Category: Technology & AI

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  • Motorola Signature 27: ₹1.5 लाख के फोन में UPI और वारंटी का बड़ा रिस्क

    Motorola Signature 27: ₹1.5 लाख के फोन में UPI और वारंटी का बड़ा रिस्क

    मोटोरोला सिग्नेचर 27 भारत में जल्द लॉन्च हो सकता है। DXOMARK कैमरा किंग इस फोन में GrapheneOS प्राइवेसी और ₹1.5 लाख की कीमत के बीच भारतीय यूजर्स के लिए 3 बड़े खतरे हैं।

    Motorola Signature 27 स्मार्टफोन वर्ल्ड लेवल पर आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो चुका है और इस महीने के अंत तक इसकी भारत में एंट्री होने की उम्मीद है। मोटोरोला का यह नया फ्लैगशिप हैंडसेट तकनीकी दुनिया में जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है। इस फोन ने DXOMARK की 2026 स्मार्टफोन कैमरा रैंकिंग में 173 अंकों के रिकॉर्ड स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है।

    इसके साथ ही, प्राइवेसी के लिए लोकप्रिय GrapheneOS का आधिकारिक सपोर्ट पाने वाला यह दुनिया का पहला नॉन-पिक्सल स्मार्टफोन बन गया है। हालांकि, इस सुपरफोन की ₹1.5 लाख ($1,599) की भारी-भरकम कीमत और इसके खास फीचर्स भारतीय यूजर्स के लिए कुछ बड़े व्यावहारिक खतरे और तकनीकी चुनौतियां भी साथ लेकर आए हैं।

    GrapheneOS का पेंच: क्या ब्लॉक हो जाएंगे भारतीय UPI और बैंकिंग ऐप्स?

    इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियत प्राइवेसी-फोकस्ड GrapheneOS के साथ इसकी हार्डवेयर कम्पेटिबिलिटी है। लेकिन भारतीय खरीदारों को यह समझना जरूरी है कि यह फोन बॉक्स से बाहर निकलते ही GrapheneOS पर नहीं चलेगा, बल्कि इसमें मोटोरोला का सामान्य एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर ही प्री-इंस्टॉल्ड मिलेगा। प्राइवेसी के शौकीन यूजर्स को इस ओएस को खुद फ्लैश या इंस्टॉल करना होगा।

    यहां सबसे बड़ा तकनीकी पेंच यह है कि GrapheneOS सुरक्षा कारणों से Google Play Services को बैकग्राउंड में पूरी तरह प्रतिबंधित यानी ‘सैंडबॉक्स्ड’ (Sandboxed) करके चलाता है। भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रमुख UPI ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm और विभिन्न सरकारी व निजी बैंकों के बैंकिंग ऐप्स ‘SafetyNet’ और ‘Play Integrity’ सुरक्षा जांच पर काम करते हैं।

    सैंडबॉक्स्ड इन्वायरमेंट के कारण इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ये बैंकिंग ऐप्स फोन पर काम करेंगे या पूरी तरह ब्लॉक हो जाएंगे, जिससे आम भारतीय यूजर्स को रोजमर्रा के लेन-देन में बड़ी परेशानी हो सकती है।

    ₹1.5 लाख का दांव और वारंटी खत्म होने का सबसे बड़ा डर

    वैश्विक बाजार में मोटोरोला सिग्नेचर 27 की शुरुआती कीमत 1,599 डॉलर (लगभग ₹1,35,000 से ₹1,50,000 के बीच) रखी गई है, जो इसे मोटोरोला के इतिहास का सबसे महंगा नॉन-फोल्डिंग फोन बनाती है। इतनी भारी रकम खर्च करने के बाद भी वारंटी को लेकर स्थिति साफ नहीं है।

    आमतौर पर किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन का बूटलोडर अनलॉक करने या उसमें आधिकारिक सॉफ्टवेयर हटाकर कोई दूसरा ऑपरेटिंग सिस्टम (कस्टम रॉम) इंस्टॉल करने पर कंपनियां फोन की वारंटी को तुरंत खत्म (Void) कर देती हैं।

    मोटोरोला ने GrapheneOS फाउंडेशन के साथ साझेदारी की घोषणा तो की है, लेकिन कंपनी ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत में इस फोन पर GrapheneOS इंस्टॉल करने के बाद डिवाइस की वारंटी बरकरार रहेगी या नहीं।

    ओएस बदलते ही कैमरा क्वालिटी घटने का खतरा

    जानकारी के मुताबिक, मोटोरोला सिग्नेचर 27 में 50 मेगापिक्सल का Sony LYTIA L910 मुख्य सेंसर, 200 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा और दुनिया का पहला समर्पित EVS Action Sensor दिया गया है, जो मोशन को हार्डवेयर स्तर पर ही डिटेक्ट कर लेता है। इस दमदार हार्डवेयर और मोटोरोला के ‘Video Enhancement Engine’ की बदौलत ही इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कैमरा फोन का खिताब मिला है।

    परंतु, जैसे ही यूजर इस फोन में मोटोरोला का मूल एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर हटाकर प्राइवेसी ओएस (GrapheneOS) इंस्टॉल करेंगे, मोटोरोला के ये कस्टमाइज्ड AI कैमरा ऐप्स और इमेज प्रोसेसिंग एल्गोरिदम काम करना बंद कर सकते हैं। हालांकि GrapheneOS की टीम मोटोरोला के कैमरा ऐप को सपोर्ट देने पर काम कर रही है, लेकिन शुरुआती चरण में यूजर्स को वो बेहतरीन कैमरा आउटपुट नहीं मिल पाएगा जिसके लिए उन्होंने ₹1.5 लाख खर्च किए हैं।

    स्पेसिफिकेशन्स और भारत में उपलब्धता की स्थिति

    हार्डवेयर के मामले में यह फोन बेहद शक्तिशाली है। इसमें क्वालकॉम का सबसे नया Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 प्रोसेसर दिया गया है। इसमें 6.8 इंच का Extreme AMOLED Duo डिस्प्ले है जो 12,000 निट्स की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इसके अलावा फोन में एक नई ArcticMesh कूलिंग सिस्टम और हार्डवेयर स्तर पर सुरक्षा के लिए ARM Memory Tagging Extension (MTE) का इस्तेमाल किया गया है।

    बैटरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भ्रम की स्थिति है। इसके वैश्विक वेरिएंट में जहां 7,000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, वहीं जर्मनी के मार्केट डेटा में यह 5,500mAh दिखाई गई है। भारत में कौन सा बैटरी वेरिएंट आएगा, यह अभी आधिकारिक तौर पर साफ होना बाकी है।

    अमेरिका में इस फोन के प्री-ऑर्डर 19 नवंबर 2026 से और बिक्री 26 नवंबर से शुरू हो रही है। भारत में भी इसके नवंबर के आखिरी हफ्ते या दिसंबर की शुरुआत में लॉन्च होने की पूरी संभावना है, जहां मोटोरोला के इस प्राइवेसी-कैमरा किंग का सीधा मुकाबला ऐपल और सैमसंग के प्रीमियम फ्लैगशिप डिवाइसेज से होगा।

  • चारकोप में Apple-Amazon के नाम पर कथित ठगी, 2 गिरफ्तार; 2 की तलाश

    चारकोप में Apple-Amazon के नाम पर कथित ठगी, 2 गिरफ्तार; 2 की तलाश

    मुंबई के चारकोप में फर्जी Apple-Amazon कस्टमर केयर कॉल सेंटर का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार और दो फरार।

    मुंबई: चारकोप में Apple और Amazon जैसी नामी कंपनियों का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर कथित तौर पर देश-विदेश के लोगों को फोन करने वाले बोगस कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में आसिफ हनीफ कुरैशी और स्मार्ट पी. जॉन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शाहरुख शेख और सिमरन सिंह उर्फ सिमरन रंधावा की तलाश जारी है। पुलिस ने मौके से चार लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, नौ चार्जर, नौ हेडफोन और कॉलिंग स्क्रिप्ट वाली एक डायरी जब्त की है।

    चारकोप पुलिस स्टेशन में 27 अक्टूबर 2026 को इस मामले में FIR दर्ज की गई। पुलिस की 28 अक्टूबर की जानकारी मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए ग्राहकों को फोन करते थे और खुद को Apple या Amazon का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश करते थे।

    ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी का कथित दुरुपयोग

    इस मामले में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी का कथित इस्तेमाल है। जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, ग्राहकों की समस्याओं, अकाउंट बंद होने या ऑर्डर डिलीवर नहीं होने जैसी बातों का हवाला देकर उन्हें फोन किया जाता था। ऐसे मामलों में ग्राहक को लगता है कि फोन करने वाला व्यक्ति उसकी वास्तविक समस्या से परिचित है और वह संबंधित कंपनी का प्रतिनिधि हो सकता है।

    हालांकि, इस मामले में ग्राहकों की जानकारी किस स्रोत से हासिल की गई, कितने लोगों की जानकारी का इस्तेमाल हुआ और कितने लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कथित ठगी की कुल रकम का भी स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    चारकोप के फ्लैट से लैपटॉप, मोबाइल और कॉलिंग स्क्रिप्ट जब्त

    पुलिस के अनुसार, कथित कॉल सेंटर चारकोप के भाब्रेकर नगर स्थित Acme Avenue की ए विंग में फ्लैट नंबर 1304 से संचालित किया जा रहा था। 26 अक्टूबर 2026 को रात 11 बजे से पहले की अवधि में वहां कथित गतिविधियों का उल्लेख पुलिस दस्तावेज में किया गया है।

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    जांच के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, नौ चार्जर, नौ हेडफोन, चार मोबाइल फोन और स्क्रिप्ट लिखी हुई एक डायरी जब्त की। इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से कथित कॉलिंग गतिविधियों, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, जब्त सामग्री से अब तक कितने पीड़ितों की पहचान हुई है, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।

    कौन गिरफ्तार और कौन वांछित?

    इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफ हनीफ कुरैशी (31) और स्मार्ट पी. जॉन (40) के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी में दोनों को ऑपरेटर बताया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, शाहरुख शेख और सिमरन सिंह उर्फ सिमरन रंधावा कथित तौर पर इस गतिविधि से जुड़े थे और फिलहाल वांछित हैं। उनकी भूमिका, कथित कॉल सेंटर के संचालन में जिम्मेदारी और आर्थिक लेनदेन से संबंधित विवरण की जांच की जा रही है।

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    किन धाराओं में मामला दर्ज?

    चारकोप पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    फर्जी कस्टमर केयर कॉल से कैसे बचें?

    इस घटना के मद्देनजर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। किसी अनजान कॉलर के Apple, Amazon या किसी अन्य कंपनी का प्रतिनिधि होने के दावे पर तुरंत भरोसा न करें। अपनी शिकायत या ऑर्डर की जानकारी की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए करें।

    किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, डिवाइस पासकोड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अगर कोई कॉलर अकाउंट बंद करने, ऑर्डर रद्द होने या तत्काल भुगतान की धमकी देकर दबाव बनाता है, तो कॉल समाप्त करके आधिकारिक कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें।

    अगर साइबर ठगी के जरिए पैसे निकल जाते हैं, तो तुरंत 1930 पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें और https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें। जल्दी शिकायत करने से संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

    चारकोप पुलिस की जांच में अब कथित ठगी की कुल रकम, प्रभावित ग्राहकों की संख्या, ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी के स्रोत और वांछित आरोपियों की भूमिका जैसे सवाल महत्वपूर्ण रहेंगे। इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • मालाड: वोटर ID सुधारने के नाम पर ₹6.48 लाख की ठगी, बुजुर्ग को बनाया निशाना

    मालाड: वोटर ID सुधारने के नाम पर ₹6.48 लाख की ठगी, बुजुर्ग को बनाया निशाना

    Malad Cyber Crime: वोटर ID में नाम सुधारने के नाम पर 79 वर्षीय बुजुर्ग से ₹6.48 लाख की ऑनलाइन ठगी। जानें कैसे हुआ फ्रॉड और बचाव के तरीके।

    मुंबई: मालाड पश्चिम में वोटर ID पर नाम की गलती सुधारने का झांसा देकर 79 वर्षीय बुजुर्ग से 6 लाख 48 हजार रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को भारतीय निर्वाचन आयोग का अधिकारी बताकर नाम सुधारने के लिए सिर्फ 5 रुपये ऑनलाइन जमा करने को कहा। इस बहाने बुजुर्ग से बैंकिंग ऐप से जुड़ा कोड हासिल किया गया और उनके खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई। मामले में 26 अक्टूबर 2026 को बांगुरनगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।

    पीड़ित की पहचान रामनाधम फनिंद्र काजा (79) के रूप में हुई है। वह मालाड पश्चिम के इवरशाइन नगर इलाके में रहते हैं। वह और उनकी पत्नी बैंक में जमा बचत पर निर्भर हैं और रोजमर्रा के वित्तीय लेनदेन के लिए Axis Bank के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं।

    वोटर ID में नाम सुधारने के बहाने शुरू हुई ठगी

    मिली जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे काजा के WhatsApp नंबर पर एक अनजान व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को भारतीय निर्वाचन आयोग का अधिकारी बताया और कहा कि काजा तथा उनकी पत्नी के वोटर ID कार्ड पर नाम में सुधार करना है।

    इसके लिए केवल 5 रुपये ऑनलाइन फीस जमा करने की बात कही गई। कम रकम होने और सरकारी काम से जुड़ा मामला बताए जाने के कारण यह प्रक्रिया सामान्य लग सकती थी। लेकिन इसी बहाने आरोपी ने बैंकिंग ऐप से संबंधित कोड मांगा।

    काजा ने उस व्यक्ति पर भरोसा करके कोड साझा कर दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर होने की बात सामने आई।

    खाते से कितनी रकम निकाली गई?

    इस मामले में कुल 6,48,017.70 रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। इस ठगी की पूरी प्रक्रिया, ट्रांजैक्शन का समय और रकम किन खातों में भेजी गई, इसकी पुष्टि जांच से ही हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर बांगुरनगर पुलिस स्टेशन में 26 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया है।

    महाराष्ट्र में वोटर ID के नाम पर साइबर ठगी के दूसरे मामले भी

    वोटर ID में नाम सुधारने या मतदाता रिकॉर्ड की जांच के बहाने ठगी की ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में भी सामने आई हैं।

    पुणे में 79 वर्षीय व्यक्ति को मतदाता पहचान पत्र में नाम बदलने के बहाने करीब 11.92 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाए जाने की खबर सामने आई थी। वहीं, नवी मुंबई के वाशी में वोटर ID सत्यापन के नाम पर एक व्यक्ति के खाते से 8,21,884 रुपये निकाले जाने का मामला भी सामने आया।

    ठाणे में भी दो वरिष्ठ नागरिकों को मतदाता सूची में सुधार के नाम पर निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में ठगी के तरीके अलग-अलग बताए गए थे। हालांकि, इन सभी घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह होने का कोई पुष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

    मुंबई में फर्जी APK फाइलों के जरिए साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। लेकिन मालाड के इस मामले में किसी APK फाइल को डाउनलोड कराने की पुष्टि नहीं हुई है।

    वोटर ID में नाम की गलती हो तो क्या करें?

    वोटर ID या मतदाता सूची में नाम, पता अथवा अन्य जानकारी में सुधार के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सेवा का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए आयोग के Voters’ Service Portal पर Form 8 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।

    आधिकारिक पोर्टल: https://voters.eci.gov.in/

    किसी अनजान व्यक्ति के WhatsApp कॉल या मैसेज पर भरोसा करके बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी सरकारी अधिकारी के नाम से संपर्क किए जाने पर भी उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।

    ध्यान रखें कि OTP, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड और ट्रांजैक्शन की मंजूरी देने वाले गोपनीय कोड किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल या रिमोट एक्सेस ऐप भी इंस्टॉल न करें।

    साइबर ठगी होने पर तुरंत कहां शिकायत करें?

    अगर बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकल जाते हैं, तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें। इसके साथ ही बैंक को सूचित करके अनधिकृत ट्रांजैक्शन की शिकायत दर्ज कराएं और जरूरत के अनुसार बैंकिंग एक्सेस सुरक्षित करवाएं।

    ऑनलाइन शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी दर्ज की जा सकती है। कॉल लॉग, WhatsApp चैट, SMS, बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी और शिकायत संख्या जैसे सबूत संभालकर रखें।

    समय पर शिकायत करने से संबंधित ट्रांजैक्शन को रोकने या रकम को आगे ट्रांसफर होने से बचाने की संभावना बढ़ सकती है, हालांकि पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।

    मालाड के इस मामले में आरोपी की पहचान, रकम की रिकवरी और ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंकिंग तरीके की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। जांच से ही यह पता चल सकेगा कि पैसे किन खातों में भेजे गए और उन्हें वापस हासिल करने के लिए क्या कार्रवाई की गई।

