
NESCO Drugs Case Mumbai में यूरोप कनेक्शन सामने आया। हांगकांग एजेंट और इंटरपोल लिंक के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज की।
NESCO Drugs Case Mumbai: Goregaon के चर्चित नेस्को ड्रग्स कांड में अब जांच भारत से निकलकर यूरोप तक पहुंच गई है। मुंबई पुलिस को शक है कि इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क के तार एक ऐसे विदेशी एजेंट से जुड़े हैं, जो मूल रूप से हांगकांग का रहने वाला है और यूरोप में बैठकर सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था। इसी वजह से अब पुलिस ने इंटरपोल की मदद लेना शुरू कर दिया है।
NESCO Drugs Case Mumbai मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी महेश खेमलानी उर्फ मार्क को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि मार्क कई देशों में रह चुका है और उसने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए मुंबई तक एमडीएमए ड्रग्स पहुंचाने का रास्ता तैयार किया था।
यूरोप में बैठा एजेंट चला रहा था ड्रग्स नेटवर्क
Mumbai Police के सूत्रों के मुताबिक, महेश खेमलानी उर्फ मार्क का संपर्क एक ऐसे एजेंट से था जो यूरोप में सक्रिय था। बताया जा रहा है कि यह एजेंट मूल रूप से हांगकांग का निवासी है। उसकी पहचान दक्षिण अफ्रीका के एक कुख्यात नाइजीरियन ड्रग सप्लायर से थी।
इसी विदेशी कनेक्शन के जरिए मार्क की पहचान ड्रग्स कार्टल से कराई गई। इसके बाद दिल्ली के रास्ते उल्हासनगर तक करीब 5000 एमडीएमए गोलियों का पार्सल पहुंचाया गया। पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक खेप नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चल रहे बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
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इंटरपोल की मदद से विदेशी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

अब गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस इस पूरे नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इंटरपोल की सहायता से यूरोप में मौजूद उस एजेंट की लोकेशन और नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि भारत में मार्क के अलावा और किन लोगों तक यह सिंडिकेट ड्रग्स पहुंचाता था। इसके अलावा पुलिस उस शख्स की भी तलाश कर रही है जो विभिन्न देशों की करंसी को डॉलर में कन्वर्ट करने का काम करता था। माना जा रहा है कि इसी चैन के जरिए ड्रग्स के पैसों का लेन-देन होता था।
थाईलैंड से पेरू तक फैला था मार्क का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि महेश खेमलानी उर्फ मार्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था। वह हांगकांग, थाईलैंड, कंबोडिया, पेरू और यूरोप के कई देशों में आता-जाता रहता था।
इसी वजह से अब जांच एजेंसियां उसके पुराने ट्रैवल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और विदेशी संपर्कों को खंगाल रही हैं। पुलिस को शक है कि मुंबई में आयोजित हाई-प्रोफाइल इवेंट्स को टारगेट कर युवाओं तक सिंथेटिक ड्रग्स पहुंचाए जा रहे थे।
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आमने-सामने बैठाकर हुई पूछताछ
वनराई पुलिस ने इस केस में गिरफ्तार आरोपी आयुष साहित्य और मार्क को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस का आरोप है कि मार्क के कहने पर ड्रग्स वाला पार्सल उल्हासनगर स्थित घर पर मंगवाया गया था।
हालांकि, मार्क के वकील पंकज जाधव ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल के घर से किसी भी प्रकार का ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस के कई आरोप आधारहीन हैं।
नेस्को इवेंट में दो युवाओं की मौत के बाद खुला मामला
यह पूरा मामला 11 अप्रैल को सामने आया था। NESCO Center में आयोजित एक इवेंट के दौरान कथित तौर पर एमडीएमए सेवन करने के बाद 28 वर्षीय एमबीए छात्र और 25 वर्षीय युवती की मौत हो गई थी।
इसके बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की जानकारी भी एजेंसियों के हाथ लगी है।
मुंबई में बढ़ता सिंथेटिक ड्रग्स का खतरा
मुंबई में पिछले कुछ वर्षों में एमडीएमए और सिंथेटिक ड्रग्स के मामलों में तेजी देखी गई है। खासकर पार्टी कल्चर और हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में इन ड्रग्स की सप्लाई को लेकर पुलिस पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी नेटवर्क और क्रिप्टो या हवाला जैसे माध्यमों के जरिए ड्रग्स सिंडिकेट अब ज्यादा संगठित तरीके से काम कर रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बेहद जरूरी हो गया है।
NESCO Drugs Case Mumbai में अब तक क्या-क्या सामने आया?
केस से जुड़े मुख्य पॉइंट्स
- मुख्य आरोपी महेश खेमलानी उर्फ मार्क गिरफ्तार
- 12 आरोपी अब तक पुलिस हिरासत में
- हांगकांग निवासी एजेंट पर शक
- यूरोप तक फैले नेटवर्क की जांच
- इंटरपोल की मदद से विदेशी लिंक ट्रैक
- दिल्ली के रास्ते उल्हासनगर पहुंचा पार्सल
- करीब 5000 एमडीएमए गोलियां सप्लाई होने का दावा
- नेस्को इवेंट में दो युवाओं की मौत के बाद खुलासा
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आधिकारिक और संबंधित ऑनलाइन लिंक
- Mumbai Police
- Interpol Official Website
- Narcotics Control Bureau (NCB) India
FAQ
Q1. Goregaon NESCO Drugs Scandal क्या है?
यह मुंबई के नेस्को सेंटर में आयोजित एक इवेंट से जुड़ा ड्रग्स मामला है, जिसमें कथित एमडीएमए सेवन के बाद दो युवाओं की मौत हुई थी।
Q2. इस केस का मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस के अनुसार महेश खेमलानी उर्फ मार्क इस मामले का मुख्य सप्लायर माना जा रहा है।
Q3. इंटरपोल की मदद क्यों ली जा रही है?
जांच में यूरोप और हांगकांग कनेक्शन सामने आने के बाद विदेशी एजेंट और ड्रग्स नेटवर्क तक पहुंचने के लिए इंटरपोल की सहायता ली जा रही है।
Q4. कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है?
अब तक इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Q5. पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस विदेशी नेटवर्क, करंसी कन्वर्जन चैन, ड्रग्स सप्लाई रूट और अन्य भारतीय संपर्कों की जांच कर रही है।
Conclusion
गोरेगांव NESCO Drugs Case Mumbai अब केवल मुंबई तक सीमित मामला नहीं रह गया है। जांच में सामने आए यूरोप, हांगकांग और अफ्रीकी कनेक्शन ने इसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जोड़ दिया है। इंटरपोल की एंट्री के बाद अब यह देखना अहम होगा कि मुंबई तक पहुंचने वाले इस नेटवर्क के पीछे कितने बड़े चेहरे और कितने देशों का कनेक्शन सामने आता है।
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