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  • Mushtaq Khan Death: ‘Welcome’ और ‘Gadar’ के अभिनेता का 56 की उम्र में निधन, आखिरी दिनों तक कर रहे थे शूटिंग

    Mushtaq Khan Death: ‘Welcome’ और ‘Gadar’ के अभिनेता का 56 की उम्र में निधन, आखिरी दिनों तक कर रहे थे शूटिंग

    Mushtaq Khan का 24 सितंबर को मुंबई के Nanavati Hospital में निधन हो गया। 56 वर्षीय अभिनेता कैंसर से जूझ रहे थे और मौत से पहले तक शूटिंग कर रहे थे।

    मुंबई: ‘Welcome’, ‘Gadar: Ek Prem Katha’, ‘Gadar 2’, ‘Aashiqui’ और ‘Jodi No. 1’ जैसी फिल्मों में यादगार supporting और comic roles निभाने वाले अभिनेता Mushtaq Khan का गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे। उन्होंने मुंबई के Nanavati Hospital में शाम करीब 7 बजे अंतिम सांस ली। पिछले करीब 15 दिनों से उनका इलाज चल रहा था और हाल के दिनों में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी थी।

    Mushtaq Khan पिछले कुछ वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। करीब पांच साल पहले उन्हें बीमारी का पता चला था और इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था। हाल में बीमारी दोबारा गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके बेटे Mohsin के अनुसार अस्पताल ले जाने से पहले तक वह काम कर रहे थे और उनकी कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या सामने नहीं आई थी।

    अस्पताल जाने से पहले तक शूटिंग कर रहे थे Mushtaq Khan

    Mushtaq Khan के निधन से जुड़ी सबसे अहम जानकारी यह है कि वह अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक शूटिंग कर रहे थे। उनके बेटे Mohsin के अनुसार अभिनेता Salman Khan के बॉडीगार्ड Shera के बेटे की debut film की शूटिंग में व्यस्त थे। इसके बाद पेट में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान कैंसर की जानकारी सामने आई और पिछले कुछ दिनों में उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

    25 सितंबर को मुंबई में होगी अंतिम विदाई

    Mushtaq Khan का अंतिम संस्कार शुक्रवार, 25 सितंबर को मुंबई में किया जाएगा। उनकी अंतिम विदाई Yari Road Kabristan में होगी। वह अपने पीछे पत्नी, एक बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं।

    ‘Welcome’ के Balu और ‘Gadar’ के Gul Khan से मिली खास पहचान

    Mushtaq Khan ने अपने लंबे करियर में मुख्य भूमिकाओं से ज्यादा supporting और character roles के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। 2007 की फिल्म ‘Welcome’ में Balu के किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। फिल्म में उनका ‘Meri ek taang nakli hai, main hockey ka bahot bada khiladi tha…’ वाला संवाद आज भी उनके सबसे यादगार comic moments में गिना जाता है।

    ‘Gadar: Ek Prem Katha’ में उन्होंने Gul Khan का किरदार निभाया था। 2001 में आई इस फिल्म के बाद वह 2023 में ‘Gadar 2’ में भी इसी franchise का हिस्सा बने। इसके अलावा ‘Aashiqui’ में Rafoo Master, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Dil Hai Ki Manta Nahin’, ‘Sadak’, ‘Jodi No. 1’, ‘Mujhse Shaadi Karogi’, ‘Hera Pheri’, ‘Wanted’, ‘Rowdy Rathore’, ‘Welcome Back’, ‘Stree’, ‘Badhaai Do’ और ‘Stree 2’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए।

    1980 से शुरू हुआ था फिल्मी सफर

    Mushtaq Khan ने 1980 में ‘Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai’ से screen debut किया था। इसके बाद उन्होंने फिल्मों के साथ television और theatre में भी काम किया। उनका career चार दशक से ज्यादा समय तक चला और supporting roles में उनकी comic timing, dialogue delivery और अलग अंदाज ने उन्हें लगातार काम दिलाया।

    उनके करियर की खास बात यह रही कि उन्होंने केवल comedy तक खुद को सीमित नहीं रखा। Crime, drama, social और character-based फिल्मों में भी उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं।

    2026 में भी लगातार एक्टिंग कर रहे थे

    निधन से पहले Mushtaq Khan का काम रुका नहीं था। 2026 में उनकी कई फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें ‘Bhabiji Ghar Par Hain’, ‘Drop Out’, ‘Hum Angrezon Ke Zamane Ke Jailor Hai’ और ‘Cocaine’ शामिल हैं। ‘Cocaine’ 5 सितंबर 2026 को रिलीज हुई और उपलब्ध filmography में इसे उनकी सबसे हालिया रिलीज फिल्मों में दर्ज किया गया है। कुछ अन्य projects 2026 में completed या under-production status में भी दर्ज हैं।

    यानी अस्पताल में भर्ती होने से कुछ समय पहले तक वह सक्रिय रूप से फिल्मों के लिए काम कर रहे थे।

    Salim Khan की मदद से Mahesh Bhatt तक पहुंचे थे

    Mushtaq Khan ने निधन से करीब एक महीने पहले अपने संघर्ष के दिनों की एक कहानी साझा की थी, जो उनके शुरुआती फिल्मी सफर को समझने के लिए खास है।

    1980 के दशक में वह Mahesh Bhatt के साथ काम करना चाहते थे। Salim Khan की recommendation के जरिए उन्हें Bhatt से मिलने का मौका मिला। उस समय Mushtaq Khan के घर में telephone तक नहीं था। उन्होंने पास के एक किराना दुकानदार से कहा था कि अगर उनके लिए कोई फोन आए तो उन्हें जानकारी दे दें। इसके बदले वह दुकानदार को हर message के लिए 1 रुपये देते थे।

    करीब 15 दिन इंतजार करने के बाद आखिरकार वह संदेश आया जिसका उन्हें इंतजार था। इसके बाद Mahesh Bhatt के साथ उनका professional association आगे बढ़ा और उन्होंने Bhatt की कई फिल्मों में काम किया। यह रिश्ता ‘Kabzaa’ से आगे बढ़कर ‘Aashiqui’, ‘Dil Hai Ki Manta Nahin’, ‘Sadak’, ‘Saathi’, ‘Sir’, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Gumrah’, ‘Naaraaz’ और ‘Chaahat’ जैसी फिल्मों तक पहुंचा।

    2024 में हुआ था Mushtaq Khan का अपहरण

    Mushtaq Khan की जिंदगी के आखिरी वर्षों में एक बड़ी आपराधिक घटना भी जुड़ी रही। नवंबर 2024 में उन्हें एक event में बुलाने के बहाने दिल्ली बुलाया गया और इसके बाद उनका अपहरण कर लिया गया। उन्हें बिजनौर ले जाया गया था, जहां उनसे करीब 2.20 लाख रुपये की फिरौती वसूले जाने का मामला सामने आया था। इसी गिरोह ने बाद में comedian Sunil Pal को भी निशाना बनाया था।

    इस मामले में 2026 में भी पुलिस की कार्रवाई जारी रही। फरवरी में आरोपियों पर Gangster Act के तहत कार्रवाई की गई और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 28 फरवरी को दो और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा गिरोह के सरगना के surrender की जानकारी सामने आई। अप्रैल 2026 में मामले में वांछित आरोपी Shashank को भी गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस की कार्रवाई के अनुसार इस मामले में कुल 10 आरोपियों पर Gangster Act के तहत कार्रवाई की गई थी। फरवरी में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पूर्व सभासद Sarthak Chaudhary और Ankit Pahadi के नाम भी सामने आए थे।

    आखिरी समय में भी काम और लंबा करियर पीछे छोड़ गए

    Mushtaq Khan ने अपने career में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। उनकी पहचान उन कलाकारों में रही जो मुख्य भूमिका में न होते हुए भी कहानी में अपनी मौजूदगी दर्ज करा देते थे। ‘Welcome’ के Balu से लेकर ‘Gadar’ के Gul Khan और ‘Stree 2’ जैसे बाद के projects तक उनका काम कई पीढ़ियों के दर्शकों तक पहुंचा।

    उनके निधन की खबर के बाद फिल्म और television industry में शोक की लहर है। ‘Welcome’ के निर्देशक Anees Bazmee ने उन्हें याद करते हुए उनके काम और व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि दी। अभिनेता Sanjay Mishra ने भी उनके निधन पर दुख जताया और Mushtaq Khan को अपने लिए guardian जैसा बताया। Theatre और television से जुड़े उनके पुराने साथी Ashoke Pandit ने भी उनके साथ लंबे professional संबंध को याद किया।

    56 वर्ष की उम्र में Mushtaq Khan का निधन ऐसे समय हुआ जब वह अब भी अभिनय में सक्रिय थे। उनकी 2026 की फिल्में और निधन से ठीक पहले चल रहा काम उनके लंबे career की आखिरी कड़ी बन गए।

  • India vs Japan T20I: भारत सिर्फ 2 रन से जीता, जापान ने मचाया हड़कंप; 5 ओवर के मैच में आखिरी गेंद तक चला रोमांच

    India vs Japan T20I: भारत सिर्फ 2 रन से जीता, जापान ने मचाया हड़कंप; 5 ओवर के मैच में आखिरी गेंद तक चला रोमांच

    India vs Japan T20I: बारिश से 5 ओवर के हुए मुकाबले में भारत ने जापान को सिर्फ 2 रन से हराया। भारत ने 32/4 बनाए, जापान 30/3 तक पहुंचा।

    India vs Japan T20I: भारत और जापान के बीच 22 सितंबर 2026 को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड, जापान में खेला गया ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। बारिश और गीले मैदान के कारण मैच को घटाकर 5-5 ओवर का करना पड़ा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए, लेकिन जापान ने आखिरी ओवर तक मुकाबला अपने हाथ में बनाए रखा। आखिरकार भारत ने जापान को 30/3 के स्कोर पर रोककर मुकाबला सिर्फ 2 रन से जीत लिया।

