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  • Malaysia vs UAE 1st T20I Result: Khuzaima Tanveer की तूफानी पारी से UAE की 6 विकेट से जीत

    Malaysia vs UAE 1st T20I Result: Khuzaima Tanveer की तूफानी पारी से UAE की 6 विकेट से जीत

    Malaysia vs UAE 1st T20I में UAE ने 145 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में हासिल कर 6 विकेट से जीत दर्ज की। Khuzaima Tanveer बने Player of the Match।

    Malaysia vs UAE 1st T20I Result: कुआलालंपुर के Bayuemas Oval में खेले गए पहले T20I में UAE ने Malaysia को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। Malaysia ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 144/6 रन बनाए, लेकिन UAE ने 145 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में 150/4 बनाकर हासिल कर लिया। मैच के सबसे बड़े हीरो Khuzaima Tanveer रहे, जिन्होंने 29 गेंदों पर नाबाद 68 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी 2 विकेट लिए।

    Malaysia vs UAE 1st T20I: मैच का पूरा नतीजा

    टीमस्कोरओवरनतीजा
    Malaysia144/620.0पहले बल्लेबाजी
    UAE150/416.56 विकेट से विजेता

    UAE ने 19 गेंद शेष रहते 145 रन का लक्ष्य हासिल किया।

    मैच की जानकारीविवरण
    मुकाबला1st T20I
    टीमेंMalaysia vs UAE
    तारीख14 सितंबर 2026
    मैदानBayuemas Oval, Kuala Lumpur
    Malaysia144/6
    UAE150/4
    परिणामUAE ने 6 विकेट से जीत दर्ज की
    Series स्थितिUAE 1-0 आगे
    Player of the MatchKhuzaima Tanveer

    Khuzaima Tanveer ने पलट दिया पूरा मैच

    UAE की शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए आसान नहीं थी। टीम ने बीच में लगातार विकेट गंवाए और एक समय 67/4 के स्कोर पर दबाव में थी। ऐसे समय Khuzaima Tanveer ने Rahul Chopra के साथ मिलकर UAE की पारी को संभाला।

    Khuzaima ने सिर्फ 29 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 234 से ज्यादा रहा। Rahul Chopra 25 गेंदों पर 17 रन बनाकर नाबाद रहे।

    UAE के प्रमुख बल्लेबाजरनगेंद
    Khuzaima Tanveer68*29
    Tanish Suri2115
    Rahul Chopra17*25
    Adeeb Usmani124

    पारी का सबसे बड़ा मोड़ 12वां ओवर रहा। Khuzaima ने Vijay Unni के ओवर में लगातार बड़े शॉट लगाते हुए 22 रन बटोरे। इसके बाद UAE की रन गति इतनी तेज हो गई कि Malaysia के गेंदबाज मैच को दोबारा अपने नियंत्रण में नहीं ला सके।

    Malaysia ने 144 रन बनाए, लेकिन मध्य ओवरों में पिछड़ा

    Malaysia ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 144/6 का स्कोर बनाया। टीम के लिए Virandeep Singh ने 30 गेंदों पर 32 रन और Syed Aziz Mubarak ने 17 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    Malaysia के प्रमुख बल्लेबाजरनगेंद
    Virandeep Singh3230
    Syed Aziz Mubarak2817
    Muhammad Haziq Aiman2421
    Nazmus Sakib156
    Aqeel Wahid1522
    Sharvin Muniandy13*11

    Malaysia ने शुरुआती छह ओवरों में 60 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की थी। हालांकि UAE के गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट निकालकर रन गति पर नियंत्रण कर लिया।

    Aayan Afzal Khan की गेंदबाजी रही निर्णायक

    UAE की जीत में Khuzaima की दोहरी भूमिका के अलावा Aayan Afzal Khan की गेंदबाजी का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर तीन विकेट लिए।

    UAE के प्रमुख गेंदबाजओवररनविकेट
    Aayan Afzal Khan4183
    Khuzaima Tanveer4222

    Aayan ने Malaysia के महत्वपूर्ण बल्लेबाज Muhammad Haziq Aiman, Syed Aziz Mubarak और Virandeep Singh को आउट किया। इन विकेटों ने Malaysia की पारी को उस समय रोक दिया जब टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकती थी।

    Khuzaima ने भी गेंद से प्रभाव डाला और चार ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए।

    UAE ने 19 गेंद पहले खत्म किया रन चेज

    Malaysia के 144/6 के जवाब में UAE ने 150/4 का स्कोर बनाया और 16.5 ओवर में मुकाबला समाप्त कर दिया।

    UAE की शुरुआत Tanish Suri के 21 रन और Adeeb Usmani के तेज 12 रन से हुई। Adeeb ने केवल चार गेंदों का सामना किया।

    बीच में UAE के चार विकेट गिरने के बाद Malaysia को वापसी का मौका मिला, लेकिन Khuzaima और Rahul Chopra की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    Khuzaima ने अंतिम चरण में बड़े शॉट लगाते हुए UAE को जीत तक पहुंचाया और Player of the Match का पुरस्कार हासिल किया।

    Premier Cup Final के बाद UAE की जीत

    इस जीत का UAE के लिए अतिरिक्त महत्व भी है। टीम हाल ही में ACC Men’s Premier Cup के फाइनल में Nepal से 44 रन से हार गई थी। उस मुकाबले में UAE लक्ष्य का पीछा करते हुए 269 रन पर आउट हो गया था।

    Malaysia के खिलाफ पहले T20I में UAE ने तुरंत जीत हासिल करके सकारात्मक शुरुआत की है। इस मैच में Khuzaima Tanveer का प्रदर्शन विशेष रूप से अहम रहा।

    Malaysia के लिए क्या संकेत?

    Malaysia की बल्लेबाजी में शुरुआत के दौरान तेजी दिखाई दी, लेकिन टीम उस momentum को बड़े स्कोर में नहीं बदल सकी। 60 रन के powerplay के बाद मध्य ओवरों में रन गति कम हुई और UAE को नियमित अंतराल पर विकेट मिलते रहे।

    गेंदबाजी में भी Malaysia UAE के दबाव को लंबे समय तक नहीं संभाल सका। 145 रन का लक्ष्य defend करने के लिए उसे Khuzaima की explosive batting को रोकना जरूरी था, लेकिन 12वें ओवर के बाद मुकाबला तेजी से UAE के पक्ष में चला गया।

    अब दूसरा T20I कब?

    पहले मैच में जीत के साथ UAE तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरा T20I 16 सितंबर 2026 को Bayuemas Oval, Kuala Lumpur में खेला जाएगा, जबकि तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को इसी मैदान पर होगा।

    स्थितिअगला मैच
    SeriesUAE 1-0 आगे
    दूसरा T20I16 सितंबर 2026
    तीसरा T20I17 सितंबर 2026
    VenueBayuemas Oval, Kuala Lumpur
    UAE जीतता हैSeries 2-0 से UAE के नाम
    Malaysia जीतता हैSeries 1-1 से बराबर

    अगर UAE दूसरा T20I जीतता है तो वह सीरीज अपने नाम कर लेगा। Malaysia के लिए अगला मुकाबला सीरीज में वापसी का मौका होगा।

    इसके बाद Malaysia के सामने Asian Games 2026 की चुनौती भी होगी। टीम को 24 सितंबर को Hong Kong और 26 सितंबर को Oman के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। UAE के खिलाफ बाकी दो T20I उसके लिए अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण मौका होंगे।

    फिलहाल पहले T20I की सबसे बड़ी कहानी Khuzaima Tanveer का all-round प्रदर्शन है। Malaysia के 144/6 के जवाब में UAE ने 16.5 ओवर में 150/4 बनाकर छह विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

  • Women’s Asia Cup 2026: Shafali-Mandhana के तूफान से भारत ने जीता आठवां खिताब

    Women’s Asia Cup 2026: Shafali-Mandhana के तूफान से भारत ने जीता आठवां खिताब

    Women’s Asia Cup 2026 में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर आठवां खिताब जीता। Shafali, Mandhana और Charani बनीं जीत की स्टार।

