Category: Public Safety

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  • Arabian Shawarma Cafe समेत 4 प्रतिष्ठानों पर FDA शिकंजा, कांदिवली में ₹25,195 के खाद्य पदार्थ जब्त

    Arabian Shawarma Cafe समेत 4 प्रतिष्ठानों पर FDA शिकंजा, कांदिवली में ₹25,195 के खाद्य पदार्थ जब्त

    मुंबई में FDA ने खाद्य सुरक्षा और Hygiene Violations पर कार्रवाई की। जानें बोरिवली, महिम और कांदिवली के प्रतिष्ठानों के नाम, खामियां और पूरी जानकारी।

    मुंबई: खाद्य सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने मुंबई में बड़ी कार्रवाई की है। बोरिवली के Arabian Shawarma Cafe and Fast Food समेत चार खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। निरीक्षण में किचन और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई में कमी, जंग लगे बर्तन और लौटाए गए पाव को ताजा स्टॉक में मिलाने जैसी खामियां सामने आईं। इसी अभियान के दौरान कांदिवली में ₹25,195 के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि पूरे महाराष्ट्र में जब्त खाद्य स्टॉक का मूल्य करीब ₹3.11 करोड़ बताया गया है।

    बोरिवली और महिम के किन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई?

    FDA की कार्रवाई में इन चार प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं:

    • Arabian Shawarma Cafe and Fast Food, बोरिवली
    • Nath Fast Food, महिम
    • NAIR ON FIRE Cloud Kitchen, महिम
    • Bikaner Sweets and Namkin

    इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई। Bikaner Sweets and Namkin को अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण कारोबार बंद करने का नोटिस दिए जाने की जानकारी है।

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    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंदे किचन और ड्रेनेज सिस्टम, जंग लगे रैक और बर्तनों, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्रों की कमी तथा खाद्य पदार्थों में अनधिकृत रंगों के इस्तेमाल जैसी समस्याएं दर्ज कीं। कुछ जगहों पर तापमान से जुड़े रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए।लौटाए गए पाव को ताजा पाव के साथ मिलाने का मामला भी सामने आया।

    कांदिवली में ₹25,195 के खाद्य पदार्थ जब्त

    FDA ने 15 अक्टूबर को कांदिवली ईस्ट और वेस्ट के दो प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। कार्रवाई में नमकीन, वेफर्स और मिठाइयां जब्त की गईं। कुछ उत्पादों में रंगों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई।

    प्रतिष्ठानजब्त खाद्य पदार्थमूल्य
    Shree Sadguru Foods, कांदिवली ईस्टस्पाइसी पोटैटो वेफर्स, बनाना वेफर्स, गार्लिक सेव, पीनट भुजिया और शेजवान स्टिक्स₹22,045
    Shree Ganesh Farsan and Sweet Mart, कांदिवली वेस्टजलेबी और महाराजा हलवा₹3,150
    कुलदोनों प्रतिष्ठानों के उत्पाद₹25,195

    Shree Ganesh Farsan and Sweet Mart से जब्त जलेबी और महाराजा हलवा को मौके पर नष्ट किए जाने की जानकारी है। अन्य उत्पादों के संबंध में अंतिम प्रयोगशाला निष्कर्ष उपलब्ध होने पर ही उनके सुरक्षित या असुरक्षित होने के बारे में निर्णायक दावा किया जा सकता है।

    महाराष्ट्र में ₹3.11 करोड़ का खाद्य स्टॉक जब्त

    15 से 21 अक्टूबर के बीच चले राज्यव्यापी अभियान में FDA ने करीब ₹3.11 करोड़ मूल्य के खाद्य उत्पाद और प्रतिबंधित सामान जब्त किए। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार, इसमें 32,061 लीटर खाद्य तेल और 37,128 किलोग्राम अन्य खाद्य उत्पाद शामिल थे। कार्रवाई का उद्देश्य मिलावट, गलत लेबलिंग, खराब भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना था।

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    भिवंडी में ₹1.27 करोड़ का तेल और चाय जब्त

    ठाणे जिले के भिवंडी स्थित Viraj Enterprises से 11,779 लीटर खाद्य तेल और 2,850 किलोग्राम चाय जब्त की गई। जब्त स्टॉक का कुल मूल्य ₹1,27,35,061 बताया गया है।

    इस मामले में Jivo ब्रांड के एक लीटर Pomace Olive Oil पैक का नमूना प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। जांच में उत्पाद को जैतून के तेल के बजाय मूंगफली का तेल पाया गया। यह उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक पहचान और लेबलिंग के बारे में गुमराह करने से जुड़ा गंभीर मामला है।

    पुणे में पनीर, खोया और खाद्य तेल पर कार्रवाई

    पुणे के बावधन, कसबा पेठ और बिबवेवाड़ी क्षेत्रों से 9,000 किलोग्राम पनीर और 440 किलोग्राम खोया जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन उत्पादों के परिवहन और भंडारण के दौरान उचित तापमान नियंत्रण नहीं होने की आशंका थी।

    इसके अलावा Market Yard स्थित 3D Masale & Dryfruits से 77.75 किलोग्राम चाय और फ्लेवर्ड ड्रिंक कॉन्सन्ट्रेट तथा Paud Road के Chandni Chowk क्षेत्र में Suryam Enterprises से 9,888 लीटर खाद्य तेल जब्त किया गया।

    परभणी, छत्रपति संभाजीनगर और धाराशिव में भी कार्रवाई

    छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में लगभग 33,940 किलोग्राम खाद्य स्टॉक, जिसकी कीमत ₹87.52 लाख बताई गई, जब्त किया गया। इसमें खाद्य तेल, सेव-फरसाण, खोया, पेड़ा, कलाकंद, घी और बेकरी उत्पाद शामिल थे।

    परभणी जिले के जिंतूर में Mayur Agencies से 3,570 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन, सनफ्लावर और पाम ऑयल, Atharv Agencies से 3,783 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और Varad Oil Industries से 1,963 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन ऑयल जब्त किया गया। परभणी के Moti Namkeen Pvt Ltd से 22,550 किलोग्राम सेव-फरसाण मिश्रण भी जब्त किया गया। इन चारों प्रतिष्ठानों से जब्त स्टॉक का कुल मूल्य ₹81,71,105 बताया गया है।

    धाराशिव जिले के भूम तालुका में Shivshankar Khoa Pedha Udyog and Vikri से 249 किलोग्राम खोया जब्त किया गया। तुलजापुर में Jagdamb Khoa Bhatti से 100 किलोग्राम और Kulswamini Khoa Bhatti से 37 किलोग्राम खोया जब्त किया गया। तुलजापुर में खोया और पेड़ा से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों से भी उत्पाद जब्त किए गए।

    सिंधुदुर्ग, वैजापुर और सिल्लोड में मिठाइयों व बेकरी उत्पादों पर कार्रवाई

    18 अक्टूबर को सिंधुदुर्ग के Kudaleshwar क्षेत्र में Nilesh Pedhewale से 36 किलोग्राम कलाकंद जब्त किया गया। तुलजापुर में Mhaswad Sweets से 48 किलोग्राम और Mahalaxmi Sweets से 80 किलोग्राम कलाकंद जब्त किए जाने की जानकारी है।

    19 अक्टूबर को वैजापुर के Shastrinagar, Phulewadi Road स्थित Siddhivinayak Traders से 343 किलोग्राम गाय का घी जब्त किया गया। सिल्लोड की Zainuddin Colony स्थित New Bharat Bakery से टोस्ट, स्पेशल टोस्ट और पिस्ता रोस्ट समेत 1,013 किलोग्राम बेकरी उत्पाद जब्त किए गए।