    यह दोनों देशों की पुरुष टीमों के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला था। यह मैच भारत-जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह से भी जुड़ा था और “Sport 75” पहल के तहत आयोजित किया गया था।

    बारिश के कारण 5 ओवर का हुआ मैच

    मुकाबले के निर्धारित समय में बारिश और गीले आउटफील्ड के कारण काफी समय खराब हुआ। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला 5-5 ओवर का कर दिया गया।

    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि जापान के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया।

    जापान के गेंदबाजों ने भारत को रोका

    भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। चार्ली हारा-हिंजे ने अभिषेक शर्मा को पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। इसके कुछ ही समय बाद इब्राहिम ताकाहाशी ने संजू सैमसन का विकेट हासिल किया।

    इसके बाद बेंजामिन इटो-डेविस ने ईशान किशन को आउट किया और भारत का स्कोर 14 रन पर तीन विकेट हो गया। भारतीय टीम ने पांच ओवर में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए।

    भारत की ओर से कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों का सामना किया। संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए। जापान की ओर से चार्ली हारा-हिंजे ने 2 विकेट लिए।

    जापान के सामने 33 रन का लक्ष्य

    भारत के 32/4 के बाद जापान को जीत के लिए 33 रन बनाने थे। इतने छोटे लक्ष्य के बावजूद मुकाबला आसान नहीं था, क्योंकि पिच पर गेंद काफी टर्न हो रही थी।

    जापान की पारी की शुरुआत भी धीमी रही। अक्षर पटेल ने पहले ओवर में लाचलान यामामोटो-लेक को आउट किया। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर ने इब्राहिम ताकाहाशी को पवेलियन भेज दिया।

    आखिरी ओवर में बदल गया पूरा मैच

    जापान ने तीसरे ओवर में वापसी की। कप्तान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग और बेंजामिन इटो-डेविस ने मिलकर 10 रन बनाए। इसके बाद जापान ने अगले ओवर में भी 6 रन जुटाए।

    अब आखिरी ओवर में जापान को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे।

    भारत की ओर से अक्षर पटेल ने अंतिम ओवर संभाला। जापान जीत के बेहद करीब था, लेकिन अक्षर ने दबाव में गेंदबाजी करते हुए उस ओवर में सिर्फ 5 रन दिए। इस तरह जापान की पारी 30/3 पर रुक गई और भारत ने मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया।

    श्रेयस अय्यर बने प्लेयर ऑफ द मैच

    श्रेयस अय्यर को उनके 16 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद अय्यर ने बताया कि पिच पर गेंद काफी ज्यादा टर्न कर रही थी, इसलिए भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट खेलना आसान नहीं था। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में सिंगल और डबल लेकर स्कोर आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई।

    अय्यर ने जापान के प्रदर्शन की भी तारीफ की और कहा कि पांच ओवर के मैच में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। उन्होंने जापान की टीम के रवैये को अच्छा बताया और इस मुकाबले को एशियन गेम्स से पहले भारत के लिए उपयोगी अभ्यास भी माना।

    जापान के कप्तान ने क्या कहा?

    जापान के कप्तान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने मैच के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि जापान ने दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक भारत को आखिरी गेंद तक चुनौती दी।

    जापान की टीम भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत से सिर्फ कुछ रन दूर रह गई।

    भारत की टी20 क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि

    जापान पर मिली यह जीत भारत के लिए एक और रिकॉर्ड के साथ आई। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 जीत पूरी कीं और 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत दर्ज करने वाली पहली टीम बनी। इस आंकड़े में सुपर ओवर से हासिल की गई जीत भी शामिल हैं।

    भारत-जापान के बीच ऐतिहासिक मुकाबला

    यह मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं था। BCCI और Japan Cricket Association के अनुसार, यह मैच भारत और जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह का हिस्सा था।

    india-vs-japan-t20i-india-win-by-2-runs

    “Suzuki Cup” के तहत आयोजित यह मुकाबला “Sport 75” पहल की शुरुआत से जुड़ा था। इसका उद्देश्य भारत और जापान के बीच खेल के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देना है।

    ICC के मुताबिक जापान 2005 से ICC का Associate Member है और भारत के खिलाफ यह उसकी पहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भिड़ंत थी।

    अब एशियन गेम्स पर नजर

    भारत और जापान दोनों के लिए यह मुकाबला 2026 एशियन गेम्स से पहले तैयारी का हिस्सा भी था। ICC के अनुसार भारत एशियन गेम्स में पुरुष टी20 प्रतियोगिता में अपने पिछले स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।

    जापान की टीम भी इस मुकाबले के बाद एशियन गेम्स अभियान में आगे बढ़ी। भारत को अपने अभियान में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला।

    India vs Japan T20I Score

    भारत: 32/4 (5 ओवर)
    जापान: 30/3 (5 ओवर)
    नतीजा: भारत 2 रन से जीता
    प्लेयर ऑफ द मैच: श्रेयस अय्यर — 16 रन
    भारत के प्रमुख गेंदबाज: वॉशिंगटन सुंदर 2/13
    जापान के प्रमुख बल्लेबाज: केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग 12 रन
    मैच: एकमात्र T20I, 22 सितंबर 2026, सानो, जापान

    भारत ने जापान के खिलाफ ऐतिहासिक पहली T20I जीत दर्ज कर ली, लेकिन यह मुकाबला उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ा रहा। बारिश से पांच ओवर का हुआ मैच आखिरी ओवर तक पहुंचा और जापान भारत को परेशान करने में सफल रहा। भारत ने 32 रन का स्कोर बचाकर 2 रन से मुकाबला जीता और इसके साथ ही पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी 200वीं जीत भी दर्ज की।

    FAQ

    Q. India vs Japan T20I कौन जीता?
    भारत ने जापान को 2 रन से हराया।

    Q. India vs Japan का स्कोर क्या था?
    भारत ने 5 ओवर में 32/4 बनाए और जापान 5 ओवर में 30/3 बना सका।

    Q. India vs Japan मैच कितने ओवर का था?
    बारिश और गीले मैदान के कारण मैच 5-5 ओवर का किया गया।

    Q. India vs Japan T20I में प्लेयर ऑफ द मैच कौन रहा?
    श्रेयस अय्यर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    Q. भारत ने 200वीं T20I जीत कब हासिल की?
    भारत ने जापान के खिलाफ 22 सितंबर 2026 को 2 रन की जीत के साथ पुरुष टी20 इंटरनेशनल में अपनी 200वीं जीत पूरी की।

    Official Source

  • Fixed Deposit Interest Rate Comparison: सितंबर 2026 में किस बैंक की FD सबसे ज्यादा ब्याज दे रही?

    Fixed Deposit Interest Rate Comparison: सितंबर 2026 में किस बैंक की FD सबसे ज्यादा ब्याज दे रही?

    Best Bank for FD: सितंबर 2026 में SBI, HDFC, ICICI और Small Finance Banks की FD rates की तुलना करें। जानें 1, 3 और 5 साल की FD, senior citizen rate, tax, DICGC insurance और premature withdrawal के नियम।

    Fixed Deposit Interest Rate Comparison: अगर आप FD कराने की तैयारी कर रहे हैं और कौन सी बैंक फिक्स डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज दे रहा है? जैसे सवाल के जवाब खोज रहे हैं, तो केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है। सितंबर 2026 में कुछ Small Finance Banks चुनिंदा अवधि की FD पर 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं, जबकि बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों की दरें अलग हैं। सबसे ज्यादा FD rate किस अवधि पर मिल रही है, senior citizens को कितना फायदा है और FD कराने से पहले DICGC insurance, tax तथा premature withdrawal जैसे नियमों को समझना भी जरूरी है।

    सितंबर 2026 में सबसे ज्यादा FD ब्याज कहां मिल रहा है?

    16 सितंबर 2026 के उपलब्ध comparative data के मुताबिक Suryoday Small Finance Bank ने चुनिंदा tenure में 8.25% तक की FD दर दी। Equitas Small Finance Bank, ESAF Small Finance Bank, Jana Small Finance Bank और Shivalik Small Finance Bank की दरें भी चुनिंदा अवधि में 8% तक पहुंचीं।

    हालांकि यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8.25% को सभी FD अवधि की दर नहीं समझना चाहिए। उदाहरण के लिए Suryoday की सबसे ऊंची दर एक खास 5-year tenure से जुड़ी थी, जबकि दूसरी अवधि में दर अलग थी। इसी तरह Jana Small Finance Bank की 8% दर 2 से 3 साल की अवधि के लिए थी।

    यानी किसी बैंक की FD को चुनने से पहले ब्याज दर के साथ tenure भी देखना जरूरी है।

    चुनिंदा Small Finance Banks की FD दरें

    बैंकअधिकतम दरकिस अवधि पर
    Suryoday Small Finance Bank8.25%5 साल
    Equitas Small Finance Bank8.00%चुनिंदा अवधि
    ESAF Small Finance Bank8.00%800 दिन
    Jana Small Finance Bank8.00%2–3 साल
    Shivalik Small Finance Bank8.00%चुनिंदा अवधि

    दरें उपलब्ध 16 सितंबर 2026 के comparative data के आधार पर हैं। FD कराने से पहले संबंधित बैंक की वर्तमान दर और शर्तें जरूर जांचें।

    SBI, HDFC और दूसरे बड़े बैंकों की FD दरों से तुलना क्यों जरूरी है?