    नई दिल्ली: दुबई में भारत ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम कर लिया। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की 129 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी ने भारत को 183/5 तक पहुंचाया, जिसके बाद श्री चरणी की 4/20 की शानदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की पारी को 111 रन पर समेट दिया।

    इस जीत के साथ भारत ने 2024 के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। भारत अब महिला एशिया कप का आठ बार चैंपियन बन चुका है और T20 प्रारूप में उसका यह चौथा खिताब है।

    Shafali-Mandhana ने 129 रन से रखी खिताबी जीत की नींव

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने ऐसी शुरुआत दी, जिसने फाइनल का रुख शुरुआती ओवरों में ही तय कर दिया।

    शैफाली ने सिर्फ 39 गेंदों पर 68 रन बनाए, जबकि मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन की पारी खेली। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़े, जो महिला टी20 एशिया कप में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।

    शैफाली ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ उन्होंने महिला एशिया कप में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 25 गेंदों में अर्धशतक लगाने वाली मंधाना के नाम था।

    भारत ने पावरप्ले के छह ओवर में 57 रन बना लिए थे और 10 ओवर के बाद स्कोर बिना विकेट गंवाए 98 रन था। इस शुरुआती दबाव का असर बाद में श्रीलंका की गेंदबाजी और फील्डिंग पर भी दिखाई दिया।

    womens-asia-cup-2026-india-wins

    श्रीलंका ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारत का स्कोर बड़ा था

    13वें ओवर में शैफाली का विकेट गिरने के बाद श्रीलंका को राहत मिली। इसके बाद मंधाना भी रन आउट होकर पवेलियन लौटीं। भारत की पारी के अंतिम हिस्से में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने रनगति पर कुछ नियंत्रण बनाया और भारत को 183/5 तक सीमित रखा।

    इसके बावजूद 184 रन का लक्ष्य श्रीलंका के लिए चुनौतीपूर्ण था। भारत ने शुरुआत में ही जरूरी दबाव बना दिया और लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम लगातार विकेट खोती रही।

    Athapaththu की 36 रन की पारी भी श्रीलंका को नहीं बचा सकी

    श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अथापथ्थु ने 36 रन बनाए और कुछ समय तक पारी को संभालने की कोशिश की। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    दीप्ति शर्मा ने अथापथ्थु को स्टंपिंग के जरिए आउट कराया। इसी ओवर में श्रीलंका को एक और झटका लगा, जिसके बाद उसकी रन चेज पूरी तरह दबाव में आ गई। अंततः श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई।

    भारत की स्पिन गेंदबाजी ने पूरे मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। श्री चरणी ने 4/20 के साथ सबसे बड़ा हमला किया और श्रीलंका के मध्यक्रम को संभलने का मौका नहीं दिया।

    फाइनल स्कोरकार्ड

    टीमस्कोरनतीजा
    🇮🇳 भारत183/5 (20 ओवर)भारत 72 रन से जीता
    🇱🇰 श्रीलंका111 ऑल आउट (18.5 ओवर)हार

    भारत की प्रमुख बल्लेबाजी

    • शैफाली वर्मा: 68 रन (39 गेंद)
    • स्मृति मंधाना: 59 रन (39 गेंद)
    • भारत: 183/5

    श्रीलंका की प्रमुख बल्लेबाजी

    • चमारी अथापथ्थु: 36 रन
    • श्रीलंका: 111 ऑल आउट

    भारत की प्रमुख गेंदबाजी

    • श्री चरणी: 4/20
    • दीप्ति शर्मा: 2/19

    नतीजा: भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर Women’s Asia Cup 2026 का खिताब जीता।

    भारत की जीत सिर्फ बल्लेबाजी के दम पर नहीं आई

    फाइनल में भारत की बल्लेबाजी ने बड़ा स्कोर जरूर खड़ा किया, लेकिन असली अंतर गेंदबाजी ने पैदा किया। टूर्नामेंट के दौरान भी भारतीय स्पिन आक्रमण लगातार प्रभावी रहा था।

    फाइनल से पहले दीप्ति शर्मा 11 विकेट के साथ महिला एशिया कप 2026 की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज थीं। उन्होंने टूर्नामेंट में Thailand के खिलाफ 3/0, Hong Kong के खिलाफ 3/9, Pakistan के खिलाफ 2/5 और Bangladesh के खिलाफ सेमीफाइनल में 3/26 का प्रदर्शन किया था।

    यानी फाइनल में भारत की गेंदबाजी कोई अचानक आया बदलाव नहीं था। पूरे टूर्नामेंट में स्पिन आक्रमण उसकी सबसे बड़ी ताकतों में रहा।

    2024 की हार का भारत ने लिया जवाब

    भारत और श्रीलंका के बीच महिला एशिया कप फाइनल की कहानी पिछले कुछ वर्षों में खास बन गई है। 2022 में भारत ने श्रीलंका को फाइनल में हराया था, जबकि 2024 में श्रीलंका ने भारत को हराकर अपना पहला महिला एशिया कप खिताब जीता था।

    2026 में दोनों टीमें फिर फाइनल में आमने-सामने थीं और इस बार भारत ने 72 रन की बड़ी जीत के साथ ट्रॉफी वापस अपने नाम कर ली।

    इस तरह हाल के तीन फाइनल का सिलसिला 2022 में भारत, 2024 में श्रीलंका और 2026 में फिर भारत के रूप में सामने आया।

    भारत के आठ एशिया कप खिताब

    महिला एशिया कप में भारत की बादशाहत अब और मजबूत हो गई है। भारत ने 2004, 2005-06, 2006 और 2008 में वनडे प्रारूप में तथा 2012, 2016, 2022 और 2026 में T20 प्रारूप में खिताब जीता है।

    2024 में श्रीलंका के हाथों मिली हार के बाद 2026 का खिताब भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण रहा।

    खिताब के बावजूद फील्डिंग बनी चिंता

    भारत की जीत बेहद प्रभावशाली रही, लेकिन पूरे अभियान में फील्डिंग एक ऐसा क्षेत्र रहा जिसे टीम मैनेजमेंट नजरअंदाज नहीं कर सकता।

    फाइनल में भारत ने कई कैच छोड़े और टूर्नामेंट के दौरान भी कैचिंग में चूक देखने को मिली। उपलब्ध टूर्नामेंट आंकड़ों के अनुसार भारत ने 17 कैच छोड़े और उसकी कैचिंग दक्षता 59.5 प्रतिशत रही।

    इसलिए आठवें खिताब के साथ भारत के लिए एक साफ संदेश भी है—बल्लेबाजी और गेंदबाजी ने ट्रॉफी जिताई है, लेकिन बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में फील्डिंग में सुधार जरूरी होगा।

    अब अगली चुनौती Asian Games

    Asia Cup जीतने के बाद भारत के पास जश्न मनाने के लिए लंबा समय नहीं है। महिला क्रिकेट का Asian Games 2026 अभियान 17 सितंबर से जापान में शुरू हो रहा है। भारत 18 सितंबर को मेजबान जापान के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगा। महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक चलेगी।

    यानी Asia Cup की चैंपियन टीम अब तुरंत एक और बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ेगी। दुबई में खिताब जीतने के बाद शैफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और कप्तान हरमनप्रीत कौर के सामने अगली चुनौती एशियाई खेलों में भारत की स्थिति को और मजबूत करने की होगी।

    दुबई का फाइनल इस बात का स्पष्ट संकेत दे गया है कि भारत के पास शीर्ष क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी, मध्य ओवरों में प्रभावी स्पिन और बड़े मुकाबलों में मैच बदलने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। अब इस प्रदर्शन को अगले अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोहराना टीम के सामने अगला लक्ष्य होगा।

  • Vimal Elaichi विवाद: 14 सितंबर को Delhi HC तय करेगा केस की सुनवाई का अधिकार

    Vimal Elaichi विवाद: 14 सितंबर को Delhi HC तय करेगा केस की सुनवाई का अधिकार

    Vimal Elaichi विवाद में Delhi HC 14 सितंबर को तय करेगा कि महाराष्ट्र FDA के नोटिस पर PB Agro की याचिका दिल्ली में सुनी जाएगी या नहीं।

    नई दिल्ली: Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट का अहम आदेश आने वाला है। कोर्ट यह तय करेगा कि महाराष्ट्र FDA की ओर से Shah Rukh Khan, Ajay Devgn और Tiger Shroff को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती देने वाली PB Agro LLP की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर सकता है या नहीं। फिलहाल मामला विज्ञापन की वैधता के अंतिम फैसले तक नहीं पहुंचा है; 7 सितंबर को कोर्ट ने territorial jurisdiction के मुद्दे पर सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रखा था।

    14 सितंबर को कोर्ट के सामने क्या सवाल है?