  • Mumbai Cyber Crime: मालाड के व्यापारी से ₹26.5 लाख की ठगी, बाप-बेटे गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Crime: मालाड के व्यापारी से ₹26.5 लाख की ठगी, बाप-बेटे गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में फर्जी CID अधिकारी बनकर व्यापारी से ₹26.5 लाख की कथित ठगी हुई। पुलिस ने बैंक खाते की भूमिका के आरोप में बाप-बेटे को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मालाड में 55 वर्षीय कपड़ा व्यापारी धन‍ेश शाह से ₹26.5 लाख की कथित साइबर ठगी के मामले में उत्तर क्षेत्रीय साइबर सेल ने बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को CID अधिकारी बताकर व्यापारी को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी। जांच में अतुल गायकवाड़ और उनके बेटे विनीत गायकवाड़ से जुड़े एक कथित फर्जी कंपनी के बैंक खाते की भूमिका सामने आई, जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल गायकवाड़ (48) और विनीत गायकवाड़ (24) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने कथित साइबर अपराधियों को बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराई थी, ताकि ठगी से हासिल रकम उसमें जमा की जा सके। मामले में कंपनी के निदेशकों के रूप में अतुल, उनकी पत्नी और विनीत के नाम सामने आए हैं।

    फर्जी CID अधिकारी बनकर व्यापारी को गिरफ्तारी की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, मालाड में Shraddha Garments चलाने वाले धन‍ेश शाह को 27 अगस्त 2026 को एक व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को CID अधिकारी बताया और दावा किया कि आदिल गौर नाम के व्यक्ति के घर पर हुई छापेमारी के दौरान शाह का आधार कार्ड मिला है।

    आदिल गौर को पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े एक आरोपी के रूप में पेश करते हुए कॉल करने वाले ने शाह को कथित तौर पर ₹95 करोड़ के घोटाले से जोड़ने की कोशिश की। उसे बताया गया कि उसकी पहचान का इस्तेमाल कर एक बैंक खाता खोला गया था, जिसके जरिए ₹7 करोड़ के लेन-देन हुए थे।

    शाह पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने खाता खुलवाने में मदद करने के बदले ₹5 लाख और 15 प्रतिशत कमीशन लिया था। व्यापारी ने किसी तरह के संबंध से इनकार किया, लेकिन कथित ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर उस पर दबाव बनाए रखा।

    वीडियो कॉल पर पूछताछ, परिवार और बैंक खातों की जानकारी मांगी

    ठगी को असली जांच जैसा दिखाने के लिए कथित आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ की। इस दौरान शाह से उनके परिवार के सदस्यों, बैंक खातों, सोने और निवेश से जुड़ी जानकारी मांगी गई।

    उन्हें सुप्रीम कोर्ट और मुंबई क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के कथित हस्ताक्षर वाले दस्तावेज भी भेजे गए। इन दस्तावेजों का उद्देश्य आरोपों को विश्वसनीय दिखाना और व्यापारी के मन में गिरफ्तारी का डर पैदा करना बताया गया है।

    इसके बाद शाह को परिवार का सोना गिरवी रखने और निर्धारित बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। कथित ठगों ने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी।

    गिरफ्तारी के डर से शाह ने निर्देशों का पालन किया और कुल ₹26.5 लाख ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब कॉल करने वालों ने जवाब देना बंद कर दिया और रकम वापस नहीं मिली, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।

    बैंक खाते की जांच में सामने आई बाप-बेटे की कथित भूमिका

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने रकम के लेन-देन की जांच शुरू की। जांच के दौरान ट्रांसफर की गई राशि का संबंध गायकवाड़ परिवार से जुड़े एक निजी बैंक खाते से मिला।

    पुलिस के अनुसार, अतुल और विनीत ने कथित तौर पर एक फर्जी कंपनी के नाम पर बैंक खाता खुलवाने और उसकी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचाने में मदद की थी। इस खाते का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम हासिल करने के लिए किया गया।

    जांच में विनीत गायकवाड़ को पहले गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसके पिता अतुल गायकवाड़ को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस को संदेह है कि खाते की सुविधा उपलब्ध कराने के बदले आरोपियों को कमीशन मिलता था।

    हालांकि, कंपनी का पूरा विवरण, खाते में जमा रकम का आगे कहां ट्रांसफर हुआ, कितनी राशि फ्रीज या बरामद की गई और क्या अन्य लोग भी इस नेटवर्क में शामिल थे, इन सवालों पर अभी स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।

    मुंबई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के अन्य मामले

    मुंबई में सरकारी जांच एजेंसियों का नाम लेकर लोगों को डराने और पैसे ट्रांसफर करवाने के दूसरे मामले भी सामने आए हैं।

    सितंबर 2026 में दहिसर के एक 68 वर्षीय व्यक्ति से कथित डिजिटल अरेस्ट के जरिए ₹1.12 करोड़ की ठगी के मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी किया गया था। जांच में बैंक खातों और SIM कार्ड के जरिए रकम प्राप्त करने तथा आगे भेजने की कथित भूमिका की पड़ताल की गई थी।

    अक्टूबर 2026 में महाराष्ट्र साइबर की तकनीकी जांच और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय से एक अन्य महिला को कथित डिजिटल अरेस्ट से बचाने की जानकारी भी सामने आई। उस मामले में महिला पहले ही ₹27 लाख ट्रांसफर कर चुकी थी।

    इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि साइबर ठगी में केवल फर्जी कॉल ही नहीं, बल्कि बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और कथित सरकारी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

    डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिले तो क्या करें?

    किसी व्यक्ति का खुद को पुलिस, CID, क्राइम ब्रांच या दूसरी जांच एजेंसी का अधिकारी बताना उसकी पहचान का प्रमाण नहीं है। भारत में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। इसलिए वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगने वालों के निर्देशों का पालन नहीं करना चाहिए।

    अगर कोई व्यक्ति जांच के नाम पर बैंक खाते, OTP, पासवर्ड, निवेश या परिवार की संपत्ति की जानकारी मांगता है, तो उसकी पहचान संबंधित एजेंसी के आधिकारिक संपर्क माध्यम से सत्यापित करें। किसी भी कथित जांच को पूरा करने या गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे ट्रांसफर न करें।

    अगर साइबर ठगी हो चुकी है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें। बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी, UTR नंबर, कॉल रिकॉर्ड और मैसेज को सुरक्षित रखना भी जांच में मददगार हो सकता है।

    पुलिस जांच जारी

    मामले में धोखाधड़ी, जबरन वसूली और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से संबंधित प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी और बैंक खाते की कथित भूमिका की जांच के बाद अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया है, कि ठगी की रकम का आगे क्या हुआ और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।

  • Jio का ₹8,888 वाला एनिवर्सरी ऑफर, 4 महीने तक कैसे मिलेगी अतिरिक्त सर्विस?

    Jio का ₹8,888 वाला एनिवर्सरी ऑफर, 4 महीने तक कैसे मिलेगी अतिरिक्त सर्विस?

    Jio के ₹8,888 एनिवर्सरी प्लान में 16 महीने की वैधता, 30 Mbps स्पीड, OTT और लाइव टीवी के फायदे जानें। पात्रता, फीस और जरूरी शर्तें भी पढ़ें।

    Jio के ₹8,888 वाले एनिवर्सरी ब्रॉडबैंड ऑफर में ग्राहकों को 12 महीने के प्लान पर कुल 16 महीने की सर्विस मिल सकती है। इस ऑफर में इंटरनेट के साथ OTT प्लेटफॉर्म, लाइव टीवी चैनल और पार्टनर कूपन जैसे फायदे भी शामिल हैं। हालांकि, रिचार्ज करने से पहले यह समझना जरूरी है कि ऑफर किन ग्राहकों के लिए है और इसकी कुल कीमत में कौन-कौन से चार्ज शामिल हैं।

    इस पैक की औसत लागत 16 महीने के हिसाब से करीब ₹556 प्रति महीना बैठती है। लेकिन ₹8,888 की पूरी रकम को सिर्फ इंटरनेट का रेंटल समझना सही नहीं होगा, क्योंकि इसमें ₹5,000 के One-Time Charges (OTC) और ₹3,888 का नियमित प्लान शुल्क शामिल है।

    Jio के ₹8,888 प्लान में क्या मिलता है?