    FD चुनने वाला ग्राहक अक्सर सबसे पहले SBI, HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बड़े बैंकों की दर देखता है। लेकिन Small Finance Banks की कुछ special-tenure FD दरें इन बड़े बैंकों की सामान्य retail FD दरों से ज्यादा हो सकती हैं।

    उदाहरण के लिए HDFC Bank की आधिकारिक rate page पर 22 सितंबर 2026 के लिए अलग-अलग deposit slabs और tenures की दरें दी गई हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि FD rate केवल बैंक के नाम से तय नहीं होती, बल्कि राशि, अवधि और FD के प्रकार के अनुसार बदल सकती है।

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    इसलिए “कौन सा बैंक सबसे अच्छा है?” का जवाब केवल एक highest-rate number देखकर देना सही नहीं होगा।

    1 साल, 3 साल या 5 साल—किस FD में कितना फर्क पड़ता है?

    FD की ब्याज दर tenure के साथ बदलती है। हालिया comparison में कई Small Finance Banks की 1-year और 3-year rates में काफी अंतर दिखाई देता है। उदाहरण के लिए Jana Small Finance Bank की उपलब्ध दर 1-year tenure के लिए 7% और 3-year tenure के लिए 8% थी, जबकि 5-year tenure पर यह 7.77% थी।

    इसका मतलब है कि अगर आपको केवल एक साल के लिए पैसा रखना है, तो 5-year FD की headline rate देखकर बैंक चुनना उपयोगी नहीं होगा।

    FD चुनते समय पहले अपनी जरूरत की अवधि तय करें और फिर उसी अवधि की दरों की तुलना करें।

    501 दिन की FD पर भी मिल सकता है ज्यादा ब्याज

    FD comparison में केवल 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि देखना भी पर्याप्त नहीं है। कुछ बैंक special tenure FD लेकर आते हैं।

    Unity Small Finance Bank की उपलब्ध revised rates में 501-day FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए 8% और senior citizens के लिए 8.50% की दर बताई गई है। बैंक ने premature withdrawal पर 1% penalty की शर्त भी बताई है।

    यही वजह है कि FD की तुलना करते समय special tenure को भी देखना चाहिए।

    Senior Citizens के लिए FD में कितना ज्यादा ब्याज?

    Senior citizens को कई बैंक सामान्य ग्राहकों की तुलना में अतिरिक्त ब्याज देते हैं। हालिया market comparisons में कुछ Small Finance Banks की senior-citizen rates 8% से ऊपर रही हैं।

    कुछ special-tenure products में senior citizens के लिए दर 8.50% तक पहुंची है। Unity Small Finance Bank की 501-day FD इसका एक उदाहरण है।

    इसलिए 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के निवेशक को सामान्य FD rate के बजाय senior citizen FD rate अलग से देखनी चाहिए।

    Income Tax Department के अनुसार tax purposes के लिए 60 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम उम्र का resident individual senior citizen और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति super senior citizen माना जाता है।

    FD पर 8.50% ब्याज दिख रहा है तो क्या पूरा पैसा सुरक्षित है?

    यहां FD rate के साथ deposit insurance समझना बेहद जरूरी है।

    DICGC के अनुसार eligible bank deposits में एक depositor को एक bank में, एक ही right और capacity में principal और interest मिलाकर अधिकतम ₹5 लाख तक insurance cover मिलता है। एक ही बैंक की अलग-अलग branches में रखे deposits को insurance calculation के लिए जोड़ा जाता है।

    उदाहरण के लिए, केवल अलग-अलग branches में FD खोलने से insurance limit अलग-अलग ₹5 लाख नहीं हो जाती।

    इसलिए बड़ी राशि की FD करते समय केवल ब्याज दर नहीं, बल्कि deposit insurance structure को भी समझना जरूरी है।

    FD तोड़ने पर क्या होगा?

    अगर FD को maturity से पहले बंद किया जाता है, तो बैंक की applicable premature withdrawal policy लागू होती है। इसमें ब्याज की गणना अलग दर पर हो सकती है और penalty भी लग सकती है।

    उदाहरण के तौर पर Unity Small Finance Bank ने अपनी 501-day FD के लिए premature withdrawal पर 1% penalty का उल्लेख किया है।

    इसलिए FD खोलने से पहले यह जरूर देखें:

    • premature withdrawal allowed है या नहीं
    • penalty कितनी है
    • ब्याज किस rate से calculate होगा
    • partial withdrawal की सुविधा है या नहीं
    • auto-renewal की शर्त क्या है

    FD के ब्याज पर टैक्स लगता है?

    FD का interest सामान्य तौर पर taxable income के दायरे में आता है। इसलिए केवल FD rate देखकर वास्तविक return का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।

    Senior citizens के लिए Income Tax Department के अनुसार Section 80TTB के तहत eligible deposit interest पर ₹50,000 तक deduction उपलब्ध है। इसमें bank और post office के साथ cooperative banks के deposits से मिलने वाला interest भी शामिल है।

    Income Tax Department यह भी बताता है कि senior citizen को bank, post office या cooperative bank द्वारा interest payment पर ₹50,000 तक की सीमा के भीतर TDS नहीं काटा जाता। TDS नहीं कटना और interest का tax-free होना एक ही बात नहीं है।

    Tax-saving FD और सामान्य FD में क्या अंतर है?

    अगर आपका उद्देश्य tax saving है, तो सामान्य FD और tax-saving FD को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

    Tax-saving FD में आम तौर पर 5 साल का lock-in होता है और eligible investment पर Section 80C के तहत tax benefit मिल सकता है। लेकिन इसकी liquidity सामान्य FD जैसी नहीं होती।

    इसलिए अगर आपको अगले एक-दो साल में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो केवल tax benefit देखकर ऐसी FD चुनना उचित नहीं होगा।

    Bank FD या Post Office Time Deposit?

    FD की तुलना केवल banks के बीच करने से पूरी तस्वीर नहीं मिलती। Post Office Time Deposit भी conservative savers के लिए एक अलग विकल्प है।

    इसलिए final decision से पहले इन बातों की तुलना की जा सकती है:

    Bank FD: बैंक की FD rate, tenure, premature withdrawal rules और applicable deposit insurance देखें।

    Post Office Time Deposit: संबंधित अवधि की सरकारी small-savings rate और उसके नियम देखें।

    इस comparison में सिर्फ headline interest rate नहीं, बल्कि tenure और liquidity को समान आधार पर देखना जरूरी है।

    अगर ₹5 लाख FD में लगाएं तो क्या देखें?

    मान लीजिए आपके पास ₹5 लाख हैं। दो FD में केवल 1 percentage point का rate difference दिखाई देता है। तब भी actual maturity amount में अंतर आएगा।

    लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है: FD का final maturity amount compounding frequency, payout option, tenure और bank की calculation methodology पर निर्भर कर सकता है।

    इसलिए किसी भी FD में ₹5 लाख लगाने से पहले बैंक के official maturity calculator या deposit terms से final maturity amount verify करना बेहतर है।

    FD चुनते समय ये 7 चीजें जरूर देखें

    1. Interest rate — केवल highest rate नहीं, अपने tenure की rate देखें।
    2. Tenure — 1, 2, 3, 5 साल या special tenure में क्या जरूरत है।
    3. Premature withdrawal — FD समय से पहले तोड़ने पर penalty और interest rule।
    4. Senior citizen benefit — लागू होने पर अतिरिक्त ब्याज।
    5. Tax impact — interest income पर tax और TDS rules।
    6. DICGC cover — eligible deposits पर ₹5 लाख तक insurance limit।
    7. Liquidity — पैसा बीच में चाहिए तो कौन-सी FD सुविधा उपलब्ध है।

    तो कौन सा बैंक FD के लिए सबसे अच्छा है?

    इसका जवाब केवल एक बैंक के नाम से नहीं दिया जा सकता। सितंबर 2026 के उपलब्ध data में अलग-अलग banks की highest FD rates अलग-अलग tenures पर हैं। Suryoday Small Finance Bank की 8.25% दर 5-year tenure से जुड़ी थी, जबकि Jana Small Finance Bank की 8% दर 2–3 साल की अवधि पर थी। Unity Small Finance Bank ने 501-day FD पर सामान्य ग्राहकों के लिए 8% और senior citizens के लिए 8.50% की दर बताई है।

    इसलिए FD चुनने का तरीका यह होना चाहिए:

    पहले तय करें पैसा कितने समय के लिए रखना है → फिर उसी tenure की rates compare करें → senior citizen benefit देखें → premature withdrawal और tax rules देखें → अंत में deposit insurance और बैंक की applicable terms जांचें।

    यानी “सबसे ज्यादा FD rate” और “आपके लिए सही FD” हमेशा एक ही चीज नहीं होती।

    जरूरी नोट

    FD interest rates बैंक द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं। ऊपर दिए गए rates संबंधित उपलब्ध तारीखों के market/official data पर आधारित हैं। FD खोलने से पहले संबंधित बैंक की official website या branch से उस दिन लागू interest rate, tenure, premature withdrawal, tax और अन्य terms की पुष्टि जरूर करें।

  • ₹11 के IV सेट की ₹325 MRP, 2,841% का अंतर; केंद्र ने अस्पतालों से मांगा कीमतों का हिसाब

    ₹11 के IV सेट की ₹325 MRP, 2,841% का अंतर; केंद्र ने अस्पतालों से मांगा कीमतों का हिसाब

    महाराष्ट्र FDA के सर्वे में IV सेट, सिरिंज और कैथेटर की खरीद कीमत और MRP में भारी अंतर मिला। केंद्र ने अब मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों पर समीक्षा शुरू की।