    इस मामले में तत्काल सवाल यह नहीं है कि Vimal Elaichi का विज्ञापन वास्तव में surrogate advertising है या नहीं। सबसे पहले यह तय होना है कि महाराष्ट्र FDA के खिलाफ दायर PB Agro की याचिका को Delhi High Court सुन सकता है या नहीं।

    PB Agro ने अदालत में महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई को चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि FDA ने उसके ब्रांड एंबेसडरों को नोटिस जारी किया, जबकि कंपनी स्वयं इस कार्रवाई से सीधे प्रभावित है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कंपनी को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और विज्ञापन अभियान लागू कानूनों के अनुरूप है।

    दूसरी ओर, महाराष्ट्र से जुड़े regulatory action को लेकर jurisdiction पर आपत्ति उठाई गई है। इसलिए 14 सितंबर का आदेश यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि इस कानूनी विवाद की अगली सुनवाई दिल्ली में होगी या कंपनी को किसी अन्य उपयुक्त forum का रुख करना पड़ सकता है।

    Maharashtra FDA ने Shah Rukh Khan, Ajay Devgn और Tiger Shroff को नोटिस क्यों दिया?

    महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त 2026 को तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन से जुड़े शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। FDA की आपत्ति यह है कि भले ही विज्ञापन Elaichi उत्पाद का दिखाई देता हो, लेकिन उसके जरिए Vimal brand की ऐसी promotion हो सकती है जो प्रतिबंधित Pan Masala product की indirect या surrogate promotion का माध्यम बनती हो।

    FDA ने जिस regulatory background का हवाला दिया है, उसमें महाराष्ट्र में 13 जुलाई 2026 से लागू prohibition order भी शामिल है। इस आदेश के तहत राज्य में प्रतिबंधित tobacco और nicotine-containing products के manufacture, storage, transportation, distribution और sale पर रोक लागू की गई है। FDA ने Vimal brand के advertisement को इसी broader regulatory framework में देखा है।

    आप को बता दें, कि surrogate advertising का आरोप अभी अदालत की ओर से साबित किया गया तथ्य नहीं है। यह महाराष्ट्र FDA की regulatory आपत्ति है, जिस पर आगे कानूनी प्रक्रिया होनी है।

    Ajay Devgn और Tiger Shroff ने FDA को जवाब दिया, Shah Rukh Khan की स्थिति क्या है?

    मामले में एक अहम ताजा घटनाक्रम यह भी है कि Ajay Devgn और Tiger Shroff ने महाराष्ट्र FDA को अपने जवाब सौंप दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार FDA को दोनों के responses मिल चुके हैं, जबकि Shah Rukh Khan का जवाब अभी लंबित बताया गया था।

    हालांकि, इन दोनों अभिनेताओं के जवाबों की पूरी substantive सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इन जवाबों के हवाले से ये पता नहीं है कि उन्होंने FDA के आरोपों को स्वीकार किया है या खारिज किया है।

    PB Agro का क्या कहना है?

    PB Agro LLP, जो Vimal Elaichi से जुड़ा master licensee बताया गया है, ने Delhi High Court में कहा है कि वह Elaichi जैसे non-tobacco product के promotion के लिए प्रमुख अभिनेताओं की सेवाएं लेता है और उसके advertising campaigns लागू कानूनों का पालन करते हैं। कंपनी ने FDA की कार्रवाई पर कई कानूनी आपत्तियां उठाई हैं।

    कंपनी की याचिका में यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि regulatory action का सीधा असर कंपनी के commercial campaign पर पड़ रहा है, तो केवल celebrities को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कितनी उचित है और कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।

    क्या Vimal Elaichi पर पहले भी कानूनी विवाद हुआ है?

    यह विवाद पूरी तरह नया नहीं है। जनवरी 2024 में भी Delhi High Court के सामने Vimal Elaichi से जुड़े surrogate advertising का मामला आया था। उस मामले में DGHS ने 2018 में जारी किए गए शो-कॉज नोटिस के खिलाफ कंपनियों को मिली stay को चुनौती दी थी। Delhi High Court ने trial court की stay को बरकरार रखा था।

    उस मामले में अदालत ने यह भी कहा था कि किसी brand name का इस्तेमाल Elaichi या Pan Masala जैसे उत्पादों के प्रचार में करना प्रतिबंधित tobacco या gutka की indirect या surrogate advertising है या नहीं, यह evidence का विषय हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं था कि अदालत ने Vimal Elaichi को surrogate advertising से अंतिम तौर पर clean chit दे दी थी।

    यही पुराना legal background मौजूदा विवाद को और महत्वपूर्ण बनाता है।

    यह मामला celebrities के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

    मौजूदा विवाद का असर केवल Vimal brand या इन तीन अभिनेताओं तक सीमित नहीं हो सकता। मामला यह सवाल भी उठाता है कि किसी celebrity को किसी ऐसे brand के advertisement में शामिल होने से पहले product और brand architecture की कितनी due diligence करनी चाहिए, खासकर तब जब उसी brand name से जुड़े दूसरे products regulatory restrictions के दायरे में हों।

    महाराष्ट्र FDA ने अपने notices के जरिए advertisement और उससे जुड़े regulatory compliance पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, actors के responses और PB Agro की legal challenge से आगे यह तय होना है कि इस तरह के endorsement में individual celebrity की जिम्मेदारी किस सीमा तक बनती है।

    14 सितंबर के बाद क्या होगा?

    अगर Delhi High Court territorial jurisdiction स्वीकार करता है, तो PB Agro की याचिका पर आगे substantive सुनवाई का रास्ता खुल सकता है। इसके बाद court को FDA के notices, regulator की powers और surrogate advertising से जुड़े वास्तविक कानूनी सवालों पर विचार करना पड़ सकता है।

    अगर Delhi High Court jurisdiction स्वीकार नहीं करता, तो इसका अर्थ यह नहीं होगा कि अदालत ने Vimal Elaichi advertisement को surrogate advertising घोषित कर दिया या तीनों अभिनेताओं को किसी उल्लंघन का दोषी माना। इसका तत्काल प्रभाव केवल forum से जुड़ा होगा और PB Agro को अपने कानूनी उपाय के लिए दूसरे उचित forum का रुख करना पड़ सकता है।

    यानी 14 सितंबर का आदेश इस विवाद का अंतिम फैसला नहीं, बल्कि आगे की कानूनी लड़ाई की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम होगा।

    फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि Delhi High Court महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई के खिलाफ PB Agro की याचिका सुनने का अधिकार स्वीकार करता है या नहीं। इसके बाद ही Vimal Elaichi advertisement की legality, surrogate promotion के आरोप और celebrity endorsement की जिम्मेदारी जैसे मूल सवालों पर विवाद आगे बढ़ेगा।

  • Haj 2027: Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी, मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर हज यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    Haj 2027: Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी, मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर हज यात्रियों की बढ़ी परेशानी

    Haj 2027 मेडिकल सर्टिफिकेट की Deadline में सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। मुंबई में भीड़ के बीच हज यात्रियों ने केंद्र बढ़ाने और राहत की मांग की।