    इस एनिवर्सरी पैक की सबसे बड़ी खासियत चार महीने की अतिरिक्त वैधता है। सामान्य 12 महीने की अवधि के बजाय ग्राहकों को कुल 16 महीने की सर्विस मिलती है। प्लान के साथ 30 Mbps इंटरनेट स्पीड, वॉइस कॉलिंग और मनोरंजन से जुड़े फायदे भी बताए गए हैं।

    Jio के होम ब्रॉडबैंड ऑफर में Amazon Prime Lite, JioHotstar, SonyLIV, ZEE5, Sun NXT, Hoichoi, Discovery+ और दूसरे OTT प्लेटफॉर्म शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, 1,000 से ज्यादा लाइव टीवी चैनलों का एक्सेस भी दिया जाता है। हालांकि, रिचार्ज करने से पहले अपने प्लान में शामिल OTT ऐप्स और उनकी सदस्यता की मौजूदा सूची जरूर चेक करें।

    30 Mbps की स्पीड सामान्य ब्राउज़िंग, सोशल मीडिया और वीडियो देखने जैसे कामों के लिए ठीक हो सकती है। लेकिन घर में कई लोग एक साथ वीडियो स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉल और बड़े डाउनलोड करते हैं, तो ज्यादा स्पीड वाला प्लान देखना बेहतर रहेगा।

    ₹8,888 की कीमत का पूरा हिसाब समझें

    इस पैक की कुल कीमत को समझने के लिए उसके अलग-अलग चार्ज पर ध्यान देना जरूरी है।

    शुल्क का प्रकाररकम
    One-Time Charges (OTC)₹5,000
    नियमित प्लान शुल्क₹3,888
    कुल पैकेज कीमत₹8,888
    16 महीने की औसत लागत₹555.50 प्रति महीना

    इस हिसाब से पूरे पैकेज की औसत मासिक लागत करीब ₹556 है। यह गणना 16 महीने की कुल अवधि पर आधारित है। इसे सिर्फ मासिक इंटरनेट रेंटल नहीं समझना चाहिए, क्योंकि पैकेज में एकमुश्त शुल्क और दूसरी सुविधाएं भी शामिल हैं।

    टैक्स और बिलिंग की शर्तों को लेकर भुगतान से पहले MyJio ऐप में दिखाई गई अंतिम राशि और इनवॉइस चेक करना जरूरी है।

    क्या नए ग्राहक भी इस ऑफर का फायदा ले सकते हैं?

    यह सबसे जरूरी सवाल है। उपलब्ध आधिकारिक नियमों के मुताबिक, यह ऑफर सक्रिय JioFiber या JioAirFiber कनेक्शन का रिन्यूअल करने वाले व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए है। इसलिए इसे हर नए ग्राहक के लिए उपलब्ध ऑफर मानना सही नहीं होगा।

    ऑफर का फायदा मिलने के लिए कनेक्शन की तकनीकी उपलब्धता, नेटवर्क कवरेज और अनुकूल उपकरण जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं। रिचार्ज करने से पहले MyJio में अपने कनेक्शन की पात्रता चेक करें।

    एक और बात ध्यान रखने वाली है कि लंबी अवधि के लिए भुगतान करने के बाद एडवांस रेंटल को नकद वापस लेना या दूसरे खाते में ट्रांसफर करना आसान नहीं है। इसलिए ऑफर की शर्तें पढ़कर ही भुगतान करें।

    फ्री रिलॉकेशन और पार्टनर कूपन का भी फायदा

    इस पैक में एक बार मुफ्त कनेक्शन शिफ्ट करने के लिए ₹1,200 मूल्य का रिलॉकेशन वाउचर और ₹1,200 मूल्य की प्राथमिकता वाली कस्टमर केयर सुविधा शामिल है। हालांकि, नई जगह पर नेटवर्क उपलब्ध होना जरूरी है। अतिरिक्त सिविल वर्क या तय सीमा से ज्यादा फाइबर की जरूरत होने पर अलग चार्ज लग सकते हैं।

    इसके अलावा AbhiBus, EaseMyTrip, District, ZoomIn, Neeman’s और AJIO जैसे पार्टनर के कूपन भी शामिल हैं। इनकी कुल घोषित कीमत ₹4,459 है। लेकिन इसे सीधे नकद बचत नहीं माना जा सकता, क्योंकि हर कूपन की अपनी शर्तें हो सकती हैं।

    कूपन रिचार्ज सफल होने के 48 से 72 घंटे के भीतर MyJio ऐप में मिल सकते हैं। उनकी वैधता और इस्तेमाल की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। अगर ग्राहक संबंधित सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करता, तो इन कूपन की पूरी घोषित कीमत का फायदा मिलना जरूरी नहीं है।

    JioFiber और JioAirFiber में क्या अंतर है?

    JioFiber वायर्ड फाइबर कनेक्शन है, जबकि JioAirFiber वायरलेस 5G आधारित होम इंटरनेट सेवा है। दोनों की उपलब्धता और नेटवर्क की स्थिति इलाके के हिसाब से अलग हो सकती है।

    डेटा सीमा को लेकर भी सावधानी जरूरी है। उपलब्ध प्लान विवरणों में JioAirFiber के लिए 1,000 GB और वायर्ड JioFiber के लिए 3,300 GB मासिक सीमा बताई गई है। लेकिन रिचार्ज करने से पहले यह पुष्टि करें कि ये सीमाएं आपके चुने हुए एनिवर्सरी पैक पर लागू हैं या नहीं।

    Jio के दिए गए राउटर, सेट-टॉप बॉक्स और दूसरे उपकरण भी कंपनी की संपत्ति रहते हैं। कनेक्शन बंद करने पर इन्हें वापस करना पड़ सकता है, इसलिए इन्हें अपनी निजी संपत्ति समझकर नहीं रखना चाहिए।

    ₹10,000 वाला Jio पैक भी एक विकल्प

    जिन ग्राहकों को ज्यादा स्पीड चाहिए, वे ₹10,000 वाले ब्रॉडबैंड फ्रीडम पैक को भी देख सकते हैं। उपलब्ध जानकारी में इस पैक के साथ 15 महीने की वैधता और 100 Mbps तक की स्पीड बताई गई है।

    दोनों पैक में कीमत, सेवा अवधि और सुविधाओं का अंतर है। ₹8,888 वाले पैक की औसत लागत करीब ₹556 प्रति महीना बैठती है, जबकि ₹10,000 वाले पैक की 15 महीने की अवधि के हिसाब से औसत लागत करीब ₹667 प्रति महीना है। ये पूरे पैकेज की औसत लागत हैं, सिर्फ इंटरनेट रेंटल नहीं।

    अगर आपकी जरूरत सामान्य इंटरनेट इस्तेमाल तक सीमित है, तो कम कीमत वाला पैक पर्याप्त हो सकता है। वहीं, ज्यादा स्पीड और भारी इंटरनेट इस्तेमाल के लिए दूसरे विकल्प पर विचार किया जा सकता है। सही चुनाव आपके इलाके की कनेक्टिविटी, वास्तविक जरूरत और प्लान की शर्तों पर निर्भर करेगा।

    रिचार्ज से पहले ये बातें जरूर चेक करें

    Jio के ₹8,888 वाले ऑफर का फायदा लेने से पहले MyJio ऐप में अपनी पात्रता, अंतिम देय राशि, कनेक्शन का प्रकार, डेटा सीमा और OTT की मौजूदा सूची चेक करें। साथ ही, पार्टनर कूपन की वैधता और इस्तेमाल की शर्तें भी पढ़ लें।

    ऑफर की उपलब्धता नेटवर्क कवरेज और तकनीकी व्यवहार्यता पर निर्भर है। इसलिए भुगतान करने से पहले अपने कनेक्शन पर लागू शर्तों की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

  • Nothing OS 5.0 अपडेट शुरू, 10 फोन को मिलेगा Android 17; देखें पूरी लिस्ट

    Nothing OS 5.0 अपडेट शुरू, 10 फोन को मिलेगा Android 17; देखें पूरी लिस्ट

    Nothing OS 5.0 का स्टेबल अपडेट शुरू हो गया है। जानें Nothing और CMF के 10 फोन की अपडेट टाइमलाइन, नए AI फीचर्स और किन मॉडल को अपडेट नहीं मिलेगा।

    Nothing OS 5.0 का स्टेबल अपडेट Nothing Phone (3) के लिए 12 अक्टूबर 2026 से जारी होना शुरू हो गया है। Android 17 पर आधारित इस नए सॉफ्टवेयर में होम स्क्रीन का नया डिजाइन, लॉक स्क्रीन घड़ी, बेहतर विजेट, AI फीचर्स और सिस्टम परफॉर्मेंस में सुधार जैसे बदलाव शामिल हैं। अब Nothing और CMF के दूसरे स्मार्टफोन यूजर्स की नजर इस बात पर है कि उनके फोन में अपडेट कब आएगा और किन पुराने मॉडल को इससे बाहर रखा गया है।

    कंपनी की अपडेट टाइमलाइन के मुताबिक, बाकी पात्र फोन के लिए नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच अपडेट जारी करने की योजना है। हालांकि, ये संभावित समय-सीमाएं हैं। हर यूजर के फोन में अपडेट एक ही दिन दिखाई देना जरूरी नहीं है।

    Nothing OS 5.0 अपडेट किन फोन में आएगा?