    नागपुर और अहिल्यानगर में खाद्य पदार्थों की जांच

    नागपुर के New Subhedar Layout, Hudkeshwar Road स्थित Chandrabhaga Traders से 1,078.40 लीटर रिफाइंड सोयाबीन ऑयल जब्त किया गया। अधिकारियों ने इसे अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे जाने और गुणवत्ता संबंधी आशंकाओं के आधार पर कार्रवाई की। चंद्रपुर जिले के Jayant Sweet Mart से भी 49 किलोग्राम खोया जब्त किया गया।

    अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा तालुका में Pedgaon स्थित Chaitanya Kirana Hardware से Sunrise ब्रांड का 87 किलोग्राम भगर, यानी barnyard millet, जब्त किया गया। इस उत्पाद को लेकर मिलावट और गुणवत्ता संबंधी आशंका जताई गई।

    प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू पर भी कार्रवाई

    मुंबई के साकीनाका में FDA ने प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू का ₹7,06,800 मूल्य का स्टॉक जब्त किया। इससे जुड़े Tata Intra V10 टेम्पो का मूल्य ₹3 लाख बताया गया है। मामले में Uday Sundar Yadav के खिलाफ MIDC पुलिस स्टेशन में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी है।

    जालना जिले में भी प्रतिबंधित उत्पादों की बड़ी खेप पकड़ी गई। मुंबई FDA Vigilance विभाग से मिली सूचना के बाद पुलिस की मदद से Chitali Putali Phata के पास एक Eicher वाहन रोका गया। उसमें प्रतिबंधित पान मसाला और सुगंधित तंबाकू मिला, जिसकी कीमत ₹53,25,750 बताई गई। वाहन और अन्य सामान सहित जब्ती का कुल मूल्य लगभग ₹83.35 लाख था।

    खाद्य सुरक्षा को लेकर ग्राहक क्या करें?

    खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के बाद ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे भोजन की स्वच्छता, पैकेजिंग, लेबल और भंडारण पर ध्यान दें। किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसे खाने से बचें और संबंधित विभाग को शिकायत दें।

    महाराष्ट्र FDA की शिकायत हेल्पलाइन 1800 22 2365 और ऑनलाइन पोर्टल complaints.mahafda.in पर शिकायत दर्ज किया जा सकता है। शिकायत के साथ दुकान का नाम, पता, खरीदारी की तारीख, बिल और उपलब्ध फोटो जैसे प्रमाण देना उपयोगी हो सकता है।

    फिलहाल चार मुंबई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन और Bikaner Sweets and Namkin को बंद करने के नोटिस की कार्रवाई सामने आई है। इन प्रतिष्ठानों की मौजूदा स्थिति, सुधारात्मक कदम और लाइसेंस बहाली के संबंध में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित नया आदेश उपलब्ध नहीं है। आगे की स्थिति संबंधित FDA आदेशों और निरीक्षण अपडेट से स्पष्ट होगी।

  • मुंबई फायर ब्रिगेड के 101 नंबर के अलावा 5 नए मोबाइल नंबर जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट

    मुंबई फायर ब्रिगेड के 101 नंबर के अलावा 5 नए मोबाइल नंबर जारी, यहां देखें पूरी लिस्ट

    मुंबई में आग, इमारत गिरने और हादसों के दौरान मदद के लिए फायर ब्रिगेड ने 101 के अलावा 5 वैकल्पिक मोबाइल नंबर जारी किए हैं।

    मुंबई: मुंबई में आग लगने, इमारत गिरने, सड़क हादसे या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए अब नागरिकों के पास फायर ब्रिगेड से संपर्क करने के पांच अतिरिक्त मोबाइल नंबर होंगे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 101 आपातकालीन नंबर के अलावा पांच वैकल्पिक नंबर जारी किए हैं। इसका मकसद अगर तकनीकी खराबी के कारण मुख्य नंबर की सेवा बाधित होती है तब पर भी लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना है।

    इन नंबरों पर आग लगने, इमारत गिरने, पेड़ उखड़ने, समुद्र या तालाब में किसी के डूबने और अन्य दुर्घटनाओं के दौरान फायर ब्रिगेड से संपर्क किया जा सकता है।

    फायर ब्रिगेड के पांच नए नंबर

    मुंबई में आपातकालीन स्थिति के दौरान 101 नंबर पर संपर्क करने में परेशानी होने पर नागरिक इन वैकल्पिक मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    • 9076333101
    • 9076333102
    • 9076333103
    • 9076333104
    • 9076333105

    इन नंबरों को जारी करने का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं में संपर्क की परेशानी को कम करना और दुर्घटना के समय मदद पहुंचाने में होने वाली देरी को रोकना है।

    101 नंबर की सेवा में क्यों आ सकती है परेशानी?

    मुंबई फायर ब्रिगेड का 101 आपातकालीन नंबर महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। इस सेवा में बार-बार तकनीकी खराबी आने और मरम्मत के लिए कर्मचारियों की कमी के कारण कभी-कभी फोन सेवा बाधित होने की आशंका रहती है।

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    ऐसी स्थिति में आग या किसी बड़ी दुर्घटना के समय नागरिकों को फायर ब्रिगेड से संपर्क करने में परेशानी हो सकती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पांच वैकल्पिक मोबाइल नंबर शुरू किए गए हैं, ताकि मुख्य नंबर पर सेवा उपलब्ध नहीं होने पर भी नागरिक दूसरे नंबरों के जरिए मदद मांग सकें।

    हर साल आते हैं 15 हजार से ज्यादा आपातकालीन फोन

    मुंबई फायर ब्रिगेड के मुख्य नियंत्रण कक्ष में हर साल 15 हजार से ज्यादा आपातकालीन फोन आते हैं। फायर ब्रिगेड का काम केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं है। इमारत गिरने, वाहन दुर्घटना, पशु-पक्षियों के फंसने, समुद्र या तालाब में लोगों के डूबने, पेड़ गिरने और सड़क पर तेल फैलने जैसी घटनाओं में भी टीम मदद के लिए पहुंचती है।

    ऐसे मामलों में समय पर सूचना मिलना बेहद जरूरी होता है। खासकर आग लगने या इमारत गिरने जैसी घटनाओं में संपर्क व्यवस्था बाधित होने से राहत और बचाव कार्य में देरी हो सकती है।

    मुंबई में 35 फायर स्टेशन और 22 त्वरित प्रतिक्रिया वाहन

    बीएमसी की सीमा में लोगों की जान और संपत्ति को आग तथा अन्य आपदाओं से बचाने की जिम्मेदारी मुंबई फायर ब्रिगेड के पास है। फिलहाल शहर में 35 फायर स्टेशन और 19 छोटे फायर स्टेशन काम कर रहे हैं।

    इसके अलावा भायखला में मुख्य नियंत्रण कक्ष है। भायखला, वडाला, मरोळ, बोरीवली, मानखुर्द और विक्रोली में छह क्षेत्रीय कमान केंद्र बनाए गए हैं। आपातकालीन घटनाओं में तेजी से पहुंचने के लिए 22 त्वरित प्रतिक्रिया वाहन भी तैनात हैं।

    बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि आग या अन्य आपातकालीन घटना होने पर तुरंत फायर ब्रिगेड से संपर्क करें। यदि 101 नंबर पर फोन नहीं लग रहा है या सेवा में परेशानी आ रही है, तो जारी किए गए पांच वैकल्पिक मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करें।