    मुंबई: Haj 2027 के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा करने की 15 सितंबर की अंतिम तारीख में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। इसी बीच मुंबई में मेडिकल जांच कराने वाले हज यात्रियों को सीमित केंद्रों और सामान्य मरीजों के साथ साझा कतार के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की ओर से अब समयसीमा बढ़ाने और मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अतिरिक्त सरकारी केंद्र उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है।

    मौजूदा व्यवस्था में हज यात्रियों को निर्धारित मेडिकल स्क्रीनिंग पूरी कर फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी करनी है। मुंबई में यात्रियों का कहना है कि कई जगह सामान्य मरीजों और हज यात्रियों के लिए अलग व्यवस्था नहीं होने के कारण लंबी कतार लग रही है। इसका असर खासकर बुजुर्ग यात्रियों और महिलाओं पर पड़ रहा है।

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    15 सितंबर की Deadline, अब सिर्फ दो दिन बाकी

    Haj Committee of India ने 1 सितंबर 2026 को “Medical Screening and Uploading of Relevant Documents for Haj 2027” से संबंधित Circular No. 10 जारी किया था। महाराष्ट्र राज्य हज समिति की आधिकारिक circular सूची में भी 1 सितंबर को मेडिकल स्क्रीनिंग और संबंधित दस्तावेज अपलोड करने से जुड़ा circular दर्ज है।

    ऐसे में 15 सितंबर की deadline नजदीक आने के साथ यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। मांग की जा रही है कि जिन यात्रियों को समय पर मेडिकल जांच का अवसर नहीं मिल पा रहा है, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

    मुंबई में मेडिकल जांच को लेकर क्या परेशानी है?

    यात्रियों की शिकायत है कि उपलब्ध सरकारी मेडिकल सुविधाओं पर सामान्य मरीजों और हज यात्रियों की साझा कतार होने से इंतजार का समय बढ़ रहा है। हज यात्रा के लिए मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

    सबसे अधिक चिंता 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों को लेकर है। Haj-2027 Guidelines में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक यात्री के लिए विशेष medical screening का प्रावधान किया गया है। ऐसे में लंबी कतार और भीड़ के बीच वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।

    महिला यात्रियों के लिए भी अधिक सुविधाजनक व्यवस्था, अलग कतार और आवश्यकता के अनुसार महिला स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

    Haj 2027 में Medical Screening क्यों महत्वपूर्ण है?

    Haj Committee of India की Haj-2027 Guidelines के अनुसार इस बार मेडिकल स्क्रीनिंग दो चरणों में होगी। पहला चरण provisional selection के बाद और दूसरा बाद के चरण में किया जाना है। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज Haj प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

    Guidelines में Haj को शारीरिक रूप से कठिन यात्रा बताया गया है। यात्रियों को सऊदी अरब की परिस्थितियों में लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है। इसलिए यात्रा से पहले स्वास्थ्य स्थिति की जांच को महत्वपूर्ण माना गया है।

    Medical Certificate के बाद क्या होगा?

    मेडिकल स्क्रीनिंग और फिटनेस सर्टिफिकेट की प्रक्रिया पूरी करना Haj की पूरी स्वास्थ्य संबंधी प्रक्रिया का पहला महत्वपूर्ण चरण है। इसके बाद यात्रियों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

    Haj-2027 Guidelines में selected pilgrims के लिए Health and Training (HAT) Card का भी प्रावधान है। इसके अलावा Saudi Arabia और भारत के स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित नियमों के अनुसार जरूरी vaccination requirements पूरी करनी होंगी।

    इस बार दो चरणों की medical screening होने के कारण यात्रियों के लिए शुरुआती deadline को समय पर पूरा करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

    यात्रियों की तीन प्रमुख मांगें

    मुंबई में हज यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मुख्य रूप से तीन मांगें की जा रही हैं।

    पहली मांग: Medical Fitness Certificate जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर से कम से कम एक महीने बढ़ाई जाए, ताकि जिन यात्रियों की जांच समय पर नहीं हो सकी है उन्हें पर्याप्त अवसर मिल सके।

    दूसरी मांग: मुंबई में अधिक से अधिक BMC और अन्य निर्धारित सरकारी अस्पतालों में हज यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    तीसरी मांग: सामान्य मरीजों से अलग Dedicated Queue और Special Counter शुरू किए जाएं, ताकि हज यात्रियों को सामान्य OPD की भीड़ में लंबा इंतजार न करना पड़े।

    इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता, महिलाओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर विशेष Haj Medical Camps आयोजित करने की मांग भी उपयोगी समाधान के तौर पर सामने आ रही है।

    अब प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?

    15 सितंबर की deadline में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। ऐसे में केवल समयसीमा बढ़ाना ही पर्याप्त समाधान नहीं होगा। यदि अतिरिक्त समय दिया जाता है, तो उसके साथ मेडिकल स्क्रीनिंग की क्षमता बढ़ाना भी जरूरी होगा।

    मुंबई में कितने अधिकृत केंद्रों पर Haj 2027 की मेडिकल स्क्रीनिंग हो रही है, प्रतिदिन कितने यात्रियों की जांच की जा रही है और कितने यात्रियों की प्रक्रिया अभी बाकी है, इन आंकड़ों से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

    फिलहाल इन तीनों का स्पष्ट centre-wise आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए 15 सितंबर तक सभी यात्रियों की जांच पूरी होना असंभव है, ऐसा निश्चित रूप से कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन deadline के बेहद करीब पहुंचने के बीच यात्रियों की ओर से अतिरिक्त सुविधा और समय की मांग प्रशासन के सामने एक तत्काल सार्वजनिक सुविधा का मुद्दा बन गई है।

    अब नजर इस बात पर है कि BMC, महाराष्ट्र राज्य हज समिति और Haj Committee of India मुंबई के यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त मेडिकल केंद्र, अलग screening व्यवस्था या deadline में राहत को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

  • नेपाल ने यूएई को हराकर जीता प्रीमियर कप, एशिया कप 2027 की छठी टीम बना

    नेपाल ने यूएई को हराकर जीता प्रीमियर कप, एशिया कप 2027 की छठी टीम बना

    नेपाल ने यूएई को 44 रन से हराकर एसीसी प्रीमियर कप जीता और एशिया कप 2027 में जगह बनाई। आसिफ शेख और संदीप लामिछाने रहे जीत के हीरो।

    मलेशिया: नेपाल ने यूएई को 44 रन से हराकर एसीसी पुरुष प्रीमियर कप 2026 का खिताब जीत लिया और एशिया कप 2027 में अपनी जगह पक्की कर ली। नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 313 रन बनाए, जिसके जवाब में यूएई की टीम 49.1 ओवर में 269 रन पर ऑलआउट हो गई।

    आसिफ शेख का शतक, नेपाल ने बनाया 313 का स्कोर

    नेपाल की पारी के सबसे बड़े स्टार आसिफ शेख रहे। उन्होंने 106 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे। यह उनका दूसरा वनडे शतक है। आसिफ ने अर्जुन कुमाल के साथ पहले विकेट के लिए 97 रन जोड़े। कुमाल ने 43 रन बनाए।

    इसके बाद गुलशन झा ने 38 गेंदों पर 52 रन की तेज पारी खेलकर नेपाल की रन गति बढ़ाई। बासिर अहमद ने चार गेंदों पर नाबाद 15 रन बनाकर टीम को 300 के पार पहुंचाया।

    राहुल चोपड़ा का शतक बेअसर, यूएई 269 पर सिमटा

    314 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएई ने शुरुआती विकेट गंवाए और दबाव में आ गया। राहुल चोपड़ा ने 105 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाकर संघर्ष किया। सोहैब खान और तनीश सूरी ने 52-52 रन बनाए, लेकिन लगातार साझेदारियां नहीं बन सकीं और पूरी टीम 269 रन पर आउट हो गई।

    नेपाल की ओर से करण केसी ने 49 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि ललित राजवंशी को दो विकेट मिले।