    मुंबई: महाराष्ट्र में अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों में सामने आया बड़ा अंतर अब केंद्र सरकार की निगरानी तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र FDA के सर्वे में एक IV इन्फ्यूजन सेट 11.05 रुपये की ट्रेड कीमत पर मिलने के बावजूद 325 रुपये की छपी MRP वाला पाया गया। इस अंतर को 2,841 प्रतिशत तक बताया गया है। इसके बाद अब केंद्र सरकार अस्पतालों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को तर्कसंगत बनाने पर चर्चा कर रही है। हालांकि, सभी मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर एक समान कीमत सीमा लागू करने का अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

    IV सेट से सिरिंज और कैथेटर तक बड़ी कीमत तफावत

    महाराष्ट्र FDA के जुलाई 2026 के सर्वे में मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली मेडिकल वस्तुओं की कीमतों की जांच की गई। जांच में ट्रेड या खरीद कीमत और छपी MRP के बीच कई मामलों में बड़ा अंतर सामने आया।

    सबसे बड़ा उदाहरण IV इन्फ्यूजन सेट का है। इसकी ट्रेड कीमत 11.05 रुपये मिली, जबकि उस पर MRP 325 रुपये छपी थी। इसी तरह 6.75 रुपये में खरीदी गई 10 एमएल सिरिंज की MRP 57.20 रुपये और 29.41 रुपये की खरीद कीमत वाले कैथेटर की MRP 310 रुपये पाई गई।

    सर्वे में IV सेट, सिरिंज, कैथेटर, नेब्युलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और अन्य मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों को देखा गया। कुछ अन्य वस्तुओं में भी खरीद कीमत और MRP के बीच काफी अंतर पाया गया।

    2,841 प्रतिशत का आंकड़ा आखिर बताता क्या है?

    यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। 11.05 रुपये की ट्रेड कीमत और 325 रुपये की MRP के बीच 2,841 प्रतिशत का अंतर है, लेकिन इसका अर्थ यह सीधे नहीं है कि पूरा अंतर अस्पताल का शुद्ध मुनाफा है।

    किसी मेडिकल वस्तु की अंतिम कीमत तक पहुंचने में निर्माता, आयातक, वितरक, स्टॉकिस्ट और अस्पताल जैसे अलग-अलग स्तर शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा अस्पतालों की ओर से स्टोरेज, स्टेराइल हैंडलिंग, इन्वेंटरी, संक्रमण नियंत्रण और अन्य संचालन लागतों का भी तर्क दिया जाता है। इसी वजह से केंद्र अब अस्पतालों और दूसरे हितधारकों से कीमत और बिलिंग की पूरी व्यवस्था समझने की कोशिश कर रहा है।

    इसलिए सामने आया 2,841 प्रतिशत का आंकड़ा मुख्य रूप से खरीद कीमत और घोषित MRP के बीच के अंतर को दिखाता है। इसे हर मामले में सीधे अस्पताल के मुनाफे के बराबर मानना सही नहीं होगा।

    तुकाराम मुंढे ने केंद्र से क्या मांग की?

    महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने इस कीमत अंतर के बाद केंद्रीय औषध विभाग और राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यानी NPPA के सामने मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों की समीक्षा का मुद्दा उठाया है।

    उनकी मांग में ट्रेड मार्जिन के लिए स्पष्ट व्यवस्था, जरूरी मेडिकल उपकरणों की कीमतों की निगरानी और खरीद कीमत तथा घोषित MRP के बीच स्वीकार्य अंतर को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश की जरूरत शामिल है। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली किसी वस्तु की वास्तविक खरीद कीमत मरीज को आमतौर पर पता नहीं होती।

    महाराष्ट्र FDA ने अस्पतालों की बिलिंग दरें तय करने का अधिकार अपने स्तर पर होने का दावा नहीं किया है। मुद्दा मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमत निर्धारण व्यवस्था और उसके नियमन से जुड़ा है।

    अब केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाया?

    मामले के सामने आने के बाद केंद्र ने NPPA से कीमतों में इस तरह के अंतर को लेकर रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही अस्पतालों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ consultation की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमत और मार्जिन तय करते समय अस्पतालों की वास्तविक लागत, सप्लाई चेन और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

    19 सितंबर तक स्थिति यह है कि सभी मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर एक समान price cap लगाने का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। आगे का नियामक फैसला अलग-अलग उत्पादों और उनकी कीमत संरचना की समीक्षा के बाद लिया जाना है।

    क्या हर मेडिकल डिवाइस की कीमत NPPA तय करता है?

    नहीं। मेडिकल डिवाइस के लिए मौजूदा नियामक व्यवस्था अलग-अलग श्रेणियों में काम करती है।

    NPPA के अनुसार कुछ मेडिकल डिवाइस price-control व्यवस्था के तहत आते हैं, जबकि अन्य non-scheduled medical devices के मामले में सीधे ceiling price तय नहीं होता। DPCO 2013 के तहत ऐसे non-scheduled products की MRP में एक साल में 10 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि की निगरानी का प्रावधान है। कुछ विशेष मामलों में NPPA ने non-scheduled medical devices की कीमत या ट्रेड मार्जिन को भी नियंत्रित किया है।

    इससे मौजूदा विवाद का मूल सवाल सामने आता है कि जिन जरूरी hospital consumables पर सीधी ceiling price व्यवस्था नहीं है, उनमें खरीद कीमत और MRP के बीच कितना अंतर उचित माना जाए।

    पहले भी मेडिकल उपकरणों की कीमतों पर हस्तक्षेप हो चुका है

    मेडिकल डिवाइस की कीमतों को लेकर सरकारी हस्तक्षेप नया नहीं है। NPPA ने coronary stents और knee implants की कीमतों को नियंत्रित किया है। कोविड काल में oxygen concentrators, pulse oximeters, blood pressure monitoring machines, nebulisers, digital thermometers और glucometers समेत छह मेडिकल डिवाइस पर 70 प्रतिशत तक trade margin की सीमा लागू की गई थी।

    NPPA के पुराने दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि कुछ मेडिकल डिवाइस में अस्पतालों को कम कीमत पर उत्पाद मिलने और मरीजों की बिलिंग में छपी MRP के इस्तेमाल के बीच अंतर pricing regulation के लिए चिंता का विषय रहा है।

    अस्पतालों की कीमत में क्या-क्या शामिल हो सकता है?

    मेडिकल कंज्यूमेबल की खरीद कीमत और मरीज से लिया गया अंतिम शुल्क हमेशा एक ही चीज नहीं होता। अस्पतालों की ओर से उपचार की पूरी व्यवस्था में स्टोरेज, स्टेराइल प्रोसेसिंग, संक्रमण नियंत्रण, नर्सिंग, इन्वेंटरी और बर्बादी जैसी लागतों को ध्यान में रखने की बात कही गई है।

    इसी वजह से आगे होने वाली सरकारी चर्चा में केवल MRP और खरीद कीमत की तुलना के बजाय पूरे pricing chain और hospital billing structure को देखना महत्वपूर्ण होगा।

    दूसरे राज्यों से भी सामने आईं ऐसी चिंताएं

    यह मुद्दा केवल महाराष्ट्र तक सीमित रहने के संकेत नहीं दे रहा है। पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु के औषध नियंत्रण तंत्र से भी मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों से जुड़ी समान शिकायतें या representations मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में मामला राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल डिवाइस pricing framework की समीक्षा तक पहुंच सकता है।

    हालांकि, महाराष्ट्र के सर्वे में सामने आए 2,841 प्रतिशत के आंकड़े को पूरे देश के सभी अस्पतालों या सभी मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर लागू करना सही नहीं होगा।

    मरीजों के लिए सबसे अहम सवाल क्या है?

    अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिल में इस्तेमाल की गई वस्तु का नाम, मात्रा, MRP और बिल की गई राशि स्पष्ट हो। किसी मेडिकल कंज्यूमेबल की खरीद कीमत और मरीज से ली गई राशि में बड़ा अंतर होने की स्थिति में itemised bill और संबंधित विवरण देखना मरीज के लिए उपयोगी हो सकता है।

    लेकिन 11.05 रुपये की खरीद कीमत और 325 रुपये की MRP सामने आने का मतलब यह भी नहीं है कि हर अस्पताल हर मरीज से उसी MRP पर पैसा ले रहा है। वास्तविक बिलिंग अस्पताल की व्यवस्था, पैकेज, बीमा और इस्तेमाल की गई वस्तुओं के आधार पर अलग हो सकती है।

    अब आगे क्या होगा?

    महाराष्ट्र FDA के सर्वे और तुकाराम मुंढे की पहल के बाद मामला अब केंद्र के स्तर पर पहुंच चुका है। NPPA से रिपोर्ट, अस्पतालों और अन्य stakeholders के साथ consultation तथा मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों और मार्जिन की समीक्षा अगले चरण हैं।

    आगे की चुनौती यह तय करने की होगी कि जरूरी मेडिकल कंज्यूमेबल्स के लिए कीमतों की निगरानी किस तरह की जाए, खरीद कीमत और MRP के बीच कितना अंतर स्वीकार्य हो, supply chain में किस स्तर पर मार्जिन जोड़ा जा रहा है और मरीजों के लिए बिलिंग में कितनी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

    फिलहाल 11.05 रुपये के IV सेट की 325 रुपये MRP और 2,841 प्रतिशत के अंतर ने अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली छोटी दिखने वाली लेकिन बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल वस्तुओं की कीमतों को राष्ट्रीय नियामक बहस के केंद्र में ला दिया है।

  • Salman Khan का Katrina Kaif की ट्रोलिंग पर बयान, Bigg Boss 20 में trolls को कहा ‘parasites’

    Salman Khan का Katrina Kaif की ट्रोलिंग पर बयान, Bigg Boss 20 में trolls को कहा ‘parasites’

    Katrina Kaif की पोस्ट-प्रेग्नेंसी बॉडी शेमिंग के बीच Salman Khan ने Bigg Boss 20 में trolling, age-shaming और paparazzi culture पर सवाल उठाए।