  • मुंबई साकीनाका गोदाम में लगी आग: 2 की मौत, 4 झुलसे; 70 स्ट्रक्चर प्रभावित

    मुंबई साकीनाका गोदाम में लगी आग: 2 की मौत, 4 झुलसे; 70 स्ट्रक्चर प्रभावित

    मुंबई के साकीनाका में स्क्रैप गोदाम की आग में 2 लोगों की मौत, 4 घायल हुए। 60–70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों पर असर, जांच जारी।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के साकीनाका में स्क्रैप गोदाम में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य झुलस गए। आग 20 अक्टूबर की शाम खैरानी रोड स्थित अब्दुल राशिद कंपाउंड में लगी थी और इसे बुझाने में छह घंटे से ज्यादा समय लगा। इस घटना में 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान और आग लगने के कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मुंबई फायर ब्रिगेड को मंगलवार शाम 6:18 बजे आग लगने की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आग को लेवल-II घोषित किया गया। दमकलकर्मियों ने देर रात तक आग बुझाने का अभियान चलाया और बुधवार, 21 अक्टूबर को रात करीब 12:30 बजे आग पर काबू पाया गया।

    एयरोसोल कंटेनर वाले हिस्से से मिले दो शव

    आग बुझाने के बाद घटनास्थल के उस हिस्से से दो जले हुए शव बरामद किए गए, जहां एयरोसोल कंटेनर रखे हुए थे। दोनों मृतकों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेजा गया।

    एयरोसोल कंटेनर की मौजूदगी के कारण गोदाम में रखी सामग्री और उसकी स्टोरेज व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि आग इन्हीं कंटेनरों के कारण लगी या आग फैलने में उनकी कोई भूमिका थी।

    चार घायलों में एक की हालत क्रिटिकल

    इस घटना में झुलसे चार लोगों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान और उनकी चोटों का विवरण इस प्रकार है:

    • तौफीक शादिल कुरैशी, उम्र 20 वर्ष: लगभग 80 प्रतिशत जलने के कारण हालत क्रिटिकल बताई गई।
    • जाहिद अबिदुल्ला कुरैशी, उम्र 20 वर्ष: लगभग 40 प्रतिशत जलने के कारण हालत गंभीर।
    • कमाल जलालुद्दीन शाह, उम्र 47 वर्ष: लगभग 40 प्रतिशत जलने के कारण हालत गंभीर।
    • लालचंद रामलखन गौतम, उम्र 40 वर्ष: लगभग 10 प्रतिशत जलने के कारण हालत स्थिर और निगरानी में।

    60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों पर असर

    आग का असर केवल स्क्रैप गोदाम तक सीमित नहीं रहा। करीब 60 से 70 व्यावसायिक इकाइयों और चॉलों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित सामान में स्क्रैप सामग्री, कपड़ों का स्टॉक, प्लास्टिक ग्रैन्यूल, लकड़ी का फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, एयरोसोल कंटेनर, LPG सिलेंडर और मशीनरी शामिल हैं। दोपहिया वाहन और एक टेम्पो भी क्षतिग्रस्त हुए।

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    गोदाम का आकार लगभग 16,000 वर्गफुट बताया गया है, जबकि आग से प्रभावित क्षेत्र का अनुमान करीब 4,000 वर्गफुट दिया गया।

    प्रभावित कारोबारियों को कितने रुपये का नुकसान हुआ, कितनी दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं और कितने परिवारों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह जाना पड़ा, इसका स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद ही आर्थिक प्रभाव की सही तस्वीर सामने आएगी।

    स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की

    आग लगने के दौरान स्थानीय लोगों ने भी बचाव में मदद की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले कुछ लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में सहायता की और उन्हें निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।

    आग कैसे लगी? जांच में क्या सामने आया

    आग लगने का कारण और उसके शुरू होने की सही जगह अभी निर्धारित नहीं हुई है। पुलिस और दमकल विभाग की जांच जारी है।

    जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि परिसर में आग से बचाव के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, भंडारण की व्यवस्था नियमों के अनुरूप थी या नहीं और संबंधित परिसर के निरीक्षण या सुरक्षा रिकॉर्ड में क्या दर्ज है। ये जांच के विषय हैं; अभी किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।

    मृतकों की पहचान, घायलों की ताजा चिकित्सा स्थिति, आग के कारण और संपत्ति के वास्तविक नुकसान पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

  • गोरेगांव में 10 साल की बच्ची ने 18 महीने की मासूम को छठी मंजिल से फेंका, CCTV में कैद

    गोरेगांव में 10 साल की बच्ची ने 18 महीने की मासूम को छठी मंजिल से फेंका, CCTV में कैद

    मुंबई के गोरेगांव पूर्व में 18 महीने की बच्ची की मौत के मामले में CCTV फुटेज, नाबालिग की भूमिका, परिवारों के बीच विवाद और पुलिस जांच की पूरी जानकारी जानें।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व में 18 महीने की बच्ची की मौत के मामले में CCTV फुटेज से एक नाबालिग लड़की की कथित भूमिका सामने आई है। 14 अक्टूबर 2026 की रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई और नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया।

    यह घटना नागरिक निवारा परिसर स्थित शिवशक्ति प्रकल्प नंबर 1 की रिहायशी इमारत में हुई। घटना के बाद परिवार में मातम है और पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    CCTV फुटेज में क्या सामने आया?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची और नाबालिग लड़की एक ही इमारत में आसपास रहते थे। घटना वाले दिन नाबालिग बच्ची के परिवार के घर आई थी। इसी दौरान 18 महीने की बच्ची इमारत की छठी मंजिल के पास से नीचे गिर गई।

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    CCTV फुटेज में नाबालिग लड़की द्वारा बच्ची को उठाकर इमारत के खुले हिस्से से नीचे धकेलने का दृश्य दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना के सटीक घटनाक्रम और नीचे गिरने की जगह को लेकर उपलब्ध विवरणों में अंतर है। इसलिए डक्ट, सीढ़ियों और रेलिंग से जुड़े विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

    बच्ची को गंभीर चोटें आईं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इमारत में रहने वाले लोग सदमे में हैं।

    पुलिस की जांच और अब तक की कार्रवाई

    घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

    नाबालिग को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों, CCTV फुटेज और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।

    परिवारों के बीच पहले विवाद की भी चर्चा

    मृत बच्ची के परिवार की ओर से दोनों परिवारों के बीच पहले बिल्ली को लेकर विवाद होने की बात कही गई है। हालांकि, इस कथित विवाद और बच्ची की मौत के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

    CCTV कैमरे बंद किए जाने या फुटेज मिटाए जाने से संबंधित आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की जांच का अंतिम परिणाम स्पष्ट नहीं है।

    नाबालिग की उम्र पर भी है कानूनी दांवपेच

    इस मामले में नाबालिग की उम्र 10 वर्ष बताई गई है, यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में सात वर्ष से अधिक और बारह वर्ष से कम उम्र के बच्चे की आपराधिक जिम्मेदारी तय करते समय भारतीय न्याय संहिता की धारा 21 के तहत उसकी समझ और परिपक्वता पर विचार किया जाता है। केवल आरोप के आधार पर नाबालिग को दोषी घोषित नहीं किया जा सकता।