    हांगकांग से हार के बाद फाइनल तक पहुंचा नेपाल

    नेपाल ने टूर्नामेंट में बहरीन, मलेशिया और सऊदी अरब को हराकर शुरुआत की, लेकिन हांगकांग के खिलाफ उसे 15 रन की हार मिली। इसके बाद टीम ने नॉकआउट चरण में जोरदार वापसी की। सेमीफाइनल में नेपाल ने ओमान को सिर्फ 60 रन पर समेटकर 87 रन से जीत दर्ज की।

    यूएई ने दूसरे सेमीफाइनल में हांगकांग को 70 रन पर आउट कर सात विकेट से जीत हासिल की थी।

    संदीप लामिछाने बने प्लेयर ऑफ द सीरीज

    नेपाल के कप्तान संदीप लामिछाने ने पूरे टूर्नामेंट में गेंद से अहम भूमिका निभाई। उन्होंने छह मैचों में 17 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता। आईसीसी के अनुसार, उन्हें 50 ओवर की टीम की कप्तानी रोहित पौडेल की जगह सौंपी गई थी।

    2027 में दूसरी बार एशिया कप खेलेगा नेपाल

    प्रीमियर कप का विजेता एशिया कप 2027 की छठी और आखिरी टीम बनता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अगला एशिया कप बांग्लादेश में 18 जून से 4 जुलाई 2027 के बीच वनडे प्रारूप में खेला जाना है। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बाद नेपाल ने छठी जगह हासिल की है।

    यह नेपाल की दूसरी एशिया कप उपस्थिति होगी। 2023 में भी उसने यूएई को प्रीमियर कप फाइनल में हराकर टूर्नामेंट में जगह बनाई थी। इस तरह दोनों संस्करणों में यूएई को हराकर नेपाल ने एशिया कप का टिकट हासिल किया है।

    2027 एशिया कप में नेपाल को भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिल सकता है। उसके व्यक्तिगत मुकाबलों का कार्यक्रम अलग से तय होना बाकी है।

    नेपाल की एशिया कप qualification, 2027 वनडे विश्व कप की qualification नहीं है। विश्व कप के लिए टीम की अलग राह आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग-2 से जुड़ी है।

  • मुंबई में फर्जी PMO ID और हथियार का मामला: दो गिरफ्तार, आरोपी ने कहा- “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है”

    मुंबई में फर्जी PMO ID और हथियार का मामला: दो गिरफ्तार, आरोपी ने कहा- “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है”

    मुंबई के BKC में फर्जी PMO ID और हथियार के मामले में दो गिरफ्तार हुए। कोर्ट में आरोपी ने दावा किया कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है।

    मुंबई: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले फर्जी PMO पहचान पत्र और हथियार के साथ प्रवेश के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी की ओर से कोर्ट में दावा किया गया कि “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है।”**

    पुलिस के मुताबिक, घटना BKC के Jio World परिसर से जुड़े इलाके में सामने आई। एक व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ा अधिकारी बताया था। उसके साथ मौजूद व्यक्ति के पास हथियार मिला। हालांकि, मुंबई पुलिस ने फिलहाल कहा है कि इस घटना का प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।

    BKC में कैसे सामने आया मामला?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे को देखते हुए 7 सितंबर को BKC इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। इसी दौरान सुरक्षा जांच के बीच एक व्यक्ति की पहचान और गतिविधियों पर संदेह हुआ।

    पुलिस जांच के अनुसार, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर PMO का पहचान पत्र दिखाया। जांच में पहचान पत्र की authenticity पर सवाल उठे और बाद में इसे फर्जी बताया गया।

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    गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट से बाहर लाते मुंबई पुलिस की तस्वीर

    खबर के मुताबिक, कथित ID में पदनाम और validity से जुड़ी विसंगतियां थीं। इसी दौरान साथ मौजूद व्यक्ति की तलाशी में हथियार बरामद हुआ।

    दो लोगों की गिरफ्तारी

    मामले में पुलिस ने रोहन प्रेमल पारेख और दिलीप राजाराम कुंडे को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुंडे के पास मिला firearm लाइसेंसी बताया गया है।

    पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार किसके नाम पर है और उसे हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके में किन परिस्थितियों में लाया गया था।

    मामले में एक तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

    कोर्ट में आरोपी ने कहा- “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है”

    मामले में सबसे अहम नया मोड़ कोर्ट की सुनवाई के दौरान सामने आया। मुख्य आरोपी की ओर से बचाव पक्ष ने दावा किया कि उसे कथित तौर पर एक offer letter, पहचान पत्र और कुछ सरकारी communications मिले थे।

    बचाव पक्ष के मुताबिक, आरोपी को विश्वास दिलाया गया था कि वह किसी सरकारी या PMO से जुड़ी भूमिका में है। इसी आधार पर यह दावा किया गया कि आरोपी खुद किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है।

    हालांकि, यह आरोपी और उसके बचाव पक्ष का दावा है, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित PMO ID और offer letter किसने तैयार किए तथा ये दस्तावेज आरोपी तक कैसे पहुंचे।

    फर्जी PMO ID की जांच क्यों महत्वपूर्ण?

    किसी सरकारी संस्था की पहचान का कथित तौर पर इस्तेमाल इस मामले को सामान्य पहचान संबंधी विवाद से आगे ले जाता है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ID वास्तव में कहां तैयार हुई, उसे किसने आरोपी को दिया और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका है।

    आरोपियों के मोबाइल फोन और communications से भी इस कड़ी को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

    हथियार लाइसेंसी था, फिर भी सवाल क्यों उठे?

    बरामद firearm के लाइसेंसी होने की बात सामने आई है। लेकिन पुलिस की जांच केवल हथियार के लाइसेंस तक सीमित नहीं है।

    जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हथियार किसके नाम पर था, उसे लेकर आरोपी वहां क्यों पहुंचा और उस स्थान पर हथियार ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं।

    क्या PM मोदी के कार्यक्रम से था कोई संबंध?

    मुंबई पुलिस के अनुसार, अब तक आरोपियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।

    घटना ऐसे समय हुई जब PM मोदी के दौरे को लेकर BKC में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। इसी वजह से फर्जी PMO ID और हथियार से जुड़ी जानकारी सामने आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

    जांच में अब क्या पता लगाना बाकी है?

    पुलिस की जांच मुख्य रूप से इन सवालों पर केंद्रित है कि कथित फर्जी PMO ID किसने बनाई, आरोपी को यह दस्तावेज कैसे मिला और उसके पास मौजूद कथित offer letter व communications का स्रोत क्या था।

    इसके अलावा, आरोपी के BKC पहुंचने का वास्तविक उद्देश्य, हथियार की परिस्थितियां और मामले में तीसरे व्यक्ति की भूमिका भी जांच का हिस्सा है।

    सबसे अहम सवाल यह है कि क्या आरोपी वास्तव में किसी सरकारी पहचान के नाम पर ठगा गया था या उसने जानबूझकर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया?

