नहीं में नहीं दिया जा सकता।

Kobe ने खजाना मिलने के बाद उसे अधिकारियों को सौंप दिया। उसने उम्मीद जताई है कि इस खोज के लिए उसे भविष्य में कोई finder’s reward मिल सकता है।

Belgian legal process के तहत संभावित असली मालिक को सामने आने का अवसर दिया जाता है। जानकारी के अनुसार original owner के claim के लिए पांच साल की अवधि महत्वपूर्ण हो सकती है।

अगर इस दौरान कोई वैध मालिक सामने नहीं आता और Gold का criminal origin भी साबित नहीं होता, तो finder और property owner के अधिकारों का सवाल सामने आ सकता है।

इसलिए फिलहाल Kobe के हाथ में ₹98 करोड़ का Gold नहीं है। उसे सिर्फ यह उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे अपनी खोज के लिए कोई हिस्सा या reward मिल सकता है।

अगर Gold CAW को मिला तो जरूरतमंदों के काम आ सकता है पैसा

इस कहानी का एक दिलचस्प human-interest angle भी है।

जिस organisation से यह property जुड़ी है, CAW Oost-Vlaanderen, उसका काम social welfare से संबंधित है।

जानकारी के अनुसार अगर कानूनी प्रक्रिया के बाद organisation को Gold या उससे मिलने वाली रकम का अधिकार मिलता है, तो इसे housing और बेघर लोगों के लिए accommodation बढ़ाने जैसे सामाजिक कामों में इस्तेमाल करने की संभावना है।

यानी करोड़ों रुपये का यह खजाना आखिरकार किसी पुराने परिवार के पास जाता है, 18 साल के finder को हिस्सा मिलता है या जरूरतमंद लोगों के लिए इस्तेमाल होता है—इसका फैसला अभी बाकी है।

100 साल से ज्यादा पुराना रहस्य, जिसका जवाब अब भी नहीं मिला

एक तरफ 18 साल के युवक को अपने काम के दौरान जिंदगी की सबसे बड़ी खोज मिल गई।

दूसरी तरफ एक पुरानी Villa की दीवार से निकला यह Gold अब कई सवाल खड़े कर रहा है।

किसने इसे छिपाया था?

इतने सालों तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?

क्या यह Van Assche परिवार की संपत्ति थी या किसी पुराने Crime से जुड़ा Gold?

और सबसे बड़ा सवाल—

₹98 करोड़ के इस खजाने का आखिर असली मालिक कौन निकलेगा?

फिलहाल Gold सुरक्षित vault में है, पुलिस और अभियोजक मामले की जांच कर रहे हैं और ownership claims की पड़ताल जारी है। यानी 18 साल के Kobe की एक छोटी-सी खोज ने एक ऐसा रहस्य खोल दिया है, जिसका असली जवाब अभी सामने आना बाकी है।

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