    रिहायशी इमारतों की सुरक्षा पर भी उठते हैं सवाल

    इस घटना के बाद इमारतों में खुले डक्ट, सीढ़ियों के किनारे, रेलिंग और बच्चों के खेलने वाले कॉमन एरिया की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, इस मामले में इमारत की सुरक्षा व्यवस्था में किसी आधिकारिक लापरवाही की पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल पुलिस जांच में CCTV फुटेज, घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों के बयानों की अहम भूमिका है। FIR, पोस्टमॉर्टम और बाल कल्याण समिति की आगे की कार्रवाई के बारे में नई आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • मुंबई में BEST बस हादसे में छात्रा की मौत, मां को ₹31.08 लाख मुआवजा

    मुंबई में BEST बस हादसे में छात्रा की मौत, मां को ₹31.08 लाख मुआवजा

    मुंबई के मलाड में BEST बस हादसे में Farheen Rizwi Khan की मौत पर MACT ने मां को ₹31.08 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। जानें गणना और केस की स्थिति।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में BEST बस की टक्कर से 20 वर्षीय बायोटेक्नोलॉजी छात्रा Farheen Rizwi Khan की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने उनकी मां को ₹31,08,700 मुआवजा देने का आदेश दिया है। 9 अक्टूबर 2026 को दिए गए फैसले में ट्रिब्यूनल ने छात्रा की औपचारिक आय का पर्याप्त प्रमाण नहीं होने के बावजूद उनकी शिक्षा, शैक्षणिक प्रदर्शन और भविष्य में कमाई की क्षमता को ध्यान में रखते हुए ₹20,000 मासिक अनुमानित आय तय की।

    आदेश में 7.5% सालाना ब्याज और भुगतान की समयसीमा से संबंधित निर्देश भी दिए गए हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुआवजे की गणना में छात्रा की तत्काल कमाई के साथ भविष्य की संभावित आय को भी शामिल किया गया।

    मालवणी डिपो के पास कैसे हुआ था हादसा?

    यह दुर्घटना 16 सितंबर 2023 को सुबह करीब 7 बजे मलाड वेस्ट में मालवणी डिपो के पास हुई थी। Farheen उस समय पैदल जा रही थीं, जब BEST बस की टक्कर से उनकी मौत हो गई। हादसे में शामिल बस का रजिस्ट्रेशन नंबर MH-01-LA-6908 बताया गया है।

    BEST ने चालक की लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि एक ऑटो-रिक्शा के कारण चालक का ध्यान भटका था। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने चालक की सफाई को पर्याप्त नहीं माना। चालक यह संतोषजनक ढंग से नहीं समझा सका कि मोड़ लेते समय Farheen बस के नीचे कैसे आ गईं। अधिकरण ने केवल बस की धीमी गति को सावधानी बरतने का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना और मृतका को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने वाली BEST की दलील खारिज कर दी।

    छात्रा की कमाई को लेकर मां ने क्या बताया?

    Farheen बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थीं और एक NGO की स्कूल में पढ़ाने का काम भी करती थीं। उनकी मां ने शुरुआत में बताया था कि बेटी हर महीने ₹7,000 कमाती थी। बाद में उन्होंने ट्रिब्यूनल को बताया कि Farheen की मासिक आय ₹15,000 थी और पोस्टग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उनकी कमाई ₹30,000 प्रति माह तक पहुंच सकती थी।

    आय का पूरा औपचारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं होने के बावजूद ट्रिब्यूनल ने उनकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता और पढ़ाई में प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए ₹20,000 मासिक अनुमानित आय निर्धारित की।

    ₹31.08 लाख मुआवजे की गणना कैसे हुई?

    ट्रिब्यूनल ने Farheen की अनुमानित मासिक आय ₹20,000 मानकर सालाना आय ₹2.40 लाख निकाली। इसमें भविष्य की संभावनाओं के लिए 40% यानी ₹96,000 जोड़े गए। इस तरह सालाना आय ₹3.36 लाख हुई।

    इसके बाद व्यक्तिगत खर्च के लिए 50% राशि घटाई गई। परिवार के लिए अनुमानित सालाना योगदान ₹1.68 लाख माना गया। 18 का गुणक लगाने पर आर्थिक निर्भरता के नुकसान की रकम ₹30.24 लाख निकली।

    मुआवजे का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:

    मुआवजे का मदराशि
    आर्थिक निर्भरता का नुकसान₹30,24,000
    संतान की मृत्यु से मां को भावनात्मक क्षति (Filial Consortium)₹48,400
    संपत्ति का नुकसान (Loss of Estate)₹18,150
    अंतिम संस्कार का खर्च₹18,150
    कुल मुआवजा₹31,08,700

    ट्रिब्यूनल ने एम्बुलेंस खर्च देने से इनकार कर दिया क्योंकि इस खर्च के समर्थन में रसीदें पेश नहीं की गई थीं।

    छात्रों की संभावित आय पर अदालतों का रुख

    29 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने S. Mohammed Hakkim v. National Insurance Co. Ltd. मामले में एक इंजीनियरिंग छात्र की मोटर दुर्घटना से जुड़ी अपील पर फैसला दिया था। उस मामले में भी छात्र की अनुमानित मासिक आय ₹20,000 निर्धारित की गई थी और 40% भविष्य की संभावनाओं की वृद्धि तथा 18 का गुणक अपनाया गया था।

    हालांकि, वह मामला गंभीर शारीरिक विकलांगता के कारण आय की क्षति से जुड़ा था, जबकि Farheen का मामला मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाले मुआवजे का है। इसलिए दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं।

    दिल्ली हाई कोर्ट के 14 मई 2026 के Oriental Insurance Co. Ltd. v. Manorama Singh मामले में भी छात्रों की संभावित आय के मूल्यांकन पर विचार किया गया। ये फैसले बताते हैं कि औपचारिक आय का पूरा प्रमाण नहीं होने पर भी अदालतें परिस्थितियों के आधार पर भविष्य की कमाई का अनुमान लगा सकती हैं। हालांकि, हर मामले में आय का निर्धारण उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

    मुआवजे का आदेश और आपराधिक मुकदमा अलग

    यह दावा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत तय किया गया। ऐसे मामलों में ट्रिब्यूनल दुर्घटना और लापरवाही से जुड़े तथ्यों का आकलन संभावनाओं की प्रधानता के आधार पर करता है। आपराधिक मुकदमे में दोष साबित करने का मानक इससे अलग होता है।

    Farheen के मामले में चालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा मजिस्ट्रेट की अदालत में अलग से चल रहा है। BEST के Traffic Department को भी जरूरत के अनुसार आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करना है।

    BEST के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि MACT का आदेश मिलने के बाद Claims Department अपने रिटेनर वकील के साथ उसकी जांच करता है। इसके बाद फाइल Traffic, Legal, Audit और Accounts विभागों से गुजरती है और जरूरत के अनुसार General Manager की मंजूरी ली जाती है। आवश्यक होने पर वकील ट्रिब्यूनल से समय बढ़ाने का अनुरोध भी कर सकता है।

    अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस विशेष मामले की फाइल BEST तक पहुंचने की स्थिति की जानकारी नहीं थी।

    परिवार को फैसले की जानकारी नहीं थी

    Farheen के भाई Sahil ने बताया कि उन्हें MACT के आदेश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना को तीन साल हो चुके हैं और अब उनकी बहन के बारे में पूछताछ क्यों की जा रही है। फैसले की जानकारी दिए जाने और परिवार के मालवणी स्थित घर आने की बात कहे जाने पर उन्होंने बाद में संपर्क करने को कहा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला।

    फिलहाल, BEST ने आदेश के खिलाफ अपील की है या मुआवजे का भुगतान कर दिया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आदेश के अनुसार, निर्धारित शर्तों के तहत 7.5% सालाना ब्याज दावा दाखिल होने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक देय होगा।

  • मालाड बस हादसा: 35 वर्षीय सैफुल वैद्य की मौत, मालवणी पुलिस की जांच जारी

    मालाड बस हादसा: 35 वर्षीय सैफुल वैद्य की मौत, मालवणी पुलिस की जांच जारी

    मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित राठोडी में बस के पिछले पहिए के नीचे आने से सैफुल वैद्य की मौत हुई। जानें हादसे की जानकारी और पुलिस जांच का स्टेटस।

    मुंबई: मालाड पश्चिम में मार्वे रोड पर राठोडी इलाके में पेट्रोल पंप के सामने बस हादसे में 35 वर्षीय सैफुल वैद्य की मौत हो गई। घटना 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय हुई। बस के पिछले पहिए के नीचे आने से उनकी मौके पर ही मौत होने की जानकारी सामने आई है। मामले में मालवणी पुलिस ने जांच शुरू की है।

    घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया।

    मालाड के राठोडी इलाके में कैसे हुआ हादसा?

