मुंबई के मालाड वेस्ट में BMC ने पेड़ काटने की नोटिस 43 दिन देरी से लगाई। 11 मार्च की
तारीख वाली नोटिस 23 अप्रैल को लगाई गई — CCTV फुटेज में साफ नजर आया। जानें क्या है
पूरा मामला, कानूनी उल्लंघन, Heritage Trees का खतरा और रहिवाशों की माँगें।
मुंबई: जब एक तरफ महाराष्ट्र सरकार 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लेकर हरित महाराष्ट्र आयोग बना रही है, वहीं दूसरी तरफ BMC के कुछ अधिकारी मालाड वेस्ट में बेशकीमती पेड़ काटने के लिए कानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। मामलेतदार वाडी रोड नंबर 6, मालाड (पश्चिम) में BMC Tree Authority ने पेड़ काटने की एक ऐसी नोटिस लगाई, जिस पर तारीख थी 11 मार्च 2026,
लेकिन नोटिस लगाई गई 43 दिन बाद — 23 अप्रैल 2026 को। और यह सब CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
क्या हुआ? — Backdated BMC Notice का पूरा सच
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की Tree Authority ने मालाड (पश्चिम) के मामलेतदार वाडी रोड नंबर 6 में स्थित 5 पेड़ों — वृक्ष क्रमांक 08, 09, 10, 11 और 14 — को काटने के लिए नोटिस जारी की। इस नोटिस पर तारीख छपी थी 11 मार्च 2026। लेकिन असल में यह नोटिस उक्त स्थान पर 23 अप्रैल 2026 की शाम को चिपकाई गई — यानी तारीख और वास्तविकता में पूरे 43
दिनों का फर्क।
इस पूरी करतूत को वहाँ लगे CCTV कैमरे ने रिकॉर्ड कर लिया। 23 अप्रैल 2026 को शाम 6 बजकर 23 मिनट पर दो व्यक्ति आए और उन्होंने झाड़ों पर वह नोटिस चिपका दी जिस पर डेढ़ महीने पुरानी तारीख लिखी थी। परिसर के सतर्क रहिवाशों ने इस फुटेज को देखा, तारीखें मिलाईं और BMC का यह ‘बैकडेटेड’ खेल बेनकाब हो गया।
CCTV से सामने आया सबूत

नोटिस पर छपी तारीख : 11 मार्च 2026
नोटिस चिपकाने का समय : 23 अप्रैल 2026, शाम 6:23 बजे
कुल देरी : 43 दिन (Backdating)
नतीजा : नागरिकों की आपत्ति अवधि कागज पर शून्य हो गई
कहाँ हुआ? — Location और Background
यह घटना मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके के मामलेतदार वाडी रोड नंबर 6 पर हुई। यह इलाका
BMC के P-North Ward के अंतर्गत आता है। यहाँ स्थित गुरुकृपा सोसायटी की सीमा में ये 5 पेड़
हैं जो 50 साल से भी ज्यादा पुराने हैं और Heritage Tree की श्रेणी में आते हैं। इन पेड़ों
को काटने के लिए किसी ने कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी — न ट्रैफिक में रुकावट थी, न
कोई खतरा था।
यह भी उल्लेखनीय है कि BMC के 2018 Tree Census के मुताबिक मालाड में मुंबई के सबसे ज्यादा
पेड़ों में से एक — 2.84 लाख पेड़ — मौजूद हैं। लेकिन इसी इलाके से पेड़ नुकसान की सबसे
ज्यादा शिकायतें भी आती हैं। अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच P-North Ward (मालाड वेस्ट)
में पेड़ों को नुकसान पहुँचाने के 5 FIR दर्ज हुईं — जो पूरे मुंबई में सबसे ज्यादा हैं।
कानून का उल्लंघन — Maharashtra Tree Act 1975 क्या कहता है?