    इसका जवाब जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और पूछताछ के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

    फिलहाल पुलिस जांच जारी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में Global Fintech Fest 2026 से जुड़े कार्यक्रम के लिए आए थे। उनके दौरे से पहले BKC में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।

    इसी दौरान सामने आए फर्जी PMO ID और हथियार के मामले में दो आरोपी पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। वहीं, “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है” वाला आरोपी का दावा भी जांच के दायरे में है।

    अब जांच का फोकस कथित फर्जी पहचान पत्र के स्रोत, दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्ति और आरोपियों की वास्तविक मंशा का पता लगाने पर है।

  • मिस्र में महिला टीवी एंकर समेत 12 लोगों को फांसी की सजा, 750 किलो ड्रग्स ने खोला पूरा राज

    मिस्र में महिला टीवी एंकर समेत 12 लोगों को फांसी की सजा, 750 किलो ड्रग्स ने खोला पूरा राज

    मिस्र में टीवी एंकर सारा ख़लीफ़ा समेत 12 को फांसी की सजा मिली। 750 किलो ड्रग्स, हथियार और डिजिटल सबूतों वाले केस में अब अपील होगी।

    मिस्र: टीवी एंकर और निर्माता सारा ख़लीफ़ा समेत 12 लोगों को ड्रग्स बनाने और उसकी तस्करी के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। काहिरा की आपराधिक अदालत ने शनिवार, 5 सितंबर को यह फैसला सुनाया। अदालत के मुताबिक आरोपियों ने विदेश से नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मंगाकर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने और उन्हें बेचने के लिए एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। मामले में 750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने की सामग्री जब्त किए जाने की बात सामने आई है।

    सारा ख़लीफ़ा को उनके अपराध और सुरक्षा से जुड़े टीवी कार्यक्रम ‘मिशन इम्पॉसिबल’ के लिए जाना जाता है। वह इस मामले में खुद को निर्दोष बताती रही हैं। उनके वकील ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

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    सारा खलीफा की उसके स्टूडियो में ली गई फाइल तस्वीर

    सारा ख़लीफ़ा को फांसी की सजा क्यों मिली?

    अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि सारा ख़लीफ़ा और अन्य आरोपियों ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। इस गिरोह पर विदेश से ऐसे कच्चे माल को मंगाने का आरोप था, जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक नशीले पदार्थ बनाने में किया जाता था।

    आरोप केवल ड्रग्स रखने या बेचने तक सीमित नहीं थे। अभियोजन के मुताबिक नेटवर्क पर ड्रग्स के निर्माण, तस्करी और बिना लाइसेंस हथियार व गोला-बारूद रखने के आरोप भी थे। अदालत ने इन्हीं आरोपों में दोषी ठहराए गए 12 लोगों को मौत की सजा सुनाई।

    750 किलो से ज्यादा ड्रग्स और दो ठिकानों पर चल रही थी कथित लैब

    मामले की जांच में अधिकारियों ने 750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद करने का दावा किया है। जानकारी के मुताबिक दो अपार्टमेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स तैयार करने और रखने के लिए किया जाता था।

    जांच में बिना लाइसेंस हथियार और गोला-बारूद भी बरामद होने की बात सामने आई। यही वजह है कि मामला केवल ड्रग्स की बरामदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क के रूप में पेश किया गया।

    अदालत में 20 गवाह और डिजिटल सबूत भी पेश किए गए

    अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए 20 गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा अदालत में तकनीकी और डिजिटल सबूत भी रखे गए, जिनमें संदेश, तस्वीरें और वीडियो शामिल थे।

    अभियोजन का दावा था कि ये सबूत आरोपियों की कथित आपराधिक गतिविधियों को जोड़ते हैं। अदालत ने इन्हीं सबूतों और गवाहियों पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।

    सारा ख़लीफ़ा ने आरोपों पर क्या कहा?

    सारा ख़लीफ़ा ने मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्होंने ड्रग्स पहले कभी नहीं देखे थे और उनका दावा था कि पहली बार उन्हें नशीले पदार्थ तब दिखाई दिए, जब उनकी तस्वीर नशीला पदार्थ विरोधी एजेंसी के कार्यालय में ली गई।

    उनके बचाव पक्ष ने अदालत के फैसले को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। फैसले के बाद उनके वकील ने कहा कि वह तय कानूनी समय सीमा के भीतर अपील दाखिल करेंगे।

    28 आरोपियों में 12 को फांसी, बाकी का क्या हुआ?

    यह मामला कुल 28 आरोपियों का था। अदालत के फैसले के मुताबिक:

    • 12 आरोपियों को मौत की सजा
    • 9 आरोपियों को उम्रकैद
    • 7 आरोपियों को बरी

    यानी अदालत ने सभी आरोपियों को एक जैसा दोषी नहीं माना।

    क्या सारा ख़लीफ़ा को अब तुरंत फांसी दी जाएगी?

    नहीं।

    मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी सारा ख़लीफ़ा और अन्य दोषियों के पास कानूनी अपील का रास्ता है। वे मिस्र की सर्वोच्च आपराधिक अपीलीय अदालत, कोर्ट ऑफ कैसैशन, में फैसले को चुनौती दे सकते हैं।

    मौत की सजा से पहले ग्रैंड मुफ़्ती की राय क्यों ली गई?

    मिस्र में मौत की सजा वाले मामलों में अदालत अंतिम फैसला सुनाने से पहले मामले के कागजात देश के ग्रैंड मुफ़्ती के पास भेजती है। अगस्त में सारा ख़लीफ़ा और अन्य आरोपियों के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।

    ग्रैंड मुफ़्ती की राय अदालत के लिए सलाहकारी होती है, बाध्यकारी नहीं। इसके बाद अदालत ने 5 सितंबर को अपना फैसला सुनाया।

    सारा ख़लीफ़ा कौन हैं?

    सारा ख़लीफ़ा मिस्र की टीवी एंकर और मीडिया निर्माता हैं। वह ‘मिशन इम्पॉसिबल’ नाम के कार्यक्रम से चर्चा में आई थीं, जिसमें अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामले दिखाए जाते थे।

    ड्रग्स मामले में उनकी गिरफ्तारी अप्रैल 2025 में हुई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और मामला मिस्र के चर्चित ‘ग्रैंड ड्रग केस’ के रूप में सामने आया।

    फांसी की सजा वाले मामले के साथ सारा को दूसरी सजा भी मिली

    5 सितंबर को ही सारा ख़लीफ़ा को एक अलग मामले में 3 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई गई। यह मामला एक युवक के साथ कथित मारपीट, उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार से जुड़ा था।

    मिस्र की स्थानीय अदालत के मुताबिक इस मामले में दूसरे आरोपियों को भी अलग-अलग अवधि की सजा मिली।

    इस मामले में आगे क्या होगा?

    अब सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अपील होगा। सारा ख़लीफ़ा के वकील ने साफ कहा है कि मौत की सजा के खिलाफ अपील की जाएगी। इसलिए आने वाले समय में अदालत के सामने यह सवाल होगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है, बदलता है या मामले में आगे कोई कानूनी राहत मिलती है।

  • नेपाल में 11 दिन बाद चमत्कार, मलबे से आ रही थी आवाज और जिंदा निकली महिला; VIDEO

    नेपाल में 11 दिन बाद चमत्कार, मलबे से आ रही थी आवाज और जिंदा निकली महिला; VIDEO

    नेपाल में 11 दिन बाद मलबे से 64 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ जिंदा मिलीं। परिवार अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर चुका था। जानिए पूरा रेस्क्यू।

    नेपाल: 26 अगस्त की भीषण बाढ़ और भूस्खलन के 11वें दिन नेपाल में ऐसा रेस्क्यू हुआ, जिसने तबाही के बीच उम्मीद जगा दी। नुवाकोट जिले के बेत्रावती बाजार में 64 साल की चंडिका श्रेष्ठ अपने मलबे में दबे घर से जिंदा मिलीं। परिवार उन्हें मृत मान चुका था और अंतिम संस्कार की रस्में भी शुरू कर दी थीं।

    मलबे के अंदर से अचानक आई आवाज

    5 सितंबर को सशस्त्र पुलिस बल की एक टीम बेत्रावती में मलबा हटाने और सड़क से जुड़े काम में लगी थी। इसी दौरान जवानों को एक दबे हुए मकान की तरफ से बेहद धीमी आवाज सुनाई दी।

    बचाव दल ने पहले भी इसी जगह तलाश की थी, लेकिन तब कोई आवाज नहीं मिली थी। इस बार आवाज मिलने के बाद जवानों ने मलबे के बीच रास्ता बनाया और खिड़की तोड़कर घर के अंदर पहुंचे। जैसे-जैसे वे महिला के करीब पहुंचे, आवाज साफ होती गई।

    अंदर 64 वर्षीय चंडिका जिंदा थीं। उन्हें मलबे से बाहर निकालने के बाद नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से काठमांडू के छाउनी स्थित बीरेंद्र अस्पताल ले जाया गया। बचाव अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुमन बीके की टीम कर रही थी।

    बाढ़ में घर करीब 100 मीटर खिसक गया था

    चंडिका जिस मकान में फंसी थीं, वह बाढ़ के तेज बहाव और मलबे के साथ अपनी मूल जगह से करीब 100 मीटर ऊपर की ओर खिसक गया था। घर की साढ़े तीन मंजिलें पूरी तरह मलबे में दब गई थीं, जबकि चौथी मंजिल का एक हिस्सा कीचड़ में फंसा था। इसी हिस्से में चंडिका के जिंदा होने का पता चला।

    चंडिका 26 अगस्त से लापता थीं। उनके साथ घर में मौजूद परिवार के चार अन्य सदस्यों का अभी तक पता नहीं चला है। आठवें दिन परिवार ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर दी थीं और कुश से प्रतीकात्मक पुतला भी तैयार किया था।

    11 दिन तक कैसे जिंदा रहीं?