    Nothing OS 5.0 के लिए कंपनी ने Nothing और CMF के कुल 10 स्मार्टफोन की अपडेट टाइमलाइन दी है। इसमें नए Phone (4a) और Phone (3a) सीरीज के साथ Phone (2a) सीरीज के मॉडल भी शामिल हैं।

    स्मार्टफोनअपडेट की संभावित टाइमलाइन
    Nothing Phone (3)12 अक्टूबर 2026 से वितरण शुरू
    Nothing Phone (4a) Proनवंबर का पहला सप्ताह
    Nothing Phone (4a)नवंबर का पहला सप्ताह
    Nothing Phone (3a) Proनवंबर का पहला सप्ताह
    Nothing Phone (3a)नवंबर का पहला सप्ताह
    Nothing Phone (2a)नवंबर का मध्य
    Nothing Phone (2a) Plusनवंबर का मध्य
    Nothing Phone (3a) Liteदिसंबर का अंतिम हिस्सा
    Nothing Phone (4b)जनवरी 2027 का मध्य
    CMF Phone 2 Proजनवरी 2027 का मध्य

    यह टाइमलाइन कंपनी की घोषित योजना पर आधारित है। फोन के मॉडल, क्षेत्र और चरणबद्ध वितरण के हिसाब से अपडेट मिलने का समय बदल सकता है।

    Nothing OS 5.0 में क्या-क्या नया मिलेगा?

    इस अपडेट में सिर्फ फोन की दिखावट नहीं बदली गई है, बल्कि होम स्क्रीन इस्तेमाल करने, नोटिफिकेशन देखने और कुछ रोजाना के काम करने के तरीके में भी बदलाव किए गए हैं।

    नया होम स्क्रीन डिजाइन और दो नई लॉक स्क्रीन घड़ियां

    Nothing OS 5.0 में वॉलपेपर के साथ मेल खाने वाले रंग, पारदर्शी विजेट और बदला हुआ होम स्क्रीन इंटरफेस मिलता है। कंपनी ने Geist फॉन्ट के साथ Settings, Camera, Gallery और Status Bar के डिजाइन में भी बदलाव किए हैं।

    लॉक स्क्रीन के लिए Micrographics और Gooey नाम के घड़ी डिजाइन शामिल किए गए हैं। Micrographics में समय और तारीख के साथ मौसम और आगामी मीटिंग जैसी जानकारी देखने का विकल्प मिलता है। होम स्क्रीन पर कई ऐप और विजेट को एक साथ व्यवस्थित करने की सुविधा भी दी गई है।

    Glyph Interface और नए विजेट

    Glyph हार्डवेयर वाले समर्थित फोन में Glyph कंट्रोल के लिए अलग ऐप और Glyph Timer विजेट मिलता है। इससे होम स्क्रीन से ही उलटी गिनती शुरू करना आसान हो सकता है।

    Collector विजेट में पसंदीदा तस्वीरों और दूसरी चीजों को संग्रह के रूप में रखा जा सकता है। Away Time फोन से दूर बिताए गए समय को ट्रैक करने में मदद करता है। इन फीचर्स की उपलब्धता फोन के मॉडल और हार्डवेयर पर निर्भर करेगी।

    Essential Space और AI फीचर्स

    Nothing OS 5.0 में Essential Space से जुड़े बदलाव भी शामिल हैं। Smart Collections सेव की गई सामग्री को संबंधित समूहों में व्यवस्थित करने में मदद करता है, जबकि Essential Voice बोलकर नोट बनाने और आवाज को टेक्स्ट में बदलने के काम आता है।

    Essential Apps Builder में यूजर अपनी जरूरत सामान्य भाषा में बताकर छोटे ऐप बनाने का विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इस फीचर की उपलब्धता अभी सीमित और चरणबद्ध है। इसी तरह, Essential Space के कुछ बदलाव अलग ऐप अपडेट के जरिए मिल सकते हैं। इसलिए नया ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल करते ही सभी AI फीचर उपलब्ध होने की गारंटी नहीं है।

    Android 17 के नए बदलाव

    Nothing OS 5.0 में Android 17 पर आधारित कई बदलाव शामिल हैं। इनमें नोटिफिकेशन और Quick Settings को अलग रखने का विकल्प, ब्लूटूथ कंट्रोल में सुधार और QR कोड के जरिए फाइल साझा करने की सुविधा शामिल है।

    Quick Share के जरिए आसपास के समर्थित उपकरणों से फाइल भेजी जा सकती है। दूसरे उपकरणों के साथ QR कोड से फाइल साझा करने का विकल्प भी दिया गया है। इसे iPhone के AirDrop का पूरी तरह समान विकल्प नहीं समझना चाहिए, क्योंकि दोनों की तकनीक और काम करने का तरीका अलग है।

    इसके अलावा, कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी संवेदनशील सुविधाओं के इस्तेमाल को समझने के लिए गोपनीयता संकेत और अनुमति नियंत्रण भी अहम हैं।

    क्या Nothing OS 5.0 से फोन की स्पीड और बैटरी बेहतर होगी?

    कंपनी ने सिस्टम रिस्पॉन्स, ऐप मैनेजमेंट और बैकग्राउंड में ऐप बनाए रखने के तरीके में सुधार की जानकारी दी है। इसका मकसद ऐप को बार-बार दोबारा लोड होने की परेशानी कम करना और रोजाना फोन इस्तेमाल करने का अनुभव बेहतर बनाना है।

    लेकिन इससे हर फोन की बैटरी लाइफ बढ़ने या गेमिंग परफॉर्मेंस में निश्चित सुधार होने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए अपडेट से पहले और बाद में समान परिस्थितियों में स्वतंत्र टेस्ट जरूरी हैं।

    अपडेट इंस्टॉल करने के बाद शुरुआती समय में फोन थोड़ा गर्म हो सकता है या बैटरी ज्यादा खर्च हो सकती है, क्योंकि सिस्टम बैकग्राउंड में ऐप और डेटा को व्यवस्थित कर सकता है। अगर समस्या लगातार बनी रहती है, तो बैटरी इस्तेमाल की सेटिंग्स जांचना और फोन को रीस्टार्ट करना उपयोगी हो सकता है।

    किन पुराने फोन को Nothing OS 5.0 नहीं मिलेगा?

    कंपनी की जानकारी के मुताबिक, Nothing Phone (1), Nothing Phone (2) और CMF Phone 1 को इस प्रमुख सॉफ्टवेयर अपडेट की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

    इन फोन के यूजर्स को यह समझना जरूरी है कि Android के नए प्रमुख संस्करण का अपडेट नहीं मिलना और सुरक्षा अपडेट पूरी तरह बंद होना दो अलग बातें हैं। सुरक्षा अपडेट की अंतिम तारीख के बारे में अलग से आधिकारिक पुष्टि के बिना कोई निश्चित दावा नहीं करना चाहिए।

    Nothing OS 5.0 अपडेट कैसे डाउनलोड करें?

    अगर आपके फोन के लिए अपडेट उपलब्ध हो गया है, तो उसे इस तरीके से चेक कर सकते हैं:

    1. फोन की Settings खोलें।
    2. System विकल्प पर जाएं।
    3. System update पर टैप करें।
    4. उपलब्ध अपडेट की जांच करें और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।

    अपडेट करने से पहले जरूरी फोटो, कॉन्टैक्ट और फाइलों का बैकअप रख लें। फोन को पर्याप्त चार्ज करें, स्थिर Wi-Fi कनेक्शन इस्तेमाल करें और स्टोरेज में जगह खाली रखें।

    अगर आपके पात्र फोन में अभी अपडेट नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चरणबद्ध वितरण के कारण कुछ यूजर्स को अपडेट बाद में मिल सकता है। बार-बार अनजान वेबसाइट से फर्मवेयर डाउनलोड करने के बजाय फोन की आधिकारिक अपडेट सेटिंग्स और Nothing के आधिकारिक सॉफ्टवेयर पेज पर उपलब्ध जानकारी चेक करें।

  • OPPO के सभी नए-पुराने फोन को मिलेगा ColorOS 17 अपडेट? AI Agent से बदलेंगे फीचर्स, जानें पूरी जानकारी

    OPPO के सभी नए-पुराने फोन को मिलेगा ColorOS 17 अपडेट? AI Agent से बदलेंगे फीचर्स, जानें पूरी जानकारी

    ColorOS 17 के AI फीचर्स, AI Mind Pilot और Manus इंटीग्रेशन के साथ जानें OPPO फोन का अपडेट शेड्यूल, भारत में उपलब्धता और अपडेट चेक करने का तरीका।

    नई दिल्ली: ColorOS 17 को लेकर OPPO ने 13 अक्टूबर 2026 को ग्लोबल घोषणा की है। Android 17 पर आधारित इस नए सॉफ्टवेयर का अपडेट पुराने स्मार्टफोन्स तक अक्टूबर 2026 से 2027 की पहली तिमाही के बीच चरणबद्ध तरीके से पहुंचाने का शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें AI Mind Pilot, Manus के साथ Agent Mode, नया Living Flow Design और AI से जुड़े कई नए फीचर्स शामिल हैं। भारत में नए OPPO Find X10 सीरीज के साथ भी ColorOS 17 मिलने की घोषणा की गई है, जिसका लॉन्च 22 अक्टूबर को निर्धारित है।

    ColorOS 17 में क्या-क्या नया मिलेगा?

