मलाड से हरिश्चंद्रगढ़ गए 10 ट्रेकर्स के दल में से चार पर्यटक भूस्खलन की चपेट में आकर घायल हुए। दो को नासिक रेफर किया गया।
अहिल्यानगर: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में स्थित हरिश्चंद्रगढ़ किले से नीचे उतरते समय भूस्खलन की चपेट में आने से मुंबई के मलाड इलाके से गए चार पर्यटक घायल हो गए हैं। पुलिस के अनुसार, घटना रविवार को भारी बारिश के दौरान हुई। घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई गई है, जिसके बाद उन्हें नासिक के अस्पताल में रेफर किया गया।
हरिश्चंद्रगढ़ से उतरते समय अचानक हुआ भूस्खलन
पुलिस के अनुसार, मलाड से 10 ट्रेकर्स का एक दल हरिश्चंद्रगढ़ किले पर गया था। रविवार को किले से नीचे उतरते समय एक समतल चट्टान के पास अचानक भूस्खलन हो गया। इस दौरान मिट्टी, पत्थर और चट्टानों का मलबा नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में ट्रेकिंग दल के चार सदस्य आ गए।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दो पर्यटक मलबे में दब गए, जबकि दो अन्य गिरते हुए पत्थरों की चपेट में आकर घायल हुए। घटना के बाद साथी ट्रेकर्स और स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव अभियान में मदद की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मलबे में फंसे पर्यटकों को बाहर निकालकर किले से नीचे लाया गया।
दो घायलों को नासिक रेफर किया गया
घायल पर्यटकों को पहले राजूर के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर चोटों को देखते हुए उनमें से दो को आगे के इलाज के लिए नासिक के अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, घायलों की हालत में बाद में सुधार की जानकारी मिली है।
घायलों की पहचान राम प्रकाश यादव, निलेश गोमती विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार साहू और दिनेश संजय साहू के रूप में बताई गई है।
भारी बारिश के बीच हुआ हादसा
यह हादसा उस समय हुआ जब क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी और हरिश्चंद्रगढ़ पर बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे ट्रेकिंग मार्गों पर जोखिम बढ़ सकता है।
खबर के मुताबिक, जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ वहां लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग ने भी संभावित रूप से बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की। गिरते मलबे की चपेट में आए पर्यटकों को गहरी खाई में गिरने से बचाने में इस सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका बताई गई है।
हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र का प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थल
हरिश्चंद्रगढ़ अहिल्यानगर जिले का एक ऐतिहासिक किला है और महाराष्ट्र के प्रमुख ट्रेकिंग स्थलों में शामिल है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह किला खिरेश्वर से करीब 8 किलोमीटर और भंडारदरा से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 1,424 मीटर है।
मानसून के दौरान हरिश्चंद्रगढ़ और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों और ट्रेकर्स की संख्या बढ़ जाती है। हालांकि, भारी बारिश के दौरान चट्टानों, मिट्टी और पहाड़ी ढलानों के खिसकने का खतरा बना रहता है।
प्रशासन की ओर से ट्रेकर्स के लिए सावधानी जरूरी
हरिश्चंद्रगढ़ हादसे के बाद मानसून में ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों के लिए मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों, चट्टानों के नीचे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रुकने से बचना चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में चार पर्यटक घायल हुए हैं और मामले की जानकारी राजूर पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन के स्तर पर सामने आई है।
मलाड से हरिश्चंद्रगढ़ घूमने गए 10 ट्रेकर्स के दल के लिए रविवार का ट्रेक उस समय हादसे में बदल गया, जब लौटते वक्त अचानक भूस्खलन हुआ। चार पर्यटक घायल हुए और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। मानसून के दौरान पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर मौसम और स्थानीय सुरक्षा स्थितियों को नजरअंदाज न करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
Official Sources
- अहिल्यानगर जिला प्रशासन — हरिश्चंद्रगढ़ — किले का आधिकारिक स्थान, ऊंचाई और पर्यटन संबंधी विवरण।
- PTI रिपोर्ट का प्रकाशित संस्करण — पुलिस के हवाले से हादसे और बचाव अभियान का विवरण।
FAQ
हरिश्चंद्रगढ़ हादसे में कितने पर्यटक घायल हुए?
पुलिस और प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मलाड से गए ट्रेकर्स के दल के चार पर्यटक भूस्खलन की चपेट में आकर घायल हुए।
घायल पर्यटक कहां से आए थे?
घायल पर्यटक मुंबई के मलाड इलाके से गए 10 सदस्यीय ट्रेकिंग दल का हिस्सा थे।
घायलों को कहां इलाज के लिए ले जाया गया?
घायलों को पहले राजूर के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल दो पर्यटकों को आगे के इलाज के लिए नासिक रेफर किया गया।