    चंडिका के 11 दिनों तक मलबे के अंदर जीवित रहने की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि इस दौरान उन्हें पानी या भोजन कैसे मिला। इसलिए उनके जीवित रहने को लेकर किसी खास कारण का दावा नहीं किया गया है।

    ऐसे मामलों में मलबे के अंदर सांस लेने लायक हवा और पानी तक पहुंच सबसे अहम होती है। चंडिका के मामले में वास्तविक परिस्थितियां आगे की जानकारी से ही स्पष्ट होंगी।

    नेपाल में दूसरे लोगों को भी जिंदा बचाया गया

    चंडिका के रेस्क्यू से एक दिन पहले ऊपरी त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में करीब 170 मीटर अंदर फंसे दो नेपाली कर्मचारियों को जिंदा निकाला गया था।

    इसके बाद ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना की सुरंग में करीब 225 मीटर अंदर फंसे चीनी नागरिक लू हाईताओ को भी बचाया गया। इन अभियानों में नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ सुरंग-बचाव टीमें काम कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया की टीमें भी नेपाल पहुंच चुकी हैं।

    करीब 5 हजार लोग अब भी लापता

    नेपाल के विदेश मंत्रालय के 5 सितंबर के आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, आपदा के 11वें दिन तक 13,098 लोगों को बचाया जा चुका था, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता थे। इनमें 35 देशों के करीब 600 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 1,344 शव बरामद किए जा चुके थे।

    कई लापता लोगों का संबंध जलविद्युत परियोजनाओं से है। बेत्रावती के आसपास भी ड्रोन की मदद से शवों की लोकेशन तलाशने और उन्हें निकालने का काम किया गया है। पूरे बचाव अभियान में नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के करीब 21,465 जवान लगाए गए हैं।

    घर, सड़क, पुल और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से 7,570 घर प्रभावित हुए हैं और करीब 32,933 लोग प्रभावित आबादी में शामिल हैं। 48 सरकारी कार्यालय, 55 किलोमीटर सड़क, 37 मोटर योग्य पुल और 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    करीब 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि के अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाएं, एक सौर ऊर्जा संयंत्र और दो ट्रांसमिशन लाइनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित जलविद्युत क्षमता करीब 783 मेगावाट बताई गई है।

    नेपाल की इस आपदा में हजारों परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में चंडिका श्रेष्ठ का 11वें दिन मलबे से जिंदा मिलना एक असाधारण रेस्क्यू के साथ उन परिवारों के लिए भी उम्मीद बना है, जिन्हें अभी अपने लोगों के मिलने का इंतजार है।

  • श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग में खंभे से टकराया IndiGo विमान, यात्री सुरक्षित; वापसी उड़ान पर असर?

    श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग में खंभे से टकराया IndiGo विमान, यात्री सुरक्षित; वापसी उड़ान पर असर?

    श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान IndiGo की 6E 225 उड़ान VDGS पोल से टकरा गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं, विमान को नुकसान हुआ।

    जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर शुक्रवार सुबह नवी मुंबई से पहुंची IndiGo की उड़ान 6E 225 पार्किंग के दौरान एक सिग्नल खंभे से टकरा गई। हादसा करीब सुबह 9:02 बजे बे नंबर 6 में विमान को पार्क करते समय हुआ। विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    विमान का पंजीकरण VT-NOG बताया गया है। टक्कर के बाद विमान के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा और यात्रियों को विमान से उतारने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया।

    लैंडिंग के समय नहीं, पार्किंग के दौरान हुआ हादसा

    यह घटना विमान के रनवे पर उतरते समय नहीं हुई। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विमान श्रीनगर पहुंचने के बाद पार्किंग बे में अपनी जगह पर लगाया जा रहा था, तभी वह VDGS पोल के संपर्क में आया। यानी लैंडिंग हादसा नहीं है, जमीन पर पार्किंग के दौरान हुई घटना है।

    VDGS यानी Visual Docking Guidance System विमान को पार्किंग की सही स्थिति और रुकने की जगह बताने वाला सिग्नल पोल है। श्रीनगर एयरपोर्ट की घटना में इसी सिस्टम के पोल से विमान का संपर्क हुआ। जानकारी के मुताबिक इस पोल पर विमान को दिशा और स्थिति बताने वाली प्रदर्शन इकाई के साथ लेजर और कैमरा सेंसर भी जुड़े होते हैं।

    विमान को कितना नुकसान हुआ?

    टक्कर के बाद विमान को नुकसान हुआ है। तस्वीरों और मौके से सामने आई जानकारी में विमान के अगले हिस्से के पास क्षति दिखाई दे रही है, लेकिन नुकसान की सटीक तकनीकी सीमा और विमान दोबारा उड़ान के लिए कब उपलब्ध होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    विमान की पहचान Airbus A321neo के रूप में की गई है।

    क्या श्रीनगर एयरपोर्ट की दूसरी उड़ानें प्रभावित हुईं?

    एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट का सामान्य संचालन जारी रहा और दूसरी उड़ानों के आगमन-प्रस्थान पर तत्काल कोई व्यापक असर नहीं पड़ा।

    हालांकि, जिस विमान के साथ यह घटना हुई, उसकी अगली उड़ान को लेकर स्थिति पर यात्रियों की नजर बनी हुई है। कुछ उड़ान-ट्रैकिंग सेवाओं में 6E 226, यानी श्रीनगर से नवी मुंबई जाने वाली वापसी उड़ान की स्थिति रद्द दिखाई गई है, लेकिन अलग-अलग ट्रैकिंग सेवाओं में स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए इसके आधार पर अंतिम फैसला मानने से पहले IndiGo की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

    ब्रेक फेल होने की बात कितनी सही?

    घटना के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में विमान के ब्रेक सिस्टम में खराबी को संभावित वजह बताया गया है। लेकिन यह बात अभी आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है।

    श्रीनगर एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों की जांच संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही सही कारण सामने आएगा। इसलिए फिलहाल ब्रेक फेल होने को हादसे की निश्चित वजह बताना सही नहीं है।

    फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। विमान को हुई तकनीकी क्षति, घटना का वास्तविक कारण और वापसी की उड़ान पर इसका अंतिम असर जांच और एयरलाइन की आगे की जानकारी के बाद स्पष्ट होगा।

  • ISRO EOS-05 Launch: 36,000 KM ऊपर से भारत की नई ‘आंख’, आज रात GSLV-F17 भरेगा उड़ान

    ISRO EOS-05 Launch: 36,000 KM ऊपर से भारत की नई ‘आंख’, आज रात GSLV-F17 भरेगा उड़ान

    ISRO EOS-05 Launch: GSLV-F17 आज रात 2:55 बजे Sriharikota से उड़ान भरेगा। जानिए 36,000 KM ऊपर से भारत को मिलने वाली नई satellite eye कितनी खास है।

    नई दिल्ली: भारत की नजर अब आसमान में 36 हजार किलोमीटर ऊपर जाने वाली एक नई ‘आंख’ पर है। ISRO का GSLV-F17 रॉकेट 4 सितंबर की सुबह 2:55 बजे यानी आज देर रात EOS-05 Earth Observation Satellite को लेकर Sriharikota से उड़ान भरने वाला है। यह भारत का पहला imaging satellite है जिसे Geosynchronous Orbit से Earth observation के लिए तैनात किया जाएगा।

    इस मिशन की खासियत सिर्फ satellite को अंतरिक्ष में पहुंचाना नहीं है। EOS-05 को ऐसी orbit में काम करने के लिए बनाया गया है जहां से यह भारत और आसपास के बड़े इलाके को बार-बार observe कर सकेगा। इसी वजह से इसे weather monitoring, disaster management, agriculture, environment और strategic surveillance के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    36,000 KM ऊपर से क्या करेगा EOS-05?