    मुंबई: Salman Khan ने Bigg Boss 20 के Weekend Ka Vaar में सोशल मीडिया trolling, body-shaming और celebrity privacy को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका यह बयान Katrina Kaif की पोस्ट-प्रेग्नेंसी appearance को लेकर चल रही ऑनलाइन ट्रोलिंग के बीच आया है। हालांकि Salman ने Katrina का नाम नहीं लिया, लेकिन pregnancy के बाद महिलाओं के बढ़े वजन को लेकर किए जाने वाले comments पर उन्होंने सवाल उठाया। इसी दौरान उन्होंने लगातार celebrities की शक्ल-सूरत पर निजी टिप्पणियां करने वाले trolls को ‘parasites’ भी कहा।

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    Katrina Kaif की पोस्ट-प्रेग्नेंसी बॉडी पर क्यों शुरू हुई ट्रोलिंग

    Katrina Kaif 14 सितंबर को अपने पति Vicky Kaushal के साथ Mumbai में Ambani परिवार के Ganesh Chaturthi समारोह में नजर आई थीं। बेटे Vihaan के जन्म के बाद यह उनकी चर्चित सार्वजनिक appearances में से एक थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ users ने उनकी पुरानी तस्वीरों से तुलना करते हुए उनके वजन और appearance पर टिप्पणियां शुरू कर दीं। Fans ने इन comments को body-shaming बताते हुए Katrina का बचाव किया।

    Katrina और Vicky Kaushal ने 7 नवंबर 2025 को अपने बेटे Vihaan का स्वागत किया था। मां बनने के बाद Katrina ने फिल्मों से दूरी बनाए रखते हुए अपने परिवार और Kay Beauty से जुड़े काम पर ध्यान दिया है।

    Salman Khan ने Katrina का नाम लिए बिना क्या कहा?

    Bigg Boss 20 के Weekend Ka Vaar में Salman Khan ने pregnancy और motherhood के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलावों को लेकर की जाने वाली trolling पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि किसी महिला को pregnant होने या मां बनने के कारण troll क्यों किया जाना चाहिए। Salman ने यह भी कहा कि जब कोई महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो अपने तरीके से fitness पर ध्यान दे सकती है।

    इस बयान को Katrina Kaif की मौजूदा controversy से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट है कि Salman ने अपने segment में Katrina का नाम नहीं लिया। इसलिए इसे सीधे तौर पर “Salman ने Katrina के trolls को जवाब दिया” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा।

    ‘Parasites’ किसे कहा Salman ने?

    Salman का ‘parasites’ वाला बयान भी इसी broader trolling discussion का हिस्सा था। उन्होंने उन लोगों पर निशाना साधा जो celebrities की शक्ल, शरीर, उम्र और निजी जिंदगी को लगातार online comments का विषय बनाते हैं।

    उन्होंने अपनी appearance को लेकर होने वाली trolling का भी जिक्र किया। Salman ने बताया कि उनके वजन, उम्र और looks को लेकर comments किए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने मंच पर अपना hat और jacket उतारा और अपने शरीर को लेकर होने वाली टिप्पणियों का सामना करने का अंदाज दिखाया।

    Salman ने खुद की उम्र को लेकर भी कहा कि वह 60 साल के हो चुके हैं और उनसे हमेशा वही appearance बनाए रखने की उम्मीद नहीं की जा सकती जो उनकी शुरुआती फिल्मों के दौर में थी। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि किसी के काम को पसंद नहीं करना अलग बात है, लेकिन उस व्यक्ति पर व्यक्तिगत हमला करना अलग है।

    ScoutOP और Arishfa Khan के विवाद से शुरू हुई चर्चा

    Weekend Ka Vaar में trolling की चर्चा ScoutOP और Arishfa Khan से जुड़े विवाद के संदर्भ में भी हुई। Salman ने ScoutOP की online comments और gaming community से जुड़ी बातों को लेकर सवाल उठाए और इसके बाद चर्चा celebrity trolling तथा सोशल मीडिया behaviour तक पहुंच गई।

    Salman ने पुराने एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें उनके मुताबिक एक व्यक्ति लगातार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक comments करता था और cyber cell की मदद से उसकी पहचान तक पहुंची थी। Salman ने anonymous accounts के पीछे छिपकर लोगों पर निजी टिप्पणियां करने की मानसिकता पर सवाल उठाया।

    Sohail Khan और Varun Sharma का भी आया जिक्र

    Salman ने केवल अपनी trolling की बात नहीं की। उन्होंने Sohail Khan और Varun Sharma जैसे लोगों की appearance पर किए जाने वाले comments का भी संदर्भ दिया। उनका कहना था कि किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताना अलग बात है, लेकिन किसी की शक्ल या शरीर का मजाक बनाना अलग मामला है।

    Paparazzi culture पर भी भड़के Salman Khan

    Salman का निशाना सिर्फ social media trolls तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कुछ paparazzi द्वारा female celebrities की ऐसी तस्वीरें लेने पर सवाल उठाया जिनमें कैमरे का focus उनके शरीर के खास हिस्सों पर होता है।

    इस दौरान Salman ने actresses और अपने परिवार की महिलाओं से जुड़े experiences का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी celebrity का सार्वजनिक स्थान पर होना क्या उसकी privacy और dignity खत्म कर देता है।

    उन्होंने दर्शकों और celebrities के रिश्ते को लेकर भी कहा कि फिल्म की ticket खरीदने का मतलब किसी actor की निजी जिंदगी पर अधिकार मिल जाना नहीं है। उनका तर्क था कि दर्शक फिल्म के काम को पसंद या नापसंद कर सकते हैं, लेकिन इससे व्यक्तिगत अपमान का अधिकार नहीं मिलता।

    Katrina Kaif ने खुद क्या कहा?

    Katrina Kaif ने इस specific body-shaming controversy पर सीधे तौर पर trolls को जवाब नहीं दिया है। हालांकि इसी दौरान उन्होंने pregnancy के बाद अपने शरीर और skin में हुए बदलावों तथा beauty को लेकर अपनी बदलती सोच पर बात की।

    एक interview में Katrina ने बताया कि pregnancy के बाद उनकी skin पहले से ज्यादा sensitive हो गई और उन्हें अपने लिए suitable skincare products तलाशने पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके लिए “looking my best” का मतलब सिर्फ बाहर से अच्छा दिखना नहीं, बल्कि भीतर से healthy और अच्छा महसूस करना है।

    Katrina ने balanced diet, active रहने, meditation, सुबह कुछ समय phone से दूर रहने और natural light लेने जैसी अपनी daily habits का भी जिक्र किया। उन्होंने परिवार और दोस्तों के साथ downtime को भी अपने लिए महत्वपूर्ण बताया।

    Hrithik Roshan और Ali Zafar ने भी दिखाई प्रतिक्रिया

    Katrina की appearance पर शुरू हुई body-shaming के बीच Hrithik Roshan ने Katrina के बचाव में लिखी गई एक social media post को like किया। Hrithik की ओर से इस मामले पर कोई अलग विस्तृत बयान सामने नहीं आया, इसलिए उनके reaction को post like करने तक सीमित रखना सही है।

    वहीं Katrina के Mere Brother Ki Dulhan co-star Ali Zafar ने खुलकर body-shaming की आलोचना की। उन्होंने महिलाओं के लिए एक तय beauty standard की अपेक्षा को गलत बताते हुए लोगों से दूसरों की परिस्थितियों को समझने और अधिक empathy के साथ व्यवहार करने की अपील की।

    Karishma Tanna ने भी postpartum body पर रखी अपनी बात

    इसी controversy के बीच Karishma Tanna ने अपने postpartum body को लेकर सोशल मीडिया पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने शरीर में childbirth के बाद आए बदलावों को स्वीकार करने की बात कही और महिलाओं को दुनिया की expectations के कारण अपने शरीर को लेकर शर्म महसूस न करने का संदेश दिया।

    इससे Katrina Kaif की controversy केवल एक celebrity की appearance तक सीमित नहीं रही, बल्कि motherhood के बाद महिलाओं के शरीर को लेकर बनाए जाने वाले beauty standards पर भी चर्चा तेज हुई है।

    Post-pregnancy appearance को लेकर इतनी चर्चा क्यों?

    Pregnancy और childbirth के बाद शरीर में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। वजन, skin, hormones, sleep pattern और शरीर की overall appearance में बदलाव अलग-अलग महिलाओं में अलग तरह से दिखाई दे सकते हैं। इसलिए किसी celebrity की तस्वीर देखकर उसके स्वास्थ्य या recovery के बारे में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

    Katrina की अपनी हालिया बातचीत भी इसी बदलाव की ओर इशारा करती है। उन्होंने pregnancy के बाद अपनी sensitive skin और बदलती self-care जरूरतों के बारे में बात की है, लेकिन उन्होंने अपने वर्तमान वजन को लेकर कोई specific medical explanation नहीं दिया है।

    Salman Khan की टिप्पणी के बाद अब मामला सिर्फ Katrina Kaif तक सीमित नहीं

    Bigg Boss 20 में Salman Khan की टिप्पणी ने Katrina Kaif की ongoing body-shaming controversy को एक बड़े celebrity-trolling debate से जोड़ दिया है। इसमें social media comments, age-shaming, body-shaming, anonymous trolling और paparazzi द्वारा privacy की सीमाओं का सवाल शामिल हो गया है।

    फिलहाल Katrina ने इस specific trolling controversy पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। वहीं Salman Khan का बयान, Hrithik Roshan का defending post को like करना, Ali Zafar की प्रतिक्रिया और Karishma Tanna की postpartum body पर टिप्पणी ने इस मुद्दे को लगातार चर्चा में बनाए रखा है।