    यह घटना मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर राठोडी इलाके में पेट्रोल पंप के सामने हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसा दोपहर लगभग 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच हुआ।

    मृतक की पहचान सैफुल वैद्य के रूप में हुई है। उनकी उम्र 35 वर्ष बताई गई है और वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे। हालांकि, वह मुंबई में कहां रहते थे और हादसे के समय सड़क पर किस परिस्थिति में मौजूद थे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    हादसा किस तरह हुआ, क्या बस मुड़ रही थी या कोई अन्य वाहन भी इसमें शामिल था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    शताब्दी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव

    हादसे के बाद सैफुल वैद्य के शव को कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी है। पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट और उससे जुड़े मेडिकल निष्कर्षों की पुष्टि अभी प्राप्त नहीं हुई है।

    मृतक के परिवार को सूचना देने, उनके मुंबई में काम या निवास और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी भी अभी स्पष्ट नहीं है।

    मालवणी पुलिस ने शुरू की जांच

    मालवणी पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर मामले की जांच शुरू की है। हालांकि, बस चालक की पहचान, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, बस किस ऑपरेटर की थी और हादसे के संबंध में FIR दर्ज होने की स्थिति का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।

    यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज जुटाए हैं या प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। जांच के दौरान इन जानकारियों से हादसे की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    मुंबई में बस हादसों को लेकर सुरक्षा का सवाल

    मुंबई में इससे पहले भी बसों से जुड़े घातक हादसे सामने आए हैं। जून 2026 में मालाड पूर्व के अप्पापाड़ा इलाके में नौ वर्षीय रूपेश धोत्रे की BEST बस के पिछले पहिए के नीचे आने से मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। सितंबर 2026 में वर्ली के मेला जंक्शन के पास 59 वर्षीय वन्माला साबले की भी बस के पिछले पहिए के नीचे आने से मौत की खबर आई थी।

    इन अलग-अलग घटनाओं से बसों के आसपास पैदल चलने वालों की सुरक्षा, चालक की दृश्यता और सड़क पर वाहनों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत सामने आती है।

    जांच के बाद स्पष्ट होंगी हादसे की परिस्थितियां

    मालाड के राठोडी इलाके में हुई इस घटना में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सैफुल वैद्य बस के पिछले पहिए के नीचे किन परिस्थितियों में आए। बस चालक की भूमिका और पुलिस की आगे की कार्रवाई से जुड़े विवरणों की पुष्टि होना बाकी है।

    मालवणी पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हादसे की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।

  • Nepal Flash Floods: गोरखा में घर-पुल बहे, 5 लोग लापता; बिहार पर बाढ़ का खतरा?

    Nepal Flash Floods: गोरखा में घर-पुल बहे, 5 लोग लापता; बिहार पर बाढ़ का खतरा?

    Nepal Flash Floods: गोरखा में अचानक बाढ़ से घर, पुल और हाइड्रोपावर निर्माण स्थल प्रभावित हुए। पांच लोग लापता, जानें बचाव अभियान और भारत पर असर।

    नेपाल: गोरखा जिले में 11 अक्टूबर को बुढी गंडकी नदी में अचानक आई फ्लैश फ्लड से कई घर बह गए, पुल क्षतिग्रस्त हुए और जलविद्युत परियोजना का निर्माण स्थल प्रभावित हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पांच लोग लापता हैं और बचाव अभियान में नेपाल सेना, पुलिस तथा सशस्त्र पुलिस बल के सैकड़ों जवानों को लगाया गया। इस घटना के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी नदी के जलस्तर पर नजर रखी गई, हालांकि बिहार के जल संसाधन विभाग ने बड़े खतरे की संभावना कम बताई।

    गोरखा जिले के चुमनुब्री और धार्चे ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सामने आया। स्थानीय बस्तियों में घर बहने, पैदल आवाजाही वाले पुल टूटने और सड़क संपर्क प्रभावित होने की जानकारी मिली है। शुरुआती आकलन में लगभग 35 से 40 घर बहने की आशंका जताई गई, लेकिन नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।

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    भूस्खलन से नदी का रास्ता रुकने की आशंका

    बाढ़ की वजह को लेकर शुरुआती वैज्ञानिक आकलन में भूस्खलन की भूमिका सामने आई है। चुमचेत के आसपास पहाड़ी मलबे के कारण नदी का बहाव बाधित होने और पानी जमा होने के बाद अचानक अवरोध टूटने की आशंका जताई गई। इसके चलते पानी और मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ा।

    इस घटना को लेकर एक अहम सवाल यह है कि आसपास के इलाकों में भारी बारिश दर्ज नहीं होने के बावजूद नदी में अचानक इतना तेज बहाव कैसे आया। शुरुआती जानकारी में उपग्रह तस्वीरों के जरिए भूस्खलन के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, बाढ़ के सटीक कारण की अंतिम पुष्टि अभी बाकी है। इसे बादल फटने या ग्लेशियर टूटने का निश्चित नतीजा बताने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

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    बचाव अभियान में 437 सुरक्षाकर्मी तैनात

    बाढ़ के बाद नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के कुल 437 कर्मियों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया। अभियान के लिए चार सैन्य हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 47 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

    बाढ़ की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को SMS अलर्ट भेजे और सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी। सुबह करीब 6:20 बजे बाढ़ की सूचना मिलने के बाद लगभग 20 मिनट के भीतर चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। समय पर अलर्ट मिलने से लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने का मौका मिला।

    हालांकि, बाढ़ में लापता लोगों की तलाश और नुकसान का आकलन चुनौती बना हुआ है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत टीमों की आवाजाही भी मुश्किल हो सकती है।

    घर, पुल और जलविद्युत निर्माण स्थल प्रभावित

    चुमनुब्री और धार्चे के कई इलाकों में घर बहने या उनमें पानी घुसने की जानकारी मिली। सल्लीरी, पायुन और जगत बगर जैसे स्थानों में नुकसान की खबरें सामने आईं। न्याकचेत-सिरदिबास और माछीखोला-केरौजा के बीच पैदल आवाजाही वाले पुल भी बाढ़ में बह गए। गोरखा और धादिंग जिलों के बीच संपर्क के लिए इस्तेमाल होने वाले एक मोटर योग्य पुल को भी नुकसान पहुंचा।