    ColorOS 17 में सबसे बड़ा बदलाव सिर्फ फोन के डिजाइन तक सीमित नहीं है। OPPO ने इस बार AI को सिस्टम के साथ जोड़ने पर खास ध्यान दिया है, ताकि यूजर्स को अलग-अलग ऐप में जाकर कई काम करने की जरूरत कम पड़े।

    AI Mind Pilot और Manus Agent Mode

    AI Mind Pilot इस अपडेट का प्रमुख फीचर है। OPPO ने Manus के साथ मिलकर इसमें Agent Mode को शामिल किया है, जिसका मकसद यूजर के निर्देशों के आधार पर कई चरणों वाले काम पूरे करना है।

    उदाहरण के लिए, अगर किसी यूजर को ट्रिप प्लान करनी है, तो AI Mind Pilot फ्लाइट की जानकारी, होटल बुकिंग और घूमने की जगहों से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों को व्यवस्थित करने में मदद कर सकता है। यह संबंधित जानकारी के आधार पर यात्रा का प्लान भी तैयार कर सकता है। इसी तरह, फोन में मौजूद तस्वीरों को जगह या दूसरे मानदंडों के आधार पर व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।

    Agent Mode की शुरुआती पेशकश में Manus और ChatGPT का सपोर्ट शामिल है। हालांकि, सभी काम हर फोन पर एक जैसे उपलब्ध होंगे, इसकी गारंटी नहीं है। फीचर्स की उपलब्धता, अकाउंट, परमिशन और संबंधित सेवाओं की शर्तों पर निर्भर कर सकती है।

    Living Flow Design से बदलेगा फोन का लुक

    ColorOS 17 में Living Flow Design नाम का नया डिजाइन पेश किया गया है। इसमें स्क्रीन के विजुअल इफेक्ट्स, एनिमेशन और टच पर मिलने वाले रिस्पॉन्स को ज्यादा सहज बनाने पर ध्यान दिया गया है।

    कंपनी के अनुसार, नए इंटरफेस में हल्के ट्रांसलूसेंट इफेक्ट्स, बेहतर विजुअल डेप्थ और Fluid Motion जैसे बदलाव शामिल हैं। इसका मकसद फोन चलाते समय ऐप खोलने, स्क्रीन बदलने और दूसरे कामों को अधिक सहज महसूस कराना है।

    हालांकि, डिजाइन में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि हर पुराने OPPO फोन पर परफॉर्मेंस में एक जैसा सुधार देखने को मिलेगा। इसका वास्तविक असर डिवाइस के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन पर निर्भर करेगा।

    AI Mind Suggest, OSee और AI Call Guard

    ColorOS 17 में AI Mind Suggest यूजर के संदर्भ के हिसाब से उपयोगी जानकारी सामने लाने के लिए बनाया गया है। इसमें सुबह की जानकारी, यात्रा से जुड़े विवरण और कनेक्टेड ऑडियो डिवाइस के हिसाब से म्यूजिक सुझाव जैसे इस्तेमाल शामिल हैं।

    OSee विजुअल AI फीचर है, जो आसपास दिखाई देने वाली चीजों को समझने, ऑब्जेक्ट पहचानने, अनुवाद और दस्तावेजों की स्कैनिंग जैसे कामों में मदद कर सकता है।

    AI Call Guard का उद्देश्य संदिग्ध कॉल और संभावित फ्रॉड से बचाव में मदद करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें ऑन-डिवाइस AI की मदद से स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल की पहचान से जुड़े फीचर्स शामिल हैं। फिर भी इसे पूरी तरह सुरक्षित कॉल की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

    AI फीचर्स का इस्तेमाल करते समय यूजर्स को ऐप परमिशन, अकाउंट कनेक्शन और डेटा प्रोसेसिंग की शर्तें भी देखनी चाहिए।

    OPPO ColorOS 17 अपडेट शेड्यूल: किस फोन को कब मिलेगा अपडेट?

    OPPO की भारत के लिए जारी आधिकारिक अपडेट सूची के अनुसार, ColorOS 17 का रोलआउट अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 2027 की पहली तिमाही तक चलेगा। नीचे दिए गए महीने और तारीखें निर्धारित रोलआउट शेड्यूल हैं; इन्हें हर यूजर के फोन पर अपडेट मिलने की पक्की तारीख नहीं समझना चाहिए।

    29 अक्टूबर 2026

    इन डिवाइसों के लिए अपडेट का पहला चरण निर्धारित है:

    • OPPO Find N6
    • OPPO Find X9 Ultra
    • OPPO Find X9s
    • OPPO Find X9 Pro
    • OPPO Find X9

    30 अक्टूबर 2026

    अगले चरण में इन स्मार्टफोन्स के लिए अपडेट निर्धारित है:

    • OPPO Find N5
    • OPPO Find X8 Pro
    • OPPO Find X8
    • OPPO Reno16 Pro 5G
    • OPPO Reno16 5G
    • OPPO Reno16c 5G
    • OPPO Reno16 FS 5G
    • OPPO Reno16 F 5G

    नवंबर 2026

    नवंबर में पुराने फ्लैगशिप, Reno, K और F सीरीज के कई मॉडल अपडेट शेड्यूल में शामिल हैं।

    Find सीरीज:

    • OPPO Find N3
    • OPPO Find N3 Flip

    Reno15 सीरीज:

    • OPPO Reno15 Pro Max 5G
    • OPPO Reno15 Pro 5G
    • OPPO Reno15 Pro Mini 5G
    • OPPO Reno15 5G
    • OPPO Reno15 FS 5G
    • OPPO Reno15 F 5G
    • OPPO Reno15c 5G
    • OPPO Reno15 A

    Reno14 सीरीज:

    • OPPO Reno14 Pro 5G
    • OPPO Reno14 5G
    • OPPO Reno14 5G Diwali Edition
    • OPPO Reno14 FS 5G
    • OPPO Reno14 F 5G
    • OPPO Reno14 F Dark Side Limited Edition

    K और F सीरीज:

    • OPPO K14x 5G
    • OPPO K14 5G
    • OPPO K13x 5G
    • OPPO F33 5G
    • OPPO F31 5G
    • OPPO F29 5G

    दिसंबर 2026

    दिसंबर के निर्धारित चरण में Reno13 और K13 सीरीज के साथ OPPO के कई टैबलेट शामिल हैं।

    Reno13 सीरीज:

    • OPPO Reno13 Pro 5G
    • OPPO Reno13 5G
    • OPPO Reno13 FS 5G
    • OPPO Reno13 A
    • OPPO Reno13 F 5G
    • OPPO Reno13 F

    K13 सीरीज:

    • OPPO K13 Turbo Pro 5G
    • OPPO K13 Turbo 5G
    • OPPO K13 5G

    टैबलेट:

    • OPPO Pad 5
    • OPPO Pad 5 Matte Display Edition
    • OPPO Pad 3 Pro
    • OPPO Pad 3
    • OPPO Pad 3 Matte Display Edition

    जनवरी से मार्च 2027 के बीच

    2027 की पहली तिमाही के लिए निर्धारित सूची में ये डिवाइस शामिल हैं:

    • OPPO Find N2 Flip
    • OPPO Reno12 Pro 5G
    • OPPO Reno12 Pro 5G Manish Malhotra Limited Edition
    • OPPO Reno12 5G
    • OPPO F33 Pro 5G
    • OPPO F31 Pro+ 5G
    • OPPO F31 Pro 5G
    • OPPO F29 Pro 5G
    • OPPO Pad SE
    • OPPO Pad SE Matte Display Edition

    यहां ध्यान देने वाली बात है कि पहली तिमाही का मतलब जनवरी से मार्च 2027 तक की अवधि है। हर मॉडल को इसी अवधि के किस दिन अपडेट मिलेगा, इसकी अलग तारीख इस सूची में नहीं दी गई है।

    भारत में ColorOS 17 कब मिलेगा?