    Bigg Boss 20 का Weekend Ka Vaar इसी वजह से Salman Khan के trolling पर दिए गए बयान, Katrina Kaif की post-pregnancy controversy और celebrity privacy को लेकर उनकी टिप्पणियों के कारण चर्चा में है।

  • SIR में नाम हटने के बाद Sahida Fakir को Bangladesh भेजने का आरोप, Supreme Court ने Centre से जवाब मांगा

    SIR में नाम हटने के बाद Sahida Fakir को Bangladesh भेजने का आरोप, Supreme Court ने Centre से जवाब मांगा

    SIR में वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद Sahida Fakir को Mumbai से Bangladesh भेजने के आरोप पर Supreme Court ने Centre से जवाब मांगा। जानिए पूरा मामला।

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की Sahida Fakir को मुंबई से Bangladesh भेजे जाने के मामले में Supreme Court ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। Sahida के बेटे Sahin Fakir ने अदालत में याचिका दाखिल कर अपनी मां को भारत वापस लाने और उनके खिलाफ किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है।

    Chief Justice of India Surya Kant, Justice Joymalya Bagchi और Justice V. Mohana की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से Senior Advocate S. Muralidhar पेश हुए। मामला Sahin Fakir v. Union of India & Ors., WP(Crl) No. 372/2026 के रूप में सामने आया है।

    याचिका में Sahida Fakir को भारतीय नागरिक बताया गया है। उनके बेटे के अनुसार उनका स्थायी संबंध उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के Gobindapur से है। परिवार का कहना है कि उनके दादा Badshah Gazi का नाम 1952 की मतदाता सूची में और माता-पिता के नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज रहे हैं।

    Sahida करीब 20 साल पहले अपने पति के साथ काम की तलाश में मुंबई आई थीं और यहां घरेलू कामगार के रूप में काम कर रही थीं। याचिका के अनुसार 19 जुलाई 2026 को कुछ लोग, जिन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया, उन्हें मुंबई में अपने साथ ले गए। उन्हें Chembur के एक holding centre में रखा गया और उनका Aadhaar कार्ड तथा मोबाइल फोन भी कथित तौर पर ले लिया गया।

    परिवार का आरोप है कि Sahida को 100 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया और इस दौरान उन्हें किसी Judicial Magistrate के सामने पेश नहीं किया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्हें हिरासत के आधार की जानकारी और परिवार से संपर्क का प्रभावी अवसर नहीं मिला।

    इसके बाद Sahida को Border Security Force (BSF) को सौंपे जाने और करीब 20 अन्य लोगों के साथ उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की ओर ले जाकर Bangladesh सीमा के पार भेजे जाने का आरोप लगाया गया है। याचिका में कहा गया है कि इसके बाद Sahida ने Bangladesh में अपनी मौजूदगी की जानकारी परिवार तक पहुंचाई और फिलहाल अस्थायी मानवीय आश्रय में रह रही हैं।

    SIR में नाम हटने का मामला क्या है?

    Sahida के मामले में सबसे महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उनकी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर है। याचिका के अनुसार Special Intensive Revision यानी SIR के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया और इस फैसले के खिलाफ उनकी अपील लंबित है।

    परिवार का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटना अपने आप किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता समाप्त होने का फैसला नहीं है। Supreme Court ने भी 17 जुलाई 2026 को West Bengal SIR से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया था कि electoral roll से नाम हटने का मतलब अपने आप नागरिकता खत्म होना नहीं है। अदालत ने यह भी कहा था कि नागरिकता तय करने का अंतिम अधिकार Election Commission के पास नहीं है।

    यही बिंदु Sahida Fakir की याचिका में भी महत्वपूर्ण है। याचिका में कहा गया है कि उनकी नागरिकता पर अंतिम निर्णय हुए बिना और SIR से नाम हटाने के खिलाफ उनकी अपील लंबित रहते हुए उन्हें Bangladesh भेज दिया गया।

    परिवार ने कौन से दस्तावेज बताए?

    याचिका में Sahida की भारतीय पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि के समर्थन में कई दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है। इनमें पुराने electoral records के अलावा पहचान और नागरिक दस्तावेज शामिल हैं।

    पहले सामने आए दस्तावेजों में 2008 का voter identity card, 1988 का birth certificate, school certificate और Gobindapur में जमीन से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए गए हैं। परिवार का कहना है कि इन दस्तावेजों को अधिकारियों के सामने रखा गया था।

    हालांकि, इन दस्तावेजों का उल्लेख याचिका और परिवार के दावों के संदर्भ में है। Supreme Court ने अभी Sahida की नागरिकता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

    याचिका में deportation प्रक्रिया पर भी सवाल

    Sahida के बेटे की याचिका केवल उनकी मां को वापस लाने तक सीमित नहीं है। इसमें 2 मई 2025 को जारी उस Standard Operating Procedure (SOP) को भी चुनौती दी गई है, जो कथित अवैध Bangladeshi nationals और Rohingya के deportation की प्रक्रिया से संबंधित है।

    याचिका में Immigration and Foreigners Order, 2025 के कुछ प्रावधानों को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि किसी व्यक्ति को विदेशी या अवैध प्रवासी मानकर देश से बाहर भेजने से पहले उसकी nationality की उचित verification और कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।

    याचिका में विशेष रूप से SOP के Para 9(iv) और Immigration and Foreigners Order, 2025 के Para 12(4)(C) के बीच प्रक्रिया संबंधी अंतर का मुद्दा उठाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि Sahida के मामले में nationality verification और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

    Supreme Court ने अभी क्या आदेश दिया है?

    इस स्तर पर Supreme Court ने केवल केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने अभी यह घोषित नहीं किया है कि Sahida भारतीय नागरिक हैं, उनका Bangladesh भेजा जाना अवैध था या उन्हें तत्काल भारत वापस लाने का अंतिम आदेश दिया गया है।

    अदालत के सामने फिलहाल याचिकाकर्ता के आरोप, Sahida की कथित हिरासत और सीमा पार भेजे जाने की परिस्थितियां तथा nationality verification से जुड़े कानूनी सवाल हैं। केंद्र सरकार का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।

    SIR से जुड़े मामलों में पहले भी Supreme Court ने उठाए सवाल

    Sahida Fakir का मामला ऐसे समय Supreme Court पहुंचा है जब West Bengal में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं। 25 अगस्त 2026 को अदालत को बताया गया था कि SIR से संबंधित करीब 38.1 लाख अपीलें दाखिल हुई हैं। इनमें लगभग 7 लाख अपीलें उन लोगों की थीं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे और जिन्होंने नाम बहाल करने की मांग की थी।

    Supreme Court पहले ही यह अंतर स्पष्ट कर चुका है कि electoral roll में नाम होना या हटना और किसी व्यक्ति की citizenship का अंतिम निर्धारण दो अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। Sahida Fakir मामले में अब यही सवाल और गंभीर रूप से सामने आया है कि किसी व्यक्ति की nationality पर विवाद होने की स्थिति में उसे देश से बाहर भेजने से पहले कौन-सी verification और procedural safeguards लागू होंगे।

    अब केंद्र के जवाब पर नजर

    Supreme Court के नोटिस के बाद केंद्र सरकार को Sahida Fakir की हिरासत, nationality verification, Bangladesh भेजे जाने की प्रक्रिया और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि याचिका में उठाए गए सवालों पर आगे किस तरह की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाना है।

    फिलहाल Sahida Fakir की वापसी की मांग Supreme Court के सामने लंबित है और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।

  • IND vs AFG: नितीश रेड्डी के 3 विकेट, सैमसन की तूफानी पारी; भारत ने 2-0 से जीती सीरीज

    IND vs AFG: नितीश रेड्डी के 3 विकेट, सैमसन की तूफानी पारी; भारत ने 2-0 से जीती सीरीज

    IND vs AFG: भारत ने दूसरे टी20 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज 2-0 से जीत ली। नितीश रेड्डी और संजू सैमसन रहे जीत के हीरो।

    नई दिल्ली: भारत ने IND vs AFG दूसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में भारत ने संजू सैमसन की 57 रन की तेज पारी और अभिषेक शर्मा के 39 रन की मदद से 14.5 ओवर में 3 विकेट पर 163 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत में बल्लेबाजों के साथ नितीश कुमार रेड्डी की गेंदबाजी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उन्होंने तीन ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिए और अफगानिस्तान की पारी के मध्य ओवरों में रन बनाने की गति पर लगाम लगा दी।

    नितीश रेड्डी ने अफगानिस्तान की पारी को दिया झटका

    भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती ओवर में इब्राहिम जादरान पर दबाव बनाया, जबकि दूसरे ओवर में अर्शदीप सिंह ने रहमानुल्लाह गुरबाज को शून्य पर आउट कर दिया।

    इसके बाद इब्राहिम जादरान ने 37 रन बनाकर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन नितीश रेड्डी ने उन्हें आउट कर अफगानिस्तान की साझेदारी तोड़ी। इसके बाद उन्होंने गुलबदीन नईब को भी पवेलियन भेजा। अंतिम ओवर में नितीश ने राशिद खान का विकेट लेकर अपना तीसरा शिकार पूरा किया।

    अफगानिस्तान की पारी का सबसे कमजोर दौर 7वें से 15वें ओवर के बीच आया। इस दौरान टीम सिर्फ 64 रन बना सकी और उसके पांच विकेट गिर गए। इस दबाव के कारण अफगानिस्तान बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाया।

    मोहम्मद नबी ने 20 और राशिद खान ने 28 रन बनाकर आखिरी ओवरों में टीम को संभाला। दोनों ने 28 गेंदों पर 48 रन की साझेदारी की, जिससे अफगानिस्तान 159 रन तक पहुंच सका।