    बाढ़ का असर जलविद्युत परियोजना के निर्माण स्थल पर भी पड़ा। लगभग 341 मेगावाट की परियोजना के निर्माण शिविर और कुछ उपकरण बहने की जानकारी मिली है। चूंकि परियोजना निर्माणाधीन थी, इसलिए फिलहाल इसे बिजली उत्पादन बंद होने की घटना कहना सही नहीं होगा। वास्तविक आर्थिक नुकसान और निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की समयसीमा का आकलन अभी बाकी है।

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    राहत के लिए ड्रोन और सैटेलाइट की मदद

    दुर्गम इलाकों में नुकसान का पता लगाने के लिए LiDAR ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी की मदद ली गई। संयुक्त राष्ट्र की नेपाल टीम ने प्रभावित क्षेत्रों के आकलन के लिए UNOSAT के साथ समन्वय किया। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तीन ट्रक उपलब्ध कराए और प्रभावित परिवारों के लिए हाई-एनर्जी बिस्कुट भेजने की व्यवस्था की।

    आगे की चुनौती सिर्फ लोगों को सुरक्षित निकालने की नहीं है। प्रभावित परिवारों को पीने का पानी, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और रहने की जगह उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। गांवों में सड़क संपर्क बहाल होने तक राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी आ सकती है।

    बिहार और उत्तर प्रदेश पर कितना खतरा?

    नेपाल में बाढ़ के बाद भारत में गंडक नदी के जलस्तर को लेकर निगरानी बढ़ाई गई। केंद्रीय जल आयोग की ओर से गंडक बेसिन में संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई थी।

    हालांकि, 11 अक्टूबर को बिहार के जल संसाधन विभाग ने कहा कि इस बाढ़ से राज्य में बड़े खतरे की संभावना कम है। विभाग के आकलन के मुताबिक, वाल्मीकिनगर बैराज तक पहुंचने के दौरान बाढ़ की लहर का असर कम हो सकता है। बैराज से लगभग 50,000 क्यूसेक से बढ़कर 75,000 क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने का अनुमान बताया गया था, जिसे सामान्य सीमा में माना गया।

    इसका मतलब यह नहीं है कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सभी नदियों में बाढ़ का खतरा खत्म हो गया है। अलग-अलग नदी बेसिनों में जलस्तर की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए किसी जिले को सुरक्षित या खतरे में बताने से पहले संबंधित प्रशासन की ताजा चेतावनी देखना जरूरी है।

    अगस्त की विनाशकारी बाढ़ से अलग है अक्टूबर की घटना

    नेपाल में 26 अगस्त को आई बड़ी बाढ़ और अक्टूबर की बुढी गंडकी फ्लैश फ्लड को अलग-अलग घटनाओं के रूप में समझना जरूरी है। अगस्त की आपदा के बाद 5 अक्टूबर को सक्रिय खोज एवं बचाव अभियान समाप्त करने और पुनर्वास पर ध्यान देने की घोषणा की गई थी।

    उस आपदा में कम-से-कम 1,455 लोगों की मौत और 5,285 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी। करीब 13,795 लोगों को बचाया गया था। नेपाल ने शुरुआती पुनर्बहाली और पुनर्वास के लिए लगभग 5 अरब डॉलर की जरूरत बताई थी।

    अगस्त की बाढ़ का असर सड़क, परिवहन, पर्यटन, कृषि और जलविद्युत क्षेत्र पर पड़ा था। विश्व बैंक के आकलन में 12 जलविद्युत परियोजनाओं के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया था। इन आंकड़ों का संबंध अगस्त की आपदा से है, अक्टूबर में आई नई बाढ़ से नहीं।

    फिलहाल क्या है स्थिति?

    11 अक्टूबर की बाढ़ के बाद गोरखा के प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश, नुकसान का आकलन और राहत पहुंचाने का काम प्राथमिकता में है। पांच लोगों के लापता होने और लगभग 35 से 40 घर बहने के आंकड़े शुरुआती जानकारी पर आधारित हैं। अलग-अलग आकलनों में घरों की संख्या का अंतर होने के कारण अंतिम नुकसान का आंकड़ा स्पष्ट होना बाकी है।

    आने वाले समय में सबसे अहम जानकारी यह होगी कि लापता लोगों का पता चला या नहीं, प्रभावित गांवों में सड़क और पुल संपर्क कब बहाल होता है, जलविद्युत निर्माण स्थल को कितना नुकसान हुआ और निचले नदी क्षेत्रों में जलस्तर की स्थिति कैसी रहती है। भारत में भी गंडक नदी और संबंधित जलग्रहण क्षेत्रों की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

  • Mumbai Weather Alert: मुंबई में 37.4°C पहुंचा पारा, 5 जिलों में IMD की चेतावनी

    Mumbai Weather Alert: मुंबई में 37.4°C पहुंचा पारा, 5 जिलों में IMD की चेतावनी

    Mumbai Weather Alert: मुंबई में सांताक्रूज का तापमान 37.4°C दर्ज हुआ। IMD ने मुंबई, ठाणे समेत 5 जिलों में गर्मी और उमस को लेकर चेतावनी दी।

    मुंबई: अक्टूबर के दौरान मुंबई में गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सांताक्रूज में अधिकतम तापमान 37.4°C और कोलाबा में 35.6°C दर्ज किया गया। India Meteorological Department (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी में गर्म तथा उमस भरे मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

    लगातार तीसरे दिन तापमान 37°C के आसपास रहने से मुंबई और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शहर में अधिकतम तापमान करीब 36°C और न्यूनतम तापमान लगभग 26°C रहने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में लोगों के लिए मौसम की ताजा चेतावनी और गर्मी से बचाव के उपाय जानना जरूरी है।

    मुंबई में सामान्य से कितना ज्यादा रहा तापमान?

    11 अक्टूबर को सामने आए मौसम के आंकड़ों के अनुसार, सांताक्रूज मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 37.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.3°C अधिक था। वहीं, दक्षिण मुंबई के कोलाबा में तापमान 35.6°C रहा, जो सामान्य से 3°C ऊपर था।

    दोनों मौसम केंद्रों के तापमान में अंतर से पता चलता है कि मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी की तीव्रता एक जैसी नहीं है। तटीय इलाकों में उमस भी लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा सकती है।

    मुंबई में इससे पहले 9 अक्टूबर के आसपास सांताक्रूज में 37.6°C तापमान दर्ज किया गया। अक्टूबर के ऐतिहासिक आंकड़ों में सांताक्रूज का अधिकतम तापमान 38.6°C और कोलाबा का 39.5°C दर्ज है।

    किन जिलों में जारी किया गया येलो अलर्ट?

    IMD की चेतावनी मुंबई और आसपास के चार जिलों को कवर करती है। इनमें शामिल हैं:

    • मुंबई
    • ठाणे
    • पालघर
    • रायगढ़
    • रत्नागिरी

    इन इलाकों में गर्म और उमस भरी परिस्थितियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। हालांकि, प्रत्येक जिले के लिए अलर्ट की अवधि और चेतावनी का स्तर तारीख के अनुसार बदल सकता है। इसलिए अगले दिन के मौसम की जानकारी के लिए IMD का नवीनतम जिला-वार बुलेटिन देखना जरूरी है।

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    12 अक्टूबर को मुंबई का मौसम कैसा रहेगा?

    12 अक्टूबर को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) और कोकण क्षेत्र में गर्मी बने रहने की संभावना की जानकारी सामने आई थी। कुछ तटीय इलाकों में गर्म तथा उमस भरा मौसम जारी रहने का अनुमान था।

    हालांकि, 12 अक्टूबर के लिए सभी पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी रहने की पुष्टि अलग से करना जरूरी है। मौसम का पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनी एक ही चीज नहीं हैं। ताजा अपडेट के लिए IMD मुंबई मौसम पोर्टल और जिला-वार चेतावनी देखी जा सकती है।

    मुंबई में गर्मी बढ़ने की क्या वजह है?