    नए OPPO Find X10 सीरीज के साथ ColorOS 17 का डेब्यू 22 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। वहीं, पुराने स्मार्टफोन्स के लिए अपडेट अलग-अलग चरणों में जारी होगा।

    किसी मॉडल का ग्लोबल शेड्यूल में शामिल होना अपने आप यह साबित नहीं करता कि भारत में हर यूनिट को उसी दिन अपडेट मिल जाएगा। क्षेत्र, मॉडल वेरिएंट और सॉफ्टवेयर बिल्ड के अनुसार उपलब्धता अलग हो सकती है। इसलिए अपने फोन के लिए भारत की आधिकारिक सूची और डिवाइस पर मिलने वाले OTA नोटिफिकेशन को प्राथमिकता दें।

    अपने OPPO फोन में अपडेट कैसे चेक करें?

    अगर आपका फोन ऊपर दी गई सूची में शामिल है, तो अपडेट उपलब्ध होने पर उसे सेटिंग्स से चेक कर सकते हैं।

    1. फोन की Settings खोलें।
    2. About device या Software update सेक्शन में जाएं।
    3. उपलब्ध अपडेट को चेक करें।
    4. अपडेट मिलने पर इंस्टॉल करने से पहले जरूरी डेटा का बैकअप लें और पर्याप्त बैटरी या चार्जिंग की व्यवस्था रखें।

    अगर अपडेट अभी नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि आपका फोन अपात्र है। चरणबद्ध OTA रोलआउट के दौरान पात्र डिवाइसों तक अपडेट अलग-अलग समय पर पहुंच सकता है।

    क्या पुराने OPPO फोन को भी ColorOS 17 मिलेगा?

    पुराने फोन के लिए पात्रता केवल सीरीज के नाम से तय नहीं करनी चाहिए। उदाहरण के लिए, Reno12 सीरीज के कुछ मॉडल और Find N2 Flip अपडेट शेड्यूल में शामिल हैं, जबकि किसी दूसरे पुराने मॉडल के लिए यही बात स्वतः लागू नहीं होती।

    इसी वजह से फोन का पूरा मॉडल नाम जांचना जरूरी है। ऊपर दी गई सूची में शामिल न होने वाले किसी मॉडल को केवल इस आधार पर ColorOS 17 मिलने की पुष्टि नहीं मानी जा सकती कि वह OPPO का स्मार्टफोन है।

    ColorOS 17 का अपडेट खास तौर पर AI सुविधाओं, नए इंटरफेस और सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से जुड़े डिजिटल कामों पर फोकस करता है। भारतीय यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपने फोन की पात्रता और अपडेट की वास्तविक उपलब्धता की पुष्टि करें। AI सुविधाओं का पूरा अनुभव भी डिवाइस, क्षेत्र और संबंधित सेवाओं के सपोर्ट के अनुसार अलग हो सकता है।

  • चोरी के मोबाइल अपराधियों के लिए बेकार होंगे? UK पुलिस का बड़ा एक्शन

    चोरी के मोबाइल अपराधियों के लिए बेकार होंगे? UK पुलिस का बड़ा एक्शन

    UK में Operation Reckoning के तहत 700 से ज्यादा मोबाइल दुकानों पर कार्रवाई हुई। पुलिस ने चोरी के फोन रोकने के लिए Apple, Google और Samsung से मदद मांगी है।

    United Kingdom: UK में चोरी के मोबाइल फोन के खिलाफ अब सिर्फ चोरों को पकड़ने पर नहीं, बल्कि चोरी के फोन की पूरी resale chain को खत्म करने पर फोकस किया जा रहा है। Operation Reckoning के तहत सितंबर में England और Wales की 17 पुलिस फोर्सेज ने second-hand mobile phone market को target किया। इस दौरान 700 से ज्यादा दुकानों पर visits की गईं, जबकि Metropolitan Police की कार्रवाई में 705 arrests और 281 suspected stolen phones बरामद किए गए।

    पुलिस अब mobile phone manufacturers से ऐसी technology अपनाने की मांग कर रही है, जिससे चोरी के बाद किसी फोन को reset, activate या दोबारा बेच पाना बेहद मुश्किल हो जाए। इसका सीधा मकसद चोरी के मोबाइल की resale value खत्म करना है, ताकि अपराधियों के लिए फोन चोरी करने से कुछ भी फायदा हासिल न हो।

    चोरी के फोन का पूरा नेटवर्क निशाने पर

    मोबाइल चोरी केवल सड़क पर फोन छीनने तक सीमित नहीं है। चोरी किए गए फोन robbery, burglary, pickpocketing और delivery networks से चोरी के बाद handlers, second-hand market और international export networks तक पहुंच रहा है।

    इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान second-hand retailers को ID checks, IMEI verification और खरीदारी के proper records रखने की सलाह दी गई। संदिग्ध फोन या संदिग्ध activity की जानकारी पुलिस को देने के लिए भी retailers को कहा गया।

    Metropolitan Police की कार्रवाई में 51 warrants execute किए गए और 281 suspected stolen mobile phones recover हुए। कार्रवाई के दौरान cash, drugs, illegal e-bikes, counterfeit सामान और tobacco भी बरामद किया गया।

    40 हजार चोरी के फोन China तक पहुंचाने वाला नेटवर्क

    चोरी के मोबाइल के international कारोबार का बड़ा उदाहरण London से सामने आए एक organised network का है। जांच में करीब 40,000 stolen phones को UK से China भेजे जाने की कड़ी सामने आई थी।

    इस नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को कुल 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई। जांच के दौरान 5,000 से ज्यादा फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब £5.5 million बताई गई। इससे साफ होता है कि चोरी का मोबाइल सिर्फ local resale का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे international organised crime network भी काम कर रहा है।

    London में मोबाइल चोरी में करीब 19% की कमी

    सख्त कार्रवाई के बीच London में phone theft के आंकड़ों में भी गिरावट दर्ज हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान 39,793 phone theft और robbery cases दर्ज हुए, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 49,136 थी। यानी करीब 9,343 कम मामले दर्ज हुए और गिरावट लगभग 19 प्रतिशत रही।

    अगस्त 2026 तक 12 महीने की अवधि में भी London में street phone theft पिछले साल की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत कम रही।

    हालांकि, मोबाइल चोरी की समस्या खत्म नहीं हुई है। पुलिस का फोकस अब चोरी के बाद फोन की पहचान, blocking और resale को मुश्किल बनाने पर है।

    Apple, Google और Samsung से बदलाव की मांग

    मोबाइल चोरी रोकने की strategy में manufacturers की भूमिका तेजी से महत्वपूर्ण हो रही है। पुलिस Apple, Google और Samsung से ऐसी security व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रही है, जिससे चोरी हुआ फोन दोबारा इस्तेमाल करना आसान न रहे।

    Apple के साथ stolen-device identifiers को लेकर intelligence sharing शुरू की गई है। इससे चोरी के फोन दोबारा activate या network पर दिखाई देने पर उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है। Samsung और Google की ओर से भी security changes पर काम किया जा रहा है।

    पुलिस visible IMEI जैसी व्यवस्था पर भी जोर दे रही है, ताकि चोरी के फोन की पहचान और verification को आसान बनाया जा सके।

    IMEI नंबर क्यों जरूरी है?

    IMEI मोबाइल की unique 15-digit पहचान संख्या होती है। फोन चोरी होने की स्थिति में यह नंबर device को identify और block कराने में मदद कर सकता है।

    अपना IMEI नंबर *#06# dial करके, phone settings में या original box पर देखा जा सकता है। इसे सुरक्षित जगह पर लिखकर रखना जरूरी है, क्योंकि फोन चोरी होने के बाद यही जानकारी पुलिस और network provider के लिए उपयोगी हो सकती है।

    Second-hand phone खरीदने वालों के लिए भी IMEI verification महत्वपूर्ण है। बहुत सस्ता या संदिग्ध source से मिला फोन खरीदने से पहले उसकी device identity और ownership की जांच करना जरूरी है।

    फोन secure होने पर criminals का नया तरीका

    चोरी के मोबाइल को reset और reuse करना मुश्किल होने के साथ अपराधियों का तरीका भी बदल रहा है। अब चोरी के बाद victim को social engineering के जरिए target करने का खतरा बढ़ रहा है।

    अपराधी दूसरे device या किसी trusted organisation का नाम इस्तेमाल करके victim से password, account details या दूसरी sensitive information हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ मामलों में धमकी या दबाव का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    इसलिए फोन चोरी होने के बाद खतरा सिर्फ handset की कीमत तक सीमित नहीं रहता। Banking apps, email, social media accounts, personal documents और दूसरे financial accounts भी risk में आ सकते हैं।

    फोन चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

    फोन चोरी होने पर सबसे पहले mobile network provider को जानकारी देकर SIM और device को block कराने की कोशिश करनी चाहिए। फोन में remote lock या Lost Mode उपलब्ध है तो उसे तुरंत activate करना चाहिए।

    Bank और financial service providers को भी सूचना देना जरूरी है। इसके बाद महत्वपूर्ण passwords बदलने चाहिए और अपने accounts में किसी suspicious activity की जांच करनी चाहिए। पुलिस को complaint देते समय IMEI number उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।

    Emergency की स्थिति में 999 और non-emergency crime या suspicious activity के लिए 101 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अब अगला फोकस क्या होगा?