    EOS-05, जिसे GISAT-1A के नाम से भी जाना जाता है, करीब 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाली Geosynchronous Orbit में काम करेगा। सामान्य Low Earth Orbit satellites पृथ्वी के चारों तरफ घूमते रहते हैं और किसी इलाके को देखने के बाद वहां दोबारा पहुंचने में समय लग सकता है। EOS-05 का orbital design एक बड़े क्षेत्र को ज्यादा frequent तरीके से observe करने के लिए तैयार किया गया है।

    ISRO के अनुसार यह भारत का पहला imaging satellite है जो Geosynchronous Orbit से काम करेगा। GSLV-F17 इसे सीधे अंतिम operational orbit में नहीं पहुंचाएगा, बल्कि पहले Sub-Geosynchronous Transfer Orbit यानी Sub-GTO में छोड़ेगा। इसके बाद satellite अपने onboard propulsion system की मदद से अपनी orbit को धीरे-धीरे बदलकर अंतिम Geosynchronous position तक पहुंचेगा।

    इस Sub-GTO की planned orbit लगभग 170 किलोमीटर perigee और 28,934 किलोमीटर apogee वाली elliptical orbit बताई गई है। वहां से satellite अपनी propulsion system का इस्तेमाल करके करीब 35,786 किलोमीटर की final geosynchronous altitude की ओर बढ़ेगा।

    एक satellite, कई बड़े काम

    EOS-05 की सबसे बड़ी उपयोगिता frequent Earth observation है। इसके जरिए बड़े इलाके में मौसम और environmental changes को ज्यादा बार देखा जा सकेगा। इससे cyclone, flood, forest fire और दूसरी natural disasters के दौरान तेजी से information मिलने में मदद हो सकती है। Agriculture और land/environment monitoring में भी इसके data का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    Satellite में multispectral और hyperspectral imaging capabilities से जुड़े payloads हैं। उपलब्ध technical विवरणों के मुताबिक इसके imaging system में Visible and Near-Infrared (VNIR) और Short-Wave Infrared (SWIR) bands में observation की क्षमता शामिल है। GISAT programme के technical specifications में 700 mm Ritchey–Chrétien telescope और अलग-अलग spectral bands में imaging का उल्लेख मिलता है।

    Multispectral VNIR imaging के लिए 42 metre spatial resolution का आंकड़ा भी technical sources में दिया गया है। Hyperspectral VNIR और SWIR sensors की resolution अलग है, इसलिए 42 metre को satellite की हर तरह की imaging की एक समान resolution समझना सही नहीं होगा।

    Border surveillance का भी मिलेगा फायदा?

    यही EOS-05 का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला strategic angle है।

    Geosynchronous orbit से एक ही बड़े geographical region को लगातार और ज्यादा frequent तरीके से observe करने की क्षमता conventional low-orbit Earth observation satellites से अलग है। इसी वजह से इसे India की border और strategically important areas की monitoring के लिए भी अहम बताया गया है।

    हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि satellite जमीन पर मौजूद हर छोटी चीज को 36,000 किलोमीटर ऊपर से लगातार high-resolution में देख पाएगा। इसका primary classification Earth Observation है और इसके applications में weather, disaster, agriculture, environment तथा strategic monitoring शामिल हैं।

    GSLV-F17 की अपनी भी बड़ी परीक्षा

    EOS-05 के साथ GSLV-F17 की performance भी इस मिशन का अहम हिस्सा है। यह GSLV की 19वीं flight है और इसमें 4-metre diameter का Ogive composite payload fairing इस्तेमाल किया गया है। Launch Sriharikota के Satish Dhawan Space Centre के Second Launch Pad से होगा।

    GSLV को ISRO के भीतर उसके शुरुआती दौर की कुछ unpredictable performances के कारण ‘Naughty Boy’ nickname भी मिला था। पहले 18 GSLV missions में छह missions full mission success हासिल नहीं कर पाए थे, हालांकि बाद के वर्षों में vehicle ने कई सफल flights भी की हैं।

    इस बार एक जरूरी distinction भी समझना होगा। हाल के PSLV failures को सीधे GSLV-F17 की technical failure risk से जोड़ना सही नहीं होगा। GSLV Mk II और PSLV की propulsion architecture और प्रमुख propulsion systems अलग हैं।

    2021 की असफलता से जुड़ा है इस मिशन का इतिहास

    EOS-05 की कहानी नई नहीं है। इसके पहले GISAT-1 यानी EOS-03 को GSLV-F10 से 12 अगस्त 2021 को लॉन्च किया गया था, लेकिन वह mission सफल नहीं हुआ। ISRO के official mission records में EOS-03 को “Launch unsuccessful” दर्ज किया गया है।

    अब EOS-05 यानी GISAT-1A उसी broad geosynchronous imaging concept को आगे बढ़ाता है। करीब पांच साल बाद इस capability के लिए replacement satellite को launch किया जा रहा है। इसी वजह से शुक्रवार का मिशन केवल routine satellite launch नहीं बल्कि ISRO के लिए एक महत्वपूर्ण technology और confidence test के रूप में देखा जा रहा है।

    इसके अलावा जनवरी 2026 में PSLV-C62/EOS-N1 launch unsuccessful रहा था। ISRO के official records में EOS-N1 को भी “Launch unsuccessful” दर्ज किया गया है। GSLV-F17 इसलिए लगभग आठ महीने के launch gap के बाद ISRO के launch programme की वापसी का भी महत्वपूर्ण मिशन बन गया है।

    Launch कब और कहां होगा?

    ISRO के official schedule के मुताबिक:

    जानकारीविवरण
    MissionGSLV-F17 / EOS-05
    Launch date4 सितंबर 2026
    Launch timeसुबह 2:55 बजे IST
    Launch siteSecond Launch Pad, Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota
    RocketGSLV-F17
    GSLV flight number19वीं
    SatelliteEOS-05
    Satellite typeEarth Observation
    Initial orbitSub-Geosynchronous Transfer Orbit

    ISRO ने mission की official live streaming व्यवस्था भी जारी की है। Live coverage launch से पहले शुरू होने वाली है और mission को ISRO के official platforms पर follow किया जा सकता है।

    मिशन की जानकारी: पाठक ISRO की official mission details पर GSLV-F17/EOS-05 की पूरी जानकारी देख सकते हैं।

    लाइव लॉन्च: लॉन्च को ISRO के official live stream पर देखा जा सकता है।

    अब नजर किस पर है?

    अब सबसे अहम इंतजार 2:55 बजे के liftoff का है। इसके बाद पहला बड़ा milestone होगा GSLV-F17 का EOS-05 को निर्धारित Sub-GTO में सफलतापूर्वक पहुंचाना। इसके बाद satellite की अपनी propulsion system के जरिए final Geosynchronous Orbit तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी।

    अगर mission planned sequence के मुताबिक पूरा होता है, तो भारत के पास पहली बार Geosynchronous Orbit से dedicated imaging capability होगी—यानी ऐसी satellite eye जो बड़े क्षेत्र को बार-बार देख सकेगी और मौसम, disaster management, agriculture, environment तथा strategic monitoring जैसे कामों के लिए ज्यादा frequent observation उपलब्ध करा सकेगी।