    मुंबई में तापमान बढ़ने के संभावित कारणों में एंटीसाइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री हवा का देर से पहुंचना शामिल बताया गया है। समुद्र से आने वाली हवा आम तौर पर शहर को कुछ राहत देती है। इसके देर से पहुंचने पर दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

    मॉनसून की वापसी के बाद साफ आसमान और दिन में तेज धूप भी गर्मी महसूस होने की वजह बन सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष दिन तापमान बढ़ने का सटीक कारण तय करने के लिए मौसम विभाग के विश्लेषण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    मुंबई की हवा की गुणवत्ता पर भी नजर जरूरी

    गर्मी के साथ मुंबई की हवा की गुणवत्ता भी निगरानी का विषय बनी हुई है। पहले के मौसम अपडेट में BKC समेत अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI में अंतर दर्ज किया गया था।

    Bandra-Kurla Complex (BKC) के लिए 424 का AQI आंकड़ा सामने आया है, लेकिन इस संख्या को प्रकाशित करने से पहले संबंधित स्टेशन का समय-मुद्रित आधिकारिक डेटा जांचना जरूरी है। अलग-अलग समय पर AQI में बदलाव हो सकता है और किसी एक स्टेशन का आंकड़ा पूरे मुंबई की हवा की गुणवत्ता को नहीं दर्शाता।

    लोग CPCB के राष्ट्रीय AQI डैशबोर्ड पर अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों की ताजा स्थिति देख सकते हैं।

    गर्मी और उमस से बचने के लिए क्या करें?

    लगातार गर्म मौसम में शरीर में पानी की कमी, थकावट और हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ सकता है। अधिक गर्मी के संपर्क में आने पर गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक भी हो सकता है।

    ऐसे मौसम में कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

    • दोपहर के सबसे गर्म समय में सीधे धूप में रहने से बचें।
    • पर्याप्त पानी पिएं और बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।
    • हल्के, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।
    • बाहर काम करने के दौरान नियमित ब्रेक लें और छायादार जगह पर आराम करें।
    • बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले लोगों का विशेष ध्यान रखें।
    • चक्कर, असामान्य कमजोरी या गर्मी से जुड़ी गंभीर परेशानी होने पर चिकित्सा सहायता लें।

    यदि किसी व्यक्ति को बेहोशी, भ्रम या हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें। बेहोश व्यक्ति को मुंह से पानी नहीं देना चाहिए।

    आगे मौसम पर क्या नजर रखनी चाहिए?

    मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी में रहने वाले लोगों को तापमान के साथ IMD के अगले बुलेटिन पर भी ध्यान देना चाहिए। खास तौर पर यह देखना जरूरी है कि गर्म और उमस भरा मौसम कितने समय तक जारी रहने की संभावना है और संबंधित जिलों के लिए चेतावनी में कोई बदलाव हुआ है या नहीं।

  • Mumbai FDA Action: JJ Hospital कैंटीन समेत 10 फूड आउटलेट के लाइसेंस सस्पेंड

    Mumbai FDA Action: JJ Hospital कैंटीन समेत 10 फूड आउटलेट के लाइसेंस सस्पेंड

    Mumbai FDA Action: JJ Hospital कैंटीन, Islam Gymkhana और La Pino’z Pizza समेत 10 फूड आउटलेट के लाइसेंस सस्पेंड। जानें कहां क्या खामियां मिलीं।

    मुंबई: खाद्य सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र FDA ने 10 फूड आउटलेट के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। इनमें JJ Hospital परिसर की Central Canteen, Islam Gymkhana के दो फूड आउटलेट, La Pino’z Pizza और Golden Star Restaurant समेत कई प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच में साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य भंडारण और कर्मचारियों से जुड़े जरूरी दस्तावेजों में कमियां सामने आईं।

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, सभी 10 प्रतिष्ठानों में एक जैसी गड़बड़ियां मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

    किन 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड हुए?

    मुंबई में जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनकी सूची इस प्रकार है:

    1. Central Canteen — JJ Hospital परिसर, Byculla
    2. Abrar Maiku Khan, Abrar Kirana Store — JJ Hospital के पास
    3. Huma Caterer — Islam Gymkhana
    4. Nawab Juice Centre — Islam Gymkhana, Marine Lines स्टेशन के पास
    5. F3 Corporate Hospitality Services Pvt Ltd — D J Sanghvi College of Engineering, Vile Parle
    6. La Pino’z Pizza — Santacruz
    7. Narayan Dosa — Opera House
    8. Golden Star Restaurant — Charni Road
    9. Milkoze Dairy Products — Kandivali
    10. Paliwal Dairy — Charkop

    इस सूची में अस्पताल और कॉलेज परिसर से जुड़े फूड सर्विस ऑपरेटरों के साथ रेस्तरां, जूस सेंटर, कैटरिंग और डेयरी उत्पादों के प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।

    FDA की जांच में क्या-क्या खामियां सामने आईं?

    निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन संबंधी कमियां, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में लापरवाही, गंदे परिसर और कीट नियंत्रण की अपर्याप्त व्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आए।

    खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण विवरणों में चूहों, कॉकरोच और मक्खियों की मौजूदगी, खराब रेफ्रिजरेशन तथा कच्चे और पके भोजन को सही तरीके से अलग नहीं रखने जैसी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। कुछ मामलों में शाकाहारी और मांसाहारी पके भोजन को अलग रखने की व्यवस्था में कमी बताई गई।

    इसके अलावा, कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और फूड सेफ्टी ट्रेनिंग से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने जैसी खामियां भी सामने आईं। खाद्य सामग्री के भंडारण और स्टॉक प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं का पालन भी महत्वपूर्ण है, ताकि एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके उत्पादों का गलत तरीके से इस्तेमाल न हो।

    JJ Hospital की कैंटीन पर कार्रवाई से क्या असर पड़ेगा?

    JJ Hospital की Central Canteen का लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए भोजन की उपलब्धता महत्वपूर्ण सवाल है। अस्पताल परिसर में कैंटीन की सेवाएं प्रभावित होने पर लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है।

    फिलहाल Central Canteen के दोबारा खुलने, वैकल्पिक भोजन व्यवस्था या लाइसेंस बहाली की निश्चित तारीख की कोई जानकारी नहीं है।

    इसी तरह, D J Sanghvi College of Engineering में F3 Corporate Hospitality Services Pvt Ltd पर कार्रवाई का असर कैंपस में भोजन की उपलब्धता पर पड़ सकता है। कॉलेज प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में पुष्टि जरूरी है।

    महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान बड़ी जब्ती

    मुंबई के 10 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के साथ महाराष्ट्र में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इस राज्यव्यापी अभियान में ₹79.29 लाख के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए गए। तीन वाहनों सहित जब्ती का कुल मूल्य ₹1.09 करोड़ बताया गया है। इस सिलसिले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 12 FIR दर्ज की गईं।

    नासिक डिवीजन में जलगांव, धुले, नासिक और नंदुरबार में ₹92.71 लाख के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए गए। कोंकण डिवीजन में ₹10.88 लाख से अधिक के उत्पादों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा पुणे, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में भी कार्रवाई की गई।