    संजू सैमसन ने आलोचनाओं का दिया जवाब

    160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने तेज शुरुआत दी। अभिषेक ने 19 गेंदों में 39 रन बनाए, जबकि सैमसन ने सिर्फ 22 गेंदों पर 57 रन की विस्फोटक पारी खेली।

    सैमसन ने अपनी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। पहले टी20 में केवल 10 रन पर आउट होने के बाद उनकी यह पारी खास रही। उन्होंने अभिषेक के साथ मिलकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई और लक्ष्य को काफी आसान बना दिया।

    राशिद खान ने भारत के तीन विकेट लिए और सैमसन, अभिषेक शर्मा तथा कप्तान श्रेयस अय्यर को आउट किया। श्रेयस अय्यर इस मैच में 11 रन ही बना सके। इसके बावजूद भारत की बल्लेबाजी की गहराई इतनी मजबूत रही कि लक्ष्य तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हुई।

    भारत के लिए सबसे बड़ी खबर नितीश रेड्डी का प्रदर्शन

    इस जीत को सिर्फ सैमसन की 57 रन की पारी तक सीमित करना सही नहीं होगा। नितीश कुमार रेड्डी का 3/24 प्रदर्शन भारत के लिए आगे की टी20 योजनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

    एक ऐसे मुकाबले में जहां भारत को मध्य ओवरों में विकेट की जरूरत थी, नितीश ने लगातार प्रभाव डाला। उनके प्रदर्शन ने टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प दिया और अफगानिस्तान की रन गति को उस समय रोका जब पारी तेजी पकड़ सकती थी।

    वरुण चक्रवर्ती की चोट के बीच मिला रवि बिश्नोई को मौका

    दूसरे टी20 में भारत के स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई की वापसी हुई। उन्हें वरुण चक्रवर्ती की जगह मौका मिला था।

    वरुण चक्रवर्ती ताजा साइड स्ट्रेन के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ बाकी टी20 सीरीज से बाहर हो चुके हैं। बीसीसीआई सूत्र के अनुसार MRI में साइड स्ट्रेन की पुष्टि हुई है और उनकी एशियाई खेलों में उपलब्धता पर भी सवाल खड़ा हो गया है।

    वरुण ने पहले टी20 में चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर एक विकेट लिया था। ऐसे में उनका बाहर होना भारत के स्पिन विकल्पों के लिए अहम बदलाव है। एशियाई खेल 28 सितंबर से जापान में होने हैं, जबकि भारत की उससे पहले 22 सितंबर को जापान के खिलाफ टी20 मुकाबला भी निर्धारित है।

    अब तीसरे टी20 में क्या होगा?

    भारत ने दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली है, लेकिन तीसरा टी20 अभी बाकी है। यह मुकाबला 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में खेला जाएगा। तीनों मैच इसी मैदान पर निर्धारित किए गए थे।

    सीरीज जीतने के बाद भारत के सामने अब तीसरे मैच में अपनी बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और कुछ खिलाड़ियों को मौका देने का विकल्प रहेगा। वहीं अफगानिस्तान के लिए आखिरी मुकाबला सीरीज को 1-2 पर खत्म करने का मौका होगा।

    दूसरे टी20 ने भारत को सिर्फ एक और जीत नहीं दी है। संजू सैमसन की फॉर्म में वापसी, अभिषेक शर्मा की तेज शुरुआत और नितीश कुमार रेड्डी की प्रभावी गेंदबाजी ने टीम के अगले बड़े टी20 मुकाबलों से पहले कई सकारात्मक संकेत दिए हैं।

  • 20 साल तक पत्नी को Drug कर यौन शोषण, पति ने 60 अपराध कबूले

    20 साल तक पत्नी को Drug कर यौन शोषण, पति ने 60 अपराध कबूले

    20 साल से पत्नी को drug कर यौन शोषण के मामले में पति ने 60 अपराध कबूले। 12 अन्य पुरुषों पर आरोपों का ट्रायल अभी जारी है।

    यूनिट किंगडम: 20 साल से अधिक समय तक अपनी पत्नी को कथित तौर पर drug कर यौन शोषण करने वाले एक व्यक्ति ने अब कुल 60 अपराधों में दोष स्वीकार कर लिया है। सोमवार को अदालत में उसने 45 और आरोपों पर guilty plea किया। इससे पहले वह 15 अपराध स्वीकार कर चुका था। पीड़िता अपने परिवार के सदस्यों के साथ अदालत में मौजूद थी।

    यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पति के खिलाफ दर्ज अपराधों का सिलसिला 2004 से 2025 तक का बताया गया है। मामले में उससे जुड़े दूसरे पुरुषों पर भी गंभीर यौन अपराधों के आरोप हैं, लेकिन उनके खिलाफ आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं।

    पति ने 45 और अपराधों में कबूला गुनाह

    सोमवार की सुनवाई में आरोपी ने 45 आरोपों में दोष स्वीकार किया। इनमें 21 rape counts, assault by penetration और sexual assault से जुड़े अपराध शामिल हैं। इसके अलावा बिना सहमति अंतरंग तस्वीरें साझा करने और किसी व्यक्ति को stupefy या overpower करने के इरादे से substance देने से जुड़ा अपराध भी शामिल है।

    इससे पहले जून 2026 में उसने 15 अपराध स्वीकार किए थे। इस तरह अब उसके खिलाफ स्वीकार किए गए अपराधों की कुल संख्या 60 हो गई है।

    अभियोजन के अनुसार, पत्नी को ऐसी स्थिति में पहुंचाया जाता था जिसमें वह sexual activity के लिए सहमति देने में सक्षम नहीं रहती थी। मामले से जुड़े आरोपों की अवधि 2004 से 2025 तक बताई गई है।

    यह मामला सिर्फ पति तक सीमित नहीं

    इस मामले में पति के अलावा 13 अन्य पुरुष भी आरोपों का सामना कर रहे हैं। हालांकि सभी आरोपियों की कानूनी स्थिति एक जैसी नहीं है।

    Keith Fotheringham पहले ही चार अपराधों में guilty plea कर चुका है। इनमें rape की साजिश, assault by penetration की साजिश, substance देने की साजिश और assault by penetration शामिल हैं।

    बाकी 12 पुरुष आरोपों से इनकार कर चुके हैं और उनके खिलाफ ट्रायल जारी है। इसलिए उन्हें दोषी कहना अभी कानूनी रूप से सही नहीं होगा।

    यही वजह है कि पति द्वारा 60 अपराध स्वीकार करने को बाकी आरोपियों की guilt का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    20 साल पुराने मामले में 2025 तक क्या होता रहा?

    अभियोजन के अनुसार पति से जुड़े अपराधों की शुरुआत 2004 तक जाती है। बाद के वर्षों में मामले में दूसरे पुरुषों से जुड़े आरोप भी सामने आए, जिनमें कई आरोप 2018 से 2025 के बीच के बताए गए हैं।

    जून 2026 की सुनवाई में पति ने जिन 15 अपराधों को स्वीकार किया था, उनमें से कुछ अपराध मार्च 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच के थे।

    इससे मामले की गंभीरता केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं रहती। अदालत के सामने दो दशकों से अधिक समय से जुड़े अपराधों का पूरा सिलसिला है।

    बिना सहमति तस्वीरें साझा करने का आरोप भी शामिल

    मामले में sexual assault के अलावा बिना सहमति intimate images साझा करने का अपराध भी शामिल है।

    यह पहलू बताता है कि मामला केवल physical sexual abuse तक सीमित नहीं है। Digital material को साझा करना भी investigation का हिस्सा बना है।

    ब्रिटेन में इसी तरह के मामलों को लेकर online sexual abuse networks और drug-facilitated sexual assault पर कानून प्रवर्तन एजेंसियां अलग से काम कर रही हैं।

    ब्रिटेन में Drug-Facilitated Sexual Assault पर बढ़ी चिंता

    इस मामले का व्यापक महत्व इसलिए भी है क्योंकि ब्रिटेन में authorities drug-facilitated sexual assault को लेकर बड़ी जांच और coordinated response चला रही हैं।

    National Crime Agency और Crown Prosecution Service ने ऐसे मामलों में drug या दूसरे substances के जरिए किसी व्यक्ति की consent देने की क्षमता को प्रभावित करने वाले अपराधों पर कार्रवाई बढ़ाई है। जांच में online networks और दूसरे देशों से जुड़े संभावित links भी सामने आए हैं।

    NCA के अनुसार इस broader investigation में बड़ी संख्या में individuals और investigative leads सामने आए हैं, जिससे अधिकारियों को इस तरह के अपराधों की वास्तविक scale और reporting को लेकर चिंता है।

    Gisèle Pelicot केस से क्यों हो रही तुलना?

    इस मामले की तुलना फ्रांस के चर्चित Gisèle Pelicot case से भी की जा रही है।

    दोनों मामलों में एक महत्वपूर्ण समानता यह है कि महिलाओं के साथ sexual abuse ऐसे समय में किए जाने के आरोप हैं जब वे drugged या unconscious अवस्था में थीं और उनके intimate partners पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप लगे।

    लेकिन दोनों मामलों को पूरी तरह समान मानना सही नहीं होगा। इस मामले में पति ने अपने खिलाफ 60 अपराध स्वीकार किए हैं, जबकि बाकी 12 पुरुषों के खिलाफ आरोपों पर अदालत का फैसला अभी बाकी है।

    पत्नी की पहचान क्यों नहीं बताई जा रही?

    पीड़िता की पहचान कानूनी कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है। ब्रिटेन में sexual offence victims को आम तौर पर lifelong anonymity मिलती है।

    इसलिए आरोपी का नाम भी प्रकाशित नहीं किया जा रहा, क्योंकि उससे पीड़िता की पहचान सामने आने का खतरा हो सकता है।

    अदालत में सुनवाई के दौरान महिला अपने परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद थी।

    अब आगे क्या होगा?