महाराष्ट्र (नागरी क्षेत्र) वृक्ष संरक्षण और जतन अधिनियम, 1975 की धारा 8(3)(क) के तहत
किसी भी पेड़ को काटने से पहले सार्वजनिक नोटिस देना और नागरिकों को आपत्ति दर्ज करने के लिए मुहलत देना कानूनन जरूरी है।
कानूनी प्रावधान
Tree Officer को पेड़ के किसी “साफ दिखने वाले हिस्से” पर नोटिस चिपकानी होती है और
स्थानीय अखबारों में विज्ञापन देना होता है। उसके बाद ही आपत्ति अवधि शुरू होती है।
Tree Authority को 60 दिन में फैसला देना होता है। अगर आपत्ति मिले तो 2 हफ्ते में
सुनवाई के बाद निर्णय लेना होता है।
इस केस में नोटिस पर 11 मार्च की तारीख दर्ज होने से नागरिकों की आपत्ति अवधि कागज पर
“पहले ही खत्म” दिखाई गई और असल नोटिस 43 दिन बाद लगाई गई — जो सीधा कानूनी उल्लंघन है।
इसके अलावा गुरुकृपा सोसायटी — जिसकी हद में ये पेड़ हैं — को कोई नोटिस नहीं दी गई और
न ही उन्हें किसी सुनवाई के लिए बुलाया गया। यह भी कानूनी प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन है।
लोगों पर असर — रहिवाशों का हक छीना गया
इस पूरी साजिश का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि मालाड वेस्ट के रहिवाशों को अपनी बात रखने
का मौका ही नहीं मिला। कानून उन्हें आपत्ति दर्ज करने का हक देता है, लेकिन बैकडेटेड नोटिस
लगाकर वह हक कागजों में “खत्म” कर दिया गया।
जो पेड़ 50 साल से उनके मोहल्ले की छाँव हैं, उन्हें काटने की तैयारी बिना किसी वाजिब कारण
के की जा रही थी। न वाहन चलाने में रुकावट, न किसी इमारत को खतरा, न किसी नागरिक की
शिकायत — फिर भी पेड़ काटने की नोटिस निकली।
Bombay High Court ने भी एक अहम PIL में कहा था कि Tree Authority का मकसद पेड़ों की
रक्षा करना है, न कि उन्हें काटने में मदद करना। जब अधिकारी जानबूझकर समय सीमाओं का
दुरुपयोग करते हैं — वह Tree Act की मूल भावना के खिलाफ है।
किसके हित में? — Developer Connection का आरोप
रहिवाशों का सीधा आरोप है कि एक प्रस्तावित Developer के साथ मिलकर BMC अधिकारियों ने
यह काम किया। उसी परिसर में मैत्री रेसिडेंसी सोसायटी की जमीन पर Regular Line थोपने की
कोशिश भी इसी साजिश का हिस्सा बताई जा रही है।
बिना किसी शिकायत के, बिना ट्रैफिक रुकावट के, बिना Heritage Status जाँचे — सीधे पेड़
काटने की नोटिस निकालना सवाल उठाता है: आखिर यह सब किसके फायदे के लिए हो रहा है?
BMC प्रशासन को इस सवाल का जवाब जनता के सामने देना होगा।
Heritage Trees की अनदेखी — 50 साल पुराने पेड़ों का दर्द
वृक्ष क्रमांक 08 से 11 तक के पेड़ 50 साल से अधिक पुराने हैं और Heritage Tree की
श्रेणी में आते हैं। Maharashtra Tree Act के तहत ऐसे पेड़ों के लिए अलग से जाँच का
प्रावधान है। लेकिन इस पूरे मामले में न उनकी उम्र जाँची गई, न Heritage Status पर
विचार हुआ — सीधे काटने की नोटिस थमा दी गई।
सरकारी अपडेट — BMC और सरकार की जिम्मेदारी
BMC अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दे पाई है। रहिवाशों ने BMC Commissioner
और महाराष्ट्र सरकार से हस्तक्षेप की माँग की है।
गौरतलब है कि BMC ने 2026 की शुरुआत में मुंबई का नया Tree Census शुरू करने की घोषणा
की थी — जिसमें Ground Penetrating Radar (GPR) तकनीक से पेड़ों की जड़ों तक की जाँच
होनी है। एक तरफ Census, दूसरी तरफ Heritage Trees काटने की तैयारी — यह विरोधाभास
साफ दिखता है।
आगे क्या होगा? — आगे की राह
रहिवाश संगठन अब CCTV फुटेज के साथ BMC Commissioner को लिखित शिकायत देने की तैयारी
में हैं। साथ ही Bombay High Court में PIL दायर करने पर भी विचार हो रहा है। अगर BMC
इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो Maharashtra State Tree Authority और Urban
Development Department को भी हस्तक्षेप करना होगा।
रहिवाशों की 4 बड़ी माँगें
- पेड़ काटने की नोटिस तत्काल रद्द की जाए।
- Backdated Notice मामले की स्वतंत्र जाँच हो।
- दोषी BMC अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- स्पष्ट किया जाए कि किस Developer के हित में यह कार्रवाई की जा रही थी।
सरकारी और जरूरी वेबसाइट लिंक
- BMC Garden & Tree Authority (पेड़ काटने की अनुमति और शिकायत):
https://portal.mcgm.gov.in/irj/portal/anonymous/qltreeauthority?guest_user=english - BMC Citizen Portal (ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें):
https://portal.mcgm.gov.in - Maharashtra Tree Protection Act, 1975 — India Code:
https://www.indiacode.nic.in/handle/123456789/16809?locale=en - Section 8 — Restrictions on Felling of Trees (LexTechSuite):
https://lextechsuite.com/MAHARASHTRA-URBAN-AREAS-PROTECTION-AND-PRESERVATION-OF-TREES-ACT-1975-SECTION-8-RESTRICTIONS-ON-FELLING-OF-TREES - BMC Complaint Helpline — Helpline: 1916 | Online Guide:
https://complainthub.org/bmc-mumbai/ - Bombay High Court PIL — Tree Act Implementation:
https://indiankanoon.org/doc/127057426/
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. Backdated Notice का मतलब क्या होता है?
A. जब किसी सरकारी नोटिस पर असल तारीख से पुरानी तारीख लिखी जाए ताकि कानूनी अवधि
“पहले ही खत्म” दिखे — उसे Backdated Notice कहते हैं। इससे नागरिकों का आपत्ति
दर्ज करने का हक छिन जाता है।
Q2. Maharashtra Tree Act 1975 के तहत नागरिकों को क्या हक है?
A. Section 8(3)(a) के तहत Tree Officer को नोटिस चिपकाने और अखबारों में विज्ञापन देने
के बाद नागरिकों को आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलता है। Tree Authority को 60 दिन
में फैसला देना होता है।
Q3. Heritage Tree क्या होता है और उसे काटने के लिए क्या करना होता है?
A. 50 साल से ज्यादा पुराने पेड़ Heritage Tree की श्रेणी में आते हैं। इन्हें काटने से
पहले उनकी उम्र, दुर्लभता और Heritage Status की विशेष जाँच जरूरी है।
Q4. BMC से पेड़ काटने के खिलाफ शिकायत कैसे करें?
A. BMC के Citizen Portal (portal.mcgm.gov.in) पर जाकर Tree Authority को ऑनलाइन
शिकायत दे सकते हैं। Helpline नंबर 1916 पर भी कॉल कर सकते हैं। गंभीर मामलों में
Bombay High Court में PIL भी दायर की जा सकती है।
Q5. क्या अवैध पेड़ काटने पर FIR हो सकती है?
A. हाँ। Maharashtra Tree Protection Act 1975 के तहत अवैध पेड़ काटने पर Contractor,
Developer या किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है।
CONCLUSION — निष्कर्ष
मालाड वेस्ट का यह मामला सिर्फ पाँच पेड़ों का नहीं है — यह नागरिकों के संवैधानिक हक,
पारदर्शिता और कानून के शासन का सवाल है। BMC जैसी बड़ी नगर पालिका का एक अधिकारी 43 दिन
बाद नोटिस चिपकाए और उस पर पुरानी तारीख लिखे — यह सिस्टम की घोर विफलता है।
CCTV ने जो कैमरे में कैद किया, वह इस शहर की जागरूक जनता की ताकत है। अब जरूरत है कि
BMC Commissioner, Maharashtra State Tree Authority और जरूरत पड़ी तो Bombay High Court
इस मामले में सख्त कदम उठाए। हरित मुंबई का सपना तभी पूरा होगा जब कागजों की तारीखें
और असलियत एक हों।
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