    एक अलग कार्रवाई में कोंकण, पुणे, नागपुर और अमरावती डिवीजन में 53,726 किलोग्राम खाद्य स्टॉक और 6,098 लीटर दूध तथा ताड़ी पर कार्रवाई की गई। यह स्टॉक घटिया गुणवत्ता, मिलावट या गलत लेबलिंग के संदेह में जांच के दायरे में था। इसमें सुपारी, दूध, पनीर, भगर, फरसान, ताड़ी और सोयाबीन तेल जैसे उत्पाद शामिल थे। इस स्टॉक का मूल्य ₹1.39 करोड़ बताया गया है।

    ₹1.09 करोड़ और ₹1.39 करोड़ के आंकड़े अलग-अलग कार्रवाई के विवरण से जुड़े हैं। इनके बीच संभावित ओवरलैप की पुष्टि के बिना इन्हें जोड़कर कुल जब्ती का नया आंकड़ा बताना उचित नहीं होगा। इसी तरह, 13 गिरफ्तारियां और 12 FIR राज्यव्यापी अभियान के आंकड़े हैं; इन्हें सीधे मुंबई के 10 प्रतिष्ठानों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

    महाराष्ट्र में पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाइयां

    महाराष्ट्र FDA ने इससे पहले भी खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की है। मई से जुलाई 2026 के दौरान राज्यभर में 3,137 निरीक्षण, 165 लाइसेंस निलंबन और 764 सुधार नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी। उस अवधि में असुरक्षित खाद्य उत्पादों को जब्त करने या नष्ट करने का बताया गया मूल्य ₹55.72 करोड़ था।

    सितंबर में भी मुंबई के कुछ चर्चित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। इनमें Kyani & Co. और Cafe Mondegar से जुड़े खाद्य सुरक्षा संबंधी मामले शामिल थे। इन मामलों में स्वच्छता, कीट नियंत्रण और तापमान प्रबंधन जैसे मुद्दे उठे थे। ये पिछली कार्रवाइयां थीं और इन्हें 9 अक्टूबर को घोषित 10 प्रतिष्ठानों की मौजूदा सूची का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।

    खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत केवल वैध लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं है। प्रतिष्ठानों को लागू स्वच्छता मानकों, सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े नियमों का भी पालन करना होता है।

    लाइसेंस दोबारा कब बहाल होंगे?

    जिन 10 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं, उनके लिए बहाली की कोई साझा तारीख या निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है। संबंधित प्रतिष्ठानों को क्या सुधार करने होंगे, दोबारा निरीक्षण कब होगा और अपील के बाद कोई राहत मिलती है या नहीं, यह संबंधित आदेश और FDA की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

    ग्राहक किसी खाद्य प्रतिष्ठान के लाइसेंस की जानकारी FSSAI के आधिकारिक पोर्टल पर जांच सकते हैं। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें भी आधिकारिक शिकायत व्यवस्था के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती हैं।

    FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.fssai.gov.in/

    महाराष्ट्र FDA की वेबसाइट: https://fda.maharashtra.gov.in/

    फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण अगला अपडेट संबंधित प्रतिष्ठानों की वर्तमान संचालन स्थिति, FDA की निरीक्षण-वार रिपोर्ट और लाइसेंस बहाली को लेकर जारी होने वाले आदेश होंगे।

  • मुंबई में 38°C तक पहुंचेगा तापमान, 12 अक्टूबर तक लू और उमस की चेतावनी

    मुंबई में 38°C तक पहुंचेगा तापमान, 12 अक्टूबर तक लू और उमस की चेतावनी

    मुंबई और कोकण में 12 अक्टूबर तक गर्मी का असर रहेगा। सांताक्रूज में 9 अक्टूबर को 38°C तापमान का अनुमान, जानें जिलेवार अलर्ट और सावधानियां।

    मुंबई: मुंबई और कोकण क्षेत्र में गर्मी का असर बढ़ने के बीच मौसम विभाग ने 12 अक्टूबर तक मौसम पर सतर्क नजर रखने की चेतावनी दी है। सांताक्रूज मौसम केंद्र के पूर्वानुमान में 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था। दक्षिण कोकण के कुछ स्थानों पर लू, जबकि उत्तर कोकण में गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

    महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने का दौर देखा जा रहा है। हालांकि, मुंबई के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान और पूरे कोकण क्षेत्र की चेतावनी में अंतर है। इसलिए हर जिले में एक जैसी गर्मी या लू की स्थिति अलग अलग है।

    मुंबई में अगले चार दिनों का तापमान

    सांताक्रूज मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, मुंबई में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना थी।

    9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान था। 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 36°C, 11 अक्टूबर को 35°C और 12 अक्टूबर को 34°C रहने का पूर्वानुमान है। इन दिनों न्यूनतम तापमान क्रमशः 26°C, 25°C और 24°C रहने की संभावना जताई गई।

    मुंबई और कोकण में कहां कैसी स्थिति?

    मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोकण के कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना जताई गई है। उत्तर कोकण के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है।

    मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए स्थानीय पूर्वानुमान को अलग-अलग है। किसी जिले में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी जारी होने का मतलब यह नहीं है कि वहां हर जगह लू घोषित की गई है।

    रत्नागिरी में 8 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38.7°C दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। यह आंकड़ा कोकण में बढ़ती गर्मी को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

    मुंबई में तापमान बढ़ने की संभावित वजह

    मौसम विशेषज्ञों ने प्रतिचक्रवाती परिसंचरण और समुद्री हवा के देर से पहुंचने को मुंबई में तापमान बढ़ने की संभावित वजहों में शामिल किया है। आमतौर पर समुद्र से आने वाली हवा शहर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके प्रभाव में देरी होने पर दिन के समय गर्मी अधिक महसूस हो सकती है।

    महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 8 अक्टूबर को पूरी होने की घोषणा की गई थी। मुंबई और पुणे समेत कुछ इलाकों से मानसून इससे पहले ही लौट चुका था। मानसून की वापसी के बाद मौसम में बदलाव के बीच तापमान और स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।

    वायु गुणवत्ता पर भी नजर रखना जरूरी

    मुंबई में 8 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 120 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। उस दिन वर्ली में AQI 163, देवनार में 154, कोलाबा में 151 और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 130 दर्ज किया गया था।

    ये पिछले दिन के आंकड़े हैं, वर्तमान वायु गुणवत्ता के नहीं। गर्मी और प्रदूषण को एक-दूसरे का सीधा कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच ताजा AQI की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

    गर्मी से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?

    तेज धूप और उमस के दौरान शरीर में पानी की कमी और गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। खुले में काम करने वाले मजदूरों, डिलीवरी कर्मचारियों, यातायात पुलिसकर्मियों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

    • नियमित रूप से पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
    • दोपहर के सबसे गर्म समय में अनावश्यक रूप से धूप में रहने से बचें।
    • बाहर निकलते समय हल्के कपड़े, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें।
    • खुले में काम करने के दौरान बीच-बीच में छाया में आराम करें।
    • चक्कर, बेहोशी, भ्रम या गंभीर कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

    12 अक्टूबर तक मौसम अपडेट पर नजर रखें

    मुंबई और कोकण में मौसम की स्थिति जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। 12 अक्टूबर तक चेतावनी की अवधि के दौरान मौसम विभाग के नए बुलेटिन की जांच करना जरूरी है। चेतावनी की अवधि समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन तापमान सामान्य हो जाएगा।

    ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई केंद्र की वेबसाइट https://mausam.imd.gov.in/mumbaiums/ पर स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनियां देखी जा सकती हैं।