    मोबाइल चोरी के खिलाफ यह कार्रवाई अब street-level arrests से आगे बढ़कर पूरे stolen-device market को target कर रही है। Police, second-hand retailers, technology companies और अन्य partners के बीच information sharing को मजबूत करना इसका अहम हिस्सा है।

    2026 के Crime and Policing Act के तहत electronically tracked stolen goods से जुड़े कुछ मामलों में police powers को भी मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों में कार्रवाई को तेज करना है, जहां चोरी के सामान को जल्दी हटाए जाने या छिपाए जाने का खतरा हो।

    आगे की चुनौती यह होगी कि चोरी किए गए फोन को सिर्फ UK में नहीं, बल्कि international resale market में भी बेकार बनाया जाए। अगर stolen device की reset, reactivation और resale value लगातार घटती है, तो पुलिस की रणनीति का सबसे बड़ा लक्ष्य पूरा हो सकता है—मोबाइल चोरी को अपराधियों के लिए कम फायदे वाला बनाना।

  • OnePlus 16 की 9000mAh बैटरी कन्फर्म, 1700mAh ज्यादा; 12 अक्टूबर को लॉन्च

    OnePlus 16 की 9000mAh बैटरी कन्फर्म, 1700mAh ज्यादा; 12 अक्टूबर को लॉन्च

    OnePlus 16 में 9000mAh बैटरी कन्फर्म हुई है। फोन 12 अक्टूबर को चीन में लॉन्च होगा, 165Hz डिस्प्ले और 185fps गेमिंग भी मिलेगी।

    OnePlus 16 को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कंपनी ने फोन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक की पुष्टि कर दी है। OnePlus 16 में 9000mAh की बैटरी मिलेगी। OnePlus China के अध्यक्ष Li Jie Louis ने इसकी जानकारी दी है। नया फोन 12 अक्टूबर 2026 को चीन में लॉन्च किया जाएगा।

    OnePlus 15 के मुकाबले बैटरी में बड़ा अपग्रेड

    OnePlus 15 में 7300mAh की ड्यूल-सेल बैटरी दी गई थी और कंपनी ने इसमें 120W SUPERVOOC तथा 50W AIRVOOC चार्जिंग दी थी। OnePlus 16 की 9000mAh क्षमता पिछले मॉडल के मुकाबले 1700mAh ज्यादा है, यानी बैटरी क्षमता में करीब 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

    इसका मतलब यह है कि OnePlus ने नए फ्लैगशिप में सिर्फ प्रोसेसर और कैमरा पर फोकस नहीं किया है, बल्कि लंबे इस्तेमाल के लिए बैटरी क्षमता को भी काफी बढ़ाया है।

    9000mAh और 8780mAh में क्या फर्क है?

    OnePlus 16 की बैटरी को लेकर सामने आई तकनीकी जानकारी में 9000mAh को सामान्य क्षमता और 8780mAh को रेटेड क्षमता के तौर पर बताया गया है। फोन में ड्यूल-सेल बैटरी इस्तेमाल होने की जानकारी भी सामने आई है।

    इसलिए 9000mAh का आंकड़ा और 8780mAh का रेटेड आंकड़ा एक-दूसरे के विरोध में नहीं हैं। बैटरी की सामान्य और रेटेड क्षमता अलग-अलग तरीके से दर्ज की जा सकती है।

    चार्जिंग को लेकर भी बड़ा बदलाव

    OnePlus 16 की बैटरी बड़ी होने के साथ चार्जिंग को लेकर भी ध्यान देने वाली बात सामने आई है। प्रमाणन से जुड़ी जानकारी में 100W वायर्ड चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट सामने आया है।

    यहां OnePlus 15 से सीधी तुलना दिलचस्प हो जाती है। पिछले मॉडल में 7300mAh बैटरी के साथ 120W वायर्ड चार्जिंग थी। नए मॉडल में बैटरी 9000mAh हो रही है, जबकि 100W वायर्ड चार्जिंग की जानकारी सामने आई है।

    हालांकि सिर्फ चार्जिंग वाट कम होने से यह कहना सही नहीं होगा कि OnePlus 16 धीरे चार्ज होगा। असली चार्जिंग टाइम बैटरी के आकार, चार्जिंग कर्व और तापमान नियंत्रण पर भी निर्भर करेगा।

    क्या 9000mAh बैटरी दो-तीन दिन चलेगी?

    9000mAh की बैटरी निश्चित तौर पर बड़े बैकअप की उम्मीद जगाती है, लेकिन अभी यह कहना सही नहीं होगा कि OnePlus 16 सामान्य इस्तेमाल में दो या तीन दिन चलेगा। वास्तविक बैटरी बैकअप स्क्रीन ब्राइटनेस, 5G, गेमिंग, कैमरा, नेटवर्क और प्रोसेसर के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।

    खास बात यह है कि फोन में हाई-रिफ्रेश-रेट डिस्प्ले और गेमिंग के लिए काफी पावरफुल हार्डवेयर दिया जा रहा है। इसलिए 9000mAh की क्षमता का असली फायदा स्वतंत्र बैटरी टेस्ट के बाद ही साफ होगा।

    गेमिंग के लिए 165Hz और 185fps का फोकस

    OnePlus 16 में 165Hz का सिस्टम-वाइड रिफ्रेश रेट और गेमिंग के दौरान 185Hz तक रिफ्रेश रेट का सपोर्ट दिया जा रहा है। कंपनी ने चुनिंदा गेम्स में 185fps गेमिंग का भी ऐलान किया है।

    इसके लिए फोन में नई Fengchi Gaming Kernel तकनीक और कंपनी की खुद की तीन गेमिंग चिप्स वाली व्यवस्था दी गई है। इसमें नेटवर्क, टच और डिस्प्ले प्रोसेसिंग को बेहतर करने पर फोकस किया गया है। कंपनी का दावा है कि इससे गेमिंग के दौरान नेटवर्क लेटेंसी, टच रिस्पॉन्स और विजुअल अनुभव बेहतर होगा।

    OnePlus 16 में Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6

    फोन में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 मोबाइल प्लेटफॉर्म दिया जाएगा। Qualcomm के मुताबिक यह उसका सबसे पावरफुल मौजूदा मोबाइल प्लेटफॉर्म है और इसमें AI, गेमिंग, कैमरा और कनेक्टिविटी के लिए नए फीचर्स दिए गए हैं।

    इस चिप में 5GHz तक की Oryon CPU क्लॉक, नया Adreno GPU और AI आधारित ग्राफिक्स प्रोसेसिंग जैसी तकनीकें हैं। Qualcomm ने पावर एफिशिएंसी और लंबे गेमिंग सेशन पर भी जोर दिया है।

    200MP कैमरा भी बड़ा अपग्रेड

    OnePlus 16 में 200MP का मुख्य कैमरा दिया जाएगा। इसके साथ 50MP टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा होने की जानकारी सामने आई है। 200MP मुख्य कैमरे के साथ फोन में Lumo कलर तकनीक और Open Gate जैसे कैमरा फीचर्स भी दिए जाने की जानकारी है।

    यह OnePlus 15 के कैमरा सेटअप से बड़ा बदलाव होगा, जिसमें 50MP मुख्य, 50MP टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा दिया गया था।

    नेविगेशन में भी नया फीचर

    OnePlus 16 में पहली बार ट्रिपल-फ्रीक्वेंसी GPS और फोर-फ्रीक्वेंसी BeiDou सपोर्ट दिए जाने की घोषणा की गई है। इसका मकसद लोकेशन पकड़ने की स्पीड और नेविगेशन की सटीकता को बेहतर करना है।

    भारत में कब आएगा OnePlus 16?

    फिलहाल 12 अक्टूबर का लॉन्च चीन के लिए है। भारत में OnePlus 16 की लॉन्च तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। भारत में रेगुलर OnePlus 16 आएगा या कंपनी किसी दूसरे मॉडल को यहां पेश करेगी, इसे लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है।

    इसलिए भारत की कीमत को लेकर ऑनलाइन सामने आ रहे अलग-अलग आंकड़ों को अभी आधिकारिक कीमत नहीं माना जा सकता।

    OnePlus 16 में फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान 9000mAh बैटरी, 185Hz गेमिंग, 200MP कैमरा और Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 पर है। 12 अक्टूबर को चीन में लॉन्च के बाद इसकी कीमत, सभी वेरिएंट, चार्जिंग स्पीड और भारत में उपलब्धता को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।