    पति ने अपने खिलाफ 60 अपराधों में दोष स्वीकार कर लिया है, इसलिए उसके द्वारा स्वीकार किए गए अपराधों पर sentencing की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    लेकिन पूरा मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। अन्य 12 आरोपियों का ट्रायल जारी है, और उनके खिलाफ आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।

    आने वाले समय में इस मामले में दो महत्वपूर्ण developments पर नजर रहेगी—पति की sentencing और बाकी आरोपियों के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया।

    यह मामला अब केवल एक परिवार के भीतर हुए लंबे समय के यौन अपराधों तक सीमित नहीं रह गया है। यह drug-facilitated sexual assault, intimate-partner abuse और online sexual exploitation से जुड़ी उन व्यापक चिंताओं को भी सामने लाता है, जिन पर ब्रिटेन की कानून प्रवर्तन एजेंसियां फिलहाल कार्रवाई कर रही हैं।

  • मन्नत पूरी नहीं हुई तो पंडित को बनाया बंधक, बेटे से मांगे ₹1 लाख; दो गिरफ्तार

    मन्नत पूरी नहीं हुई तो पंडित को बनाया बंधक, बेटे से मांगे ₹1 लाख; दो गिरफ्तार

    मन्नत पूरी न होने पर पंडित को बंधक बनाने और परिवार से ₹1 लाख मांगने का आरोप है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पंडित को सकुशल बचाया।

    नोएडा: धार्मिक अनुष्ठान के बाद मनोकामना पूरी नहीं होने से नाराज दो लोगों पर एक पंडित को बंधक बनाने और उनके परिवार से ₹1 लाख मांगने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पंडित को दोबारा पूजा कराने के बहाने बुलाया और बाद में कथित तौर पर कमरे में बंधक बना लिया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पंडित को भी सकुशल बरामद कर लिया गया।

    पूजा के बाद नहीं हुई मन्नत पूरी, फिर पंडित को बनाया बंधक

    पुलिस के मुताबिक, अनिल कुमार तिवारी पुरोहित का काम करते हैं और कुछ समय पहले उन्होंने जौनपुर के रहने वाले आशीष यादव और प्रवेश यादव के यहां धार्मिक अनुष्ठान कराया था। आरोप है कि पूजा के बाद दोनों की मनोकामना पूरी नहीं हुई।

    इसके बाद आरोपियों ने अनिल तिवारी को दोबारा पूजा कराने के बहाने बुलाया। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, उनके वहां पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बना लिया गया।

    आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि पूजा में उनका करीब एक लाख रुपये खर्च हुआ है और मनोकामना पूरी नहीं हुई, इसलिए यह रकम वापस की जाए। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

    5 सितंबर को गए थे पूजा कराने

    पुलिस के अनुसार, अनिल तिवारी 5 सितंबर 2026 को पूजा कराने के लिए जौनपुर गए थे। इसके बाद परिवार से उनका संपर्क नहीं हो सका। उनके बेटे ने 9 सितंबर को थाना सेक्टर-113 में शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पंडित की तलाश शुरू की। जांच में तकनीकी निगरानी और अन्य माध्यमों से आरोपियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।

    पुलिस ने पैसे लेने के बहाने आरोपियों को बुलाया

    पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई। अनिल तिवारी के बेटे के माध्यम से आरोपियों को बताया गया कि पैसे लेने के लिए नोएडा आ सकते हैं।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी जौनपुर से अनिल तिवारी को साथ लेकर नोएडा पहुंचे। इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें सर्फाबाद क्षेत्र के पास पकड़ लिया और पंडित को उनके कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया।

    दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के रूप में हुई है। दोनों जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र के मसीदा गांव के रहने वाले बताए गए हैं।

    पुलिस के अनुसार, आशीष यादव के पास से .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले, जबकि प्रवेश यादव के कब्जे से चाकू बरामद किया गया।

    मामले में BNS की धारा 127(7)/140 के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    ₹1 लाख की मांग पर पुलिस की जांच जारी

    इस मामले में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपियों ने ₹1 लाख की रकम किस आधार पर मांगी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी पूजा में खर्च हुए पैसे वापस लेने की बात कह रहे थे, जबकि परिवार से ₹1 लाख की मांग की गई थी।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अनिल तिवारी को दोबारा बुलाने के दौरान आरोपियों और उनके बीच क्या बातचीत हुई थी और क्या इस घटना में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

    फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और अनिल कुमार तिवारी को सकुशल बरामद किया जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की। जानें 11:02 AM Muhurat, Mumbai Puja Timing और Visarjan की तारीख।

    नई दिल्ली: Ganesh Chaturthi 2026 के मौके पर भारत में Singapore के High Commissioner Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी करते हुए सभी के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। Wong ने 14 सितंबर को साझा किए गए संदेश में बताया कि वह 11:02 AM पर Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे, जब Madhyahna Puja Muhurat शुरू हो रहा था। उन्होंने लोगों को Happy Ganesh Chaturthi की शुभकामनाएं भी दीं।

    Simon Wong ने Ganesh Chaturthi पर क्या कहा?

    Simon Wong ने Ganapati Sthapana से पहले अपने संदेश में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि वह निर्धारित Madhyahna Puja Muhurat के दौरान Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे।

    उनका यह संदेश ऐसे समय आया जब Ganesh Chaturthi 2026 के अवसर पर भारत के अलग-अलग हिस्सों में घरों, मंदिरों और सार्वजनिक गणेश मंडलों में भगवान गणेश की स्थापना की जा रही है।

    Simon Wong का Ganesh Chaturthi संदेश इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि उन्होंने केवल festival greetings साझा नहीं किए, बल्कि स्वयं Ganapati Sthapana की तैयारी का उल्लेख किया।

    11:02 AM का Ganesh Puja Muhurat क्या है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के लिए Chaturthi Tithi 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। गणेश पूजा और Ganpati Sthapana के लिए Madhyahna period को महत्वपूर्ण माना जाता है।

    New Delhi में Ganesh Chaturthi 2026 का Madhyahna Puja Muhurat 11:02 AM से 1:31 PM तक है। Simon Wong ने अपनी पोस्ट में इसी 11:02 AM समय का उल्लेख किया था।

    हालांकि, यह पूरे भारत के लिए एक समान समय नहीं है। स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में Ganesh Puja Timing में अंतर है। Mumbai में Madhyahna Ganesh Puja Muhurat 11:20 AM से 1:48 PM तक है।

    Ganesh Chaturthi 2026: आज क्या खास है?

    Ganesh Chaturthi इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। यह दिन भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के साथ Ganeshotsav की शुरुआत का प्रमुख अवसर है।

    देशभर में भक्त भगवान गणेश की पूजा कर रहे हैं और कई स्थानों पर सार्वजनिक गणेश मंडलों में बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। Mumbai में Ganeshotsav का असर सार्वजनिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

    Mumbai में Ganesh Chaturthi का क्या असर है?

    Mumbai में Ganesh Chaturthi के कारण 14 सितंबर को स्कूल और कॉलेज बंद हैं। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी holiday है और financial markets भी बंद हैं।

    शहर में गणेश मंडलों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण कई इलाकों में भीड़ और traffic movement में बदलाव देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक जुलूसों और बड़े आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है।

    Mumbai Police ने Ganeshotsav के दौरान सुरक्षा और crowd management के लिए 16,000 से अधिक personnel तैनात किए हैं। इसमें सात Additional Commissioners of Police, 37 DCPs और 52 ACPs शामिल हैं। बड़े गणेश मंडलों, भीड़ वाले क्षेत्रों और processions पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    Mumbai में Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

    Ganesh Chaturthi के पहले दिन Mumbai के प्रमुख गणेश मंडलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।

    Ganeshotsav के दौरान Mumbai में धार्मिक आयोजनों के साथ राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में शहर में सुरक्षा और crowd management प्रशासन के लिए प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है।

    Ganesh Visarjan 2026 कब होगा?

    Ganesh Chaturthi के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन परिवारों और गणेश मंडलों की परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में किया जाता है। कुछ परिवार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद विसर्जन करते हैं।

    Anant Chaturdashi 25 सितंबर 2026 को है और यह Ganesh Visarjan का प्रमुख दिन माना जाता है। इस दिन Mumbai समेत कई जगहों पर बड़े पैमाने पर विसर्जन जुलूस निकलेंगे।

    Singapore में भी Ganesh Chaturthi से जुड़े आयोजन

    भारत में Singapore के High Commissioner के तौर पर Simon Wong का Ganapati Sthapana में शामिल होना भारत में उनके सार्वजनिक cultural engagement का एक उदाहरण है। वहीं Singapore में भी Hindu organisations द्वारा Ganesh Chaturthi से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    हालांकि, Simon Wong के इस संदेश को किसी नए India-Singapore agreement या policy announcement के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से Ganesh Chaturthi के अवसर पर उनकी व्यक्तिगत और सांस्कृतिक सहभागिता तथा शुभकामना का सार्वजनिक संदेश है।

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Simon Wong का संदेश क्यों चर्चा में है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के पहले दिन Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी और Madhyahna Puja Muhurat का उल्लेख करते हुए शांति और समृद्धि की कामना की। उनका 11:02 AM वाला उल्लेख New Delhi के स्थानीय पूजा समय से जुड़ा है, जबकि Mumbai समेत दूसरे शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय अलग है।

    इस तरह Singapore Envoy की Ganapati Sthapana से जुड़ी यह पोस्ट जहां festival की सांस्कृतिक पहुंच को दिखाती है, वहीं Ganesh Chaturthi 2026 की date, Puja Timing और आगामी Visarjan को लेकर लोगों की जानकारी की जरूरत भी सामने आती है।